Kerala Syllabus Class 10 Hindi Model Question Paper Set 3

Reviewing solved Hindi Question Paper Class 10 Kerala Syllabus Set 3 helps in understanding answer patterns.

Hindi Class 10 Kerala Syllabus Model Question Paper Set 3

सामान्य निर्देश:

  • पहला पंद्रह मिनट कूल ऑफ़ टाईम है।
  • इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।

Time: 1½ Hours
Total Score: 40 Marks

सूचना: ‘बसंत मेरे गाँव का’ लेख का अश पढ़कर 1 से 3 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

वे जानवरों के साथ साथ कीड़ाजड़ी, करण और चुरु जैसी दुर्लभ हिमालयी जड़ी व औषधियाँ भी बेचते हैं। इन गाँवों से इनका सदियों का रिश्ता है, इसलिए उसी वक्त पूरी कीमत चुकाना ज़रूरी नहीं होता। बर्फीले मौसम में निचले इलाकों की ओर जाते वक्त पुरानी वसूली की जाती है। मज़े की बात है कि नकद उधार के आंकड़े कहीं दर्ज नहीं होते।

Question 1.
नकद उधार के आंकड़े कही दर्ज नही होते। यहा के लोगों की कौन सी विशेषता यहां प्रकट होता है ?
क) धोखेबाज है।
ख) कामचोर है ।
ग) सामान खरीदने के बाद दाम न देनेवाले हैं।
घ) आपसी विश्वास रखनेवाले हैं।
Answer:
आपसी विश्वास रखनेवाले हैं।

Kerala Syllabus Class 10 Hindi Model Question Paper Set 3

Question 2.
पशुचारक क्या- क्या बेचने हैं?
Answer:
पशुचारक जानवरों के साथ साथ कीड़ाजड़ी, करण और चुरु जैसी दुर्लभ हिमालयी जड़ी और औषधियाँ बेचते हैं।

Question 3.
पशुचारक और ग्रामवासियों के बीच का बातचीत लिखें।
अथवा
गाँववालों की मासूमियत पर टिप्पणी लिखें।

  • आपसी विश्वास रखनेवाले हैं
  • छल कपट आदि नहीं।
  • प्राकृतिक वस्तुओं से प्यार रखनेवाले है

सूचना: ‘गुठली तो पराई है’ कहानी का अंश पढ़कर प्रश्न 4 से 6 तक के उत्तर लिखें।

ऐसा मत करो,” “ऐसे पट – पट मत बोलो, ” “ऐसे धम धम मत चलो…….” एक दिन गलती से उसने पूछ ही किया, “क्यों ?” तो बस शुरू हो गई, “अरे छोरी, लोग नाम तो तेरी माँ को ही रखेंगे। कहेंगे कुछ सिखाया ही नहीं। ऐसे ही करेंगी क्या अपने घर जाकर ?” गठली बोली, ” अपना घर ? यही तो है मेरा घर, जहाँ में पैदा हुई।”

Answer:
क)
पशुचारक : आज खुशी का दिन है। हमें अपने परिवारवालों और आप लोगों से मिलने का समय है।
ग्रामवासी : इन दिनों आप लोगों का खाने का इंतज़ाम कैसा था ?
पशुचारक : हम स्वयं पकाकर खाता था । हमारे जानवर वहाँ के चरागाहों में चरते रहें ।
ग्रामवासी : ये दुर्लभ औषधियाँ आपको कैसे मिलें?
पशुचारक : हम वन के अंदर जाएँ और वहाँ से इकट्ठा करें।
ग्रामवासी : भाई, मेरे पास अब इतने ही रुपए हैं।
पशुचारक : बस, जितना है वह दीजिए।
ग्रामवासी : तो ठीक।

(ख) गाँववाले आपसी विश्वास रखनेवाले हैं। प्राकृतिक संसाधनों से वे प्यार करते हैं। पशुचारक जो जो विशिष्ट वस्तु लाते हैं, वे उन्हें खरीदकर दाम देते हैं। इन गाँवों से इनका सदियों का रिश्ता है। इसलिए वस्तुएँ खरीदते वक्त पूरी कीमत चुकाने की ज़रूरत नहीं। बर्फीले मौसम में निचले इलाकों की ओर जाते वक्त पुरानी वसूली की जाती है। नकद – उधार के आँकड़े कहीं दर्ज नहीं होते। आपसी विश्वास ही इसका कारण है।

