Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers

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Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers

Time: 2½ Hours
Total Score: 80 Marks

सूचना: 1 से 5 तक के उत्तर कोष्ठक से चुनकर लिखें । (5 × 1 = 5)

प्रश्न 1.
मधुऋतु – किसकी रचना है ?
(रामधारीसिंह दिनकर, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला)
उत्तर:
जयशंकर प्रसाद

प्रश्न 2.
“जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ?” – यहाँ “मैं” किसको सूचित करता है ?
बुलबुले को फूल को, चाँद को)
उत्तर:
चाँद को

प्रश्न 3.
“वह किसी अपराधी की भाँति सिर झुकाए रिक्शे के साथ-साथ चल रहा था ।” कौन ?
(यात्री, असलम, मित्र)
उत्तर:
यात्री

प्रश्न 4.
‘कहना नहीं आता’ किस विधा की है ?
(कहानी, कविता, निबन्ध)
उत्तर:
कविता

प्रश्न 5.
‘धूरि’ – शब्द का समानार्थी शब्द लिखें ।
(धूलि, कपड़ा, पेड़)
उत्तर:
धूलि

Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers

सूचना: कवितांश पढ़ें और 6 से 8 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

पत्थर की बैंच
जिसपर रोता हुआ बच्चा
बिस्कुट कुतरते चुप हो रहा है
जिसपर एक थका युवक
अपने कुचले हुए सपनों को सहला रहा है
जिसपर हाथों से आँखें ढाँप
एक रिटायर्ड बूढ़ा भर दोपहरी सो रहा है
जिसपर वे दोनों
ज़िंदगी के सपने बुन रहे हैं
प्रश्न 6.
रोता हुआ बच्चा कैसे चुप हो गया ? (1)
उत्तर:
रोता हुआ बच्चा बिस्कुट कुतरते चुप हो रहा है ।

प्रश्न 7.
रिटायर्ड बूढ़ा क्या कर रहा है ? (1)
उत्तर:
हाथों से आँखें ढाँप भर दोपहरी सो रहा है ।

प्रश्न 8.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखें । (6)
उत्तर:
यह कवितांश गद्य कविता ‘पत्थर की बैंच’ से प्रस्तुत है । ‘पत्थर की बैंच’ ‘समकालीन कविता है । इस कविता के कवि हैं सुप्रसिद्ध समकालीन कवि चंद्रकांत देवताले ।

कवि देखते हैं कि पार्क में वर्षों पुरानी एक पत्थर की बैंच पड़ी है। कवि उस बैंच के चार दृश्य हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं । एक दृश्य में एक रोनेवाला बच्चा पथर की बैंच पर बैठ कर रोता है। लेकिन वह विस्कुट कुतरते हुए चुप हो जाता है। दूसरे दृश्य में एक थका हुआ युवक अपने कुचले हुए सपनों को सहलाकर बैंच पर बैठा है। तीसरे दृश्य में एक रिटायर्ड बुढ़ा भरी दोपहरी में हाथों से आँखें ढाँपकर सो रहा हैं। चौथा दृश्य एक प्रेम-जोड़ा का है जो बैंच पर बैठकर जिंदगी के सपने बुन रहे हैं ।

कवितांश प्रतीकात्मक है । पत्थर की बैंच सार्वजनिक स्थल का प्रतीक है । उसपर बैठे चार प्रकार के लोग साधारण आमजनता का प्रतीक है । पत्थर की बैंच जैसे सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण करने की आवश्यकता की सूचना कवितांश में निहित है। सार्वजनिक स्थलों का संरक्षण करना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे स्थल साधारण लोगों के अनियंत्रित संवेदनाओं से भरी हुई है ।

कवितांश गद्यकविता की शैली में है । भाषा सरल और प्रवाहमय है । कवितांश द्वारा कवि के आशय हममें लाने में कवि सफल हुए हैं ।

