Teachers recommend solving Kerala Syllabus Plus One Hindi Previous Year Question Papers and Answers Pdf Board Model Paper 2022 to improve time management during exams.
Kerala Plus One Hindi Board Model Paper 2022 with Answers
Time: 2½ Hours
Total Score: 80 Marks
सूचनाः 1 से 6 तक के प्रश्नों के उत्तर कोष्ठक से चुनकर लिखें । (6 × 1 = 6 )
प्रश्न 1.
‘दुख’ किस विधा की रचना है ?
(कहानी, निबंध, नाटक)
उत्तर:
कहानी
प्रश्न 2.
बूढ़ा आदमी क्या बो रहा था ?
(नारियल, आम की गुठलियाँ, अनार)
उत्तर:
आम की गुठलियाँ
प्रश्न 3.
‘असलम’ किस कहानी का पात्र है ?
(दुख, अपराध, अनुताप्न)
उत्तर:
अनुताप
प्रश्न 4.
‘रोता ‘हुआ बच्चा’ कैसे हो रहा है ?
(मिठाई खाते, दूध पीते, बिस्कुट कुतरते)
उत्तर:
बिस्कुट कुतरते
प्रश्न 5.
‘मधुऋतु’ किसकी रचना है ?
(रामधारी सिंह दिनकर, जयशंकर प्रसाद, पवन करण)
उत्तर:
जयशंकर प्रसाद
![]()
प्रश्न 6.
बड़े भाई के प्रति प्रतिकार भावना किस पाठ का विषय है ?
(अपराध, मधुऋतु, जुलूस)
उत्तर:
अपराध
सूचनाः 7 से 10 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 2 के उत्तर लिखें । (2 × 2 = 4)
प्रश्न 7.
संभ्रांत महिला फूल और फल के बीज क्यों बाहर फेंक रही है ?
उत्तर:
संभ्रांत महिला फूल और फल को इस विचार से बाहर फेंक रही है कि उसमें कुछ जड़ पकड़ लेंगे तो लोगों को फायदा होगा । दूसरों को कुछ लाभ होने के लिए वह यह कर रही हैं ।
प्रश्न 8.
असलम की मृत्यु कैसे हुई ?
उत्तर:
असलम को गुर्दों में बीमारी थी। रिक्शा चलाने से डॉक्टर मना कर दिया था । फिर वह गरीबी के कारण यह काम किया। इसलिए असलम की मृत्यु हुई ।
प्रश्न 9.
पत्थर की बैंच पर कौन – कौन बैठे हैं ?
उत्तर:
पत्थर की बैंच में बच्चा, युवक, बूढ़ा और प्रेमी बैठे हैं ।
प्रश्न 10.
‘मुझे अभी भूख नहीं, तू खा’ – ‘दुख’ कहानी की माँ ऐसा क्यों कह रही है ?
उत्तर:
गरीबी के कारण घर में और रोटी नहीं थी ।
सूचना: 15 से 24 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 5 के उत्तर लिखें । (5 × 6 = 30 )
प्रश्न 11.
‘आज भी वह रकम अमेरिका में ज़रूरतमंदों के हाथों में घूम रही है’ । – इसका तात्पर्य क्या है ?
उत्तर:
बेंचमिन फ्रांक्लिन एक गरीब विद्यार्थी की सहायता करता हैं। वह विद्यार्थी भी यह सहायता का कार्य जारी रखता है । इस प्रकार इस बीस डैलर कई लोगों के सहायता करके घूम रहा हैं । अर्थात् सहायता करने से सभी लोगों को फायदा होता है ।
![]()
प्रश्न 12.
दोहा पढ़ें और आशय लिखें ।
लघुता से प्रभुता मिले, प्रभुता से प्रभु दुरि ।
चींटी ले राक्कर चली, हाथी के सिर धूरि ।।
उत्तर:
यह कबीरदास के प्रमुख दोहा हैं। संत कवि कबीर आख़बर और दिखावे से दूर रहने केलिए प्रस्तुत दोहे से आह्वान करते हैं ।
लघुता या सादगी से प्रभुता या दैविकता मिलता हैं। जिसके पास दैविकता या ईश्वरीयत्व हैं वहाँ से अहं का भाव दूर हो जाता है, यानि सच्चे भक्त को अहं की भाव की ज़रूरत नहीं हैं। छोटे जीव चींटी शक्कर लेकर चलती है। बड़े होने पर भी हाथी के शरीर में धूली होती है । शक्कर ईश्वर का प्रतीक है ।
प्रश्न 13.
