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Kerala Syllabus Class 10 Hindi Board Model Paper March 2020 with Answers
Time: 1½ Hours
Total Score: 40 Marks
सामान्य निर्देशः
- पहला पंद्रह मिनट कूल ऑफ़ टाईम है।
- इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयार करें।
सूचना: ‘गुठली तो पराई है’ कहानी का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 1 से 3 तक के उत्तर लिखें।
गुठली रोने लगी, तो बुआ ने डाँटा, ‘क्या शादी के घर में मनहूसियत फैला रही हो ? तभी माँ ने अपने हाथ से उसके नाम कार्ड पर लिख दिया। ये अक्षर छपाई जैसे नहीं थे, फिर भी गुठली माँ के प्यार से मान गई।
प्रश्न 1.
गुठली रोने लगी। क्यों? (1)
(क) कार्ड में बुआ का नाम नहीं था।
(ख) कार्ड में माँ का नाम नहीं था।
(ग) कार्ड में गुठली का नाम नहीं था।
(घ) कार्ड में भाई का नाम नहीं था।
उत्तर:
(ग) कार्ड में गुठली का नाम नहीं था।
प्रश्न 2.
माँ ने गुठली से अपना प्यार कैसे प्रकट किया? (2)
उत्तर:
माँ ने अपने हाथ से उसका नाम कार्ड पर लिख दिया। ये अक्षर छपाई जैसे नहीं थे। इस प्रकार माँ ने गुठली से अपना प्यार प्रकट किया।
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प्रश्न 3.
कार्ड देखकर गुठली दुखी हुई। लेकिन माँ के प्यार से वह मान गई। गुठली उस दिन का अनुभव डायरी में लिखती है। वह डायरी कल्पना करके लिखें। (4)
अथवा
गुठली अपना अनुभव बताते हुए सहेली के नाम पत्र लिखती है। वह पत्र कल्पना करके लिखें।
उत्तर:
दिन,
दिनांक
उफ! न जाने आज कैसा दिन था! एकदम बुरा दिन। यह दिन मैं कभी भी भूल नहीं सकती।
दीदी की शादीवाले कार्ड पर सिर्फ अपना नाम नहीं । भैया के छोटे-से बेटे का नाम उसमें है। मैं ताऊजी के पास जाकर पूछने पर कहा, छोरियों के नाम कार्ड पर नहीं छपते। मेरा नाम अपनी शादी के कार्ड पर ही छपेगा। अन्याय है। बुआ भी डाँटने लगी। मगर मेरी माँ…… वे कितनी अच्छी हैं… माँ ने अपने हाथ से मेरा नाम कार्ड पर लिख दिया। मगर छपाई जैसे सुंदर नहीं थे। ताऊ और बुआ क्यों ऐसे हैं? लड़का-लड़की में भेदभाव क्यों? मैं मानूँगी नहीं।
बस….. आज इतनी ही बाकी कल बहुत नींद आ रही है। शुभरात्री।
अथवा
स्थान,
तारीख
प्रिय सहेली देविका,
तुम कैसी हो? पढ़ाई कैसी चल रही है? यहाँ अगले हफ़ते परीक्षाएँ शुरू होनेवाली है। एक खास बात बताने के लिए मैं यह पत्र लिख रही हूँ।
तुम्हें पता है न अगले हफ़्ते मेरी दीदी की शादी होनेवाली है। घर में शादी के कार्ड छपके आए। मगर कार्ड पर मेरा नाम नहीं था। मेरे भैया के छोटे-से बेटे का नाम है जो अभी बोल भी नहीं सकता है। ताऊजी से पूछने पर उन्होंने कहा कि छोरियों के नाम कार्ड पर नहीं छपते। मैं रोने लगी तो बुआ मुझे डाँटने लगी। क्या करूँ? तब माँ ने अपने हाथ से मेरा नाम कार्ड पर लिख दिया। मगर ये अक्षर छपाई जैसे सुंदर नहीं थे। लड़का-लड़की पर जो भेदभाव है वह मानने को तैयार नहीं हूँ। यह बड़ा अन्याय है।
बस….. अब इतना ही बाकी अगले पत्र में घर में माँ- बाप को मेरा प्रणाम। तनु को प्यार तुम्हारे पत्र की प्रतीक्षा में।
तुम्हारी सहेली
गुठली
(हवार)
सेवा में
नाम
पता
सूचना: ‘सबसे बड़ा शो मेन’ जीवनी का यह अंश पढ़ें, प्रश्न 4 और 5 के उत्तर लिखें।
माँ और मैनेजर में बहस होते देख वह वहाँ गया। मैनेजर ने चार्ली को माँ के कुछ दोस्तों के सामने अभिनय करते देखा था और वह उसे स्टेज पर भेजने की जिद करने लगा। माँ डर गई। पाँच साल का बच्चा इस उग्र भीड़ को झेल पाएगा।
प्रश्न 4.
