Practicing with Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Question Papers and Model Question Paper Set 2 will help students prepare effectively for their upcoming exams.
Class 8 English Model Question Paper Set 2 Kerala Syllabus
Time: 90 minutes
Max. Score : 40
सामान्य निर्देश :
- पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
- वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।
सूचना: ‘जल बैंक’ व्यंग्य लेख का यह अंश पढ़े और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।
सादा खाता दो बाल्टी, चेक बुक खाता चार । नल कनेक्शन का प्रमाण, नल का फोटो और लहरों से लहराते आपके हस्ताक्षर खाता खुला नहीं कि आपकी चारों उँगलियाँ पानी में ।
प्रश्न 1.
जल बैंक में सादा खाता खोलने के लिए कितनी बाल्टी पानी चाहिए ? (1)
उत्तर :
दो बाल्टी पानी
प्रश्न 2.
‘चारों उँगलियाँ पानी में’ इस प्रयोग से आप क्या समझते है ? (2)
उत्तर :
सारा प्रयत्न विफल हो गये ।
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प्रश्न 3.
‘साधारण’ केलिए इस खंड में प्रयुक्त शब्द कौन- सा है? (4)
उत्तर :
सादा
प्रश्न 4.
मान लें कि आपकी गली में ‘जल बैंक’ का उद्घाटन हो रहा है। इसकेलिए उचित पोस्टर तैयार करें। (4)
अथवा
जल बैंक की आवश्यकता पर सूचना देते हुए अपने मित्र को पत्र लिखें ।
उत्तर :

अथवा
उदयनगर
04/04/2010
प्रिय अजय,
तुम कैसे हो? तुम्हारी पढ़ाई कैसे चल रही है ? परिवाले सब ठीक हैं न?
मैं और परिवारवाले बड़ी मुसीबत में हूँ। यहाँ पानी की बड़ी दिक्कत है। सुबह – सुबह पानी लाने का बड़ा काम है। एक घंटे तक बड़ी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इस अवसर पर हर गली के कोने में जल बैंक है तो बहुत अच्छा होता। हमारे मुख्य ने अधिकारियों से कहा है। शायद जल्दी ही खुल जाएगा। तभी तो तसल्ली होगी। तुम्हारा समय मैं न नष्ट करता हूँ। मुझे भी जल्दी है। शेष मुँह में ।
सेवा में
नाम और पता ।
പ്രിയ അജയ്,
तुम्हारा मित्र,
हस्ताक्षर,
सुजय ।
ഉദയ നഗർ
04/04/2010
നിനക്ക് എങ്ങനെയുണ്ട്? പഠനം എങ്ങനെയുണ്ട് ? വീട്ടുകാർക്ക് സുഖമല്ലേ? ഞാനും വീട്ടുകാരും വളരെ കശ്ടപ്പാടിലാണ്. ഇവിടെ വെള്ളത്തിന് വലിയ ബുദ്ധിമു ട്ടാണ്. അതിരാവിലെ വെള്ളം കൊണ്ടുവരിക വലിയ ജോലി യാണ്. ഒരു മണിക്കൂർ വലിയ ലൈനിൽ നിൽക്കണം. ഈ സന്ദർഭത്തിൽ തെരുവിന്റെ ഓരോ മൂലയിലും ജല ബാങ്ക് ഉണ്ടായിരുന്നെങ്കിൽ നന്നായിരുന്നു. ഞങ്ങളുടെ മുഖ്യൻ അധികാരികളോട് പറഞ്ഞിട്ടുണ്ട്. ഒരു പക്ഷേ പെട്ടെന്ന് തുറന്നേക്കാം. അങ്ങനെയെങ്കിൽ ആശ്വാസമായി. നിന്റെ സമയം ഞാൻ നഷ്ടപ്പെടുത്തുന്നില്ല. എനിക്കും തിരക്കുണ്ട്.
ബാക്കി നേരിൽ കാണുമ്പോൾ.
സ്വീകർത്താവ്
പേരും വിലാസവും
നിന്റെ സുഹൃത്ത്
സുജയ്
सूचना: ‘इस बारिश में’ कविता की ये पंक्तियाँ पढे और 5 से 7 तक के उत्तर लिखें ।
अब जो घिरती है काली घटाएँ
उसीकेलिए घिरती है
कूकती है कोयलें उसी केलिए
| उसीकेलिए उठती है
धरती के सीने से सौंधी सुगंध
प्रश्न 5.
‘घटा’ का समानार्थी शब्द चुनकर लिखें । (बादल, धरती, सुगंध, कोयल)
उत्तर :
बादल
प्रश्न 6.
प्रकृति की चीज़ें वर्षा की प्रतीक्षा में क्या -क्या करती है? (1)
उत्तर :
वर्षा की प्रतीक्षा में काली घटाएँ घिरती है, कोयले कूकती हैं और धरती के सीने से अच्छी सुगन्ध उठती है।
മഴയുണ്ടാകുമെന്ന പ്രതീക്ഷയിൽ കാർമേഘം ആവരണം ചെയ്യുന്നു. കുയിലുകൾ കൂകുന്നു, ഭൂമിയിൽ നിന്നും സുഗന്ധം ഉയരുന്നു.
