Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

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Kerala Plus One Hindi Previous Year Question Paper Sept 2021

Time: 2½ Hours
Total Score: 80 Marks

सूचनाः 1 से 8 तक के प्रश्नों में किन्हीं 4 के उत्तर लिखें । (4 × 1 = 5)

प्रश्न 1.
‘अरे आ गई है भूली-सी’ – यह किस कविता की पंक्ति है ?
उत्तर:
मधुऋतु

प्रश्न 2.
‘यात्री’ किस लघुकथा का पात्र है ?
उत्तर:
अनुताप

प्रश्न 3.
‘चींटी ले शक्कर चली’ । चींटी क्या लेकर चलती है ?
उत्तर:
शक्कर / चीनी/गुड़

प्रश्न 4.
ज़मीन खोदकर बूढ़ा आदमी क्या बो रहा था ?
उत्तर:
आम की गुठलियाँ / आम की बीज / बीज

प्रश्न 5.
‘जुलूस’ कहानी का नाट्यरूपांतरण किसने किया ?
उत्तर:
चित्रा मुद्गल

Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

प्रश्न 6.
जिसपर वे दोनों
ज़िंदगी के सपने बुन रहे हैं-
पत्थर की बैंच पर बैठकर ज़िंदगी के सपने बुन रहे हैं | कौन ?
उत्तर:
प्रेमी / वे दोनों

प्रश्न 7.
हेमां किससे रूठकर अपने घर चली गई ?
उत्तर:
दिलीप / पति

प्रश्न 8.
छोटा भाई किससे ईर्ष्यालु था ?
उत्तर:
बड़ा भाई

सूचना: 9 से 14 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर लिखें। (3 × 2 = 6)

प्रश्न 9.
नए रिक्शेवाले की आवाज़ में गहरी उदासी थी । क्यों ?
उत्तर:
असलम की मृत्यु की बजह से ।

प्रश्न 10.
इब्राहिम अली के अनुसार कब स्वराज्य सूर्य का उदय होगा ?
उत्तर:
लोगों की मनोभाव में बदलाव आने पर स्वराज्य सूर्य का उदय होगा ।

प्रश्न 11.
सांई इतना दीजिए, जामें कुटुंब समाय ।
मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय ।।
इस दोहे का तत्व क्या है ?
उत्तर:
सभी लोग इस दुनिया रूपी परिवार के अंग हैं। इसीलिए लोगों को एक समान सब कुछ मिलना चाहिए ।

Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

प्रश्न 12.
बैंजमिन फ्रैंकलीन ने कहा यह रक़म ज़रूरतमंद को दे दीजिए। ज़रूरतमंद कौन-कौन हो सकता है ?
उत्तर:
गरीब, भूखा, अनाथ, निस्सहाय आदि लोग ज़रूरतमंद हो सकता हैं ।

प्रश्न 13.
इसे उखाड़ कर ले जाया
अथवा तोड़ा भी जा सकता है।
‘पत्थर की बैंच’ का कवि क्यों आशंकित है ?
उत्तर:
सार्वजनिक जगह समाज निर्माण का जगह है। सार्वजनिक जगह के विनाश और उसके लिए होनेवाली लड़ाई से कवि आशंकित है ।

प्रश्न 14.
वे मुझसे प्यार करते थे और मेरे प्रति उनका रुख एक संरक्षक की ज़िम्मेदारी जैसा था।’ – ‘अपराध कहानी के आधार पर बड़े भाई के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर:
प्यार, परोपकार की भावना संरक्षक की जिम्मेदारी वात्सल्य आदि विशेषण प्रकट होती है ।

सूचना: 15 से 24 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 5 के उत्तर लिखें। (5 × 6 = 30 )

