सयानी बुआ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 4 Chapter 1 सयानी बुआ Sayani Bua Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Sayani Bua Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 4 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus सयानी बुआ

Sayani Bua Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
‘जो रबड़ उन्होंने चौथी कक्षा में खरीदी थी, उसे नौवीं कक्षा में आकर समाप्त किया।’ यहाँ बुआ के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
‘നാലാം ക്ലാസ്സിൽ നിന്ന് വാങ്ങിയ റബ്ബർ ഒൻപതാം ക്ലാസ്സിൽ എത്തിയപ്പോഴാണ് ഉപേ ക്ഷിച്ചത്.’ ഇവിടെ ഇളയമ്മയുടെ സ്വഭാവ ത്തിന്റെ ഏത് വിശേഷണമാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
सयानी बुआ अपनी वस्तुओं का उपयोग करने में और उनको संभालकर व्यवस्थित रूप से रखने में कुशल है।
സമർത്ഥയായ ഇളയമ്മ തന്റെ വസ്തുക്കൾ ഉപയോഗിക്കുന്നതിലും, അവയെ സംരക്ഷിച്ച് ചിട്ടയായി വെക്കുന്നതിലും സമർത്ഥയാണ്.

प्रश्न 2.
अन्नू नन्ही सी उम्र में ही प्रौढ़ हो गई थी। क्यों?
അന്നു ചെറിയ പ്രായത്തിൽ തന്നെ പക്വത നേടിക്കഴിഞ്ഞിരുന്നു. എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
बुआ के घर में सारा काम बहुत अधिक व्यवस्था से होता था। ठीक पाँच बजे उठता फिर एक घंटा बाहर मैदान में टहलता, चाय-दूध पीता, उसके बाद अन्नू को पढ़ने के लिए बैठना होता। ऐसे करते-करते वह प्रौढ़ हो गई थी । |
ഇളയമ്മയുടെ വീട്ടിൽ എല്ലാ ജോലികളും വളരെ ചിട്ടയായി ആണ് നടക്കുന്നത്. കൃത്യം അഞ്ച് മണിക്ക് എഴുന്നേൽക്കും പിന്നീട് ഒരുമണിക്കൂർ മൈതാനത്ത് ഉലാത്തും. ചായയോ പാലോ കുടിക്കും. അതിനുശേഷം അന്നു പഠിക്കാനായി ഇരിക്കും. ഇങ്ങനെ ചെയ്ത് ചെയ്ത് അന്നു പക്വത നേടിക്കഴിഞ്ഞിരുന്നു.

प्रश्न 3.
बुआजी ने सुना तो बहुत आनाकानी की। बुआजी के आनाकानी करने का कारण क्या होगा ?
ഇളയമ്മ ഇത് കേട്ടപ്പോൾ കേട്ടില്ലെന്ന് നടിച്ചു. ഇളയമ്മയുടെ കേട്ടില്ലെന്ന് നടിക്കാനു ള്ള കാരണം എന്തായിരിക്കും?
उत्तर:
बुआजी बहुत ही व्यवस्था से कार्य चलानेवाली स्त्री थी। तोड़-फोड़ से तो उसे सख्त नफरत थी। अगर अन्नू को पहाड़ पर ले जाय तो सारा कार्यकलाप समय पर नहीं चलेगा। इसी के डर से बुआजी ने डाक्टर की राय को आनाकानी की।
ഇളയമ്മ വളരെ ചിട്ടയോടെ കാര്യങ്ങൾ ചെയ്യു ന്ന സ്ത്രീയായിരുന്നു. എന്തെങ്കിലും പൊട്ടി ക്കുന്നതിനോട് അവർക്ക് തികച്ചും വെറു പ്പായിരുന്നു. അന്നുവിനെ പർവ്വതപ്രദേശങ്ങ ളിലേയ്ക്ക് കൊണ്ടുപോയാൽ കാര്യങ്ങളൊ ന്നും സമയത്ത് നടക്കില്ല. ഈ കാരണത്താൽ ഡോക്ടറുടെ ഉപദേശം കേട്ടില്ലെന്ന് നടിച്ചത്.

सयानी बुआ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
‘अब तो बुआजी की चिंता का पार नहीं रहा।’ बुआ की चिंता क्या रही होगी?
ഇപ്പോൾ ഇളയമ്മയുടെ ചിന്തയ്ക്ക് അതിരു ണ്ടായിരുന്നില്ല. ഇളയമ്മയുടെ ചിന്ത എന്തായി രിക്കും?
उत्तर:
भाई साहब और अन्नू के जाने के करीब एक महीने के बाद उनका पत्र नहीं आया। दूसरे दिन भी नहीं आया। तीसरा दिन भी निकल गया। उसकी यही चिंता रही होगी कि उन्हें कुछ हो गया क्या।
ഭായി സാഹബും അന്നുവും പോയിക്കഴിഞ്ഞ് ഒരു മാസത്തിന് ശേഷവും അവരുടെ എഴുത്ത് വന്നില്ല. രണ്ടാമത്തെയും, മൂന്നാമത്തെയും ദിവസങ്ങൾ കടന്നുപോയി. അവർക്കെ ങ്കിലും സംഭവിച്ചിട്ടുണ്ടാകുമോ എന്നായിരി ക്കാം ചിന്ത.

प्रश्न 5.
‘यह संसार नश्वर है।’ बुआ के पति ने पत्र की शुरुआत में क्यों ऐसा उल्लेख किया होगा?
‘ഈ ലോകം നശ്വരമാണ്. ഇളയമ്മയുടെ ഭർത്താവ് എഴുത്തിന്റെ ആരംഭത്തിൽ ഇങ്ങ നെ പരാമർശിക്കാൻ കാരണമെന്ത്?
उत्तर:
बुआ के पति के हाथ से पचास रुपए वाले सेट के दोनों प्याले गिरकर टूट गए। यह बताने के लिए शुरुआत में ऐसा लिखा होगा।
ഇളയമ്മയുടെ ഭർത്താവിന്റെ കൈയ്യിൽനിന്ന് അമ്പത് രൂപ വിലയുള്ള രണ്ട് കപ്പുകൾ താഴെ വീണ് പൊട്ടി. ഇത് പറയുന്നതിനാ യിരിക്കാം തുടക്കത്തിൽ അങ്ങനെ എഴുതിയത്.

प्रश्न 1.
आगे…
वाक्य पढ़ें, रेखांकित शब्दों की विशेषता पहचानें। कहानी से ऐसे वाक्य चुनकर लिखें।
• उम्र के साथ-साथ उनकी चतुराई भी प्रौढ़ता धारण करती गई।
• हम जैसे अस्त-व्यस्त और अव्यवस्थित लोगों का जीना ही हराम हो जाएगा।
उत्तर:
• उनकी एक-एक बात पिताजी हम लोगों के सामने रखते थे।
• घर के उस वातावरण में मेरी भी सारी हँसी-खुशी मारी गई।
तोड़-फोड़ से तो उन्हें सख्त नफरत थी।
• बुआजी की अत्यधिक सतर्कता और खाने-पीने के इतने कंट्रोल के बावजूद अन्नू को बुखार आने लगा।
ज़ोर-शोर से अन्नू के पहाड़ जाने की तैयारी शुरू हुई।
• वास्तविकता जानकर बुआजी भी रोते-रोते हँस पड़ी।

प्रश्न 2.
पढ़ें, समझें …
• प्याले का सेट बिगड़ जाएगा।
• अन्नू पहाड़ में क्या खाएगी।
• बच्चे अपनी इच्छा के अनुसार क्या खाक करेगे।
उत्तर:
ऊपर के सारे वाक्य सामान्य भविष्यत्काल के वाक्य हैं। कर्ता के लिंग / वचन के अनुसार सामान्य भविष्यत्काल में क्रियाधातु के साथ एगा /एगी/एँगे/ओगे/ओगी/ऊँगा /ऊँगी आदि का प्रयोग होता है।
മുകളിൽ തന്നിരിക്കുന്ന എല്ലാ വാക്യങ്ങളും സാമാന്യ ഭാവികാലത്തിലുള്ള വാക്യങ്ങളാണ്. സാമാന്യ ഭാവികാലത്തിൽ ക്രിയാധാതു വിനോട് ചേർന്ന് കർത്താവിന്റെ ലിംഗവചന മനുസരിച്ച് एगा/एगी/एँगे/ओगे/ओगी/ऊँगा/ ऊँगी എന്നിവ പ്രയോഗിക്കുന്നു.

प्रश्न 3.
नमूने के अनुसार बदलकर लिखें।

बच्चे स्कूल जाते हैं। बच्चे स्कूल जाएँगे।
उमा आम खाती है।
चंकू क्रिकेट खेलता है।
लड़कियाँ पेड़ पर चढ़ती हैं।

उत्तर:

बच्चे स्कूल जाते हैं। बच्चे स्कूल जाएँगे।
उमा आम खाती है। उमा आम खाएगी।
चंकू क्रिकेट खेलता है। चंकू क्रिकेट खेलेगा।
लड़कियाँ पेड़ पर चढ़ती हैं। लड़कियाँ पेड़ पर चढ़ेंगी।

प्रश्न 4.
‘सयानी बुआ’ शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
कहानी ‘सयानी बुआ’ का शीर्षक अत्यंत सार्थक और उपयुक्त है। ‘सयानी’ शब्द का अर्थ होता है – समझदार, अनुभवी और व्यवहारकुशल । बुआ एक ऐसे स्त्री पात्र का प्रतिनिधित्व करती है जो पारिवारिक रिश्तों में विशेष स्थान रखती है।

इस कहानी की बुआ सारा काम इतनी व्यवस्था से करती थी, जैसे एक मशीन हो। बचपन से ही वे समय की जितनी पाबंद थी कि उसे देखकर चकित हो जाना पड़ता था। जो पेंसिल वे चौथी कक्षा से ले रही थी उसे नौवीं कक्षा में आकर समाप्त किया था।

हर घड़ी वे अपने पति और पुत्री को बातों में शामिल थी कि उन्हें कुछ आपति न हो। सारा का सारा काम बहुत ही व्यवस्था के साथ करवाती थी । पाँच बजे उठता, एक घंटा बाहर टहलता उसके बाद चाय-दूध होता, फिर अन्नू को पढ़ने का समय था भाई साहब को अखबार और ऑफिस की फाइलें देखने का समय था। जो कपड़े बुआजी निकाल दें वही पहनने होते।

अंत में जब अन्नू को बुखार हो जाती तो पहाड़ी पर जाने को बुआ पहले मना की थी। उनके जाने के बाद जब पत्र नहीं आए तो वे बहुत चिंतित हुई थी। रात में दुस्वप्न देखकर रोया करती थी। तोड़-फोड़ से उन्हें सख्त नफरत थी। फिर भी भाई साहब के द्वारा जब प्याले का सेट टूट गया तो उन्हें माफ करती है और रोती हुई हँसती है।

इसप्रकार ‘सयानी बुआ’ न केवल मुख्य पात्र के गुणों को उजागर करता है, बल्कि पाठकों के मन में उनके प्रति सम्मान का भाव भी पैदा करता है। इसलिए यह शीर्षक पूरी तरह सार्थक है।

सयानी बुआ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 5.
कहानी के लिए एक अलग शीर्षक दें।
उत्तर:
‘अनकही ममता’ शीर्षक दे सकता है।

कारण: यह शीर्षक उस ममता, त्याग और समझदारी को दर्शाता है जो बुआ ने परिवार के लिए निस्वार्थ रूप से दिया। लेकिन समाज ने शायद पूरी तरह कभी समझा या सराहा नहीं।

प्रश्न 6.
इन वाक्यों के आशय पर चर्चा करें।
• घरवालों के सारे काम मशीनों जैसी व्यवस्था से होते थे।
उत्तर:
ठीक पाँच बजे सब लोग उठ जाते, फिर एक घंटा बाहर मैदान में टहलना होता, उसके बाद चाय-दूध होता। उसके बाद अन्नू को पढ़ने के लिए बैठना होता। भाई साहब भी तब अखबार और ऑफिस की फइलें देखा करते। नौ बजते ही नहाना शुरू होता। जो कपड़े बुआजी निकाल दें वही पहनने होते, फिर कायदे से आकर मेज़ पर बैठ जाओ और खाकर काम पर जाओ।

• बुआ बचपन में ही अपने सामान संभालकर रखने में पटु थीं।
उत्तर:
जो पेंसिल बुआ एक बार खरीदती थीं वह जब तक इतनी छोटी न हो जाती कि उनकी पकड़ में भी न आए तब तक उससे काम लेती थी। जो रबड़ उन्होंने चौथी कक्षा में खरीदी थी, उसे नौवीं कक्षा में आकर समाप्त किया।

• अन्नू को पहाड़ भेजते समय बुआ ने सख्त हिदायत दी।
उत्तर:
बुआ ने पहले दोनों के कपड़ों की लिस्ट बनाई। फिर जूतों की, मोजों की, गरम कपड़ों की, ओढ़ने- बिछाने के समान की, बर्तनों की। हर चीज़ रखते समय वे भाई साहब को सख्त हिदायत कर देती थी कि एक भी चीज़ खोनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा “देखो यह फ्रॉक मत खो देना, सात रुपए मैंने इसकी सिलाई दी है। यह प्याले मत तोड़ना, वरना पचास रुपए का सेट बिगड़ जाएगा।” बाद में वे अन्नू पर आ गई। वह किस दिन, किस समय क्या खाएगी, कब कितना घूमेगी सबकुछ निश्चित कर दिया।

• बुआ की भयंकर कठोरता में कहीं कोमलता भी छिपी हुई थी।
उत्तर:
भाई साहब एक नौकर और अन्नू को लेकर चले गए। बुआजी ने अन्नू को खूब प्यार किया, रोई भी। उनका रोना लेखिका के लिए नई बात थी। उस दिन पहली बार लगा कि उनकी भयंकर कठोरता में कहीं कोमलता भी छिपी है।

प्रश्न 7.
सयानी बुआ की चरित्रगत विशेषता पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
सयानी बुआ समय की बेहद पाबंद महिला है। उनके परिवार का सारा कामकाज बनाई गई समय सारिणी के अनुसार होता है। बुआ अपने परिवार के सदस्यों से बड़ी कठोरता के साथ उस समय सारिणी का पालन करवाती है। उनका व्यक्तित्व पूरे परिवार पर हावी है। उनके खिलाफ बोलने की किसीकी हिम्मत नहीं पड़ती। सयानी बुआ जितनी समय की पाबंद है, उतनी ही कुशल अपने वस्तुओं का उपयोग करने और उनको संभालकर व्यवस्थित रूप से रखने में है। उनकी गृहस्थी जमे पंद्रह वर्ष हो चुके हैं, पर उनके घर का सारा सामान देखकर लगता था जैसे सबकुछ कल का ही हो। अपनी किसी भी चीज़ का टूट जाना उनसे बरदाश्त नहीं होता। एक बार नौकर से सुराही टूट गई थी तो उन्होंने उसे इस कसूर पर बहुत पीटा था। बुआजी को अपने घर की व्यवस्था और साज सजावट पर गर्व है। वे मानती है कि उनके बिना घर को इतना व्यवस्थित कोई नहीं रख सकता । जो बेटी उनके भय से उनके सामने कुछ बोल नहीं सकती, उसकी बीमारी उन्हें व्याकुल कर देती है। उन्हें दुख है कि उसकी देखभाल के लिए उसके साथ पहाड़ पर नहीं जा सकती। तीन दिन तक उसका समाचार न मिलने पर वे चिंतित हो जाती हैं। जब अन्नू के चल बसने की गलफहमी से वे फूट-फूटकर रोने लगती हैं। बाद में अन्नू के सकुशल होने की बात सुनकर खिलखिलाकर हँस पड़ती है। इस खुशी में वे कीमती प्याले के टूट जाने की भी परवाह नहीं करती है। सचमुच सयानी बुआ उस नारियल फल के समान है, जो ऊपर से कठोर, भीतर से कोमल होता है।

ഇളയമ്മ സമയത്തിന്റെ കാര്യത്തിൽ വളരെ കൃത്യ നിഷ്ഠയുള്ള സ്ത്രീയാണ്. അവരുടെ കുടുംബത്തിലെ മുഴുവൻ കാര്യങ്ങളും ഒരു ടൈംടേബിളിന് അനുസരിച്ചാണ് നടക്കു ന്നത്. ഇളയമ്മ വളരെ കണിശമായി കുടും ബത്തിലെ അംഗങ്ങളെക്കൊണ്ട് ടൈംടേബി ളിലെ കാര്യങ്ങൾ ചെയ്യിക്കുന്നു ഇളയമ്മ യുടെ വ്യക്തിത്വത്തിന്റെ പ്രഭാവം ആ കുടും ബത്തിലാകെ വ്യാപിച്ചിട്ടുണ്ട്. അവർക്കെതി രായി സംസാരിക്കാൻ ആർക്കും ധൈര്യമില്ല. ഇളയമ്മ എത്രത്തോളം സമയത്തിന്റെ കാര്യ ത്തിൽ കൃത്യനിഷ്ഠ പുലർത്തുന്നുവോ അത
ത്തോളം തന്നെ ശ്രദ്ധ തന്റെ വസ്തുക്കൾ ഉപയോഗിക്കുന്നതിലും സംരക്ഷിക്കുന്നതി ലും പുലർത്തിയിരുന്നു. അവളുടെ ഗൃഹസ്ഥ ജീവിതം തുടങ്ങിയിട്ട് പതിനഞ്ച് വർഷമായെ
ങ്കിലും, വീട്ടിലെ സാധന സാമഗ്രികൾ കണ്ടാൽ ഇന്നലെ വാങ്ങിയതാണെന്ന് തോന്നും.

തന്റെ ഒരു സാധനവും പൊട്ടിപ്പോകുന്നത് അവർക്ക് സഹിക്കാൻ കഴിഞ്ഞിരുന്നില്ല. ഒരു തവണ വേലക്കാരൻ കൂജ പൊട്ടിച്ചപ്പോൾ, ആ കുറ്റത്തിന്റെ പേരിൽ അവനെ ഒരുപാട് ഉപ ദ്രവിച്ചിരുന്നു. ഇളയമ്മയ്ക്ക് തന്റെ വീട്ടിലെ അച്ചടക്കത്തിലും, അലങ്കാരത്തിലും വലിയ അഭിമാനമാണ്. അവർക്കല്ലാതെ മറ്റാർക്കും വീടിനെ ഇത്രയും ചിട്ടയോടെ കൊണ്ടുപോ കാൻ സാധിക്കില്ല എന്നതാണ് അവരുടെ ചിന്ത. ഇളയമ്മയെ പേടിച്ച് സംസാരിക്കാത്ത മകൾക്ക് അസുഖം വന്നപ്പോൾ, അവർ വ്യാകുലപ്പെടുന്നു. അവളെ ശുശ്രൂഷിക്കാനാ യി പർവ്വതപ്രദേശത്തേയ്ക്ക് അവർക്ക് പോ കാൻ സാധിക്കില്ല എന്നോർത്ത് വളരെയധി ദുഃഖിക്കുന്നു. അടുത്തടുത്ത മൂന്ന് ദിവസങ്ങളോളം എഴുത്ത് വരാഞ്ഞപ്പോൾ അവർ ചിന്താകുലയായി. അന്നു മരിച്ചുപോ യെന്ന തെറ്റിദ്ധാരണ മൂലം അവർ എങ്ങലടി ച്ച് കരയുന്നു. പിന്നീട് അവൾ സുഖമായിരി ക്കുന്നു എന്നറിഞ്ഞപ്പോൾ സന്തോഷത്തോ ടെ ചിരിക്കുകയും ചെയ്യുന്നു. ഈ സന്തോഷ ത്തിൽ വിലപിടിപ്പുള്ള കപ്പുകൾ പൊട്ടിപോ യതിനെക്കുറിച്ച് ചിന്തിക്കുന്നേയില്ല. യഥാർ ത്തിൽ ഇളയമ്മ പുറത്ത് ഉറപ്പുള്ളതും ഉൾ ഭാഗം മൃദുലവുമായ തേങ്ങയെപ്പോലെയാണ്.

सयानी बुआ निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
‘सयानी बुआ’ कहानी किसने लिखी?
उत्तर:
मन्नू भंडारी

प्रश्न 2.
सयानी बुआ के यहाँ सब लोग कितने बजे उठते थे?
उत्तर:
ठीक पाँच बजे।

प्रश्न 3.
कितने घंटे बाहर मैदान में टहलता था?
उत्तर:
एक घंटा।

सयानी बुआ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
सयानी बुआ को बचपन से किसपर पाबंद थी?
उत्तर:
समय पर

प्रश्न 5.
सयानी बुआ किस बात में पटु थीं?
उत्तर:
अपना सामान संभालकर रखने में।

प्रश्न 6.
जो रबड़ उन्होंने चौथी कक्षा में खरीदी थी, कहाँ तक जाकर समाप्त किया?
उत्तर:
नौवीं कक्षा में आकर।

प्रश्न 7.
बुआजी के पति को लेखिका क्या बुलाती थी?
उत्तर:
भाई साहब।

प्रश्न 8.
बुआजी के घर में लेखिका को कौन सबसे अच्छा लगा?
उत्तर:
अन्नू।

प्रश्न 9.
एक बार सयानी बुआ के घर के नौकर ने कौन-सा अपराध किया था?
उत्तर:
सुराही तोड़ दी थी।

प्रश्न 10.
सयानी बुआ को किसपर सख्त नफरत थी?
उत्तर:
तोड़-फोड़ से।

प्रश्न 11.
अन्नू को कौन-सी बीमारी आई ?
उत्तर:
बुखार

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प्रश्न 12.
अन्नू को बुखार आने पर डाक्टरों ने क्या राय दी?
उत्तर:
उसे पहाड़ पर ले जाए और जितना अधिक प्रसन्न रखा जा सके, रखा जाए।

प्रश्न 13.
भाई साहब के सामने विकट समस्या क्या थी?
उत्तर:
बुआजी के रहते अन्नू को पहाड़ पर नहीं ले जा सकता।

प्रश्न 14.
पहाड़ जाने पर सयानी बुआ ने किन-किन चीजों की लिस्ट बनी?
उत्तर:
जूतों की, मोजों की, गरम कपड़ों की, ओढ़ने- बिछाने के सामान की, बर्तनों की।

प्रश्न 15.
हर चीज़ रखते समय भाई साहब से सयानी बुआ की सख्त हिदायत क्या थी?
उत्तर:
एक भी चीज़ खोनी नहीं चाहिए।

प्रश्न 16.
फ्रॉक की सिलाई के लिए कितने रुपए दी है?
उत्तर:
सात रुपए

प्रश्न 17.
प्याले के लिए कितने रुपए हैं?
उत्तर:
पचास रुपए।

प्रश्न 18.
लेखिका को पहली बार सयानी बुआ का रोना देखकर क्या लगा?
उत्तर:
उनकी भयंकर कठोरता में कहीं कोमलता छिपी है।

प्रश्न 19.
भाई साहब पत्र के द्वारा कौन-सी बुरी बात सुना दी?
उत्तर:
पचास रुपए वाले सेट के दोनों प्याले हाथ से गिरकर टूट गए।

प्रश्न 20.
लेखिका कौन-सी बात समझकर ज़ोर से हँस पड़ी?
उत्तर:
पचास रुपए के दो प्याले टूट जाने की बात समझकर।

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पाठ का सारांश :
(सब पर मानो …. समाप्त किया) [Textbook page no. 65]

എല്ലാവരിലും ഇളയമ്മയുടെ വ്യക്തിത്വത്തിന്റെ പ്രഭാവം ഉള്ളതായി തോന്നും. മെഷീനുകളെപ്പോലെ അവിടെ എല്ലാ കാര്യങ്ങളും വളരെ ചിട്ടയോടെ നടന്നിരുന്നു. എല്ലാം കൃത്യം അഞ്ച് മണിക്ക് എഴുന്നേൽക്കും. പിന്നീട് ഒരു മണിക്കൂർ പുറത്ത് മൈതാനത്ത് ഉലാത്തും. അതിന് ശേഷം ചായയോ പാലോ കുടിക്കും. ശേഷം അന്നുവിന് പഠിക്കാനുള്ള സമയമാണ്. ഭായി സാഹബ് പത്രങ്ങളും, ഓഫീസിലെ ഫയലുകളും നോക്കിക്കൊണ്ടിരിക്കും. ഒമ്പതു മണിയാവുമ്പോൾ കുളി ആരംഭിക്കും. ഇളയമ്മ നൽകുന്ന വസ്ത്രം തന്നെ ധരിക്കേണ്ടതുണ്ട്. ശേഷം കൃത്യനിഷ്ഠയോടെ വന്ന് മേശയ്ക്കരി കിൽ ഇരുന്ന് ഭക്ഷണം കഴിച്ച് ജോലിക്ക് പോകും.

സമർത്ഥയായ ഇളയമ്മയുടെ പേര് വാസ്തവത്തിൽ അങ്ങനെ തന്നെയാണോ എന്നും അതോ അവളുടെ സാമർത്ഥ്യം കണ്ടിട്ട് ആളുകൾ അങ്ങനെ വിളിക്കുന്നതാണോ എന്നും എനിക്കറിയില്ല. ചെറുപ്പം തൊട്ടേ സമയനിഷ്ഠയുടെ കാര്യത്തിൽ അവർ നിർബന്ധമുള്ളയാളായിരുന്നു. തന്റെ സാധന സാമഗ്രികൾ സംരക്ഷിക്കുന്നതിൽ സമർത്ഥയായിരുന്നു. അവരുടെ ക്രമീകരണത്തിലുള്ള ശ്രദ്ധ കണ്ടാൽ ആരും ആശ്ചര്യപ്പെട്ടു പോകും. ഒരു പെൻസിൽ വാങ്ങിയാൽ അത് പിടിക്കാൻ പറ്റാത്ത അവസ്ഥയിലായാൽ മാത്രമേ ഉപേക്ഷിക്കുകയുള്ളൂ. നാലാം ക്ലാസ്സിൽ പഠിക്കുമ്പോൾ വാങ്ങിയ റബ്ബർ ഒമ്പതാം ക്ലാസ്സിൽ എത്തിയപ്പോഴാണ് ഉപേക്ഷിച്ചത്.

(उनकी एक-एक ……………………….. सख्त नफरत थी।) [Textbook page no. 66)

അവരുടെ ഓരോ കാര്യങ്ങളും അച്ഛൻ ഉദാഹരണങ്ങളായി നമ്മുടെ മുന്നിൽ അവതരിപ്പിക്കാ റുണ്ട്. ഇത് കേൾക്കുമ്പോൾ, അവർ ഭർത്താവിന്റെ വീട്ടിൽ തന്നെ നിൽക്കട്ടെ എന്നാണ് ഞങ്ങൾ ആഗ്രഹിക്കാറുള്ളത്. അല്ലെങ്കിൽ ഞങ്ങളെപ്പോലെയുള്ള ചിട്ടയില്ലാത്ത ആളുകളുടെ ജീവിതം തന്നെ വെറുപ്പമായി മാറും. അങ്ങനെയുള്ള സമർത്ഥയായ ഇളയമ്മയുടെ അടുത്ത് പോയി പഠിക്കാൻ പറഞ്ഞപ്പോൾ തന്നെ ഞാൻ അത് നിഷേധിച്ചു. അച്ഛൻ എന്റെ പഠിത്തത്തിൽ അതീവ ജാഗ്രത കാ ണിച്ചിരുന്നതിനാൽ, അദ്ദേഹം എന്നെ പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കി, വഴക്ക് പറഞ്ഞ്, സ്നേഹ ലാളനയോടെ സമ്മതിപ്പിച്ചു.

ഇളയമ്മ എന്നെ സന്തോഷത്തോടെ സ്വാഗതം ചെയ്തു. എന്റെ മനസ്സിലുള്ള അവരുടെ രൗദ്രരൂ പത്തിൽ അവരുടെ സ്നേഹം എവിടെയാണ് അപ്രതീക്ഷിതമായത് എന്ന് എനിക്ക് മനസ്സിലാ യില്ല. ഇളയമ്മയുടെ ഭർത്താവ്, അദ്ദേഹത്തെ ഞങ്ങൾ ഭായി സാഹബ് എന്നാണ് വിളിച്ചിരുന്നത്, വളരെ നല്ല സ്വഭാവമുള്ള വ്യക്തിയായിരുന്നു. ആ വീട്ടിൽ എനിക്ക് ഏറ്റവും ഇഷ്ടമുള്ളയാൾ അഞ്ചു വയസുള്ള അവരുടെ മകൾ അന്നുവായിരുന്നു. എനിക്ക് അന്നുവിനോട് വളരെ ദയ തോന്നിയിരുന്നു. അവൾ ഈ ചെറിയ പ്രായത്തിൽ തന്നെ പക്വത നേടികഴിഞ്ഞിരുന്നു. കുട്ടികളെപ്പോലെ ഉല്ലാസമില്ല കളിചിരികളില്ല. ഒരു തരത്തിലുള്ള ഭയം അവളെ പിടികൂടിയിരുന്നു.

വീട്ടിലെ ഈ ഒരു അന്തരീക്ഷത്തിൽ എന്റെ എല്ലാ ചിരിയും സന്തോഷവും ഇല്ലാതായി. ഇളയമ്മ ഗൃഹസ്ഥ ജീവിതം തുടങ്ങിയിട്ട് പതിനഞ്ച് വർഷം കഴിഞ്ഞിരുന്നു. പക്ഷേ വീട്ടിലെ മുഴുവൻ സാധന സാമഗ്രികൾ കണ്ടാൽ തോന്നും ഇന്നലെ വാങ്ങിയതാണ് എന്ന്. അവർ സ്വയം നിന്ന് കൊണ്ട് പാത്രങ്ങ ളെല്ലാം കഴുകിക്കാറുണ്ടായിരുന്നു. ഒരു പ്രാവശ്യം ഒരു വേലക്കാരൻ കൂജ പൊട്ടിച്ചിട്ടുണ്ടായിരുന്നു. ആ ചെറിയ പയ്യനെ അവർ ഈ ഒരു കുറ്റത്തിന് ഒരുപാട് അടിച്ചിട്ടുണ്ടായിരുന്നു. പൊട്ടിക്കുന്ന പ്ര വൃത്തിയോട് അവർക്ക് ഭയങ്കര വിരോധമായിരുന്നു.

(बुआजी की …………………….. निश्चित कर दिया।) [Textbook page no. 66&67]

ഇളയമ്മയുടെ അത്യധികം ജാഗ്രതയുണ്ടായിട്ടും ഇത്രയധികം ഭക്ഷണ കാര്യത്തിൽ നിയന്ത്രണങ്ങൾക്ക് ശേഷവും അന്നുവിന് പനി വന്നു. എല്ലാ വിധത്തിലുള്ള ശുശ്രൂഷകൾ ചെയ്തും, ചെയ്യിച്ചും ഒരു മാസം കടന്നുപോയി. പനി മാറിയില്ല. അവളെ കണ്ടിട്ട് എനിക്ക് തോന്നിയത് അവളുടെ ശരീരത്തിൽ പനിയു ടെ രോഗാണുക്കളല്ല മറിച്ച് ഇളയമ്മയോടുള്ള ഭയത്തിന്റെ രോഗാണുക്കളാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. അത് അവളെ ഉപദ്രവിച്ചു കൊണ്ടിരുന്നു. അവസാനം ഡോക്ടർമാർ കുട്ടിയെ പർവ്വതപ്രദേശത്ത് കൊണ്ട് പോകാൻ നിർദ്ദേശം നൽകി. എത്രയധികം സന്തോഷിപ്പിക്കാൻ സാധിക്കുമോ അത്രയും സന്തോ ഷിപ്പിക്കാനും നിർദ്ദേശിച്ചു. ഇത് ഭായി സാഹബിന്റെ മുന്നിൽ ഒരു സങ്കീർണ്ണ പ്രശ്നമായി രുന്നു. ഇളയമ്മ ഉള്ളിടത്തോളം ഇത് സാധ്യമായിരുന്നില്ല. എന്തുകൊണ്ടെന്നാൽ അറിയാതെപോലും അവ രുടെ ആഗ്രഹത്തിന് മുന്നിൽ മറ്റുള്ളവരുടെ ആഗ്രഹം നടക്കുമായിരുന്നില്ല. ഭായി സാഹബ് മുഴുവൻ കാര്യങ്ങളും ഡോക്ടറുടെ മുന്നിൽ അവതരിപ്പിച്ചു. പക്ഷേ അമ്മയുടെ കൂടെ താമസിക്കുന്നത് ഉചിതമാ യില്ല എന്ന് ഡോക്ടർ പറഞ്ഞു. ഇളയമ്മ ഇത് കേട്ടപ്പോൾ, കേട്ടതായി ഭാവിച്ചില്ല. പക്ഷേ ഡോക്ടറുടെ അഭിപ്രായത്തിന് എതിരായി പ്രവർത്തിക്കാനുള്ള ധൈര്യം അവർക്ക് ഇല്ലായിരുന്നു.

വളരെ ആഘോഷപൂർവ്വം അനുവിന്റെ പർവതയാത്രയ്ക്കുള്ള തയ്യാറെടുപ്പുകൾ ആരംഭിച്ചു. ആദ്യം രണ്ടു പേരുടെയും വസ്ത്രങ്ങളുടെ ലിസ്റ്റ് ഉണ്ടാക്കി, പിന്നീട് സോക്സിന്റെ, ചെരുപ്പു കളുടെ, കമ്പിളി വസ്ത്രങ്ങളുടെ പുതയ്ക്കാനും വിരിക്കാനുമുള്ള സാധനങ്ങളുടെ, പാത്രങ്ങളു ടെ ലിസ്റ്റ് തയ്യാറാക്കി. ഓരോ സാധനവും എടുത്തു വയ്ക്കുന്ന സമയത്ത് അവർ ഭായി സാഹ ബിന് ഒരു സാധനം പോലും നഷ്ട്ടപ്പെടുത്തരുത് എന്ന ശക്തമായ നിർദ്ദേശം നൽകിയിരുന്നു. “നോക്കൂ ഈ ഫ്രോക്ക് നഷ്ടപ്പെടുത്തരുത്, ഏഴ് രൂപ കൊടുത്ത് തയ്പ്പിച്ചതാണ്. ഈ കപ്പു കൾ പൊ ട്ടിക്കരുത്, ഇല്ലെങ്കിൽ അമ്പത് രൂപയുടെ സെറ്റ് നശിച്ചുപോകും. ഓരോ വസ്തുക്കളെക്കുറിച്ചുള്ള നി ർദ്ദേശത്തിന് ശേഷം അവർ അന്നുവിനോടായി പറഞ്ഞു അവർ ഏത് ദിവസം, ഏത് സമയത്ത്, എന്ത് കഴിക്കണം എന്ന നടക്കണം എന്നിവയൊക്കെ നിശ്ചയിക്കപ്പെട്ടു.

(आखिर वह क्षण भी….. लिखा था।) [Textbook page no.68]

ഭായി സാഹബും ഒരു വേലക്കാരനേയും അന്നുവിനേയും കൂട്ടി പോകാനുള്ള സമയം എത്തിച്ചേർന്നു. ഇളയമ്മ അന്നുവിന് സ്നേഹം നൽകി, കരയുകയും ചെയ്തു. അവരുടെ കരച്ചിൽ എന്നെ സംബ ന്ധിച്ചിടത്തോളം പുതിയ കാര്യമായിരുന്നു. അന്നാണ് എനിക്ക് മനസ്സിലായത് അവരുടെ കാഠി ന്യമുള്ള ഹൃദയത്തിൽ സൗന്ദര്യവും എവിടെയോ ഒളിച്ചിരിപ്പുണ്ട് എന്നുള്ളത്. ഭായി സാഹബിന്റെ എഴുത്ത് എല്ലാ ദിവസവും വരാറുണ്ട്. അതിൽ അന്നുവിന്റെ ആരോഗ്യത്തെക്കുറിച്ചുള്ള വിവരങ്ങളു ണ്ടായിരുന്നു. ഇളയമ്മയും എല്ലാ ദിവസവും ഒരു എഴുത്ത് എഴുതാറുണ്ടായിരുന്നു. അതിൽ നിത്യേന പറയാറുള്ള നിർദ്ദേശങ്ങളെല്ലാം എഴുത്തിന്റെ രൂപത്തിൽ ആവർത്തിക്കാറുണ്ടായിരുന്നു,

ഏകദേശം ഒരു മാസത്തിന് ശേഷം ഒരു ദിവസം ഭായി സാഹബിന്റെ എഴുത്ത് വന്നില്ല. രണ്ടാമത്തെ ദി വസവും വന്നില്ല. ഇളയമ്മ ആകെ ചിന്താകുലയായി. മൂന്നാമത്തെ ദിവസവും കടന്നുപോയി. ഇപ്പോൾ ഇളയമ്മയുടെ ചിന്തകൾക്ക് പരിധിയില്ലാതായി. രാത്രിയിൽ അവർ എന്റെ റൂമിൽ വന്ന് ഉറങ്ങി. പക്ഷേ രാത്രി മുഴുവൻ ദുഃസ്വപ്നങ്ങൾ കണ്ട് കരഞ്ഞുകൊണ്ടിരുന്നു.. അവർ വീണ്ടും വീണ്ടും ഇങ്ങനെ പറഞ്ഞുകൊണ്ടിരുന്നു. സ്വപ്നത്തിൽ ഭായി സാഹബ് ഒറ്റയ്ക്ക് വരുകയാണ്, അന്നു കൂടെയില്ല, മാത്ര മല്ല അദ്ദേഹത്തിന്റെ കണ്ണുകൾ ചുവന്നിരിക്കുന്നു. ഞാൻ പലവിധത്തിൽ അവരെ ആശ്വസിപ്പിക്കാൻ ശ്രമിച്ചു. പക്ഷേ അവർ ഒന്നും കേൾക്കാൻ തയ്യാറായില്ല. അപ്പോഴേക്കും വേലക്കാരൻ ഭായി സാഹ ബിന്റെ എഴുത്ത് കൊണ്ട് വന്ന് തന്നു. വളരെ വ്യഗ്രതയോടെ, വിറയ്ക്കുന്ന കൈകളോടെ അവർ അത് ഇരുന്ന് വായിക്കാൻ തുടങ്ങി. പെട്ടെന്ന് എഴുത്ത് വലിച്ചെറിഞ്ഞ് തലതല്ലികൊണ്ട് അലറിവി ളിച്ച് ഇളയമ്മ കരഞ്ഞുകൊണ്ടിരുന്നു. ഞാൻ നിശ്ചലമായി പോയി. എന്റെ കൺമുന്നിൽ അന്നുവിന്റെ നിഷ്കളങ്കമായ രൂപം മിന്നിമറഞ്ഞു. വാസ്തവത്തിൽ അന്നു ഈ ലോകത്തിലില്ലേ? ഞാൻ ധൈര്യം സംഭരിച്ച് ഭായി സാഹിബിന്റെ എഴുത്ത് എടുത്തു. അതിൽ ഇങ്ങനെ എഴുതിയിരുന്നു.