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प्रश्न 7.
कवि और कविता का परिचय देते हुए इन पंक्तियों का आशय लिखें। (4)
उत्तर :
ये पंक्कितयाँ कवि नरेश सक्सेना की इस बारिश में’ कविता से लिया गया है। यहाँ कवि ने दुखी किसान के साथ वर्षा की प्रतीक्षा करनेवाली प्रकृति की चीज़ों का चित्रण किया है । कवि कहते हैं कि वर्षा की प्रतीक्षा में काले बादल घिरते हैं, कोयलें कूकती है और धरती के मध्य से अच्छी सुगन्ध उठ जाती है।
ഈ മഴയത്ത് കവി നരേഷ് സക്സേനയുടെ ഈ വരികൾ ‘इस बारिश में’ കവിതയിൽ നിന്ന് എടുത്തത്. ഇവിടെ കവി ദു:ഖിതനായ കർഷകനോടൊപ്പം മഴ കാത്തിരിക്കുന്ന പ്രകൃതിയെ വസ്തുക്കളെയാണ് ചിത്രീകരിച്ചിരിക്കുന്നത്. കവി പറയുന്നത് ഇങ്ങനെ. മഴയെ പ്രതീക്ഷിച്ച് കാർമേഘം ആവരണം ചെയ്യുന്നു, കുയിലുകൾ കൂകുന്നു, ഭൂമിയുടെ മധ്യത്തിൽ നിന്നും നല്ല സുഗന്ധം
सूचनाः ‘सफेद गुड’ कहानी का यह अंश पढे और 8 से 9 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।
उसका चेहरा एक दम से काला पड़ गया। सिर धूम गया। जैसे शरीर का सारा खून निकल गया हो। आँखें छलछला आई ।
प्रश्न 8.
‘दुख’ केलिए इस खण्ड में प्रयुक्त शब्द कौन-सा है ? 1
उत्तर :
दम
प्रश्न 9.
उपर्युक्त खण्ड के आधार पर दूकानदार एक डायरी में सबकुछ लिखता है। वह डायरी कल्पना करके लिखें।
अथवा
उपर्युक्त खंड़ की घटना के आधार पर दूकानदार अपने मित्र से बातें करता है। दोनों के बीच का वार्तालाप तैयार करें ।
उत्तर :
| 15 अक्तूबर 2015 | मंगलवार |
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| 15 ഒക്ടോബർ 2015 | ചൊവ്വ |
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अथवा
दूकानदार : तुम कैसे हो? ठीक हो न ?
मित्र : बिलकुल । तुम कैसे हो ? तुम्हारा व्यापार ?
दूकानदार : ग्राहक कम है। चलेगा।
मित्र : फिक्र न करो, आएगा ।
दूकानदार : आज एक लड़का आया। उसे सफेद गुड़ खाने की बड़ी इच्छा थी ।
मित्र : गुड़ दिया उसे ?
दूकानदार : नहीं, उसने अठन्नी कहकर एक चिकने पत्थर की टुकड़ा दी।
मित्र : बापरे, फिर क्या किया ?
दूकानदार : मैं ने फेंक दिया। तब उसका चेहरा दुःख से काला होगया ।
मित्र : बेचारा ।
दूकानदार : मैं ने उसे प्यार से एक टुकड़ा गुड़ दिया। लेकिन वह लिये बिना चला मित्र गया।
मित्र : तो कोई बात नही । वह बड़ा अभिमानी है। ठीक है, अभी मैं चलूँ ।
दूकानदार : अच्छा। फिर कभी मिलेंगे ।
കടക്കാരൻ : നിനക്ക് എങ്ങനെയുണ്ട്, സുഖമാണോ? കൂട്ടുകാരൻ : സുഖമാണ്, നിനക്കോ? കച്ചവടം എങ്ങനെ
യുണ്ട് ?
കടക്കാരൻ : കസ്റ്റമേഴ്സ് കുറവാണ്, സാരമില്ല. കൂട്ടുകാരൻ : വിഷമിക്കണ്ട, വന്നുകൊള്ളും.
കടക്കാരൻ : ഇന്നൊരു ബാലൻ വന്നു. അവന് വെള്ള ശർക്കര കഴിക്കാൻ കൊതിയായിരുന്നു.
കൂട്ടുകാരൻ : അവന് ശർക്കര കൊടുത്തോ?
കടക്കാരൻ : ഇല്ല. അവൻ എട്ടണയാന്നും പറഞ്ഞ് ഒരു
മിനുസമുള്ള കല്ല് കഷണം കൊണ്ടുവന്നു.
കൂട്ടുകാരൻ : അയ്യോ! എന്നിട്ട് എന്ത് ചെയ്തു.
കടക്കാരൻ : ഞാൻ അത് എറിഞ്ഞ് കളഞ്ഞു. അപ്പോൾ അവന്റെ മുഖം വിഷമം കാരണം ഇരുണ്ടു പോയി.
കൂട്ടുകാരൻ : പാവം.
