8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

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Class 8 English Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

Time: 90 minutes
Max. Score : 40

सामान्य निर्देश :

  • पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
  • वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।

सूचना: ‘शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा’ लोककथा का यह अंश पढ़े और 1 से 3 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

“इन सबका क्या मतलब है?” शाशंशाह गरजे । “मैंने तुमसे ऐसे लोगों को लाने के लिए कहा था जो मुझे कुछ सिखा सकें और तुमने मेरा महल, राज्य की आधी जनता से भर दिया ? अब जवाब दो ।” “माफ़ी चाहता हूँ। जहाँपनाह, मैंने तो बस, आपको आदेशों का पालन किया है ।” बीरबल ने जवाब दिया ।

प्रश्न 1.
‘मेरा’ में निहित सर्वनाम कौन-सा है ? (1)
(क) वह
(ख) यह
(ग) मैं
(घ) तुम

अथवा

” तुमने मेरा महल, राज्य की आघी जनता से भर दिया ?”- यह किसने कहा ?
उत्तर :
मैं । अथवा शाहंशाह अकबर ने ।

प्रश्न 2.
शाहंशाह के क्रुद्ध होने का कारण क्या था? (2)
अथवा
अकबर हर चीज़ को सीखना चाहते थे। इससे उनका कौन-सा मनोभाव प्रकट होता है ?
उत्तर :
बीरबल ने शाहंशाह के महल को राज्य की आधी जनता से भर दिया। इसलिए शाहंशाह क्रुद्ध होगया ।
अथवा
सभी बातों पर ध्यान देने का मनोभाव प्रकट होता है । प्रकट होता है।

प्रश्न 3.
अकबर और बीरबल के बीच की बातचीत को आगे बढ़ाएँ । (4)
अकबर : इन सबका क्या मतलब है?
बीरबल : मैंने तो बस, आपके आदेशों का पालन किया है ?
अथवा

  • प्रस्तुत लोककथा के आधार पर चार सही प्रस्ताव चुनकर लिखें।
  • सभी लोग शिक्षक हैं और विद्यार्थी भी ।
  • बीरबल को शाहंशाह की पढ़ाई का इंतज़ाम करना था।
  • अकबर की पढ़ाई का इंतज़ाम करने में बीरबल असमर्थ हुए।
  • हर व्यक्ति में कुछ-न-कुछ क्षमता है।
  • हमें सीखना चाहिए कि एक अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।
  • किसान, मज़दूर आदि से हम कुछ नहीं सीख सकते।

उत्तर :
अकबर : इन सबका क्या मतलब है ?
बीरबल : मैं ने तो बस, आपके आदेशों का पालन किया है।
अकबर : ये लोग मुझे कुछ सिखा सकें, क्या ? बीरबल : हर व्यक्ति में कुछ न कुछ क्षमता है। सभी लोग शिक्षक है और विद्यार्थी थी ।
अकबर : तब तो तुम विद्यार्थी हो, बीरबल ? बीरबल : मैं तो हमेशा सीखता हूँ।

अथवा

  • सभी लोग शिक्षक है और विद्यार्थी थी ।
  • बीरबल को शाहंशाह की पढ़ाई का इन्तज़ाम करना था।
  • हर व्यक्ति में कुछ न कुछ क्षमता है।
  • हमें सीखना चाहिए कि एक अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

सूचनाः ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 4 और 5 के उत्तर लिखें।

शिष्यों, ध्यान रहे। वह ज्ञान जिससे अपना या दूसरों का नुकसान हो ज्ञान नहीं बल्कि अज्ञान है। ज्ञान तो सबकी भलाई के लिए ही होता है ।

प्रश्न 4.
गुरुजी के अनुसार ज्ञान का महत्व क्या है ? (2)
अथवा
अहंकार के कारण हर राजकुमार अपने को बड़ा ज्ञानी मानता है। वास्तव में बड़ा ज्ञानी कौन है ?
उत्तर :
अपनी और दूसरों की भलाई के लिए ज्ञान के उपयोग करने में ज्ञान का महत्व रहता है।
अथवा
जो अपने ज्ञान से दूसरों की भलाई करता है वह वास्तव में बड़ा ज्ञानी है।