प्रश्न 15.
कवितांश की आस्वादन – टिप्पणी लिखें।
पत्थर की बैंच
जिसपर रोता हुआ बच्चा
बिस्कुट कुतरते चुप हो रहा है
जिसपर एक थका युवक
अपने कुचले हुए सपनों को सहला रहा है
जिसपर हाथों से आँखें ढाँप
एक रिटायर्ड बूढ़ा भर दोपहरी सो रहा है
जिसपर वे दोनों
ज़िंदगी के सपने बुन रहे हैं ।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश श्री चंद्रकांत देवताले द्वारा रचित पत्थर की बैंच से हैं। आप समकालीन कविता के सशक्त हस्ताक्षर है। उसके सपने, पत्थर फेंक रहा हैं, दीवारों पर खून से आदी आपके प्रमुख रचनाएँ है। पत्थर की बैंच कविता में वर्तमान पीढ़ी की पुकार को वाणी दी है। एक साधारण सी पत्थर की बेंच को अलग अलग लोग अपने मर्जी के अनुसार उपयुक्त करते हैं। रोता हुआ बच्चा बिस्कुट खाकर चुप होने के लिए इस बेंच का उपयोग करता है। इसी बैंच की थका युवक अपने कुचले हुए सपनों को सहलाने के लिए उपयुक्त करता हैं। एक रिटायर्ड बूढ़ा दोपहरी में सोने के लिए इसी पत्थर की बैंच को उपयुक्त करता है तो प्रेमी लोग अपने जिंदगी के सपने बुनने के लिए उपय्कुत करते है । अर्थात् एक ही बैंच का विविध उपयोग होते है।

सरल शैली में लिखा गया इस कविता से सार्वजनिक जगहों के महत्व के बारे में कवि जिक्र करते हैं। आधुनिक समाज में होनेवाली सार्वजनिक जगहों के विनाश के बारे में कवि आशंकित हैं । यह कविता आज के ज़माने में प्रासंगिकता रखते है ।

प्रश्न 16.
जीवन-वृत्त पढ़ें और सुकेश साहनी के बारे में एक अनुच्छेद लिखें ।

जीवन – वृत्त

नाम : सुकेश साहनी
जन्म : 5 दिसंबर, 1956
जन्मस्थान : लखनऊ
रचनाएँ : डरे लोग, ठंडी रजाई
विशेषता : हिंदी लघुकथा क्षेत्र का सशक्त हस्ताक्षर

उत्तर:
प्रसिद्ध साहित्यकार श्री सुकेश साहनी का जन्म, लखनऊ में 5 सितंबर 1956 को हुआ । डरे हुए लोग, दुंडी रजाई आदि आपके प्रमुख रचनाएँ है। हिंदी लघुकथा क्षेत्र का सशक्त हस्ताक्षर है सुकश साहनी जी ।

प्रश्न 17.
दोहा पढ़ें और भावार्थ लिखें ।
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय ।
दो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय ।।
उत्तर:
भक्तिकाल के ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रशस्त कवि है कबीरदास । अपने दोहाओं के ज़रिये समाज में नयी विचारधारा पैदा कराने के लिए आपने परिश्रम किया । ज्ञान से ईश्वर पाना आपका सबसे बड़ी आह्वान था ।

हर वक्त ईश्वर के स्मरण करने की आवश्यकता प्रस्तुत दोहे में कबीरदास व्यक्त करत् हाम। हम सब दुःख में ईश्वर के स्मरण करते है। लेकिन सुख में कोई भी ईश्वर स्मरण नहीं करते हैं। जो लोग सुख में ईश्वर का स्मरण करते हैं, उन्हें दुःख नहीं होंगे। अर्थात् हमें सभी समय ईश्वर का स्मरण करते रहना है। यानी हम जीवनपर्यंत ज्ञानार्जन करते रहना है।

Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

प्रश्न 18.
ये कथन पढ़ें और ‘इब्राहिम अली’ के चरित्र पर टिप्पणी लिखें ।
• हम दूकानें लूटने या मोटरें तोड़ने नहीं निकले हैं ।
• हमारे भाईबंद ऐसे हुक्मों की तामील करने से साफ़ इनकार कर देंगे ।
• जिस दिन हम इस लक्ष्य पर पहुँच जाएँगे, उसी दिन स्वराज्य सूर्य का उदय होगा ।
उत्तर:
जुलूस नाट्यपांतर के प्रमुख पात्र है, इब्राहिम अली । वह स्वराजियों के नेता है । उनके नेतागिरी में जुलूस निकलते है। अपने साथ के लोगों के बारे में वह खयाल रखते हैं । इब्राहिम अली के सबसे बड़ी विशेषता है कि वह अपने लक्ष्य के बारे में सही विचार रखता है । लक्ष्य से विचलित नहीं होता हैं | अहिंसा के व्रत वह ठान लिया है। लोगों के मनोभाव में बदलाव लाने के लिए वह प्रयत्न करता है। आशावादी दृष्ठिकोण रखने वाला इब्राहिम अली सच्चे अर्थ में एक नेता ही हैं ।