प्रश्न 9.
सही मिलान करें । (8 × 1 = 8)
Cancel – अंतर्जाल
File – बहिर्पात
Internet – संसाधन
Output – सामाजिक
Public – कूड़ेदान
Resource – संचिका
Social – सार्वजनिक
Trash – रद्द करें
उत्तर:
Cancel – रद्द करें
File – संचिका
Internet – अंतरजाल
Output – बहिर्पात
Public – सार्वजनिक
Resource – संसाधन
Social – सामाजिक
Trash – कुड़ेदान

सूचनाः 10 से 14 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें । (3 × 2 = 6)

प्रश्न 10.
‘दुःख’ कहानी की हेमा क्यों रूठकर माँ के घर चली गया ?
उत्तर:
पति दिलीप सहेली के साथ सिनेमा देखने के कारण हेमा रूढ़कर माँ के घर चली गई ।

Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers

प्रश्न 11.
“छोटी-सी कुटिया मैं रच दूँ,
नयी व्यथा साथिन को !” – प्रेमी नई व्यथा साथिन के लिए क्या करना चाहता है ?
उत्तर:
प्रेमी नई व्यथा साथिन के लिए छोटी सी कुटिया में रचना चाहता हैं ।

प्रश्न 12.
“तुम्हें कहना नहीं आता” – यहाँ ‘तुम’ किन-किन का प्रतिनिधि है ?
उत्तर:
भारत के शोषित और उपेक्षित लोगों का प्रतिनिधित्व करता है ।

प्रश्न 13.
रेलगाड़ी में बैठकर महिला क्या कर रही थी ?
उत्तर:
रेलगाड़ी में बैठकर महिला, फूल और फलों के बीज खिड़की से बाहर फेंक रही थी ।

प्रश्न 14.
यात्री को लेकर रिक्शा चलाते समय असलम की परेशानी क्या थी ?
उत्तर:
असलम की दोनों गुर्दों में खराबी थी । इसलिए रिक्शा चलाने में बहुत पीड़ा थी ।

सूचना: 15 से 19 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर चार-पाँच वाक्यों में तैयार करे । (3 × 4 = 12)

प्रश्न 15.
दोहा पढ़ें और भाव लिखें ।
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय ।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय ।।
उत्तर:
कबीरदास कहते हैं कि दुख में हम सब ईश्वर का स्मरण करते हैं। लेकिन सुख के अवसर पर कोई भी ईश्वर का स्समरण नहीं करता । कवि पूछते हैं कि जो लोग सुख में ईश्वर का स्मरण करते हैं तो उनको दुख कैसे होगा? अर्थात् हमेशा ईश्वर – स्मरण में रहनेवालों को दुख कभी नहीं होता । यहाँ जीवन में ईश्वर स्मरण की ज़रूरत कवि हमें सिखाते हैं । सच्ची आध्यात्मिकता के मूल्य पर कवि यहाँ पर बल देते हैं ।

प्रश्न 16.
‘जुलूस’ नाट्यरूपान्तर के बीरबलसिंह के ये कथन पढ़ें ।
• ‘रुक जाओ …….. तुम लोगों को आगे जाने का हुक्म नहीं है ।”
• “यहाँ खड़े होने का भी हुक्म नहीं है! आप लोगों को वापस जाना पड़ेगा ।”
• “सिपाहियों, लाठी चार्ज करो ।”
• “अब मैं क्या करूँ अहिंसा के व्रतधारियों पर डंडे बरसना और बात है, हिंसक भीड़ का सामना करना और !”

इन कथनों के आधार पर बीरबलसिंह के चरित्र पर टिप्पणी लिखें ।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपान्तर में प्रस्तुत पाठभाग में बीरबल सिंह का चरित्र खलनायक (ഹല്ലൻ) का है ।

बीरबल सिंह दारोगा है। जुलूस में निकले स्वतंत्रता सानानियों को रोकने के लिए वह प्रयत्न करता है। अंग्रेज़ों का आज्ञानुवर्ती बनकर स्वतंत्रता सेनानियों को बड़ी क्रूरता से वह मारता है । वह एक निर्दय दारोगा है। जुलूस का नेता इब्राहिम अली के ऊपर बीरबल सिंह घोड़े को चढ़ाता है। स्वराजियों के अभिप्राय में बीरबल सिंह “जल्लाद दारोगा ! अंग्रेज़ों का पिट्ठ है ।”

