Teachers recommend solving Kerala Syllabus Plus Two Hindi Previous Year Question Papers and Answers Pdf March 2022 to improve time management during exams.
Kerala Plus Two Hindi Previous Year Question Paper March 2022
Time : 2 1/2 Hours
Maximum : 80 scores
सामान्य निर्देश:
- प्रश्न वाचन और चिंतन के लिए 15 मिनट का समय है।
- उत्तर लिखने से पहले प्रश्नों को अच्छी तरह समझने की कोशिश करें।
- स्कोर और समय पर ध्यान देकर उत्तर लिखें।
- सूचना के अनुसार वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर लिखें।
Part – I
(अ) 1 से 6 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 4 के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न का 1 स्कोर।
प्रश्न 1.
‘मातृभाषा’ के रचयिता कौन हैं (डॉ. जे. बाबू, मैथिलीशरण गुप्त, अमृता प्रीतम)
उत्तरः
मैथिलीशरण गुप्त
प्रश्न 2.
‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ किस विधा की रचना है? (आत्मकथा, कविता, नाटक)
उत्तरः
आत्मकथा
प्रश्न 3.
‘सपने का भी हक नहीं’ कविता में मज़दूरिन की नींद कैसे टूटी? (परि के आने पर, बैंक की नोटिस के आने पर, मकान मालिक के आने पर )
उत्तरः
बैंक की नोटीस आने पर
प्रश्न 4.
किसने कैदी बाप को खत भेजा?
उत्तरः
बेटी ने
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प्रश्न 5.
हिमांशु जोशी के कौन सा शहर भारतीय शहर जैसा लगा?
उत्तरः
पारामारिबो
प्रश्न 6.
राजवंती प्यार से मुरकी को क्या बुलाती थी?
उत्तरः
मुरकी/ बुलाकी
(आ) 7 से 10 तक के प्रश्नों में से सभी प्रश्नों के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्ना का 1 स्कोर।
प्रश्न 7.
इष्टदेव का इष्ट नैवेद्य क्या है? ( नारियल, अगरबती, कुमुद फूल)
उत्तरः
कुमुद फूल
प्रश्न 8.
शहगीरों को पानी कौन पिलाता है? स्कूटरवाला, अध्यापक, लेखिका) ( 4 x 1 = 4)
उत्तरः
स्कूटरवाला
प्रश्न 9.
कवि कूली को कैसे पहचानता है? ( आवाज़ से, नंबर, नाम से ):
उत्तरः
नंबर से
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प्रश्न 10.
‘दवा’ पाठ में अस्पताल में कौन भर्ती हुआ है? (कुली, स्कूटस्वाला, कवि अनंग)
उत्तरः
कवि अनंग
Part – II
(अ) 11 से 15 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न के 2 स्कोर। (3 x 2 = 6)
प्रश्न 11.
“खत क्या भेजा, मेरी जान, आँसूनामा था। तीन दफा सुनने के बाद भी दिल को करार नहीं आया’ – बादशाह ऐसा क्यों कहते हैं?
उत्तरः
बादशाह अपने परिवारवालों से बहुत प्यार करते थे। इसलिए उन्होंने ऐसा कहा।
प्रश्न 12.
‘वह अब गिरमिटिया श्रमिकों की ही नहीं, शासकों, राष्ट्राध्यक्षों की भी भाषा बन गई है।” लेखक ने सूरीनाम में हिन्दी के महत्व के बारे में क्या कहा है?
उत्तरः
सूरीनाम में हिंदी केवल भारतवासियों की मात्र भाषा नहीं है।
प्रश्न 13.
“कल रजिस्ट्री के बाद वह ज़मीन अपनी कहाँ रह जाएगी। फिर दूसरों की ज़मीन में क्या जाना।” पिताजी के इस कथन का क्या तात्पर्य है?
उत्तरः
पिताजी रजिस्ट्री के पहले अपना ज़मीन जाना चाहता है। उनका कहना है रजिस्ट्री के बाद यह ज़मीन किसी और की बन जाएगी।
प्रश्न 14.
“फिर कोई और स्त्री उसकी नज़र में बैठ गई। मुरकी को दशहरे का मेला दिखाने के लिए ले गया और रात को सराय में छोड़ दिया ।’ मुरकी सहाय में कैसे पहुँच गयी?
उत्तरः
मुरकी को उसके पति दशहरे की मेला दिखाने के लिए वहाँ ले आयी।
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प्रश्न 15.