(प्रिय सयानी.. निधि मिल गई हो।) [Textbook page no. 68&69]

പ്രിയ സയാനി,

നിനക്ക് എങ്ങനെയാണ് ഈ എഴുത്ത് എഴുതേണ്ടത് എന്നറിയില്ല. എങ്ങനെയാണ് ഈ ദുഃഖവാർത്ത നിന്നെ കേൾപ്പിക്കുക. എങ്കിലും പ്രിയേ നീ ഈ മുറിവിനെ ധൈര്യപൂർവ്വം സഹിക്കുക. ഈ ലോകം നശ്വരമാണ്. എല്ലാവരും ഒരുദിവസം ഇല്ലാതാകും. നിന്റെ എല്ലാ നിർദ്ദേശങ്ങളുണ്ടായിട്ടും എന്റെ ജാഗ്രത ഉണ്ടായിട്ടും എനിക്ക് അതിനെ രക്ഷിക്കാൻ സാധിച്ചില്ല. ഇതിനെ എന്റെ നിർഭാഗ്യം എന്നല്ലാതെ എന്താണ് പറയുക. ഇതെല്ലാം എന്റെ കൈകൾ കൊണ്ട് സംഭവിച്ചതാണ്. കണ്ണുനീര് ന ിറഞ്ഞ കണ്ണുകൾ കാരണം ശബ്ദങ്ങളുടെ രൂപം സ്പഷ്ടമല്ലാതായി മാറിക്കൊണ്ടിരുന്നു, എന്റെ കൈകൾ വിറയ്ക്കുന്നുണ്ടായിരുന്നു. എന്റെ കണ്ണുകൾ ശബ്ദങ്ങളെ കടന്ന് വെച്ച് എഴുത്തിന്റെ അവസാന ഭാഗ ത്തേക്ക് എത്തിപ്പെട്ടു. ധൈര്യം സംഭരിക്കുക, സംഭവിച്ചതെല്ലാം സഹിക്കാനും, മറക്കാനും ശ്രമി ക്കുക. ഇന്നലെ നാല് മണിയ്ക്ക് നിന്റെ അമ്പത് രൂപ വിലയുള്ള രണ്ട് കപ്പുകളുടെ സെറ്റ് എന്റെ കൈയ്യിൽ നിന്ന് താഴെ വീണ് പൊട്ടിപ്പോയി. അനു സുഖമായിരിക്കുന്നു. ഉടൻ തന്നെ ഞങ്ങൾ ഇവിടെനിന്ന് പുറപ്പെടാനിരിക്കുകയാണ്.

ഒരു മിനിറ്റ് നേരത്തേയ്ക്ക് എനിക്ക് ബുദ്ധി നഷ്ടപ്പെട്ടതുപോലെ തോന്നി. എന്തൊക്കെയാണ് സംഭവിക്കുന്നത് എന്ന് മനസ്സിലായില്ല. മനസ്സിലായിടത്തോളം ഞാൻ ഉച്ചത്തിൽ ചിരിച്ചു. ഇളയമ്മയെ ഞാൻ പറഞ്ഞ് മനസ്സിലാക്കിച്ചത് എന്താണെന്ന് എത്ര ശ്രമിച്ചിട്ടും എനിക്ക് എഴുതാൻ സാധിക്കില്ല. പ ക്ഷേ വാസ്തവം അറിഞ്ഞപ്പോൾ ഇളയമ്മയും കരഞ്ഞുകൊണ്ട് ചിരിച്ചു. അഞ്ചണയുള്ള കൂജ പൊട്ടി ച്ചപ്പോൾ വേലക്കാരനെ മോശമായ രീതിയിൽ പ്രഹരിച്ച് ഇളയമ്മ അമ്പത് രൂപ വിലയുള്ള കപ്പ് സെറ്റ് പൊട്ടിയപ്പോഴും സ്വർഗ്ഗത്തിലെ നിധി കിട്ടിയപോലെ ചിരിക്കുകയായിരുന്നു.

सयानी बुआ लेखक परिचय

कहानी (मन्नू भंडारी)
कहानी
सयानी बुआ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
मन्नू भंडारी (3 अप्रैल 1931 – 15 नवंबर 2021) हिंदी की प्रसिद्ध कथा लेखिका है। मध्यप्रदेश में मंदसौर जिले के भानपुरा गाँव में जन्मी मन्नू भंडारी के बचपन का नाम महेंद्र कुमारी था। लेखन के लिए उन्होंने मन्नू भंडारी नाम चुना था। उन्होंने एम ए तक की शिक्षा पाई और वर्षों तक दिल्ली के मिरांडा हाउस में अध्यापिका रहीं। ‘आपका बंटी’, ‘महाभोज’, आदि उनके बहुचर्चित उपन्यास हैं। ‘यही सच है’, ‘मैं हार गई’, ‘एक प्लेट सैलाब’ जैसे आठ कहानी संग्रह प्रकाशित हैं। आपको सन् 2007 में ‘व्यास सम्मान’ प्राप्त हुआ।

മന്നു ഭണ്ഡാരി (3 ഏപ്രിൽ 1931 – 15 നവംബർ 2021) ഹിന്ദിയിലെ പ്രസിദ്ധ കഥാലേഖികയാണ്. മധ്യപ്രദേ ശിലെ മന്ദസൗർ ജില്ലയിലെ ഭാൻപുര ഗ്രാമത്തിൽ ജനിച്ച മധുഭണ്ഡാരിയുടെ ബാല്യകാലത്തിലെ പേര് മഹേന്ദ്രകുമാരി എന്നായിരുന്നു. എഴുത്തിന് വേണ്ടി അവർ മന്നു ഭണ്ഡാരി എന്ന പേര് സ്വീകരിച്ചതായി രുന്നു. അവർ എം. എ വരെ പഠനം നടത്തി. കുറേ വർഷങ്ങളോളം ദില്ലിയിലെ മിറാൻഡ ഹൗസ് കോളേജിലെ അദ്ധ്യാപികയായിരുന്നു. ‘आपका बंटी’, ‘महाभोज’, എന്നിവ അവളുടെ പ്രസിദ്ധമായ നോവലുകളാണ്. ‘यही सच है’, ‘मैं हार गई’, ‘एक प्लेट सैलाब’ എന്നിങ്ങനെ എട്ട് കഥാസംഗ്രഹങ്ങൾ പ്രസിദ്ധീകരിച്ചു. അവർക്ക് 2007 ൽ ‘വ്യാസ് സമ്മാൻ’ ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്.

सयानी बुआ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

सयानी बुआ शब्दार्थ

मदद ले :
सयानी – चतुर, സമർത്ഥയായ
बुआ – पिता की बहन, Aunt
हावी – प्रभावी, ബാധിക്കുക
व्यवस्था – ചിട്ടയോടെ
घंटा – മണിക്കൂർ
टहलना – ഉലാത്തുക
अखबार – വർത്തമാനപ്രതം
कायदे से – निष्ठा से, കൃത്യനിഷ്ഠയോടെ
बचपन – ബാല്യകാലം
पाबंद – अनुशासित, അച്ചടക്കമുള്ള
संभालना – സംരക്ഷിക്കുക
पटु – निपुण, സമർത്ഥ
कायल – ध्यान देनेवाली, ശ്രദ്ധിക്കുന്ന
चकित होना – അത്ഭുതപ്പെടുക
काम लेना – ഉപയോഗിക്കുക
रबड़ – റബ്ബർ
खैर मनाया करते थे – भलाई चाहते थे, നന്മ ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നു
ससुराल – ഭർത്താവിന്റെ വീട്
अस्त-व्यस्त – ക്രമരഹിതമായ
अव्यवस्थित – ചിട്ടയില്ലാത്ത
हराम – ബുദ്ധിമുട്ട്
इनकार करना – നിഷേധിക്കുക
सतर्क – ജാഗ്രത
डाँटकर – വഴക്ക് പറഞ്ഞ്
प्यार-दुलार से – സ്നേഹത്തോടെ
राज़ी कर लेना – സമ്മതിപ്പിക്കുക
संदेह – സംശയം
तिरोहित हो जाना – അപ്രത്യക്ഷമാവുക
तरस आता था – ദയ തോന്നിയിരുന്നു
नन्ही सी उम्र – ചെറിയ പ്രായം
प्रौढ़ हो गई थी – പക്വത നേടിക്കഴിഞ്ഞിരുന്നു
चहचहाहट – കോലാഹലം
भय से घिरी रहती थी – ഭയപ്പെട്ടിരുന്നു
वातावरण – അന്തരീക്ഷം
हँसी-खुशी – സന്തോഷം
मारी गई – ഇല്ലാതായി
सुराही – കൂജ
छोकरा – लड़का, ആൺകുട്ടി
कसूर – अपराध,, കുറ്റം
पीटा था – അടിച്ചിരുന്നു
तोड़-फोड़ – किसी चीज़ को नष्ट करना, നശിപ്പിക്കുക
सख्त – തീക്ഷണമായ
नफरत – വിരോധം
उपचार – ശുശ്രൂഷ
ज्वर – പനി
कीटाणु – രോഗാണുക്കൾ
ग्रसना – വിഴുങ്ങുക, ഉപദ്രവിക്കുക
विकट समस्या – സങ്കീർണ്ണ പ്രശ്നം
आनाकानी की – കേട്ടില്ലെന്ന് നടിച്ചു
साहस – ധൈര്യം
ज़ोर-शोर से – തിടുക്കത്തിൽ, വേഗത്തിൽ
मोजा – സോക്സ്
ओढ़ना-बिछाना – പുതയ്ക്കുകയും, വിരിക്കുകയും
सख्त हिदायत – കർശന നിർദ്ദേശം
सिलाई देना – തയ്ക്കുക
प्याला – കപ്പ്
पत्र – കത്ത്
तबीयत – ആരോഗ്യം
समाचार – വാർത്ത
मौखिक हिदायत – പറയുന്ന ഉപദേശങ്ങൾ
दोहरा देना – ആവർത്തിക്കുക
व्यग्रता से – ആവേശത്തോടെ
काँपते हाथों से – വിറയ്ക്കുന്ന കൈകളോടെ
एकाएक – പെട്ടെന്ന്
फेंकना – എറിയുക
सर पीटती – തലയിട്ടടിക്കുക
चीखकर – അലറിവിളിച്ച്
भोली-सी – നിഷ്കളങ്കമായ
चोट – മുറിവ്
मिटेगा – ഇല്ലാതാകും
रवाना होना – പുറപ്പെടുക
हतबुद्धि-सी – ബുദ്ധി നഷ്ട്ടപ്പെട്ടത് പോലെ
क्या से क्या हो गया – വിചാരിക്കാത്ത കാര്യങ്ങൾ നടന്നു
सत्य से अवगत कराना – സത്യം ബോധ്യപ്പെടുത്തുന്നു
रोते-रोते हँस पड़ी – കരഞ്ഞുകൊണ്ട് ചിരിച്ചു
स्वर्ग की निधि – സ്വർഗ്ഗത്തിലെ നിധി

मेरी माँ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 3 Chapter 3 मेरी माँ Meri Maa Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Meri Maa Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 3 Chapter 3 Question Answer Kerala Syllabus मेरी माँ

Meri Maa Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
‘तुझे सब है पता, है न माँ’ इस कथन से क्या व्यक्त होता है?
‘നിങ്ങൾക്ക് എല്ലാം അറിയം അല്ലേ അമ്മേ?’ – ഈ പ്രസ്താവനയിലൂടെ എന്താണ് വ്യക്ത മാക്കുന്നത്?
उत्तर:
इस कथन में गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति छिपी है। यह वाक्य माँ के प्रति बच्चे के विश्वास, आस्था, और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। बच्चा माँ से संवाद करता है, यह मानकर कि उसे सबकुछ समझ में आ जाएगा।
ഈ പ്രസ്താവനയിൽ ആഴമേറിയ വികാരപ കടനം ഒളിഞ്ഞിരിക്കുന്നു. ഈ വാക്യം അമ്മയോടുള്ള കുട്ടിയുടെ വിശ്വാസം, പ്രതീക, മാനസികബന്ധം എന്നിവയെ കാണി ക്കുന്നു. അമ്മയെല്ലാം മനസ്സിലാക്കിക്കൊ ള്ളും എന്ന ധാരണയിൽ കുട്ടി അമ്മയോട് മനസ്സിൽ സംസാരിക്കുകയാണ്.

प्रश्न 2.
‘भेज न इतना दूर मुझको तू’ बेटा क्यों ऐसा कहता होगा?
‘ഇത്രയും ദൂരം എന്നെ അയയ്ക്കരുത്’ മകൻ ഇങ്ങനെ പറയുന്നത് എന്തുകൊണ്ടാകാം?
उत्तर:
बेटा माँ से दूर रहना नहीं चाहता। वह माँ की ममता, प्यार और सुरक्षा से वंचित रहना नहीं चाहता। इस पंक्ति में बेटे की पीड़ा, अकेलापन, माँ के प्रति गहरा संबंध आदि झलकता है।
മകൻ അമ്മയെ വിട്ടുനിൽക്കാൻ ആഗ്രഹിക്കു ന്നില്ല. അവൻ അമ്മയുടെ വാത്സല്യം, ഹം, സുരക്ഷ എന്നിവയിൽ നിന്ന് വഞ്ചിക്ക പ്പെടാൻ ആഗ്രഹിക്കുന്നില്ല. ഈ വരിയിൽ മകന്റെ ദുഃഖം, ഏകാന്തത, അമ്മയോടുള്ള ആഴമേറിയ ബന്ധം എന്നിവ വെളിപ്പെടുന്നു.

मेरी माँ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
ज़ोर से झुला झूल ते समय, सहम जाने पर भी बेटा पापा से क्यों शिकायत नहीं करता होगा?
ശക്തിയായി ഊഞ്ഞാൽ ആടുന്ന സമയത്ത് പരിഭ്രമിച്ചിട്ടും മകൻ അച്ഛനോട് പരാതി പറയാതിരുന്നത് എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
क्योंकि बेटा पापा से डरता है। उसे ऐसा लगता है कि अगर वह शिकायत करेगा तो पापा बुरा मानेगा। उसकी प्रतीक्षा है कि तब भी माँ आकर उसे थामेगी।
എന്തുകൊണ്ടെന്നാൽ മകൻ അച്ഛനെ ഭയപ്പെ ടുന്നു. പരാതി പറഞ്ഞാൽ അച്ഛന് അത് മോ ശമായി തോന്നും എന്ന് അവന് തോന്നുന്നു. അപ്പോഴും അവന്റെ പ്രതീക്ഷ അമ്മ വന്ന് തലോടും എന്നാണ്.

प्रश्न 1.
आगे…
इस फ़िल्मी गीत में आपके दिल को छूने वाली बातें चुनकर लिखें।
(ഈ സിനിമാഗാനത്തിൽ നിങ്ങളുടെ മനസ്സി നെ സ്പർശിക്കുന്ന കാര്യങ്ങൾ തെരഞ്ഞ ടുത്ത്എ ഴുതുക)
उत्तर:
इस गाने में दिल को छूनेवाली कुछ बातें हैं। वह अपनी माँ से कहता है कि भीड़ में मुझे मत छोडो, क्योंकि मैं घर वापस न आ सकूँगा। आगे वह कहता है कि इतना दूर मत भेजो कि माँ की याद न कर पाएगा। वह पूछता है कि ‘मैं इतना बुरा है क्या?’ और एक बात, पापा झूला झुलाते समय उसकी आँखें माँ को ढूँढ़ती है। वह सोचता है कि माँ आकर थामेगी। मन का घबराहट कभी चेहरे पर आने न देता।

प्रश्न 2.
इन बातों के प्रसंग पर ईशान अवस्थी की डायरी कल्पना करके लिखें।
(ഈ കാര്യങ്ങളുടെ പശ്ചാത്തലത്തിൽ ഇശാൻ അവസ്തിയുടെ ഡയറി സങ്കൽപ്പിച്ച് എഴുതുക)

10 जनवरी
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उत्तर:
10 जनवरी 2007

आज पहली बार मम्मी-पापा मुझे यहाँ छोड़ कर चले गए। मैं देखता ही रह गया। मम्मी पलट कर एक बार भी नहीं देखी। पापा बस कहकर गए – “अब यही तुम्हारा घर है।” अब मैं घबराहट हूँ। कभी मैंने माँ से नहीं कहा था कि अँधेरे से डरता हूँ। मैं अपनी माँ की परवाह करता हूँ, पर वह बाहर नहीं दिखाता। माँ, तुम सबकुछ जानते हो। मुझे भीड़ में अकेला मत छोडो। क्योंकि घर वापस आ न पाऊँगा। मुझे इतनी दूर मत भेजना कि माँ की याद भी न कर पाए।

क्या मैं इतना बुरा हूँ माँ? जब भी पापा मुझे ज़ोर से झूला झुलाते तो मेरी आँखें तुम्हें ढूँढ़ती रहती हैं। मेरा सोच है कि तुम आकर मुझे थामेगी। मैं घबरा जाता हूँ, लेकिन पापा से नहीं कहता। दिल में बहुत घबराहट है, पर वह चेहरे पर आने न देता है। माँ ये सब तुम जानते हो न। मैं यहाँ रह न सकता। मुझे मेरी माँ चाहिए…..

अनुबद्ध कार्य
‘तारे ज़मीन पर’ सिनेमा देखें और ईशान अवस्थी नामक पात्र की विशेषताएँ पहचानें। ईशान अवस्थी नामक पात्र का परिचय देते हुए टिप्पणी लिखें।
(‘तारे ज़मीन पर’ എന്ന സിനിമ കാണുക, ഇശാൻ അവി എന്ന കഥാപാത്ര ത്തിന്റെ വിശേഷണങ്ങൾ തിരിച്ചറിയുക. ഇശാൻ അവസ്തി എന്ന കഥാപാത്രത്തെ പരിചയപ്പെടുത്തി കുറിപ്പ് തയ്യാറാക്കുക.)
उत्तर:
ईशान अवस्थी – असाधारण बचपन

ईशान अवस्थी ‘तारे ज़मीन पर’ फ़िल्म का प्रमुख पात्र है। वह एक आठ वर्षीय बालक है जो पढ़ाई में कमज़ोर है, विशेषकर पढ़ने और लिखने में। उसकी दुनिया कल्पनाओं और रंगों से भरी है। वह एक बेहतरीन चित्रकार है और अपनी दुनिया को अलग दृष्टिकोण से देखता है। ईशान डिस्लेक्सिया नामक विकार से पीड़ित होता है। लेकिन उसकी इस समस्या को उसके माता-पिता और शिक्षक आलस्य या अंकमंदी की कमी कभी समझते हैं।

यह पात्र दिखाता है कि हर बच्चा विशेष होता है। उसे समझने और सही मार्गदर्शन की ज़रूरत होती है । फ़िल्म के माध्यम से ईशान यह सिखाता है कि शिक्षा का असली उद्देश्य बच्चों की क्षमताओं को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।

ഇശാൻ അവസ്തി – അസാധാരണ ബാല്യം

ഇശാൻ അവസ്തി ‘താരെ സമീൻ പർ’ എന്ന സിനിമയിലെ പ്രധാന കഥാപാത്രമാണ്. പ ഠിത്തത്തിൽ പിന്നോക്കം നിൽക്കുക പ്രത്യേ കിച്ച് എഴുത്തിലും വായനയിലും പ്രയാസം അനുഭവിക്കുന്ന ഒരു എട്ട് വയസ്സുള്ള ബാലക നാണ് ഇശാൻ അവസ്തി. അവന്റെ ലോകം സങ്കല്പങ്ങളും, നിറങ്ങളും നിറഞ്ഞു നിൽ ക്കുന്നു. അവൻ ഒരു മികച്ച ചിത്രകാരനാണ്. അവൻ തന്റെ ലോകത്തെ വ്യത്യസ്ത കാഴ്ച്ചപ്പാടിലൂടെ കാണാൻ ആഗ്രഹിക്കുന്നു. ഇശാൻ ഡിസ്ലെക്സിയ എന്ന അവസ്ഥയി ലൂടെ കടന്നുപോകുന്ന കുട്ടിയാണ്. പക്ഷേ അവന്റെ ഈ പ്രശ്നം രക്ഷിതാക്കളും, അദ്ധ്യാപകരും മടിയും ബുദ്ധിക്കുറവ് എന്നിവയെന്ന് മനസ്സിലാക്കുന്നു.

ഓരോ കുട്ടിയും വിശേഷപ്പെട്ടതാണ് എന്ന് ഈ കഥാപാത്രം നമുക്ക് കാണിച്ചു തരുന്നു. അവനെ മനസ്സിലാക്കാനും ശരിയായ മാർഗ്ഗ നിർദ്ദേശം നൽകാനും സാധിക്കണം. ഈ സിനിമയിലൂടെ ഇശാൻ നമുക്ക് കാണിച്ചു തരുന്നത്, വിദ്യാഭ്യാസത്തിന്റെ ഉദ്ദേശ്യം കുട്ടികളുടെ കഴിവുകളെ തിരിച്ചറിയുകയും, അവയെ പുറത്ത് കൊണ്ടുവരുന്നതിന് പ്രോത്സാഹനം നൽകുകയും ചെയ്യണം എന്നുള്ളതാണ്.

मेरी माँ निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
‘मेरी माँ’ फ़िल्मी गीत के रचयिता कौन है?
उत्तर:
प्रसून जोशी।

प्रश्न 2.
बच्चा किससे डरता है?
उत्तर:
अँधेरे से

मेरी माँ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
‘तेरी परवाह करता हूँ मैं’ – किसकी?
उत्तर:
माँ की

प्रश्न 4.
किसको सबकुछ पता है?
उत्तर:
माँ को

प्रश्न 5.
बच्चे को कहाँ छोड़ न देने को कहता है?
उत्तर:
भीड़ में

प्रश्न 6.
बच्चा कहाँ लौट न पाता है?
उत्तर:
घर

प्रश्न 7.
इतना दूर भेजने से क्या न आ पाएगा?
उत्तर:
याद

प्रश्न 8.
बच्चे को कौन झुला झूलते हैं?
उत्तर:
पापा

प्रश्न 9.
झूला झूलने पर बच्चा किसका ढूँढ़ता है?
उत्तर:
अपनी माँ को।

प्रश्न 10.
तब बच्चा क्या सोचता है?
उत्तर:
माँ आकर मुझे थामेगी।

मेरी माँ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 11.
चेहरे पर क्या आने नहीं देता?
उत्तर:
घबराहट

प्रश्न 12.
बच्चा कहाँ घबराता है?
उत्तर:
दिल ही दिल में।

Meri Maa Summary in Malayalam

मेरी माँ Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(मैं कभी …………………………. मेरी माँ) [Textbook page no. 60]

श्री आमिरखान द्वारा निर्देशित ‘तारे ज़मीन पर’ शीर्षक फ़िल्म का गीत है ‘मेरी माँ’। श्री प्रसून जोशी है इसका संगीतकार। पढ़ाई में पीछे पड़ने के कारण बोर्डिंग स्कूल में छोड़े गए ईशान अवस्ती नामक बच्चे की अपनी माँ के प्रति होने वाली भावनाओं को इसमें व्यक्त किया है।

अँधेरे से डरने वाली बात बच्चा अपनी माँ से कभी बताया नहीं। बच्चा अपनी माँ की परवाह करता है, लेकिन वह दिखाता नहीं। बच्चे को विश्वास है कि उसकी माँ सब जानती है।

ശ്രീ ആമിർഖാൻ സംവിധാനം ചെയ്ത ‘താരേ സമീൻ പർ’ എന്ന സിനിമയിലെ ഗാനമാണ് ‘मेरी माँ’.
ഇതിന്റെ സംഗീതജ്ഞൻ ശ്രീ പ്രസൂൺ ജോശി യാണ്. പഠിത്തത്തിൽ പിറകാലാണെന്ന കാരണത്താൽ ബോർഡിംഗ് സ്കൂളിൽ ചേർത്ത ഈശാൻ അവസ്തി എന്ന കുട്ടിയുടെ അമ്മയോടുള്ള വികാരങ്ങളാ ണ് ഇതിൽ വ്യക്തമാക്കിയിരിക്കുന്നത്.

ഇരുട്ടിനോട് പേടിയാണെന്ന കാര്യം അമ്മയോട് ഒരിക്കലും കുട്ടി പറഞ്ഞിട്ടില്ല. കുട്ടി അമ്മയെ ശ്രദ്ധിക്കുന്നുണ്ട്, പക്ഷേ ഇത് ഒരിക്കലും പുറത്ത് കാണിക്കാറില്ല. അമ്മയ്ക്ക് എല്ലാം അറി യാമെന്ന് കുട്ടിയ്ക്ക് വിശ്വാസമുണ്ട്.

(भीड़ में………………………….. मेरी माँ) [Textbook page no. 60]

बच्चा कहता है कि उसे भीड़ में अकेला न छोड़ो कि घर वापस आ न पाएगा। इतना दूर मत भेजो कि वह अपनी माँ की याद न कर पाएगा। वह अपनी माँ से पूछता है कि ‘क्या मैं इतनी बुरा हूँ’?

यहाँ बच्चा मन ही मन अपनी व्यथा माँ से कहती है। उसकी मासूमियत, माँ के प्रति प्यार, विश्वास आदि दर्शाता है।

ഈ തിരക്കിൽ അവനെ ഉപേക്ഷിക്കരുത്, കാരണം വീട്ടിലേയ്ക്ക് തിരിച്ചു വരാൻ അവന റിവില്ല. ഇത്രയും ദൂരം അവനെ അയയ്ക്കരുത്, കാരണം അമ്മയെക്കുറിച്ചുള്ള ഓർമ്മകൾ നഷ്ടമാകും. ‘ഞാൻ അത്രയും ചീത്തയാണോ’ എന്ന് അവൻ അമ്മയോട് ചോദിക്കുന്നു.

ഇവിടെ കുട്ടി തന്റെ ദുഃഖങ്ങളാണ് അമ്മയോട് പറയുന്നത്. അവന്റെ നിഷ്കളങ്കത, അമ്മയോ ടുള്ള സ്നേഹം, വിശ്വാസം എന്നിവയാണ് ഇവിടെ കാണാൻ സാധിക്കുന്നത്.

(जब भी ……………………………… मेरी माँ।) [Textbook page no. 61]

बच्चा अपनी माँ से कहता है कि जब कभी पापा मुझे ज़ोर से झूल झुलाते हैं, तब मेरी नज़र तुझे ढूँढ़नी रहती है। तब वह ऐसा सोचता है कि माँ आकर उसे पकड़ लेगी। मन से वह बहुत घबरा जाता है, लेकिन पापा से नहीं कहता। दिल ही दिल घबराता है, लेकिन चेहरे पर यह आने नहीं देता। बच्चे को विश्वास है कि उसकी माँ सबकुछ जानती है।

यहाँ माँ के प्रति प्यार, विश्वास आदि दिखाई पड़ता है। सारी परेशानियों से माँ बच्चे को बचा लेगी, ऐसा उसका विश्वास है। असल में यही उसे आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।

എപ്പോഴൊക്കെയാണോ അച്ഛൻ എന്നെ ശക്തിയായി ഊഞ്ഞാലാടുന്നത് അപ്പോഴെല്ലാം എന്റെ കണ്ണുകൾ അമ്മയെ തെരഞ്ഞു നടക്കും, എന്നാണ് കുട്ടി അമ്മയോട് പറയുന്നത്. അമ്മ വന്ന് അവനെ തലോടും എന്നത് അവന്റെ വിശ്വാസം. മനസ്സിൽ ഒരുപാട് പരിഭ്രമിക്കാറുണ്ടെങ്കിലും അച്ഛ നോട് പറയാറില്ല. മനസ്സിൽ പരിഭ്രമം ഉണ്ടായാലും മുഖത്ത് ഭാവമാറ്റം വരുത്താറില്ല. അമ്മ എല്ലാം അറിയുന്നുണ്ടെന്നാണ് അവന്റെ വിശ്വാസം.

ഇവിടെ അമ്മയോടുള്ള കുട്ടിയുടെ സ്നേഹം, വിശ്വാസം എന്നിവയാണ് കാണപ്പെടുന്നത്. എല്ലാ വിഷമങ്ങളിൽ നിന്നും അമ്മ അവനെ രക്ഷിക്കും എന്നാണ് അവന്റെ വിശ്വാസം. വാസ്ത വത്തിൽ ഇതാണ് അവന് മുന്നോട്ട് പോകാനുള്ളതിനുള്ള ഊർജ്ജം നൽകുന്നത്.

गीत का आशय लिखें।

‘माँ’ गाने के बोल “तारे ज़मीन पर” फ़िल्म में माँ के प्रति बच्चे की भावनाओं को व्यक्त करते हैं। यह गाना बच्चे की मासूमियत, माँ के प्रति अटूट प्रेम और विश्वास को दर्शाता है। यह विख्यात गीतकार प्रसून जोशी ने लिखा है।

बच्चा कहता है कि अपनी माँ को वह बात कभी बताता नहीं है, लेकिन वह अँधेरे से डरता है । बच्चा अपनी माँ की परवाह करता है, लेकिन वह इसे दिखाता नहीं है। बच्चे को विश्वास है कि उसकी माँ सब जानती है, उसकी भावनाओं को समझती है। वह कहता है कि उसे भीड़ में अकेला न छोडो कि घर वापस आ न पाएगा। उसे इतनी दूर न भेजें कि वह अपनी माँ को याद भी न कर पाए। बच्चा पूछता है कि क्या वह इतना बुरा है कि उसे दूर भेजा जा रहा है। जब भी पापा मुझे झुलाते हैं, तो मेरी आँखें तुम्हें (माँ को) ढूँढ़ रही हैं, और यह सोचता है कि वह आकर उसे थामेगी। पापा से मैं यह कहता नहीं, पर मैं सहम जाता है। दिल में बहुत घबराता हूँ, पर चेहरे पर आ न देता है। बच्चे को विश्वास है कि उसकी माँ सब जानती है।

यह गीत माँ के प्रति प्यार, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है। यह माँ के महत्व को याद दिलाता है और उनके द्वारा प्रदान किए गए प्यार और देखभाल के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता है।

‘तारे ज़मीन पर’ എന്ന സിനിമയിലെ ‘അമ്മ’ എന്ന ഗാനത്തിലെ വരികൾ അമ്മയോടുള്ള കുട്ടിയുടെ വികാരങ്ങളെ വ്യക്തമാക്കുന്നു. ഈ ഗാനം കുട്ടിയുടെ നിഷ്കളങ്കത, അമ്മയോടുള്ള അതുല്യ നേ ഹം, വിശ്വാസം എന്നിവയെ കാണിച്ചു തരുന്നു. ഇത് വിഖ്യാതമായ സംഗീതജ്ഞൻ പ്രസൂൺ ജോശി രചിച്ചതാണ്.

ഇരുട്ടിനെ പേടിയാണ് എന്ന കാര്യം കുട്ടി അമ്മയോട് പറയാറില്ല. കുട്ടി അമ്മയെ നന്നായി ശ്രദ്ധിക്കുന്നുണ്ട്, പക്ഷേ അത് പുറത്ത് കാട്ടില്ല. അമ്മയ്ക്ക് എല്ലാം അറിയാമെന്നും, അവന്റെ വികാ രങ്ങളെ മനസ്സിലാക്കുന്നുണ്ടെന്നും കുട്ടിക്ക് വിശ്വാസമുണ്ട്. വീട്ടിലേയ്ക്ക് തിരിച്ചു വരാനാവാ ത്തവിധം എന്നെ തിരക്കിനിടയിൽ ഇപ്രകാരം ഉപേക്ഷിക്കരുത്. അമ്മയെ ഓർമ്മിക്കനാവാത്ത വിധത്തിൽ എന്നെ ഇത്രയും ദൂരത്തേയ്ക്ക് അയയ്ക്കരുത്. കുട്ടി ചോദിക്കുന്നത് ‘ഇത്രയും ദൂരത്തേയ്ക്ക് അയയ്ക്കുന്നത് താൻ ഇത്രയ്ക്ക് മോശമായതു കൊണ്ടാണോ എന്നാണ്. അച്ഛൻ എന്നെ ശക്തിയായി ഊഞ്ഞാലാട്ടുമ്പോഴൊക്കെ എന്റെ കണ്ണുകൾ അമ്മയെ അന്വേഷിച്ചുകൊണ്ടിരിക്കും. അവൻ ആലോചിക്കുന്നത് അമ്മ വന്ന് എന്നെ പിടിക്കും എന്നാണ്. അച്ഛനോട് ഞാൻ ഇത് പറയില്ല, പക്ഷേ ഞാൻ പരിഭ്രമിക്കാറുണ്ട്. മനസ്സിൽ ഒരുപാട് പരിഭ്രമിക്കുന്നുണ്ട്. പക്ഷേ പുറത്ത് കാട്ടാറില്ല. അമ്മ എല്ലാം അറിയുന്നുണ്ടെന്ന് കുട്ടിക്ക് വിശ്വാസമുണ്ട്.

അമ്മയോടുള്ള തന്റെ സ്നേഹം, ആദരവ്, നന്ദി എന്നിവ അറിയിക്കാനുള്ള നല്ലൊരു ഉപാ യമാണ് ഈ ഗാനം. ഇത് അമ്മയുടെ മഹത്വത്തെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്നു, അമ്മ തന്ന സ്നേഹത്തിനും സംരക്ഷണത്തിനും നന്ദി പ്രകടിപ്പിക്കുന്നു.

मेरी माँ लेखक परिचय

फिल्मी गीत (प्रसून जोशी)

प्रसून जोशी
मेरी माँ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
प्रसून जोशी का जन्म 16 सितंबर 1968 को अल्मोडा (उत्तराखंड) में हुआ। वे हिंदी कवि, लेखक, पटकथाकार और फिल्मी गीतकार हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय विज्ञापन कंपनी ‘मैकऐन इरिक्सन’ में कार्यकारी अध्यक्ष हैं। फ़िल्म ‘तारे ज़मीन पर’ का गाना ‘मेरी माँ ….. के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ भी प्राप्त हुआ है। वे पद्मश्री उपाधि से सम्मानित हैं।

ഉത്തരാഖണ്ഡിലെ അൽമോഡയിൽ സെപ്റ്റംബർ 16, 1968 ലാണ് പ്രസൂൺ ജോശി ജനിച്ചത്. അദ്ദേഹം ഹിന്ദി കവി, ലേഖകൻ തിരക്കഥാകൃത്ത്, സിനിമാ സംഗീതജ്ഞൻ എന്നീനിലകളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. അദ്ദേഹം അന്താരാഷ്ട്ര പരസ്യ കമ്പനിയായ ‘മാക്ഐൻ ഇറിക്സൺ’ ന്റെ എക്സിക്യൂട്ടീവ് ചെയർമാൻ ആണ്. ‘तारे ज़मीन पर’ എന്ന സിനിമയിലെ ‘मेरी माँ…. എന്ന പാട്ടിന് അദ്ദേഹത്തിന് ദേശീയ പുരസ്ക്കാരം ലഭിച്ചു. അദ്ദേഹം പദ്മശ്രീ പുരസ്ക്കാരത്താൽ ആദരിക്കപ്പെട്ടിട്ടുണ്ട്.

मेरी माँ Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

मेरी माँ शब्दार्थ

मदद लें :
बतलाता नहीं – പറയാറില്ല
पर – लेकिन, എന്നാൽ
अंधेरा – ഇരുട്ട്
डरना – പേടിക്കുക
यूँ – ഇപ്രകാരം
दिखलाता नहीं – കാണിക്കാറില്ല
परवाह करता हूँ – ശ്രദ്ധിക്കുന്നു
पता होना – അറിവുണ്ടാവുക
भीड़ में – തിരക്കിൽ
छोड़ना – ഉപേക്ഷിക്കുക
घर लौटना – വീട്ടിലേക്ക് മടങ്ങിവരുക
आ ना पाऊँ – വരാൻ കഴിയില്ല
भेजना – അയക്കുക
याद – ഓർമ്മ
बुरा – ചീത്ത
ज़ोर से – ശക്തിയായി
जब झूला झूलते हैं – ഊഞ്ഞാൽ ആടുമ്പോൾ
नज़र – ദൃഷ്ടി
ढूँढ़ना – അന്വേഷിക്കുക
थामेगी – പിടിക്കും
सहम जाना – പരിഭ്രമിക്കുക
चेहरे पे – മുഖത്ത്
आने देता नहीं – വരുത്താറില്ല
दिल – മനസ്സ്
घबराना – പരിഭ്രമിക്കുക

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 3 Chapter 2 बाइसिकल थीव्स Bicycle Thieves Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Bicycle Thieves Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 3 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus बाइसिकल थीव्स

Bicycle Thieves Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
गरीबी और उदासी की तुलना धूप से की है। क्यों?
ദാരിദ്ര്യത്തെയും ദുഃഖത്തെയും വെയി ലിനോട് താരതമ്യപ്പെടുത്താൻ കാരണം എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
धूप निकलते तो उसका प्रकाश हर कहीं एक समान फैल जाता है। यहाँ गरीबी और उदासी भी इसी तरह देश-भर फैल गई थी। इसलिए गरीबी और उदासी की तुलना धूप से की गई है।
വെയിൽ ഉദിക്കുമ്പോൾ എല്ലായിടത്തും അതി ന്റെ പ്രകാശം ഒരുപോലെ വ്യാപിക്കുന്നു. ഇവിടെ ദാരിദ്ര്യവും ദു:ഖവും ഇതുപോലെ രാജ്യത്ത് മുഴുവൻ വ്യാപിച്ചിരിക്കുന്നത് കൊണ്ട്ദാ രിദ്ര്യത്തെയും ദുഃഖത്തെയും വെയി ലിനോട് ഉപമിച്ചിരിക്കുന്നു.

प्रश्न 2.
‘बिखरती मानवता’ का क्या तात्पर्य है?
‘ചിതറുന്ന മനുഷ്യത്വം’ എന്നതിന്റെ ഉദ്ദേശ്യ മെന്താണ്?
उत्तर:
अंतोनियो की साइकिल चोरी हो गई । इधर-उधर ढूँढते रहे। कहीं मिली नहीं । उसे हमेशा दुख ही झेलना पड़ा। कहीं मानवता नहीं बची थी। इसलिए ‘बिखरती मानवता’ कहा गया।
അന്റോണിയോയുടെ സൈക്കിൾ കളവു പോയി. അന്റോണിയോ അവിടെയും ഇവിടെ യും തിരഞ്ഞെങ്കിലും സൈക്കിൾ എവിടെ നിന്നും കിട്ടിയില്ല. അയാൾക്ക് എപ്പോഴും ദുഃഖ ങ്ങൾ മാത്രം സഹിക്കേണ്ടി വന്നു. എവിടെ യും മനുഷ്യത്വം ബാക്കിയുണ്ടായിരുന്നില്ല. അതിനാൽ ‘ചിതറുന്ന മനുഷ്യത്വം’ എന്ന് പറ യുന്നത്.

प्रश्न 3.
अपनी ईमानदारी भूख से टकराने पर आप क्या करेंगे?
താങ്കളുടെ സത്യസന്ധത വിശപ്പുമായി കൂട്ടി യിടിക്കുമ്പോൾ എന്ത് ചെയ്യും?
उत्तर:
पहले चोरी करने को सोचेंगे। लेकिन बाद में वह छोड देगा। शायद कोई और नौकरी ढूँढ लेगा।
ആദ്യം മോഷണത്തെക്കുറിച്ച് ചിന്തിക്കും. പ ക്ഷെ പിന്നീട് ഉപേക്ഷിക്കും. ഒരുപക്ഷേ വേറെ വല്ല ജോലിയും അന്വേഷിച്ച് പോകും.

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
‘मुश्किल दिन है जिसका सामना करने निकली एक भीड है’ – इसका क्या तात्पर्य है?
കഷ്ടപ്പാടിന്റെ ദിവസം, അതിനെ നേരിടാൻ ഇറങ്ങിയ ഒരു ജനക്കൂട്ടം ഇത് കൊണ്ട് എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്?
उत्तर:
भीड तो हर दिन मुश्किल झेल रहे हैं। वे जीवन की समस्याओं को लेकर आगे बढते हैं। अंतोनियो जैसे गरीब इंसान के लिए हर दिन मुश्किल का होगा। कठिनाइयों से गुजरते गुजरते लोग इससे परिचित हो चुके हैं।
ജനങ്ങൾ എന്നും കഷ്ടപ്പാടുകൾ സഹിച്ച് കൊണ്ടിരിക്കുകയാണ്. ജീവിതത്തിലും പ്രശ് നങ്ങളുമായി അവർ മുന്നോട്ട് പോവുന്നു. അന്റോണിയോയെ പോലെനായ ഒരാൾക്ക് എന്നും കഷ്ടപ്പാടിന്റെ ദിവസമാണ്. ദരിദ്ര രായത് കൊണ്ട് അവർക്ക് ഓരോ ദിവസവും ദുരിതമാണ്. അതുകൊണ്ട് അവർക്ക് ഇത് ഒരു പരിചയമായിട്ടുണ്ട്.