बीरबल सिंह का चरित्र इतना नीच होने पर भी, यह वास्तव है कि अंत में वह अपने देशद्रोही कर्मों पर पछताता है ।

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प्रश्न 17.
जीवन – वृत्त के आधार पर जयशंकर प्रसाद के बारे में अनुच्छेद लिखें ।
नाम : जयशंकर प्रसाद
जन्म : 30 जनवरी, 1889
जन्मस्थान : वाराणासी, उत्तर प्रदेश
प्रमुख रचनाएँ : कामायनी, झरना, आँसू, स्कंदगुप्त, छाया, कंकाल आदि ।
विशेषताएँ : छायावादी कवियों में अग्रणी । साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन ।
मृत्यु : 14 जनवरी, 1937
उत्तर:

जयशंकर प्रसाद

छायावादी कवियों में अग्रणी श्री जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1889 में उत्तर प्रदेश के वाराणासी में हुआ था। आपके प्रमुख रचनायें है – कामायनी, झरना, आँसू, स्कंदगुप्त, छाया, कंकाल, आदि । आप साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन किया है। प्रसिद्ध साहित्यकार जयशंकर प्रसाद का मृत्यु 1937 जनवरी 14 का हुआ था ।

प्रश्न 18.
“आदमी का स्वप्न ? है वह बुलबुला जल का,
आज बनता और कल फिर फूट जाता है;”
चाँद ऐसा क्यों कहता है ?
उत्तर:
चाँद का विचार है कि आदमी केवल स्वप्न देखते हैं वह यथार्थ नहीं होते हैं। केवल कुछ समय केलिए जल से उगकर मिट जानेवाली बुलबुला के समान है. आदमी की स्वप्न ।

प्रश्न 19.
“हमारे पूर्वजों की इसी मनोवृत्ति का फल है, जो हम जगह-जगह अमराई देखते हैं।” कौन सी मनोवृत्ति ?
उत्तर:
हम जो सुख और सुविधायें आज अनुभव करते हैं । हमारे पूर्वजों का भी देन हैं। हम जो फल आज खाते हैं, जो रास्ता आज उपयोग करते हैं, जो इमारतें हम रहते हैं यह हमारी पुर्वजों का देन है। इस प्रकार हमारे कर्तव्यों का फल शायद हमारे आनेवाले पीढ़ी को मिलेगा इसलिए हमें केवल हमारे बारे में नहीं बल्कि दूसरों का भी ध्यान में रखकर करना चाहिए ।

सूचना : 20 से 24 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 3 के उत्तर लिखें। (3 × 6 = 18)

प्रश्न 20.
असलम की मृत्यु की घटना यात्री भूल नहीं सका । इसके बारे में बताते हुए वह अपने मित्र के नाम पत्र लिखता है । वह पत्र तैयार करें ।
• असलम की बीमारी एवं मृत्यु
• पिछले दिन की घटना
• हमदर्दी का अभाव,
उत्तर:
्रिय मित्र राम,
तुम केसे हो ? ठीक हो न ? मैं यहाँ पर ठीक हूँ। फिर भी, दो दिनों से मेरा मन बहुत दुःखित है। मेरे परिचय का एक रिक्शवाला था। वह मुझे रोज दफ्तर ले चलता था । उसका नाम असलम है । कल असलम की आकस्मिक मृत्यु हो गयी। उसकी मृत्यु में मेरा भी दायित्व (2010) है। उसके दोनों गुर्दों में खराबी थी। लेकिन उसके प्रति मेरी ओर से बड़ी उपेक्षा हो गयी। उसकी मृत्यु केलिए यह भी एक कारण बना। उसके प्रति मुझसे दिखाई गयी उपेक्षा से उत्पन्न पश्चाताप और अनुताप से मेरा मन विवश हो रहा है। असलम के प्रति मेरी श्रद्धांजलि जरूर है । फिर भी, राम मैं विवश हूँ ।
मुझे जवाब देकर सान्तवना देना ।