खाना – पीना साथ है
मरना – जीना साथ है
सारी ज़िंदगी – दोस्ती की विशेषताएँ लिखें।
उत्तरः
मित्रता में कई भेद-भाव नहीं होना है। सभी मित्र एक साथ रहते हैं।
(आ) 16 से 18 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 2 के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न के 2 स्कोर।
प्रश्न 16.
सही मिलान करें।
| (क) मशकबाला स्कूटर | आदमी का चेहरा |
| (ख) हास्य व्यंग्य कहानी | वह भटका हुआ पीर |
| दवा |
उत्तरः
मशकवाला स्कूटर – वह भटका हुआ पीर हास्य व्यंग्य कहानी – दवा।
प्रश्न 17.
पात्र से संबंधित सही प्रस्ताव चुनें।
| (क) फूल बेचनेवाली लड़की | समान उठाना |
| (ख) अनंग | पूजा द्रव्य बेचना |
| कविता सुनाना |
उत्तरः
फूल बेचनेवाली लड़की पूजा द्रव्य बेचना
अनंग – कविता सुनाना
प्रश्न 18.
‘मेरी ओर बढ़ाते फूल और
उसके मुखड़े दोनों को देखा मैंने
हाय! मुरझा रहे
दो सुरम्य सुकोमल रूप!’
यहाँ दो सुरस्य सुकोमल रूप कौन-कौन से हैं?
उत्तरः
कुमुद फूल और फूल बेचनेवाली लड़की।
Part – III
(अ) 19 से 23 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न के 4 स्कोर। (3 × 4 = 12)
प्रश्न 19.
ये कथन पढ़ें और ‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ पाठ के पिता के चरित्र पर टिप्पणी लिखें।
कल रजिस्ट्री के बाद वह ज़मीन अपनी कहाँ रह जाएगी।
खेतों में पहुँचकर वे सूर्यास्त तक उन खेतों में टहलते रहे।
उत्तरः
पिताजी बहुत अच्छा आदमी है। वह अपने बेटी और ज़मीन दोनों से बहुत प्यार करता है। ज़मीन और बेटी दोनों के एक साथ नष्ट होने से वह अत्यंत दुखी है। दोनों से उसके दिल में गहरा लगान है । इसलिए खेत जाते समय वह चुपचाप पूरे खेत में टहलता रहा।
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प्रश्न 20.
जीवनवृत्त पढ़ें और मैथिलीशरण गुप्त के बारे में एक अनुच्छेद लिखें।
नाम : आनंद बख्शी
जन्म : 1930
जन्म-स्थान : रावलपिंडी, पाकिस्तान
पुरस्कार : फिल्म फेयर
ऐ.ऐ. एफ. ए. पुरस्कार
मृत्यु : 2002 को मुंबई में
उत्तरः
आनंद बख्शी।
आनंद बख्शी हिंदी के विख्यात गीतकार है। उनका जन्म 1930 को हुआ। उनका जन्मस्थान है पकिस्तान के रावलपिंडी| हिंदी फिल्मी जगत में उनका अलग पहचान है। वे फिल्म फेयर, ऐ. ऐ. एफ. ए. पुरस्कार आदि से पुरस्कृत है। उनकी मृत्यु 2002 को मुंबई में हुई।
प्रश्न 21.
पद पढ़ें और सूरदास के वात्सल्य का वर्णन करें।
सुतंमुख देखि जयोदा फूली।
हरषित देखि दूध की दतियाँ प्रेम मगन
तनु की सुधि भूली ।।
बाहिर तब नंद बुलाए देखौ
धौं सुंदर सुखदाई।
तनक तनक सी दूध की दतियाँ देखो
नैन सुफल करो आई ||
आनंद सहित महर तब आए मुख
चितवन दोउ नैन अघाई ।
‘सूर’ स्याम किलकत द्विज देख्यो
मनो कमल बीजु जमाई ||
उत्तरः
सूरदास हिंदी के विख्यात कवि है। कवि कह रहे हैं, यशोदा अपने बेटे की दुधिया दाँतो को देखकर अत्यंत खुश हो गई। वह अपनी पति से यह कह बात दिया । पत्नी की बातें सुनकर नंद भी अंतर आकर वह सुंदर दश् देखा। सूरदास कहते हैं कृष्ण के दाँत को देखकर ऐसा लगता है मानो लाल कमल पर बिजली जम गई हो।
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प्रश्न 22.