जीवनवृत्त पढ़ें और सुकेश सहानी के बारे में एक अनुच्छेद लिखें ।
|
जीवन-वृत्त नाम : सुकेश साहनी |
उत्तर:
सुकेश साहनी
सुकेश साहनी जी हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार हैं। उनका जन्म 5 सितंबर 1946 को उत्तरप्रदेश के लखनऊ में हुआ। डरे हुए लोग, ठंडी रजाई, खलील जिब्राल की लघुकथाएँ आदि आपके प्रसिद्ध रचनाएँ हैं। आपके रचनाओं में निम्न मध्यवर्ग की पीड़ा और निराशा को चित्रित करते हैं। आपको डॉ. परमेश्वर गोयल लघुकथा सम्मान से सम्मानित किया ।
प्रश्न 14.
कवितांश पढ़ें और भावार्थ लिखें ।
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को
छोटी सी कुटिया मैं रच दूँ
नई व्यथा साथिन को ।
उत्तर:
ये पंक्तियाँ ‘मधुऋतु’ कविता से हैं। प्रसिद्ध छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद की रचना है यह। कामायनी आपकी प्रसिद्ध रचना है ।
प्रस्तुत पंक्तियों में वसंद ऋतु के आगमन के बारे में कवि कहते हैं। साल में कुछ दिनों केलिए मधुऋतु आते हैं। वह भी भूल से । इसप्रकार आये मधुऋतु के लिए कवि अपने कुटिया को सजाना चाहता है। और प्रेम रूपी व्यथा का अनुभव देना चाहता हैं ।
यहाँ प्रकृति और वसंद के बीच प्रेमी-प्रेमिका संबंध कवि दिखाते हैं ।
सूचना: 15 से 24 तक के प्रश्नों में से किन्हीं 5 के उत्तर लिखें । (5 × 6 = 30 )
प्रश्न 15.
ये कथन पढ़ें और ‘इब्राहिम अली’ के चरित्र पर टिप्पणी लिखें ।
• वापस तो हम न जाएँगे । आपको या किसी को हमें रोकने का कोई हक नहीं ।
• हमें अपने भाइयों से लड़ाई नहीं करनी है ।
उत्तर:
जुलूस नाटक के एक प्रमुख पात्र है इब्राहिम अली । वह गांधीजी के अनुयायी है । स्वराजियों के नेता हैं। अहिंसावादी है । निडर और आत्मनिर्भर है । वह वापस न जाने चाहते हैं । अपनी लक्ष्य की चलने की क्षमता रखते हैं। अपने, हक को ठीक तरह से समझते हैं । एक अच्छा, साहसी, निडर, अहिंसावादी व्यक्ति है इब्राहिम अली ।
प्रश्न 16.
सही मिलान करें:
Cancel – सार्वजनिक
Format – साझा करें
Public – प्रारूप
Save – रद्द करें
Share – कूड़ेदान
Trash – सहेजें
File – बहिर्पात
Output – संचिका
उत्तर:
Cancel – रद्द करें
Format – प्रारूप
Public – सार्वजनिक
Save – सहेजें
Share – साझा करें
Trash – कूड़ेदान
File – संचिका
Output – बहिर्पात
सूचना: कवितांश पढ़ें और 17 से 19 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।
रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद
आदमी भी क्या अनोखा जीव होता है !
उलझनें अपनी बनाकर आप ही फँसता,
और फिर बेचैन हो जगता न सोता है ।
जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ ?
मैं चुका हूँ देख मनु को जनमते-मरते ?
और लाखों बार तुझ-से पागलों को भी
चाँदनी में बैठ स्वप्नों पर सही करते।
प्रश्न 17.
‘आकाश’ का समानार्थी शब्द कौन-सा है ?