प्रश्न 19.
‘पत्थ की बैंच’ कविता के आधार पर ‘समाज निर्माण में सार्वजनिक जगहों का योगदान पर लेख तैयार करें ।
• सामाजिकता का संगम स्थान
• सहजीव के सुख-दुख पर हमदर्दों
• स्वार्थ पर जीत
उत्तर:
सार्वजनिक जगहों का महत्व
सार्वजनिक जगह सामाजिकता का संगम – स्थान है। पार्क, समुद्र-तट, प्रपात की जगह, पहाड़ आदि इस प्रकार की हैं। हमें उसे संभालना चाहिए । सरकार की ओर से इन सार्वजनिक स्थानों को संभालने के लिए सदा ध्यान होना चाहिए । यदि दूसरों के सुख-दुख पर हमदर्दी है तो, इनका संरक्षण ज़रूर होगा। सार्वजनिक स्थानों का विनाश होते समय मनुष्य का पराजय होता है, स्वार्थ की विजय होती है। सार्वजनिक जगहों का संरक्षण करना आज अत्यंत प्रासंगिक है। यह इसलिए कि सार्वजनिक जगह आज घटती जा रही है ।

प्रश्न 20.
कवितांश का आशय लिखें ।
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को
छोटी-सी कुटिया में रच हूँ.
नई व्यथा साथिन को !
उत्तर:
ये पंक्तियाँ ‘मधुऋतु’ कविता से प्रस्तुत हैं। ‘मधुऋतु’ एक सुंदर छायावादी कविता है । ‘मधुऋतु’ की रचना की है कवि जयशंकर प्रसाद ने। हिंदी के सुप्रसिद्ध छायावादी कवि हैं जयशंकर प्रसाद ।

वसंतऋतु आ गया है । वह एक साथिन के समान है। उसका मन व्यथा से भरपूर है। मैं उसके लिए एक सुंदर कुटिया बना दूँगा । प्रणयहीन दिलवाले लोगों को यहाँ पर प्रवेश निषेध है। वसंतऋतु के आगमन के कारण मेरे मन में नयी नयी आशाएँ एवं प्रतीक्षाएँ भर रही हैं । अब मेरा जीवन किसलयों से निर्मित लघुभव सा हो गया है। मेरा यह सुंदर जीवन किसी को कोई कष्ट न देनेवाला है। छायावादी कविता से युक्त प्रेम, प्रकृति वर्णन, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रमयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि गुणों से संपन्न है प्रस्तुत कवितांश । हमें दूसरों की जिंदगी में कोई बाधा न डालनी है – यह संदेश कवितांश द्वारा कवि हमें देते हैं। साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्यार रखने का संदेश भी हमें मिलता है।

प्रश्न 21.
निम्नलिखित घटनाओं को पात्रों से जोड़कर लिखें:

घटना पात्र
यात्रियों को टिकट देना बूढ़ा आदमी
सुंदर लिपि में लिखना संभ्रांत महिला
रेलगाड़ी से बीज फेंकना टिकट बाबू
सहानुभूति दर्शाना बैंक का क्लर्क
आम की गुठलियाँ बोना फ्रैंकलीन
बिद्यार्थी की मदद करना लेखक

उत्तर:
यात्रियों को टिकट देना – टिकट बाबू
सुंदर लिपि में लिखना – बैंक का क्लर्क
रेलगाड़ी से बीज फेंकना – संभ्रांत महिला
सहानुभूति दर्शाना – लेखक
आम की गुठलियाँ बोना – बूढ़ा आदमी
विद्यार्थी की मदद करना – फ्रैंकलीन