मैनेजर चार्ली को स्टेज पर भेजने के लिए क्यों ज़िद करने लगा? (1)
(क) चार्ली मैनेजर का प्यारा था।
(ख) चार्ली की माँ अभिनेत्री थी।
(ग) मैनेजर ने चार्ली का अभिनय देखा था।
(घ) चार्ली मैनेजर का पड़ोसी था।
उत्तर:
मैनेजर ने चार्ली का अभिनय देखा था।
प्रश्न 5.
मैनेजर ने चार्ली को स्टेज पर भेजना चाहा। लेकिन माँ तैयार नहीं हुई। इसपर चार्ली की माँ और मैनेजर के बीच की बातचीत लिखें। (4)
उत्तर:
माँ : अब क्या करें साहब?
मैनेजर : तुम चार्ली को स्टेज पर भेजो।
माँ : चार्ली? वह कैसे?
मैनेजर : वह बड़ा होशियार है।
माँ : पाँच साल का लड़का?
मैनेजर: मैंने उसे तुम्हारे कुछ दोस्तों के सामने अभिनय करते देखा था।
माँ : हाँ………….. मगर………
मैनेजर : तुम डरो मत…….. तुम उसे स्टेज पर भेजो।
माँ : जी….. मुझे डर लगती है।
मैनेजर : चिंता मत करो। वह संभालेगा।
सूचना: ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं’ कविता की ये पंक्तियाँ पढ़ें और प्रश्न 6 से 8 तक के उत्तर लिखें।
कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं
सुबह-सुबह
बच्चे काम पर जा रहे हैं
हमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति है यह
भयानक हे इसे विवरण की तरह लिखा जाना
लिखा जाना चाहिए इसे सवाल की तरह
काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे?
प्रश्न 6.
बच्चे काम पर कब जा रहे हैं? (1)
उत्तर:
बच्चे बड़े सवेरे काम पर जा रहे हैं।
प्रश्न 7.
‘भयानक पंक्ति’ – इसमें विशेषण शब्द कौन-सा है? (1)
उत्तर:
भयानक
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प्रश्न 8.
कवि और कवित का परिचय देते हुए प्रस्तुत पंक्तियों का आशय लिखें। (4)
उत्तर:
हिंदी के समकालीन कवि राजेश जोशी की एक समकालीन कविता है- बच्चे काम पर जा रहे हैं। बालश्रम दुनिया भर की एक गंभीर समस्या है। यह एक कानूनन अपराध है। इसे रोकना ज़रूरी है।
कवि कहते हैं कि छोटे-छोटे बच्चे बड़े सबेरे काम के लिए जा रहे हैं। यह आज के इस ज़माने की एक गंभीर बात है। यह असल में समाज के लिए एक सवाल ही है। कवि समाज से सवाल करते हैं कि बच्चे ऐसे क्यों काम के लिए जा रहे हैं?
यह एक प्रतीकात्मक कविता है। ऐसा कहा जाता है कि ‘आज का बच्चा कल का नागरिक है’। ‘बच्चों की मुस्कान कल की शान है’। बच्चों को खेलने और पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। यह कविता बिलकुल प्रासंगिक है।
सूचना: ‘आई एम कलाम के बहाने’ फिल्मी लेख का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 9 से 11 तक के उत्तर लिखें।
छोटू सिर्फ छोटू होकर नहीं जीना चाहता। वह खुद ही अपना नाम कलाम रख लेता है। इस नाम में उसकी आकांक्षाओं का अक्स है। उसके हाथ की बनाई चाय में जादू है। भाटी सा भी उसकी कलाकारी की वाहवाही करते नहीं थकते।
प्रश्न 9.
छोटू सिर्फ छोटू होकर नहीं जीना चाहता। – इसका मतलब क्या है? (1)
(क) भाटी जैसा बनना।
(ख) कलाम जैसा बनना।
(ग) अमिताभ जैसा बनना।
(घ) राणा जैसा बनना।
उत्तर:
(ख) कलाम जैसा बनना।
प्रश्न 10.
छोटू की कलाकारी की प्रशंसा भाटी सा क्यों करता है? (1)
उत्तर:
छोटू एक होशियार लड़का है। वह कोई भी कार्य जल्दी ही सीख लेता है। इसलिए भाटी सा छोटू की कलाकारी की प्रशंसा करता है।
प्रश्न 11.
