जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 3 Chapter 1 जब हम धीरे चलते हैं Jab Hum Dheere Chalte Hain Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Jab Hum Dheere Chalte Hain Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 3 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus जब हम धीरे चलते हैं

Jab Hum Dheere Chalte Hain Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
“मेरे पास हाँ के अलावा कोई जवाब न था” – लेखक के इस कथन का तात्पर्य क्या है?
എന്റെ കൈവശം അതെയെന്നല്ലാതെ മറ്റൊ രുത്തരം ഉണ്ടായിരുന്നില്ല. ലേഖകന്റെ, ഈ പ്രസ്താവനയുടെ ഉദ്ദേശ്യമെന്താണ്?
उत्तर:
लेखक मेट्रो में स्केचिंग करते रहते थे। अचानक एक दिन एक लड़की आकर कला थिएत्रो नामक संस्था में न्योता दिया तो अच्छा लगा। वे एक चलता-फिरता थिएटर शुरू करना चाहते थे। लेखक को इस यात्रा में चित्र खींचने का मौका मिला तो वे खुश हुए। |
ലേഖകൻ മെട്രോയിൽ ചിത്രരചന നടത്തി ക്കൊണ്ടിരുന്ന ആളായിരുന്നു. പെട്ടെന്ന് ഒരുദി വസം ഒരു പെൺകുട്ടീ വന്ന് കലാ ശിയാ എന്ന സ്ഥാപനത്തിലേക്ക് ക്ഷണം നൽകി യപ്പോൾ സന്തോഷം തോന്നി. അവർ സഞ്ച രിക്കുന്ന ഒരു തിയേറ്റർ തുടങ്ങാൻ ആഗ്രഹി ച്ചിരുന്നു. ഈ യാത്രയിൽ ലേഖകന് ചിത്രം വരയ്ക്കാനുള്ള അവസരം കിട്ടിയപ്പോൾ അദ്ദേഹം സന്തോഷിച്ചു.

प्रश्न 2.
‘हमें कहीं पहुँचने की जल्दी नहीं थी’ – इस कथन में कला थिएत्रो की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
‘ഞങ്ങൾക്ക് എവിടെയും പെട്ടെന്ന് എത്തേണ്ടതില്ലായിരുന്നു’ – ഈ പ്രസ്താവനയിൽ കലാ ഥിയായുടെ എന്ത് സവിശേഷതയാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
कला थिएत्रो के इस प्रोजेक्ट का मकसद स्लो ट्रैवल का अनुभव लेना था। वे रास्ते में कहीं भी रुककर नाचने-गाने-बजाने लगते थे। जिस शहर में शाम को परफार्म करते, वहीं रात गुज़ारते थे।
കലാഥിയായുടെ ഈ പ്രൊജക്ടിന്റെ ലക്ഷ്യം സ്ലോ ട്രാവലിന്റെ സുഖം അന ഭവിക്കുക എന്നതായിരുന്നു. അവർ വഴി യിൽ എവിടെവച്ചും താമസിച്ച് നൃത്തം ചെയ്യുകയും, പാട്ട് പാടുകയും, വാദ്യോപ കരണങ്ങൾ വായിക്കുകയും ചെയ്തിരുന്നു. ഏത് പട്ടണത്തിലാണോ വൈകിട്ട് കലാപ കടനം നടത്തുന്നത് അവിടെത്തന്നെ രാത്രി കഴിച്ചുകൂട്ടുകയായിരുന്നു.

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
‘टस-से-मस न हुआ’ – इस प्रयोग का मतलब क्या है?
‘टस से मस न हुआ’- എന്ന പ്രയോഗത്തിന്റെ അർത്ഥമെന്താണ്?
उत्तर:
इसका अर्थ होता है जरा भी नहीं हिला, बिल्कुल भी नहीं बदला किसी पर कोई असर नहीं हुआ।
ഇതിന്റെ അർത്ഥം, അല്പം പോലും ചലി ച്ചില്ല, ഒട്ടും മാറ്റം വന്നില്ല, ഒരു പ്രഭാവവും ചെലുത്തിയില്ല എന്നിങ്ങനെയാണ്.

प्रश्न 4.
‘उसकी जड़ ऊपर थी जो फूलों की तरह लग रही थी’। ऐसा कोई दृश्य आपने कभी, कुछ अलग तरीके से महसूस किया है?
പൂക്കളെപ്പോലെ തോന്നിപ്പിക്കുന്ന അതിന്റെ വേരുകൾ മുകളിലായിരുന്നു’ ഇങ്ങനെയുള്ള ഏതെങ്കിലും ദൃശ്യങ്ങൾ നിങ്ങൾ വേറിട്ട രീതിയിൽ അനുഭവിച്ചിട്ടുണ്ടോ?
उत्तर:
एक दुख के पल में, जब किसीकी आँखों में आँसू थे, लेकिन उनमें सूरज की किरण पड़ते ही इंद्रधनुष झलकने लगा।
ദുഃഖമുള്ള സമയത്ത്, കണ്ണിൽ കണ്ണുനീർ നിറയുമ്പോൾ, അതിൽ സൂര്യരശ്മി പതിക്കു മ്പോൾ മഴവില്ല് കാണപ്പെടുന്നു.

प्रश्न 5.
बालकनी में खड़ी महिला के लिए मैत्तेयो ने वहाँ खड़े होकर परफार्म किया- यहाँ मैत्तेयो का कौन-सा मनोभाव प्रकट होता है?
ബാൽക്കണിയിൽ നിൽക്കുന്ന സ്ത്രീക്ക് വേണ്ടി തയ്യോ അവിടെ നിന്ന് കൊണ്ട് പെർഫോം ചെയ്തു. ഇതിൽ മെതയ്യോയുടെ എന്ത് മനോഭാവമാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
बालकनी पर खड़ी महिला ने कहा कि वे चल नहीं सकती। यह सुनकर मैत्तेयो को उनपर दया आई होगी। कला सभी को खुश कराने के लिए है। जहाँ भी हो, जैसे भी हो वहाँ रहकर परफार्म करना है। यही उनका तरीका होगा। मैत्तेयो दयालू एवं दूसरों को माननेवाला व्यक्ति महसूस होता है।
ബാൽക്കണിയിൽ നിൽക്കുന്ന സ്ത്രീ എനി ക്ക് നടക്കാൻ കഴിയില്ല എന്ന് അറിയിച്ചു. ഇത് കേട്ടപ്പോൾ മെതയ്യോയ്ക്ക് ആ സ്ത്രീ യോട് ദയ തോന്നിയിരിക്കാം. കല എല്ലാവരെ യും സന്തോഷിപ്പിക്കാൻ ഉള്ളതാണ്. എവിടെ യായാലും, എങ്ങനെയായാലും പെർഫോം ചെയ്യണം. ഇതായിരുന്നു അദ്ദേഹത്തിന്റെ രീതി. മെതയ്യോ ദയാലുവും, മറ്റുള്ളവരെ അനുസരിക്കുന്നവനുമായ വ്യക്തിയായി തോന്നുന്നു.

प्रश्न 6.
‘अचानक लगा जैसे हम किसी धागे से बँधे हुए हों । यहाँ कला की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
പെട്ടെന്ന് തോന്നി ഞങ്ങൾ ഏതോ ചരടിനാൽ ബന്ധിക്കപ്പെട്ടിരിക്കുന്നു എന്ന്.’ ഇവിടെ കലയുടെ ഏത് സവിശേഷതയാണ് പ്രകടമാകുന്നത്?
उत्तर:
कला एक दूसरे को बाँधने वाली शक्ति है। लोग एक ही कला कृति को देखते या सुनते हैं, उनमें एक जैसा महसूस करते हैं। कला के माध्यम से हम एक दूसरे की संस्कृति को समझते हैं। कला भाषाई दीवारों को तोड़ देता है। इससे सामाजिक जुड़ाव बढ़ता है। कला लोगों को दूसरों की ज़िंदगी झाँकने का मौका देती है।
കല ആളുകളെ പരസ്പരം ബന്ധിപ്പിക്കുന്ന ശക്തിയാണ്. ഓരോ കലാരൂപം കാണുക യോ, കേൾക്കുകയോ ചെയ്യുമ്പോൾ അവർ ഒരുപോലെ അനുഭവിക്കുന്നു. കലയിലൂടെ പരസ്പരം സംസ്ക്കാരം മനസ്സിലാക്കാൻ സാധിക്കും. കല ഭാഷയുടെ മതിലുകളെ പൊ ട്ടിച്ചെറിയുന്നവയാണ്. ഇതിലൂടെ സാമൂഹി ബന്ധം ദൃഢമാകുന്നു. കല എന്നത് മറ്റുള്ളവ രുടെ ജീവിതത്തിൽ എത്തിനോക്കാനുള്ള അവസരം നൽകുന്നു.