प्रश्न 22.
‘यात्री’ से संबंधित तीन सही प्रसंग चुनकर लिखें ।
• उसे शॉक-सा लगा ।
• उसकी आवाज़ में गरही उदासी थी ।
• कल की घटना उसकी आँखों के आगे सजीव हो उठी ।
• उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया ।
• एकबारगी उसकी इच्छा हुई कि रिक्शे से उतर जाए।
उत्तर:
उसे शाँक – सा लगा ।
कल की घटना उसकी आँखों के आगे सजीव हो उठी। एक बारगी उसकी इच्छा हुई कि रिक्शे से उतर जाए ।

प्रश्न 23.
अंग्रेज़ी संवाद का हिंदी में अनुवाद करें:
Rohan : Hello Riya, How are you?
Riya : I am fine. What about you?
Rohan : I am also fine and busy too.
Riya : Why ?
Rohan : I am busy because of online classes.
Riya : OK. I’ll call you tomorrow.
Rohan : OK. Bye.
(busy – व्यस्त, tomorrow – कल)
उत्तर:
रोहना : अरे रिया, तुम कैसे हो ?
रिया : ठीक हूँ, तुम कैसे हो ?
रोहना : मैं ठीक हूँ, पर व्यस्त हूँ ।
रिया : क्या बात है ?
रोहन : ओन-लैन कक्षाओं के कारण व्यस्त हूँ।
रिया : ठीक है, मैं कल तुम्हें फोन करूँगा ।
रोहन : हाँ, धन्यवाद ।

Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

प्रश्न 24.
‘मिट्टी के तेल के ढिबरी के प्रकाश में देखा वह दृश्य उनकी आँखों के सामने से न हटता था।’ मान लें, ‘दुख’ कहानी का पात्र दिलीप अपनी आत्मकथा लिखता है। आत्मकथा में गरीब माँ-बेटे का उल्लेख है । वह आत्मकथांश तैयार करें ।
• बच्चे से भेंट
• माँ की परेशानी
• माँ-बेटे का प्यार
• असली दुख की पहचान और तुलना
उत्तर:
यह दुःख नहीं
हेमा की सहेली के साथ मैं सिनेमा देख आने के कारण, रात भर वह रूठी रही। अगले दिन सुबह उठते ही मा अपनी माँ के घर चली गयी। तब मेरे मन में क्षोभ का अंत न रहा। मेरी पत्नी की इस व्यवहार से मेरा मन वितृष्णा और ग्लानि से भर गया । मन बहलाने के लिए मैं मिंटो पार्क गया। सिर में ठंड लगने से मेरे मस्तिष्क की व्याकुलता कुछ कम हुई ।

मिंटो पार्क से लौटते समय एक गरीब बच्चे से मेरी भेंट हुई। वह सड़क के किनारे नींबू के बृक्षों की छाया में बैठकर पकौड़े बेच रहा था। मैंने उससे पूरे पकौड़े खरीदे। मैंने उसे एक रूपया दिया। लेकिन बाकी पैसे वापस करने के लिए उसके पास छुट्टे नहीं थे । उसकी माँ से छुट्टे लेने के नाम पर मैं उसका घर गया। वहँ मैं ने उसकी माँ को देखा ।

कितनी गरीब थी वह ! बाकी पैसे देने के लिए माँ के पास पैसे नहीं थे। बेचारी औरत ! माँ की परेशानी देखकर मेरा मन उत्कंठित हो गया। माँ के पास अच्छे कपड़े नहीं थे। खाने के लिए आवश्यक भोजन नहीं था । घर भी बहुत दयनीय अवस्था में थी ।

मैंने वहाँ पर असली दुःख देखा । मुझे उस कोठरी में असली दुःख की पहचान हुई । मैंने पहचाना कि जीवन का यथार्थ दुःख गरीबी है। हेमा का दुःख अमीरी -प्रदत्त नकली दुःख है । वह एक प्रकार का रसीली दुःख है। हेमा का दुःख सही में दुःख नहीं है ।

सूचना: 25 से 34 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 5 के उत्तर लिखें । (5 × 8 = 40 )