कोष्ठक के शब्दों से पिरामिड़ की पूर्ति करें। (2)
(खुशी से, नायक)

उत्तर:
- छोटू जाता है।
- छोटू स्कूल जाता है।
- छोटू खुशी से स्कूल जाता है।
- नायक छोटू खुशी से स्कूल जाता है।
सूचना: ‘बीरबहूटी’ कहानी का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 12 से 14 तक के उत्तर लिखें।
पाँचवीं कक्षा का रिज़ल्ट आ गया। दोनों छठी में आ गए। यह स्कूल पाँचवीं तक ही था। “साहिल अब तुम कहाँ पढ़ोगे” बेला ने पूछा “और तुम कहाँ पढ़ोगी बेला?” साहिल ने पूछा। “मेरे पापा कह रहे थे तुझे राजकीय कन्या पाठशाला में पढ़ाएँगे और तुम?” मुझे अगले साल अजमेर भेज देंगे। वहँ एक हॉस्टल है, घर से दूर वहाँ अकेला रहूँगा।”
प्रश्न 12.
सही विकल्प चुनकर लिखें। (1)
(क) तू + से = तुझ
(ख) तू + के = तुझे
(ग) तू + में = तुझे
(घ) तू + को = तुझे
उत्तर:
(घ) तू + को = तुझे
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प्रश्न 13.
साहिल और बेला को दूसरे स्कूल क्यों जाना पड़ा? (1)
उत्तर:
साहिल और बेला का स्कूल पाँचवीं तक ही था। इसलिए साहिल और बेला को दूसरे स्कूल जाना पड़ा।
प्रश्न 14.
इस प्रसंग के अनुसार पटकथा का एक दृश्य लिखें। (4)
अथवा
‘सच्ची दोस्ती’ विषय पर टिप्पणी लिखें।
- आत्मसंबंध
- सुख-दुख में साथ रहना
- आपसी सहायता
- अलग होने का दुख
उत्तर:
सीन सं: 4
स्थान : स्कूल का आँगन।
समय : सुबह ग्यारह बजे।
पात्र, आयु : (1) बेला (11 साल)
(2) साहिल (11 साल)
वेश भूषा : (1) साहिल स्कूली यूनिफॉर्म पहना है।
(2) बेला स्कूली यूनिफॉर्म पहनी है।
संवादः
(दोनों स्कूल के आँगन में खड़े हैं। दोनों के चेहरे पर उदासी है।)
बेला : (खुशी से) हम दोनों पास हो गए न?
साहिल : हाँ, ज़रूर हम पास हो गए।
बेला : साहिल, अब तुम कहाँ पढ़ोगे?
साहिल : (आश्चर्य से) तुम कहाँ पढ़ोगी बेला?
बेला : (उदास होकर) सरकारी कन्या विद्यालय।
साहिल : मेरे पापा कह रहे है मुझे अजमेर में भेजेंगे। (उदास होकर)
बेला : (आश्चर्य से) अजमेर? क्यों?
साहिल : (दुखी होकर) वहाँ के होस्टल में।
बेला : (आँखों में आँसू भरकर) अब तुम फुलेरा में नहीं?
साहिल : (सिर नीचे झुकाकर) नहीं बेला।
बेला : अब हम क्या करेंगे?
साहिल : पता नहीं। (दृश्य समाप्त)
अथवा
टिप्पणी
दोस्ती अनमोल वस्तु है
दोस्ती एक अनमोल विकार है। दोस्ती में आत्मसंबंध या आपसी संबंध की भावना होती है। आत्मसंबंध में अमीर- गरीब, ऊँच-नीच ऐसी कोई भावना नहीं होती है। सच्ची दोस्ती में आपसी सहायता की अहं भूमिका होती है। अपने मित्र की सहायता करना हमारा कर्तव्य है। चाहे आर्थिक रूप से या शारीरिक रूप से सुख-दुख में साथ देना सच्ची दोस्ती का निशान है। ऐसे हम देखते हैं कि खुशी के समय साथ देने के लिए कई मित्र होते हैं और दुख के अवसर पर बहुत कम लोग सुख और दुख में समान भाव से साथ देनेवाले ही सच्चे मित्र है। यदि कोई हमारे मित्र हमसे अलग या दूर हो जाए तो बड़ा दुख होता है। दोस्ती को कभी भी दूर होने नहीं देना चाहिए। दोस्ती एक अनमोल रत्न है। इस रत्न को बचाए रखना हमारा कर्तव्य होता है। सच्ची दोस्ती की कीमत नहीं लगा सकता है।
सूचना: ‘दिशाहीन दिशा’ यात्रावृत्त का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 15 से 17 तक के उत्तर लिखें।
तीसरी गज़ल सुनाकर वह खामोश हो गया। रात, सर्दी और नाव का हिलना, इस सबका अनुभव पहले नहीं हो रहा था, अब होने लगा। झील का विस्तार भी जैसे उतनी देर के लिए सिमट गया था, अब खुल गया।
प्रश्न 15.