(हस्ताक्षर )
तुम्हारा मित्र,
सुकेश

सेवा में,
राम
गाँधी नगर,
कोच्ची

प्रश्न 21.
आपके स्कूल के ‘हिंदी मंच’ का उद्घाटन होनेवाला है । उद्घाटन जिलाधीश (District Collector) करेंगे। उद्घाटन समारोह की सूचना देते हुए एक आकर्षक पोस्टर तैयार करें ।
उत्तर:
Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers 1

प्रश्न 22.
खोमचेवाले लड़के के घर की हालत देखकर दिलीप दुखी हो गया। उसको असली दुख की पहचान हो गयी। उस दिन की दिलीप की डायरी में 40 – 60 लिखें ।
उत्तर:

तारीक

मिंटोपार्क नगर :
आज मैंने समझा कि सच्चा दुःख क्या है । सबेरे से हेमा के बारे में सोचकर मन चिंता से भरा था। फिर टहलने गया। बारिश का मौसम बीत गया था। फिर भी, शाम को सड़क और पार्क सुनसान था । मैं धीरे चलते वक्त सड़क पर एक बालक को देखा। वह सौदा बेच रहा था । उससे बातें करते समय मैंने समझ लिया कि उसका बाप मर गया था और माँ बीमार है । घर की परेशानी उसे इस ठंडी रात में सौदा बेचने के लिए मज़बूर करती है। मैंने उससे पूरा सौदा खरीदा और एक रूपया दिया। बाकी पैसे देने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। उसके साथ मैं उसके घर चला ।

कितनी दयनीय थी वहाँ की अवस्था ! रूखी रोटी पर गुस्सा उतारनेवाला बच्चा अब भी मेरे मन में है । घर में पैसा नहीं था। फिर भी मुफ्त के पैसे वे नहीं चाहते थे। उनके दुःख के सामने मेरा दुःख कितना छोटा है ? उसे और भी मैं जरूर मिलूँगा ।

प्रश्न 23.
“तो इस अपराध के लिए मुझे क्षमा कौन कर सकता है ?” छोटे भाई का मन अशांत था । वह अपने मित्र से पुरानी घटना के बारे में बात करता है । प्रस्तुत बातचीत तैयार करें।
• खड़ब्बल खेलना
• खड़ब्बल माथे पर लगना
• बड़े भाई को दंड मिलना
उत्तर:
उदय : अरे, राम तुम कैसे हो ?
राम : मैं ठीक हूँ उदय । तुम इतने उदास क्यों हो ?
उदया : क्या बताऊँ दोस्त, एक पुरानी याद आज भी मन को उदास बनाते है ।
राम : क्या बात है दोस्त ?
उदय : जब मैं छोटे थे, बड़े भाई के साथ एक हादसा हुआ था ।
राम : ठीक तरह से बताओ दोस्त ।
उदय : बड़े भाई और दोस्त खडबल खेल रहे थे। मैं दुर्बल होने के कारण खेल में भाग नहीं ले रहे थे । मुझे बहुत खुस्सा आ रहा था ।
राम : फिर
उदय : मैं कुछ देर अकेले अपनी खड़ब्बल को एक पत्थर पर फेंक रहे थे। वह पत्थर पर टकराकर उल्टे मेरे माथे पर लगा। खून बहाने लगा । मैं भागकर घर जाकर कहा कि भाई ने मारा ।
राम : फिर क्या हुआ ।
उदय : पिताजी भाई को बहुत मारा। भाई मुझसे सच बोलने के लिए आँखों से माँग रहे थे। लेकिन मैं कुछ नहीं बताया। वह पूरा मार खा लिया। कुछ देर बाद मैं सच कहना चाहा लेकिन बहुत देरी की ।
राम : वह तुम अच्छा नहीं किया ।
उदय : हाँ, दोस्त में बहुत बड़ा गलती किया। वह गलती का दुःख मुझे आज भी है। भाई वह सब भूल चुका हूँ। लेकिन कभी कभी उस दिन की बात मेरी आँखों के सामने आते हैं । और मैं बहुत दुखी होता हूँ ।
राम : तुम, उदास मत हो । तुम अपनी भाई से माफी माँगो । तुम्हें सुकून मिलेगा ।
उदय : वह इस बात को याद करते ही नहीं ।
राम : तुम्हारे मन में पश्ताताप है ना? वही काफी है । आगे ऐसा बातों से सतर्कता रखिए ।
उदय : हाँ दोस्त, मैं कोशिश करूँगा ।
राम : धन्यवाद

Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers

प्रश्न 24.
अंग्रेज़ी संवाद का हिंदी में अनुवाद करें ।
Diya : Hai Reena, how are you,
Reena : I am fine. How was your examination ?
Diya : It was very easy
Reena : What is your next plan ?
Diya : I would like to study ‘Hindi journalism’.
Reena : OK. Very Good .
(easy – आसान, plan – योजना, journalism – पत्रकारिता)
उत्तर:
दिया : अरे रीना, तुम कैसे हो ?.
ना : मैं ठीक हूँ, तुम्हारे परीक्षा कैसी थी ?
दिया : वह बहुत आसान था ।
रीना : तुम्हारी अगली योजना क्या है ?
दिया : मैं हिंदी पत्रकारिता पढ़ना चाहता हूँ ।
रीना : ठीक है । बहुत अच्छा ।

सूचना: गद्यांश पढ़ें और प्रश्न संख्या 25, 26 के उत्तर लिखें ।

राजधानी में डेंगू और मलेरिया के मामलों का बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है । ऐसे समय में जबकि कुछ राज्यों में मलेरिया विभाग समाप्त कर दिया गया है, दिल्ली में मलेरिया फैलना निःसंदेह किसी लापरवाही की ओर संकेत करता है। हर वर्ष बरसात में बीमारियों का फैलना इस बात का प्रमाण है कि इसके स्थायी निवारण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा ईसीसे लगाया जा सकता है कि अकेलि यमुनापार के इलाके में मलेरिया के 29 मामले सामने आए हैं । हर साल सरकार इन बीमारियों की रोकथाम के लिए उपाय करने की बात कहती है, लेकिन बीमारियों पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगायी जा सकी है ।
प्रश्न 25.
दिल्ली में मलेरिया का फैलना किसकी ओर संकेत करता है ? (1)
उत्तर:
दिल्ली में मलेरिया फैलना निःसंदेह किसी लापरवाही की ओर संकेत करता है ।

प्रश्न 26.
खंड का संक्षेपण करें और शीर्षक दें । (6)
उत्तर:

बीमारियों की रोकथाम

राजधानी दिल्ली में डेंगु और मलेरिया फैलना लापरवाई की संकेत है। यमुनापुर इलाके में मलेरिया के 29 मामले आए है। हर साल आनेवाली इन मामलाओं के रोकने के लिए प्रभावी तरीके अपनाना चाहिए ।

सूचना: 27 से 30 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 2 के उत्तर लिखें । (2 × 8 = 16 )

प्रश्न 27.
किसी मनपसंद फिल्म की समीक्षा करें ।
• फिल्म का कथासार
• निदेशक की भूमिका
• पटकथा, पात्र, छायांकन
• फिल्म के प्रति अपना दृष्टिकोण
उत्तर:

तारे ज़मीन पर

बच्चे ओस की बूँदों की तरह एकदम शुद्ध और पवित्र होते हैं। वे कल के नागरिक हैं, लेकिन दुःख की बात है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर तमाम बंदिशों में रहना पड़ता है। आठ वर्षीय ईशान अवस्थी (दर्शील सफ़ारी) का मन पढ़ाई के बजाय कुत्तों, मछलियों और पेटिंग में लगता है। उसके माता-पिता चाहते हैं कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता। ईशान घर पर माता-पिता की डाँट खाता है और स्कूल में शिक्षकों की। कोई भी यह जानने की कोशिश नहीं करता कि ईशान पढ़ाई पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। इसके बजाय वे ईशान को बोर्डिंग स्कूल भेज देते हैं ।