प्रश्न 5.
हम अकेले नहीं हैं। इसकी प्रासंगिकता पर विचार प्रकट करें।
‘ഞങ്ങൾ ഒറ്റക്കല്ല’ – ഈ പ്രസ്താവനയുടെ പ്രാധാന്യത്തെക്കുറിച്ച് എഴുതുക.
उत्तर:
हम अकेले नहीं हैं। सारी दुनिया हमारे साथ है। दुनिया के कोने-कोने में ऐसे लोग होंगे जो हमारी जैसी सुविधाओं से खुश हो रहे हैं, हमारे जैसे दुखों से टूट रहे हैं।
ഞങ്ങൾ ഒറ്റക്കല്ല. ലോകം മുഴുവൻ നമ്മു ടെ കൂടെയുണ്ട്. നമ്മുടെ സന്തോഷങ്ങ ളെ പ്പോലെ ഉള്ള സന്തോഷങ്ങളിൽ സന്തോ ഷി ക്കുകയും, ദുഃഖത്തിൽ ദുഃഖിക്കുകയും ചെയ്യു ന്ന ഒരുപാട് പേർ ഈ ലോകത്തിന്റെ പലയിടത്തും ഉണ്ടാകും.

प्रश्न 1.
प्रत्येक वाक्य के रेखांकित शब्दों का संबंध पहचानें और वाक्यों की पूर्ति करें।
अंतोनियो साइकिल चलाता है।
अंतोनियो और बूनो साइकिल ढूँढते हैं।
अंतोनियो की पत्नी मारिया घर के सामान बेचती है।
सभी वाक्य सामान्य वर्तमानकाल में हैं। पहले वाक्य में कर्ता ‘अंतोनियो’ शब्द पुल्लिंग और एकवचन होने के कारण क्रिया ‘चलाता है’ का प्रयोग हुआ है। दूसरे वाक्य में कर्ता ‘अंतोनियो और ब्रूनो’ पुल्लिंग एवं बहुवचन होने के कारण ‘ढूँढते हैं’ क्रिया का प्रयोग हुआ है। तीसरे वाक्य में कर्ता अंतोनियो की पत्नी मारिया स्त्रलिंग, एकवचन होने के कारण ‘बेचती है’ क्रिया का – प्रयोग हुआ है।
എല്ലാ വാക്യങ്ങളും സാമാന്യ വർത്തമാന കാലത്തിലാണ് ഉള്ളത്. ആദ്യത്തെ വാക്യത്തിൽ കർത്താവ് ‘അന്റോണി യാ’ എന്ന പദം പുല്ലിംഗവും ഏകവചന വും ആയത് കാരണമാണ് ക്രിയ ‘चलाता ह’ എന്ന് പ്രയോഗിച്ചത്. രണ്ടാമത്തെ വാക്യത്തിൽ കർത്താവ് അന്റോണിയായും, ബ്രൂണോയും രണ്ട് പേർ ഉള്ളത് കാരണം പുല്ലിംഗം ബഹുവചനം ആയത് കൊണ്ട് ‘ढूँढते हैं’ എന്ന ക്രിയ പ്രയോഗിച്ചു. മൂന്നാമത്തെ വാക്യത്തിൽ കർത്താവ് അന്റോ ണിയോയുടെ ഭാര്യ മരിയ സ്ത്രീലിംഗവും, ഏകവചനവും ആയത് കൊണ്ട് ‘बेचती है’ എന്ന ക്രിയ പ്രയോഗിച്ചു.
० बालक साइकिल खोजने ………………………
० बालिका साइकिल खोजने ……………………. (निकलना)
उत्तर:
बालक साइकिल खोजने निकलता है।
बालिका साइकिल खोजने निकलती है।

प्रश्न 2.
नमूने के अनुसार वाक्यों को जोड़कर लिखें।
बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
(ഏതെങ്കിലും ഇഷ്ടപ്പെട്ട സിനിമയുടെ വിശേ ഷതകൾ അവതരിപ്പിച്ചുകൊണ്ട് ഒരു സിനി മാ ലേഖനം തയ്യാറാക്കുക.)
उत्तर:
तारे ज़मीन पर एक भावनात्मक यात्रा

भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि दर्शकों के मन-मस्तिष्क को झकझोर देती हैं। ऐसी ही एक अद्भुत फिल्म है ‘तारे ज़मीन पर’ । यह एक बालक की मनोवैज्ञानिक स्थिति को चित्रित करती है। हम हर बच्चे को एक जैसा देखने की भूल मत करना चाहिए।

फिल्म का केंद्रबिंदु ईशान अवस्थी, एक आठ वर्षीय बालक है। वह पढ़ाई में कमजोर है। लेकिन कल्पना शक्ति और चित्रकला में गहरी रूचि रखता है। उसे डिस्लेक्सिया नामक समस्या है।

उसके माता-पिता और शिक्षक शुरुआत में यह समझ नहीं पाते। यह विषय बहुत कम ही भारतीय फिल्मों में देखा गया था।

फिल्म हर दर्शक को कहीं न कहीं छूती है। माँ की ममता बच्चे का अकेलापन, शिक्षक का सच्चा मार्गदर्शन, समाज की कठोरता सबकुछ बहुत सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म हमें यह याद दिलाती है हर बच्चा खास है, बस उसे समझने की एक कोशिश चाहिए।
താരേ സമീൻ പർ – ഒരു ഭാവനാപരമായയാണ്.

ഭാരതീയ സിനിമകളിൽ ചിലത് മാനസി കോന്നാസത്തിന് വേണ്ടിയുളളതു ത്രമുള്ളതല്ല പകരം മനത്തിനെയും തല ച്ചേറിനെയും പിടിച്ചു കുലുക്കുന്നതാണ്. അങ്ങനെയുള്ള ഒരു അത്ഭുത സിനി യാണ് ‘താരെ സമീൻ പർ’. ഇത് ഒരു ആൺ കുട്ടിയുടെ മനഃശാസ്ത്രപരമായ അവസ്ഥയാണ് ചിത്രീകരിക്കുന്നത്. നമ്മൾ ഓരോ കുട്ടിയെയും ഒരേപോലെ കാണരുത് എന്ന ചിന്തയിലേക്ക് നയിക്കുന്നു.

സിനിമയുടെ കേന്ദ്രബിന്ദു ഇഷാൻ അവ സി എന്ന എട്ട് വയസ്സുള്ള ബാലകനാണ്. അവൻ പഠിത്തത്തിൽ പിനോക്കമായത്. എന്നാൽ ഭാവനയിലും ചിത്രകലയിലും മികച്ച് നിൽക്കുന്നു. അവന് ഡിസ്ലെക്സിയ എന്ന പ്രശ്നമുണ്ട്. അവന്റെ മാതാപിതാ ക്കൾക്കും,അധ്യാപകർക്കും ആദ്യഘട്ടത്തിൽ ഇത് മനസ്സിലാക്കാൻ സാധിച്ചില്ല. ഇത് വളരെ കുറഞ്ഞ ഇന്ത്യൻ സിനിമകളിൽ മാത്രമേ കാണാൻ സാധിച്ചിട്ടുള്ളൂ.

സിനിമ ഓരോ പ്രേക്ഷകനെയും ർശിക്കുന്നതാണ്. അമ്മയുടെ വാത്സല്യം, കുട്ടിയുടെ ഏകാന്തത, അധ്യാപകന്റെ സത്യ സന്ധമായ മാർഗ്ഗനിർദ്ദേശം, സമൂഹത്തിന്റെ തീക്ഷ്ണത എന്നിവ എന്നിവ വളരെ സജീവമാ യി അവതരിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. ഈ സിനിമ ന മ്മെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്നത് ഇതാണ് – ഓരോ കുട്ടിയും വ്യത്യസ്തനാണ്, അവനെ മന സ്സിലാക്കാൻ ശ്രമിക്കേണ്ടത് നമ്മുടെ കടമ യാണ്.

प्रश्न 3.
आपके स्कूल के फ़िल्मोत्सव में ‘बाइसिकल थीव्स’ सिनेमा का प्रदर्शन होने वाला है। इसके लिए एक पोस्टर तैयार करें।
बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

बाइसिकल थीव्स निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
‘बाइसिकल थीव्स’ के रचयिता कौन है?
उत्तर:
वरुण ग्रोवर।

प्रश्न 2.
‘बाइसिकल थीव्स’ कौन-सी विधा में आता है
उत्तर:
फ़िल्मी लेख।

प्रश्न 3.
गरीबी और उदासी किस तरह फैली हुई है?
उत्तर:
धूप की तरह।

प्रश्न 4.
अंतोनियो कहाँ के रहनेवाले हैं?
उत्तर:
शोम में रहनेवाला

प्रश्न 5.
अंतोनियो को क्या चाहिए?
उत्तर:
नौकरी।

प्रश्न 6.
नौकरी के लिए क्या होना जरूरी है?
उत्तर:
साइकिल।

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 7.
अंतोनियो की पत्नी मारिया ने साइकिल के लिए कैसे पैसे जुटाई?
उत्तर:
घर का सामान बेचकर

प्रश्न 8.
काम के पहले ही दिन क्या होती है?
उत्तर:
साइकिल चोरी होती है।

प्रश्न 9.
अंतोनियो के बेटे का नाम क्या है?
उत्तर:
ब्रूनो।

प्रश्न 10.
अंतोनियो और बेटा ब्रूनो साइकिल खोजने कहाँ-कहाँ जाते हैं?
उत्तर:
चोर बाज़ार और बदनाम इलाकों में।

प्रश्न 11.
ब्रूनो के लिए पहला अनुभव क्या था?
उत्तर:
बिखरती मानवता

प्रश्न 12.
अंतोनियो सडक के किनारे क्या देखता है?
उत्तर:
एक लावारिस साइकिल

प्रश्न 13.
साइकिल का असली मालिक अंतोनियो को क्यों छोड़ देता है?
उत्तर:
अंतोनियो की हालत देखकर

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 14.
दुनिया का मुश्किल दिन सामना करनेवाले कौन है?
उत्तर:
भीड।

प्रश्न 15.
‘बाइसिकल थीव्स’ फिल्म हमें क्या-क्या सिखाता है?
उत्तर:
सही और गलत की परिभाषा, इतिहास का एक पाठ, युध्द का असली चेहरा, एक परिवार का महत्व

प्रश्न 16.
फिल्में किसके लिए होती हैं?
उत्तर:
मन बहलाने के लिए, दिल तोडने और रुलाने के लिए।

प्रश्न 17.
फिल्में कहानी के ज़रिए क्या एहसास दिलाता है?
उत्तर:
हम कितने कमज़ोर है, ताकतवर हैं, संवेदनशील हैं, फूहड़ हैं, बदतमीज हैं।

प्रश्न 18.
सबसे जरूरी बात क्या है?
उत्तर:
हम अकेले नहीं हैं।

प्रश्न 19.
फिल्में हमें किससे बाँधती है?
उत्तर:
एक अदृश्य चाँदी की डारे से।

प्रश्न 20.
फिल्में हमें क्या सिखा देती है और किसकी तरह?
उत्तर:
करारी पतंग की तरह हलके से झोंके में उड़ना सिखा देती है।

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Bicycle Thieves Summary in Malayalam

बाइसिकल थीव्स Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
सीधी-सी कहानी …………………………… – यह पहला अनुभव है। [Textbook page no. 54)

ലളിതമായ കഥയാണ്. രണ്ടാം ലോക മഹായുദ്ധത്തിന് ശേഷമുള്ള ഇറ്റലിയാണ്. ഓരിദ്ര്യവും ദുഃഖവും വെയിൽ പോലെ രാജ്യം മുഴുവൻ വ്യാപിച്ചു കഴിഞ്ഞിട്ടുണ്ട്. റോമിൽ താമസിക്കുന്ന അന്തോ ണിയോവിന് ജോലി ആവശ്യമുണ്ട്. സൈക്കിൾ ആവശ്യമുള്ള ജോലിയാണ് കിട്ടിയിരിക്കുന്നത്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഭാര്യ മാരിയ ഒരുപാട് കഷ്ടപ്പെട്ട്’ വീട്ടിലെ സാധനങ്ങൾ വില്പന നടത്തി സൈക്കിൾ വാങ്ങാനുള്ള പൈസ സ്വരൂപിക്കുന്നു. ജോലിയുടെ ആദ്യ ദിവസം തന്നെ അന്തോണിയോ വിന്റെ സൈക്കിൾ കളവ് പോകുന്നു. അവൻ തന്റെ പത്ത് വയസ്സുള്ള മകൻ ബ്രൂണോവിനോ ടൊപ്പം സൈക്കിൾ അന്വേഷിച്ച് നടക്കുന്നു. ആദ്യം. ചോർ ബാസാറിൽ, പിന്നീട് നഗരത്തിൻറെ മറ്റ് ചീത്തപേരുള്ള സ്ഥലങ്ങളിൽ. അച്ഛനും മകനും നിരാശയുടെയും വിശ്വാസത്തിന്റെയും ഇടയിൽ കിടന്ന് ആടിക്കളിക്കുന്നു. ഒരു പക്ഷേ അന്തോണിയോ ലോകത്തിലെ ഒരുപാട് ദുഃഖങ്ങൾ സഹി ച്ചിട്ടുണ്ട്. ബ്രൂണോയെ സംബന്ധിച്ചിടത്തോളം ചിതറുന്ന മനുഷ്യത്വം എന്നത് ആദ്യത്തെ അനുഭവം ആണ്.

(सब जगह. …………….. .एक भीड है।) [Textbook page no. 54-55)

എല്ലായിടത്തും പോയി പരാജയപ്പെട്ട് അവസാനം അന്തോണി യോ റോഡ് സൈഡിൽ ആരും അവകാശപ്പെടാത്ത ഒരു സൈക്കിൾ കാണുന്നു. മോഷണം ചീത്തകാര്യമാണെന്ന് അവന് അറി യാം. പക്ഷെ അവന്റെ സത്യസന്ധത വിശപ്പുമായി ഏറ്റുമുട്ടിക്കൊണ്ടിരിക്കുന്നു. അന്തോണിയോ ആ സൈങ്കിൾ മോഷ്ടിക്കാനുള്ള ശ്രമം നടത്തുന്നു, പക്ഷെ പിടിക്കപെടുന്നു. സൈക്കിളി ന്റെ ഉടമസ്ഥൻ അന്തോണിയോവിന്റെ അവസ്ഥ കണ്ടിട്ട് അവനെ പോകാൻ അനുവദിക്കുന്നു. അന്തിമദൃശ്യത്തിന്റെ അതീവ ദു:ഖിതരായി, ലജ്ജിച്ച് അന്തോണിയോവും ബ്രൂണോയും ജനങ്ങളുടെ കൂടെ നടന്നുപോകുന്നതായി കാണുന്നു. സൈക്കിളില്ല, പക്ഷെ ലോകത്ത് ഇപ്പോഴും കരുണയുണ്ട്, വിശ്വാസമുണ്ട്, വിഷമദിവസത്തെ നേരിടാനെരുങ്ങിയ ഒരു ജനക്കൂട്ടമുണ്ട്.

(एक सरल ……………………… पतंग की तरह।) [Textbook page no. 55-56)

ഒരു ലളിതമായ കഥ നമ്മളെ എവിടെ കൊണ്ടു പോകുന്നത്. ശരിയുടെയും തെറ്റിന്റെയും വ്യഖ്യാനം, ചരിത്രത്തി ലെ ആപാഠം, വെടിമരുന്നിൻറെ പുക പോയതിന് ശേഷമുള്ള യുദ്ധത്തിന്റെ യഥാർത്ഥ മുഖം, ഒരു കുടുംബത്തിന്റെ മഹത്വം.

സിനിമകൾ എത്രത്തോളം ചിരിപ്പിക്കുകളും, മനസ്സിനെ സന്തോഷിപിക്കുകളും ചെയ്യുന്നോ അത ത്തോളം മനസ്സിനെ മുറിവേൽപ്പിക്കാനും കരയിപ്പിക്കാനും സാധിക്കുന്നവയാണ്. സിനിമകൾ കഥ യിലൂടെ നമ്മെ ബോധ്യപെട്ടുത്തുന്നത്. നാം എത്രമാത്രം ദുർബലരാണ്, ശക്തിശാലികൾ ആണ്, വികാരഭരിതരാണ്, സാംസ്കാരമില്ലാത്തവരാണ്, മര്യാദയില്ലാത്തവരാണ് എന്നൊക്കെയാണ്. പക്ഷെ ഏറ്റവും പ്രധാനപ്പെട്ട കാര്യം – നമ്മൾ ഒറ്റയ്ക്കല്ല. ലോകം മുഴുവനും, വളരെ ദൂരെയുള്ള ദേശങ്ങളിലും, നമ്മുടേതല്ലാത്ത ഭാഷ സംസാരിക്കുന്ന ദേശങ്ങളിൽ നമ്മുടെ സന്തോഷങ്ങളെപ്പോലെ സന്തോ ഷിക്കുകയും, നമ്മുടെ ദുഃഖങ്ങളെപോലെ ദുഃഖിക്കുകയും ചെയ്യുന്ന ജനങ്ങളുണ്ട്. ഒരു അദൃശ്യമായ വെള്ളിച്ചരടുകൊണ്ട് സിനിമകൾ നമ്മെ കെട്ടിയിരിക്കുകയാണ്. ഇത് വളരെ ഉയരമുള്ള മേൽക്കൂര യുടെ മുകളിലാണ് നമ്മെ കൊണ്ട് നിർത്തുന്നത്. ഏതെങ്കിലും പുതിയാ ദൃഢമായ പട്ടത്തെപോലെ ചെറിയ കാറ്റിൽ നമ്മളും പറക്കാൻ പഠിക്കുകയാണ്.

बाइसिकल थीव्स लेखक परिचय

फ़िल्मी लेख (वरुण ग्रोवर)

वरुण ग्रोवर
बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
वरुण ग्रोवर का जन्म 26 जनवरी 1980 को हिमाचल प्रदेश के सुंदर नगर में हुआ। आप लेखक, फिल्म गीतकार और फिल्म निर्माता हैं। आपको सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार (2015), संवाद योजना के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार (2022), आई आई एफ ए का सर्वश्रेष्ठ फिल्म
गीतकार पुरस्कार (2016) आदि कई पुरस्कार प्राप्त हुए। ‘पेपर -चोर’, ‘बिक्कू’, ‘करेजवा’ आदि आपकी प्रकाशित रचनाएँ हैं।

വരുൺ ഗ്രോവർ ഹിമാചൽ പ്രദേശിലെ സുന്ദർ നഗറിൽ 1980 ജനുവരി 26 നാണ് ജനിച്ചത്. അദ്ദേഹം ഒരു ലേഖകൻ, സിനി മാ സംഗീതജ്ഞൻ, സിനിമാ നിർമ്മാതാവ് എന്നീ നിലക ളിൽ പ്രവർത്തിക്കുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന് സർവ്വശ്രേഷ്ഠ സംഗീതജ്ഞനുള്ള പുരസ്കാരം (2015) ഡയ ലോഗ് റൈറ്റിങ്ങിനുള്ള ഫിലിം ഫെയർ പുരസ്കാരം (2022) ഐ.ഐ.എഫ്.എ യുടെ സർവ്വശ്രേഷ്ഠ സിനിമാ സംഗീതജ്ഞ പുരസ്കാരം (2016) എന്നിവയെല്ലാം നിരവധി പുരസ്കാരങ്ങൾ ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്. ‘पेपर-चोर’, ‘बिक्कू’, ‘करेजवा’ എന്നിവ അദ്ദേഹത്തിന്റെ പ്രസിദ്ധീകരിച്ച രചനകളാണ്.

बाइसिकल थीव्स Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

बाइसिकल थीव्स शब्दार्थ

मदद ले :

सीधी-सी – ലളിതമായ, simple
दूसरा विश्व युध्द – രണ്ടാം ലോക മഹായുദ്ധം
गरीबी – ദാരിദ്ര്യം
उदासी – ദുഃഖം
धूप – വെയിൽ
छाई – വ്യാപിച്ചു, spread
नौकरी – ജോലി, job
जरूरी – ആവശ്യം
बडी मुश्किलों से – വലിയ വിഷമത്തോടെ
बेचना – വിൽക്കുക.
जुटाना – കൂട്ടിവെക്കുക, एकत्रित करना
चोरी हो जाना – കളവ് പോകുക
खोजना – അന്വേഷിക്കുക.
चोर बाज़ार – കള്ളച്ചന്ത, പഴയതും പുതിയ തുമായ സാധനങ്ങൾ വിൽ ക്കുന്ന സ്ഥലം.
बदनाम – ചീത്തപ്പേരുള്ള
इलाका – പ്രദേശം
हताशा – നിരാശ
उम्मीद – വിശ്വാസം, പ്രതീക്ഷ
ढूंढते रहना – അന്വേഷിച്ചുകൊണ്ടിരിക്കുക.
शायद – ഒരു പക്ഷേ.
झेलना – സഹിക്കുക
बिखरती मानवीयता – ചിതറുന്ന മനുഷ്യത്വം, dispersing humanity
हारना – പരാജയപ്പെടുക.
लावारिस – അവകാശികളില്ലാത്തത്, unclaimed
दिखना – കാണപ്പെടുക.
चोरी – കളവ്
बुरी चीज़ – ചീത്ത കാര്യം
ईमानदारी – സത്യസന്ധത
भूख – വിശപ്പ്.
टकराना – കൂട്ടിയിടിക്കുക.
चुराना – മോഷ്ടിക്കുക
कोशिश – ശ്രമം
पकड़ा जाना – പിടിക്കപ്പെടുക.
मालिक – ഉടമസ്ഥൻ, owner
हालत – അവസ്ഥ.
भीड़ – തിരക്ക്
ढूंढे हुए – തിരഞ്ഞുകൊണ്ട്
शर्मिंदा – ലജ്ജിച്ച്
सामना करना – നേരിടുക.
सही – ശരി
गलत – തെറ്റ്
इतिहास – ചരിത്രം, history
असली चेहरा – യഥാർത്ഥ മുഖം
बारह – പന്ത്രണ്ട്
धुआँ – പുക
छँटना – മാറിപ്പോവുക
बहलाना – സന്തോഷിപ്പിക്കുക
दिल तोडना – മനസ്സ് വിഷമിപ്പിക്കുക
एकता – കരയിക്കുക
जरिए – മുഖേന, through
एहसास दिलाना – ബോധ്യപ്പെടുത്തുക
कमजोर – ദുർബലൻ
ताकतवर – ശക്തിമാൻ
संवेदनशील – വികാരഭതിമായ
फूहड़ – സംസ്കാരമില്ലാത്ത
बदतमीज – മര്യാദയില്ലാത്ത
टूट रहना – കഷ്ടപ്പെടുക
बाँधना – കെട്ടുക.
चाँदी की डोरे – വെള്ളികൊണ്ടുള്ള ചരട്
खडा कर देना – നിർത്തുക
ऊँची छत पर – ഉയരമുള്ള മേൽക്കൂരയിൽ
हलके से – നേരിയ
झोंके में – കാറ്റിൽ
उड़ना – പറക്കുക
सीख जाना – പഠിക്കുക
नई – പുതിയ
करारी – ദൃഢമായ
पतंग – പട്ടം, kite

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 3 Chapter 1 जब हम धीरे चलते हैं Jab Hum Dheere Chalte Hain Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Jab Hum Dheere Chalte Hain Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 3 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus जब हम धीरे चलते हैं

Jab Hum Dheere Chalte Hain Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
“मेरे पास हाँ के अलावा कोई जवाब न था” – लेखक के इस कथन का तात्पर्य क्या है?
എന്റെ കൈവശം അതെയെന്നല്ലാതെ മറ്റൊ രുത്തരം ഉണ്ടായിരുന്നില്ല. ലേഖകന്റെ, ഈ പ്രസ്താവനയുടെ ഉദ്ദേശ്യമെന്താണ്?
उत्तर:
लेखक मेट्रो में स्केचिंग करते रहते थे। अचानक एक दिन एक लड़की आकर कला थिएत्रो नामक संस्था में न्योता दिया तो अच्छा लगा। वे एक चलता-फिरता थिएटर शुरू करना चाहते थे। लेखक को इस यात्रा में चित्र खींचने का मौका मिला तो वे खुश हुए। |
ലേഖകൻ മെട്രോയിൽ ചിത്രരചന നടത്തി ക്കൊണ്ടിരുന്ന ആളായിരുന്നു. പെട്ടെന്ന് ഒരുദി വസം ഒരു പെൺകുട്ടീ വന്ന് കലാ ശിയാ എന്ന സ്ഥാപനത്തിലേക്ക് ക്ഷണം നൽകി യപ്പോൾ സന്തോഷം തോന്നി. അവർ സഞ്ച രിക്കുന്ന ഒരു തിയേറ്റർ തുടങ്ങാൻ ആഗ്രഹി ച്ചിരുന്നു. ഈ യാത്രയിൽ ലേഖകന് ചിത്രം വരയ്ക്കാനുള്ള അവസരം കിട്ടിയപ്പോൾ അദ്ദേഹം സന്തോഷിച്ചു.

प्रश्न 2.
‘हमें कहीं पहुँचने की जल्दी नहीं थी’ – इस कथन में कला थिएत्रो की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
‘ഞങ്ങൾക്ക് എവിടെയും പെട്ടെന്ന് എത്തേണ്ടതില്ലായിരുന്നു’ – ഈ പ്രസ്താവനയിൽ കലാ ഥിയായുടെ എന്ത് സവിശേഷതയാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
कला थिएत्रो के इस प्रोजेक्ट का मकसद स्लो ट्रैवल का अनुभव लेना था। वे रास्ते में कहीं भी रुककर नाचने-गाने-बजाने लगते थे। जिस शहर में शाम को परफार्म करते, वहीं रात गुज़ारते थे।
കലാഥിയായുടെ ഈ പ്രൊജക്ടിന്റെ ലക്ഷ്യം സ്ലോ ട്രാവലിന്റെ സുഖം അന ഭവിക്കുക എന്നതായിരുന്നു. അവർ വഴി യിൽ എവിടെവച്ചും താമസിച്ച് നൃത്തം ചെയ്യുകയും, പാട്ട് പാടുകയും, വാദ്യോപ കരണങ്ങൾ വായിക്കുകയും ചെയ്തിരുന്നു. ഏത് പട്ടണത്തിലാണോ വൈകിട്ട് കലാപ കടനം നടത്തുന്നത് അവിടെത്തന്നെ രാത്രി കഴിച്ചുകൂട്ടുകയായിരുന്നു.

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
‘टस-से-मस न हुआ’ – इस प्रयोग का मतलब क्या है?
‘टस से मस न हुआ’- എന്ന പ്രയോഗത്തിന്റെ അർത്ഥമെന്താണ്?
उत्तर:
इसका अर्थ होता है जरा भी नहीं हिला, बिल्कुल भी नहीं बदला किसी पर कोई असर नहीं हुआ।
ഇതിന്റെ അർത്ഥം, അല്പം പോലും ചലി ച്ചില്ല, ഒട്ടും മാറ്റം വന്നില്ല, ഒരു പ്രഭാവവും ചെലുത്തിയില്ല എന്നിങ്ങനെയാണ്.

प्रश्न 4.
‘उसकी जड़ ऊपर थी जो फूलों की तरह लग रही थी’। ऐसा कोई दृश्य आपने कभी, कुछ अलग तरीके से महसूस किया है?
പൂക്കളെപ്പോലെ തോന്നിപ്പിക്കുന്ന അതിന്റെ വേരുകൾ മുകളിലായിരുന്നു’ ഇങ്ങനെയുള്ള ഏതെങ്കിലും ദൃശ്യങ്ങൾ നിങ്ങൾ വേറിട്ട രീതിയിൽ അനുഭവിച്ചിട്ടുണ്ടോ?
उत्तर:
एक दुख के पल में, जब किसीकी आँखों में आँसू थे, लेकिन उनमें सूरज की किरण पड़ते ही इंद्रधनुष झलकने लगा।
ദുഃഖമുള്ള സമയത്ത്, കണ്ണിൽ കണ്ണുനീർ നിറയുമ്പോൾ, അതിൽ സൂര്യരശ്മി പതിക്കു മ്പോൾ മഴവില്ല് കാണപ്പെടുന്നു.

प्रश्न 5.
बालकनी में खड़ी महिला के लिए मैत्तेयो ने वहाँ खड़े होकर परफार्म किया- यहाँ मैत्तेयो का कौन-सा मनोभाव प्रकट होता है?
ബാൽക്കണിയിൽ നിൽക്കുന്ന സ്ത്രീക്ക് വേണ്ടി തയ്യോ അവിടെ നിന്ന് കൊണ്ട് പെർഫോം ചെയ്തു. ഇതിൽ മെതയ്യോയുടെ എന്ത് മനോഭാവമാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
बालकनी पर खड़ी महिला ने कहा कि वे चल नहीं सकती। यह सुनकर मैत्तेयो को उनपर दया आई होगी। कला सभी को खुश कराने के लिए है। जहाँ भी हो, जैसे भी हो वहाँ रहकर परफार्म करना है। यही उनका तरीका होगा। मैत्तेयो दयालू एवं दूसरों को माननेवाला व्यक्ति महसूस होता है।
ബാൽക്കണിയിൽ നിൽക്കുന്ന സ്ത്രീ എനി ക്ക് നടക്കാൻ കഴിയില്ല എന്ന് അറിയിച്ചു. ഇത് കേട്ടപ്പോൾ മെതയ്യോയ്ക്ക് ആ സ്ത്രീ യോട് ദയ തോന്നിയിരിക്കാം. കല എല്ലാവരെ യും സന്തോഷിപ്പിക്കാൻ ഉള്ളതാണ്. എവിടെ യായാലും, എങ്ങനെയായാലും പെർഫോം ചെയ്യണം. ഇതായിരുന്നു അദ്ദേഹത്തിന്റെ രീതി. മെതയ്യോ ദയാലുവും, മറ്റുള്ളവരെ അനുസരിക്കുന്നവനുമായ വ്യക്തിയായി തോന്നുന്നു.

प्रश्न 6.
‘अचानक लगा जैसे हम किसी धागे से बँधे हुए हों । यहाँ कला की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
പെട്ടെന്ന് തോന്നി ഞങ്ങൾ ഏതോ ചരടിനാൽ ബന്ധിക്കപ്പെട്ടിരിക്കുന്നു എന്ന്.’ ഇവിടെ കലയുടെ ഏത് സവിശേഷതയാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
कला एक दूसरे को बाँधने वाली शक्ति है। लोग एक ही कला कृति को देखते या सुनते हैं, उनमें एक जैसा महसूस करते हैं। कला के माध्यम से हम एक दूसरे की संस्कृति को समझते हैं। कला भाषाई दीवारों को तोड़ देता है। इससे सामाजिक जुड़ाव बढ़ता है। कला लोगों को दूसरों की ज़िंदगी झाँकने का मौका देती है।
കല ആളുകളെ പരസ്പരം ബന്ധിപ്പിക്കുന്ന ശക്തിയാണ്. ഓരോ കലാരൂപം കാണുക യോ, കേൾക്കുകയോ ചെയ്യുമ്പോൾ അവർ ഒരുപോലെ അനുഭവിക്കുന്നു. കലയിലൂടെ പരസ്പരം സംസ്ക്കാരം മനസ്സിലാക്കാൻ സാധിക്കും. കല ഭാഷയുടെ മതിലുകളെ പൊ ട്ടിച്ചെറിയുന്നവയാണ്. ഇതിലൂടെ സാമൂഹി ബന്ധം ദൃഢമാകുന്നു. കല എന്നത് മറ്റുള്ളവ രുടെ ജീവിതത്തിൽ എത്തിനോക്കാനുള്ള അവസരം നൽകുന്നു.

प्रश्न 7.
लेखक को पहले पेड़ का चित्र बनाने का मन नहीं था, पर बाद में बनाने लगा। क्यों?
ലേഖകന് ആദ്യം മരത്തിന്റെ ചിത്രം വരയ്ക്കാൻ തോന്നിയിരുന്നില്ല. പക്ഷേ പി ന്നീട് വരയ്ക്കാൻ തുടങ്ങി. എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
जब यह पता चला कि वह पेड़ उस जगह के मालिक ने एल्फी की याद में लगाया था, तो उसे बनाने का मन आया। एल्फी को फिआक्को बुरी हालत में मिला था। एल्फी ने उसकी बड़ी तीमारदारी कर उसे तंदुरुस्त किया।
ആ മരം അ സ്ഥലത്തിന്റെ ഉടമ എൽഫിയുടെ ഓർമ്മയ്ക്കായി നട്ടുപിടിപ്പിച്ചതാണ് എന്ന് അറിഞ്ഞപ്പോൾ, അത് വരയ്ക്കണമെന്ന് തോന്നി. എൽഫിക്ക് ഫിയാക്കോയെ വളരെ മോശമായ അവസ്ഥയിലാണ് ലഭിച്ചത്. എൽഫി വളരെയധികം ശുശ്രൂഷകൾ നൽ കിയാണ് അതിനെ ആരോഗ്യവാനാക്കിയത്.

प्रश्न 1.
आगे…
घटनाओं को क्रमबद्ध करें।
• मेट्रो में लेखक की मुलाकात लुआना से होना।
• फिआक्को के साथ यात्रा की शुरुआत होना।
• नदी के पास फिआक्को का रुक जाना।
• क्रिस्टीना का फिआवको को बालियाँ दिखाना।
• खेत में जाकर कैथरीना का गाना।
• बालकनी पर खड़ी महिला के लिए मैत्तेयो का परफार्म करना।
• लेखक के पेड़ का चित्र खींचने का प्रयास करना।
उत्तर:
• मेट्रो में लेखक की मुलाकात लुआना से होना।
• फिआक्को के साथ यात्रा की शुरुआत होना।
• नदी के पास फिआक्को का रुक जाना।
• क्रिस्टीना का फिआक्को को बालियाँ दिखाना।
• खेत में जाकर कैथरीना का गाना।
• बालकनी पर खड़ी महिला के लिए मैत्तेयो का परफार्म करना।
• लेखक के पेड़ का चित्र खींचने का प्रयास करना।

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 2.
पढ़ें
‘हमारा पिछला परफॉरमेंस अच्छा नहीं हुआ था। हम सब तनाव में थे। पर आज जैसे ही कुर्दिस्तान के अशित और ईरान के मेंहदी ने साज़ बजाते हुए गाना शुरू किया तो सब मज़े से उनके आस-पास नाचने लगे। अचानक लगा जैसे हम किसी धागे से बँधे हुए हैं। लगा, जैसे हम जैतून की पत्तियों से सरसरा रहे हैं।’
‘उस दिन के अपने परफॉरमेंस के बारे में कैथरीना अपनी डायरी में लिखती है।’ – कैथरीना की वह डायरी लिखें।
जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
उत्तर:
20 जनवरी 1970

आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय रहा। मैं बहुत भावुकता से गाना गाई । गाते-गाते मैं रोने लगी। जैतून के कुछ पत्ते एलन शॉ के स्केचबुक पर पड़ें। वे आँसू के तरह लगे । कुर्दिस्तान के अशित और ईरान के मेंहदी ने साज़ बजाते हुए गाना शुरू किया तो सब मज़े से उनके आस-पास नाचने लगे। अचानक लगा जैसे हम किसी धागे से बँधे हुए हैं। कला सबको मिलानेवाली शक्ति है। हम सब एक ही कला-कृति को देखते या सुनते हैं तो उनमें एक जैसा अनुभव करते हैं। कला के माध्यम से एक दूसरे की संस्कृति समझ सकता है। यह भाषाई दीवारों को तोड़ देता है, सामाजिक जुड़ाव बढ़ा देता है। कल की शुभाप्रतीक्षा के साथ…

प्रश्न 3.
पढ़ें और लिखें…
“एक महिला ने अपनी बालकनी पर आकर कहा कि वे चल नहीं सकती हैं। इसलिए नहीं आ पाएँगी। यह सुनकर मैत्तेयो ने वहीं खड़े होकर उनके लिए परफार्म किया।”
इस अवसर पर महिला और मैत्तेयो के बीच में हुई बातचीत लिखें।
उत्तर:
महिला: अरे बेटा, तुम वहीं रुककर अकॉर्डियन बजा सकते हो?
मैत्तेयो: क्यों नहीं? आप नीचे आईए।
महिला: बेटा, मैं नीचे नहीं चल सकती।
मैत्तेयो: ठीक है, मैं यहीं रुककर बजाता हूँ।
महिला: मेरी टाँगें टूट चुकी है।
मैत्तेयो: तो फिर यह धुन खास आपके लिए होगी। कौन-सी पसंद है? धीमी या थिरकने वाली?
महिला: धीमी । उसमें तो हवा भी रुककर सुनती है।
मैत्यो: तो सुनिए। (अकॉर्डियन बजाता है।)
महिला: क्या नाम है तुम्हारा?
मैत्तेयो: मैत्तेयो
महिला: तुमने आज मेरे दिल की सोई हुई बातों को जगा दिया।
मैत्यो: शुक्रिया जी। अब विदा लेता हूँ।

• ‘जो चीज़ मुझे पसंद है मुझे वही करते रहना चाहिए।’
इस कथन पर आपका विचार क्या है? टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
‘जो चीज़ मुझे पसंद है मुझे वही करते रहना चाहिए’ – यह विचार व्यक्ति की अपनी खुशी और मानसिक शांति की ओर इशारा करता है। जब हम वही करते हैं जो हमें पसंद है तो उसमें लगन, ऊर्जा और रुचि अपने आप आ जाती है। यह न केवल हमें खुशी देता है, बल्कि हमारे काम की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। इसलिए अगर हमारी पसंद का कार्य हमारे विकास और दूसरों की भलाई में सहायक हो, तो उसे निरंतर करते रहना सही और प्रेरणादायक होता है।

• प्रकृति और कला के बीच अभिन्न संबंध है। इस विषय पर लेख तैयार करें।
उत्तर:
प्रकृति स्वयं एक महान कलाकार है। इसकी हर रचना में सौंदर्य, तालमेल और गहराई छिपी होती है। कला प्रकृति से प्रेरणा लेकर उसे भावनाओं, रंगों, रेखाओं और ध्वनियों के माध्यम से व्यक्त करती है। आज चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, साहित्य और नृत्य में प्रकृति एक प्रमुख प्रेरणा- स्त्रोत बनी हुई है। किसी चित्रकार के लिए सूर्योदय का दृश्य, किसी कवि के लिए वर्षा की बूँदें, किसी संगीतकार के लिए पंछियों की चहचहाहट सबकुछ एक सजीव रचना का आरंभ हो सकता है। कला मनुष्य और प्रकृति के बीच सेतु का कार्य करता है। प्रकृति और कला एक दूसरे का पूरक है। यह संबंध न केवल मनुष्य की संवेदनाओं को गहराता है बल्कि जीवन को भी सुंदर एवं समृद्ध बनाता है।

प्रश्न 4.
अनुबद्ध कार्य
अपनी किसी एक यात्रा का विवरण तैयार करें।
जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
मेरी शिमला यात्रा का विवरण

पिछली गर्मियों के दिन मैं और अपना परिवार शिमला घूमने निकला। हमने चंडीगढ़ से शिमला तक की दूरी बस द्वारा तय की। जैसे-जैसे बस पहाड़ों की ओर बढ़ती गई, वैसे-वैसे मौसम सुहावना होता गया। हमने मॉल रोड के पास एक होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी। अगले दिन के घुड़सवारी, हिमालय नेचर पार्क और बर्फ़ से पहाड़ियों ने मन मोह लिया। रास्ते में सेब के बागान भी दिखाई दिए, जिन्हें देखकर बहुत खुशी हुई।

तीसरे दिन हमने जाखू मंदिर की यात्रा की, जो हनुमान को समर्पित है, और ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। वहाँ तक पहुँचने के लिए रोपवे का अनुभव भी बेहद रोमांचक था। तीन दिन की यात्रा कब बीत गया, पता नहीं चला। जब वापसी का समय आ गया तो उदास हो गया। लेकिन खुशी भी थी कि प्रकृति की गोद में कुछ पल सुकून और आनंद के साथ बिताए। ऐसी यात्राएँ जीवन में नयापन और ऊर्जा भर देती हैं।

जब हम धीरे चलते हैं निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:

प्रश्न 1.
‘जब हम धीरे चलते हैं’ यात्राविवरण का लेखक कौन है?
उत्तर:
एलन शॉ

प्रश्न 2.
लेखक कौन – सा काम करता था?
उत्तर:
स्केचिंग

प्रश्न 3.
लेखक के पास आनेवाली लड़की का नाम क्या है?
उत्तर:
लुआना

प्रश्न 4.
लुआना की संस्था का नाम क्या है?
उत्तर:
कला थिए

प्रश्न 5.
‘कला थिएत्रो’ कहाँ चलता-फिरता थिएटर शुरू करना चाहती थी?
उत्तर:
इटली के फ्रिउली में।

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
लुआना इस ग्रुप में कौन-सा रोल निभाता है?
उत्तर:
डांसर का

प्रश्न 7.
इस प्रोजेक्ट का मकसद क्या था?
उत्तर:
स्लो ट्रैवल का अनुभव लेना।

प्रश्न 8.
मध्यकाल में किसके ऊपर सामान बाँधकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाते थे?
उत्तर:
गधे के ऊपर।

प्रश्न 9.
इस ग्रुप की गधे का नाम क्या था?
उत्तर:
फिआक्को

प्रश्न 10.
फिआक्को का मालिक कौन है?
उत्तर:
एल्लीया

प्रश्न 11.
ग्रुप की शुरुआत कैसे हुई?
उत्तर:
नदी से दुआ माँगने से।

प्रश्न 12.
क्रिस्टीना ने फिआक्को को क्या दिखाकर मनाया था?
उत्तर:
गेहूँ की बालियाँ

प्रश्न 13.
लेखक की मंडली का सबसे छोटा सदस्य कौन है?
उत्तर:
मैत्तेयो

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प्रश्न 14.
मैत्तेयो कहाँ रहता है?
उत्तर:
स्लोवेनिया और इटली के बोर्डर पर

प्रश्न 15.
मैत्तेयो कौन – सा बाजा बजाता था?
उत्तर:
अकॉर्डियन

प्रश्न 16.
लेखक कौन-से पेड़ के नीचे बड़े-से कैनवास पर चित्र बना रहा था?
उत्तर:
जैतून के पेड़ के नीचे

प्रश्न 17.
लेखक ने किसको उलटा बनाया?
उत्तर:
शहर के चर्चे को

प्रश्न 18.
मंडली का आखिरी परफॉर्मेस कहाँ हुआ था?
उत्तर:
कोर्डोवाडो नाम के एक कम्यून के एक किले में

प्रश्न 19.
फिआक्को के असली मालिक का नाम क्या था?
उत्तर:
एल्फी

प्रश्न 20.
बगीचे के बीच का पेड़ किसकी याद में लगाया था?
उत्तर:
एल्फी की याद में

प्रश्न 21.
फिआवको अब कितने साल का है?
उत्तर:
चौदह साल का

प्रश्न 22.
कौन-सा चित्र पूरी यात्रा की इंतेहा बन गया?
उत्तर:
पेड़ का चित्र, जिसमें फिआक्को शामिल था और हल्की बारिश की बूँदें पत्ते बनाये।

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Jab Hum Dheere Chalte Hain Summary in Malayalam

जब हम धीरे चलते हैं Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(मैं हमेशा की तरह मेट्रो में स्केचिंग करता घर लौट रहा था ………………… चित्रो में दर्ज करने का न्योता दिया। मेरे पास हाँ के अलावा कोई जवाब न था।) [Textbook page no. 43&44]

ഞാൻ പതിവുപോലെ മെട്രോയിൽ സ്കെച്ചിംഗ് നടത്തിക്കൊണ്ട് ചിത്രം വരച്ച് വീട്ടിലേ യ്ക്ക് മടങ്ങുകയായിരുന്നു. അതായിരുന്നു എന്റെയൊരു വിനോദം. ഒരു പെൺകുട്ടി എന്റെ ചിത്രം വരക്കുന്നതും നോക്കി കൊണ്ടിരുന്നു. ലുവാന എന്നായിരുന്നു അവളുടെ പേര്. എന്റെ സ്കെച്ചിംഗ് ബുക്കിനോട് വളരെ താല്പര്യം തോന്നിയ അവൾ തന്റെ വിസിറ്റിംഗ് കാർഡ് എനിക്ക് നൽകി. എന്നിട്ട് കാണാം എന്ന ഉറപ്പിൽ പിരിഞ്ഞു. കുറച്ച് ദിവസങ്ങൾക്ക് ശേഷം സുഹൃത്തായ മാനുവലിന്റെ കൂടെ അവൾ തന്നെ കാണാനായി വന്നു. അവരുടെ സ്ഥാപനം ഇറ്റലിയിലെ ഫ്രീലി എന്ന ഗ്രാമത്തിൽ ഒരു സഞ്ചരിക്കുന്ന തീയേറ്റർ (നാടകശാല) നടത്താൻ ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നു. ഇതിൽ ചിത്രകാരൻമാർ, സംഗീ തജ്ഞർ, നർത്തകർ, ഫോട്ടോഗ്രാഫർ എന്നിവരെല്ലാം ഉൾക്കൊള്ളണമെന്ന് ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നു.