प्रश्न 7.
लेखक को पहले पेड़ का चित्र बनाने का मन नहीं था, पर बाद में बनाने लगा। क्यों?
ലേഖകന് ആദ്യം മരത്തിന്റെ ചിത്രം വരയ്ക്കാൻ തോന്നിയിരുന്നില്ല. പക്ഷേ പി ന്നീട് വരയ്ക്കാൻ തുടങ്ങി. എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
जब यह पता चला कि वह पेड़ उस जगह के मालिक ने एल्फी की याद में लगाया था, तो उसे बनाने का मन आया। एल्फी को फिआक्को बुरी हालत में मिला था। एल्फी ने उसकी बड़ी तीमारदारी कर उसे तंदुरुस्त किया।
ആ മരം അ സ്ഥലത്തിന്റെ ഉടമ എൽഫിയുടെ ഓർമ്മയ്ക്കായി നട്ടുപിടിപ്പിച്ചതാണ് എന്ന് അറിഞ്ഞപ്പോൾ, അത് വരയ്ക്കണമെന്ന് തോന്നി. എൽഫിക്ക് ഫിയാക്കോയെ വളരെ മോശമായ അവസ്ഥയിലാണ് ലഭിച്ചത്. എൽഫി വളരെയധികം ശുശ്രൂഷകൾ നൽ കിയാണ് അതിനെ ആരോഗ്യവാനാക്കിയത്.

प्रश्न 1.
आगे…
घटनाओं को क्रमबद्ध करें।
• मेट्रो में लेखक की मुलाकात लुआना से होना।
• फिआक्को के साथ यात्रा की शुरुआत होना।
• नदी के पास फिआक्को का रुक जाना।
• क्रिस्टीना का फिआवको को बालियाँ दिखाना।
• खेत में जाकर कैथरीना का गाना।
• बालकनी पर खड़ी महिला के लिए मैत्तेयो का परफार्म करना।
• लेखक के पेड़ का चित्र खींचने का प्रयास करना।
उत्तर:
• मेट्रो में लेखक की मुलाकात लुआना से होना।
• फिआक्को के साथ यात्रा की शुरुआत होना।
• नदी के पास फिआक्को का रुक जाना।
• क्रिस्टीना का फिआक्को को बालियाँ दिखाना।
• खेत में जाकर कैथरीना का गाना।
• बालकनी पर खड़ी महिला के लिए मैत्तेयो का परफार्म करना।
• लेखक के पेड़ का चित्र खींचने का प्रयास करना।

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प्रश्न 2.
पढ़ें
‘हमारा पिछला परफॉरमेंस अच्छा नहीं हुआ था। हम सब तनाव में थे। पर आज जैसे ही कुर्दिस्तान के अशित और ईरान के मेंहदी ने साज़ बजाते हुए गाना शुरू किया तो सब मज़े से उनके आस-पास नाचने लगे। अचानक लगा जैसे हम किसी धागे से बँधे हुए हैं। लगा, जैसे हम जैतून की पत्तियों से सरसरा रहे हैं।’
‘उस दिन के अपने परफॉरमेंस के बारे में कैथरीना अपनी डायरी में लिखती है।’ – कैथरीना की वह डायरी लिखें।
जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
उत्तर:
20 जनवरी 1970

आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय रहा। मैं बहुत भावुकता से गाना गाई । गाते-गाते मैं रोने लगी। जैतून के कुछ पत्ते एलन शॉ के स्केचबुक पर पड़ें। वे आँसू के तरह लगे । कुर्दिस्तान के अशित और ईरान के मेंहदी ने साज़ बजाते हुए गाना शुरू किया तो सब मज़े से उनके आस-पास नाचने लगे। अचानक लगा जैसे हम किसी धागे से बँधे हुए हैं। कला सबको मिलानेवाली शक्ति है। हम सब एक ही कला-कृति को देखते या सुनते हैं तो उनमें एक जैसा अनुभव करते हैं। कला के माध्यम से एक दूसरे की संस्कृति समझ सकता है। यह भाषाई दीवारों को तोड़ देता है, सामाजिक जुड़ाव बढ़ा देता है। कल की शुभाप्रतीक्षा के साथ…

प्रश्न 3.
पढ़ें और लिखें…
“एक महिला ने अपनी बालकनी पर आकर कहा कि वे चल नहीं सकती हैं। इसलिए नहीं आ पाएँगी। यह सुनकर मैत्तेयो ने वहीं खड़े होकर उनके लिए परफार्म किया।”
इस अवसर पर महिला और मैत्तेयो के बीच में हुई बातचीत लिखें।
उत्तर:
महिला: अरे बेटा, तुम वहीं रुककर अकॉर्डियन बजा सकते हो?
मैत्तेयो: क्यों नहीं? आप नीचे आईए।
महिला: बेटा, मैं नीचे नहीं चल सकती।
मैत्तेयो: ठीक है, मैं यहीं रुककर बजाता हूँ।
महिला: मेरी टाँगें टूट चुकी है।
मैत्तेयो: तो फिर यह धुन खास आपके लिए होगी। कौन-सी पसंद है? धीमी या थिरकने वाली?
महिला: धीमी । उसमें तो हवा भी रुककर सुनती है।
मैत्यो: तो सुनिए। (अकॉर्डियन बजाता है।)
महिला: क्या नाम है तुम्हारा?
मैत्तेयो: मैत्तेयो
महिला: तुमने आज मेरे दिल की सोई हुई बातों को जगा दिया।
मैत्यो: शुक्रिया जी। अब विदा लेता हूँ।

• ‘जो चीज़ मुझे पसंद है मुझे वही करते रहना चाहिए।’
इस कथन पर आपका विचार क्या है? टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
‘जो चीज़ मुझे पसंद है मुझे वही करते रहना चाहिए’ – यह विचार व्यक्ति की अपनी खुशी और मानसिक शांति की ओर इशारा करता है। जब हम वही करते हैं जो हमें पसंद है तो उसमें लगन, ऊर्जा और रुचि अपने आप आ जाती है। यह न केवल हमें खुशी देता है, बल्कि हमारे काम की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। इसलिए अगर हमारी पसंद का कार्य हमारे विकास और दूसरों की भलाई में सहायक हो, तो उसे निरंतर करते रहना सही और प्रेरणादायक होता है।

• प्रकृति और कला के बीच अभिन्न संबंध है। इस विषय पर लेख तैयार करें।
उत्तर:
प्रकृति स्वयं एक महान कलाकार है। इसकी हर रचना में सौंदर्य, तालमेल और गहराई छिपी होती है। कला प्रकृति से प्रेरणा लेकर उसे भावनाओं, रंगों, रेखाओं और ध्वनियों के माध्यम से व्यक्त करती है। आज चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, साहित्य और नृत्य में प्रकृति एक प्रमुख प्रेरणा- स्त्रोत बनी हुई है। किसी चित्रकार के लिए सूर्योदय का दृश्य, किसी कवि के लिए वर्षा की बूँदें, किसी संगीतकार के लिए पंछियों की चहचहाहट सबकुछ एक सजीव रचना का आरंभ हो सकता है। कला मनुष्य और प्रकृति के बीच सेतु का कार्य करता है। प्रकृति और कला एक दूसरे का पूरक है। यह संबंध न केवल मनुष्य की संवेदनाओं को गहराता है बल्कि जीवन को भी सुंदर एवं समृद्ध बनाता है।

प्रश्न 4.
अनुबद्ध कार्य
अपनी किसी एक यात्रा का विवरण तैयार करें।
जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
मेरी शिमला यात्रा का विवरण

पिछली गर्मियों के दिन मैं और अपना परिवार शिमला घूमने निकला। हमने चंडीगढ़ से शिमला तक की दूरी बस द्वारा तय की। जैसे-जैसे बस पहाड़ों की ओर बढ़ती गई, वैसे-वैसे मौसम सुहावना होता गया। हमने मॉल रोड के पास एक होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी। अगले दिन के घुड़सवारी, हिमालय नेचर पार्क और बर्फ़ से पहाड़ियों ने मन मोह लिया। रास्ते में सेब के बागान भी दिखाई दिए, जिन्हें देखकर बहुत खुशी हुई।

तीसरे दिन हमने जाखू मंदिर की यात्रा की, जो हनुमान को समर्पित है, और ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। वहाँ तक पहुँचने के लिए रोपवे का अनुभव भी बेहद रोमांचक था। तीन दिन की यात्रा कब बीत गया, पता नहीं चला। जब वापसी का समय आ गया तो उदास हो गया। लेकिन खुशी भी थी कि प्रकृति की गोद में कुछ पल सुकून और आनंद के साथ बिताए। ऐसी यात्राएँ जीवन में नयापन और ऊर्जा भर देती हैं।

जब हम धीरे चलते हैं निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:

प्रश्न 1.
‘जब हम धीरे चलते हैं’ यात्राविवरण का लेखक कौन है?
उत्तर:
एलन शॉ

प्रश्न 2.
लेखक कौन – सा काम करता था?
उत्तर:
स्केचिंग

प्रश्न 3.
लेखक के पास आनेवाली लड़की का नाम क्या है?
उत्तर:
लुआना

प्रश्न 4.
लुआना की संस्था का नाम क्या है?
उत्तर:
कला थिए

प्रश्न 5.
‘कला थिएत्रो’ कहाँ चलता-फिरता थिएटर शुरू करना चाहती थी?
उत्तर:
इटली के फ्रिउली में।