(गगन, आदमी, स्वप्न)
उत्तर:
गगन
![]()
प्रश्न 18.
यहाँ कवि किससे बातें करता है ?
उत्तर:
चाँद से
प्रश्न 19.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखें ।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश ‘चाँद और कवि’ कविता से अवतरित है। इसके कवि हैं सुप्रसिद्ध देशभक्त कवि रामधारी सिंह दिनकर | ‘चाँद और कवि’ दिनकरजी का प्रगतिशील कविता है ।
कवि से चाँद कहता है कि मनुष्य विचित्र जीव है । यह इसलिए है कि आदमी जान-बूझकर उलझनें उत्पन्न करता है, उसीमें फँस रहता है, फिर बेचैन होकर उसको नींद तक दुस्सह होता है । चाँद सृष्टि के पुराने पदार्थ होने पर अहं करता है। चाँद कहता है कि उसने आदि मानव मनु के जन्म और मरण देखा है। चाँदनी में पागल की तरह बैठ स्वप्नों को यथार्थ में परिवर्तन करने का परिश्रम करनेवाले कवि को चाँद तुच्छ मानता है। हमारे समाज में कई प्रकार की रूढ़ियाँ हैं । वे सदा परिवर्तन के विरुद्ध खड़ी रहती हैं। कवितांश में चाँद रूढ़ियों का प्रतिनिधि है । परिवर्तन एक क्षण में नहीं होता। उसके पीछे दशकों की कल्पनाएँ और स्वप्न समाहित हैं। परिवर्तन केलिए कल्पना करनेवालों और स्वप्न देखनेवालों का प्रतिनिधि हैं कवि ।
कवितांश की भाषा सरल है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। कवितांश का भाव हममें लाने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है ।
सूचना: गद्यांश पढ़ें, प्रश्न 20 और 21 के उत्तर लिखें ।
मैंने भाई का चेहरा देखा। वे मेरी ओर देख रहे थे। उनकी आँखें लाल थी और उनमें करुणा और कातरता थी, जैसे वे मुझसे याचना कर रहे हों कि मैं सच बोल दूँ। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उन्हें सज़ा मिल चुकी थी। फिर इतनी जलन्द बात को बिलकुल बदलना मुझे संभव भी नहीं लग रहा था। क्या पता, पिताजी फिर मुझे ही मारने लगते ! मैं डर रहा था ।
प्रश्न 20.
‘छोटा भाई’ क्यों डर रहा था ?
उत्तर:
छोटे भाई के मन डर था कि अगर वह सच बताऐंगे तो पिताजी उसको मारेंगे ।
प्रश्न 21.
खंड का संक्षेपण करें ।
उत्तर:
अपराध का बोझ
बड़े भाई पिताजी के मार से बचने के लिए छोटे भाई को देखा। लेकिन छोटे भाई सच नहीं बताया क्योंकि सच बताने से उसे भी मार मिलता ।
सूचना : 22 से 26 तक के प्रश्नों में से किन्हीं तीन के उत्तर लिखें। (5 × 6 = 30)
प्रश्न 22.
‘अनुताप’ लघुकथा के यात्री का मन संघर्ष से भरा था। वह अपना संघर्ष डायरी में लिख रहा हैं । वह डायरी लिखें ।
• असलम की मृत्यु की खबर
• असलम की प्रति अपना व्यवहार
• पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप
उत्तर:
2014 मार्च 5, बुधवार
नटराज नगरः
आज मेरे लिए बड़ा मानसिक संघर्ष का दिन है । रिस्शेवाला असलम की मृत्यु की खबर सुनकर मैं व्याकुल हो गया । असलम के प्रति मुझसे हमदर्दी का अभाव हुआ । मेरा दिल पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप से भरा है। नटराज टाकीज़ के पास की चढ़ाई पार करते समय मुझे असलम की रिक्शे से उतरना था । मैं नहीं जानता था कि असलम के गुर्दों में खराबी थी। मज़बूत कदकाठी रिक्शेवाले से हमदर्दी से मैंने ज़रूर व्यवहार किया। फिर भी मेरा आत्मसंघर्ष मैं कैसे निकालूँ ?