‘खामोश हो जाना’ से तात्पर्य क्या है? (1)
(क) मौन हो जाना
(ख) वापस जाना
(ग) लेट जाना
(घ) चला जाना
उत्तर:
(क) मौन हो जाना
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प्रश्न 16.
मल्लाह के खामोश हो जाने का क्या प्रभाव लेखक पर हुआ? (2)
उत्तर:
मल्लाह के खामोश हो जाने पर लेखक को रात और उसकी सर्दी, तथा नाव का हिलना आदि का अनुभव होने लगा था। पहले झील का विस्तार अब खुल गया है।
प्रश्न 17.
सही मिलान करें। (4)
| समुद्र तटों के प्रति | सुंदर समुद्र-तट हैं। |
| गोआ में अनेक | गज़ल सुनाई। |
| मल्लाह ने नाव में बैठकर | लेखक और मित्र लीन हो गए। |
| बूढ़े मल्लाह के गायन में | मोहन राकेश का विशेष आकर्षण था। |
उत्तर:
| समुद्र तटों के प्रति | मोहन राकेश का विशेष आकर्षण था। |
| गोआ में अनेक | सुंदर समुद्र-तट हैं। |
| मल्लाह ने नाव में बैठकर | गज़ल सुनाई। |
| बूढ़े मल्लाह के गायन में | लेखक और मित्र लीन हो गए। |
सूचना: ‘ठाकुर का कुआँ’ कहानी का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 18 से 19 तक के उत्तर लिखें।
कुप्पी की धुँधली रोशनी कुएँ पर आ रही थी। गंगी जगत की आड़ में बठी मौके का इंतज़ार करने लगी। इस कुएँ का पानी सारा गँव पीता है। किसीके लिए रोक नहीं, सिर्फ़ ये बदनसीब नहीं भर सकते।
प्रश्न 18.
नमूने के अनुसार तालिका क पूर्ति करें। (1)
| गंगी इंतज़ार करने लगी। | जोखू इंतज़ार करने लगा। |
| रोशनी कुएँ पर आने लगी। | प्रकाश कुएँ पर ________ |
उत्तर:
प्रकाश कुएँ पर आने लगा।
प्रश्न 19.
‘जातिप्रथा अभिशाप है’ का संदेश देते हुए पोस्टर तैयार करें। (4)
अथवा
‘जातिप्रथा अभिशाप है’ विषय पर लघु लेख लिखें।
- जातीय असमानता
- जाति के नाम अत्याचार
- समानता का अधिकार
- एक देश एक जनता
उत्तर:

लघुलेख
जाति प्रथा अभिशाप है
हमारे देश की एक समस्या है जाति प्रथा। यह सबसे बड़ा सामाजिक अभिशाप है। जाति प्रथा की मतलब है जातीय असमानता एक जाति और दूसरी जाति के बीच ऊँच-नीच का भेदभाव कुछ जातिवाले अपने को ऊँचा समझते हैं और कुछ जातियों को नीच कभी कभी हम देख सकते हैं कि जगह-जगह पर जाति के नाम पर अत्याचार जाति के नाम पर अंधे होकर लोग पड़ोसियों और गाँववाले पर अत्याचार करते हैं। मार-काट, घर जलाना आदि घोर अपराध करते हैं।
भारत एक जनतंत्र राष्ट्र है। ऐसे एक देश में सबको समान अधिकार होता है। हमारे संविधान में हर नागरिक को समानता का अधिकार है। जाति प्रथा के वास्ते कभी कभी समानता का अधिकार नष्ट होता है। भारत की सबसे बड़ी विशएषता है अनेकता में एकता एक ही देश होने के कारण जनता भी एक हो। कोई धर्म या जाति के नाम पर भेदभाव न हो। भावात्मक एकतो को कायम रखने के लिए जातीय, धार्मिक असमानता को खतम करना चाहिए।
जाति प्रथा रूपी अभिशाप को मिटाने के लिए लोगों को शिक्षित रहना ज़रूरी है। अशिक्षा, अंधविश्वास आदि जातिप्रथा रूपी अभिशाप का मूल कारण है। देश के नवयुवकों का कर्तव्य है इस अभिशाप के प्रति लड़ना। ‘एक जाति, एक धर्म, एक ही ईश्वर मानव के लिए’ यह कथन हम हमेशा याद रखें।