ലുവാന ഈ ഗ്രൂപ്പിനെ ഏറ്റവും മികച്ച നർത്തകിയായിരുന്നു. അവളായിരുന്നു അവരുടെ യാത്രയെ ചിത്രങ്ങളിലൂടെ അവതരിപ്പിക്കാനുള്ള ക്ഷണം എനിക്ക് നല്കിയത്. ‘ശരി’ എന്നല്ലാതെ എന്റെ കയ്യിൽ വേറെ മറുപടി ഉണ്ടായിരുന്നില്ല.

(इस प्रोजेक्ट का मकसद स्लो ट्रैवल का अनुभव लेना था …………………… कईयों की आँखें भीग गई। मुझे नदी दुआ माँगना बहुत अच्छा लगा।) [Textbook page no. 44&45)

ഈ പ്രൊജക്ടിന്റെ ലക്ഷ്യം, പതുക്കെയുള്ള സഞ്ചാരത്തിന്റെ അനുഭവം ആസ്വദിക്കുക എന്നതായിരുന്നു. മദ്ധ്യകാലഘട്ടത്തിൽ കഴുതപ്പുറത്ത് ഭാരം കെട്ടിവെച്ച് ഒരു സ്ഥലത്ത് നിന്നും മറ്റൊരു സ്ഥലത്തേക്ക് കൊണ്ടുപോകുന്ന പതിവുണ്ടായിരുന്നു. നമ്മുടെ വഴിയും ഏകദ്ദേശം മദ്ധ്യകാലഘട്ടത്തി ലതെന്ന് തോന്നിപ്പിക്കുന്ന വഴിയായിരുന്നു. പല പല പട്ടണങ്ങളിൽ കൂടിയായിരുന്നു യാത്ര. നമ്മുടെ കൂടെ ‘ഫിയാക്കോ’ എന്ന പേരുള്ള ഒരു കഴുതയുണ്ടായിരുന്നു. നമ്മൾ എപ്പോഴും അതിന്റെ പുറകെ സഞ്ചരിച്ചിരുന്നത് ഫിയാക്കോയുടെ ഉടമസ്ഥനായ എല്ലായായും നമ്മുടെ കൂടെ ഉണ്ടായിരുന്നു. യാത്രയുടെ ഇടയിൽ എവിടെയൊക്കെ ഫിയാക്കോ നിൽക്കുന്നുവോ അവിടെയൊക്കെ നമ്മളും നില്ക്കുക എന്നതായിരുന്നു ആ യാത്രയുടെ രീതി.

നമുക്ക് ധൃതിപിടിച്ച് എവിടെയും എത്തിച്ചേരേണ്ട ആവശ്യമില്ലായിരുന്നു. അതു കൊണ്ടുതന്നെ യാത്ര പല സ്ഥലങ്ങളിലായി നിന്ന് പാട്ടുപാടുകയും ഉല്ലസിച്ചും ഒക്കെയായിരുന്നു യാത്ര. ഏത് പട്ടണത്തിലാണോ പെർഫോമൻസ് നടന്നിരുനന്ത് അന്ന് രാത്രി അവിടെ തങ്ങുക എന്ന തായിരുന്നു പതിവ്. ഞാൻ ഇത് മുഴുവൻ ചിത്രങ്ങളാക്കി പേപ്പറിൽ പകർത്തിക്കൊണ്ടിരുന്നു.

നദിയോട് ആഗ്രഹം വാങ്ങിയായിരുന്നു തുടങ്ങിയത്. കത്രീന മനോഹരമായ ഒരു ഗാനം ആലപിച്ചു, പലരുടെയും കണ്ണുകൾ നിറഞ്ഞു കവിഞ്ഞിരുന്നു. നദിയോട് അനുഗ്രഹം വാങ്ങുക എന്നത് എനിക്ക് സുന്ദരമായ അനുഭവമായി തോന്നി.

(अचानक फिआवको चलते-चलते रुक गया।… अकॉर्डियन पर उसकी बनाई खूबसूरत धुनें हवाओं को थिरका देती थी।) [Textbook page no. 46&47)

മുന്നോട്ടുനീങ്ങികൊണ്ടിരിക്കെ ഫിയാക്കോ പെട്ടെന്ന് നിന്നു. മുന്നിൽ നദി മറിക്കട ക്കണമായിരുന്നു. നമ്മളും ഫിയാക്കോയുടെ പുറകിലായി നിന്നു. ഫിയാക്കോ നദി മുറിച്ചുകടക്കാൻ തയ്യാറായില്ല. കുറച്ചുപേർ വിശ്രമിച്ചും പഴങ്ങൾ കഴിച്ചും നേരം കഴിച്ചുകൂട്ടി. എല്ലാവരും പരസ്പ രം ഫിയാക്കാതെ നിർബന്ധിച്ചു. പക്ഷേ ഫിയാക്കോ അനങ്ങിയതേ ഇല്ല. മൂക്കാൽ മണിക്കൂറിനു ശേഷം ക്രിസ്റ്റീന ഫിയാക്കോയെ ഗോതമ്പു കതിരുകൾ കാണിച്ചു. അതു നോക്കിക്കൊണ്ട് ഫിയാക്കോ റോഡ് മുറിച്ചുകടന്നു, പക്ഷേ എല്ലാവരും ഫിയാക്കോയോടൊപ്പം നീങ്ങിയില്ല. എല്ലാവരും ഒരുമിച്ചാ യിരുന്നെങ്കിലും കുറച്ചുപേർ സംസാരത്തിൽ മുഴുകിയിരുന്നു.

കത്രീന മറുവശം ഗോതമ്പു വയലിൽ ചെന്ന് പാടാൻ തുടങ്ങി. എല്ലാവരെയും ആകർ ഷിക്കുന്ന ശബ്ദമായിരുന്നു കത്രീനയുടേത്. കുറച്ചുപേർ വയലിൽ നിന്നും ഗോതമ്പുചെടികൾ പറിച്ചെ ടുത്തു.ഞാൻ ഒരു കൈയിൽ ഗോതമ്പു ചെടി തിരിച്ചു പിടിച്ചു നോക്കി. അതിന്റെ വേരുകൾ മുകളിൽ പൂക്കളെപോലെ നിൽക്കുന്നത് കാണാമായിരുന്നു.

നമ്മുടെ സംഘത്തിലെ ഏറ്റം ചെറിയ അംഗമായിരുന്നു. ‘മെത്തയോ’ പകുതി ഫ്രഞ്ച്കാരും പ കുതി ഇറ്റലിക്കാരനുമായിരുന്നു. സ്ലൊവേനിയയുടെയും ഇറ്റലിയുടെയും ബോർഡറിലായിരുന്നു മെത്തയാ താമസിച്ചിരുന്നത് . നമ്മൾ കൂട്ടി എന്ന് വിളിച്ചാണ് മെത്തേയോയെ സംബോധന ചെയതിരുന്നത്. അദ്ദേഹം സംഗീത ഉപകരണങ്ങൾ വായികുമ്പോൾ എല്ലാവരും അതിൽ മുഴുകി പോവാറുണ്ടായിരുന്നു. അക്കാർഡിയനിൽ വൈക്കോയെ സംഗീയ ആലപിക്കുമ്പോൾ കേട്ടു നിൽകുന്നവർക്ക് നൃത്തം ചെയ്യാനുള്ള ഒരു പ്രചോദനം ഉണ്ടാകുമായിരുന്നു.

(दिन में हम जहाँ से भी गुज़रते…. उसी समय जैतून के कुछ पत्ते मेरी स्केचबुक पर गिरे। मुझे वह आँसू की तरह लगे) [Textbook page no.47]

ഏത് വഴിയിലൂടെയാണോ ഞങ്ങൾ കടന്നു പോകുന്നത്, അവിടെയെല്ലാം ജനങ്ങൾ നമുക്ക് ഷോ’ അവതരിപ്പിക്കാനുള്ള അവസരം (ക്ഷണം) തരുമായിരുന്നു. താഴെ ഇറങ്ങാൻ സാധിക്കാതെ ബാൽക്കണിയിലിരുന്ന ഒരു സ്ത്രീ ആവശ്യപ്പെട്ടതുപ്രകാരം മെത്തയോ അവിടെ നിന്നുകൊണ്ട് അവർക്കു വേണ്ടി പെർഫോം ചെയതു.

ഞാൻ ഒരു ഒലിവ് മരത്തിനുതാഴെ ഇരുന്നുകൊണ്ട് വലിയൊരു കാൻവാസ്സിൽ ചിത്രം വരയ്ക്കുക യായിരുന്നു. പെർഫോമൻസ് നടന്നുകൊണ്ടിരിക്കുന്ന സ്റ്റേജും അവിടെ തന്നെയായിരുന്നു.

എന്റെ ഇഷ്ടപ്പെട്ട ഒലിവ് മരത്തിന് താഴെയിരുന്ന ഞാൻ ഏറെ സിന്തോഷവാനായിരുന്നു. എന്നെ സംബന്ധിച്ചിടത്തോളും ഒലിപ് മരത്തിലെ ഇലകൾ വളരെ സുന്ദരമാണ്

ഞാൻ ചിത്രങ്ങളിലൂടെ ആ പട്ടണത്തിലെ ക്രസ്ത്യൻ പള്ളികളെ തിരിച്ച് പിടിച്ച് എന്റെ പേനയുടെ പോലെ രൂപം നൽകി. ഞാൻ ചിത്രം വരച്ചുകൊണ്ടിരിക്കെ കത്രീന പാടി പാടി അവസാനം കരയാൻ തുടങ്ങി. ആ സമയത്ത് ഒലിവ് മരത്തിന്റെ ഇലകൾ എന്റെ സ്കെച്ച് ബുക്കിലേക്ക് വീഴാൻ തുടങ്ങി. എനിക്ക് അത് കണ്ണു നീരുപോലെ. തോന്നി.

(हमारा पिछला परफॉरमेंस अच्छा नहीं हुआ था। हम सब तनाव में थे…… मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था।) [Textbook page no. 47&48]

നമ്മുടെ കഴിഞ്ഞ പെർഫോമൻസ് മികച്ചതായിരുന്നില്ല. എല്ലാവരും വാല്ലത്ത് മാനസിക സം ഘർഷത്തിലായിരുന്നു. കർദിസ്ഥാനിലെ അശ്തിയും ഇറാനിലെ മെഹന്ദിയും തുടങ്ങിയ സംഗീത ഉപ കരണങ്ങളിലൂടെ സംഗീതം മുഴങ്ങാൻ തുടങ്ങിയപ്പോൾ -എല്ലാരും ചുറ്റുപാടും നൃത്തം ചെയ്യാൻ തുടങ്ങി. നമ്മളെല്ലാവരും ഒരുചരടിൽ ബന്ധിക്കപ്പെട്ടതുപോലെ തോന്നി. ഒലിവുമരത്തിന്റെ ഇലകൾ തഴുകി തലോടുന്നതുപോലെ അനുഭവപ്പെട്ടു.

കോർവാഡോ കമ്യണിലെ ഒരു കൊട്ടാരത്തിലായിരുന്നു നമ്മുടെ അവസാനത്തെ പെർഫോമൻസ് നടന്നത്.

അവിടെ ചെന്നപ്പോഴാണ് ആൽഫിയാണ് ഫിയാക്കോയുടെ യഥാർഥ ഉടമസ്ഥന്റെ പേര് എന്ന് എനിക്ക് മനസ്സിയായത് അതിനുശേഷമാണ് ആൽഫിയുടെ മകനായ എല്ലിയോ ഫിയാക്കോയെ സം രക്ഷിക്കാൻ തുടങ്ങിയത്. എല്ലിയോ ഉൾപ്പെടെ എല്ലാവരും പൂന്തോപ്പിലേയ്ക്ക് പോയി. പൂന്തോപ്പിന്റെ മദ്ധ്യത്തിൽ ഒരു വൃക്ഷമുണ്ടായിരുന്നു. എനിക്ക് ഇറ്റാലിയൻ ഭാഷ പരിമിതമായി മാത്രമേ മന സ്സിലാകുമായിരുന്നുള്ളൂ. അവിടുത്തെ ആളുകൾ വളരെ ദുഃഖിതരായി എന്തൊക്കെയോ സംസാരിച്ചു കൊണ്ടിരിക്കുന്നുണ്ടായിരുന്നു.

पहले तो उस पेड़ का चित्र बनाने का मेरा मन नहीं था। … इस चित्र को हमारी पूरी यात्रा की इंतेहा की तरह मानिए।) [Textbook page no. 49]

വലിയ പ്രത്യേകതകളൊന്നും ഇല്ലാത്തതിനാൽ ആദ്യം തന്നെ ആ വൃക്ഷത്തിന്റെ ചിത്രം വരക്കാൻ എനിക്ക് മനസ്സിൽ തോന്നിയതേ ഇല്ല. പിന്നീടാണ് ആ സ്ഥലത്തിന്റെ ഉടമ ആൽഫിയുടെ ഓർമ്മയ്ക്കായി വളർത്തിയതാണ് ഈ വൃക്ഷം എന്ന് മനസ്സിലായത്. വളരെ മോശമായ അവസ്ഥയിലാ യിരുന്നു ആൽഫിക്ക് ഫിയാക്കോവിയെ ലഭിച്ചത്. നല്ല രീതിയിൽ ചികിത്സിച്ച് ആൽഫി അവനെ ആരോഗ്യവാനാക്കിമാറ്റി. ഇന്ന് പിയാക്കോവിന് പതിനാല് വയസ്സായി.

ഞാൻ ആ വൃക്ഷത്തിന്റെ ചിത്രം വരക്കാൻ തുടങ്ങി. അപ്പോഴേക്കും ഫിയാക്കോ ഓടിക്കൊണ്ട് വൃക്ഷത്തിന് അടുത്തേക്ക് വന്നു. ഞാൻ ഫിയാക്കോവിനെയും ചിത്രത്തിൽ ഉൾപ്പെടുത്തി. വൃക്ഷത്തിന്റെ ഇലകൾ വരച്ചുതുടങ്ങിയപ്പോഴേക്കും നേരിയ മഴ പെയ്യാൻ തുടങ്ങി. ഇലകൾ വരച്ചുപൂർത്തിയാക്കാതെ ഞാൻ സ്കെച്ച് ബുക്ക് തുറന്നുവെച്ചു അതൊരു അത്ഭുത നിമിഷമായിരുന്നു. മഴത്തുള്ളികൾ വരച്ച ഇലകളിൽ ചിത്രങ്ങളായിരുന്നു. ഇത്ര സുന്ദരമായ ചിത്രം എനിക്ക് ഒരിക്കലും വരയ്ക്കാൻ കഴി ഞ്ഞിരുന്നില്ല. ഈ ചിത്രത്തെ നമ്മുടെ യാത്രയുടെ ക്ലൈമാക്സായി പരിഗണിക്കാം.

(उस शाम का परफॉर्मेस ज़बरदस्त था । सब खुश थे….. मेरा यकीन बढ़ा है कि जो चीज़ मुझे पसंद है, मुझे वही करते रहना चाहिए।) Textbook page no. 49]

ആ ദിവസത്തെ പെർഫോമൻസ് വളരെ മനോഹരമായിരുന്നു. എല്ലാവരും സന്തോഷവാൻ മാരായിരുന്നു. ഈ യാത്ര നമ്മളെ പ്രിയപ്പെട്ട സുഹൃത്തുക്കളാക്കി മാറ്റി. നമ്മുടെ ഹൃദയമിടിപ്പിന് (മനസ്സിനിഷ്ടമായ) ചേരുന്ന പ്രവർത്തികൾ ചെയ്യുകയും അത് പങ്കുവയ്ക്കാൻ സാധിക്കുന്നവരോട് ചേർത്തു നിൽക്കാൻ കഴുകയും ചെയ്താൽ ഈ ലോകം വളരെ മനോഹരമായിരിക്കും. ഈ യാത്രയിലൂടെ എനിക്ക് ഒരുപാട് മാറ്റം സംഭവിച്ചിട്ടുണ്ട്. നമുക്ക് ഏറ്റവും ഇഷ്ടമുള്ളത് ചെയ്യുവാനുള്ള വിശ്വാസം ഈ യാത്ര എനിക്ക് സമ്മാനിച്ചിട്ടുണ്ട്.

जब हम धीरे चलते हैं लेखक परिचय

यात्रा विवरण (एलन शॉ)
एलन शॉ
जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
एलन शॉ बर्लिन में रहने वाला भारतीय कलाकार, चित्रकार, एनीमेटर और कहानीकार हैं। उनका जन्म 1973 को बिहार में हुआ था। उन्होंने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाइन, अहमदाबाद से एनीमेशन फिल्म मेकिंग में विशेषज्ञता के साथ संचार डिजाइन की पढ़ाई की है। वे 25 से ज़्यादा सालों से अपने जीवन को स्केचबुक में रिकॉर्ड कर रहे हैं। उनको बच्चों के लिए चित्र बनाना और यात्रा करना बहुत पसंद है।

എലൻഷോ ബർലിനിൽ താമസിക്കുന്ന ഭാരതീയനായ കലാകാര നും, ചിത്രകാരനും, അനിമേറ്ററും, കഥാകൃത്തും ആണ്. ബീഹാറി ൽ 1973 ലാണ് അദ്ദേഹം ജനിച്ചത്. അദ്ദേഹം നാഷണൽ ഇൻസ്റ്റി റ്റ്യൂട്ട് ഓഫ് ഡിസൈൻ, അഹമ്മദാബാദിൽ നിന്നും അനിമേഷൻ സിനിമാനിർമ്മാണത്തിൽ വൈദ ഗ്ധ്യം നേടിയതിനൊപ്പം, ആശയവിനിമയ രൂപകൽപ്പനയിലും ഡിഗ്രി കരസ്ഥമാക്കി. ഇരുപത്തി അഞ്ച് വർഷത്തിലേറെയായി അദ്ദേഹം തന്റെ ജീവിതം സ്കെച്ച് ബുക്കിൽ റിക്കോഡ് ചെയ്ത് കൊണ്ടിരി ക്കയാണ്. അദ്ദേഹത്തിന് കുട്ടികൾക്ക് വേണ്ടി ചിത്രം വരയ്ക്കാനും, യാത്ര ചെയ്യാനും വളരെ ഇഷ്ടമാണ്.

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

जब हम धीरे चलते हैं शब्दार्थ

मदद ले :
धीरे चलते हैं – മെല്ലെ നടക്കുന്നു.
हमेशा – എപ്പോഴും
स्केचिंग – ചിത്രരചന
दिलचस्प – താൽപ്പര്യം
वादा किया – വാക്ക് കൊടുത്തു
संस्था – സംഘം
चलता-फिरता – സഞ്ചരിക്കുന്ന
बेहतरीन – മികച്ച
चित्रों में दर्ज करना – ചിത്രത്തിന് രൂപം നൽകുക, चित्रों का रूप देना
न्योता – ക്ഷണം, Invitation
मकसद – ലക്ഷ്യം, Aim
स्लो ट्रैवल – സമയമെടുത്തുള്ള യാത
गाथा – കഥ
गुज़रना – കഴിച്ചുകൂട്ടുക
यूँ कहें – ഇങ്ങനെ പറയാം
उकेरता रहता – വരച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു. was sketching
शुरुआत – ആരംഭം
दुआ माँगना – പ്രാർത്ഥിക്കുക
आँखें भीग गई – കണ്ണുകൾ നനഞ്ഞു
मनाना – അനുനയിപ്പിക്കുക
टस से मस न होना – അനങ്ങാതിരിക്കുക, Not to stir
पौने घंटे बाद – മുക്കാൽ മണിക്കൂറിന് ശേഷം
गेहूँ की बालियाँ – ഗോതമ്പിന്റെ കതിരുകൾ
बातों में मशगूल थे – സംസാരത്തിൽ മുഴുകിയിരുന്നു
मज़े में थे – ഉത്സാഹത്തിലായിരുന്നു
कशिश – ആകർഷണം,, Attraction
खिंचे चले आए – ആകർഷിക്കപ്പെട്ട് വന്നു, आकृष्ट होकर चले आए।
बालियाँ उचकाई – बालियाँ काटी। കതിരുകൾ പറിച്ചു.
उलटा चलना – വിപരീത ദിശയിൽ
जड़ – വേര്
मंडली – കൂട്ടം
सदस्य – അംഗം, member
समा बंध जाना – സമാധിയിലേർപ്പെടുക
अकॉर्डियन – एक तरह का बाजा, ഒരു തര ത്തിലുള്ള വാദ്യോപകരണം
धुनें – രാഗം, Tune
थिरकाना – അംഗചലനങ്ങളോടെ നൃത്തം ചെയ്യിക്കുക
जैतून के पेड़ – ഒലിവ് മരങ്ങൾ, olive trees
पसंदीदा – ഇഷ്ടമുള്ള
आँसू – കണ്ണുനീർ, Tears
तनाव – സംഘർഷം, Tension
साज – संगीत का वाद्य यंत्र (സംഗീതത്തിന്റെ വാദ്യോപകരണം)
धागे से बँधना – ചരട് കൊണ്ട് ബന്ധിപ്പിക്കുക
सरसराना – കാറ്റിന്റെ സർ എന്ന ശബ്ദം
ख्याल रखना – देखभाल करना സംരക്ഷിക്കുക
खास – വിശേഷപ്പെട്ട
तीमारदारी करना – പരിപാലിക്കുക
तंदुरुस्त – ആരോഗ്യവാൻ
जादुई ल – മാന്ത്രിക നിമിഷം
शामिल कर लिया – ഉൾപ്പെടുത്തി
इंतेहा – अंतिम सीमा, അവസാന അടയാളം
ज़बरदस्त – मजबूत, ശക്തം
साझा करते – പങ്കിട്ടുകൊണ്ട്
खूबसूरत – മനോഹരം
बदलाव – മാറ്റം
यकीन – വിശ്വാസം

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 2 Chapter 2 बाबा और बाबा की छड़ी Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 2 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus बाबा और बाबा की छड़ी

Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
‘साथ-साथ चलते हैं दोनोंबाबा और बाबा की छडी!’- इससे आप क्या समझते हैं?
രണ്ടുപേരും ഒരുമിച്ച് നടക്കുന്നു ബാബയും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും. – ഇതിലൂടെ താങ്കൾ എന്ത് മനസ്സിലാക്കുന്നു?
उत्तर:
इससे यह समझ में आता है कि बाबा अब इस अवस्था में पहुँच गए है कि उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत होती है। उनकी छडी सिर्फ लकडी का टुकड़ा नहीं है, बल्कि उनके जीवन की एक अहम साथी बन चुकी है।
ഇതിൽ നിന്നും മനസ്സിലാകുന്നത് ബാബ ഇപ്പോൾ നടക്കുന്നതിന് ഒരു സഹായിയുടെ ആവശ്യം വന്നിരിക്കുന്ന സാഹചര്യത്തിലാ ണ് ഉള്ളത്. അദ്ദേഹത്തിന് നടക്കുവാനുള്ള വടി വെറുമൊരു മരക്കഷണം അല്ല. അദ്ദേഹ ത്തിന്റെ ജീവന്റെ ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്താണ്.

प्रश्न 2.
नया-नया जो और आया है नये-नये पेडों पर? – इसका तात्पर्य क्या है?
പുതിയ പുതിയ മാമ്പൂവുകൾ വന്നു പുതിയപുതിയ മരങ്ങളിൽ ഇതിന്റെ ആശയം എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്?
उत्तर:
यहाँ ‘नए बार’ और ‘नए पेड’ को प्रतीक बनाकर मानव जीवन में आनेवाले नयेपन को, परिवर्तनों को नए अनुभवों को और जीवन की उमंगों को हमारे सामने दर्शाताहै।
ഇവിടെ പുതിയ മാമ്പൂവ്, പുതിയ മരം എന്നി വ പ്രതീകങ്ങളായാണ് ഉപയോഗിച്ചിരിക്കു ന്നത്. ഇതിലൂടെ മനുഷ്യ ജീവിതത്തിൽ വരാൻ പോകുന്ന പുതുമയെ, മാറ്റങ്ങളെ, പുതിയ അനുഭവങ്ങളെ, പുതിയ പ്രതീക്ഷ കളെ എന്നിങ്ങനെയാണ് നമുക്ക് കാണിച്ചു തരുന്നത്.

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
बाबा और बाबा की छडी, दोनों में से कोई अकेला चल नहीं सकता। क्यों?
ബാബയും ബാബയുടെ വടിയും ഈ രണ്ടു പേരിൽ ആർക്കും ഒറ്റക്ക് നടക്കാൻ സാധിക്കു കയില്ല. എന്ത് കൊണ്ട്?
उत्तर:
क्योंकि बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। जीवन के एक-एक कदम में वे साथ हैं। दोनों का रिश्ता भी पक्का है। वें आपस में एक दूसरे का सहारा है।
എന്തുകൊണ്ടെന്നാൽ ബാബയും ബാബ യുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമി ച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. ജീവിതത്തിന്റെ ഓരോ ചുവട് വെയ്പിലും അവർ ഒന്നിച്ചാണ്. രണ്ടുപേരുടെയും ബന്ധം അത്ര മാത്രം ദൃഢ മാണ്. അവർ പരസ്പരം ഒരാൾ മറ്റൊരാൾക്ക് സഹായിയാണ്.

प्रश्न 1.
बाबा और छडी दोनों के आपसी संबंध की सूचना देनेवाली पंक्तियाँ कविता से चुनकर लिखें।
• साथ-साथ चलते हैं दोनों
• ……………………..
• ……………………..
• ……………………..
बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
उत्तर:
• साथ-साथ चलते हैं दोनों
• फिर वो उसका हाथ पकड़के बाहर लाती है
• थक जाए तो बाबा अक्सर, छडी पे माथा टेकके
• छडी ही उठकर कभी-कभी बाबा को दिखाती है।
• एक कदम जब वो चलती है, एक कदम वो चलता है।
• दोनों में से कोई अकेला चल नहीं सकता
• हाथ अगर छूटे तो दोनों गिर पड़ते हैं

प्रश्न 2.
ये आशय वाली पंक्तियाँ पहचानकर लिखें।

* छडी बाबा को गिरने से बचाती है।
* थक जाने पर छडी बाबा का सहारा बनती है।
* छडी और बाबा दोनो एक दूसरे के सहारे ही चल सकते हैं।

 

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
* हाथ अगर छूटे तो दोनों गिर पड़ते हैं
* थक जाए तो बाबा अक्सर, छडी पे माथा टेक के बेंच पर बैठ भी जाते हैं
* दोनों में से कोई अकेला चल नहीं सकता।

प्रश्न 3.
ये पंक्तियाँ पढ़ें। रेखांकित शब्दों का विश्लेषण करें। इन पंक्तियों के ‘वो’ (वह) किस-किस के लिए प्रयुक्त है?
एक कदम जब वो चलती है।
एक कदम वो चलता है।
बाबा और बाबा की छडी!
उत्तर:
एक कदम जब वो छडी चलती है
एक कदम बाबा चलता है।

प्रश्न 4.
‘वो’ (वह) के बदले ‘बाबा / बाबा की छडी’ में से उचित शब्द जोडकर पंक्तियों

का पुनर्लेखन करें।
एक कदम जब वो चलती है

एक कदम वो चलता है
उत्तर:
एक कदम जब छडी चलती है।
एक कदम बाबा चलता है

प्रश्न 5.
पंक्तियाँ पढ़ें, सूचना के अनुसार लिखें।
पहले वो कहता है – चल बाहर चलते हैं
और उठा लेता है छडी को
बिस्तर पर जो लेटी हुई थी!
फिर वो उसका हाथ पकड़के बाहर लाती है।
* पहली पंक्ति का ‘वो’ किसके लिए प्रयुक्त किया गया है?
उत्तर:
बाबा

* अंतिम पंक्ति का ‘वो’ किसके लिए प्रयुक्त किया गया है?
उत्तर:
छडी

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
कविता की “छडी” किन-किन के प्रतीक हो सकते हैं? (चर्चा करें)
उत्तर:
बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। वे एक दूसरे के बिना चल नहीं सकते। दोनों का रिश्ता भी पक्का है। छडी केवल चलने का सहारा नहीं है, बल्कि उनके जीवन के संघर्ष, धैर्य और तप का प्रतीक है। छडी उस सहारे को भी दर्शाती है जो वे स्वयं अपने जीवन में दूसरों को देते आए हैं। ‘छडी’ केवल लकडी का टुकडा नहीं, बल्कि जीवन के सहारे, अनुभव और आश्रय का द्योतक है।

प्रश्न 7.
बाबा और बाबा की छडी कविता का आस्वादन टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
गुलज़ार का जन्म पंजाब के झेलम जिले के दीना गाँव में 18 अगस्त 1934 को हुआ था। गुलज़ार नाम से प्रसिद्ध संपूर्ण सिंह हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार हैं। इसके अतिरिक्त वे कवि, पटकथाकार, फिल्म निर्देशक, नाटककार तथा प्रसिद्ध शायर भी हैं। उनकी एक प्रसिद्ध कविता है ‘बाबा और बाबा की छडी’।

कविता में ‘बाबा’ केवल एक वृद्ध व्यक्ति नहीं है, बल्कि अनुभव, परंपरा और आत्मीयता के प्रतीक हैं। उनकी छडी केवल चलने का सहारा नहीं है, बल्कि उनके जीवन के संघर्ष, धैर्य और तप का प्रतीक है। छडी उस सहारे को भी दर्शाती है जो वे स्वयं अपने जीवन में दूसरों को देते आए हैं। अब जब वे वृद्ध हो गए हैं, तो वही सहारा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करता है। कविता में एक प्रकार की करुणा, श्रद्धा और संवेदना देखने को मिलती है। ‘बाबा’ की छवि ऐसी बनाई है जो पाठक को अपने परिवार के वृद्ध जनों की याद दिला देती है।

कविता में सरल, सहज और भावपूर्ण भाषा काप्रयोग किया गया है। ‘छडी’ को प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो जीवन के सहारे, अनुभव और आश्रय का द्योतक है। कविता यह संदेश देती है कि बुजुर्गों की सेवा, सम्मान और उनका साथ देना हमारा कर्तव्य है।

പഞ്ചാബിലെ ഝലം ജില്ലയിലെ ദീനാ ഗ്രാമത്തിൽ 1934 ആഗസ്റ്റ് 18 നാണ് ഗുൽസാർ ജനിച്ചത്. ഗുൽസാർ എന്ന പേരിൽ പ്രസിദ്ധ നായ സംപൂർണ സിംഗ് ഹിന്ദി സിനിമാ രംഗ ത്തെ പ്രസിദ്ധനായ സംഗീതജ്ഞനാണ്. ഇത് കൂടാതെ അദ്ദേഹം ഒരു കവി, തിരക്കഥാ കൃത്ത്, സിനിമാ സംവിധായകൻ, നാടകപ്രവ ർത്തകൻ, ഉർദു ഭാഷാ കവി എന്നീ നില കളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ mcom ‘बाबा और बाबा की छडी’

കവിതയിലെ ബാബ് വെറുമൊരു വൃദ്ധവ്യക്തിയല്ല. മറിച്ച് അനുഭവം, പാര പര്യം, ആത്മീയത എന്നിവയുടെ പ്രതീക മാണ്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഊന്നുവടി കേവലം നടക്കുന്നതിനുള്ള സഹായിയല്ല പകരം ജീവിതത്തിലെ സംഘർഷം, ധൈര്യം, ദൃഢത എന്നിവയുടെ പ്രതീകമാണ്. സ്വന്തം ജീവിത ത്തിൽ മറ്റുള്ളവരെ കൂടി സഹായിക്കുക യാണ് ഊന്നുവടി ചെയ്യുന്നത്. ഇപ്പോൾ അദ്ദേഹം വൃദ്ധനായപ്പോൾ ആ ആശയം മുന്നോട്ട് പോകുന്നതിന് അദ്ദേഹത്തെ സഹായിച്ചു. കവിതയിൽ ഒരു തരത്തിലുള്ള കരുണ, ശ്രദ്ധ, സഹതാപം എന്നിവ കാണാൻ സാധിക്കുന്നു. നമ്മുടെ കുടുംബത്തിലെ വൃദ്ധജനങ്ങളെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്ന രീതിയിലാ കവിതയിൽ ‘ബാബ’യെ ചിത്രീകരി ച്ചിരിക്കുന്നത്.

കവിതയിൽ സരളവും, സ്വഭാവികവും, ഭാവപൂർണ്ണവുമായ ഭാഷയാണ് പ്രയോഗി ച്ചിരിക്കുന്നത്. ‘ഊന്നുവടി’യെ ഒരു പ്രതീക മായാണ് അവതരിപ്പിച്ചിരിക്കു ന്നത്. ഇത് ജീവിതത്തിലെ സഹായിയുടെയും അനുഭ വങ്ങളുടെയും, ആശയത്തിന്റെയും സൂചക മാണ്. വൃദ്ധജനങ്ങളെ സേവിക്കുക, ആദരി ക്കുക, അവരെ കൂടെ നിർത്തുക എന്നുള്ളത് നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്. ഇതാണ് ഈ കവിതയുടെ സന്ദേശം.