असलम के प्रति मेरी श्रद्धांजलि…. हे भगवान! मुझे माफी दें….. भगवान मुझे अच्छी नींद दें ।
![]()
प्रश्न 23.
‘मिट्टी के तेल की ढिबरी के प्रकाश में देखा वह दृश्य उनकी आँखों के सामने से न हटता था ।’ ‘दुख’ कहानी की इस घटना के बारे में बताते हुए दिलीप अपने मित्र को पत्र लिखता है । वह पत्र तैयार करें ।
• लड़के के घर की हालत
• गरीबी की तीव्रता
• दुख की पहचान
उत्तर:
दिल्ली,
10 मई 1996
प्रिय मित्र,
नमस्कार,
तुम कैसे हो? घर में सब लोग ठीक है न । छोटू कैसा है ? मैं एक विशेष बात बताने के लिए यह खत लिख रहा हूँ ताकि मन को कुछ प्रशांति मिले ।
कल मैं एक मित्र के साथ सिनेमा देखने के लिए चला । लेकिन हेमा इस बात पर रूढ़कर अपनी घर चली गयी । मुझे बहुत दुःख हुआ। मैं कुछ समय घूमने केलिए निकली और रास्ते में फेरीवाला लड़के से मिला। एक गरीब और असहाय बालक । वह इतनी सर्दी में कुछ पकौड़ा बेचने के लिए रात में बैटे थे। उसके साथ उसके घर चला । एक गरीब माँ और कहने के लिए एक छोटा घर। बाकी देने के लिए भी उस घर में कुछ न था। मैं कुछ पैसे उस बालक को दिया । लेकिन वह इनकार करते रहे। सिर्फ दो रोटी थी उस घर में । वह माँ और लड़के बड़े प्यार से वहाँ जीते हैं ।
क्या कहूँ, मेरे मित्र, हमारे पास खाने को काफी है। लेकन आपसी संबंध हमारे परिवारों से छूट रहे हैं। काश, हम भी असली दुःख को पहचाने तो कितना अच्छा होगा। ठीक दोस्त, मैं सिर्फ यह बताने के लिए लिखा था ।
आप का मित्र
दिलीप
प्रश्न 24.
बूढ़ा आदमी आम की गुठलियाँ बो रहा था । यह देखने वाला एक नौजवान उससे बातें करता है । वह बातचीत तैयार करें ।
• आम की गुठलियाँ बोना .
• नौजवान की जिज्ञासा
• पूर्वजों की मनोवृत्ति
उत्तर:
नौजवान : बाबा यह आप क्या कर रहे हैं ?
बूढ़ा : बेटा मैं आम की गुठलियाँ बो रहा हूँ ।
नौजवान : इससे क्या फायदा है ?
बूढ़ा : इसका फल खा सकते हैं ।
नौजवान : आप इतना बूढ़ा हो गया है। क्या आपको इससे कुछ मिलेगा ।
बूढ़ा : मुझे इसका फल खाने की इच्छा नहीं हे । लेकिन और कई लोगों को इससे फायदा होंगे ।
नौजवान : इस उम्र में इतना तकलीफ लेने की कोई आवश्यकता नहीं है बाबा ।
बूढ़ा : ऐसा नहीं बेटा । मैं जो फल खा रहा हूँ वह मेरे पूर्वजों द्वारा लगाया गया आम की पेड़ से हैं। इस प्रकार मेरे लगाये पौधों से आनेवाले पीढ़ी के लोग खायेंगे ।
नौजवान : मैं समझ लिया बाबा । आप जैसे लोगों की मनोवृत्ति के कारण इस दुनिया इतना बेहत्तर हुआ हैं। आज से मैं भी इस प्रकार करूँगा ।
बूढ़ा : बहुत अच्छा बेटा ।
प्रश्न 25.
अक्तूबर 2 को गाँधी जयंती है। मान लें, इस अवसर पर आपके स्कूल में स्वच्छता दिवस’ का आयोजन हो रहा है। इसके लिए एक उचित पोस्टर तैयार करें ।
उत्तर:

प्रश्न 26.