खिलखिलाता ईशान वहाँ जाकर मुरझा जाता है । वह हमेशा सहमा और उदास रहने लगता है। उस पर निगाह जाती है आर्ट टीचर रामशंकर निकुंभ (आमिर ख़ान) की । निकुंभ उसकी उदासी का पता लगाते हैं और उन्हें पता चलता है कि ईशान बहुत प्रतिभाशाली, लेकिन डिसलेक्सिया की बीमारी से पीड़ित है । उसे अक्षरों को पढ़ने में तकलीफ़ होती है । अपने प्यार और दुलार से निकुंभ ईशान के अंदर छिपी प्रतिभा को सबके सामने लाते हैं ।

कहानी सरल है, जिसे आमिर ख़ान ने बेहद प्रतिभाशाली तरीके से परदे पर उतारा है। पटकथा की बुनावट एकदम चुस्त है। छोटे-छोटे भावनात्मक दृश्य रखे गए हैं, जो सीधे दिल को छू जाते हैं । ईशान का स्कूल से भागकर सड़कों पर घूमना, ताज़ा हवा में साँस लेना, बिल्डिंग के कलर होते देखना, फुटपाथ पर रहनेवाले बच्चों को आज़ादी से खेलते देखकर उदास होना, बरफ़ का लड्डू खाना जैसे दृश्यों को देख कई लोगों को बचपन की याद ताज़ा हो जाएगी। सभी बच्चों का दिमाग और सीखने की क्षमता एक – सी नहीं होती । फ़िल्म देखते समय हर दर्शक इस बात को महसूस करता है ।

ईशान की भूमिका में दर्शील सफ़ारी इस फ़िल्प की जान है । अमीर ख़ान मध्यांतर में आते हैं और छा जाते हैं । टिस्का चोपड़ा (ईशान की मम्मी) ने एक में की बेचैनी को उम्दा तरीके से पेश किया है। विपिन शर्मा (ईशान के पापा), सचेत इंजीनियर और सारे अध्यापकों का अभिमय भी अच्छा है। प्रसून जोशी द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ जाता है। शंकर- अहसान-लॉय का संगीत भी अच्छा है। फ़िलम की फोटोग्राफी बहुत ही प्रभावशाली हैं ।

प्रश्न 28.
बाज़ार में एक नयी ‘मॉडल कार’ निकली है । उसकी बिक्री बढ़ाने के लिए आकर्षक विज्ञापन तैयार करें ।
• आकर्षक चार रंगों में
• ज़्यादा मैलेज
• कम दाम
• पाँच वर्ष की वारंटी
उत्तर:
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प्रश्न 29.
‘वर्तमान समाज में व्यायाम की आवश्यकता’ – विषय पर स्कूल में एक संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है। उसके लिए आलेख तैयार करें। ( 80 – 100 शब्दों में)
• व्यायाम का स्थान
• व्यायाम के लाभ
• स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन
• व्यायाम, जीवन का अमूल्य धन
उत्तर:
पूज्य अध्यापकों, मेरे प्रिय मित्रों, नमस्कार ।
आज मैं वर्तमान समाज में व्यायाम की आवश्यकता विषय में एक आलेख प्रस्तुत कर रहा हूँ। ध्यान से सुनिए ।

बचपन से, हमें सुनते आये एक लोकोक्ति है-
‘संपत्ति नष्ट हुआ, कुछ भी नष्ट नहीं हुआ ।
स्वास्थ्य नष्ट हुआ, कुछ नष्ट हुआ ।
चरित्र नष्ट हुआ, सब कुछ नष्ट हुआ ।