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प्रश्न 6.
लुआना इस ग्रुप में कौन-सा रोल निभाता है?
उत्तर:
डांसर का

प्रश्न 7.
इस प्रोजेक्ट का मकसद क्या था?
उत्तर:
स्लो ट्रैवल का अनुभव लेना।

प्रश्न 8.
मध्यकाल में किसके ऊपर सामान बाँधकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाते थे?
उत्तर:
गधे के ऊपर।

प्रश्न 9.
इस ग्रुप की गधे का नाम क्या था?
उत्तर:
फिआक्को

प्रश्न 10.
फिआक्को का मालिक कौन है?
उत्तर:
एल्लीया

प्रश्न 11.
ग्रुप की शुरुआत कैसे हुई?
उत्तर:
नदी से दुआ माँगने से।

प्रश्न 12.
क्रिस्टीना ने फिआक्को को क्या दिखाकर मनाया था?
उत्तर:
गेहूँ की बालियाँ

प्रश्न 13.
लेखक की मंडली का सबसे छोटा सदस्य कौन है?
उत्तर:
मैत्तेयो

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प्रश्न 14.
मैत्तेयो कहाँ रहता है?
उत्तर:
स्लोवेनिया और इटली के बोर्डर पर

प्रश्न 15.
मैत्तेयो कौन – सा बाजा बजाता था?
उत्तर:
अकॉर्डियन

प्रश्न 16.
लेखक कौन-से पेड़ के नीचे बड़े-से कैनवास पर चित्र बना रहा था?
उत्तर:
जैतून के पेड़ के नीचे

प्रश्न 17.
लेखक ने किसको उलटा बनाया?
उत्तर:
शहर के चर्चे को

प्रश्न 18.
मंडली का आखिरी परफॉर्मेस कहाँ हुआ था?
उत्तर:
कोर्डोवाडो नाम के एक कम्यून के एक किले में

प्रश्न 19.
फिआक्को के असली मालिक का नाम क्या था?
उत्तर:
एल्फी

प्रश्न 20.
बगीचे के बीच का पेड़ किसकी याद में लगाया था?
उत्तर:
एल्फी की याद में

प्रश्न 21.
फिआवको अब कितने साल का है?
उत्तर:
चौदह साल का

प्रश्न 22.
कौन-सा चित्र पूरी यात्रा की इंतेहा बन गया?
उत्तर:
पेड़ का चित्र, जिसमें फिआक्को शामिल था और हल्की बारिश की बूँदें पत्ते बनाये।

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जब हम धीरे चलते हैं Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(मैं हमेशा की तरह मेट्रो में स्केचिंग करता घर लौट रहा था ………………… चित्रो में दर्ज करने का न्योता दिया। मेरे पास हाँ के अलावा कोई जवाब न था।) [Textbook page no. 43&44]

ഞാൻ പതിവുപോലെ മെട്രോയിൽ സ്കെച്ചിംഗ് നടത്തിക്കൊണ്ട് ചിത്രം വരച്ച് വീട്ടിലേ യ്ക്ക് മടങ്ങുകയായിരുന്നു. അതായിരുന്നു എന്റെയൊരു വിനോദം. ഒരു പെൺകുട്ടി എന്റെ ചിത്രം വരക്കുന്നതും നോക്കി കൊണ്ടിരുന്നു. ലുവാന എന്നായിരുന്നു അവളുടെ പേര്. എന്റെ സ്കെച്ചിംഗ് ബുക്കിനോട് വളരെ താല്പര്യം തോന്നിയ അവൾ തന്റെ വിസിറ്റിംഗ് കാർഡ് എനിക്ക് നൽകി. എന്നിട്ട് കാണാം എന്ന ഉറപ്പിൽ പിരിഞ്ഞു. കുറച്ച് ദിവസങ്ങൾക്ക് ശേഷം സുഹൃത്തായ മാനുവലിന്റെ കൂടെ അവൾ തന്നെ കാണാനായി വന്നു. അവരുടെ സ്ഥാപനം ഇറ്റലിയിലെ ഫ്രീലി എന്ന ഗ്രാമത്തിൽ ഒരു സഞ്ചരിക്കുന്ന തീയേറ്റർ (നാടകശാല) നടത്താൻ ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നു. ഇതിൽ ചിത്രകാരൻമാർ, സംഗീ തജ്ഞർ, നർത്തകർ, ഫോട്ടോഗ്രാഫർ എന്നിവരെല്ലാം ഉൾക്കൊള്ളണമെന്ന് ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നു.

ലുവാന ഈ ഗ്രൂപ്പിനെ ഏറ്റവും മികച്ച നർത്തകിയായിരുന്നു. അവളായിരുന്നു അവരുടെ യാത്രയെ ചിത്രങ്ങളിലൂടെ അവതരിപ്പിക്കാനുള്ള ക്ഷണം എനിക്ക് നല്കിയത്. ‘ശരി’ എന്നല്ലാതെ എന്റെ കയ്യിൽ വേറെ മറുപടി ഉണ്ടായിരുന്നില്ല.

(इस प्रोजेक्ट का मकसद स्लो ट्रैवल का अनुभव लेना था …………………… कईयों की आँखें भीग गई। मुझे नदी दुआ माँगना बहुत अच्छा लगा।) [Textbook page no. 44&45)

ഈ പ്രൊജക്ടിന്റെ ലക്ഷ്യം, പതുക്കെയുള്ള സഞ്ചാരത്തിന്റെ അനുഭവം ആസ്വദിക്കുക എന്നതായിരുന്നു. മദ്ധ്യകാലഘട്ടത്തിൽ കഴുതപ്പുറത്ത് ഭാരം കെട്ടിവെച്ച് ഒരു സ്ഥലത്ത് നിന്നും മറ്റൊരു സ്ഥലത്തേക്ക് കൊണ്ടുപോകുന്ന പതിവുണ്ടായിരുന്നു. നമ്മുടെ വഴിയും ഏകദ്ദേശം മദ്ധ്യകാലഘട്ടത്തി ലതെന്ന് തോന്നിപ്പിക്കുന്ന വഴിയായിരുന്നു. പല പല പട്ടണങ്ങളിൽ കൂടിയായിരുന്നു യാത്ര. നമ്മുടെ കൂടെ ‘ഫിയാക്കോ’ എന്ന പേരുള്ള ഒരു കഴുതയുണ്ടായിരുന്നു. നമ്മൾ എപ്പോഴും അതിന്റെ പുറകെ സഞ്ചരിച്ചിരുന്നത് ഫിയാക്കോയുടെ ഉടമസ്ഥനായ എല്ലായായും നമ്മുടെ കൂടെ ഉണ്ടായിരുന്നു. യാത്രയുടെ ഇടയിൽ എവിടെയൊക്കെ ഫിയാക്കോ നിൽക്കുന്നുവോ അവിടെയൊക്കെ നമ്മളും നില്ക്കുക എന്നതായിരുന്നു ആ യാത്രയുടെ രീതി.

നമുക്ക് ധൃതിപിടിച്ച് എവിടെയും എത്തിച്ചേരേണ്ട ആവശ്യമില്ലായിരുന്നു. അതു കൊണ്ടുതന്നെ യാത്ര പല സ്ഥലങ്ങളിലായി നിന്ന് പാട്ടുപാടുകയും ഉല്ലസിച്ചും ഒക്കെയായിരുന്നു യാത്ര. ഏത് പട്ടണത്തിലാണോ പെർഫോമൻസ് നടന്നിരുനന്ത് അന്ന് രാത്രി അവിടെ തങ്ങുക എന്ന തായിരുന്നു പതിവ്. ഞാൻ ഇത് മുഴുവൻ ചിത്രങ്ങളാക്കി പേപ്പറിൽ പകർത്തിക്കൊണ്ടിരുന്നു.

നദിയോട് ആഗ്രഹം വാങ്ങിയായിരുന്നു തുടങ്ങിയത്. കത്രീന മനോഹരമായ ഒരു ഗാനം ആലപിച്ചു, പലരുടെയും കണ്ണുകൾ നിറഞ്ഞു കവിഞ്ഞിരുന്നു. നദിയോട് അനുഗ്രഹം വാങ്ങുക എന്നത് എനിക്ക് സുന്ദരമായ അനുഭവമായി തോന്നി.

(अचानक फिआवको चलते-चलते रुक गया।… अकॉर्डियन पर उसकी बनाई खूबसूरत धुनें हवाओं को थिरका देती थी।) [Textbook page no. 46&47)

മുന്നോട്ടുനീങ്ങികൊണ്ടിരിക്കെ ഫിയാക്കോ പെട്ടെന്ന് നിന്നു. മുന്നിൽ നദി മറിക്കട ക്കണമായിരുന്നു. നമ്മളും ഫിയാക്കോയുടെ പുറകിലായി നിന്നു. ഫിയാക്കോ നദി മുറിച്ചുകടക്കാൻ തയ്യാറായില്ല. കുറച്ചുപേർ വിശ്രമിച്ചും പഴങ്ങൾ കഴിച്ചും നേരം കഴിച്ചുകൂട്ടി. എല്ലാവരും പരസ്പ രം ഫിയാക്കാതെ നിർബന്ധിച്ചു. പക്ഷേ ഫിയാക്കോ അനങ്ങിയതേ ഇല്ല. മൂക്കാൽ മണിക്കൂറിനു ശേഷം ക്രിസ്റ്റീന ഫിയാക്കോയെ ഗോതമ്പു കതിരുകൾ കാണിച്ചു. അതു നോക്കിക്കൊണ്ട് ഫിയാക്കോ റോഡ് മുറിച്ചുകടന്നു, പക്ഷേ എല്ലാവരും ഫിയാക്കോയോടൊപ്പം നീങ്ങിയില്ല. എല്ലാവരും ഒരുമിച്ചാ യിരുന്നെങ്കിലും കുറച്ചുപേർ സംസാരത്തിൽ മുഴുകിയിരുന്നു.