प्रश्न 25.
गद्यांश का संक्षेपण करें और उचित शीर्षक लिखें । एक वृद्ध संभ्रांत महिला रेलगाड़ी से सफ़र कर रही थी । वे खिड़की के पास बैठकर, बीच-बीच में, अपनी मुट्ठी कुछ चीज़ बाहर फेंकती जा रही थीं। एक सहयात्री ने, जो यह देख रहा था, पूछा, “यह आप क्या कर रही हैं?” उस महिला ने जवाब दिया, “ये सुंदर फलों और फूलों के बीज हैं। मैं इन्हें इस उम्मीद से फेंक रही हूँ कि इनमें से कुछ भी अगर जड़ पकड़ लेंगे तो लोगों का इससे कुछ फ़ायदा होगा। पता नहीं मैं इस रास्ते से फिर गुज़रूँ या न गुज़रूँ, इसलिए क्यों न मैं इस संधि का उपयोग कर लूँ?”
उत्तर:

संधि का उपयोग

एक वृद्ध संभ्रांत महिला रेलगाड़ी में सफर करते समय फल और फूलों के बीज खिड़की से बाहर फेंकती हैं। सहयात्री से वह बताते हैं कि इनमें से कुछ जड़ पकड़ लेंगे तो लोगों को फायदा होगा इसलिए मैं इस संधि का उपयोग करता हूँ।

प्रश्न 26.
मान लें, स्कूल में हिंदी क्लब के द्वारा आगस्त पंद्रह को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ‘जुलूस’ नाटक का मंचन हो रहा है। इसके लिए एक आकर्षक पोस्टर तैयार करें ।
उत्तर:

जुलूस नाटक

प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार प्रेमचंद जी के जुलूस नाटक के मंचन सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रृश्शूर में 15 अगस्त 2021 को हो रहा हैं। हिंदी क्लब के द्वारा हो रहा है। इस नाटक का उद्घाटन श्री शिवजी गुरुवायूर (प्रसिद्ध नाटक और फिल्म अभिनेता) द्वारा हो रहा हैं।.
स्थान : उच्च माध्यमिक, विद्यालय त्रिश्शूर
समय : सुबह 10 बजे से 11 बजे तक
सभी लोगों को स्वागत

प्रश्न 27.
बैंक का क्लर्क अपनी हस्तलिपि की तारीफ़ सुनने पर बहुत खुश हुआ। उस दिन शाम को वह अपनी पत्नी से यह बात गर्व के साथ कहता है। दोनों के बीच का वार्तालाप तैयार करें ।
उत्तर:
पत्नी : आज आप बहुत खुश है ….
क्लर्क : हाँ-हाँ….
पत्नी : कारण क्या है ?
क्लर्क : एक कारण है ।
पत्नी : मुझे भी बताओ…..
क्लर्क : तुम जानना चाहती हो ?
पत्नी : क्यों नहीं?
क्लर्क : तुम अनंत गोपाल शेवड़े को ….
पत्नी : ओहो… सुप्रसिद्ध लेखक ?
क्लर्क : जानती हो उन्हें ?
पत्नी : सुनी तो है।
क्लर्क : आज उन्होंने मेरे बैंक में….
पत्नी : बैंक में ?
क्लर्क : आये थे ।
पत्नी : तो ?
क्लर्क : उन्होंने मेरी हस्तलिपि की …
पत्नी : प्रशंसा की ?
क्लर्क : हाँ…हाँ…
पत्नी : बड़ी बात है ।
क्लर्क : हाँ…हाँ…

प्रश्न 28.
‘वह किसी अपराधी की भाँति सिर झुकाए रिक्शे के `साथ-साथ चल रहा था।’ यात्री का मन संघर्ष से भरा था। वह अपना संघर्ष डायरी में लिखता है । वह डायरी तैयार करें।
उत्तर:

2014 मार्च 5 बुधवार

नटराज नगरः
आज मेरे लिए बड़ा मानसिक संघर्ष का दिन है । रिस्शेवाला असलम की मृत्यु की खबर सुनकर मैं व्याकुल हो गया । असलम के प्रति मुझसे हमदर्दी का अभाव हुआ । मेरा दिल पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप से भरा है। नटराज टाकीज़ के पास की चढ़ाई पार करते समय मुझे असलम की रिक्शे से उतरना था। मैं नहीं जानता था कि असलम के गुर्दों में खराबी थी। मज़बूत कदकाठी रिक्शेवाले से हमदर्दी से मैंने ज़रूर व्यवहार किया । फिर भी मेरा आत्मसंघर्ष मैं कैसे निकालूँ ?