प्रश्न 8.
अनुबद्ध कार्य:
बुजुर्गों के कल्याण के लिए सरकार कई
बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
• अगस्त 6 – हिरोशिमा दिन (Hiroshima day)
• अगस्त 15 – स्वतंत्रता दिवस (Independence day)
• अगस्त 17 – किसान दिन (Farmer’s day)
• सितंबर 5 – राष्ट्रीय शिक्षक दिवस (National Teacher’s day)
• सितंबर 14 – राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi day)
• सितंबर 16 – ओसोन दिवस (Ozone day)
योजनाएँ चलाती हैं। इन योजनाओं की सूची तैयार करें।
उत्तर:

  1. राष्ट्रीय वयोश्रेष्ठ नागरिक योजना (National Vayosree Yojana)
  2. इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
  3. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana)
  4. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens Saving Scheme – SCSS)
  5. प्रधानमंत्री की वय वंदना योजना (PMVVY)
  6. राशन में प्राथमिकता (Antyodaya Anna Yojana)
  7. राष्ट्रीय वृद्धजन नीति (National policy for older Persons- 1999)
  8. हेल्पलाइन सेवा – एल्डरलाइन (Elderline 14567)

बाबा और बाबा की छड़ी निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:

प्रश्न 1.
बाबा और बाबा की छडी कविता के कवि कौन है ?
उत्तर:
गुलज़ार

प्रश्न 2.
कौन-कौन साथ-साथ चलते हैं?
उत्तर:
बाबा और बाबा की छडी

प्रश्न 3.
पहले कौन कहता है – चल बाहर चलते हैं?
उत्तर:
बाबा

प्रश्न 4.
तब बाबा किसे उठा लेता है?
उत्तर:
छडी को।

प्रश्न 5.
छडी कहाँ लेटी हुई थी ?
उत्तर:
बिस्तर पर।

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
कौन बाबा का हाथ पकड़कर बाहर चलती है?
उत्तर:
छडी।

प्रश्न 7.
गली के कुत्ते भौंकने से कौन भगा देती है?
उत्तर:
छडी।

प्रश्न 8.
बाबा और बाबा की छडी कहाँ तक जाते हैं?
उत्तर:
बाग तक।

प्रश्न 9.
जब बाबा थक जाते तो क्या करता है?
उत्तर:
बेंच पर बैठकर छडी पर माथा टेकता है।

प्रश्न 10.
छडी बाबा को क्या दिखाती है?
उत्तर:
नए-नए पेडों पर आने वाले नया-नया बौर।

प्रश्न 11.
हाथ अगर छूटे तो क्या होता है?
उत्तर:
बाबा और बाबा की छडी गिर पड़ते हैं।

प्रश्न 12.
यहाँ जवान कौन है?
उत्तर:
बाबा की छडी।

प्रश्न 13.
यहाँ बूढ़ा कौन है?
उत्तर:
बाबा

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 14.
यहाँ छडी किन-किनका प्रतीक है?
उत्तर:
जीवन के सहारे, अनुभव और आश्रय

Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Summary in Malayalam

बाबा और बाबा की छड़ी Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(साथ-साथ चलते हैं। ……… बाबा और बाबा की छडी ।) (Page 17, 18 TB)

गुलज़ार नाम से प्रसिद्ध संपूर्ण सिंह हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार है। इसके अतिरिक्त आप कवि, पटकथाकार, फिल्मनिर्देशक, नाटककार तथा प्रसिद्ध शायर भी है। उनकी रचनाएँ मुख्यतः हिंदी, उर्दू तथा पंजाबी में हैं। उनकी एक प्रमुख कविता है ‘बाबा और बाबा की छडी’।

‘बाबा और बाबा की छडी’ एक सोद्देश्य और सरल कविता है। इसमें एक बच्चे के नजरिए से बाबा और उनकी छड़ी के बारे में बताया गया है। कवि कहते हैं कि बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। पहले बाबा कहता है कि, चल हम बाहर चलते हैं। फिर बाबा बिस्तर पर लेटी हुई अपने साथी को (छडी को) उठाकर बाहर चलते हैं। छडी भी बाबा का हाथ पकडकर उसको बाहर ले जाने की मदद करती है। इस तरह हमेशा दोनों आपस में साथ देकर आगे जाते हैं।

ഗുൽസാർ എന്ന പേരിൽ പ്രസിദ്ധനായ സംപൂർണ സിംഗ് ഹിന്ദി സിനിമാ രംഗത്തെ പ്രസിദ്ധനായ സംഗീതജ്ഞനാണ്. ഇത് കൂടാതെ അദ്ദേഹം കവി, തിരക്കഥാകൃത്ത്, സിനിമാസംവിധായകൻ, നാടകപ വർത്തകൻ ഉർദു ഭാഷാ കവി എന്നീ നിലകളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. പ്രധാനമായും അദ്ദേഹത്തിന്റെ രചനകൾ ഹിന്ദി, ഉർദു, പഞ്ചാബി എന്നീ ഭാഷകളിലാണ്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഒരു പ്രമുഖ കവിതയാണ് ‘बाबा और बाबा की छडी’.

‘बाबा और बाबा की छडी’ സോദ്ദേശ്യപരവും, സരളവുമായ കവിതയാണ്. ഇതിൽ ഒരു കുട്ടിയുടെ കാഴ്ചപ്പാടിലാണ് ബാബയെ കുറിച്ചും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയെക്കുറിച്ചും പറഞ്ഞിരിക്കുന്നത്.ബാബ യും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമിച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. പുറത്തേയ്ക്ക് പോകാം എന്ന് ബാബ പറയുന്നു. പിന്നീട് കിടക്കയിൽ വിശ്രമിക്കുന്ന തന്റെ സുഹൃത്തിനെ (ഊന്നുവടി യും എടുത്ത് പുറത്തേയ്ക്ക് പോകുന്നു. ഊന്നുവടിയും ബാബയുടെ കൈ പിടിച്ച് അദ്ദേഹത്തെ പ റത്തേയ്ക്ക് പോകാൻ സഹായിക്കുന്നു. ഇപ്രകാരം രണ്ടുപേരും ഒരുമിച്ച് മുന്നോട്ട് പോകുന്നു.

(छडी भगा देती है …………………… नये-नये पेडों पर) (Page 18, TB)

बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। अगर गल का कोई कुत्ता भौंके तो छडी उसे भगा देती है। वे दोनों बाग तक जाते हैं। चलते-चलते अगर बाबा थक जाए तो अक्सर छडी पर माथा टेककर बेंच पर बैठ जाता है। नए पेडों और उनपर खिले फूलों को छडी बाबा को दिखा देती है । यहाँ ‘नये’ और ‘नये पेड’ को प्रतीक बनाकर मानव जीवन में आनेवाले नयेपन को परिवर्तनों को, नए अनुभवों को और जीवन की उमंगों को हमारे सामने दर्शाता है।

ബാബയും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമിച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. നടക്കുന്നതിനിടയിൽ
ഏതെങ്കിലും പട്ടി കുരച്ചാൽ ഊന്നുവടി അതിനെ ഓടിക്കും. അവർ രണ്ടുപേരും പൂന്തോട്ടം വരെ നടന്നുപോകും. നടന്ന് നടന്ന് ക്ഷീണിച്ചാൽ ബാബ തന്റെ ഊന്നുവടിയിൽ തലവെച്ച് ബെഞ്ചിൽ ഇരിക്കും. പുതിയ മരങ്ങളെയും, അതിൽ വിരിഞ്ഞ പുതിയ പൂക്കളെയും ഊന്നുവടി ബാബയ്ക്ക് കാണിച്ചുകൊടുക്കും. ഇവിടെ ‘പുതിയ പൂവ്’, ‘പുതിയ മരം’ എന്നിവ പ്രതീകങ്ങളായാണ് ഉപയോഗിച്ചിരിക്കുന്നത്. മനുഷ്യജീവിതത്തിൽ ഉണ്ടാകാൻ പോകുന്ന പുതുമയെയും മാറ്റങ്ങളെ യും, പുതിയ അനുഭവങ്ങളെയും, ജീവിതത്തിന്റെ പുതിയ പ്രതീക്ഷകളെയുമാണ് കവി ഇത് കൊണ്ട് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്.

(एक कदम ……………. बाबा की छडी !! ) (Page 18, 19 TB)

बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। जीवन के एक-एक कदम में वे दोनों साथ हैं। दोनों का रिश्ता भी पक्का है। इन दोनों में से कोई अकेला नही चल सकता। अगर बाबा का हाथ छूटे तो बाबा औरछडी दोनों गिर जाते हैं। यहाँ एक जवान है, एक बूढ़ा है। एक व्यक्ति को आगे चलाने में एक अनुभवी व्यक्ति की जरूरत पर यहाँ जोर दिया गया है। यहाँ बाबा और बाबा की छडी के माध्यम से बुढ़ापे में सहारा देने की, आपसी रिश्तों में समर्पण भावना रखने की शिक्षा मिलती है।
ബാബയും, ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമിച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. ജീവിതത്തിന്റെ ഓരോ ചുവടുവെയ്പ്പിലും അവർ രണ്ടുപേരും ഒരുമിച്ചാണ്. രണ്ടുപേരുടെയും ബന്ധം ഉറച്ചതാണ്. രണ്ടുപേരിൽ ആർക്കും ഒറ്റക്ക് സഞ്ചരിക്കാൻ സാധിക്കില്ല. കൈ വിട്ടുപോയാൽ ബാബയും, ഊന്നുവടിയും രണ്ടുപേരും താഴെ വീണുപോകും. ഇവിടെ ഒരാൾ യുവാവണ്, ഒരാൾ വൃദ്ധനും. ഒരു വ്യക്തിയെ മുന്നോട്ട് നയിക്കുന്നതിൽ ഒരു അനുഭവസമ്പന്നനായ വ്യക്തിയുടെ സാന്നിദ്ധ്യത്തിന്റെ ആവശ്യകത യിലാണ് ഇവിടെ ഊന്നൽ നൽകിയിരിക്കുന്നത്. ബാബയും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും വാർദ്ധക്യത്തിൽ ആശ്രയമാകേണ്ടതിന്റെ പരസ്പരബന്ധത്തിൽ സമർപ്പണ മനോഭാവം പുലർത്ത ണ്ടതിന്റെ പാഠമാണ് നമുക്ക് ലഭിക്കുന്നത്.

बाबा और बाबा की छड़ी Poem कवि परिचय

कविता (गुलज़ार)
गुलज़ार
बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
गुलज़ार का जन्म पंजाब के झेलम जिले के दीना गाँव में 18 अगस्त 1934 को हुआ था। गुलज़ार नाम से प्रसिद्ध संपूर्ण सिंह हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार हैं। इसके अतिरिक्त आप कवि, पटकथाकार, फिल्म निर्देशक, नाटककार तथा प्रसिद्ध शायर भी हैं। उनकी रचनाएँ मुख्यत: हिंदी, उर्दू तथा पंजाबी में हैं। वे वर्ष 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 में भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले पद्मभूषण से सम्मानित हुए। ‘चौरस रात’ (लघु कथा संग्रह), ‘जानम’ (कविता संग्रह), ‘एक बूँद चाँद’ (कविता संग्रह), ‘रावी पार’ (कथा संग्रह) आदि उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।

പഞ്ചാബിലെ ഝലം ജില്ലയിലെ ദീനാ ഗ്രാമത്തിൽ 1934 ആഗസ്റ്റ് 18 നാണ് ഗുൽസാർ ജനിച്ചത്. ഗുൽസാർ എന്ന പേരിൽ പ്രസിദ്ധനായ സംപൂർണ സിംഗ് ഹിന്ദി സിനിമാ രംഗത്തെ പ്രസിദ്ധനായ സംഗീതജ്ഞനാണ്. ഇദ്ദേഹം കവി, തിരക്കഥാകൃത്ത്, സിനിമാസംവിധായകൻ, നാടകപ്രവർത്തകൻ, ഉർദു ഭാഷാ കവി എന്നീ നിലകളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. പ്രധാനമായും അദ്ദേഹത്തിന്റെ രചനകൾ ഹിന്ദി, ഉർദു, പഞ്ചാബി എന്നീ ഭാഷകളിലാണ്. അദ്ദേഹത്തിനു 2002 ൽ സാഹിത്യ അക്കാദമി പുരസ്കാരവും 2004 ൽ പത്മഭൂഷൺ പുരസ്കാരവും നൽകി ആദരിച്ചിട്ടുണ്ട്. ‘चौरस रात’ (ചെറുകഥാ സമാഹാരം ‘जानम’ (കവിതാ സമാഹാരം), ‘एक बूँद चाँद’ (കവിതാസമാഹാരം), ‘रावी पार’ (കഥാസമാഹാരം) എന്നിവ അദ്ദേഹത്തിന്റെ പ്രസിദ്ധ രചനകളാണ്.

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

बाबा और बाबा की छड़ी शब्दार्थ

मदद ले :
बाबा – വൃദ്ധനായ വ്യക്തി
छडी ഊന്ന് വടി, walking stick
साथ-साथ – ഒരുമിച്ച്.
चलते हैं – നടക്കുന്നു
दोनों – രണ്ടുപേരും.
बाहर – പുറത്ത്, വെളിയിൽ
उठा लेना – കൈയിലെടുക്കുക
बिस्तर – കിടക്ക.
लेटना – കിടക്കുക
हाथ – കൈ
पकडकर – പിടിച്ചിട്ട്
भगा देना – ഓടിക്കുക
गली – തെരുവ്
कुत्ता – പട്ടി
भौंकना – കുരയ്ക്കുക
बाग तक – പൂന്തോട്ടം വരെ
थक जाना – ക്ഷീണിക്കുക
अक्सर – പലപ്പോഴും, Always, often
माथा – നെറ്റിത്തടം
टेकना – വെയ്ക്കുക
पे – पर മുകളിൽ
बेंच – ബെഞ്ച്
उठना – എഴുന്നേൽക്കുക
दिखाना – കാണിച്ചുകൊടുക്കുക
नया-नया – പുതിയ പുതിയ
बौर – മാമ്പൂവ്, മരങ്ങളിടുന്ന ആദ്യത്തെ പൂവ്
पेड – മരം
कदम – ചുവട്
अकेला – ഒറ്റയ്ക്ക്
हाथ – കൈ
छूटना – വിട്ടുപോകുക
गिर पड़ना – വീഴുക
इक – एक, ഒന്ന്,
जवान – യുവാവ്, Javan
बूढ़ा – വൃദ്ധൻ

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 2 Chapter 1 हाची की कहानी Haachi Ki Kahani Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Haachi Ki Kahani Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 2 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus हाची की कहानी

Haachi Ki Kahani Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1

प्रश्न 1.
‘पिल्ले को ‘भाग्य का मारा’ क्यों कहा गया है?’
പട്ടിക്കുട്ടിയെ ‘ഭാഗ്യഹീനൻ’ എന്ന് പറയാൻ കാരണം എന്തായിരിക്കും?
उत्तर:
‘जापानी भाषा में हाची का अर्थ है ‘आठ’ । इस अंक (नंबर) को पूरे जापान में सौभाग्यशाली नंबर मानता है। हाची के गले के पट्टे पर भी ‘आठ’
लिखा हुआ है लेकिन प्रोफेसर को उसे मिलते समय वह मजबूर हालत में था, इसलिए उसे ‘भाग्य का मारा’ कहा गया।
ജപ്പാനീസ് ഭാഷയിൽ ‘ഹാച്ചി’ എന്ന വാക്കി നർത്ഥം 8 -എന്നാണ്. 8 എന്ന നമ്പറിനെ ജപ്പാനി ലെ ജനങ്ങൾ ഭാഗ്യമുള്ള നമ്പറായിട്ടാണ് കണ ക്കാക്കുന്നത്. പട്ടിക്കുട്ടിയുടെ കഴുത്തിലെ ബെൽറ്റിലും 8 എന്ന നമ്പർ എഴുതിയിട്ടുണ്ടാ യിരുന്നു. അതിനെ പ്രൊഫസറിന് ലഭിച്ചത് ദുർബലമായ അവസ്ഥയിലായിരുന്നു. അതു കൊണ്ടാണ് അതിനെ ഭാഗ്യഹീനൻ എന്ന് വിശേഷിപ്പിച്ചത്.

प्रश्न 2.
प्रोफेसर के परिजन हाची को ज़बरन घर ले गए – क्यों?
പ്രൊഫസറിന്റെ കുടുംബാംഗങ്ങൾ നിർബ സപൂർവ്വം ഹാച്ചിയെ വീട്ടിലേക്ക് കൊണ്ടു പോന്നു. എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
प्रोफेसर के निधन होने पर भी हाची बहुत देर तक, बर्फ़ गिरने तक स्टेशन के बाहर उनका इंतज़ार करता रहा। वह अपनी जगह से हिलने तक तैयार नहीं था। इसलिए परिजन उसे ज़बरन घर ले आया।
പ്രൊഫസറിന്റെ മരണശേഷവും ഹാച്ചി രാത്രി മഞ്ഞുവീഴുന്നതുവരെ സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് അദ്ദേഹത്തെ കാത്തിരുന്നു. ഇരിക്കുന്ന സ്ഥല ത്തു നിന്നും മാറാൻ പോലും ഹാച്ചി തയ്യാറാ യില്ല. തുടർന്ന് അവർ ഹാച്ചിയെ ബലമുപ യോഗിച്ച് വീട്ടിലേക്ക് കൂട്ടിക്കൊണ്ടുപോന്നു.

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
‘सर्दी, गर्मी, बरसात, बर्फ़ हाची को इन सबसे कोई फर्क नहीं पडा।’ इससे क्या तात्पर्य है?
‘ഹാച്ചിക്ക് തണുപ്പിനോ, ചൂടിനോ, മഴയ്കോ, മഞ്ഞിനോ ഒരു വ്യത്യാസവും അനുഭ വപ്പെട്ടില്ല’ – ഇത് കൊണ്ട് എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്?
उत्तर:
प्रोफेसर के निधन होने पर भी स्टेशन के बाहर हाची रोज़ उनका इंतज़ार करता रहा। मौसम के बदलने पर भी वह अपने जगह से हिलने के तैयार नहीं था।
പ്രൊഫസറിന്റെ മരണശേഷവും ഹാച്ചി എല്ലാ ദിവസവും സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് അദ്ദേഹത്തെ പ്ര തീക്ഷിച്ച് കാത്തിരിക്കുമായിരുന്നു. മാറുന്ന കാലാവസ്ഥയിലും ഹാച്ചിക്ക് ഒരു മാറ്റവും ഉണ്ടാക്കാൻ സാധിച്ചില്ല. ഹാച്ചി ഇരുന്ന സ്ഥലത്തുനിന്നും മാറാനും തയ്യാറായില്ല.

प्रश्न 4.
‘मरे हुए हाची की खुली आँखों में को जैसे अब भी इंतज़ार था।’ विचार करें।
ഹാച്ചിയുടെ മരിച്ച് കണ്ണുകളിൽ പ്രതീക്ഷ യുടെ തിളക്കം ഉണ്ടായിരുന്നു. അഭിപ്രായം പ്രകടിപ്പിക്കുക?
उत्तर:
प्रोफेसर की इंतज़ार करते-करते स्टेशन के बाहर हाची की मृत्यु हुई। मरी हुई हाची की आँखों पर उस वक्त भी प्रोफेसर को देखने की प्रतीक्षा थी।
പ്രൊഫസറിനെ പ്രതീക്ഷിച്ച് ഒരു ദിവസം സ്റ്റേഷന് പരിസരത്ത് വച്ച് ഹാച്ചിയും മര ണപ്പെട്ടു. മരിച്ചിരിക്കുന്ന സമയത്തും ഹാച്ചി യുടെ തുറന്ന കണ്ണുകളിൽ പ്രൊഫസറിനെ കാണാൻ കഴിയും എന്ന പ്രതീക്ഷ നിറഞ്ഞു നിന്നിരുന്നു.

प्रश्न 1.
आगे…
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
• घटनाओं के क्रमानुसार चित्रों को नंबर दें और प्रसंगानुकूल वाक्य चुनकर लिखें।
• हाची प्रोफेसर के परिवार का एक सदस्य बन जाता है।
• हाची को प्रोफेसर उठा लेता है।
• हाची की स्मृति में स्टेशन के बाहर उसकी प्रतिमा स्थापित की गई है।
• हाची कई दिनों से स्टेशन के बाहर प्रोफेसर के इंतज़ार में लेटा हुआ है
• बक्से में बंद छोड़ा हुआ पिल्ला, हाची ।
• प्रोफेसर और हाची के बीच का रिश्ता लोग आश्चर्य से देखते हैं।
उत्तर:
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3

प्रश्न 2.
पढ़ें और प्रश्न बनाएँ।
एक साल… दो साल… तीन साल… पूरे नौ साल और नौ महीने तक हाची ठीक उसी जगह बैठ अपने प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा, जिसे एक सुबह उसने ट्रेन में बिठाकर विदा किया था। लेकिन जो फिर कभी लौटकर नहीं आया। सर्दी, गर्मी, बरसात, बर्फ़ हाची को इन सबसे कोई फ़र्क नहीं पड़ा।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
बीच में कभी, किसी बरस प्रोफेसर की पत्नी अपने पति की कब्र पर फूल चढ़ाने आ जाती तब वह हाची के साथ सड़क पर बैठकर रोती रहती। और शायद उस मूक जानवर के प्रेम, समर्पण व प्रतीक्षा पर अचरज करती।
उत्तर:
1. कितने साल तक हाची अपने प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा?
2. हाची ने किसे ट्रेन में बिठाकर विदा किया था?
3. हाची पर किन-किन का फरक नहीं पड़ा ?
4. प्रोफेसर की पत्नी फूल चढ़ाने कहाँ जा आ जाती थी?
5. प्रोफेसर की पत्नी किस बात पर अचरज करती थी?

प्रश्न 3.
नमूने के अनुसार खाली गोले भरें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 5
उत्तर:
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 6

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
नमूने के अनुसार कहानी से शब्द-युग्मों को चुनकर लिखें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 7
उत्तर:
संग-साथ
साथ-साथ
पीछे-पीछे
उछलते-पुलकते
खेलते-टहलते
उचक-उचककर

प्रश्न 5.
रेखांकित शब्द की विशेषता पहचानें।
शानदार पिल्ला।
उत्तर:
आकर्षक, अच्छा, प्रभावशाली आदि है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित प्रत्येक शब्द का प्रयोग किन-किन शब्दों की विशेषता सूचित करने के लिए किया गया है? कहानी से ढूँढ़कर लिखें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 8
उत्तर:
मजबूर : हालत
बहुत : देर
रोज़ : हर
खुली : आँखें
गहरी दोस्ती
मूक : जानवर

प्रश्न 7.
वाक्य पढ़ें। वाक्य के अन्य शब्दों के साथ रेखांकित शब्द का संबंध पहचानें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 9
उत्तर:
मालिक मानने लगा।
बर्फ़ गिरने लगी।
‘लग’ जोड़कर वाक्य लिखें।
उत्तर:
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 10

प्रश्न 7.
पढ़ें और लिखें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 11

समय के साथ हाची बूढ़ा हो गया। लेकिन उसने इंतज़ार करना नहीं छोड़ा। 1935 में उसी जगह । बैठे-बैठे उसने दम तोड़ दिया। उस समय बर्फ़ गिर रही थी । मरे हुए हाची की खुली आँखों में जैसे अब भी इंतज़ार था।

– प्रोफेसर यूएनो के इंतज़ार में बैठे-बैठे 1935 में हाची ने दम तोड़ दिया।
– इसपर समाचार तैयार करें।
उत्तर:

हाची ने दम तोड़ दिया

टोक्यो : बूढ़े हाची ने कल दम तोड़ दिया। पूरे नौ साल नौ महीने तक हाची ने अपने मालिक का इंतज़ार करता रहा। सर्दी, गर्मी, बरफ इन सबका हाची पर कोई फरक नहीं पड़ा। प्रोफेसर की पत्नी कभी पति की कब्र पर फूल चढ़ाने आती तो वह हाची के साथ सड़क पर बैठकर रोती रहती थी। हाची का यह लंबा इंतज़ार एक मूक जानवर के अपने मालिक के प्रति प्रेम, समर्पण एवं प्रतीक्षा की नमूना है। इसका यह लंबा इंतज़ार लोगों को भी अचरज कर देती थी। निगम के लोग उसका आदरपूर्ण अंतिम संस्कार करने का सोच रहा है।

हाची की कहानी निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
जापान की राजधानी (Capital) का नाम क्या है?
उत्तर:
टोक्यो

प्रश्न 2.
प्रोफेसर यूएनो वे कहाँ से टहलते थे?
उत्तर:
जापान की राजधानी टोक्यो की सड़क पर

प्रश्न 3.
सड़क पर टहलते समय प्रोफेसर को क्या मिला?
उत्तर:
एक कुत्ते का पिल्ला

प्रश्न 4.
पिल्ले के गले पर क्या बँधा था?
उत्तर:
पट्टा बँधा था।

प्रश्न 5.
कुत्ते की गले के पट्टे पर क्या लिखा हुआ था?
उत्तर:
हाची

प्रश्न 6.
जापानी भाषा में हाची शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर:
आठ

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 7.
नंबर आठ को पूरे जापान में कैसा मानता है?
उत्तर:
सौभाग्यशाली नंबर

प्रश्न 8.
हाची को देखकर प्रोफेसर को ‘भाग्य का मारा’ क्यों लगा?
उत्तर:
हाची को मिलते समय उसकी हालत बिलकुल मजबूर थी, इसलिए प्रोफेसर को ऐसा लगा।

प्रश्न 9.
प्रोफेसर ने किसे ढूँढ़ने का निश्चय किया?
उत्तर:
हाची के मालिक को

प्रश्न 10.
मालिक को न मिलने पर प्रोफेसर ने क्या ‘निर्णय लिया?
उत्तर:
हाची को अपने पास ही रखने का निर्णय लिया।

प्रश्न 11.
हाची कब प्रोफेसर को अपना मालिक मानने का निश्चय किया?
उत्तर:
रोज़ साथ-साथ रहने की वजह से हाची और प्रोफेसर के बीच लगाव पैदा हो गया और हाची ने प्रोफेसर को अपना मालिक मानने लगा।

प्रश्न 12.
किसे हाची पसंद नहीं आया?
उत्तर:
प्रोफेसर की पत्नी को

प्रश्न 13.
प्रोफेसर की पत्नी का दिल पिघल गया – कब ?
उत्तर:
हाची की सुंदरता और प्रोफेसर के प्रति उसके लगाव को देखकर पत्नी का दिल पिघल गया।

प्रश्न 14.
एक दिन हाची प्रोफेसर के पीछे-पीछे चलता कहाँ तक पहुँच गया?
उत्तर:
रेलवे स्टेशन तक

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 15.
बार-बार समझाने पर भी हाची किसलिए तैयार नहीं था?
उत्तर:
घर लौटने को

प्रश्न 16.
एक शाम को काम से लौटकर स्टेशन के फाटक पर पहुँचने पर प्रोफेसर ने किसको देखा?
उत्तर:
हाची को

प्रश्न 17.
एक दिन देर तक फाटक पर इंतज़ार करने पर भी कौन नहीं आया?
उत्तर:
प्रोफेसर

प्रश्न 18.
दरअसल उस दोपहर में क्या हुआ था?
उत्तर:
प्रोफेसर का निधन

प्रश्न 19.
रात में बर्फ़ के गिरने पर भी फाटक पर हाची किसका इंतज़ार करता रहा?
उत्तर:
प्रोफेसर का

प्रश्न 20.
रात को प्रोफेसर का परिजन हाची को ज़बरन कहाँ ले गए ?
उत्तर:
प्रोफेसर के घर

प्रश्न 21.
दूसरे दिन सुबह होते ही हाची कहाँ आकर बैठ गया?
उत्तर:
स्टेशन के फाटक पर

प्रश्न 22.
कुछ दिनों के बाद प्रोफेसर की पत्नी मकान बेचकर कहाँ चली गयी?
उत्तर:
दूसरे शहर

प्रश्न 23.
प्रोफेसर की पत्नी हाची को भी ले गई, लेकिन दूसरे दिन हाची ने क्या किया?
उत्तर:
हाची वहाँ से भागकर स्टेशन के बाहर ठीक उसी जगह पर बैठकर प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा।

प्रश्न 24.
ट्रेन के आने पर हाची क्या करता था?
उत्तर:
उचक-उचक कर प्रोफेसर को खोजा करता।

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 25.
रात के समय हाची क्या करता था?
उत्तर:
यार्ड में सोने चला जाता था।

प्रश्न 26.
कितने सालों तक स्टेशन पर हाची अपने प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा?
उत्तर:
नौ साल और नौ महीने तक

प्रश्न 27.
पति के कब्र पर फूल चढ़ाने आते समय पत्नी किसके साथ बैठकर रोती रहती थी?
उत्तर:
हाची के साथ।

प्रश्न 28.
कब हाची ने अपना दम तोड़ दिया?
उत्तर:
1935 में

प्रश्न 29.
मरे हुए हाची की खुली आँखों में अब भी किसका इंतज़ार था ?
उत्तर:
प्रोफेसर का

Haachi Ki Kahani Summary in Malayalam

हाची की कहानी Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(1923 ………….. का समय) [Textbook page no. 24]

1923 ൽ ജപ്പാന്റെ തലസ്ഥാനമായ ടോക്കിയോവിലെ വഴികളിലൂടെ നടക്കുമ്പോൾ പ്രൊഫസർ യൂനോയ്ക്ക് ഒരു പട്ടിക്കുട്ടിയെ ലഭിക്കുന്നു. ജപ്പാനിലെ വലിയ പട്ടികളായ അക്കിറ്റാ ഇനത്തിൽപ്പെട്ട സുന്ദരിയായ ഒരു പട്ടിക്കുട്ടി. അതിന്റെ കഴുത്തിൽ ധരിച്ചിരുന്ന ബെൽറ്റിൽ ഹാച്ചി എന്ന എഴുതി യിരുന്നു. ജപ്പാനീസ് ഭാഷയിൽ ഹാച്ചി എന്ന വാക്ക് ‘8’ എന്ന നമ്പറിനെയാണ് സൂചിപ്പിക്കുന്നത്. ജപ്പാനിലെ നിവാസികൾ ‘8’ എന്ന നമ്പറിനെ ഭാഗ്യമായി ആണ് വിശേഷിപ്പിക്കുന്നത്. എന്നാൽ പ്രെ ാഫസറിന് ഹാച്ചിയെ ലഭിക്കുന്നതു ക്ഷീണിച്ച്, ദുർബലമായ അവസ്ഥയിലായിരുന്നു. അതുകൊണ്ട് അദ്ദേഹത്തിന് ഹാച്ചി ഭാഗ്യദോഷിയാണ് എന്നു തോന്നിയത്.

(प्रोफेसर ने तय कायिा… उसके स्नेह ने उनका दलि पघिला दयिा ।) [Textbook page no. 24]

പ്രൊഫസർ പട്ടിക്കുട്ടിയെ ഉടമസ്ഥനെ അന്വേഷിക്കാനായി തീരുമാനിച്ചു. ഉടമസ്ഥനെ കണ്ടെത്തുന്നതു വരെ ഹാച്ചിയെ കൂടെ നിർത്താനും തീരുമാനിച്ചു. ഹാച്ചിയോടൊപ്പം പ്രൊഫസർ എല്ലായിടത്തും ഉടമസ്ഥനെ അന്വേഷിച്ച് പുറപ്പെട്ടു, എങ്കിലും ഒരിടത്തും കണ്ടെത്താൻ സാധിച്ചില്ല. രണ്ടുപേരുടെയും സൗഹൃദം ദൃഢമായത്തോടെ പ്രൊഫസറിനോടുള്ള അടുപ്പം കാരണം ഹാച്ചി അദ്ദേഹത്തെ തന്റെ ഉടമസ്ഥനായി അംഗീകരിക്കാൻ തുടങ്ങി. തുടക്കത്തിൽ പ്രൊഫസറിന്റെ ഭാര്യക്ക് ഹാച്ചിയോട് വലിയ താല്പര്യമില്ലായിരുന്നു. എന്നാൽ ഹാച്ചിയുടെ സൗന്ദര്യവും പ്രൊഫസറിനോടുള്ള സ്നേഹവും കണ്ട് പതിയെ ഭാര്യയുടെ മനസ്സിലും ഹാച്ചിയോട് അലിവ് തോന്നാൻ തുടങ്ങി.

(समय बीतता गया …… साथ-साथ घर आता, उछलते-कूदते।) [Textbook page no. 24]

സമയം സമയം കടന്നുപോയി. രണ്ടുപേരുടേയും ഇടയിലുളള സുഹദും ഗാഢമായി വളർന്നു. പ്രൊഫസർ രാവിലെ ട്രെയിനിൽ ഓഫീസിൽ പോയി വൈകുന്നേരം തിരിച്ച് വന്ന് ഹാച്ചിയോടൊപ്പം കളിക്കാൻ സമയം കണ്ടെത്തിയിരുന്നു. ഒരു ദിവസം ഹാച്ചിയും പ്രൊഫസറിനെ റെയിൽവേ സ്റ്റേഷൻ വരെ അനുഗമിച്ചു. ഇതുകണ്ട് പ്രൊഫസറിന് ആശ്ചര്യം തോന്നുകയും ഹാച്ചിയെ വീട്ടിലേക്ക് തിരിച്ചുകൊണ്ടുപോകാൻ ശ്രമിച്ചു എങ്കിലും ഹാച്ചി തിരികെപ്പോകുവാൻ തയ്യാറായില്ല. അവസാനം പ്രൊഫസർ ഹാച്ചിയെ വീട്ടിൽ കൊണ്ട് ചെന്ന് വിട്ടതിന് ശേഷം വൈകി ഓഫീസിൽ എത്തി. ജോലികഴിഞ്ഞ് തിരിച്ച് വരുമ്പോൾ സ്റ്റേഷന്റെ ഗേറ്റിനു പുറത്ത് തന്നെയും പ്രതീക്ഷിച്ച് കാത്തിരിക്കുന്ന ഹാച്ചിയെയാണ് പ്രൊഫസർ കണ്ടത്. ഹാച്ചി പ്രൊഫസനോടൊപ്പം കാൽനടയായി വീട്ടിലേക്കു നീങ്ങി. തുടർ ദിവസങ്ങളിലും ഇതൊരു നിത്യസംഭവമായി. എല്ലാ ദിവസവും ഹാച്ചി രാവി ലെ പ്രൊഫസറിനെ സ്റ്റേഷനിൽ വരെ കൊണ്ടുവിടുകയും വൈകുന്നേരം അദ്ദേഹം എത്തുന്നതിന് മുൻപ് സ്റ്റേഷന്റെ ഗേറ്റിനുമുൻപ് എത്തി പ്രൊഫസറിനെ കാത്തിരിക്കുകയും ചെയുന്നത് പതിവായി മാറി.

(एक शाम, हाची के स्टेशन के बाहर… उसी जगह बैठ जाता और रात लौट आता) (Textbook page no. 25 – 26]

ഒരു ദിവസം വൈകുന്നേരം ഹാച്ചി സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് കാത്തിരിക്കുകയായിരുന്നു. സമയം ഒരു പാട് കഴിഞ്ഞിട്ടും പ്രൊഫസർ തിരിച്ചെത്തിയില്ല. രാത്രിയായതോടെ മഞ്ഞുവീഴ്ച്ച തുടങ്ങി എന്നാൽ ഹാച്ചി അവിടെനിന്നും മാറിയതേ ഇല്ല. വാസ്തവത്തിൽ അന്ന് ഉച്ചയ്ക്ക് പ്രൊഫസറിന്റെ മരണം സംഭവിച്ചുകഴിഞ്ഞിരുന്നു. ഹാച്ചിക്ക് പ്രൊഫസറിന്റെ മരണവിവരം അറിയാൻ കഴിഞ്ഞിരുന്നില്ല. തന്റെ പ്രിയ സുഹൃത്ത് ട്രെയിനിൽ നിന്നും ഇറങ്ങി എല്ലാ ദിവസവും തന്റെ അടുത്ത് എത്താറുണ്ട്. അദ്ദേഹം തിരിച്ച് വരില്ല എന്നല്ലാതെ ഹാച്ചിക്ക് യാതൊന്നും മനസ്സിലായില്ല, ചിലപ്പോൾ വൈകി വന്നേക്കാം എന്ന പ്രതീക്ഷയിൽ ഹാച്ചി അവിടെ തന്നെ കാത്തിരുന്നു.

ഹാച്ചിയുടെ കുടുംബാംഗങ്ങളും ബന്ധുക്കളും ഹാച്ചിയെ വീട്ടിലേക്ക് കൊണ്ടുപോയി. പക്ഷേ പിറ്റേദിവസം രാവിലെ വീണ്ടും പ്രൊഫസറിനെ കാത്തിരിക്കുന്ന സ്ഥലത്ത് വന്ന് ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. എപ്പോഴെങ്കിലും പ്രൊഫസർ ട്രെയിൻ ഇറങ്ങി ഗേറ്റു വഴി തന്റെ പുറത്തുവരും എന്ന പ്രതീക്ഷ ഹാച്ചിയുടെ മനസ്സിനുണ്ടായിരുന്നു. ഹാച്ചി എല്ലാദിവസവും സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് ആ സ്ഥലത്ത് വന്നിരുന്ന് രാത്രി വീട്ടിലേക്ക് മടങ്ങുന്ന രീതി തുടർന്നു കൊണ്ടിരുന്നു.

(कुछ समय के बाद प्रोफेसर की पत्नी ने… सरकें, सर्दी, गर्मी, बरसात हाची के इन सबसे कोई फर्क नहीं पडा) [Textbook page no. 26 – 27]

കുറച്ച് നാളുകൾക്ക് ശേഷം പ്രൊഫസറിന്റെ ഭാര്യ വീട് വിറ്റ് മറ്റൊരു പട്ടണത്തിലേക്ക് പോയി. അവർ ഹാച്ചിയെയും കൂടെ കൊണ്ടുപോകാൻ ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നെങ്കിലും ഹാച്ചി വീട്ടിൽ നിന്നും ഓടിപ്പോയി പ്രൊഫസറിനെ കാത്തിരിക്കുന്ന സ്ഥലത്ത് പോയി ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. സ്റ്റേഷനിലുള്ള ആളുകൾക്കെല്ലാം ഹാച്ചി വളരെ പരിചിതമായിരുന്നു. അവർ ഹാച്ചിക്ക് ഭക്ഷണം നൽകുമായിരുന്നു. ഹാച്ചി എല്ലാ ദിവസവും സ്റ്റേഷനിലേക്ക് നോക്കി കൊണ്ടിരുന്നു. ട്രെയിൻ വരുമ്പോഴെല്ലാം തന്റെ പ്രിയപ്പെട്ട പ്രൊഫസറിനെ അന്വേഷിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു. രാത്രിയാകുമ്പോൾ തതല കുനിച്ചുകൊണ്ട് ഉറ ങ്ങാനായി സ്റ്റേഷനിനടുത്തുള്ള യാർഡിലേക്ക് പോകുമായിരുന്നു.

ഒരു ദിവസം ട്രെയിനിൽ കയറി യാത്ര പറഞ്ഞ് പോയതിനു ശേഷം തിരിച്ചുവരാത്ത തന്റെ സുഹൃത്തിനെ രണ്ടും മൂന്നും വർഷമല്ല മറിച്ച് 9 വർഷവും 9 മാസവും സ്റ്റേഷന് മുൻപിൽ അതേ സ്ഥലത്ത് ഹാച്ചി കാത്തിരുന്നു. മഞ്ഞിന്റെയോ, തണുപ്പിന്റെയോ, മഴയുടെയോ, കാറ്റിന്റെയോ യാ തൊരു സ്വാധീനവും ഹാച്ചിയിൽ കാണാൻ കഴിഞ്ഞിരുന്നില്ല.

(बीच में कभी, किसी बरस प्रोफेसर की पत्नी…. हाची की खुली आँखों को वो जैसे अब भी इंतज़ारशा।) [Textbook page no. 27]

ഇതിനിടെ പ്രൊഫസറിന്റെ ഭാര്യ ഭർത്താവിന്റെ ശവകുടീരത്തിൽ പൂക്കൾ സമർപ്പിക്കാനായി എത്തിയപ്പോൾ അവർ ഹാച്ചിയോടൊപ്പം റോഡിലിരുന്ന് കരഞ്ഞുകൊണ്ടിരുന്നു. സംസാരശേഷിയി ല്ലാത്ത ഹാച്ചിയുടെ സ്നേഹവും, സമർപ്പണവും, കാത്തിരിപ്പും അവരെ വല്ലാതെ ആശ്ചര്യപ്പെടുത്തി . പതിയെ ഹാച്ചിയും വൃദ്ധനായി മാറി. പക്ഷേ പ്രൊഫസറിനായുള്ള കാത്തിരിപ്പ് ഹാച്ചി തുടർന്നു കൊണ്ടിരുന്നു. 1935 ൽ സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് കാത്തിരുന്ന അതേ സ്ഥലത്ത് വച്ച് ഹാച്ചിയും മരണപ്പെട്ടു. ആ സമയം നല്ലതുപോലെ ഐസ് വീഴുന്നുണ്ടായിരുന്നു. മരണപ്പെട്ട ഹാച്ചിയുടെ തുറന്നിരുന്ന കണ്ണുകളിൽ അപ്പോഴും പ്രൊഫസറിനെ കാണാൻ കഴിയുമെന്ന പ്രതീക്ഷ നിറഞ്ഞു നിന്നിരുന്നു.