Question 4.
गुठली से बडी बुआ की नसीहते क्या क्या थीं।
Answer:
ऐसा मत करो, ऐसे पट पट मत बोलो, ऐसे धम धम मत चलों आदि नसीहतें देती थीं।

Question 5.
गुठली बडी बुआ से बात करना नही चाहती। क्यों?
Answer:
गुठली बड़ी बुआ से बात करना नहीं चाहती क्योंकि वे हमेशा उसको नसीहतें देती थीं।

Kerala Syllabus Class 10 Hindi Model Question Paper Set 3

Question 6.
कहानी के उपर्युक्त अंश के आधार पर पटकथा का एक दृश्य लिखें।
अथवा
‘समाज में स्त्री पुरुष में समता नही तो फल क्या होगा। विषय पर लेख तैयार करे
सूचना: ‘हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था’ कविता की ये पंक्तियाँ पढ़कर 7 से 9 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।
हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था
व्यक्ति को मैं नहीं जानता था
हताशा को जानता था।
इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया।
मैं ने हाथ बढ़ाया।
Answer:
क) पटकथा
बुआ : पचास साल की, साडी पहनी है।
गुठली : छोटी लड़की, फ्राक पहनी है।
समय : सबेरे दस बजे ।
(सदुपदेश देनेवाली बुआ और गुठली अपने घर में ।)
बुआ : ओ गुठली, ऐसा मत करो, ऐसा पट पट मत बोलो।
गुठली : बुआ, ऐसा क्यों कहती है ?
बुआ : अरे, तू लड़की है न?
गुठली : लड़की होना क्या दोष है ?
बुआ : अरे छोरी, लोग नाम तो तेरी माँ को ही रखेंगे। कहेंगे कुछ सिखाया ही नहीं ।
गुठली : बुआ, आप ऐसा क्यों कहती हैं ? लड़की और लड़का एक समान है।
( गुठली रुआँसा मुँह से बाहर जाती है ।)

(ख) संविधान लड़कियों और लड़कों को समान अवसर और अधिकार देता है। लेकिन समाज में लड़कियों को समान अधिकार नहीं मिलता है। बचपन से ही वह अपने घर में पराये घर की मानी जाती है। पति का घर ही उसका असली घर है । समाज भी लड़कियों को पढ़ने का अवसर न देता है। कुछ नौकरियों पर लड़कियों को अवसर न मिलते हैं। बदलते समय के साथ हमें अपनी मानसिकता भी बदलनी होगी। लड़का और लड़की को एक समान समझें। समाज में पुरुष के समान ही स्त्री मानना है। ऐसा हो तो लड़की भी आगे बढ़ें और उसमें आत्मविश्वास भी होंगी।

Question 7.
‘हाथ बढ़ाना’ का अर्थ क्या है ?
(क) सहायता करना
(ख) हाथ ऊपर उठाना
(ग) प्यार करना
(घ) हाथ पीछे उठाना
Answer:
सहायता करना

Question 8.
‘व्यक्ति को न जानना’ और ‘हताशा को जानना’ का मतलब क्या है ?
Answer:
‘व्यक्ति को न जानना’ का अर्थ है उसके नाम, पता, उम्र या जाति से न जानना। ‘हताशा को जानना’ का मतलब है उसके दर्दों से जानना । ‘व्यक्ति को जानना’ और ‘हताशा को जानना’ दोनों अलग है।

Question 9.
कवि और कविता का परिचय देते हुए इन पंक्तियों का आशय लिखें।

सूचना: ‘आई एम कलाम के बहाने’ फिल्मी लेख पढ़कर 10 से 12 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

फ़िल्म में हमारे नायक का असल नाम ‘कलाम’ नहीं है। ढाणी पर काम करनेवाले और बच्चों की तरह उसे भी सब छोटू कहकर बुलाते हैं। उसकी माँ जैसलमेर के किसी सुदूर देहात से आकर उसे भाटी सा की चाय की थड़ी पर काम करने के लिए छोड़ जाती है। वह अंग्रेज़ी तो क्या, हिंदी भी ठीक से नहीं जानती। लेकिन छोटू सिर्फ छोटू होकर नहीं जीना चाहता। वह खुद ही अपना नाम ‘कलाम’ रख लेता है।

Answer:
विनोदकुमार शुक्ल समकालीन हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि है।
यहाँ कवि मानवीय संवेदनाओं को मुख्य स्थान देते हैं। कवि कहते हैं कि हम एक व्यक्ति को जाति या नाम से नहीं, उसकी हताशा से जानना है। कई प्रकार के मानसिक संघर्षों से गुज़रते मानव हमारे समाज में हैं। हमें उन्हें पहचानकर उनकी सहायता करना है।