കത്രീന മറുവശം ഗോതമ്പു വയലിൽ ചെന്ന് പാടാൻ തുടങ്ങി. എല്ലാവരെയും ആകർ ഷിക്കുന്ന ശബ്ദമായിരുന്നു കത്രീനയുടേത്. കുറച്ചുപേർ വയലിൽ നിന്നും ഗോതമ്പുചെടികൾ പറിച്ചെ ടുത്തു.ഞാൻ ഒരു കൈയിൽ ഗോതമ്പു ചെടി തിരിച്ചു പിടിച്ചു നോക്കി. അതിന്റെ വേരുകൾ മുകളിൽ പൂക്കളെപോലെ നിൽക്കുന്നത് കാണാമായിരുന്നു.

നമ്മുടെ സംഘത്തിലെ ഏറ്റം ചെറിയ അംഗമായിരുന്നു. ‘മെത്തയോ’ പകുതി ഫ്രഞ്ച്കാരും പ കുതി ഇറ്റലിക്കാരനുമായിരുന്നു. സ്ലൊവേനിയയുടെയും ഇറ്റലിയുടെയും ബോർഡറിലായിരുന്നു മെത്തയാ താമസിച്ചിരുന്നത് . നമ്മൾ കൂട്ടി എന്ന് വിളിച്ചാണ് മെത്തേയോയെ സംബോധന ചെയതിരുന്നത്. അദ്ദേഹം സംഗീത ഉപകരണങ്ങൾ വായികുമ്പോൾ എല്ലാവരും അതിൽ മുഴുകി പോവാറുണ്ടായിരുന്നു. അക്കാർഡിയനിൽ വൈക്കോയെ സംഗീയ ആലപിക്കുമ്പോൾ കേട്ടു നിൽകുന്നവർക്ക് നൃത്തം ചെയ്യാനുള്ള ഒരു പ്രചോദനം ഉണ്ടാകുമായിരുന്നു.

(दिन में हम जहाँ से भी गुज़रते…. उसी समय जैतून के कुछ पत्ते मेरी स्केचबुक पर गिरे। मुझे वह आँसू की तरह लगे) [Textbook page no.47]

ഏത് വഴിയിലൂടെയാണോ ഞങ്ങൾ കടന്നു പോകുന്നത്, അവിടെയെല്ലാം ജനങ്ങൾ നമുക്ക് ഷോ’ അവതരിപ്പിക്കാനുള്ള അവസരം (ക്ഷണം) തരുമായിരുന്നു. താഴെ ഇറങ്ങാൻ സാധിക്കാതെ ബാൽക്കണിയിലിരുന്ന ഒരു സ്ത്രീ ആവശ്യപ്പെട്ടതുപ്രകാരം മെത്തയോ അവിടെ നിന്നുകൊണ്ട് അവർക്കു വേണ്ടി പെർഫോം ചെയതു.

ഞാൻ ഒരു ഒലിവ് മരത്തിനുതാഴെ ഇരുന്നുകൊണ്ട് വലിയൊരു കാൻവാസ്സിൽ ചിത്രം വരയ്ക്കുക യായിരുന്നു. പെർഫോമൻസ് നടന്നുകൊണ്ടിരിക്കുന്ന സ്റ്റേജും അവിടെ തന്നെയായിരുന്നു.

എന്റെ ഇഷ്ടപ്പെട്ട ഒലിവ് മരത്തിന് താഴെയിരുന്ന ഞാൻ ഏറെ സിന്തോഷവാനായിരുന്നു. എന്നെ സംബന്ധിച്ചിടത്തോളും ഒലിപ് മരത്തിലെ ഇലകൾ വളരെ സുന്ദരമാണ്

ഞാൻ ചിത്രങ്ങളിലൂടെ ആ പട്ടണത്തിലെ ക്രസ്ത്യൻ പള്ളികളെ തിരിച്ച് പിടിച്ച് എന്റെ പേനയുടെ പോലെ രൂപം നൽകി. ഞാൻ ചിത്രം വരച്ചുകൊണ്ടിരിക്കെ കത്രീന പാടി പാടി അവസാനം കരയാൻ തുടങ്ങി. ആ സമയത്ത് ഒലിവ് മരത്തിന്റെ ഇലകൾ എന്റെ സ്കെച്ച് ബുക്കിലേക്ക് വീഴാൻ തുടങ്ങി. എനിക്ക് അത് കണ്ണു നീരുപോലെ. തോന്നി.

(हमारा पिछला परफॉरमेंस अच्छा नहीं हुआ था। हम सब तनाव में थे…… मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था।) [Textbook page no. 47&48]

നമ്മുടെ കഴിഞ്ഞ പെർഫോമൻസ് മികച്ചതായിരുന്നില്ല. എല്ലാവരും വാല്ലത്ത് മാനസിക സം ഘർഷത്തിലായിരുന്നു. കർദിസ്ഥാനിലെ അശ്തിയും ഇറാനിലെ മെഹന്ദിയും തുടങ്ങിയ സംഗീത ഉപ കരണങ്ങളിലൂടെ സംഗീതം മുഴങ്ങാൻ തുടങ്ങിയപ്പോൾ -എല്ലാരും ചുറ്റുപാടും നൃത്തം ചെയ്യാൻ തുടങ്ങി. നമ്മളെല്ലാവരും ഒരുചരടിൽ ബന്ധിക്കപ്പെട്ടതുപോലെ തോന്നി. ഒലിവുമരത്തിന്റെ ഇലകൾ തഴുകി തലോടുന്നതുപോലെ അനുഭവപ്പെട്ടു.

കോർവാഡോ കമ്യണിലെ ഒരു കൊട്ടാരത്തിലായിരുന്നു നമ്മുടെ അവസാനത്തെ പെർഫോമൻസ് നടന്നത്.

അവിടെ ചെന്നപ്പോഴാണ് ആൽഫിയാണ് ഫിയാക്കോയുടെ യഥാർഥ ഉടമസ്ഥന്റെ പേര് എന്ന് എനിക്ക് മനസ്സിയായത് അതിനുശേഷമാണ് ആൽഫിയുടെ മകനായ എല്ലിയോ ഫിയാക്കോയെ സം രക്ഷിക്കാൻ തുടങ്ങിയത്. എല്ലിയോ ഉൾപ്പെടെ എല്ലാവരും പൂന്തോപ്പിലേയ്ക്ക് പോയി. പൂന്തോപ്പിന്റെ മദ്ധ്യത്തിൽ ഒരു വൃക്ഷമുണ്ടായിരുന്നു. എനിക്ക് ഇറ്റാലിയൻ ഭാഷ പരിമിതമായി മാത്രമേ മന സ്സിലാകുമായിരുന്നുള്ളൂ. അവിടുത്തെ ആളുകൾ വളരെ ദുഃഖിതരായി എന്തൊക്കെയോ സംസാരിച്ചു കൊണ്ടിരിക്കുന്നുണ്ടായിരുന്നു.

पहले तो उस पेड़ का चित्र बनाने का मेरा मन नहीं था। … इस चित्र को हमारी पूरी यात्रा की इंतेहा की तरह मानिए।) [Textbook page no. 49]

വലിയ പ്രത്യേകതകളൊന്നും ഇല്ലാത്തതിനാൽ ആദ്യം തന്നെ ആ വൃക്ഷത്തിന്റെ ചിത്രം വരക്കാൻ എനിക്ക് മനസ്സിൽ തോന്നിയതേ ഇല്ല. പിന്നീടാണ് ആ സ്ഥലത്തിന്റെ ഉടമ ആൽഫിയുടെ ഓർമ്മയ്ക്കായി വളർത്തിയതാണ് ഈ വൃക്ഷം എന്ന് മനസ്സിലായത്. വളരെ മോശമായ അവസ്ഥയിലാ യിരുന്നു ആൽഫിക്ക് ഫിയാക്കോവിയെ ലഭിച്ചത്. നല്ല രീതിയിൽ ചികിത്സിച്ച് ആൽഫി അവനെ ആരോഗ്യവാനാക്കിമാറ്റി. ഇന്ന് പിയാക്കോവിന് പതിനാല് വയസ്സായി.