प्रश्न 5.
सितंबर 14 हिंदी दिवस को आपके स्कूल में ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का मंचन होनेवाला है। इसके लिए एक पोस्टर तैयार करें | (4)
उत्तर :

सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल,
कण्णूर, दूरभाषी संख्या…….
14 सितंबर, हिन्दी दिवस को ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का मंचन होनेवाला है ।

उद्घाटक : मानवीय एम. एल. ए
स्थान : स्कूल हाँल
समय : सुबह 10 बजे
सबका स्वागत ।

सूचना: ‘सुख – दुख’ कविता की पंक्तियाँ पढ़ें और 6 से 8 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

सुख – दुख के मधुर मिलन से
यह जीवन हो परिपूरन;
फिर घन में ओझल हो शशि
फिर शशि से ओझल हो घन ।

प्रश्न 6.
‘ओझल हो’ का अर्थ क्या है ? (1)
(क) संतुष्ट हो
(ख) अप्रत्यक्ष हो
(ग) असंतुष्ट हो
(घ) परिपूर्ण हो
उत्तर :
(ख) अप्रत्यक्ष हो

प्रश्न 7.
‘मधुर मिलन’ में विशेषण शब्द कौन-सा है ? (1)
उत्तर :
मधुर

प्रश्न 8.
कवि के अनुसार हमारा जीवन कैसे परिपूर्ण हो जाता है ? (2)
उत्तर :
हमारा जीवन सुख – दुख के मधुर मिलन से परिपूर्ण हो जाता है।

सूचना: ‘पिता का प्रायश्चित’ संस्मरण का सारांश पढ़ें और प्रश्न 9 और 10 के उत्तर लिखें ।

अरुण गाँधी अपने पिता के साथ कार से शहर गए। उन्हें एक मीटिंग की जगह छोड़कर – अरुण गाँधी सिनेमा देखने गए। पिताजी ने उनसे पाँच बजे वापस आने को कहा था। लेकिन अरुण गाँधी देर से वापस पहुँचे और उनसे झूठ बोले । अपने पुत्र की गलती समझकर पिताजी प्रायश्चित के रूप में वापस पैदल चलने लगे।

प्रश्न 9.
उस दिन अरुण गाँधी ने निर्णय लिया था – ” मैं कभी झूठ नहीं बोलूँगा।” क्यों? (2)
अथवा
अरुण गाँधी के पिताजी प्रायश्चित के रूप में वापस चलने लगे। उनका यह निर्णय है या गलत? क्यों ?
उत्तर :
अपने पुत्र की गलती समझकर पिताजी प्रायश्चित के रूप में वापस पैदल चलने लगे। इसलिए अरुण गांधी ने कभी झूठ नहीं बोलने का निर्णय लिया ।
अथवा
पिताजी का यह निर्णय सही है । क्योंकि अरुण गाँधी ने अपनी गलती को सुधार लिया और जीवन में कभी झूठ नहीं बोलने का निर्णय लिया।

प्रश्न 10.
अरुण गाँधी ने अपने उस दिन के अनुभव बताते हुए मित्र को पत्र लिखा। वह पत्र कल्पना करके लिखें। (4)
उत्तर :

5 अगस्त 1949 गुरुवार
  • आज मेरे मन में दुख और संतोष हुए ।
  • दुख इसलिए कि पिताजी के झूठ बोलने के कारण वे प्रायश्चित के रूप में वापस चलने लगे ।
  • संतोष इसलिए कि मैं ने जीवन में कभी झूठ नहीं बोलने का निर्णय लिया ।
  • मैं पिता को साथ शहर गया ।
  • पिताजी को मीटिंग की जगह छोड़कर मैं सिनेमा देखने गए।
  • मुझसे पाँच बजे आने को कहा, लेकिन मैं देर से आया। मैं पिताजी से झूठ बोला ।