“कानों में चाँदी की मुरकियाँ पहने थी और नाक में सोने का छोटा-सा बुलाक।” मुरकी का रूप वर्णन करें।
उत्तरः
बारह वर्ष की उम्र में मुरकी राजवंती के घर आई। वह बड़ी मासूम सी लड़की थी। आते समय वह काली सलवार पहन रखी थी। वह वहुत दुर्बल थी, सफेद रंगवाली थी, कानों में चाँदी की मुरकियाँ पहने थी और नाक में छोटा-सा बुलाक भी थी।
प्रश्न 23.
‘रसोई यदि बैठक के
निकट रखती तो
पूजा का कमरा कहाँ होगा?
कवितांश का तात्पर्य क्या है?
उत्तरः
एक कमरेवाली झोंपडी में रहनेवाली स्त्री अपने घर का अपना देखती है। सपने के घर में वह प्रत्येक कमरे के बारे में सोचती है। उसके घर में खाने-पीने और सोने के अलग अलग कमरे हैं। बैठक के पास वह रसोई भी बनाना चाहती है । पूजा का कमरा ऊपर की मंजिल में बनाती है।
(आ) 24 से 25 तक के प्रश्नों में से किसी 1 का उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न के 4 स्कोर।
प्रश्न 24.
अंग्रेज़ी खंड का अनुवाद हिंदी में करें।
General Bipin Rawat was the first Chief of Defence Staff of India. He was born on 16 March, 1958 in
Uttarakhand. His father Sri. Laxman Singh Rawat had also served in the army. General Rawat joined in Indian Army in 1978. He died in a helicopter crash on 8th December, 2021 in Coonoor, district of Tamil Nadu. (Chief of Defence Staff रक्षा प्रमुख, Helicopter crash- हेलिकॉप्टर दुर्घटना)
उत्तरः
भारत के प्रथम रक्षा प्रमुख था बिपिन रावत। 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड में उनका जन्म हुआ। उनके पिता श्री लक्ष्मण सिंह रावत भी रक्षा सेना में काम किया था । 1978 को जनरल रावत भारत के रक्षा सेना में भरती की। तमिलनाडू के कुनूर में दिसंबर 2021 क हुई हेलिकप्टर में दुर्घटना में उनकी मृत्यु हुई।
प्रश्न 25.
हाइकू पढ़ें और आशय लिखें।
नभ गुँजाती
नीड़ गिरे शिशु पै
मँडराती माँ।
उत्तरः
श्री भगवतशरण अग्रवाल की एक प्रसिद्ध हाइकू है यह। इसमें कवि ने माँ की ममता का वर्णन किया है। कवि कहते हैं – वर्षा, हवा आदि के कारण कभी कभी वृक्षों से नीड नीचे गिर जाते हैं। मगर नीचे गिरे बच्चों क छोड़कर माँ पक्षी उड़ नहीं जाती है। वह उस नीड़ के ऊपर मँडराती रहती है।
Part – IV
(अ) 26 से 29 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न के 6 स्कोर। (3 x 6 = 18)
प्रश्न 26.
शहरी लड़का मुरकी को सराय में छोड़कर चला गया। मुरकी राजवंती के घर वापस आयी। इस प्रंसग में मुरकी और राजवंती के वीच का वार्तालाप लिखें।
उत्तरः
राजवंती : आज भी मुझे वह दिन याद है ….
कुमार : उस दिन क्या हुआ था माँ जी ?
‘राजवंती : उसका पति कहीं मेला देखने के लिए उसे अपने साथ ले गया।
कुमार : वहाँ क्या हुआ ?
राजवंती : रात में उसे किसी सराए में छोड़कर वह भाग गया।
कुमार : उसने ऐसा क्यों किया?
राजवंती : किसी दूसरी स्त्री उसकी नज़र में बैठ गई थी।
कुमार : ओह ! कितना क्रूर व्यक्ति था वह। इसने उसे ढूँढा नहीं?
राजवंती : नहीं। वह कहती थी, अब तन को ढूँढने की कोई ज़रूरत नहीं।
कुमार : और अंत में वह किस प्रकार यहाँ वापस आ गई?
राजवंती : किसी दयालु व्यक्ति से राह का भाड़ा लेकर यहाँ आ गई।
कुमार : बहुत अच्छा किया उसने।
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प्रश्न 27.