ഞാൻ ആ വൃക്ഷത്തിന്റെ ചിത്രം വരക്കാൻ തുടങ്ങി. അപ്പോഴേക്കും ഫിയാക്കോ ഓടിക്കൊണ്ട് വൃക്ഷത്തിന് അടുത്തേക്ക് വന്നു. ഞാൻ ഫിയാക്കോവിനെയും ചിത്രത്തിൽ ഉൾപ്പെടുത്തി. വൃക്ഷത്തിന്റെ ഇലകൾ വരച്ചുതുടങ്ങിയപ്പോഴേക്കും നേരിയ മഴ പെയ്യാൻ തുടങ്ങി. ഇലകൾ വരച്ചുപൂർത്തിയാക്കാതെ ഞാൻ സ്കെച്ച് ബുക്ക് തുറന്നുവെച്ചു അതൊരു അത്ഭുത നിമിഷമായിരുന്നു. മഴത്തുള്ളികൾ വരച്ച ഇലകളിൽ ചിത്രങ്ങളായിരുന്നു. ഇത്ര സുന്ദരമായ ചിത്രം എനിക്ക് ഒരിക്കലും വരയ്ക്കാൻ കഴി ഞ്ഞിരുന്നില്ല. ഈ ചിത്രത്തെ നമ്മുടെ യാത്രയുടെ ക്ലൈമാക്സായി പരിഗണിക്കാം.

(उस शाम का परफॉर्मेस ज़बरदस्त था । सब खुश थे….. मेरा यकीन बढ़ा है कि जो चीज़ मुझे पसंद है, मुझे वही करते रहना चाहिए।) Textbook page no. 49]

ആ ദിവസത്തെ പെർഫോമൻസ് വളരെ മനോഹരമായിരുന്നു. എല്ലാവരും സന്തോഷവാൻ മാരായിരുന്നു. ഈ യാത്ര നമ്മളെ പ്രിയപ്പെട്ട സുഹൃത്തുക്കളാക്കി മാറ്റി. നമ്മുടെ ഹൃദയമിടിപ്പിന് (മനസ്സിനിഷ്ടമായ) ചേരുന്ന പ്രവർത്തികൾ ചെയ്യുകയും അത് പങ്കുവയ്ക്കാൻ സാധിക്കുന്നവരോട് ചേർത്തു നിൽക്കാൻ കഴുകയും ചെയ്താൽ ഈ ലോകം വളരെ മനോഹരമായിരിക്കും. ഈ യാത്രയിലൂടെ എനിക്ക് ഒരുപാട് മാറ്റം സംഭവിച്ചിട്ടുണ്ട്. നമുക്ക് ഏറ്റവും ഇഷ്ടമുള്ളത് ചെയ്യുവാനുള്ള വിശ്വാസം ഈ യാത്ര എനിക്ക് സമ്മാനിച്ചിട്ടുണ്ട്.

जब हम धीरे चलते हैं लेखक परिचय

यात्रा विवरण (एलन शॉ)
एलन शॉ
जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
एलन शॉ बर्लिन में रहने वाला भारतीय कलाकार, चित्रकार, एनीमेटर और कहानीकार हैं। उनका जन्म 1973 को बिहार में हुआ था। उन्होंने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाइन, अहमदाबाद से एनीमेशन फिल्म मेकिंग में विशेषज्ञता के साथ संचार डिजाइन की पढ़ाई की है। वे 25 से ज़्यादा सालों से अपने जीवन को स्केचबुक में रिकॉर्ड कर रहे हैं। उनको बच्चों के लिए चित्र बनाना और यात्रा करना बहुत पसंद है।

എലൻഷോ ബർലിനിൽ താമസിക്കുന്ന ഭാരതീയനായ കലാകാര നും, ചിത്രകാരനും, അനിമേറ്ററും, കഥാകൃത്തും ആണ്. ബീഹാറി ൽ 1973 ലാണ് അദ്ദേഹം ജനിച്ചത്. അദ്ദേഹം നാഷണൽ ഇൻസ്റ്റി റ്റ്യൂട്ട് ഓഫ് ഡിസൈൻ, അഹമ്മദാബാദിൽ നിന്നും അനിമേഷൻ സിനിമാനിർമ്മാണത്തിൽ വൈദ ഗ്ധ്യം നേടിയതിനൊപ്പം, ആശയവിനിമയ രൂപകൽപ്പനയിലും ഡിഗ്രി കരസ്ഥമാക്കി. ഇരുപത്തി അഞ്ച് വർഷത്തിലേറെയായി അദ്ദേഹം തന്റെ ജീവിതം സ്കെച്ച് ബുക്കിൽ റിക്കോഡ് ചെയ്ത് കൊണ്ടിരി ക്കയാണ്. അദ്ദേഹത്തിന് കുട്ടികൾക്ക് വേണ്ടി ചിത്രം വരയ്ക്കാനും, യാത്ര ചെയ്യാനും വളരെ ഇഷ്ടമാണ്.

जब हम धीरे चलते हैं Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

जब हम धीरे चलते हैं शब्दार्थ

मदद ले :
धीरे चलते हैं – മെല്ലെ നടക്കുന്നു.
हमेशा – എപ്പോഴും
स्केचिंग – ചിത്രരചന
दिलचस्प – താൽപ്പര്യം
वादा किया – വാക്ക് കൊടുത്തു
संस्था – സംഘം
चलता-फिरता – സഞ്ചരിക്കുന്ന
बेहतरीन – മികച്ച
चित्रों में दर्ज करना – ചിത്രത്തിന് രൂപം നൽകുക, चित्रों का रूप देना
न्योता – ക്ഷണം, Invitation
मकसद – ലക്ഷ്യം, Aim
स्लो ट्रैवल – സമയമെടുത്തുള്ള യാത
गाथा – കഥ
गुज़रना – കഴിച്ചുകൂട്ടുക
यूँ कहें – ഇങ്ങനെ പറയാം
उकेरता रहता – വരച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു. was sketching
शुरुआत – ആരംഭം
दुआ माँगना – പ്രാർത്ഥിക്കുക
आँखें भीग गई – കണ്ണുകൾ നനഞ്ഞു
मनाना – അനുനയിപ്പിക്കുക
टस से मस न होना – അനങ്ങാതിരിക്കുക, Not to stir
पौने घंटे बाद – മുക്കാൽ മണിക്കൂറിന് ശേഷം
गेहूँ की बालियाँ – ഗോതമ്പിന്റെ കതിരുകൾ
बातों में मशगूल थे – സംസാരത്തിൽ മുഴുകിയിരുന്നു
मज़े में थे – ഉത്സാഹത്തിലായിരുന്നു
कशिश – ആകർഷണം,, Attraction
खिंचे चले आए – ആകർഷിക്കപ്പെട്ട് വന്നു, आकृष्ट होकर चले आए।
बालियाँ उचकाई – बालियाँ काटी। കതിരുകൾ പറിച്ചു.
उलटा चलना – വിപരീത ദിശയിൽ
जड़ – വേര്
मंडली – കൂട്ടം
सदस्य – അംഗം, member
समा बंध जाना – സമാധിയിലേർപ്പെടുക
अकॉर्डियन – एक तरह का बाजा, ഒരു തര ത്തിലുള്ള വാദ്യോപകരണം
धुनें – രാഗം, Tune
थिरकाना – അംഗചലനങ്ങളോടെ നൃത്തം ചെയ്യിക്കുക
जैतून के पेड़ – ഒലിവ് മരങ്ങൾ, olive trees
पसंदीदा – ഇഷ്ടമുള്ള
आँसू – കണ്ണുനീർ, Tears
तनाव – സംഘർഷം, Tension
साज – संगीत का वाद्य यंत्र (സംഗീതത്തിന്റെ വാദ്യോപകരണം)
धागे से बँधना – ചരട് കൊണ്ട് ബന്ധിപ്പിക്കുക
सरसराना – കാറ്റിന്റെ സർ എന്ന ശബ്ദം
ख्याल रखना – देखभाल करना സംരക്ഷിക്കുക
खास – വിശേഷപ്പെട്ട
तीमारदारी करना – പരിപാലിക്കുക
तंदुरुस्त – ആരോഗ്യവാൻ
जादुई ल – മാന്ത്രിക നിമിഷം
शामिल कर लिया – ഉൾപ്പെടുത്തി
इंतेहा – अंतिम सीमा, അവസാന അടയാളം
ज़बरदस्त – मजबूत, ശക്തം
साझा करते – പങ്കിട്ടുകൊണ്ട്
खूबसूरत – മനോഹരം
बदलाव – മാറ്റം
यकीन – വിശ്വാസം

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 2 Chapter 2 बाबा और बाबा की छड़ी Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 2 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus बाबा और बाबा की छड़ी

Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
‘साथ-साथ चलते हैं दोनोंबाबा और बाबा की छडी!’- इससे आप क्या समझते हैं?
രണ്ടുപേരും ഒരുമിച്ച് നടക്കുന്നു ബാബയും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും. – ഇതിലൂടെ താങ്കൾ എന്ത് മനസ്സിലാക്കുന്നു?
उत्तर:
इससे यह समझ में आता है कि बाबा अब इस अवस्था में पहुँच गए है कि उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत होती है। उनकी छडी सिर्फ लकडी का टुकड़ा नहीं है, बल्कि उनके जीवन की एक अहम साथी बन चुकी है।
ഇതിൽ നിന്നും മനസ്സിലാകുന്നത് ബാബ ഇപ്പോൾ നടക്കുന്നതിന് ഒരു സഹായിയുടെ ആവശ്യം വന്നിരിക്കുന്ന സാഹചര്യത്തിലാ ണ് ഉള്ളത്. അദ്ദേഹത്തിന് നടക്കുവാനുള്ള വടി വെറുമൊരു മരക്കഷണം അല്ല. അദ്ദേഹ ത്തിന്റെ ജീവന്റെ ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്താണ്.