असलम के प्रति मेरी श्रद्धांजलि…. हे भगवान! मुझे माफी दें….. भगवान मुझे अच्छी नींद दें।

Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

प्रश्न 29.
लेखक की सहानुभूति के शब्दों से टिकट बाबू को नयी ताकत मिली। टिकट बाबू उस दिन की घटना के बारे में अपने मित्र को पत्र लिखता है । वह पत्र तैयार करें ।
उत्तर:

अलहाबाद
20.10.1964

प्रिय मित्र राम,
तुम केसे हो ? ठीक है न? यहाँ में ठीक हूँ, बाबी और बच्चे कैसे हैं?

राम एक खुशी की बात बताने के लिए मैं यह खत लिख रहा है। आज दफ्तर में काम करते वक्त हुए घटना, मुझे बेहद तसल्ली थी । टिकट लेने के लिए, बहुत लोग आये थे। मैं काम करते करते थक गया था। लोग मुझपर झूठे आरोप कर रहे थे। मैं जितने भी काम करूँ, कोई भी मुझे अच्छा भला सुनाते नहीं थे। मुझे कभी निराशा और कभी गुस्सा आ रहा था। लोगों के बुरे, बर्ताव के कारण मुझे बहुत दुःख हो रहा था।

इस समय कतार मैं खडे एक सज्जन ने आकर मुझे दिक्कत करते लोगों से मेरे परेशानी के बारे में कहा । मुझे सांत्वना दिया। मेरी परेशानी को दूर करने के लिए अन्य यात्रियों को बताया । मुझे बेहद खुशी मिली। मेरा थकावट झट में दूर हो गयी। उस व्यक्त की सहानुभूति के कारण मुझे जो खुशी मिली वह बताना कठिन है ।

मित्र आज मुझे एक बात सही प्रकार समझ में आया कि सहानुभूति दर्शाने से दूसरे लोगों के जीवन में बहुत सारे परिवर्तन होते है। मित्र मैं खत समाप्त करता हूँ। तुमको यह सब बात लिखते मुझे बहुत ताकत मिला ।
तुम कब यहाँ आवोगे? तुम्हारी प्रतीक्षा में ।

हस्ताक्षर
मिलन

प्रश्न 30.
जून 21 ‘योगा दिवस’ पर स्कूल के हेल्थ क्लब (Health club) की ओर से “स्वास्थ्य ही जीवन है” विषय पर एक ऑन लाइन निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक निबंध तैयार करें।
• स्वास्थ्य अनमोल खजाना
• संतुलित भोजन
• स्वच्छ पर्यावरण
• स्वास्थ्य के लिए व्यायाम और खेलकूद
उत्तर:
स्वास्थ्य ही जीवन है

स्वास्थ्य ही जीवन है । यह कथन से किसी ने भी विरुद्ध मत नहीं रखते होंगे, हमें जीवन में और कुछ भी हो स्वास्थ्य नहीं है तो बाकी सब बेकार है। सोचिए एक व्यक्त के पास बहुत सारे संपत्ति है लेकिन उसे कई प्रकार के बीमारियाँ तड़पाते है, तो उस व्यक्त को खुशी नहीं मिलेगी। इसी प्रकार विद्या, पद, सुविधायें आदि सब कुछ होने पर भी स्वास्थ्य नहीं है, तो जीवन का सुख नष्ट हो जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि स्वास्थ्य अनमोल खजाना हैं ।