आर्थात्, हमारा चरित्र ही सबसे महत्वपूर्ण होता है और तंदुरुस्ती भी आवश्यक है। लेकिन संपत्ति नष्ट होने से कुछ भी हानी नहीं है। आजकल होते क्या है संपत्ति के लिए स्वास्थ्य और चरित्र नष्ट करने केलिए हम तैयार होते हैं । क्या है इसका नतीजा, हमारा जीवन, व्यर्थ हो जाते हैं। तो हमें संपत्ति के बदले स्वास्थ्य केलिए परिश्रम करना चाहिए। एक और लोकोक्ति है कि तंदुरुस्त शरीर में ही तंदुरुस्त मन होंगे। मन से ही चरित्र निर्माण होता है। अर्थात् सबसे प्रमुख चरित्र केलिए हमें पहले स्वास्थ्य शरीर बनाये रखना चाहिए ।

यह कैसे संभव होगा। एक ही उपाय है – व्यायाम | नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ्य रहेंगे । यह आसान बात नहीं है । नियमित और सही मात्रा में व्यायाम करना आधुनिक समाज में सही जीवन बिताने आदि केलिए ज़रूरी है । हमारा उम्र, समय, कामकाज, के अनुसार सही प्रकार के व्यायाम को चुनना चाहिए। चलना, दौड़ना, तैरना आदि से लेकर तकनीक के सहारे लेकर भी व्यायाम कर सकते है । स्थान, जगह और समय की कमी है तो घर में ही व्यायाम करने की सुविधा है ।

आजकल तरह तरह के बीमारियों से लोग तड़पते रहते हैं। उनमें ज्यादा हमारा जीवन में व्यायाम की कमी से शुरू होते हैं। डाक्टरों और आस्पताल में जाने से बेहतर है व्यायाम करके स्वस्थ रहें ।

तो हमें प्रतिज्ञा लेना है कि हम सही डंग से व्यायाम करके हमारे इस जीवन को और सार्थक करेंगे।

इतना कहकर मैं इस छोटा सा आलेख समाप्त करता हूँ। इसमें कुछ जोड़ना है तो, जोड़ सकते हैं । कोई कमियाँ है तो सुधार भी सकते हैं। इतने समय तक मेरा आलेख सुने सभी लोगों को धन्यवाद ।

Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2020 with Answers

प्रश्न 30.
ये सुर्खियाँ पढ़ें ।
छात्रों में नशीली चीज़ों का अधिक उपयोग ।
नशीले पदार्थों की बिक्री : युवक गिरफ्तार ।
स्कूल के पास नशीली चीजें पुलिस का जागरण ।

स्कूल के पास नशीली चीज़ों के उपयोग को रोकने को पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाइयों की सूचना पाने के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, जिला पुलिस कार्यालय, कण्णूर के नाम प्रधान अध्यापक, जी. एच. एस. एस. कण्णूर की ओर से भेजने वाला ‘सूचना अधिकार पत्र’ तैयार करें ।
उत्तर:
प्रेषक,
प्रधान अध्यापक,
जि.एच.एस.एस.,
कण्णूर ।

सेवा में
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
जिला पुलिस कार्यालय,
कण्णूर ।

महोदय,
विषय : स्कूल के पास नशीली चीज़ों के उपयोग को रोकने को पुलिस द्वारा की गई कार्यवाइयों से संबंधित
संदर्भ : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

  1. स्कूल के पास नशीली चीज़ों को कने के लिए कौन-कौन सी जागरण कार्यक्रम शुरू किया है ।
  2. स्कूलों के पास से इस मामले में कितने केस दर्ज किया है ।
  3. छात्रों को नशीली पदार्थों के देनेवालों को किस प्रकार का दंड दिया जाते हैं ।
  4. नशीली पदार्थों के उपयोग छात्रों में देखे जाये तो किस प्रकार पुलिस को सूचना देना है ।
  5. पुलिस द्वारा इन मामलों में किये गये अन्य योजनायें क्या क्या है ?

भवतीय,
हस्ताक्षर
प्रधान अध्यापक

कण्णूर,
10/07/2018

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