हाची की कहानी लेखक परिचय

कहानी (गीत चतुर्वेदी)

गीत चतुर्वेदी
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 12

गीत चतुर्वेदी का जन्म 27 नवंबर 1977 को मुंबई में हुआ। आप हिंदी के कवि, कथाकार और अनुवादक हैं। ‘आलाप में गिरह’, ‘न्यूनतम मैं’, ‘खुशियों के गुप्तचर’ आदि आपके कविता संकलन हैं। कविता के लिए भारत भूषण सम्मान प्राप्त हुआ। कथा-रचना के लिए कृष्ण प्रताप सम्मान, कृष्ण बलदेव फेलोशिप, सैयद हैदर रज़ा फेलोशिप आदि प्राप्त हुए।

ഗീത് ചതുർവ്വേദി 1977 നവംബർ 27-ന് മുംബൈയിൽ ജനിച്ചു. ശ്രേഷ്ഠനായ കവിയും, കഥാകൃത്തും വിവർത്തകനും ആണ്. ഗീത് ചതുർവ്വേദി. ‘आलाप में गिरह’, ‘न्यूनतम मैं’, ‘खुशियों के गुप्तचर’ എന്നിവ ഇദ്ദേഹത്തിന്റെ കവിതകളാണ്. കവിതകൾക്ക് ഭാരത് ഭൂഷൺ അഗ്രവാൾ പുരസ്ക്കാരവും കഥാരചനകൾക്കായി കൃഷ്ണപ്രതാപ് പുരസ്കാരം, കൃഷ്ണ ബൽദേവ് ഫെലോ ഷിപ്പ്, സെയ്യദ് ഹൈദർ റസാ ഫെലോഷിപ്പും ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്.

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

हाची की कहानी शब्दार्थ

मदद लें :
राजधान = തലസ്ഥാനം (Capital city)
सड़क = റോഡ് (Road)
टहलना = പതുക്കെ നടക്കുക
कुत्ते का पिल्ला = പട്ടിക്കുട്ടി
अकिता = വലിയ രൂപമുള്ള ജപ്പാനിലെ പട്ടികളുടെ ഇനം
नस्ल = വംശം
शानदार = മനോഹരം
गला = കഴുത്ത്
पट्टा बाँधना = ബെൽറ്റ് ഇട്ടുകൊടുക്കുക
सौभाग्यशाली = ഭാഗ്യമുള്ള
मजबूर = നിർബന്ധിച്ചു
भाग्य का मारा = ഭാഗ്യഹീനമായ
तय करना = നിശ്ചയിക്കുക
मालिक = ഉടമസ്ഥൻ
खोजना = അന്വേഷിക്കുക
रोज़ = Daily, ദിവസേന
संग-साथ = ഒരുമിച്ച്
लगाव = ഇഷ്ടം, അടുപ്പം
पसंद होना = ഇഷ്ടപ്പെടുക
दिल पिघल गया = മനസ്സ് അലിയുക
दोस्ती = സൗഹൃദം
ट्रेन पकड़ना = ട്രെയിനിൽ കയറുക
शाम को = വൈകുന്നേരം
अजीब = വിചിത്രമായ
राज़ी होना = तैयार होना, തയ്യാറാവുക (സമ്മതിക്കുക)
दफ़तर = ഓഫീസ്
फाटक = Gate
खुद = സ്വയം
इंतज़ार = കാത്തിരിപ്പ്
पैदल घर लौटना = കാൽനടയായി വീട്ടിലെത്തുന്നു
सिलसिला = തുടർച്ച
सिलसिला बन गया = പതിവായി മാറി
साथ-साथ = ഒരുമിച്ച്
उछलते-कूदते = സന്തോഷംകൊണ്ട്
देर हो गई = സമയം വൈകി
बर्फ़ गिरने लगी = ഐസ് വീഴുക
दरअसल = വാസ്തവത്തിൽ
निधन होना = മരണപ്പെടുക
परिजन = കുടുംബത്തിലെ ആളുകൾ
जबरन = നിർബന്ധപൂർവം
मकान = കെട്ടിടം
पहचानते थे = തിരിച്ചറിയുന്നുണ്ടായിരുന്നു
उचक उचक्कर = ചാടിക്കൊണ്ട്
सिर झुकाकर = തലകുനിക്കുക
विदा किया = യാത്ര പറഞ്ഞ
फर्क = difference, വ്യത്യാസം
कब्र = ശവകുടീരം
फूल चढ़ाना = പുഷ്പങ്ങൾ അർപ്പിക്കുക
बरस = വർഷം
अचरज = അത്ഭുതം
दम तोड़ना = അന്ത്യശ്വാസം വലിക്കുക (മരണപ്പെടുക)

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 1 Chapter 2 जूलिया और लूना Julia Aur Luna Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Julia Aur Luna Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 1 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus जूलिया और लूना

Julia Aur Luna Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
“मैं नहीं उतरूंगी” लड़की के इस निर्णय पर आपका विचार क्या है?
ഞാൻ ഇറങ്ങില്ല’ – പെൺകുട്ടിയുടെ ഈ തീരുമാനത്തെ കുറിച്ച് നിങ്ങളുടെ അഭിപ്രാ യം എന്താണ്?
उत्तर:
लड़की के इस निर्णय पर मेरा विचार है कि लड़की ने ठीक ही किया है। वह उस पेड़ की रक्षा करना चाहती है। इसमें कोई गलती नहीं।पेड़ का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। पेड़ नहीं तो धरती में हमें शुद्ध वायु, जल औ र मिट्टी नहीं मिलेगी।
പെൺകുട്ടിയുടെ തീരുമാനം ശരിയാണ് എന്നാണ് അഭിപ്രായം. പെൺകുട്ടി ആ വൃക്ഷത്തെ രക്ഷിക്കാൻ ശ്രമിക്കുന്നു. അതി ൽ യാതൊരു തെറ്റും ഇല്ല. വൃക്ഷങ്ങളെ സംരക്ഷിക്കേണ്ടത് നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്. വൃക്ഷങ്ങളില്ലെങ്കിൽ ഭൂമിയിൽ ശുദ്ധവായു വും ജലവും മണ്ണും നമുക്ക് ലഭ്യമാകില്ല.

प्रश्न 2.
“लड़की चहचहाई”- यहाँ ‘चहचहाई’ शब्द का प्रयोग क्यों किया होगा ?
പെൺകുട്ടി സന്തോഷവതിയായി മധുരമായ ശബ്ദത്തിൽ സംസാരിക്കാൻ തുടങ്ങി. ഇവി ടെ ‘മധുരമായി സംസാരിക്കുന്ന’ എന്ന പ യോഗം കൊണ്ട് എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്.
उत्तर:
लड़की चिड़ियों की तरह पेड़ पर घोंसला बनाकर रहती हैं। पेड़ तो चिड़ियों का घर है । इसलिए वह चिड़ियों की तरह चहचहाकर बोलती है। उसकी आवाज़ से चिड़ियों का आभास मिलता है।
പെൺകുട്ടി പക്ഷികളെ പോലെ വൃക്ഷത്തിൽ കൂട് വെച്ച് താമസിക്കുന്നു. വൃക്ഷം പക്ഷികളുടെ വീട് ആണ്. ആണ്. പക്ഷികളെ പോലെ മധുരമായ ശബ്ദത്തിലാണ്

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 1.
कहानी के आधार पर सही प्रस्ताव चुनकर लिखें :
• लड़की ने चुनौतियों का सामना किया।
• लड़की ने विपत्ती में पेड को छोड़ दिया।
• लड़की ने जीवन की सुविधाएँ छोड दीं।
• लड़की सेठ के अजीबोगरीब तरकीबों से डर गई।
• लड़की अपनी दोस्ती पर अटल रही।
उत्तर:
• लड़की ने चुनौतियों का सामना किया।
• लड़की ने जीवन की सुविधाएँ छोड़ दी।
• लड़की अपनी दोस्ती पर अटल रही।

प्रश्न 2.
नमूने के अनुसार वाक्यों का पुनर्लेखन करें।
“मैं नहीं उतरूंगी।”लड़की चिल्लाई।
लड़की चिल्लाई कि मैं नहीं उतरूंगी।
• आदमियों ने सोचा,”आखिर कभी तो उतरेगी। तब काटेंगे पेड़ को”।
• “कहानी पढ़कर सुनाऊँ?”कभी लड़की पेड़ से पूछती।
• “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।” लड़की ने कहा।
• लड़की ने बताया, “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।”
उत्तर:
• आदमियों ने सोचा कि आखिर कभी तो उतरेगी। तब काटोंगे पेड़ को”।
• कभी लड़की पेड़ से पूछती कि “कहानी पढ़कर सुनाऊँ?”
• लड़की ने कहा कि “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।”
• लड़की ने बताया कि “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।”

प्रश्न 3.
तैयार करें:
जूलिया और लूना की अनोखी दोस्ती का हिस्सा दुनिया भर में मशहूर हो गया। कहीं- कहीं लूना के संरक्षण पर पोस्टर निकालने लगे। आप भी लूना के संरक्षण पर पोस्टर तैयार करें।
उत्तर:
जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1

प्रश्न 4.
लिखें….
738 दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे। “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।” लड़की ने सेठ से वादा ले लिया।
– इस प्रसंग पर जूलिया और सेठ के बीच की बातचीत तैयार करें।
उत्तर:
सेठ: अरे जूलिया नीचे उतरो।
जूलिया: मैं नहीं उतरूंगी।
सेठ: क्यों ?
जूलिया: क्योंकि लूना मेरा दोस्त है। उसे बचाना है।
सेठ: हमें तो लकड़ी चाहिए।
जूलिया: नहीं मिलेगी। वापस जाना पडेगा।
सेठ: तुम कितने दिनों से होकर यहाँ रहती है। महीने बीत गए हैं।
जूलिया: तुम्हें पाता है, जब तक आप इसे छोड़कर नहीं चलेंगे, मैं नीचे नहीं उतरूंगी।
सेठ: हमारे कंपनी के लकड़हारे इंतज़ार कर रहे हैं। कृपया उन्हें अपने काम करने दीजिए।
जूलिया: नहीं, तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।
सेठ: (निराश होकर) ठीक है, हम वापस चलते हैं।
जूलिया: जाने से पहले वादा करो कि यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।
सेठ: वादा करता हूँ बहन कि यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटेगा।
जूलिया: शुक्रिया।

प्रश्न 5.
कहानी की घटनाओं को क्रम से लिखें।
• एक रोज़ कुछ हट्टे-कट्टे आदमी एक बड़े-से पेड़ को काटने पहुँचे।
• लड़की और पेड़ के इर्द-गिर्द हज़ारों लोग इकट्ठा होने लगे।
• कई दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे।
• हट्टे-कट्टे आदमियों के सेठ ने अजीबोगरीब तरकीबें लगाई।
• लड़की ने चिड़ियों की तरह पेड़ पर अपना घोंसला बना लिया।
• लड़की झट पेड़ पर चढ़ गई।
उत्तर:
एक रोज़ कुठ हट्टे-कट्टे आदमी एक बड़े से पेड़ को काटने पहुँचे।
1. लड़की झट पेड़ पर चढ़ गई।
2. लड़की ने चिड़ियों की तरह पेड़ पर अपना घोंसला बना लिया।
3. हट्टे-कट्टे आदमियों के सेठ ने आजीबोगरीब तरकीबें लगाई।
4. लड़की और पेड़ के इर्द-गिर्द हज़ारों लोग इक्ट्ठा होने लगे।
5. कई दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे।

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
अनुबद्ध कार्यः
देश का विकास और प्रकृति संरक्षण विषय पर चर्चा चलाएँ और लघु लेख तैयार करें:
जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
हमारे आस-पास जो चीजें दिखती है, जो इन्सानों द्वारा नहीं बनाई गई है, वे प्रकृति का हिस्सा है। इसमें हवा, पानी, पेड़, जानवर, पहाड सभी शामिल है। देश के विकास में प्रकृति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रकृति को सुरक्षित रखने पर ही हमें स्वच्छ पानी, हवा, मिट्टी आदि की प्राप्ति संभव है।स्वच्छ एवं स्वस्थ मानव ही देश के विकास के लक्षण है। प्रदूषण से बचाकर प्रकृति को सुरक्षित बनाए रखना हर एक नागरिक का कर्तव्य है। प्लास्टिक एवं प्रकृति केलिए हानिकारक खाद पदार्थों के उपयोग से हमें दूर रहना चाहिए। नदी और नाले को हमेशा साफ रखना है ताकि मानव स्वच्छ पानी का उपयोग कर सके। वृक्षों की कटाई को रोकना चाहिए। देश के विकास और प्रकृति संरक्षण दोनों महत्वपूर्ण है। प्रकृति का नुकसान किए बिना हमें देश को विकसित करना है।

നമ്മുടെ ചുറ്റുപാടും കാണുന്ന വസ്തുക്കൾ മനുഷ്യനിർമ്മിതമല്ല, മറിച്ച് പ്രകൃതി യുടെ കൂടെ ഭാഗമാണ്. വായുവും വെള്ള വും പർവ്വതങ്ങളും, വൃക്ഷങ്ങളും വിവിധ പക്ഷിമൃഗാദികളും പ്രകൃതിയുടെ ഭാഗമാണ്. രാജ്യത്തിന്റെ വികസനത്തിൽ മഹത്തായ പങ്ക് ആണ് പ്രകൃതി വഹിക്കുന്നത്. പ കൃതിയെ സുരക്ഷിതമായി സംരക്ഷിച്ചാൽ മാത്രമേ ശുദ്ധവായുവും, ജലവും നമുക്ക് ലഭ്യമാകുകയുള്ളൂ. ആരോഗ്യവാന്മാരായ ജനങ്ങൾ രാജ്യത്തിന്റെ വികസനത്തിന്റെ ലക്ഷണമാണ്. മലിനീകരണത്തിൽ നിന്നും പ്രകൃതിയെ സംരക്ഷിക്കുക എന്നത് പൗരന്റെ കർത്തവ്യമായി മാറണം. പ്ലാസ്റ്റിക്കിന്റെയും പ്രകൃതിയെ ദോഷകരമായി ബാധിക്കുന്ന രാസപദാർത്ഥങ്ങളുടെയും ഉപയോഗം പര മാവധി തടയണം. നദികളെയും തോടുകളെ യും മാലിന്യമുക്തമായി സംരക്ഷിച്ചാൽ മാത്രമേ നമുക്ക് ശുദ്ധജലം ലഭ്യമാകു കയുള്ളൂ. വനനശീകരണം തടയുകയും വേണം. രാജ്യത്തിന്റെ വികസനവും പ്രകൃതി സംരക്ഷണവും പരസ്പര പൂരകങ്ങളാണ്. പ്രകൃതിക്ക് നാശം നേരിടാതെയുള്ള വിക സന സങ്കൽപമാണ് നാം മുന്നോട്ട് വയ്ക്കേണ്ടത്.

प्रश्न 7.
जून और जुलाई महीने के विशेष दिवसों को पहचानें
नमूने के अनुसार कम से कस पाँच दिवसों की सूची बनाएँ।
उत्तर:
पाँच जून (June – 5) – विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment day)
उन्नीस जून (June – 19 ) – वाचन दिवस ( Reading day)
इक्कीस जून (June – 21) – अंतराष्ट्रीय चोगा दिवस (International yoga day)
ग्यारह जुलाई (July – 11) – विश्व जनसंख्या दिवस (World population day)
सात जुलाई (July – 7) – विश्व चॉकलेट दिवस (World Choclate day )

जूलिया और लूना निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:

प्रश्न 1.
एक दिन बड़े से पेड़ को काटने के लिए कौन आये?
उत्तर:
कुछ हट्टे-कट्टे आदमी।

प्रश्न 2.
यह दृश्य कौन देख रहा था?
उत्तर:
एक लड़की।

प्रश्न 3.
पेड़ काटने के लिए आए लोगों को देखकर लड़की ने क्या किया?
उत्तर:
लड़की झट से पेड़ पर चढ़ गई।

प्रश्न 4.
आदमियों के डराने धमकाने पर लड़की ने क्या कहा?
उत्तर:
लड़की ने कहा मैं नहीं उतरूँगी।

प्रश्न 5.
लड़की के कहने पर आदमियों ने क्या सोचा?
उत्तर:
सोचने लगे कि एक न एक दिन लड़की पेड़ से उतरेंगे, तब पेड़ को काटेंगे।

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
हफ्ते महीने बीतने पर भी लड़की किसके लिए तैयार नहीं हुई?
उत्तर:
पेड़ से उतरने के लिए।

प्रश्न 7.
पेड़ पर रहनेवाली लडकी केलिए लोगों ने क्या ले आया?
उत्तर:
खाना,
ले आए।
पानी, स्टोव, किताबें, कंबल, कपड़े, आदि ले आए।

प्रश्न 8.
लड़की ने पेड़ पर क्या बनाई ?
उत्तर:
चिडियों की तरह एक घोंसला।

प्रश्न 9.
बारिश, आँधी और तूफान के आने पर भी लड़की ने पेड़ को कैसे बचाए रखा?
उत्तर:
लड़की पेड़ से उतरी नहीं और पेड़ को काटने से बचाया।

प्रश्न 10.
लड़की को नीचे उतारने के लिए सेठ ने क्या क्या तरकीबें लगाई?
उत्तर:
लौड़ स्पीकर से शोर मचाया, हेलिकॉप्टर उड़ा उड़ाकर लडकी को रात भर जगाए रखा।

प्रश्न 11.
सेठ और उनके लोगों से लडकी बुलंद आवाज़ में क्या कहती थी?
उत्तर:
लड़की कहती थी “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।

प्रश्न 12.
किसकी दोस्ती की कहानी दुनिया भर फैल गई?
उत्तर:
पेड़ और लड़की की दोस्ती।

प्रश्न 13.
सेठ और हट्टे कट्टे आदमी किससे डरने लगे?
उत्तर:
लड़की और पेड़ की दोस्ती से और उनके हज़ारों दोस्तों से।

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 14.
कितने दिन तक सेठ और आदमी पेड़ काटने के इंतज़ार में रहे?
उत्तर:
738 दिनों तक।

प्रश्न 15.
लड़की ने सेठ से क्या वादा ले लिया?
उत्तर:
लड़की ने सेठ से वादा ले लिया ‘यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटेंगे।’

प्रश्न 16.
उस लड़की का नाम क्या है?
उत्तर:
जूलिया।

प्रश्न 17.
उस पेड़ का नाम क्या है?
उत्तर:
लूना

Julia Aur Luna Summary in Malayalam

जूलिया और लूना Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(एक रोज़ कुछ ………………. पेड़ ने लड़की को बचाए रखा और लड़की ने पेड़ को ।) [Textbook page no. 14 & 15)

ഒരു ദിവസം കുറച്ച് ശക്തരായ മനുഷ്യർ ചേർന്ന് വലിയൊരു വൃക്ഷം മുറിക്കാനായി എത്തി. ഒരു പെൺകുട്ടി വൃക്ഷം മുറിക്കാനായി എത്തിയവരെ കണ്ടയുടൻ പെട്ടെന്ന് വൃക്ഷത്തിലേക്ക് ചാടിക്കയറി. അവർ പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കാൻ ശ്രമിച്ചിട്ടും, ഭീഷണിപ്പെടുത്തിയിട്ടും ഭയപ്പെടുത്തിയിട്ടും പെൺകുട്ടി താഴെ ഇറങ്ങാൻ തയ്യാറായില്ല. അവൾ ബഹളം വച്ചുകൊണ്ട് മരത്തിന്റെ ഒരു ശാഖയിൽ ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. അവസാനം പെൺകുട്ടി എപ്പോഴെങ്കിലും ഇറങ്ങുമ്പോൾ വൃക്ഷം മുറിക്കാം എന്ന് അവർ തീരുമാനിച്ചു. ദിവസങ്ങളും, ആഴ്ചകളും, മാസങ്ങളും കഴിഞ്ഞെങ്കിലും പെൺകുട്ടി മരത്തിൽ നിന്നും താഴെ ഇറങ്ങാൻ തയ്യാറായില്ല. പെൺകുട്ടി മരത്തിൽ നിന്നും ഇറങ്ങില്ലെന്ന് മന സ്സിലായതോടെ കണ്ടു നിന്ന ആളുകൾ അവൾക്ക് ഭക്ഷണവും വെള്ളവും, സ്റ്റൗവ്, പുസ്തകങ്ങൾ, പുതപ്പ്, വസ്ത്രങ്ങൾ എന്നിവയും എത്തിച്ചു കൊടുത്തു. സന്തോഷത്തോടെ മധുരമായ വാക്കുകളിൽ അവൾ അവരോടുള്ള നന്ദി പ്രകടിപ്പിച്ചു. പക്ഷികളെപ്പോലെ അവൾ വൃക്ഷത്തിൽ കൂട് ഉണ്ടാക്കി. മഴയെയും തണുപ്പിനെയും കൊടുങ്കാറ്റിനെയും നേരിടേണ്ടി വന്നിട്ടും വൃക്ഷം പെൺകുട്ടിയെയും അവൾ വൃക്ഷത്തെയും സംരക്ഷിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു.

(कहानी पढ़कर सुनाउँ?”…………………………. लड़की बुलंद आवाज़ में उन्हें कहती) [Textbook page no. 15]

“കഥ പറഞ്ഞു കേൾപ്പിക്കട്ടെ?” എന്ന് ചോദിക്കുമ്പോൾ വൃക്ഷം തന്റെ ഇലകളിലൂടെ കാറ്റിന്റെ സംഗീതം പൊഴിക്കുമായിരുന്നു. സേഠിന്റെ ശക്തരായ മനുഷ്യർ വൃക്ഷത്തിന് താഴെ ലൗഡ് സ്പീക്കർ വച്ച് ശബ്ദമുണ്ടാക്കിയും വൃക്ഷത്തിന് മുകളിലൂടെ ഹെലിക്കോപ്റ്റർ പറപ്പിച്ച് ശബ്ദമുണ്ടാക്കിയും വിചി ത്രമായ ഉപായങ്ങൾ പ്രയോഗിച്ചും പെൺകുട്ടിയെ താഴെ ഇറക്കാൻ ശ്രമിച്ചു. ‘നിങ്ങൾക്ക് ഞങ്ങളുടെ സൗഹൃദത്തെ തകർക്കാൻ കഴിയില്ല’ – പെൺകുട്ടി ഉച്ചത്തിൽ അവരോടായി വിളിച്ചു പറഞ്ഞു.

(उनकी अनोखी दोस्ती का किस्सा दुनिया भर में …………………………… उस लड़की का नाम जूलिया है, उस पेड़ का नाम है लूना’ [Textbook page no. 16)

വൃക്ഷത്തിന്റെയും പെൺകുട്ടിയുടെയും സൗഹൃദത്തിന്റെ കഥ ലോകമെമ്പാടും പ്രശസ്തി നേ ടി. വൃക്ഷത്തിന് ചുറ്റും നിരവധി ജനങ്ങൾ തടിച്ചു കൂടാൻ തുടങ്ങി. സേഠിന്റെ ശക്തരായ അനുയാ യികൾ വൃക്ഷത്തിന്റെയും പെൺകുട്ടിയുടെയും സൗഹൃദവും അവളുടെ നിരവധി സുഹൃത്തുക്ക ളെയും കണ്ട് ഭയക്കാൻ തുടങ്ങി. 738 ദിവസത്തോളം കാത്തിരുന്ന് അവസാനം ഒരു നാൾ വൃക്ഷം മുറിച്ചു മാറ്റാനായി എത്തിയ സേഠിന്റെ അനുയായികളെല്ലാം അവിടെ നിന്നും പിരിഞ്ഞുപോകാൻ തുടങ്ങി. ‘ഇവിടുത്തെ ഒരു വൃക്ഷവും വെട്ടി മുറിക്കില്ല’ എന്ന പ്രതിജ്ഞ എടുപ്പിച്ചതോടെ എല്ലാ വൃക്ഷങ്ങളും മുറിച്ചു മാറ്റപ്പെടുമെന്ന ഭീഷണിയിൽ നിന്നും രക്ഷപ്പെട്ടു. ആ പെൺകുട്ടിയുടെ പേര് ‘ജൂലിയ’ എന്നായിരുന്നു. വൃക്ഷത്തിന്റെ പേര് ‘ലൂണ’ എന്നും. രണ്ടുപേരും ഇപ്പോഴും ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്തുക്കളാണ്.

जूलिया लोरेन हिल (ജൂലിയ ലോറൻ ഹിൽ)

जूलिया लोरेन हिल का जन्म 18 फरवरी 1974 को मिसोरी के माउण्ट वेरनोन (यु.एस) में हुआ। आप जूलिया बटरफ्लाई हिल के नाम से जानी जाती है। आप एक सफल लेखिका, अमेरिकी पर्यावरण कार्यकर्त और प्रेरक वक्ता है। आप जंगलों – पेड़ों की कटाई रोकने के लिए 10 दिसंबर 1997 और 18 दिसंबर 1999 के बीच 738 दिन 200 फुट (61 मीटर) ऊँचे, लगभग 1,000 साल पुराने कैलिफोर्निया रेडवुड पेड़ में रहीं। जूलिया पेड़ के शीर्ष के पास एक तंबू में रही थीं, ताकि पैसिफिक लंबर कंपनी के लकड़हारे इसे काट न सकें । वे अंततः पेड़ को बचाने के लिए लंबर कंपनी साथ एक समझौते पर पहुँची। वह पेड़ प्यार से लूना के नाम से जाना जाता था। जूलिया ने सन् 2000 में अपने पेड़ पर बैठने के अनुभव के बारे में एक किताब प्रकाशित की, नाम है “द लिगेसी ऑफ लूना”।

അമേരിക്കയിലെ മിസോറാമിലെ മൗണ്ട് വെർനോണിലാണ് 1974 ഫെബ്രുവരി 18 ജൂലിയ ലോറൽഹിൽ ജനിച്ചത്. ഇവർ ‘ജൂലിയ ബട്ടർഫ്ളൈസ്ഹിൽ’ എന്ന പേരിലും അറിയപ്പെടുന്നു. അമേരിക്കയിലെ പ്രശസ്തയായ എഴുത്തുകാരിയും പരിസ്ഥിതി പ്രവർ ത്തകയുമാണ് ജൂലിയ ലോറൻ ഹിൽ. വനങ്ങളും വൃക്ഷങ്ങളും വെട്ടി നശിപ്പിക്കുന്നതിനെ തിരെ 1997 ഡിസംബർ 10 മുതൽ 1999 ഡിസംബർ 18 ന് ഇടയിൽ 783 ദിവസം 200 അടി ഉയരമുള്ള ആയിരം വർഷം പഴക്കമുള്ള കാലിഫോർണിയ റെഡ് വുഡ് വ്യക്ഷത്തിനു ള്ളിൽ താമസിച്ച് പ്രക്ഷോഭം നടത്തിയിട്ടുണ്ട്. ജൂലിയ വൃക്ഷത്തിനു മുകളിൽ ഒരു ടെന്റിൽ താമസിച്ചുകൊണ്ടായിരുന്നു പസഫിക് ലംബർ കമ്പനിയുടെ മരം വെട്ടുകാരിൽ നിന്നും വൃക്ഷത്തെ സംരക്ഷിച്ചത്. അവസാനം അവർ കമ്പനിയുമായി ഉടമ്പടിയിൽ എത്തിച്ചേരുകയും ചെയ്തു. ആ വൃക്ഷത്തെ സ്നേഹത്തോടെ ‘ലൂണ’ എന്ന പേരിലാ യിരുന്നു വിളിച്ചിരുന്നത്. 2000ൽ ജൂലിയ വൃക്ഷത്തിനുമുകളിൽ ചിലവഴിച്ച ദിവസ ങ്ങളിലെ തന്റെ അനുഭവങ്ങളെക്കുറിച്ച് ‘ദി ലഗസി ഓഫ് ലൂ’ എന്ന പേരിൽ പുസ്തകം പ്രസിദ്ധീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്.

जूलिया और लूना लेखक परिचय

कहानी (नेहा सिंह)
नेहा सिंह
जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
नेहा सिंह का जन्म 5 मई 1982 को वाराणसी में हुआ था। वे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखती हैं और उनकी उन्नीस किताबें प्रकाशित हो चुकी है। बच्चों के लिए खासकर ‘म्यूज़िकल नाटक’ बनाना उन्हें बेहद पसंद है। वे बच्चों के लिए कहानियाँ, कविताएँ लिखती है। ‘राही’ नाम की थिएटर कंपनी चलाती है और लड़कियों-महिलाओं के लिए एक कैंपेन चलाती है जिसका नाम है “व्हाई लोइटर”। उनकी पहली पुस्तक है ‘द वेनेसडे बाज़ार’ जो सन् 2014 में प्रकाशित हुई।

1982 മെയ് 5ന് വാരാണസിയിലാണ് നേഹാ സിംഗ് ജനിച്ചത്. ഹിന്ദിയിലും ഇംഗ്ലീഷിലുമായി 19ൽ പരം പുസ്തകങ്ങൾ രചിച്ചിട്ടുണ്ട്. കുട്ടികൾക്കായി സംഗീതനാടകങ്ങൾ നിർമ്മിക്കുന്നതിൽ വളരെയധികം താൽപര്യം പ്രകടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. കുട്ടികൾക്കായി നിരവധി കഥകളും കവിതകളും എഴുതിയിട്ടുണ്ട്. ‘രാഹി’ എന്ന നാടക കമ്പനി നടത്തി വരുന്നു. കുട്ടികൾക്കും സ്ത്രീകൾക്കുമായി ‘म्यूज़िकल नाटक’ എന്ന ക്യംപയിൻ സംഘടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. ‘വെനസ് ഡെ ബസാർ’ എന്ന ആദ്യ പുസ്തകം 2014 ൽ പുറത്തി റങ്ങിയിട്ടുണ്ട്.

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

जूलिया और लूना शब्दार्थ

मदद ले :
एक रोज़ – ഒരു ദിവസം
हट्टे-कट्टे – ശക്തനായ
पेड़ – വൃക്ഷം
काटना – മുറിക്കുക
झट – പെട്ടെന്ന് (quickly)
चढ़ गई – കയറി (climbed)
समझाना – പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കുക
धमकाना – ഭീഷണിപ്പെടുത്തുക
डराना – ഭയപ്പെടുത്തുക
बहोत – बहुत
मैं नहीं उतरूंगी – ഞാൻ ഇറങ്ങില്ല
चिल्लाना – ബഹളം വെയ്ക്കുക
शाखा – Branch
आखिर – അവസാനം
हफ्ता – ആഴ്ച്ച (week)
महीना – മാസം (month)
बीतना – കഴിയുക
पता चलना – മനസ്സിലാക്കുക
गद्दा – മെത്ത, matress
कंबल – കമ്പിളി, Blanket, പുതപ്പ്
शुक्रिया – നന്ദി thanks
चहचहाई – സന്തോഷത്തോടെ
चिडिया – പക്ഷി
घोंसला – (nest) കുട്
बारिश – മഴ(rain)
सर्दी – തണുപ്പ്
आँधी-तूफान – കൊടുംകാറ്റ്
बर्फ पड़ना – ഐസ് വീഴുക
बचाए रखना – രക്ഷിക്കുക
पत्ता – ഇല (leaf)
अजीबोगरीब – വിചിത്രമായ
तरकीब – ഉപായം
तेज़ शोर मचाना – ഉച്ചത്തിൽ ശബ്ദം ഉണ്ടാക്കുക
जगाना – ഉണർത്തുക
बुलंद – ഉയർന്ന
आवाज़ – ശബ്ദം
दोस्ती – സൗഹൃദം (friendship)
अनौखी – വിചിത്രമായ
किस्सा – കഥ
दुनिया भर – ലോകം മുഴുവൻ
मशहूर हो गया – प्रसद्धि हो गया
इर्द-गिर्द – ചുറ്റുപാടും
इकट्ठा होना – ഒത്തുചേരുക
डर लगना – പേടിതോന്നുക
चुपचाप वादा करना – നിശബ്ദമായി വാഗ്ദാനം ചെയ്യുക
पक्के देत – ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്തുക്കൾ

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 1 Chapter 1 पेड़ Ped Hindi Poem Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Ped Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 1 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus पेड़

Ped Hindi Poem Question Answer

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
‘धूप सिली तो बिखर गई कतरन – कतरन छायाएँ’ इससे क्या दृश्य उभर आता है?
‘സൂര്യനെ തുന്നിയപ്പോൾ നിഴലുകൾ കഷ ണങ്ങളായി ചിന്നിച്ചിതറി’ ഇതിലൂടെ എന്ത് ദൃശ്യമാണ് ഉയർന്നുവരുന്നത്?
उत्तर:
‘धूप सिली तो बिखर गई कतरन – कतरन छायाएँ’ से ऐसा दृश्य उभरता है जहाँ पेड की पत्तियों से छनकर धूप ज़मीन पर टुकडों टुकड़ों में छाया बनाती है। ये छायाएँ ऐसा लगता है जैसे किसी दर्जी ने कपडे की कतरनों की तरह फैला दी हो।
‘സൂര്യപ്രകാശം തുന്നിചേർത്തപ്പോൾ നിഴ ലുകളുടെ കഷണങ്ങൾ ചിതറിപ്പോയി. എന്ന വാക്യം മരത്തിന്റെ ഇലകളിലൂടെ അരിച്ചിറങ്ങുന്ന സൂര്യപ്രകാശം നിലത്ത് നിഴ ലുകളുടെ കഷണങ്ങൾ സൃഷ്ടിക്കുന്ന ഒരു രംഗം സൃഷ്ടിക്കുന്നു. ഈ നിഴലുകൾ ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ തുണിക്കഷണങ്ങൾ വിരിച്ചിരി ക്കുന്നതുപോലെ അനുഭവപ്പെടുന്നു.

प्रश्न 2.
‘मिट्टी, रंग, हवा, पानी को जोडा दिया तराश’ इसका तातपर्य क्या है?
‘മണ്ണ്, നിറം, വായു, വെള്ളം എന്നിവ ചേർ കൊത്തിയെടുത്തത് ഇതുകൊണ്ട് എന്താണ്അ ർത്ഥമാക്കുന്നത്?
उत्तर:
मिट्टी रंग हवा पानी को जोडा दिया तराश का तात्पर्य है कि पेड ने इन प्राकृतिक तत्वों को एकसाथ जोडकर सुंदर रूप में ढाल दिया। यह पंक्ति पेड की सृजनात्मक शक्ति को दर्शाती है, जैसे वह प्रकृति का कलाकार हो।
‘മണ്ണ്, നിറം, വായു, വെള്ളം എന്നിവയെ മുറിച്ച് കൂട്ടിച്ചേർത്തു എന്നതിന്റെ അർത്ഥം മരം ഈ പ്രകൃതിദത്ത ഘടകങ്ങളെ ഒരുമിച്ച് ചേർത്ത് മനോഹരമായ ഒരു ആകൃതിയിൽ രൂപപ്പെടുത്തിയിരിക്കുന്നു എന്നാണ്. പ്രകൃതി യുടെ കലാകാരനെപോലെ മരത്തിന്റെ സൃഷ്ടി പരമായ ശക്തിയെ ഈ വരിയിലൂടെ വർണ്ണി ക്കുന്നു.

प्रश्न 3.
‘रंग महक की हुई सिलाई’ इसका मतलब वया है?
നിറവും സുഗന്ധവും തുന്നിച്ചേർത്തു. ഇതി ന്റെ അർത്ഥമെന്താണ്?
उत्तर:
रंग महक की हुई सिलाई का मतलब है कि पेड़ ने फूलों में रंग और खुशबू को ऐसा जोडा है जैसे कोई दर्जी सिलाई करता है। यह पंक्ति बताती है कि पेड़ ने सौंदर्य और सुगंध को मिलाकर फूलों को आकर्षित बनाया है।
നിറവും സുഗന്ധവും തുന്നിച്ചേർത്തു എന്നാൽ ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ തുന്നുന്നതു പോലെ മരം പൂക്കൾക്ക് നിറവും സുഗന്ധ വും ചേർത്തിരിക്കുന്നു എന്നാണ്. സൗന്ദര്യ വും സുഗന്ധവും സംയോജിപ്പിച്ച് മരം പൂക്കളെ ആകർഷകമാക്കിയിട്ടുണ്ടെന്ന് ഈ വരികളിലൂടെ കവി വ്യകിതമാക്കുന്നു.

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
‘वन के पेड में वन के स्वाद सिले हैं।’ का मतलब क्या है?
‘കാട്ടിലെ സുഗന്ധങ്ങൾ കാട്ടിലെ മരങ്ങളിൽ തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നു.’ എന്താണ് ഇതി ന്റെ അർത്ഥം?
उत्तर:
‘वन के पेड़ में वन के स्वाद सिले हैं’ का मतलब है कि जंगल के पेड़ों में जंगल की खास पहचान स्वाद और विशेषता भरी हुई है। यह पंक्ति दिखाती है कि हर पेड अपने पर्यावरण से जुडा होता है और उसमें उसी स्थान का स्वाद खुशबू और प्रकृति बसती है।
വനത്തിലെ മരങ്ങളിൽ വനത്തിന്റെ സ്വാദ് തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നു എന്നതിന്റെ അർ ത്ഥം വനത്തിലെ മരങ്ങൾ കാടിന്റെ തന തായ വ്യക്തിത്വം, രുചി, സവിശേഷതകൾ എന്നിവയാൽ നിറഞ്ഞിരിക്കുന്നു എന്നാണ്. ഓരോ വൃക്ഷവും അതിന്റെ പരിസ്ഥിതിയുമായി ബന്ധപ്പെട്ടിരിക്കുന്നുവെന്നും ആ സ്ഥലത്തിന്റെ രുചി, സുഗന്ധം, സ്വഭാവം എന്നിവ അതി ലടങ്ങിയിരിക്കുന്നുവെന്നും ഈ വരികളിലൂടെ വ്യകിതമാക്കുന്നു.

आप अपनी जिंदगी को कैसे सिलना चाहते है ?
നിങ്ങളുടെ ജീവിതം എങ്ങനെ രൂപപ്പെടുത്താനാണ് നിങ്ങൾ ആഗ്രഹിക്കുന്നത്?
उत्तर:
मैं अपनी जिंदगी को अच्छे विचारों, सच्चाई, मेहनत, और प्यार की सिलाई से सिलना चाहता हूँ।
നല്ല ചിന്തകൾ, സത്യം, കഠിനാധ്വാനം, സ്നേഹം എന്നിവയാൽ എന്റെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടു ക്കാൻ ഞാൻ ആഗ്രഹിക്കുന്നു.