प्रश्न 2.
नया-नया जो और आया है नये-नये पेडों पर? – इसका तात्पर्य क्या है?
പുതിയ പുതിയ മാമ്പൂവുകൾ വന്നു പുതിയപുതിയ മരങ്ങളിൽ ഇതിന്റെ ആശയം എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്?
उत्तर:
यहाँ ‘नए बार’ और ‘नए पेड’ को प्रतीक बनाकर मानव जीवन में आनेवाले नयेपन को, परिवर्तनों को नए अनुभवों को और जीवन की उमंगों को हमारे सामने दर्शाताहै।
ഇവിടെ പുതിയ മാമ്പൂവ്, പുതിയ മരം എന്നി വ പ്രതീകങ്ങളായാണ് ഉപയോഗിച്ചിരിക്കു ന്നത്. ഇതിലൂടെ മനുഷ്യ ജീവിതത്തിൽ വരാൻ പോകുന്ന പുതുമയെ, മാറ്റങ്ങളെ, പുതിയ അനുഭവങ്ങളെ, പുതിയ പ്രതീക്ഷ കളെ എന്നിങ്ങനെയാണ് നമുക്ക് കാണിച്ചു തരുന്നത്.

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
बाबा और बाबा की छडी, दोनों में से कोई अकेला चल नहीं सकता। क्यों?
ബാബയും ബാബയുടെ വടിയും ഈ രണ്ടു പേരിൽ ആർക്കും ഒറ്റക്ക് നടക്കാൻ സാധിക്കു കയില്ല. എന്ത് കൊണ്ട്?
उत्तर:
क्योंकि बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। जीवन के एक-एक कदम में वे साथ हैं। दोनों का रिश्ता भी पक्का है। वें आपस में एक दूसरे का सहारा है।
എന്തുകൊണ്ടെന്നാൽ ബാബയും ബാബ യുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമി ച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. ജീവിതത്തിന്റെ ഓരോ ചുവട് വെയ്പിലും അവർ ഒന്നിച്ചാണ്. രണ്ടുപേരുടെയും ബന്ധം അത്ര മാത്രം ദൃഢ മാണ്. അവർ പരസ്പരം ഒരാൾ മറ്റൊരാൾക്ക് സഹായിയാണ്.

प्रश्न 1.
बाबा और छडी दोनों के आपसी संबंध की सूचना देनेवाली पंक्तियाँ कविता से चुनकर लिखें।
• साथ-साथ चलते हैं दोनों
• ……………………..
• ……………………..
• ……………………..
बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
उत्तर:
• साथ-साथ चलते हैं दोनों
• फिर वो उसका हाथ पकड़के बाहर लाती है
• थक जाए तो बाबा अक्सर, छडी पे माथा टेकके
• छडी ही उठकर कभी-कभी बाबा को दिखाती है।
• एक कदम जब वो चलती है, एक कदम वो चलता है।
• दोनों में से कोई अकेला चल नहीं सकता
• हाथ अगर छूटे तो दोनों गिर पड़ते हैं

प्रश्न 2.
ये आशय वाली पंक्तियाँ पहचानकर लिखें।

* छडी बाबा को गिरने से बचाती है।
* थक जाने पर छडी बाबा का सहारा बनती है।
* छडी और बाबा दोनो एक दूसरे के सहारे ही चल सकते हैं।

 

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
* हाथ अगर छूटे तो दोनों गिर पड़ते हैं
* थक जाए तो बाबा अक्सर, छडी पे माथा टेक के बेंच पर बैठ भी जाते हैं
* दोनों में से कोई अकेला चल नहीं सकता।

प्रश्न 3.
ये पंक्तियाँ पढ़ें। रेखांकित शब्दों का विश्लेषण करें। इन पंक्तियों के ‘वो’ (वह) किस-किस के लिए प्रयुक्त है?
एक कदम जब वो चलती है।
एक कदम वो चलता है।
बाबा और बाबा की छडी!
उत्तर:
एक कदम जब वो छडी चलती है
एक कदम बाबा चलता है।

प्रश्न 4.
‘वो’ (वह) के बदले ‘बाबा / बाबा की छडी’ में से उचित शब्द जोडकर पंक्तियों

का पुनर्लेखन करें।
एक कदम जब वो चलती है

एक कदम वो चलता है
उत्तर:
एक कदम जब छडी चलती है।
एक कदम बाबा चलता है

प्रश्न 5.
पंक्तियाँ पढ़ें, सूचना के अनुसार लिखें।
पहले वो कहता है – चल बाहर चलते हैं
और उठा लेता है छडी को
बिस्तर पर जो लेटी हुई थी!
फिर वो उसका हाथ पकड़के बाहर लाती है।
* पहली पंक्ति का ‘वो’ किसके लिए प्रयुक्त किया गया है?
उत्तर:
बाबा

* अंतिम पंक्ति का ‘वो’ किसके लिए प्रयुक्त किया गया है?
उत्तर:
छडी

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
कविता की “छडी” किन-किन के प्रतीक हो सकते हैं? (चर्चा करें)
उत्तर:
बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। वे एक दूसरे के बिना चल नहीं सकते। दोनों का रिश्ता भी पक्का है। छडी केवल चलने का सहारा नहीं है, बल्कि उनके जीवन के संघर्ष, धैर्य और तप का प्रतीक है। छडी उस सहारे को भी दर्शाती है जो वे स्वयं अपने जीवन में दूसरों को देते आए हैं। ‘छडी’ केवल लकडी का टुकडा नहीं, बल्कि जीवन के सहारे, अनुभव और आश्रय का द्योतक है।

प्रश्न 7.
बाबा और बाबा की छडी कविता का आस्वादन टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
गुलज़ार का जन्म पंजाब के झेलम जिले के दीना गाँव में 18 अगस्त 1934 को हुआ था। गुलज़ार नाम से प्रसिद्ध संपूर्ण सिंह हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार हैं। इसके अतिरिक्त वे कवि, पटकथाकार, फिल्म निर्देशक, नाटककार तथा प्रसिद्ध शायर भी हैं। उनकी एक प्रसिद्ध कविता है ‘बाबा और बाबा की छडी’।

कविता में ‘बाबा’ केवल एक वृद्ध व्यक्ति नहीं है, बल्कि अनुभव, परंपरा और आत्मीयता के प्रतीक हैं। उनकी छडी केवल चलने का सहारा नहीं है, बल्कि उनके जीवन के संघर्ष, धैर्य और तप का प्रतीक है। छडी उस सहारे को भी दर्शाती है जो वे स्वयं अपने जीवन में दूसरों को देते आए हैं। अब जब वे वृद्ध हो गए हैं, तो वही सहारा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करता है। कविता में एक प्रकार की करुणा, श्रद्धा और संवेदना देखने को मिलती है। ‘बाबा’ की छवि ऐसी बनाई है जो पाठक को अपने परिवार के वृद्ध जनों की याद दिला देती है।

कविता में सरल, सहज और भावपूर्ण भाषा काप्रयोग किया गया है। ‘छडी’ को प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो जीवन के सहारे, अनुभव और आश्रय का द्योतक है। कविता यह संदेश देती है कि बुजुर्गों की सेवा, सम्मान और उनका साथ देना हमारा कर्तव्य है।

പഞ്ചാബിലെ ഝലം ജില്ലയിലെ ദീനാ ഗ്രാമത്തിൽ 1934 ആഗസ്റ്റ് 18 നാണ് ഗുൽസാർ ജനിച്ചത്. ഗുൽസാർ എന്ന പേരിൽ പ്രസിദ്ധ നായ സംപൂർണ സിംഗ് ഹിന്ദി സിനിമാ രംഗ ത്തെ പ്രസിദ്ധനായ സംഗീതജ്ഞനാണ്. ഇത് കൂടാതെ അദ്ദേഹം ഒരു കവി, തിരക്കഥാ കൃത്ത്, സിനിമാ സംവിധായകൻ, നാടകപ്രവ ർത്തകൻ, ഉർദു ഭാഷാ കവി എന്നീ നില കളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ mcom ‘बाबा और बाबा की छडी’

കവിതയിലെ ബാബ് വെറുമൊരു വൃദ്ധവ്യക്തിയല്ല. മറിച്ച് അനുഭവം, പാര പര്യം, ആത്മീയത എന്നിവയുടെ പ്രതീക മാണ്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഊന്നുവടി കേവലം നടക്കുന്നതിനുള്ള സഹായിയല്ല പകരം ജീവിതത്തിലെ സംഘർഷം, ധൈര്യം, ദൃഢത എന്നിവയുടെ പ്രതീകമാണ്. സ്വന്തം ജീവിത ത്തിൽ മറ്റുള്ളവരെ കൂടി സഹായിക്കുക യാണ് ഊന്നുവടി ചെയ്യുന്നത്. ഇപ്പോൾ അദ്ദേഹം വൃദ്ധനായപ്പോൾ ആ ആശയം മുന്നോട്ട് പോകുന്നതിന് അദ്ദേഹത്തെ സഹായിച്ചു. കവിതയിൽ ഒരു തരത്തിലുള്ള കരുണ, ശ്രദ്ധ, സഹതാപം എന്നിവ കാണാൻ സാധിക്കുന്നു. നമ്മുടെ കുടുംബത്തിലെ വൃദ്ധജനങ്ങളെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്ന രീതിയിലാ കവിതയിൽ ‘ബാബ’യെ ചിത്രീകരി ച്ചിരിക്കുന്നത്.