सूचनाः ‘बात उस मंगलवार’ की डायरी का वह अंश पढ़ें और प्रश्न 11 और 12 के उत्तर लिखें ।

यहीं जंगल के बीच ये सभी मेरे क्लीनिक हैं। मुझे इसी तरह का डॉक्टर बने रहना है। यही काम मुझे अच्छा लगता है

प्रश्न 11.
डॉ. रमणी अटकुरी कहाँ क्लीनिक चलाना चाहती है ? (1)
उत्तर :
डॉ. रमणी अटकुरी जंगल के बीच क्लीनिक चलाना चाहती है।

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

प्रश्न 12.
डॉ. रमणी अटकुरी की दो चरित्रगत विशेषताएँ चुनकर लिखें। (2)

  • गरीब गाँववालों की चिकित्सा करनेवाली ।
  • बड़े-बड़े अस्पतालों में जाकर काम करनेवाली ।
  • अपनी सुख-सुविधाएँ देखकर काम करनेवाली ।
  • कर्तव्यनिष्ठ और निस्वार्थ भाव से काम करनेवाली ।

उत्तर :
गरीब गाँववालों की चिकित्सा करनेवाली । कर्तव्यनिष्ठ और निस्वार्थ भाव से काम करनेवाली ।

सूचना: दोहा पढ़ें और प्रश्न 13 और 14 के उत्तर लिखें ।

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर ।
पंथी को छाया नाहिं, फल लागे अतिदूर ।।

प्रश्न 13.
जो व्यक्ति परोपकारी नहीं, उसकी तुलना किस पेड़ से की गई है?
अथवा
प्रस्तुत दोहे के रचनाकार कौन है ?
उत्तर :
खजूर के पड़ से।

प्रश्न 14.
इस दोहे के संबंध में सही प्रस्ताव कौन-सा है ?

  • मात्र बड़े होने से कोई प्रयोजन नहीं ।
  • ज्ञान बाहरी दिखावा है।

उत्तर :

सूचना: ‘इस बारीश में’ कविता की ये पंक्तियाँ पढ़ें और 15 और के उत्तर लिखें।

अगली फसल होते ही सब चुकता कर दूँगा अब तो मेरी झूठी ये गुज़ारिश भी चली गई उसीके पास अब मेरी बारिश भी चली गई ।

प्रश्न 15.
इन पंक्तियों में किसका चित्रण है ? (1)
(क) किसान को गरीबी का
(ख) किसान की संपन्नता का
(ग) ज्ञान के अहंकार का
(घ) डॉक्टर की सेवा का
उत्तर :
किसान की गरीबी का चित्रण है।

प्रश्न 16.
कवितांश का आशय लिखें। (4)
अथवा
‘जल बैंक’ व्यंग्य लेख में हमने जल के महत्व का परिचय पाया था। जल संरक्षण की आवश्यकता पर चार नारे बनाएँ; जैसे- ‘जल ही जीवन है ।
उत्तर :
हिन्दी के कवि नरेश सक्सेना की ‘इस बारिश में’ कविता में किसान की ज़मीन छीन जाने की कथा है। यह किसान के बारिश के मौसम का शोकगीत है। किसान इस प्रतीक्षा में कर्ज लेता है कि अगली फसल होने पर कर्ज चुका दें। लेकिन अब वह झूठी प्रतीक्षा नहीं रह गई क्योंकि उसकी अपनी ज़मीन नहीं है तो फर्ज कैसे चुकाएँ ?

ഹിന്ദി സാഹിത്യത്തിലെ കവിയായ നരേശ് സക്സേനയുടെ ‘इस बारिश में’ കവിതയിൽ കർഷകന്റെ നിലം നഷ്ടപ്പെട്ട കഥയാണുള്ളത്. ഇത് കർഷകന്റെ മഴക്കാലത്ത ശോകതീതം ആണ്.
കർഷകൻ അടുത്ത വിളവെടുപ്പിന് വീട്ടാമെന്ന പ്രതീക്ഷ യിൽ കടം എടുക്കുന്നു. എന്നാൽ ആ വ്യർത്ഥമായ പ്രതീക്ഷ ഇനിയില്ല. കാരണം തന്റെ നിലം ഇല്ലെങ്കിൽ പിന്നെ എങ്ങനെ കടം തീർക്കും!