प्रश्न 1.
कविता में पेड किन-किन को सिलता है?
चुनकर नीचे लिखें।
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
धूप
किनारे
हवाएँ
फूल
घोंसले
ज़मीनें

प्रश्न 2.
संबंध पहचानों और जोडे बनाएँ।
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
उत्तर:
धूप – छाया
मिट्टी – रंग
पानी – आकाश
फूल – पशमीने

प्रश्न 3.
कविता से ये आशयवाली पंक्तियाँ चुनकर लिखें :
धूप के सिलने से छायाएँ बिखर गई हैं।
उत्तर:
धूप सिली तो बिखर गई
कतरन – कतरन छायाएँ

पेड़ ने रंग और सुगंध की सिलाई की।
उत्तर:
रंग महक की हुई सिलाई
फूल सिले पशमीने

पेड ने मिट्टी, रंग, हवा और पानी को तराश के जोड़ा है।
उत्तर:
मिट्टी रंग हवा पानी को
जोडा दिया तराश

पेड ने प्रत्येक फल में अपना स्वाद भरा है।
उत्तर:
आम में आम के स्वाद सिले हैं

प्रश्न 4.
शब्दों का आपसी संबंध पहचानें। ‘सिलें’ या ‘सिलीं’ से पूरा करें।
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
उत्तर:
सिले पत्ते
सिलीं कलियाँ
सिली नदियाँ
सिलीं डालियाँ

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 5.
पेड़ को दर्जी क्यों कहा गया है? चर्चा चलाएँ । कविता का आशय लिखें।
उत्तर:
श्री सुशील शुक्ल बालसाहित्य के क्षेत्र में पच्चीस सालों से काम कर रहे हैं। आप ‘चकमक’ बालपत्रिका के संपादक रहे थे। उनकी एक संदर कविता है ‘पेड़’ । कवि कहते हैं कि पेड केवल पेड नहीं है, वे एक दर्जी (tailor) है। दर्जी कपड़ों को सिलकर नया रूप देता है, वैसे ही पेड भी प्रकृति के अलग अलग तत्वों को जोड़कर, संवारकर और सजाकर हमें बहुत कुछ देते हैं।

पेड़ घोंसले सिलते हैं यानि पक्षियों को रहने के लिए जगह देते हैं। पेड घोंसले सिलते हैं यानी पक्षियों को रहने के लिए जगह देते हैं। पेड हवा, धूप और छाया को स्वाभाविक ढंग से बाँटते है, जैसे दर्जी कपडे को काट-छांट कर सुंदर बनाता है। पेड मिट्टी, पानी, रंग, आकाश, हवा इन सबको जोडकर हमें सुंदर प्राकृतिक वातावरण देते हैं। पेड ज़मीन पर, फूलों से, रंगों से, सुगंध से सुंदरता और जीवन भरते हैं। आम और जामुन जैसे फलों में वे उनका स्वाद सिलकर डालते हैं। यानी पेड़. हमें स्वादिष्ट फल देते हैं और हर पेड़ में उसकी विशेषता होती है।

इस तरह कवि ने पेड़ को एक कला- निपुण दर्जी की तरह देखा है, जो बडी मेहनत और सृजनात्मकता से प्रकृति को सुंदर और उपयोगी बनाता है, पेड़ हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। वे सिर्फ खडे रहनेवाले पेड़ नहीं, बल्कि सृजनकर्ता है, जीवनदाता है। जैसे एक दर्जी अपनी कला से कपडों को सुंदर बनाता है, वैसे ही पेड हमारी धरती को सुंदर, उपयोगी और जीवंत बनाते हैं।

ശ്രീ സുശീൽ ശുക്ല ബാലസാഹിത്യ മേഖല യിൽ ഇരുപത്തി അഞ്ച് വർഷത്തോളമായി പ്രവർത്തിച്ച് വരുന്നു. അദ്ദേഹം ‘ചക് മക്’ എന്ന ബാലമാഗസിന്റെ എഡിറ്റർ ആയിരുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഒരു സുന്ദരമായ കവിത യാണ് ‘पेड़’.

മരം നീ വെറുമൊരു മരമല്ല, നീ ഒരു തയ്യൽക്കാരനാണ് എന്ന് കവി പറയുന്നു. തയ്യൽക്കാരൻ തുണികൾ തയ്ച്ച് പുതിയ രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു. അതുപോലെ പ്രകൃതി യിലെ വിവിധ വസ്തുക്കളെ യോജിപ്പിച്ച്, ആകർഷണീയമാക്കി, അലങ്കരിച്ച് മരം മുക്ക് ഒരുപാട് രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു.

മരം പക്ഷിക്കൂടുകൾ തുന്നുന്നു. അതാ യത് പക്ഷികൾക്ക് താമസിക്കാനായി സ്ഥലം നൽകുന്നു. എപ്രകാരമാണോ തയ്യൽക്കാരൻ വസ്ത്രങ്ങളെ കഷ്ണങ്ങളാക്കി, പിന്നീട് സുന്ദരരൂപം നൽകുന്നത്. അപ്രകാരം മരം, വായു, സൂര്യപ്രകാശം, നിഴൽ എന്നിവയെ വിഭജിച്ച് സുന്ദരമാക്കുന്നു. മണ്ണ്, വെള്ളം, നിറം. ആകാശം, വായു എന്നിവയെ യോജിപ്പിച്ച് മരം നമുക്ക് പ്രകൃതിസുന്ദരമായ അന്തരീക്ഷം സൃഷ്ടിക്കുന്നു. പൂക്കളിലൂടെ, നിറങ്ങളിലൂടെ സുഗന്ധത്തിലൂടെ മരം ഭൂമി യിൽ സൗന്ദര്യവും, ജീവനും നൽകുന്നു. മാങ്ങ യിലും, ഞാവൽ പഴത്തിലും അതിന്റേതായ സ്വാദ് നൽകുന്നു. എല്ലാ മരങ്ങളും അതി ന്റേതായ സ്വഭാവ സവിശേഷതകൾ നിലനിർ ത്തുന്നു.

ഇപ്രകാരം കവി മരത്തെ ഒരു കലാ വൈഭവമുള്ള തയ്യൽക്കാരനായാണ് കാണു ന്നത്. മരം തന്റെ കഠിനാധ്വാനത്തിലൂടെ സൃഷ്ടി പരമായ കഴിവുകളിലൂടെ പ്രകൃതിയെ സുന്ദ രവും ഉപയോഗയോഗ്യവുമാക്കി തീർക്കു ന്നു. മരം നമ്മുടെ ജീവിതത്തിലെ ഒഴിച്ചുകൂടാ നാവാത്ത ഭാഗമാണ്. വെറുതെ നിൽക്കുന്ന ഒന്നല്ല മരം, പകരം സൃഷ്ടാവാണ്, ജീവൻ ദാതാവാണ് (ജീവൻ നൽകുന്നവൻ) എപ കാരമാണോ ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ തന്റെ കലാ വൈഭവംകൊണ്ട് വസ്ത്രങ്ങളെ സുന്ദരമാ ക്കുന്നത്, അപ്രകാരം മരം നമ്മുടെ ഭൂമിയെ സുന്ദരവും, ഉപയോഗയോഗ്യവും, ജീവനുള്ളതുമാക്കി

प्रश्न 5.
कविता आपको कैसे लगी?
अपना मत प्रकट करते हुए कवि के नाम पत्र लिखें।
(കവിത താങ്കൾക്ക് എങ്ങനെ അനുഭവപ്പെട്ടു? തന്റെ അഭിപ്രായം പ്രകടി ടപ്പിച്ചുകൊണ്ട് കവിയുടെ പേരിൽ ഒരു കത്ത് (Letter) തയ്യാറാക്കുക.)
उत्तर:

कोषिक्कोड
7 जून 2025

आदरणीय कवि सुशील शुक्लजी,
सादर नमस्कार !

मैं आठवीं कक्षा का छात्र हुँ। मैंने आपकी लिखी कविता ‘पेड’ पढ़ीं। यह कविता मुझे बहुत अच्छी लगी।

आपने पेड को दर्जी के रूप में दिखाया, यह बहुत ही सुंदर और नई कल्पना है। आपने यह बहुत खूबसूरती से बताया कि पेड कैसे हवा, पानी, धूप, मिट्टी, रंग, और स्वाद को जोडकर हमें जीवन देते हैं । कविता की भाषा सरल है, लेकिन उसके अर्थ बहुत गहरे हैं। जब आपने लिखा- “धूप सिली तो बिखर गई कतरन कतरन छायाएँ ” तो मुझे लगा जैसे मैं सचमुच उस पेड के नीचे खडा हूँ।

आपकी यह कविता न केवल पेड के महत्व को बताती है। बल्कि हमें प्रकृती से प्यार करना और उसकी रक्षा करना भी सिखाती है। मैं आशा करता हूँ कि आप ऐसी और रचनाएँ लिखते रहेंगे, जो हमें सोचने और सीखने की प्रेरणा दें।

आपका शुभचिंतक
(हस्ताक्षर)
साहिल के।

सेवा में
सुशील शुक्ल
होशंगाबाद
मध्यप्रदेश

पेड़ निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
पेड़ नामक कविता के कवि कौन है?
उत्तर:
सुशील शुक्ल।

प्रश्न 2.
कवि ने पेड़ को क्या कहकर बुलाया है?
उत्तर:
दर्जी

प्रश्न 3.
धूप खिली तो कैसे बिखर गई?
उत्तर:
छायाओं के टुकडे ।

प्रश्न 4.
पेड़ ने मिट्टी सिलकर क्या बनाया?
उत्तर:
रंग

प्रश्न 5.
पेड़ ने पानी सिलकर क्या बनाया?
उत्तर:
आकाश

प्रश्न 6.
पेड़ ने किन- किनको तराश के जोड दिया है?
उत्तर:
मिट्टी, रंग, हवा और पानी को।

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 7.
पेड़ ने फूलों को सिलाकर क्या बनाया?
उत्तर:
पशमीने।

प्रश्न 8.
पेड़ ने आम में क्या सिला दिया है?
उत्तर:
आम का स्वाद।

प्रश्न 9.
जामुन का स्वाद किसमें सिला है?
उत्तर:
जामुन के फल में।

प्रश्न 10.
बाग में किसका स्वाद सिला है?
उत्तर:
बाग का स्वाद।

प्रश्न 11.
वन का स्वाद कहाँ सिला है?
उत्तर:
वन के पेड़ में।

Ped Hindi Poem Summary in Malayalam

पेड़ Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(पेड़ तुम पेड नहीं. ………………. तुम दर्जी ।I) [Textbook page no. 8]

श्री सुशील शुक्ल बालसाहित्य के क्षेत्र में पच्चीस सालों से काम कर रहे हैं। आप ‘चकमक’ बालपत्रिका के संपादक रहे थे। उनकी एक सुंदर कविता है ‘पेड’ । कवि कहते हैं कि पेड़ केवल पेड़ नहीं है, वे एक दर्जी ( tailor) है। दर्जी कपड़ों को सिलकर नया रूप देता है, वैसे ही पेड भी प्रकृति के अलग अलग तत्वों को जोड़कर, संवारकर और सजाकर हमें बहुत कुछ देते हैं। पेड़ घोंसले सिलते हैं यानि पक्षियों को रहने के लिए जगह देते हैं। पेड की पत्तियों से छनकर धूप ज़मीन पर टुकडे टुकडे होकर छाया बनाती है। ये छायाएँ ऐसा लगता है जैसे किसी दर्जी ने कपडे की कतरनों की तरह फैला दी हो।

ശ്രീ സുശീൽ ശുക്ല ബാലസാഹിത്യ മേഖലയിൽ ഇരുപത്തി അഞ്ച് വർഷത്തോളമായി പ്രവർത്തിച്ച് വരുന്നു. അദ്ദേഹം ‘ചക് മക്’ എന്ന ബാലമാഗസിന്റെ എഡിറ്റർ ആയിരുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഒരു സുന്ദരമായ കവിതയാണ് ‘പേഡ്’. കവി പറയുന്നു. മരം നീ വെറുമൊരു മരമല്ല, നീ ഒരു തയ്യൽക്കാരനാണ്. തയ്യൽക്കാരൻ തുണികൾ തയ്ച്ച് പുതിയ രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു. അതു പോലെ പ്രകൃതിയിലെ വിവിധ വസ്തുക്കളെ യോജിപ്പിച്ച്, ആകർഷണീയമാക്കി, അലങ്കരിച്ച് മരം നമുക്ക് ഒരുപാട് രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു. മരം പക്ഷിക്കൂടുകൾ തുന്നുന്നു അതായത് പക്ഷികൾക്ക് താമസിക്കാനായി സ്ഥലം നൽകുന്നു. മരത്തിന്റെ ഇലകളിലൂടെ സൂര്യപ്രകാശം നിലത്തേക്കിറങ്ങി ഭൂമിയിൽ നിഴലുകളുടെ കഷണങ്ങൾ സൃഷ്ടിക്കുന്നു. ഈ കഷണങ്ങൾ, ഏതോ തയ്യൽക്കാരൻ തുണിക്കഷണങ്ങൾ വിരിച്ചതുപോലെ കാണപ്പെടുന്നു.

(मिट्टी सिलकर …… सिले पशमीने) (Textbook page no.9]

पेड, मिट्टी, पानी, रंग, आकाश, हवा इन सबको जोडकर हमें सुंदर प्राकृतिक वातावरण देते हैं। सुंदर रंगोंवाली फूलों के ज़रिए पेड मिट्टी को सिलता है। आकाश के ज़रिए पेड पानी को सिलता है। इन पंक्तियों में पेड की सृजनात्मक शक्ति मिलती है, जैसे वह प्रकृति का कलाकार हो। पेड़, सिर्फ पेड नहीं दर्जी है। पेड़ ने कितने किनारों को सिला दिया है। मतलब कई किनारों को भूक्षरण से बचा दिया है। कितनी ज़मीनों का सिला दिया है, यानी ज़मीन को बचा दिया है। विभिन्न रंग और सुगंधवाले फूलों को बनाकर भूमि को एक पशमीने की तरह सिला दिया है।

മണ്ണ്, വെള്ളം, നിറം, ആകാശം, വായു എന്നിവയെ ഒരുമിച്ച് ചേർത്ത് വെച്ച് മരം നമുക്ക് സുന്ദരമായ പ്രകൃതിയുടെ അന്തരീക്ഷം പ്രദാനം ചെയ്യുന്നു. സുന്ദരമായ പുഷ്പങ്ങളിലൂടെ മരം മണ്ണിനെ തുന്നിച്ചേർക്കുന്നു. ആകാശം വഴി മരം വെള്ളത്തെ തുന്നിച്ചേർക്കുന്നു. പ്രകൃതിയുടെ കലാ കാരനെപ്പോലെ മരത്തിന്റെ സൃഷ്ടിപരമായ ശക്തിയെ ഈ വരികളിൽ കാണാൻ സാധിക്കുന്നു. മരം വെറുമൊരു മരമല്ല, ഒരു തയ്യൽക്കാരനാണ്. എത്രയെത്ര തീരങ്ങളെയാണ് മരം തുന്നിച്ചേർ ത്തിരിക്കുന്നത്. അതായത് മണ്ണ് സംരക്ഷിച്ചിരിക്കുന്നത്. പലനിറങ്ങളിലും, സുഗന്ധത്തിലുമുള്ള പൂക്കളെ സൃഷ്ടിച്ച് ഭൂമിയെ ഒരു മിനുസമുള്ള കമ്പിളി വസ്ത്രം പോലെ തുന്നിച്ചേർത്ത് വെയ്ക്കുന്നു.

(पेड़ तुम …………………… तुम दर्जी।) [Textbook page no. 9]

कवि कहते हैं कि पेड सिर्फ एक पेड नहीं। वह दर्जी है। आम में आम के स्वाद सिले हैं। जमुन के फल में जामुन के फल का स्वाद सिले है। बाग में बाग का स्वाद सिले है। जंगल के पेडों में जंगल की खास पहचान, स्वाद और विशेषता भरी हुई है। ये पंक्तियाँ दिखाती है कि हर पेड अपने पर्यावरण से जुड़ा होता है। उसमें उसी स्थान का स्वाद, खुशबु और प्रकृति बसती है।

കവി പറയുന്നു മരം വെറുമൊരു മരമല്ല, ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ കൂടിയാണ്. മാങ്ങയിൽ മാങ്ങയുടെ സ്വാദാണ് തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നത്. പൂന്തോട്ടങ്ങളിൽ അതിന്റെ സ്വാദാണ് തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നത്. വനത്തിലെ മരങ്ങൾ കാടിന്റെ തനതായ വ്യക്തിത്വം, രുചി, സവിശേഷതകൾ എന്നിവയാൽ നിറഞ്ഞിരിക്കുന്നു. ഓരോ വൃക്ഷവും അതിന്റെ പരിസ്ഥിതിയുമായി ബന്ധപ്പെട്ടിരിക്കുന്നുവെന്നും, ആ സ്ഥലത്തിന്റെ രുചി, സുഗന്ധം, സ്വഭാവം എന്നിവ ഉണ്ടെന്നും ഈ വരികകളിലൂടെ വ്യക്തമാക്കുന്നു.

पेड़ Hindi Poem कवि परिचय

कविता (सुशील शुक्ल)

सुशील शुक्ल
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 5
सुशील शुक्ल का जन्म 25 मार्च 1974 में मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में हुआ। आप बाल साहित्य के क्षेत्र में लगभग ढाई दशकों से काम कर रहे हैं। आप ‘प्लूटो’ और ‘साइकिल’ बाल पत्रिकाओं के संपादक भी हैं। आप ‘चकमक’ बाल पतिकों के संपादक रहे थे। ‘ये सारे उजाला सूरज का’, ‘टिफिन दोस्त, ‘फेरीवाले’ सहित आपकी बारह बाल पुस्तकों का प्रकाशन ‘एकलव्य प्रकाशन’ ने किया। 2024 के हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य पुरस्कार से वे सम्मानित है।

മധ്യപ്രദേശിലെ ഹോശംഗാബാദിൽ 25 മാർച്ച് 1974ലാണ് സുശീൽ ശുക്ല ജനിച്ചത്. അദ്ദേഹം ബാലസാഹിത്യ മേഖലയിൽ ഏകദേശം ഇരുപത്തിയഞ്ച് വർ ഷത്തോളമായി പ്രവർത്തിച്ചു വരുന്നു. അദ്ദേഹം ‘प्लूटो’ ‘साइकिल’ എന്നീ ബാലമാഗസിനുകളുടെ എഡിറ്റർ കൂടിയാണ്. അദ്ദേഹം ‘ചക്’ ബാല മാഗസിന്റെ എഡിറ്റർ ആയിരുന്നു. ‘ये सारे उजाला सूरज का’, ‘टिफिन दोस्त’, ‘फेरीवाले’ അദ്ദേഹത്തിന്റെ പന്ത്രണ്ടോളം ബാലപുസ്തകങ്ങൾ ‘ഏകലവ്യൻ പ്രകാശൻ’ പ്രസിദ്ധീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്. 2024 ലെ ഹരികൃഷ്ണ ദേവസരേ ബാലസാഹിത്യ പുരസ് കാരത്താൽ അദ്ദേഹം ആദരിക്കപ്പെട്ടിട്ടുണ്ട്.

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

पेड़ शब्दार्थ

मदद ले :
पेड़ – വൃക്ഷം, മരം
दर्जी – തയ്യൽക്കാരൻ, tailor
सिलना – തുന്നുക, to stitch
घोंसले – പക്ഷിക്കൂട്
हवाएँ – കാറ്റ്
धूप – സൂര്യകിരണങ്ങളുടെ പ്രകാശം
बिखर जाना – ചിതറുക, scattering
कतरन – കഷണങ്ങൾ,, pieces
छायाएँ – നിഴലുകൾ
मिट्टी – മണ്ണ്
रंग – നിറം,, colour
तराश – രൂപപ്പെടുത്തൽ, Carving
किनारे – തീരങ്ങൾ
ज़मीन – മണ്ണ്, ഭൂമി
महक – സുഗന്ധം
सिलाई – തുന്നൽ
पशमीने – മൃദുവായ കമ്പിളി വസ്ത്രങ്ങൾ
आम – മാങ്ങ
जामुन – ഞാവൽ പഴം
बाग – തോട്ടം

चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 6th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 3 Chapter 2 चलें Chalen Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Chalen Class 6 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 6 Hindi Unit 3 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus चलें

Chalen Question Answer

चलें पाठ के आधार पर दिए प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
क्रम में लिखें।
ക്രമമായി എഴുതാം.

अम्मा ने सपना देखा वो चुक्कू को स्कूटी पर बिठाए स्कूल छोड़ने जा रही है।
• अम्मा ने टुक्कू के लिए साइकिल और अपने लिए एक स्कूटी खरीद लीं।
• अम्मा की कोहनी और घुटने छिल गए।
• अम्मा और टुक्कू एक-दूसरे के गले में बाँहें डालकर सो गए।
• साइकिल, टुक्कू दोनों गिर पड़े।
• सुबह टुक्कू ने अपनी साइकिल निकाली और अम्मा ने अपनी स्कूटी।

• अम्मा ने टुक्कू के लिए साइकिल और अपने लिए एक स्कूटी खरीद लीं।
• …………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
…………………………………………………………………………
उत्तर:
• अम्मा ने टुक्कू के लिए साइकिल और अपने लिए एक स्कूटी खरीद लीं ।
അമ്മ ടുക്കുവിനായി ഒരു സൈക്കിളും തനി ക്കായി ഒരു സ്കൂട്ടറും വാങ്ങി.

• सुबह टुक्कू ने अपनी साइकिल निकाली और अम्मा ने अपनी स्कूटी।
രാവിലെ ടുക്കു അവന്റെ സൈക്കിളും അമ്മ തന്റെ സ്കൂട്ടറും എടുത്തു.

• साइकिल, टुक्कू दोनों गिर पड़े।
സൈക്കിളും ടുക്കുവും രണ്ടുപേരും വീണു.

• अम्मा की कोहनी और घुटने छिल गए ।
അമ്മയുടെ കൈമുട്ടിലേയും കാൽ മുട്ടിലേയും തൊലി ഉരിഞ്ഞുപോയി.

• अम्मा और टुक्कू एक-दूसरे के गले में बाँहें डालकर सो गए।
അമ്മയും ടുക്കുവും പരസ്പരം കെട്ടിപ്പിടിച്ചു കിടന്ന് ഉറങ്ങി.

• अम्मा ने सपना देखा वो चुक्कू को स्कूटी पर बिठाए स्कूल छोड़ने जा रही है।
അമ്മ ടുവിനെ സ്കൂട്ടറിൽ ഇരുത്തി സ്കൂളിൽ വിടുന്നതായി സ്വപ്നം കണ്ടു.

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प्रश्न 2.
समर्थन करें [✓] सही वाक्य चुनकर लिखें ।
സമർത്ഥിക്കാം. ഏതാണ് ശരിയെന്നും, ശരി
യായ വാക്യം തിരഞ്ഞെടുത്ത് എഴുതാം.
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
उत्तर:
1. चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
बाइक चलाते समय हेलमेट पहलें ।
ബൈക്ക് ഓടിക്കുന്ന സമയത്ത് ഹെൽമറ്റ് ധരി ക്കാം.

2.चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
कार चलाते समय सीट बैल्ट पहनें।
കാർ ഓടിക്കുന്ന സമയത്ത് സീറ്റ് ബെൽറ്റ് ധരിക്കാം.

3. चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
एक बाइक में दो ही सवार हों ।
ഒരു ബൈക്കിൽ രണ്ട് യാത്രക്കാർ മാത്രമേ ഉണ്ടാ കാൻ പാടുള്ളൂ.

4. चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 5
गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
വാഹനം ഓടിക്കുമ്പോൾ മൊബൈൽ ഫോൺ ഉപയോഗിക്കാൻ പാടില്ല.

प्रश्न 3.
टुक्कू की डायरी लिखें।
ടുക്കുവിന്റെ ഡയറി എഴുതാം.
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 6
उत्तर:
मंगलवार
12/06/2025

आज एक मज़ेदार दिन है। कई दिनों से मेरे मन में एक आशा थी कि एक साईकिल खरीदने के लिए। अगले दिन अम्मा ने मेरे लिए साइकिल और अपने लिए एक स्कूटी खरीद लीं। उस रात हम दोनों को नींद न आई क्योंकि हम दोनों को यह चलाना नहीं आता। अगले दिन हम दोनों ने यह चलाने के लिए कोशिश किये। लेकिन हम दोनों स्कूटर और साइकिल से नीचे गिर पड़ा। मेरे सिर पर गूमड़ निकल आया और अम्मा की कोहनी और घुटने छिल गए। रात में एक स्वप्न देखा कि अम्मा को साइकिल पर बिठाकर बाज़ार घुमाने की और अम्मा ने स्वप्न देखा कि वह मुझे स्कूटी पर बिठाए स्कूल छोड़ने जा रही है। सचमुच में बहुत मज़ा आया ।

ചൊവ്വ
12/6/2025

ഇന്ന് നല്ല രസകരമായ ഒരു ദിവസമായിരുന്നു. കുറെ ദിവസങ്ങളായി എന്റെ മനസ്സിൽ ഒരു ആഗ്രഹം ഉണ്ടായിരുന്നു ഒരു സൈക്കിൾ വാങ്ങു ന്നതിനായി. അടുത്ത ദിവസം തന്നെ അമ്മ എനി ക്കായി ഒരു സൈക്കിളും അമ്മയ്ക്കായി ഒരു സ്കൂട്ടറും വാങ്ങി. ആ രാത്രി ഞങ്ങൾ രണ്ടു പേർക്കും ഉറക്കം വന്നില്ല. കാരണം ഞങ്ങൾക്ക് രണ്ടുപേർക്കും സൈക്കിൾ ഓടിക്കാൻ അറിയി ല്ലായിരുന്നു. അടുത്ത ദിവസം ഞങ്ങൾ രണ്ടു പേരും അത് ഓടിക്കാൻ പരിശ്രമിച്ചു. എന്നാൽ ഞാൻ സൈക്കിളിൽ നിന്നും, അമ്മ സ്കൂട്ടറിൽ നിന്നും താഴെ വീണു. എന്റെ തല മുഴച്ചു പൊങ്ങി വന്നു, അമ്മയുടെ കൈമുട്ടിലേയും കാൽമുട്ടി ലേയും തൊലി ഇളകി വന്നു. രാത്രിയിൽ ഞാൻ ഒരു സ്വപ്നം കണ്ടു. അമ്മയെ സൈക്കിളിൽ ഇരുത്തി ഞാൻ ചന്തയിൽ ചുറ്റിക്കറങ്ങുന്നതായും, അമ്മ സ്വപ്നം കണ്ടത് എന്നെ സ്കൂട്ടറിൽ ഇരുത്തി സ്കൂളിൽ കൊണ്ടു വിടുന്നതുമാണ്. വാസ്തവത്തിൽ വളരെ രസകരമായിരുന്നു.

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प्रश्न 4.
लिखें, चित्र क्या कह रहा है?
ചിത്രം എന്താണ് പറയുന്നതെന്ന് എഴുതാം.
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 7
उत्तर:
• टुक्कू अम्मा को साइकिल पर बिठाकर जाता है।
ടു അമ്മയെ സൈക്കിളിൽ ഇരുത്തി കൊണ്ടുപോകുന്നു.

• टुक्कू के चारों ओर उसके दोस्त खड़े हैं।
ടുക്കുവിന്റെ നാലു വശത്തും അവന്റെ സുഹൃ ത്തുക്കൾ നിൽപ്പുണ്ടായിരുന്നു.

• स्कूल के सामने अम्मा और टुक्कू स्कूटर पर बैठे है ।
സ്കൂളിന്റെ മുൻപിൽ അമ്മയും ടുക്കുവും സ്കൂട്ടറിൽ ഇരിക്കുന്നു.

• साइकिल बैठे टुक्कू को अम्मा टाटा देती है ।
സൈക്കിളിൽ ഇരിക്കുന്ന ടുക്കുവിന് അമ്മ റ്റാറ്റ കൊടുക്കുന്നു.

• स्कूटर पर बैठी अम्मा को टुक्कू टिफिन बॉक्स देती है ।
സ്കൂട്ടറിൽ ഇരിക്കുന്ന അമ്മയ്ക്ക് ടുക്കു ടിഫിൻ ബോക്സ് നൽകുന്നു.

चलें पाठ के अन्य प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 1.
टुक्कू कई दिनों से किस को माँगने के लिए जिद कर रहा था?
ടുക്കു കുറെ ദിവസമായി എന്തു വാങ്ങുന്നതി നായിട്ടാണ് നിർബന്ധം പിടിച്ചിരുന്നത്?
उत्तर:
साइकिल माँगने के लिए
സൈക്കിൾ വാങ്ങുന്നതിനായി

प्रश्न 2.
अम्मा उसके लिए क्या खरीदी ?
അമ്മ അവൾക്കുവേണ്ടി എന്ത് വാങ്ങി?
उत्तर:
स्कूटी खरीदी
സ്കൂട്ടർ വാങ്ങി

प्रश्न 3.
“उस रात दोनों को नींद न आई।” क्यों ?
ആ രാത്രി രണ്ടുപേർക്കും ഉറക്കം വന്നില്ല. എന്തു കൊണ്ട്?
उत्तर:
क्योंकि दोनों को साइकिल और स्कूटर चलाना नहीं आता। साथ में दोनों बहुत उत्साहित थे ।
കാരണം രണ്ടുപേർക്കും സൈക്കിളും സ്കൂട്ടറും ഓടിക്കാൻ അറിയില്ലായിരുന്നു. കൂടാതെ അവർ വളരെ ആവേശഭരിതനായിരുന്നു.

प्रश्न 4.
“ज़्यादा दूर मत जाना।” अम्मा ने अम्मा ने टुक्कू को समझाया। “आप भी ज़्यादा दूर मत जाना” – टुक्कु ने अम्मा को समझाया। यहाँ दोनों का कौन – सा मनोभाव प्रकट होता है ?
“ദൂരെ ഒന്നും പോകരുത്”. അമ്മ ടുക്കുവിനെ മനസ്സിലാക്കി കൊടുത്തു. “അമ്മയും ദൂരെ ഒന്നും പോകരുത്” – ടുക്കുവും മനസ്സിലാക്കി കൊടുത്തു. ഇവിടെ രണ്ടുപേരുടേയും എന്ത് മനോഭാവമാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
यहाँ दोनों का आपसी देखभाल प्रकट होता है। क्योंकि दोनों को स्कूटी और साइकिल चलाने को नहीं आता।
ഇവിടെ രണ്ടുപേരുടേയും പരസ്പരമുള്ള കരുത ലാണ് പ്രകടമാകുന്നത്. കാരണം രണ്ടുപേർക്കും സ്കൂട്ടറും സൈക്കിളും ഓടിക്കാൻ അറിയില്ലായി രുന്നു.

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प्रश्न 5.
टुक्कू के सिर पर गूमड़ निकल आया । कैसे ?
ടുക്കുവിന്റെ തലയിൽ മുഴച്ചു പൊങ്ങി വന്നു. എങ്ങനെ?
उत्तर:
टुक्कू साइकिल चलाने को कोशिश करने लगा । इसी वक्त वह साइकिल से नीचे गिर पड़ा। इसी कारण
उसके सिर पर गूमड़ निकल आया ।
ടുക്കു സൈക്കിൾ ഓടിക്കുന്നതിനായി പരിശ്രമി ക്കാൻ തുടങ്ങി. ഈ സമയത്ത് അവൻ സൈക്കി ളിൽ നിന്ന് താഴെ വീണു. ഇക്കാരണത്താലാണ് അവന്റെ തലയിൽ മുഴച്ചു പൊങ്ങിവന്നത്.

प्रश्न 6.
साइकिल गिरकर अम्मा को क्या हुई ?
സൈക്കിളിൽ നിന്ന് വീണിട്ട് അമ്മയ്ക്ക് എന്ത് സംഭവിച്ചു?
उत्तर:
अम्मा को कोहनी और घुटने छिल गए ।
അമ്മയുടെ കാൽമുട്ടിലെയും കൈമുട്ടിലേയും തൊലി ഇളകി.

प्रश्न 7.
अम्मा बोली, “अब नहीं चलाऊँगी स्कूटी ।” अम्मा क्यों ऐसे कहा ?
അമ്മ പറഞ്ഞു, “ഇനിയൊരിക്കലും ഞാൻ സ്കൂട്ടർ ഓടിക്കില്ല.” അമ്മ എന്തുകൊണ്ടാണ് അങ്ങനെ പറഞ്ഞത്?
उत्तर:
अम्मा स्कूटर से गिरता देखकर लोग हँस रहे थे और उसकी कोहनी और घुटने छिल गए।
അമ്മ സ്കൂട്ടറിൽ നിന്ന് വീഴുന്നതു കണ്ട് ആൾക്കാർ ചിരിച്ചു കൊണ്ടിരുന്നു. അമ്മയുടെ കാൽ മുട്ടിലേയും കൈമുട്ടിലേയും തൊലി ഇളകു കയും ചെയ്തു.

प्रश्न 8.
“ गिर गए तो क्या । मज़ा तो आया ।” ऐसा कोई अनुभव आप को है? बताएँ ।
“വീണെങ്കിൽ എന്താ, നല്ല രസമല്ലായിരുന്നോ” ഇങ്ങനെയുള്ള അനുഭവം നിങ്ങൾക്കുണ്ടായി ട്ടുണ്ടോ? ഉണ്ടെങ്കിൽ പറയാം.
उत्तर:
हाँ, मुझे भी हुआ है। मैं अपने भाई के साथ साइकिल चलाते समय हमेशा नीचे गिरता है । क्योंकि मुझे साइकिल चलाने के लिए अच्छे से नहीं आता। लेकिन मुझे भी तो उसी वक्त मज़ा आया।
ഉണ്ട്, എനിക്കും അങ്ങനെയുള്ള അനുഭവം ഉണ്ടാ യിട്ടുണ്ട്. ഞാൻ എന്റെ സഹോദരനോടൊപ്പം
സൈക്കിൾ ചവിട്ടുന്ന സമയത്ത് എപ്പോഴും താഴെ വീഴാറുണ്ട്. കാരണം എനിക്കും സൈക്കിൾ ചവി ട്ടാൻ നന്നായിട്ട് അറിയില്ല. എന്നാൽ എനിക്കും ആ സമയത്ത് വളരെ രസകരമായി തോന്നിയിട്ടുണ്ട്.

प्रश्न 9.
स्कूटी पर बैठकर अम्मा को कैसे लगी?
സ്കൂട്ടറിൽ ഇരുന്നപ്പോൾ അമ്മയ്ക്ക് എങ്ങനെ യാണ് തോന്നിയത്?
उत्तर:
वह हवा में तैर रही है।
അമ്മ വായുവിൽ നീന്തുവാണെന്ന് തോന്നി.

प्रश्न 10.
अम्मा और टुक्कू क्या तय किये ?
അമ്മയും ടുക്കുവും എന്താണ് തീരുമാനിച്ചത്?
उत्तर:
कल फिर साइकिल और स्कूटी चलाने की कोशिश करेंगे।
നാളെ വീണ്ടും സൈക്കിളും സ്കൂട്ടറും ഓടിക്കാൻ പരിശ്രമിക്കുമെന്ന്.

प्रश्न 11.
सड़क सुरक्षा पर पोस्टर बनाइए ।
റോഡ് സുരക്ഷയെപ്പറ്റി ഒരു പോസ്റ്റർ തയ്യാറാ ക്കുക.
उत्तर:
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 8
“अब नहीं चलाऊँगी स्कूटी।”

इस वाक्य में ‘चलाऊँगी भविष्यतकाल है।
भविष्यतकाल, जिसे अंग्रेज़ी में ‘future tense’ कहते हैं, हिन्दी व्याकरण में क्रिया का वह रूप है जो आने वाले समय में होने वाली क्रिया का घटन को दर्शाता है। दूसरे शब्दों में, यह बताता है कि कोई काम अभी नहीं हुआ है, बल्कि भविष्य में होगा ।

ഇംഗ്ലീഷിൽ ‘future tense’ എന്ന് വിളിക്കപ്പെടുന്ന भविष्यतकाल ഹിന്ദി വ്യാകരണത്തിലെ ക്രിയയുടെ ഒരു രൂപമാണ്. അത് വരാനിരിക്കുന്ന സമയത്ത് സംഭവിക്കുന്ന പ്രവൃത്തിയേയോ സംഭവത്തേയോ കാണിക്കുന്നു. മറ്റൊരു വിധത്തിൽ പറഞ്ഞാൽ, ചില പ്രവൃത്തികൾ ഇതുവരെ സംഭവിച്ചിട്ടി ല്ലെന്നും ഭാവിയിൽ സംഭവിക്കുമെന്നും അത് പറ യുന്നു.

उदाहरण के लिए,

• कल स्कूल जाऊँगा।
ഞാൻ നാളെ സ്കൂളിൽ പോകും.

• वह आज रात खाना खाएगी।
അവൾ ഇന്ന് രാത്രി അത്താഴം കഴിക്കും.

• हम सब फिल्म देखने जाएँगे ।
നമ്മളെല്ലാവരും സിനിമ കാണാൻ പോകും.

• तुम कब आओगे ?
നീ എപ്പോൾ വരും?
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 9

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Chalen Summary in Malayalam

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चलें (പോകാം)
കഥയുടെ മലയാള പരിഭാഷ

ടുക്കു കുറെ ദിവസമായി സൈക്കിളിനായി വാശി പിടിച്ചുകൊണ്ടിരിക്കുകയായിരുന്നു. അമ്മ ടുക്കുവിനു വേണ്ടി ഒരു സൈക്കിളും തനിക്കുവേണ്ടി ഒരു സ്കൂട്ടറും വാങ്ങി. “പക്ഷേ അമ്മയ്ക്ക് സ്കൂട്ടർ ഓടിക്കാൻ അറിയില്ലല്ലോ?”- ടുക്കു അമ്മയോട് ചോദിച്ചു. “നിനക്കും സൈക്കിൾ ഓടിക്കാൻ അറിയില്ലല്ലോ’ അമ്മ ചോദിച്ചു. “ഞാൻ പതിയെ പതിയെ പഠിക്കും’ – ടുക്കു പറഞ്ഞു. “ഞാനും പഠിക്കും പതിയെ പതിയെ. അമ്മ ചിരിച്ചു കൊണ്ടു പറഞ്ഞു. ആ രാത്രി രണ്ടുപേർക്കും ഉറക്കം വന്നില്ല.

രാവിലെ ടുക്കു തന്റെ സൈക്കിൾ എടുത്തു. അമ്മ തന്റെ സ്കൂട്ടറും. “ദൂരെ ഒന്നും പോകരുത്” അമ്മ ടുക്കു വിനെ പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കി കൊടുത്തു. “അമ്മയും ദൂരെ എങ്ങും പോകരുത്” ടുക്കുവും പറഞ്ഞു കൊടുത്തു.
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 10
ടുക്കു ആദ്യം പകുതി പെഡൽ ചവിട്ടി. പകുതി ചവിട്ടി ചവിട്ടി അവൻ സീറ്റിലിരി ക്കാൻ ശ്രമിച്ചു. പക്ഷെ എങ്ങനെയൊക്കെ സീറ്റിലിരിക്കുമ്പോഴും ഹാൻഡിൽ തിരി യും. കാല് പെഡൽ വരെ എത്തില്ല. ബാലൻസ് തെറ്റും. സൈക്കിളും, ടുക്കുവം രണ്ടുപേരും താഴെ വീഴും. പൊത്തോ അവിടെ അമ്മ സ്കൂട്ടർ ഓടിക്കാൻ പഠി ക്കുകയാണ്. അവർ രണ്ടു കൈയും കൊണ്ട് ഹാൻഡിലിൽ മുറുകെ പിടിച്ചു. ഇടത് കൈ കൊണ്ട് ബ്രേക്ക് അമർത്തി.

വലതു കൈ കൊണ്ട് ആക്സിലേറ്റർ തിരിച്ചു. എന്നാൽ സ്കൂട്ടർ അവിടെ തന്നെ നിന്നും. പിന്നീട് അമ്മ ബ്രേക്കിൽ നിന്ന് പിടിവിട്ടു. ബ്രേക്ക് വിട്ടപ്പോഴേക്കും സ്കൂട്ടർ കുതിച്ചു. എന്നിട്ട് പിൻചക്രത്തിൽ നിന്നു. അമ്മയും സ്കൂട്ടറും രണ്ടുപേരും താഴെ വീണു. പൊത്തോ!