കവിതയിൽ സരളവും, സ്വഭാവികവും, ഭാവപൂർണ്ണവുമായ ഭാഷയാണ് പ്രയോഗി ച്ചിരിക്കുന്നത്. ‘ഊന്നുവടി’യെ ഒരു പ്രതീക മായാണ് അവതരിപ്പിച്ചിരിക്കു ന്നത്. ഇത് ജീവിതത്തിലെ സഹായിയുടെയും അനുഭ വങ്ങളുടെയും, ആശയത്തിന്റെയും സൂചക മാണ്. വൃദ്ധജനങ്ങളെ സേവിക്കുക, ആദരി ക്കുക, അവരെ കൂടെ നിർത്തുക എന്നുള്ളത് നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്. ഇതാണ് ഈ കവിതയുടെ സന്ദേശം.

प्रश्न 8.
अनुबद्ध कार्य:
बुजुर्गों के कल्याण के लिए सरकार कई
बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
• अगस्त 6 – हिरोशिमा दिन (Hiroshima day)
• अगस्त 15 – स्वतंत्रता दिवस (Independence day)
• अगस्त 17 – किसान दिन (Farmer’s day)
• सितंबर 5 – राष्ट्रीय शिक्षक दिवस (National Teacher’s day)
• सितंबर 14 – राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi day)
• सितंबर 16 – ओसोन दिवस (Ozone day)
योजनाएँ चलाती हैं। इन योजनाओं की सूची तैयार करें।
उत्तर:

  1. राष्ट्रीय वयोश्रेष्ठ नागरिक योजना (National Vayosree Yojana)
  2. इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
  3. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana)
  4. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens Saving Scheme – SCSS)
  5. प्रधानमंत्री की वय वंदना योजना (PMVVY)
  6. राशन में प्राथमिकता (Antyodaya Anna Yojana)
  7. राष्ट्रीय वृद्धजन नीति (National policy for older Persons- 1999)
  8. हेल्पलाइन सेवा – एल्डरलाइन (Elderline 14567)

बाबा और बाबा की छड़ी निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:

प्रश्न 1.
बाबा और बाबा की छडी कविता के कवि कौन है ?
उत्तर:
गुलज़ार

प्रश्न 2.
कौन-कौन साथ-साथ चलते हैं?
उत्तर:
बाबा और बाबा की छडी

प्रश्न 3.
पहले कौन कहता है – चल बाहर चलते हैं?
उत्तर:
बाबा

प्रश्न 4.
तब बाबा किसे उठा लेता है?
उत्तर:
छडी को।

प्रश्न 5.
छडी कहाँ लेटी हुई थी ?
उत्तर:
बिस्तर पर।

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
कौन बाबा का हाथ पकड़कर बाहर चलती है?
उत्तर:
छडी।

प्रश्न 7.
गली के कुत्ते भौंकने से कौन भगा देती है?
उत्तर:
छडी।

प्रश्न 8.
बाबा और बाबा की छडी कहाँ तक जाते हैं?
उत्तर:
बाग तक।

प्रश्न 9.
जब बाबा थक जाते तो क्या करता है?
उत्तर:
बेंच पर बैठकर छडी पर माथा टेकता है।

प्रश्न 10.
छडी बाबा को क्या दिखाती है?
उत्तर:
नए-नए पेडों पर आने वाले नया-नया बौर।

प्रश्न 11.
हाथ अगर छूटे तो क्या होता है?
उत्तर:
बाबा और बाबा की छडी गिर पड़ते हैं।

प्रश्न 12.
यहाँ जवान कौन है?
उत्तर:
बाबा की छडी।

प्रश्न 13.
यहाँ बूढ़ा कौन है?
उत्तर:
बाबा

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 14.
यहाँ छडी किन-किनका प्रतीक है?
उत्तर:
जीवन के सहारे, अनुभव और आश्रय

Baba Aur Baba Ki Chadi Poem Summary in Malayalam

बाबा और बाबा की छड़ी Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(साथ-साथ चलते हैं। ……… बाबा और बाबा की छडी ।) (Page 17, 18 TB)

गुलज़ार नाम से प्रसिद्ध संपूर्ण सिंह हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार है। इसके अतिरिक्त आप कवि, पटकथाकार, फिल्मनिर्देशक, नाटककार तथा प्रसिद्ध शायर भी है। उनकी रचनाएँ मुख्यतः हिंदी, उर्दू तथा पंजाबी में हैं। उनकी एक प्रमुख कविता है ‘बाबा और बाबा की छडी’।

‘बाबा और बाबा की छडी’ एक सोद्देश्य और सरल कविता है। इसमें एक बच्चे के नजरिए से बाबा और उनकी छड़ी के बारे में बताया गया है। कवि कहते हैं कि बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। पहले बाबा कहता है कि, चल हम बाहर चलते हैं। फिर बाबा बिस्तर पर लेटी हुई अपने साथी को (छडी को) उठाकर बाहर चलते हैं। छडी भी बाबा का हाथ पकडकर उसको बाहर ले जाने की मदद करती है। इस तरह हमेशा दोनों आपस में साथ देकर आगे जाते हैं।

ഗുൽസാർ എന്ന പേരിൽ പ്രസിദ്ധനായ സംപൂർണ സിംഗ് ഹിന്ദി സിനിമാ രംഗത്തെ പ്രസിദ്ധനായ സംഗീതജ്ഞനാണ്. ഇത് കൂടാതെ അദ്ദേഹം കവി, തിരക്കഥാകൃത്ത്, സിനിമാസംവിധായകൻ, നാടകപ വർത്തകൻ ഉർദു ഭാഷാ കവി എന്നീ നിലകളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. പ്രധാനമായും അദ്ദേഹത്തിന്റെ രചനകൾ ഹിന്ദി, ഉർദു, പഞ്ചാബി എന്നീ ഭാഷകളിലാണ്. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഒരു പ്രമുഖ കവിതയാണ് ‘बाबा और बाबा की छडी’.

‘बाबा और बाबा की छडी’ സോദ്ദേശ്യപരവും, സരളവുമായ കവിതയാണ്. ഇതിൽ ഒരു കുട്ടിയുടെ കാഴ്ചപ്പാടിലാണ് ബാബയെ കുറിച്ചും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയെക്കുറിച്ചും പറഞ്ഞിരിക്കുന്നത്.ബാബ യും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമിച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. പുറത്തേയ്ക്ക് പോകാം എന്ന് ബാബ പറയുന്നു. പിന്നീട് കിടക്കയിൽ വിശ്രമിക്കുന്ന തന്റെ സുഹൃത്തിനെ (ഊന്നുവടി യും എടുത്ത് പുറത്തേയ്ക്ക് പോകുന്നു. ഊന്നുവടിയും ബാബയുടെ കൈ പിടിച്ച് അദ്ദേഹത്തെ പ റത്തേയ്ക്ക് പോകാൻ സഹായിക്കുന്നു. ഇപ്രകാരം രണ്ടുപേരും ഒരുമിച്ച് മുന്നോട്ട് പോകുന്നു.

(छडी भगा देती है …………………… नये-नये पेडों पर) (Page 18, TB)

बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। अगर गल का कोई कुत्ता भौंके तो छडी उसे भगा देती है। वे दोनों बाग तक जाते हैं। चलते-चलते अगर बाबा थक जाए तो अक्सर छडी पर माथा टेककर बेंच पर बैठ जाता है। नए पेडों और उनपर खिले फूलों को छडी बाबा को दिखा देती है । यहाँ ‘नये’ और ‘नये पेड’ को प्रतीक बनाकर मानव जीवन में आनेवाले नयेपन को परिवर्तनों को, नए अनुभवों को और जीवन की उमंगों को हमारे सामने दर्शाता है।

ബാബയും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമിച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. നടക്കുന്നതിനിടയിൽ
ഏതെങ്കിലും പട്ടി കുരച്ചാൽ ഊന്നുവടി അതിനെ ഓടിക്കും. അവർ രണ്ടുപേരും പൂന്തോട്ടം വരെ നടന്നുപോകും. നടന്ന് നടന്ന് ക്ഷീണിച്ചാൽ ബാബ തന്റെ ഊന്നുവടിയിൽ തലവെച്ച് ബെഞ്ചിൽ ഇരിക്കും. പുതിയ മരങ്ങളെയും, അതിൽ വിരിഞ്ഞ പുതിയ പൂക്കളെയും ഊന്നുവടി ബാബയ്ക്ക് കാണിച്ചുകൊടുക്കും. ഇവിടെ ‘പുതിയ പൂവ്’, ‘പുതിയ മരം’ എന്നിവ പ്രതീകങ്ങളായാണ് ഉപയോഗിച്ചിരിക്കുന്നത്. മനുഷ്യജീവിതത്തിൽ ഉണ്ടാകാൻ പോകുന്ന പുതുമയെയും മാറ്റങ്ങളെ യും, പുതിയ അനുഭവങ്ങളെയും, ജീവിതത്തിന്റെ പുതിയ പ്രതീക്ഷകളെയുമാണ് കവി ഇത് കൊണ്ട് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്.