यह तो तय हुआ तो यह कैसे संभव होगा। हमें कुछ बातों पर ज़रूर ध्यान देना हैं । इन बातों में प्रमुख है संतुलित भोजन | संतुलित भोजन से तात्पर्य है कि हमारे शरीर के लिए आवश्यक भोजन सामग्रियाँ संतुलित मात्र में सही वक्त पर खाना । किसी एक ही प्रकार के भोजन से यह संभव नहीं होगा। दाना, फल, तरकारी, दूध आदि सभी प्रकार के भोजन हमारे लिए आवश्यक है। दूसरे बात है कि आवश्यक मात्रा में खाना । उम्र, मौसम, कामकाज आदि के अनुसार मात्रा में बदलाव लाना ज़रूरी है। उदाहरण के लिए खेतों में कठिन मेहनत करने वालों की मात्रा एक दफ्तर में कठिन काम करने वाले को नहीं चाहिए। उसी प्रकार उम्र बढ़ने के साथ भोजन की मात्रा कम करना ज़रूरी है। तीसरी बात है कि सही वक्त पर खाना है । अर्थात् हमारे शरीर को खाद्य पदार्थों की सही रूप में उपयुक्त करने के अंतराल देना है।

अगले प्रमुख बात स्वच्छ पर्यावरण से हैं। प्रदूषित पर्यावरण जीवन बिताने पर स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना ज्यादा है। पानी, वायु, ध्वनि आदि प्रदूषणों को काम करना बहुत ज़रूरी है। शहरों में प्रदूषण की मात्रा बड़ने के कारण वहाँ लोगों के स्वास्थ्य में बुरे असर हो रहे हैं।

अंतिम और ज़रूरी बात हैं आवश्यक व्यायाम और मनोरंजन । आधुनिक समाज में लोग अधिक व्यस्त होते जा रहे है। आवश्यक व्यायाम करने के लिए उन्हें समय नहीं मिल रहे हैं। योगा, खेलकूद, कराते, दौड़ना, तैरना आदि विविध प्रकार के व्यायामें के ज़रिये हमें अपने शरीर को तंदुरुस्त बनाये रखना है। इसमें योगा एक संपूर्ण व्यायाम है क्योंकि यह केवल शरीर को नहीं मन को भी बड़ी लाभदायक हैं। क्योंकि मन के स्वास्थ्य भी शरीर के स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं। तन और मन की स्वास्थ्य बनाये रखने से जीवन सफल हो जायेगा ।

प्रश्न 31.
रेलगाड़ी में सफ़र करेनेवाली वृद्ध संभ्रांत महिला की नज़र डिब्बे में चिपके हुए विज्ञापन पर पड़ती है। विज्ञापन बीमारियों से बचानेवाले 100% प्राकृतिक हैंडवॉश (Handwash) के बारे में है । वह विज्ञापन करें ।
उत्तर:
Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers 1

प्रश्न 32.
सही मिलान करें ।
Chats – कूड़ेदान
File – साझा करें
Input – सहेजें
Trash – संचिका
Save – प्रक्रिया
Share – रद्द करें
Cancel – अंतर्पात
Process – बातचीत
उत्तर:
Chats – बातचीत
File – संचिका
Input – अंतर्पात
Trash – कूड़ेदान
Save – सहेजें
Share – साझा करें
Cancel – रद्द करें
Process – प्रक्रिया

प्रश्न 33.
केरल में कोविड – 19 की तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकार की ओर से की गई कार्यवाइयों की जानकारी पाने के लिए राहुल, वि. के. नगर, कोड़िमाता, कोट्टयम की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्रालय, केरल सरकार के नाम सूचना का अधिकार पत्र तैयार करें ।
(तीरसी लहर – Third wave)
उत्तर:

Rs.10

सेवा में
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
स्वास्थ्य मंत्रालय,
केरल सरकार ।
आवेदक का नाम : राहुल,
और पता वि. के. नगर,
कोटिमाता,
कोट्टयम |
सूचना का विषय : केरल में कोविड – 19 की तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकार की ओर से की गई कार्यवाइयों की जानकारी ।

माँगी गई सूचना का
विवरण :

  1. केरल में कोविड -19 की तीसरी लहर को रोकने के लिए कौन-कौन सी योजनायें शुरू किये हैं ।
  2. कितने चिकित्सकों को इस बीमारी के रोकधाम के लिए नियुक्त किये हैं ।
  3. कितने अस्पताल में कोविड – 19 के चिकित्सा उपलब्ध हैं।
  4. सरकार कितने पैसे इन कार्यक्रमों के लिए खर्च किये हैं ।