ടുക്കുവിന്റെ തല മുഴച്ചു പൊങ്ങി. അമ്മയുടെ കൈമുട്ടിലേയും കാൽമുട്ടിലെയും തൊലി ഉരഞ്ഞ് ഇളകി. രാത്രിയിൽ രണ്ടുപേരും കിടക്കയിൽ കിടക്കുകയായിരുന്നു. അമ്മ പറഞ്ഞു “ഇനി മേലിൽ ഞാൻ സ്കൂട്ടർ ഓടിക്കില്ല. ആളുകൾ ഞാൻ വീണത് കണ്ടിട്ട് ചിരിച്ചു കൊണ്ടിരിക്കുകയായിരുന്നു.” “വീണെങ്കിൽ എന്താ? നല്ല രസമല്ലായിരുന്നോ!” ടുക്കു പറഞ്ഞു.

“കാര്യമൊക്കെ ശരിയാണ്” – സ്കൂട്ടറിൽ ഇരുന്നപ്പോൾ എനിക്ക് തോന്നിയത് ഞാൻ വായുവിൽ നീന്തു വായിരുന്നു എന്നാണ്” – രണ്ടുപേരും നാളെ വീണ്ടും ശ്രമിക്കും എന്ന് തീരുമാനമെടുത്തു. രണ്ടുപേരും പരസ്പരം കെട്ടിപിടിച്ച് ഉറങ്ങി. അമ്മ അന്നു രാത്രി അവൾ ടുക്കുവിനെ സ്കൂട്ടറിൽ ഇരുത്തി സ്കൂളിൽ വിടുന്നതായി സ്വപ്നം കണ്ടു. അതേ സമയം ടുക്കുവും ഒരു സ്വപ്നം കാണുകയായിരുന്നു. അവൾ അമ്മ യേയും സൈക്കിളിൽ ഇരുത്തി ചന്തയിലൊക്കെ ചുറ്റിക്കറങ്ങുന്നതായിട്ട്.

चलें लेखक परिचय

लेखक परिचय

श्रीमती गुलसारिका ठाकुर एक हिन्दी साहित्यकार है, जिन्होंने “कुछ बूढ़ी उदास औरतें” नामक कविता संग्रह के लिए युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता है। उनका जन्म सन् 1970 में हुआ था । सारिका ठाकुर ने अपनी पढ़ाई के दौरान हिन्दी साहित्य में रुचि विकसित की और लेखन शुरू किया। उनकी कविताएँ विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई ।
चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 11
वे हिन्दी साहित्य के बाल साहित्यकार, अनुवादक, पत्रकार, पटकथा लेखक आदि भी है। उनका जन्म स्थान बिहार के दरभंगा में था। उनकी शिक्षा के बारे में कहें तो, उनको तीन विषयों में ( दर्शन शास्त्र, समाज शास्त्र एवं पत्रकारिता) में स्नातकोत्तर की उपाधी थी। उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं मेरी बीरहखड़ी, पर्यटन संदर्भ अद्वितीय मध्यप्रदेश, पर्यटन संदर्भ अतुलनीय छत्तीसगढ़ आदि । उल्लेखनीय कार्य यह है कि वे बालपत्रिका ‘चकमक’ का सह संपादक है।

ശ്രീമതി. ഗുൽസാരിക ഠാക്കൂർ ഹിന്ദിയിലെ ഒരു പ്രസിദ്ധയായ സാഹിത്യകാരിയാണ്. അവർക്ക് അവരുടെ കവിതാ സമാഹാരമായ “കുച് ബൂഢി ഉദാസ് ഔരതേം’-ന് യുവസാഹിത്യ അക്കാദമി അവാർഡ് ലഭിച്ചി ട്ടുണ്ട്. അവരുടെ ജന്മം 1970-ൽ ആയിരുന്നു. അവർക്ക് തന്റെ പഠനം തുടരുന്നതോടൊപ്പം തന്നെ ഹിന്ദി സാഹിത്യത്തോട് താല്പര്യം തോന്നുകയും ലേഖനങ്ങൾ എഴുതാൻ തുടങ്ങുകയും ചെയ്തു. അവർ ഹിന്ദി സാഹിത്യത്തിലെ മികച്ച ബാല സാഹിത്യകാരിയും, വിവർത്തകയും, പത്രപ്രവർത്തകയും, തിരക്ക ഥാകൃത്തുമാണ്. അവരുടെ ജന്മസ്ഥലം ബീഹാറിലെ ദർഭംഗയിലാണ്. അവരുടെ വിദ്യാഭ്യാസത്തെ സംബ ന്ധിച്ച് പറയുകയാണെങ്കിൽ അവർക്ക് മൂന്ന് വിഷയത്തിൽ ബിരുദാനന്തര ബിരുദം ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്. (ഫിലോ സഫിയിലും, സാമൂഹിക ശാസ്ത്രത്തിലും, പത്രപ്രവർത്തനത്തിലും). അവരുടെ പ്രധാന രചനകൾ ഇവ യാണ് – മേരി ബീഹര്ഖടി, പര്യടൻ സംദർഭ് അദ്വതീയ് മധ്യപ്രദേശ്, പര്യടൻ സന്ദർഭ് അതുലനീയ് ഛത്തീ ഗഢ്. അവരിൽ ശ്രദ്ധേയമായ കാര്യം ഇതാണ് – അവർ ബാലമാസികയായ ചകിന്റെ അസോസി യേറ്റ് എഡിറ്ററാണ്.

चलें Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

चलें शब्दार्थ

कई दिन – കുറെ ദിവസം
साइकिल – സൈക്കിൾ
जिद करना – വാശി പിടിക്കുക
खरीदना – വാങ്ങുക
साइकिल चलाना – സൈക്കിൾ ഓടിക്കുക
पूछना – ചോദിക്കുക
सीखना – പഠിക്കുക
धीरे धीरे – പതിയെ പതിയെ
बोलना – പറയുക
हँसना – ചിരിക്കുക
रात – രാത്രി
दोनों – രണ്ടുപേരും
नींद – ഉറക്കം
सुबह – ചെലവഴിക്കുക
आधा – പകുതി
पैडल मारा – പെഡൽ
बैठना – ഇരിക്കുക
पहूँचना – എത്തുക
बैलेंस बिगड़ना – ബാലൻസ് തെറ്റുക
गिर पड़ना – താഴെ വീഴുക
हैंडल – ഹാൻഡിൽ
बाएँ हाथ – ഇടതു കൈ
ब्रेक दबाया – ബ്രേക്ക് പിടിക്കുക / ബൈക്കിൽ അമർത്തുക
उछलना – കുതിക്കുക
पहिए – ചക്രം
बिस्तर – കിടക്ക
हँसना – ചിരിക്കുക
गूमड़ निकल आना – തല മുഴച്ചു പൊങ്ങി വരുക
कोहनी और घुटने छिल गए – കൈമുട്ടിലേയും കാൽമുട്ടി ലേയും തൊലി ഇളകി വരുക
सही – ശരി
तय करना – തീരുമാനിക്കുക
निकालना – എടുക്കുക
ज़्यादा – കുറച്ചധികം
दूर – ദൂരെ
मत जाना – പോകരുത്
साझाया – മനസ്സിലാക്കി കൊടുക്കുക
पहले – ആദ്യം
कोशिश करना – പരിശ്രമിക്കുക
घूमना – തിരിയുക
पाँव – കാൽ
कसकर थामना – മുറുകെ പിടിക്കുക
पिछले – പുറകിലെ
सिर – തല
लेटना – കിടക്കുക
मज़ा आया – രസം ആകുക
तैरना – നീന്തുക
एक दूसरे के गले में बाँहें डालकर – പരസ്പരം കെട്ടിപ്പിടിക്കുക
सपना – സ്വപ്നം
सोना – ഉറങ്ങുക
स्कूल छोडना – സ്കൂളിൽ വിടുക
वक्त – സമയം
बिठाकर – ഇരുത്തികൊണ്ട്
बाज़ार – ചന്ത
घुमाना – ചുറ്റിക്കറങ്ങുക

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 6th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 3 Chapter 1 मीठा संतरा Meeta santara Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Meeta santara Class 6 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 6 Hindi Unit 3 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus मीठा संतरा

Meeta santara Question Answer

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
चित्र में एक दूकान है। उस दूकान में शीशे में तरह-तरह के मिठाइयाँ रखते हैं । दूकान के सामने लड़के-लड़कियाँ खड़े है। ऐसा लग रहा है कि स्कूल जाते समय वे मिठाइयाँ खरीदने के लिए खड़े रहे हैं । दूकान में विभिन्न प्रकार के पकवान रखे हुए हैं। दूकान के सामने बड़े-बड़े पेड़ और एक घर भी देखने को मिलता है।

ചിത്രത്തിൽ ഒരു കടയുണ്ട്. കടയിൽ വിവിധ തരത്തിലുള്ള മിഠായികൾ കുപ്പിയിൽ അടച്ചു സൂക്ഷിച്ചിരി ക്കുന്നു. കടയുടെ മുൻപിൽ ആൺകുട്ടികളും പെൺകുട്ടികളും നിൽപുണ്ട്. സ്കൂളിൽ പോകുന്ന സമയത്ത് അവർ മിഠായി വാങ്ങാനായി നിൽക്കുകയാണെന്ന് തോന്നുന്നു. കടയിൽ വിവിധ തരത്തിലുള്ള പലഹാ രങ്ങൾ വച്ചിട്ടുണ്ട്. കടയുടെ മുൻപിൽ വലിയ വൃക്ഷങ്ങളും ഒരു വീടും കാണാൻ സാധിക്കുന്നുണ്ട്.

मीठा संतरा पाठ के आधार पर दिए प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
लिखें, क्या – क्या हैं?
എഴുതാം. ചിത്രത്തിൽ എന്തെല്ലാം ഉണ്ട്?
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3

प्रश्न 2.
लिखें, किसने कहा (ആര് പറഞ്ഞു)
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
उत्तर:
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 5
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 6

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
कहानी से गुज़रें, प्रस्ताव पर [✗/✓] लगाएँ ।
കഥയിലൂടെ ഒന്ന് കടന്നുപോകാം, പ്രസ്താവന യിൽ ശരിയോ തെറ്റോ ഇടാം.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 7
उत्तर:
बीस साल बाद 20 വർഷങ്ങൾക്കു ശേഷം

• लेखक शिलांग गया। [✓]
അതെ, വളരെയധികം മധുരമുള്ളത്.

• गुमटी सूपर मार्कट बन गया। [✗]
പെട്ടിക്കട സൂപ്പർ മാർക്കറ്റ് ആയി മാറി.

• युवती के पास उसकी छोटी-सी लड़की भी बैठी थी । [✓]
യുവതിയുടെ അടുത്ത് അവളുടെ ചെറിയ പെൺകുട്ടിയും ഇരിപ്പുണ്ടായിരുന്നു.

• लेखक को बूढ़ी कांग की याद आई। [✓]
ലേഖകന് വൃദ്ധയായ കച്ചവടക്കാരിയെപ്പറ്റി ഓർമ്മ വന്നു.

• गुमटी में वृद्धा नज़र आई। [✗]
പെട്ടിക്കടയിൽ വൃദ്ധയെ കാണാൻ സാധിച്ചു.

• गुमटी में युवती अकेली बैठी थी । [✗]
പെട്ടിക്കടയിൽ യുവതി തനിച്ചിരിക്കുകയായി രുന്നു.

प्रश्न 4.
एक दूकान का चित्र खींचें, रंग दें, नाम दें।
ഒരു കടയുടെ ചിത്രം വരയ്ക്കാം, നിറം കൊടു ക്കാം, പേര് കൊടുക്കാം.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 8
दूकान के बारे में लिखें।
കടയെക്കുറിച്ച് എഴുതാം.
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उत्तर:
चित्र में एक फल का दूकान है। दूकान का नाम ताज़ा फल दूकान है। दूकान में तरह-तरह के फल बेचने के लिए रखता है। संतरा, तरबूजा, अमरूद, आम, सेब, केला, अंगूर ये सब इस दूकान में है । दूकान में फलों को वज़न करने के लिए तराजू भी है।

ചിത്രത്തിൽ ഒരു പഴക്കടയാണ് കാണുന്നത്. കട യുടെ പേര് ‘താജാ ഫൽ ദൂകാൻ’ എന്നാണ്. കട യിൽ പല തലത്തിലുള്ള പഴങ്ങൾ വിൽപ്പന യ്ക്കായി വച്ചിരിക്കുന്നു. ഓറഞ്ച്, തണ്ണിമത്തൻ, പേരക്ക, മാങ്ങ, ആപ്പിൾ, വാഴപ്പഴം, മുന്തിരി ഇതെല്ലാം ഈ കടയിൽ ഉണ്ട്. കടയിൽ പഴങ്ങൾ അളന്നു കൊടുക്കുന്നതിനായിട്ടുള്ള യന്ത്രവുമുണ്ട്.

प्रश्न 5.
पाठभाग से उचित शब्द ढूँढें और लिखें।
പാഠഭാഗത്തിൽ നിന്ന് ഉചിതമായ വാക്കുകൾ കണ്ടെത്തി എഴുതാം.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 9
उत्तर:
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 10
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 11
മുകളിൽ അടിവരയിട്ട വാക്കുകളെല്ലാം അടുത്ത വാക്കിനെ വിശേഷിപ്പിക്കുന്ന വാക്കുകൾ ആണ്.
संज्ञा की विशेषता बतलाने वाला विकारी शब्द को विशेषण कहते हैं।

നാമത്തിന്റെ വിശേഷതകൾ പറയുന്ന വികാരി ശബ്ദങ്ങളെ വിശേഷണം എന്നുപറയുന്നു. മുകളിൽ തന്നിരിക്കുന്ന അടിവര ഇടാത്ത വാക്കുകളെല്ലാം നാമങ്ങളാണ്. അടിവര ഇട്ടി രിക്കുന്ന വാക്കുകൾ വിശേഷണവും.

ആരെയാണോ വിശേഷിപ്പിച്ചിരിക്കുന്നത് അതിനെ ‘विशेष्य’ എന്നു പറയും.

उदा: नीला आकाश नीला → विशेषण

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
सब्जियों और फलों के चित्र इकट्ठा करें, तालिका में नाम लिखें।
പച്ചക്കറികളുടേയും, പഴങ്ങളുടേയും ചിത്രങ്ങൾ ശേഖരിച്ച് താഴെ തന്നിരിക്കുന്ന ടേബിളിൽ പേരു കൾ എഴുതാം.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 12
उत्तर:

फल (പഴങ്ങൾ) सब्जी (പച്ചക്കറികൾ)
आम (മാങ്ങ) गाजर (കാരറ്റ്)
संतरा (ഓറഞ്ച്) प्याज (സബോള)
तरबूजा (തണ്ണിമത്തൻ) आलू (ഉരുളക്കിഴങ്ങ്)
अंगूर (മുന്തിരി) टमाटर (തക്കാളി)
अमरूद (പേരയ്ക്ക) बैंगन (വഴുതനങ്ങ)
सेब (ആപ്പിൾ) चुकंदर (ബീറ്റ്റൂട്ട്)
अनन्नास (പൈനാപ്പിൾ) मटर (പയർ)
जामुन (ഞാവൽപ്പഴം) फूलगोभी (കോളിഫ്ളവർ)
पपीता (പപ്പായ) कद्दू (മത്തങ്ങ)
अनार (മാതളം) पालक (ചീര)

एलबम तैयार करें।
താഴെ തന്നിരിക്കുന്ന പഴങ്ങളുടേയും, പച്ചക്കറികളുടേയും ചിത്രങ്ങൾ കോർത്തിണക്കി ആൽബം തയ്യാറാക്കാം.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 13
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 14
उत्तर:
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 15

मीठा संतरा पाठ के अन्य प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 1.
शिलांग में लेखकर कहाँ रहता था ?
ഷില്ലോംഗിൽ ലേഖകൻ എവിടെയാണ് താമസി ച്ചിരുന്നത്?
उत्तर:
मल्की हिल्स में

प्रश्न 2.
उस छोटी-सी गुमटा में क्या बचता था ?
ആ ചെറിയ പെട്ടിക്കടയിൽ എന്താണ് വിറ്റിരു ന്നത്?
उत्तर:
मौसमी फल
അതാത് സീസണിലെ പഴങ്ങൾ

प्रश्न 3.
बूढ़ी कांग के साथ कभी-कभी कौन बैठी होती ?
വൃദ്ധയായ കച്ചവടക്കാരിക്ക് ഒപ്പം ചിലപ്പോ ഴൊക്കെ ആരാണ് ഇരുന്നിരുന്നത്?
उत्तर:
उसकी पोती
അവരുടെ കൊച്ചുമകൾ

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
लेखक और बूढ़ी कांग की गपशप आपको कैसे बूढ़ी कांग के साथ कभी-कभी कौन बैठी होती ?
ലേഖകന്റെയും വൃദ്ധയായ കച്ചവടക്കാരിയു ടേയും വർത്തമാനം നിങ്ങൾക്ക് എങ്ങനെ തോന്നി? എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
लेखक की गपशप बहुत मज़ाक से भरा हुआ है। इसलिए मुझे यह गपशप बहुत अच्छी लगी ।
ലേഖകന്റെ വർത്തമാനം വളരെ തമാശ നിറഞ്ഞ തായിരുന്നു. അതുകൊണ്ട് എനിക്ക് ഈ വർത്ത മാനം വളരെയധികം നന്നായി തോന്നി.

प्रश्न 5.
युवती ने पैसा लेने से इनकार किया । यहाँ युवती की कौन-सी मनोभाव प्रकट होता है ?
യുവതി പൈസ വാങ്ങാനായി വിസമ്മതിച്ചു. ഇവിടെ യുവതിയുടെ ഏതു മനോഭാവമാണ് പ്രക ടമാകുന്നത്?
उत्तर:
शायद युवती ने लेखक को पहचान लिया था। वर्षों पहले उसकी नानी के गुमटी के ग्राहक थे लेखक । युवती के मन में उनके प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट होता है।
ഒരു പക്ഷേ, യുവതി ലേഖകനെ തിരിച്ചറിഞ്ഞിട്ടു ണ്ടാവണം. വർഷങ്ങൾക്കു മുമ്പേ അവളുടെ മുത്ത ശ്ശിയുടെ പെട്ടിക്കടയിലെ കസ്റ്റമർ ആയിരുന്നു ലേഖകൻ. യുവതിയുടെ മനസ്സിൽ ലേഖകനോ ടുള്ള കൃതജ്ഞതാ ഭാവമാണ് ഇവിടെ പ്രകടമാ കുന്നത്.

प्रश्न 6.
“हाँ, तब तो ज़रूर मीठा होगा”. – कब ?
ശരി, അപ്പോൾ തീർച്ചയായും മധുരമുണ്ടായി രിക്കും. എപ്പോൾ?
उत्तर:
संतरा को मीठा बनाने के लिए दो पत्वा चीनी डालने के बारे में बूढ़ी कांग कहे तो तब लेखक ने इस प्रकार कहा।
ഓറഞ്ച് മധുരമുള്ളതാക്കാൻ വേണ്ടി അരക്കിലോ പഞ്ചസാര ചേർത്തു എന്ന് വൃദ്ധയായ കച്ചവട ക്കാരി പറഞ്ഞപ്പോഴാണ് ലേഖകൻ ഇപ്രകാരം പറഞ്ഞത്.

प्रश्न 7.
छोटी-सी गुमटी के नियमित ग्राहक कौन थे ?
ചെറിയ പെട്ടിക്കടയിലെ സ്ഥിര ഉപഭോക്താക്കൾ ആരായിരുന്നു?
उत्तर:
स्कूली बच्चे
സ്കൂൾ കുട്ടികൾ

प्रश्न 8.
पूरा कीजिए ।
പൂർത്തീകരിക്കാം.
1. शिलांग में लेखक ……………………. में रहता था ।
2. संतरा ………………………. है।
3. वह समझ गई कि मैं ……………………….. कर रहा था।
4. लगभग …………………….. साल बाद मैं फिर शिलांग गया।
5. उसने पैसा लेने से …………………… कर दिया।
उत्तर:
1. मल्की हिल्स
2. मीठा
3. मज़ाक
4. बीस
5. इनकार

प्रश्न 9.
एक ग्राहक सब्जी खरीदने दूकान पर जाता है तथा मोलभाव करके सब्जियाँ खरीदता है, दोनों की बातचीत लिखें।
ഒരു കസ്റ്റമർ പച്ചക്കറി വാങ്ങുന്നതിനായി കട യിലേക്ക് പോയി. അവിടെ വില വിവരങ്ങൾ
ചോദിച്ച് പച്ചക്കറികൾ വാങ്ങുന്നു. രണ്ടുപേരും തമ്മിലുള്ള സംഭാഷണം എഴുതൂ.
उत्तर:
ग्राहक: ये मटर कैसे दिए है भाई ?
सब्जीवाला: ले लो बाबूजी ! बहुत अच्छे मटर है, एकदम ताज़ा।
ग्राहक: भाव तो बताओ।
सब्जीवाला: बेचे तो पचास रुपये किलो हैं पर आपसे पैतालीस रुपये ही लेंगे।
ग्राहक: बहुत महँगे है भाई।
सब्जीवाला: क्या बताऊँ बाबूजी ! मण्डी में सब्जी के भाव आसमान छू रहे हैं।
ग्राहक: फिर भी ….। कुछ तो कम करो।
सब्जीवाला: आप एक रुपया कम दे देना बाबूजी ! कहिए कितने तोल हूँ।
ग्राहक: एक किलो मटर दे दो। और ………… एक किलो आलू भी।
सब्जीवाला: टमाटर भी ले जाइए, साहब । बहुत रास्तें हैं।
ग्राहक: कैसे?
सब्जीवाला: तीस रुपए किलो दे रहा हूँ। माल लुटा दिया बाबू जी ।
ग्राहक: अच्छा! दे दो एक किलो टमाटर भी । …………. और चार नींबू भी डाल देना ।
सब्जीवाला: यह लो बाबू जी । धनिया और हरी मिर्च भी रख दी है।
ग्राहक: कितने पैसे हुए?
सब्जीवाला: सिर्फ सतहत्तर रुपये ।
ग्राहक: लो भाई पैसे ?
सब्जीवाला: धन्यवाद बाबूजी।

കസ്റ്റമർ: ഈ പയർ എത്ര രൂപയ്ക്ക് തരും, സഹോദരാ ?
പച്ചക്കറി: എടുത്തോളൂ സാർ, നല്ലയിനം
കടക്കാരൻ പയർ ആണ് ഏറ്റവും ഫ്രഷ്
കസ്റ്റമർ: വിലയിൽ നിന്ന് രക്ഷപ്പെടുമോ?
പച്ചക്കറി: വിൽക്കുന്നത് ഒരു കിലോക്ക് 50
കടക്കാരൻ രൂപയ്ക്കാണ് എന്നാൽ താങ്കളിൽ നിന്ന് 45 രൂപയേ എടുക്കൂ.
കസ്റ്റമർ: വളരെ വിലയാണല്ലോ സഹോദരാ.
പച്ചക്കറി: എന്തുപറയാനാ സാർ? പച്ചക്കറി
കടക്കാരൻ വില മാർക്കറ്റിൽ കുതിച്ചുയരുക യാണ്.
കസ്റ്റമർ: എന്നാലും ……………………. കുറച്ച് കുറച്ച് തരൂ
പച്ചക്കറി: താങ്കൾ ഒരു രൂപ കൂടി കുറച്ചു
കടക്കാരൻ തന്നാൽ മതി. പറഞ്ഞാലും എത കിലോ വേണം?
കസ്റ്റമർ: ഒരു കിലോ പയർ തരൂ; പിന്നെ ഒരു കിലോ ഉരുളക്കിഴങ്ങും.
പച്ചക്കറി: തക്കാളി കൂടി കൊണ്ടു പോകൂ
കടക്കാരൻ സർ, വളരെ വിലക്കുറവാണ്.
കസ്റ്റമർ: എങ്ങനെ?
പച്ചക്കറി: കിലോ 30 രൂപയ്ക്ക് തരാം,
കടക്കാരൻ സാധനം കൊണ്ടുപൊയ്ക്കോ.
കസ്റ്റമർ: ശരി, അങ്ങനെയാണെങ്കിൽ ഒരു കിലോ തക്കാളി കൂടി തരൂ…….. പിന്നെ നാല് നാരങ്ങ കൂടി ഇടണേ
പച്ചക്കറി: ഇതാ സാർ. മല്ലിയിലയും പച്ച
കടക്കാരൻ മുളകും കൂടി വച്ചിട്ടുണ്ട്.
കസ്റ്റമർ: എത്ര രൂപയായി?
പച്ചക്കറി: 97 രൂപ മാത്രം.
കടക്കാരൻ
കസ്റ്റമർ: ഇതാ സഹോദരാ.
പച്ചക്കറി: നന്ദി സാർ.
കടക്കാരൻ

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 10.
फल विक्रेता और ग्राहक के बीच संवाद ।
പഴം വിൽപ്പനക്കാരനും കസ്റ്റമറും തമ്മിലുള്ള സംഭാഷണം.
उत्तर:
ग्राहक: (फल विक्रेता से) संतरे किस भाव है ?
फल विक्रेता: एक किलो के लिए पचास रुपए ।
ग्राहक: एक किलो सेब और आधा किलो केला चाहिए।
फल विक्रेता: जी, सेब 100 रुपये किलो और के 40 रुपए किलो हैं ।
ग्राहक: ठीक है, मुझे दे दीजिए ।
फल विक्रेता: ये लीजिए । कुल 190 रुपये।
ग्राहक: ये लीजिए 190 रुपये। धन्यवाद !
फल विक्रेता: धन्यवाद ! फिर आयेगा ।
കസ്റ്റമർ: (പഴക്കടക്കാരനോട്) ഓറഞ്ചി നെന്താ വില?
പഴക്കടക്കാരൻ: ഒരു കിലോക്ക് അമ്പത് രൂപ.
കസ്റ്റമർ: ഒരു കിലോ ആപ്പിളും അരക്കിലോ ഏത്തക്കയും വേണം.
പഴക്കടക്കാരൻ: സാർ ആപ്പിളിന് കിലോക്ക് 100 രൂപയും ഏത്തയ്ക്കക്ക് കിലോയ്ക്ക് 40 രൂപയുമാണ്.
കസ്റ്റമർ: ശരി, എനിക്കു തരൂ.
പഴക്കടക്കാരൻ: ഇതാ എടുത്താലും, എല്ലാം കൂടി 190 രൂപയായി.
കസ്റ്റമർ: ഇതാ 190 രൂപ. നന്ദി.
പഴക്കടക്കാരൻ: നന്ദി. വീണ്ടും വന്നാലും,

प्रश्न 11.
जोड़ा बनाइए ।
ചേരുംപടി ചേർക്കുക.
उत्तर:
उबले – कांग
मौसमी – गुमटी
थोड़ी – शकरकंद
बूढ़ी – फल
छोटी सी – गपशप
उत्तर:
उबले – शकरकंद
मौसमी – फल
थोड़ी – गपशप
बूढ़ी – कांग
छोटी सी – गुमटी

Meeta santara Summary in Malayalam

मीठा संतरा Summary in Malayalam

मीठा संतरा മധുരമുളള ഓറഞ്ച്
ലേഖനത്തിന്റെ മലയാള പരിഭാഷ

ഞാൻ എപ്പോഴൊക്കെ ഷില്ലോംഗിൽ ചെലവഴിച്ച ദിനങ്ങളെപ്പറ്റി ഓർക്കുമോ അപ്പോഴൊക്കെ ഒരു വൃദ്ധ യായ കച്ചവടക്കാരിയെപ്പറ്റി ഓർമ്മിക്കും. അവിടെ ഞാൻ മൽക്കി ഹിൽസിലായിരുന്നു താമസിച്ചിരുന്നത്. അവർ എന്റെ വീടിന്റെ അടുത്തു തന്നെ ഒരു ചെറിയ പെട്ടിക്കടയിലിരുന്ന് അതത് സീസണിലെ പഴങ്ങൾ ആയിരുന്നു വിറ്റു കൊണ്ടിരുന്നത്. ഓറഞ്ച്, വാഴപ്പഴങ്ങൾ, പ്ലം, പൈനാപ്പിൾ കൂടാതെ വേവിച്ച് മധുരക്ക ങ്ങും, ബിസ്ക്കറ്റും ചോക്ലേറ്റും പെപ്പർമിന്റും എല്ലാമായിരുന്നു അവർ വിൽക്കുന്നത്. സ്കൂൾ കുട്ടികൾ ആയിരുന്നു അവരുടെ സ്ഥിര ഉപഭോക്താക്കൾ.

ഞാനും അതുവഴി പോകുമ്പോൾ ആ കടയിൽ നിന്ന് എന്തെങ്കിലും ഒക്കെ വാങ്ങുമായിരുന്നു. കുറച്ച് വർത്തമാനങ്ങളും പറയുമായിരുന്നു. ചിലപ്പോഴൊക്കെ അവരുടെ കൂടെ അവരുടെ ചെറുമകളും കാണുമാ യിരുന്നു.

ഒരു ദിവസം വീട്ടിലേക്ക് മടങ്ങുന്ന സമയം അതുവഴി കടന്നുപോയപ്പോൾ അവരോട് വർത്തമാനം പറയു ന്നതിനായി അവിടെ അൽപ്പനേരം നിന്നും. ഞാൻ അവരോട് ചോദിച്ചു “ഓറഞ്ച് മധുരമുള്ളതാണോ?” അവർ പറഞ്ഞു, “അതെ, വളരെ മധുരമുള്ളത്.” എന്നാൽ എപ്പോഴാണോ ഞാൻ ചോദ്യം വീണ്ടും ആവർത്തി ച്ചത് അപ്പോൾ അവർ പറഞ്ഞു “മധുരമുള്ളതാണെങ്കിൽ എന്തുകൊണ്ട് മധുരമില്ല?” “എത്രത്തോളം പഞ്ച സാര ഇട്ടു?” ഞാൻ ചോദിച്ചു. അവർക്ക് മനസ്സിലായി ഞാൻ തമാശ പറയുകയാണെന്ന്. അവർ പറഞ്ഞു “കാൽ കിലോ”. ഞാൻ പറഞ്ഞു “കാൽ കിലോ പഞ്ചസാരയിൽ അധികം മധുരമുണ്ടാവില്ല!” അവർ ചിരിച്ചു കൊണ്ട് രണ്ട് വിരലുകൾ കാണിച്ചു പറ ഞ്ഞു. “അരക്കിലോ”. “ശരി, അപ്പോൾ തീർച്ച യായും മധുരമുണ്ടാകും.” ഞാൻ അവരുടെ അടുത്തു നിന്ന് കുറച്ച് ഓറഞ്ചുകൾ വാങ്ങി വീട്ടി ലേക്ക് തിരികെ പോയി.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 16

കുറച്ച് നാളുകൾക്കു ശേഷം ഞാൻ ഷില്ലോംഗ് ഉപേക്ഷിച്ചു പോയി. പിന്നീട് വർഷങ്ങളോളം അവിടേക്ക് ഞാൻ പോയില്ല.

ഏകദേശം ഇരുപത് വർഷത്തിനു ശേഷം ഞാൻ വീണ്ടും ഷില്ലോംഗിലേക്ക് പോയി. എനിക്ക് ആ വൃദ്ധയായ കച്ചവടക്കാരിയെ ഓർമ്മ വന്നു. അവരെ കാണുന്നതിനായി ഞാൻ വീണ്ടും മൽക്കി
ഹിൽസിൽ എത്തി. ആ സ്ഥലത്ത്, എവിടെയാണോ ആ ചെറിയ പെട്ടിക്കടയിലിരുന്ന് പഴങ്ങൾ വിറ്റിരു ന്നത് അവിടെ. കട അവിടെ തന്നെ ഉണ്ടായിരുന്നു. എന്നാൽ വൃദ്ധയെ അവിടെ എങ്ങും കാണാൻ സാധിച്ചില്ല. അവിടെ ഒരു യുവതി ഇരിപ്പുണ്ടായിരുന്നു. അവ ളുടെ അടുത്ത് ഒരു ചെറിയ പെൺകുട്ടി ഇരിപ്പുണ്ടായി രുന്നു. ഇരുപത് വർഷത്തിന് മുൻപ് കട് എങ്ങനെയാ യിരുന്നുവോ അങ്ങനെ തന്നെ കട ഇപ്പോഴും ഉണ്ടാ യിരുന്നു.
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 17

ഞാൻ ആ കച്ചവടക്കാരിയോട് ആ വൃദ്ധയായ സ്ത്രീയെപ്പറ്റി ചോദിച്ചു. അവർ അവളുടെ മുത്തശ്ശി യായിരുന്നുവെന്നും അവർ ഇപ്പോൾ ജീവിച്ചിരിപ്പി ല്ലാന്നും എനിക്ക് മനസ്സിലാക്കാൻ സാധിച്ചു. കുറച്ച് സമയം വർത്തമാനം പറഞ്ഞതിനുശേഷം ഓറഞ്ച് എടു ക്കാനുള്ള ഉദ്ദേശത്തോടെ എപ്പോഴും ചോദിക്കുന്നതു പോലെ ചോദിച്ചു, “മധുരമുള്ളതാണോ?” അവൾ പറ ഞ്ഞു. “വളരെ മധുരമുള്ളതാണ്. എന്നാൽ എപ്പോഴാണോ ഈ ചോദ്യം ഞാൻ ആവർത്തിച്ചത് അവൾ കുറച്ച് ദേഷ്യത്തോടെ പറഞ്ഞു “മധുരമുള്ളതാണ ങ്കിൽ എന്തുകൊണ്ട് മധുരമില്ല?” ഞാൻ വർഷങ്ങൾ പഴക്കമുള്ള ചോദ്യം വീണ്ടും ചോദിച്ചു “എത്ര കിലോ പഞ്ചസാര ഇട്ടു?” അവർ ചിരിച്ചു കൊണ്ടു പറഞ്ഞു “കാൽ കിലോ.”

ഞാൻ പറഞ്ഞു “അത് അത്ര മധുരമായിരിക്കില്ല.” അവൾ ചിരിക്കാൻ തുടങ്ങി. എന്നിൽ രണ്ട് വിരലുകൾ കാണിച്ചു പറഞ്ഞു, “അരക്കിലേലോ. ഇത് കേട്ട് എനിക്കു കൂടി ചിരി വന്നു. “എങ്കിൽ തീർച്ചയായും മധുരം കാണും.” ഞാൻ ഓറഞ്ച് വാങ്ങി പൈസ അവൾക്ക് നേരെ നീട്ടി. എന്നാൽ അവൾ പൈസ വാങ്ങാൻ വിസമ്മതിച്ചു. ഒരു പക്ഷേ അവൾക്ക് എന്നെ മനസ്സിലായിട്ടുണ്ടാവും. ഞാനും ഒരു മാലാഖയെപ്പോലുള്ള ആ കൊച്ചുപെൺകുട്ടിയെ മനസ്സിലാക്കിയിരുന്നു. അവളായിരുന്നു അവളുടെ മുത്തശ്ശിയുടെ സമീപം കട യിൽ ഇരുന്നിരുന്നത്.

मीठा संतरा लेखक परिचय

यायावर हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे । वे एक प्रसिद्ध लेखक एवं कवि थे । उनका जन्म 1949 में उत्तर प्रदेश के फिरोज़ाबाद में हुआ था । यायावर शब्द का अर्थ है घुमंतू या घुमक्कड़ जिसका मतलब है एक स्थान पर न टिकने वाला और लगातार यात्रा करने वाला व्यक्ति। यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं, जिनका कोई स्थायी निवास नहीं होता । यायावर भी ऐसा एक साहित्यकार थे। वे कई देशों को भ्रमण करते थे । वहाँ के सब कार्य ही उनकी रचनाओं में हम देख सकते हैं। ‘मीठी’ संतरा उनकी प्रसिद्ध रचना है। वे एक बाल साहित्यकार, कहानीकार और संस्मरणकार थे।
मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam 18
യായാവർ ഹിന്ദിയിലെ പ്രസിദ്ധനായ സാഹിത്യകാരനാണ്. അദ്ദേഹം ഒരു പ്രസിദ്ധനായ ലേഖകനും കവിയുമായിരുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ജനനം ഉത്തർപ്രദേശിലെ ഫിറാസാബാദിൽ 1949-ൽ ആയിരുന്നു. യായാവർ എന്ന വാക്കിന്റെ അർത്ഥം നാടോടി അല്ലെങ്കിൽ അലഞ്ഞു തിരിയുന്നവൻ എന്നാണ്. അതാ യത് ഒരു സ്ഥലത്ത് താമസിക്കാതെ തുടർച്ചയായി സഞ്ചരിക്കുന്ന വ്യക്തി. സ്ഥിരമായ താമസസ്ഥലം ഇല്ല. ഒരു സ്ഥലത്ത് നിന്ന് മറ്റൊരിടത്തേക്ക് നിരന്തരം സഞ്ചരിക്കുന്ന ആളുകളെ സൂചിപ്പിക്കാൻ ഈ വാക്ക് ഉപ യോഗിക്കുന്നു. യായാവരും അങ്ങനെയുള്ള ഒരു സാഹിത്യകാരനായിരുന്നു. അദ്ദേഹം ഒരു പാട് ദേശ ങ്ങൾ ചുങ്ങി സഞ്ചരിച്ചിട്ടുണ്ട്. അവിടുത്തെ കാര്യങ്ങൾ ഒക്കെ തന്നെയായിരുന്നു അദ്ദേഹത്തിന്റെ രചനക ളിൽ കാണാൻ സാധിച്ചിരുന്നത്. മീഠാ സംതരാ’ അദ്ദേഹത്തിന്റെ പ്രസിദ്ധ രചനയാണ്. അദ്ദേഹം ഒരു ബാലസാഹിത്യകാരനും, കഥാകാരനും, ഓർമ്മക്കുറിപ്പുകാരനുമായിരുന്നു.

मीठा संतरा Class 6 Question Answer Notes Summary in Malayalam

मीठा संतरा शब्दार्थ

बिताना – ചെലവഴിക്കുക
याद – ഓർമ്മ
रहना – താമസിക്കുക
छोटी-सी – ചെറിയ
मौसमी – കാലാവസ്ഥയ്ക്കനുസൃതമായ
बेचना – വിൽക്കുക
केला – വാഴപ്പഴം
दिन – ദിവസം
बूढ़ी कांग – വൃദ്ധയായ കച്ചവടക്കാരി
घर – വീട്
गुमटी – പെട്ടിക്കട
फल – പഴങ്ങൾ
संतरा – ഓറഞ്ച്
प्लम – Plum
पाइनेपल – പൈനാപ്പിൾ
पीपरमेंट – പെപ്പർമെന്റ്
नियमिक ग्राहक – സ്ഥിര ഉപഭോക്താക്കൾ
उधर – അവിടെ
थोडी – കുറച്ച്
कभी-कभी – ചിലപ്പോഴൊക്കെ
लौटना – തിരികെ വരുക
गुज़रा – കടന്നുപോവുക
मगर – എന്നാൽ
सवाल – ചോദ്യം
दुहराया – ആവർത്തിച്ചു
पव्वा – കാൽകിലോ
हँसना – ചിരിക്കുക
ज़रूर – തീർച്ചയായും
बाद – ശേഷം
लगभग – ഏകദേശം
साल – വർഷം
नज़र नहीं आना – കണ്ടില്ല
शायद – ഒരു പക്ഷേ
उबले शकरकंद – പുഴുങ്ങിയ മധുരക്കിഴങ്ങ്
स्कूली बच्चे – സ്കൂളിൽ പോകുന്ന കുട്ടികൾ
खरीदना – വാങ്ങുക
गपशप – വർത്തമാനം
पोती – കൊച്ചുമകൾ
ठहराना – നിൽക്കുക
मीठा – മധുരമുള്ള
चीनी – പഞ്ചസാര
डालना – ഇടുക
मज़ाक – തമാശ
ज़्यादा – കുറെ അധികം
ऊँगली – വിരൽ
खरीदना – വാങ്ങുക
बरसों – വർഷങ്ങളോളം
बीस – ഇരുപത്
पहूँचना – എത്തുക
इनकार करना – വിസമ്മതിക്കുക