अंग्रेज़ी संवाद का हिंदी में अनुवाद करें ।
Arun : May I come in, Teacher ?
Teacher : Yes, why didn’t you come yesterday?
Arun : Sorry Teacher, my mother was ill.
Teacher : Oh! how is she now?
Arun : Now she is all right.
Teacher : Okay, go to your seat.
(ill – बीमार)
उत्तर:
अरुण : अध्यापक, क्या मैं अंदर आऊँ ?
अध्यापक : हाँ, तुम कल क्यों नहीं आया ?
अरुण : क्षमा कीजिए । मेरी माँ बीमार थी ।
अध्यापक : जी । अब वह कैसी है?
अरुण : अब वह ठीक है।
अध्यापक : ठीक हैं। अपनी जगह जाकर बैठो ।
सूचना: 27 से 30 तक के प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लिखें ।
प्रश्न 27.
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की ओर से की गयी कार्यवाइयों की सूचना पाने के लिए किशोर कुमार, ‘वसंत’ कोल्लम की ओर से सार्वजनिक सूचन अधिकारी, सड़क परिवहन विभाग, केरल सरकार के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार करें ।
उत्तर:
10₹
कोल्लम,
10 दिसंबर 2021
सेवा में
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
सहक परिवहन विभाग,
केरल सरकार,
तिरुवनन्तपुरम ।
आवेदक
किशोर कुमार,
वसंत विहार,
कोल्लम ।
सूचना का विषय : सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की ओर से की गयी कार्यवाइयों की सूचना पाना
माँगी गयी सूचना :
- कितने लोगों को केरल में सड़क दुर्घटनाओं के कारण जीवन नष्ट हुआ है ?
- सड़क दुर्घटनाओं को रोकने केलिए सरकार द्वारा लागू करने वाले योजनायें कौन कौन है ?
- दुर्घटनाओं में जीवन नष्ट हुए लोगों को कितने रूपये देते हैं ?
- सड़कों के हालत को सुधारने के लिए कितने रुपये खर्च करते हैं ?
सूचना दस्ती या : डाक में
डाक में
किशोर कुमार
हस्ताक्षर
प्रश्न 28.
किसी एक मन पसंद फिल्म की समीक्षा लिखें ।
• फिल्म का कथासार
• निदेशक की भूमिका
• पटकथा, संवाद, पात्रों का अभिनय
• अपना दृष्टिकोण
उत्तर:
तारे ज़मीं पर – फिल्मी समीक्षा
बच्चे ओस की बूँदों की तरह एकदम शुद्ध और पवित्र होते हैं। वे कल के नागरिक हैं, लेकिन दुःख की बात है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर तमाम बंदिशों में रहना पड़ता है । आठ वर्षीय ईशान अवस्थी (दर्शील सफ़ारी) का मन पढ़ाई के बजाय कुत्तों, मछलियों और पेटिंग में लगता है। उसके माता-पिता चाहते हैं कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता । ईशान घर पर माता- -पिता की डाँट खाता है और स्कूल में शिक्षकों की। कोई भी यह जानने की कोशिश नहीं करता कि ईशान पढ़ाई पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। इसके बजाय वे ईशान को बोर्डिंग स्कूल भेज देते हैं ।
खिलखिलाता ईशान वहाँ जाकर मुरझा जाता है । वह हमेशा सहमा और उदास रहने लगता है। उस पर निगाह जाती है आर्ट टीचर रामशंकर निकुंभ (आमिर ख़ान) की। निकुंभ उसकी उदासी का पता लगाते हैं और उन्हें पता चलता है कि ईशान बहुत प्रतिभाशाली, लेकिन डिसलेक्सिया की बीमारी से पीड़ित है । उसे अक्षरों को पढ़ने में तकलीफ़ होती है । अपने प्यार और दुलार से निकुंभ ईशान के अंदर छिपी प्रतिभा को सबके सामने लाते हैं ।