शादी की तैयारियाँ देखकर दीदी का मन संघर्ष से भरा। अपने संघर्ष के बारे में दीदी आत्मकथा में लिख रही है। संकेतों के आधार पर दीदी का आत्मकथांश लिखें।
भाई और माता-पिता का प्यार
परिवार से बिछुड़ने का दुःख.
ससुराल के प्रति आशंका
उत्तरः
मेरी कहानी
प्रश्न 28.
आपके स्कूल में 14 सितम्बर को हिंदी दिवस का आयोजन हो रहा है। स्कूल के प्राचार्य (Principal) समारोह का उद्घाटन करेंगे। उसके लिए एक पोस्टर तैयार करें।
उत्तरः

प्रश्न 29.
गद्यांश पढ़ें और संक्षेपण करें। कई वर्षों पहले हमने नियति को मिलने का एक वचन दिया था, और अब समय आ गया है कि हम अपने वचन को निभाएँ, पूरी तरह न सही, लेकिन बहुत हद तक आज रात बारह बजे जब सारी दुनिया सो रही होगी, भारत जीवन और स्वतंत्रता की नई सुबह के साथ उठेगा।
उत्तरः
मेरा भारत
कई वर्षा पहले ज वचन दिया है, वह आज रात बारह बजे सफल होनेवाला है। भारत जीवन और संवतंत्रता के नई सुबह के साथ उठनेवाला है।
(आ) 30 से 32 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 2 के उत्तर लिखें। प्रत्येक प्रश्न के 6 स्कोर।
प्रश्न 30.
सही मिलान करें:
Certificate – विषाणु
Discount – बीज गणित
Ratio – प्रमाण-पत्र
Algebra – विषम संख्या
Virus – अनुपात
Odd number – बट्टा
उत्तरः
Certificate – प्रमाण-पत्र
Discount – बट्टा
Ratio – अनुपात
Algebra – बीज गणित
Virus – विषाणु
Odd number – विषम संख्या
प्रश्न 31.
सिलवर कंपरी की ओर से बाज़ार में एक इलेक्ट्रिक स्कूटर आनेवाली है। इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए एक विज्ञापन तैयार करें।
60 km माइलेज (Mileage)
बढ़िया इंजिन क्षमता
फुल चार्ज में 200 km तक दौड़ना
उत्तरः

प्रश्न 32.
संकेतों के आधार पर ‘परिश्रम का महत्व’ विषय पर लेख लिखें।
• पारेश्रम जीवन की सफलता
• मेहनत करनेवाले मज़दूर, रेलवे कूली, किसान आदि
• हर काम का अपना अपना महताव
उत्तरः
परिश्रम का महत्व
सभी काम महत्वपूर्ण है। प्रत्येक काम का अपना महत्व है। देशभर के किसानों, मज़दूरों से लेकर ऊँच पदवाले तक देश की प्रगति के लिए ही काम कर रहे हैं। कुछ लोगं के मन में किसान-मज़दूर जैसे लोगों के मन में किसान-मज़दूर जैसे लोगों के प्रति अनादर की भावना है। रेलवे स्टेशन में काम करनेवाले कुली से लेकर बड़े बड़े अफसर तक देश के लिए काम कर रहे हैं। छोटे छोटे काम करनेवालों के प्रति हमारे मन में आदर की भावना होनी चाहिए।
परिश्रम से जीवन की सफलता होती है। देश की प्रगति होती है। निम्न स्तर के काम करनेवाले लोग मर मिटने तक हमारे लिए, ताकि देश के लिए काम करते हैं। देश की प्रगति में मज़दूर, कर्मचारी, कुली सबकी अलग अलग भूमिकाएँ हैं। हमें सब लोगों के परिश्रम का आदर करना चाहिए।
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प्रश्न 33.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखें।
नीलांबर परिधान हरित तट पर सुंदर है।
सूर्य-चंद्र मुकुट, मेखला रत्नाकर है ।।
नदियाँ प्रेम प्रवाह फूल तारे मंडन हैं।
बंदीजन खग-वृंद, शेषफन सिंहासन है ।।
करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस वेष की।
हे मातृभूमि ! तू सत्य ही, सगुण मूर्ति सर्वेश की ।।