अथवा

അല്ലെങ്കിൽ

  • जल अमूल्य है।
    ജലം അമൂല്യമാണ്.
  • जल नहीं तो जीवन नहीं है।
    ജലം ഇല്ലെങ്കിൽ ജീവിതം ഇല്ല
  • पानी बचाओ आगामी पीढी को जीने दो
    വെള്ളം സംരക്ഷിക്കൂ, ഭാവിതലമുറയെ ജീവിക്കാൻ അനുവദിക്കൂ,
  • जल है तो कल है
    വെള്ളം ഉണ്ടെങ്കിൽ നാളെയുണ്ട്ज
  • ल संरक्षण अपना कर्तव्य है ।
    ജല സംരക്ഷണം നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്.

सूचनाः ‘सफेद गुड़’ कहानी का यह सारांश पढ़ें और प्रश्न 17 और 18 के उत्तर लिखें !

एक लड़का अपनी माँ के साथ रहता था । उसे सफेद गुड़ खाने की तीव्र इच्छा थी । लेकिन | उसकी माँ के पास पैसे नहीं थे। वह लड़का नमक खरीदने बाज़ार गया। वहाँ एक दूकानदार | ने उससे कहा था- “पैसे मत देना । मेरी ओर से धोड़ा सा गुड़ ले लो।” लेकिन उस लड़के ने मूँह फिरा लिया और चल दिया। दूसरों की दया वह नहीं चाहता था ।

प्रश्न 17.
लड़के ने मुँह फिरा लिया और चल दिया। क्यों?
(क) उसे दूकानदार पसंद नहीं था।
(ख) उसे गुड़ पसंद नहीं था ।
(ग) वह केवल नमक खरीदना चाहतै था।
(घ) वह दूकानदार को दवा नहीं चाहता था ।
उत्तर :
वह दूकानदार की दया नहीं चाहता।
അവന് കടക്കാരന്റെ ദയ വേണ്ട

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

प्रश्न 18.
कहानी के अनुसार सही मिलान करें ।

नमक खरीदने के लिए कोई नहीं था ।
इसलिए वह गुड़ खरीद न सका ।
लड़का बाज़ार गया।
घर में उसे माँ के सिवा
माँ ग़रीब थी

उत्तर :

नमक खरीदने केलिए
ഉപ്പ് വാങ്ങാൻ
लड़का बाज़ार गया।
ബാലൻ മാർക്കറ്റിൽ പോയി
घर में उसे माँ के सिवा
വീട്ടിൽ അവന്റെ അമ്മയെ കൂടാതെ
कोई नहीं था ।
ആരുമില്ലായിരുന്നു
माँ गरीब थी
അമ്മ ദരിദ്രയായിരുന്നു
इसलिए वह गुड़ खरीद न सका।
അതുകൊണ്ട് അയാൾക്ക് ശർക്കര വാങ്ങാൻ കഴിഞ്ഞില്ല.

सूचना: ‘खूबसूरत अनुभूति है एवरेस्ट’ साक्षात्कार का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 19 और 20 के उत्तर लिखें ।

मैं बचपन से ही बहुत जिज्ञासु थी और यही जिज्ञासा मेरी प्रेरणा बनी। बर्फ से डके पहाड़ों पर चढ़ने की जिज्ञासा बहुत पहले से ही थी ।

प्रश्न 19.
उचित रूप से पूरा करें।

मैं बहुत जिज्ञासु हूँ। तुम बहुत जिज्ञासु ……. ।
उत्तर :
तुम बहुत जिज्ञासु हो।

प्रश्न 20.
कोष्ठक के शब्दों से पिरामिड की पूर्ति करें । (2)
(पहाटों, पर, बहुत),
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus 1
उत्तर :
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus 2

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