कहानी सरल है, जिसे आमिर ख़ान ने बेहद प्रतिभाशाली तरीके से परदे पर उतारा है। पटकथा की बुनावट एकदम चुस्त है। छोटे-छोटे भावनात्मक दृश्य रखे गए हैं, जो सीधे दिल को छू जाते हैं । ईशान का स्कूल से भागकर सड़कों पर घूमना, ताज़ा हवा में साँस लेना, बिल्डिंग के कलर होते देखना, फुटपाथ पर रहनेवाले बच्चों को आज़ादी से खेलते देखकर उदास होना, बरफ़ का लड्डू खाना जैसे दृश्यों को देख कई लोगों को बचपन की याद ताज़ा हो जाएगी। सभी बच्चों का दिमाग और सीखने की क्षमता एक-सी नहीं होती । फ़िल्म देखते समय हर दर्शक इस बात को महसूस करता है ।
ईशान की भूमिका में दर्शील सफ़ारी इस फ़िल्प की जान है । अमीर ख़ान मध्यांतर में आते हैं और छा जाते हैं। टिस्का चोपड़ा (ईशान की मम्मी) ने एक में की बेचैनी को उम्दा तरीके से पेश किया है। विपिन शर्मा (ईशान के पापा), सचेत इंजीनियर और सारे अध्यापकों का अभिमय भी अच्छा है। प्रसून जोशी द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ जाता है । शंकर-अहसान-लॉय का संगीत भी अच्छा है। फ़िलम की फोटोग्राफी बहुत ही प्रभावशाली हैं ।
![]()
प्रश्न 29.
सरकार की ओर से नये इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) का निर्माण हो रहा है। इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए आकर्षक विज्ञापन तैयार करें।
• कम दाम
• आकर्षक डिज़ाइन
• बहुरंगी
• मैलेज ज़्यादा
उत्तर:

प्रश्न 30.
‘समानता का अधिकार’ विषय पर एक लेख लिखें ।
• लिंग समानता
• परिवार में समानता
• समाज में समानता
• अपना मत प्रकट करने का अधिकार
उत्तर:
समानता का अधिकार
समानता एक ऐसा शब्द है जो सभी को एक समान देखने के लिए हमें विवश कराते है। विश्व भर में करीब 800 करोड़ लोग हैं । इन सभी को एक समान हक है जीने के लिए। लेकिन कई कारणों से सभी को एक समान अधिकार मिलते नहीं । लिंग के कारण, उम्र के कारण, गरीबी के कारण, धर्म के कारण; आदि कई कारणों से संसार में सभी लोगों को समानता नहीं मिलते हैं ।
आदमी हो या औरत दोनों को समान अधिकार होना चाहिए | इसको लिंग समानता कहते हैं । लेकिन हमारे देश में भी आदमी और औरत के बीच अंदर रहता है। लड़के और लड़कियों को दो तरह से देखते हैं । इस ती को रोककर समान भाव से समाज में व्यवहार करने की सुविधा होनी चाहिए ।
परिवार में सभी को – बूढ़े, युवा, बच्चे आदि को समान अधिकार होना चाहिए। कई परिवारों में लोगों को अधीनता में रखाया जाता है। वित्तीय क्षेत्र में भी परिवारवालों को आज़ादी से व्यवहार करने की अवसर मिलना चाहिए ।
समाज के विविध क्षेत्रों में नौकरी की जगह हो, धर्म के क्षेत्र हो, राजनीति हो, कला-साहित्य क्षेत्र हो – सभी में सभी को समानता से व्यवहार करने की अवसर होना चाहिए | अपना मत प्रकट करने का अवसर सभी को है । इस प्रकार मत प्रकट करने से ही, मानवता की तरक्की संभव हो जाएगा ।
इस प्रकार समाज में बदलाव लाने के लिए सबसे ज़रूरी है, सभी का अपने अधिकारों के बारे में सही प्रकार के जानकारी होना, अपने हक के बारे में, कानूनन अधिकार के बारे में, धार्मिक रीतियों के बारे में – इन सभी का ठीक तरह से जानने और पहचानने के लिए सही प्रकार के शिक्षा आवश्यक है। सिर्फ सही प्रकार की शिक्षा सभी को प्राप्त कराने से ही राजनीतिक, धार्मिक, साहित्यिक जैसे सभी क्षेत्रों में बदलाव आयेगा ।