Kerala Syllabus Class 10 Hindi Model Question Paper Set 3

Question 10.
फिल्म का नायक अपना नाम कलाम रखा क्योंकि –
(क) वह कलाम नाम पसंद करता है।
(ख) वह कलाम बनना चाहता है।
(ग) वह कलाम के साथ काम करता है।
(घ) वह कलाम का पड़ोसी बनना चाहता है।
Answer:
वह कलाम बनना चाहता है।

Question 11.
लेकिन छोटू सिर्फ छोटू होकर नहीं जीना चाहता तो वह कैसे जीना चाहता है ?
Answer:
वह अब्दुल कलाम जी के भाषण से प्रभावित होकर कलाम बनना चाहता है। इसलिए वह छोटू नाम के बदले अपना नाम ‘कलाम’ रखता है।

Question 12.
भाटी सा की चाय की थड़ी पर काम करने आए कलाम देहात पर रहनेवाले अपने मित्र के नाम पत्र लिखता है। संभावित पत्र कल्पना करके लिखें।

सूचना: ‘टूटा पहिया’ कविता का अंश पढ़कर 13 से 15 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी
बड़े – बड़े महारथी
अकेली निहत्थी आवाज़ को
अपने ब्रह्मास्त्रों से कुचल देना चाहे
तब मैं
रथ का टूटा हुआ पहिया
उसके हाथों में
ब्रह्मास्त्रोंसे लोहा ले सकता हूँ।

Answer:

स्थान ।
तारीख।

प्यारा मित्र,

मैं अब छोटू नहीं, कलाम बन गया है। तुम सोचे यह कैसे ? यार, मैं अब एक चाय की दुकान पर काम करता हूँ। क्या तुम्हें हमारे आदरणीय भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को मालूम है? मुझे उनका भाषण सुनने का अवसर मिला। आप के अनुसार पढ़ने को समय नहीं, लक्ष्य हो तो हम विजय प्राप्त कर सकें। अरे, मैं ने अब अपना नाम ही बदला। मेरा लक्ष्य कलाम बनना है। मैं कलाम बनूँ । माँ – बाप को प्रणाम । तुम्हारे पत्र की प्रतीक्षा में,

प्यारा दोस्त
हस्ताक्षर
नाम ।

सेवा में
नाम ।
घर का नाम ।
स्थान ।

Question 13.
समानार्थी शब्द कवितांश से पहचानकर लिखें।
चक्र
Answer:
पहिया

Question 14.
अकेली निहत्थी आवाज़ किसकी है?
Answer:
निरायुध व्यक्ति की, जिसको संसार में कोई बड़ा स्थान या धन नहीं, आवाज़ है।

Question 15.
कविता की आस्वादन टिप्पणी लिखें।
सूचना: ‘दिशाहीन दिशा’ यात्रावृत्त पढ़कर 16 और 17 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

बूढ़े मल्लाह ने एक गज़ल छोड़ दी। उसका गला काफ़ी अच्छा था और सुनाने का अंदाज़ भी शायराना था।
काफ़ी देर चप्पुओं को छोड़े वह झूम – झूम कर गज़लें सुनाता रहा।

Answer:
अर्जुन के वीर पुत्र अभिमन्यु ने अधर्म के पक्ष में लड़नेवाले योद्धाओं को चुनौती देता हुआ चक्रव्यूह में प्रवेश किया। बड़े बड़े महारथि अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी निहत्थे, असहाय बालक अभिमन्यु की आवाज़ को न मानते हैं। उनसे मुकाबला करने के लिए अभिमन्यु रथ के टूटे पहिये को साथ लेता है।

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Question 16.
‘कवि’ के समान अर्थावाला शब्द कौन
(क) मल्लाह
(ख) अंदाज़
(ग) चप्पु
(घ) शायराना
Answer:
शायराना

Question 17.
आशय समझकर सही मिलान करें। सा है?

उसका गला एक गज़ल छोड़ दी।
बूढ़े मल्लाह ने ‘गजलें सुनाता रहा।
वह झूम झूमकर काफ़ी अच्छा था

Answer:

उसका गला काफी अच्छा था ।
बूढ़े मल्लाह ने एक गज़ल छोड़ दी।
वह झूम झूमकर गज़लें सुनाता रहा।

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