सूचना डाक या दस्ती में : डाक द्वारा

कोट्टयम
10.10.2021

राहुल
हस्ताक्षर

Kerala Plus One Hindi Question Paper Sept 2021 with Answers

प्रश्न 34.
किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा करें।
• कथासार
• निदेशक की भूमिका
• पात्रों का अभिनय
• समग्रता
उत्तर:
माणिक्यकल्ल् – फिल्मी समीक्षा
निर्माता : गिरीश लाल
निर्देशक : एम्. मोहनन्
गीत : अनिल पनचूरान्, रमेश काविल्
संगीत : एम्. जयचन्द्रन्
कलाकार : पृथ्वीराज, संवृता सुनिल, नेडुमुड़ी वेणु आदि

गौरी मीनाक्षी सिनेमा के बैनर में बनाया हुआ ‘माणिक्यकल्ल्’ फिल्म एक अच्छा फिल्म है। इसका निर्माता है श्री गिरिश लाल् । फिल्म का निर्देशन किया है श्री एम्. मोहनन् ने । ‘माणिक्यकल्ल्’ एक विचारात्मक फिल्म है। फिल्म की कहानी इस प्रकार हैः वणान्मला सरकारी हाईस्कूल को एक गौरवशाली अतीत था । वर्तमान शिक्षामंत्री इस स्कूल के पूर्व विध्यार्थी थे। लेकिन, आज इस स्कूल की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो गयी है । आज स्कूल में पढ़ते हैं केवल 50 छात्र | स्कूल में 8 अध्यापक पढ़ाने के लिए सरकार से नियुक्त हैं। वे अपने सरकारी वेतन समय पर लेने के लिए अत्यंत उत्सुक रहते हैं। लेकिन, पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते। वे अपने अपने निजी काम-धंधों में लगकर पैसे कमाने में इच्छुक रहते हैं।

इस अवसर पर विनयचंद्रन् (पृथ्वीराज) नामक एक नया अध्यापक सरकार नियुक्ति से स्कूल में नौकरी करने के लिए आता है। नया अध्यापक छात्रों की उन्नति की ओर बड़ा ध्यान देने लगता है। पहले-पहले सह- अध्यापकों से उसे कोई सहयोग नहीं मिलता। लेकिन, विनयचंद्रन् अपने सह-अध्यापकों को इमानदार और ज़िम्मेदार रहने को प्रभावित करते हैं। धीरे-धीरे स्कूल बड़ा परिवर्तन आने लगता है।

विनयचंद्रन को चांदनी नामक अध्यापिका बड़ा साथ देती है। वह स्कूल की शारीरिक शिक्षा अध्यापिका थी । समय की गति में विनयचंद्रन और चांदनी के बीच प्यार होने लगता है। हेडमास्टर करुणाकर कुरुप्प (नेडुमुड़ी वेणु) विनयचंद्रन को अपने अधिकार और प्यार से बड़ा प्रोत्साहन देते हैं । अंत में
में स्कूल बड़ा बदलाव आता है। स्कूल में शत-प्रतिशत विजय होती है।

पृथ्वीराज और संवृता अपनी अभिनय कला से अनेक रोचक मुहूर्त देते हैं । इन्द्रन्स्, जगदीश, कोट्टयम् नसीर, सलीम कुमार आदि अभिनेताओं ने अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ दर्शकों को हँसाने में भी सफल हुए हैं ।

अनिल पनचूरान और रमेश काविल द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ता जाता है। एम्. जयचंद्रन् का संगीत भी अच्छा है। श्रेया गोशाल की आवाज़ में ‘चेम्परत्ती’….. बहुत सुरीली हो गयी है ।

फिल्म की फोटोग्राफी पी. सुकुमार ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से की है। रंजन एब्राहम् का संपादन (Editing) कुछ और अच्छा होना था। इससे फिल्म को अनावश्य लंबाई से बचा सकता था ।

‘माणिक्यकल्ल्’ में अच्छा संदेश शामिल हुआ है । आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ की याद हमें इस फिल्म से होती है ।

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