उत्तरः
मैथिलीशरण गुप्त द्विवेदी युग के महान कवि हैं। मातृभूमि उनकी विख्यात कविता है। द्विवेदी युग के प्रसिद्ध कवि है श्री मैथिली शरण गुप्त। वे राष्ट्रकवि माने जाते हैं। मातृभूमि गुप्त जी की एक प्रसिद्ध कविता है, जिसमें अपने जन्मभूमि का गुणगान करके उसके लिए अपने जान भी देना का आह्वान करते हैं।
मातृभूमि के हरियाली केलिए नीलाकाश एक सुंदर वस्त्र की तरह शोभित है। सूरज और चाँद इसकी मुकुट है, सागर इसकी करधनी है । यहाँ बहनेवाली नदियाँ प्रेम का प्रवाह है। तारे और फूल इसके आभूषण है । पक्षियाँ स्तुतिपाठक है, आदिशेष का सहस्र फन सिंहासन है । बादलों पानी बरसाकर इसका अभिषेक करते हैं । कवि अपनी मातृभूमि के इस सुंदर रूप पर आत्मसमर्पण करते हैं। वे कहते हैं वास्तव में तू सगुण- साकार मूर्ती है।
जन्मभूमि से कवि का बचपन का संबंध व्यक्त करते हुए कवि कहते हैं कि इसके धूली में लोट- लोटकर बड़े हुए है। इसी भूमि पर घुटनों के बल पर सरक सरक कर ही पैरों पर खड़ा रहना सीखा। यहाँ रखकर ही बचनप में उसने श्रीरामकृष्ण परमहंस की तरह सभी आनंद पाया। इसके कारण ही उसे धूली भरे हीरे कहलाये। इस जन्मभूमि के गोदी में खेलकूद करके हर्ष का अनुभव किया है। एसी मातृभूमि को देखकर हम आनंद से मग्न हो जाते हैं।
कवि कहते हैं – जो सुख शांती हमने भोगा है, वे सब तुम्हारी ही देन है। तुझसे किए गए उपकारों का बदला देना आसान नहीं है। यह देह तेरा है, तुझसे ही बनी हुई है। तेरे ही जीव-जल से सनी हुई है। अंत में मृत्यु होने पर यह निर्जीव शरीर तू ही अपनाएगा। हे मातृभूमि ! अंत तू में हम सब तेरी ही मिट्टी में विलीन हो जाएगा।
प्रश्न 34.
बेटी की और ज़मीन की विदाइयों पर पिता दुःखी है। वह अपना दुःख डायरी में लिखता है। वह डायरी लिखें।
बेटी की शादी होना
ज़मीन की बिक्री
पैसे की कमी
उत्तरः
24 जनवरी 2002
बिलासपुर
रात नौ बजे
क्या लिखूँ…
कुछ समझ में नहीं आ रहा है। जिसे मैं ने अपने हृदय जैसा संभाल के रखा था, चल रहा है। दो बिदाइयं एक साथ ह रहा है मेरे जीवन में। बेटी और ज़मीन दोनों मुझसे अलग ह रहा है, हमेशा के लिए। ज भी ह, मेरी प्यारी बेटी भगवान तुम्हारी भलाई करेगी….।
राघव श्रीवास्तव
प्रश्न 35.
विश्व हिन्दी सम्मेलन के बाद लेखक अपने अनुभव के
बारे में मित्र को पत्र लिखता है। वह पत्र लिखें।
सम्मेलन का अनुभव
राष्ट्रपति का भाषण
हिन्दी का प्रचार
हिन्दी के प्रति सूरीनामी लोगों का प्रेम
उत्तरः
पारामशिवो,
08.07.2003
प्रिय मित्र मलहोत्रा,
कई दिनों से तुम्हें एक पत्र लिखने के बारे में सोच रहा था। मगर समय नहीं मिला। आज एक खास बात बता रहा हूँ। पढ़कर तुम्हें भी खुशी का एहसास होगा। अब मैं सूरीनाम के पारामशिबो में हूँ। यहाँ विश्वहिंदी सम्मेलन बड़ी धूम-धाम से चल रहा है। विश्व भर के हिंदी प्रेमी लोग यहाँ इकट्टे हुए हैं। 6 जून के सम्मेलन का शुभारंभ यहाँ के राष्ट्रपति ने किया था। सूरीनाम और भार के बीच गहरी भाषाई संबंध है। एक सौ तीस साल पहले यहाँ आए प्रथम भारतीय के यादगार में यह सम्मेलन यहाँ हो रहा है। अच्छा, मित्र वहाँ आने पर विस्तार से सब कुछ में बता दूँगा।
धन्यवाद,
तुम्हारा मित्र, हिमांशु जोशी
हस्ताक्षर।