കടക്കാരൻ : ഞാൻ അവന് സ്നേഹത്തോടെ ഒരു
കഷണം ശർക്കര കൊടുത്തു. പക്ഷേ
അവൻ അത് വാങ്ങാതെ പോയി.
കൂട്ടുകാരൻ അപ്പോൾ, സാരമില്ല. അവൻ അഭിമാനിയാണ്. ശരി, ഞാൻ പോകട്ടെ.
കടക്കാരൻ : ശരി. ഇനി എപ്പോഴെങ്കിലും കാണാം.
सूचनाः ‘खूबसूरत’ अनुभूति है एवरेस्ट !’ साक्षात्कार का यह अंश पढ़े और कहानी का यह अंश पढे और 10 से 12 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।
मेरेलिए जो अनुभव था उसे मैं ने प्राप्त कर लिया। अब मेरी कल्पना समाज को खुश देखना है। लक्ष्य यही है कि सभी के चेहरे पर खुशी दिखे और यह धरती स्वर्ग कहलाए।
प्रश्न 10.
‘मेरी’ में निहित सर्वनाम क्या है ?
उत्तर :
मैं
प्रश्न 11.
अब संतोष यादव का लक्ष्य क्या है ? (1)
उत्तर :
संतोष यादव का लक्ष्य यह है कि सभी के चेहरे पर खुशी दिखे और यह धरती स्वर्ग कहलाएगा।
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प्रश्न 12.
कोष्ठक के शब्दों का प्रयोग करके पिरमिड़ की पूर्ति करें ।
(मेरी कल्पला, खुश)

उत्तर :

सूचना: ” शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा ?” लोककथा का यह अंश पढ़े और 13 से 15 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।
दरबार तरह तरह के लोगों से भरा हुआ था । वहाँ बच्चे और बुजुर्ग थे, गृहिणियाँ और धोबिन थीं, किसान और कचरा बीननेवाले थे, दूकानदार और लिपिक थे, मूर्ख और ज्ञानी थे।
प्रश्न 13.
‘बूढे’ केलिए खण्ड में प्रयुक्त शब्द कौनसा है ? (1)
उत्तर :
बुजुर्ग,
प्रश्न 14.
दरबार किस तरह के लोगों से भरा हुआ था ? (4)
उत्तर :
बच्चे, बुजुर्ग, गृहिणियाँ, धोबिन, किसान, कचरा बीननेवाले, दूकानदार, लिपिक, मूर्ख, ज्ञानी जैसे सभी प्रकार के लोगों से दरबार भरा हुआ था ।
प्रश्न 15.
सही प्रस्ताव को चुनकर लिखें । (4)
- आपके आदेशो का पालन किया ।
- अकबर ने कहा कि मैं चतुर हूँ ।
- हर शख्स आपको कुछ न कुछ सिखा सकता है।
- सभी शिक्षक भी है और विद्यार्थी भी ।
- मैं तो हमेशा सीखता नहीं हूँ ।
उत्तर :
- आपके आदेशों का पालन किया।
- हर शख्स आपको कुछ न कुछ । सिखा सकता है।
- सभी शिक्षक भी है और विद्यार्थी भी ।
- सबकुछ सीख जाना संभव नहीं है।
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सूचनाः “सुख – दुख कविता की ये पंक्तियाँ पढ़े और प्रश्न के उत्तर लिखें ।
प्रश्न 16.
“सुख – दुख के मधुर मिलन से
यह जीवन हो परिपूरण
फिर घन में ओझल हो शशि ।
फिर शशि से ओझल हो घन”
उत्तर :
ये पंक्तियाँ हिन्दी के छायावादी कवि श्री सुमित्रानंदन के पंत की ‘सुख – दुख’ कविता से ली गयी है । कवि की राय में हर व्यक्ति का जीवन सुख और दुख मधुर मिलन से परिपूर्ण हो जाता है। जिसप्रकार बादल में चांद गायब होता है और चाँद के कारण बादल गायब होता है उसीप्रकार हमारे जीवन में सुख और दुख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष होता रहता है ।
ഈ വരികൾ ഹിന്ദിയിലെ ഛായാവാദി കവിയായ ശ്രീ സുമിത്രാനന്ദൻ പന്തിൻ്റെ ‘सुख – दुख’ की എടുത്തിട്ടുള്ളതാണ്. കവിയുടെ അഭിപ്രായത്തിൽ ഓരോ വ്യക്തിയുടെയും ജീവിതം സുഖ ദു:ഖത്തിന്റെ മധുരമായ കണ്ടുമുട്ടലുകൊണ്ട് പൂർണ്ണമായിത്തീരുന്നു. എങ്ങനെ യാണോ മേഘത്തിന്റെ ഉള്ളിൽ ചന്ദ്രൻ അപ്രത്യക്ഷമാകുന്നതും ചന്ദ്രൻ കാരണം മേഘം അപ്രത്യക്ഷമാകുന്നതും അതു പോലെ തന്നെയാണ് ജീവിതത്തിലെ സുഖവും ദു:ഖവും പ്രത്യക്ഷവും അപ്രത്യക്ഷവുമായിക്കൊണ്ടിരിക്കുന്നത്.