(एक कदम ……………. बाबा की छडी !! ) (Page 18, 19 TB)

बाबा और बाबा की छडी हमेशा साथ-साथ चलते हैं। जीवन के एक-एक कदम में वे दोनों साथ हैं। दोनों का रिश्ता भी पक्का है। इन दोनों में से कोई अकेला नही चल सकता। अगर बाबा का हाथ छूटे तो बाबा औरछडी दोनों गिर जाते हैं। यहाँ एक जवान है, एक बूढ़ा है। एक व्यक्ति को आगे चलाने में एक अनुभवी व्यक्ति की जरूरत पर यहाँ जोर दिया गया है। यहाँ बाबा और बाबा की छडी के माध्यम से बुढ़ापे में सहारा देने की, आपसी रिश्तों में समर्पण भावना रखने की शिक्षा मिलती है।
ബാബയും, ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും എപ്പോഴും ഒരുമിച്ചാണ് സഞ്ചരിക്കുന്നത്. ജീവിതത്തിന്റെ ഓരോ ചുവടുവെയ്പ്പിലും അവർ രണ്ടുപേരും ഒരുമിച്ചാണ്. രണ്ടുപേരുടെയും ബന്ധം ഉറച്ചതാണ്. രണ്ടുപേരിൽ ആർക്കും ഒറ്റക്ക് സഞ്ചരിക്കാൻ സാധിക്കില്ല. കൈ വിട്ടുപോയാൽ ബാബയും, ഊന്നുവടിയും രണ്ടുപേരും താഴെ വീണുപോകും. ഇവിടെ ഒരാൾ യുവാവണ്, ഒരാൾ വൃദ്ധനും. ഒരു വ്യക്തിയെ മുന്നോട്ട് നയിക്കുന്നതിൽ ഒരു അനുഭവസമ്പന്നനായ വ്യക്തിയുടെ സാന്നിദ്ധ്യത്തിന്റെ ആവശ്യകത യിലാണ് ഇവിടെ ഊന്നൽ നൽകിയിരിക്കുന്നത്. ബാബയും ബാബയുടെ ഊന്നുവടിയും വാർദ്ധക്യത്തിൽ ആശ്രയമാകേണ്ടതിന്റെ പരസ്പരബന്ധത്തിൽ സമർപ്പണ മനോഭാവം പുലർത്ത ണ്ടതിന്റെ പാഠമാണ് നമുക്ക് ലഭിക്കുന്നത്.

बाबा और बाबा की छड़ी Poem कवि परिचय

कविता (गुलज़ार)
गुलज़ार
बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
गुलज़ार का जन्म पंजाब के झेलम जिले के दीना गाँव में 18 अगस्त 1934 को हुआ था। गुलज़ार नाम से प्रसिद्ध संपूर्ण सिंह हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार हैं। इसके अतिरिक्त आप कवि, पटकथाकार, फिल्म निर्देशक, नाटककार तथा प्रसिद्ध शायर भी हैं। उनकी रचनाएँ मुख्यत: हिंदी, उर्दू तथा पंजाबी में हैं। वे वर्ष 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 में भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले पद्मभूषण से सम्मानित हुए। ‘चौरस रात’ (लघु कथा संग्रह), ‘जानम’ (कविता संग्रह), ‘एक बूँद चाँद’ (कविता संग्रह), ‘रावी पार’ (कथा संग्रह) आदि उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।

പഞ്ചാബിലെ ഝലം ജില്ലയിലെ ദീനാ ഗ്രാമത്തിൽ 1934 ആഗസ്റ്റ് 18 നാണ് ഗുൽസാർ ജനിച്ചത്. ഗുൽസാർ എന്ന പേരിൽ പ്രസിദ്ധനായ സംപൂർണ സിംഗ് ഹിന്ദി സിനിമാ രംഗത്തെ പ്രസിദ്ധനായ സംഗീതജ്ഞനാണ്. ഇദ്ദേഹം കവി, തിരക്കഥാകൃത്ത്, സിനിമാസംവിധായകൻ, നാടകപ്രവർത്തകൻ, ഉർദു ഭാഷാ കവി എന്നീ നിലകളിൽ പ്രശസ്തനാണ്. പ്രധാനമായും അദ്ദേഹത്തിന്റെ രചനകൾ ഹിന്ദി, ഉർദു, പഞ്ചാബി എന്നീ ഭാഷകളിലാണ്. അദ്ദേഹത്തിനു 2002 ൽ സാഹിത്യ അക്കാദമി പുരസ്കാരവും 2004 ൽ പത്മഭൂഷൺ പുരസ്കാരവും നൽകി ആദരിച്ചിട്ടുണ്ട്. ‘चौरस रात’ (ചെറുകഥാ സമാഹാരം ‘जानम’ (കവിതാ സമാഹാരം), ‘एक बूँद चाँद’ (കവിതാസമാഹാരം), ‘रावी पार’ (കഥാസമാഹാരം) എന്നിവ അദ്ദേഹത്തിന്റെ പ്രസിദ്ധ രചനകളാണ്.

बाबा और बाबा की छड़ी Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

बाबा और बाबा की छड़ी शब्दार्थ

मदद ले :
बाबा – വൃദ്ധനായ വ്യക്തി
छडी ഊന്ന് വടി, walking stick
साथ-साथ – ഒരുമിച്ച്.
चलते हैं – നടക്കുന്നു
दोनों – രണ്ടുപേരും.
बाहर – പുറത്ത്, വെളിയിൽ
उठा लेना – കൈയിലെടുക്കുക
बिस्तर – കിടക്ക.
लेटना – കിടക്കുക
हाथ – കൈ
पकडकर – പിടിച്ചിട്ട്
भगा देना – ഓടിക്കുക
गली – തെരുവ്
कुत्ता – പട്ടി
भौंकना – കുരയ്ക്കുക
बाग तक – പൂന്തോട്ടം വരെ
थक जाना – ക്ഷീണിക്കുക
अक्सर – പലപ്പോഴും, Always, often
माथा – നെറ്റിത്തടം
टेकना – വെയ്ക്കുക
पे – पर മുകളിൽ
बेंच – ബെഞ്ച്
उठना – എഴുന്നേൽക്കുക
दिखाना – കാണിച്ചുകൊടുക്കുക
नया-नया – പുതിയ പുതിയ
बौर – മാമ്പൂവ്, മരങ്ങളിടുന്ന ആദ്യത്തെ പൂവ്
पेड – മരം
कदम – ചുവട്
अकेला – ഒറ്റയ്ക്ക്
हाथ – കൈ
छूटना – വിട്ടുപോകുക
गिर पड़ना – വീഴുക
इक – एक, ഒന്ന്,
जवान – യുവാവ്, Javan
बूढ़ा – വൃദ്ധൻ

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 2 Chapter 1 हाची की कहानी Haachi Ki Kahani Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Haachi Ki Kahani Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 2 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus हाची की कहानी

Haachi Ki Kahani Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1

प्रश्न 1.
‘पिल्ले को ‘भाग्य का मारा’ क्यों कहा गया है?’
പട്ടിക്കുട്ടിയെ ‘ഭാഗ്യഹീനൻ’ എന്ന് പറയാൻ കാരണം എന്തായിരിക്കും?
उत्तर:
‘जापानी भाषा में हाची का अर्थ है ‘आठ’ । इस अंक (नंबर) को पूरे जापान में सौभाग्यशाली नंबर मानता है। हाची के गले के पट्टे पर भी ‘आठ’
लिखा हुआ है लेकिन प्रोफेसर को उसे मिलते समय वह मजबूर हालत में था, इसलिए उसे ‘भाग्य का मारा’ कहा गया।
ജപ്പാനീസ് ഭാഷയിൽ ‘ഹാച്ചി’ എന്ന വാക്കി നർത്ഥം 8 -എന്നാണ്. 8 എന്ന നമ്പറിനെ ജപ്പാനി ലെ ജനങ്ങൾ ഭാഗ്യമുള്ള നമ്പറായിട്ടാണ് കണ ക്കാക്കുന്നത്. പട്ടിക്കുട്ടിയുടെ കഴുത്തിലെ ബെൽറ്റിലും 8 എന്ന നമ്പർ എഴുതിയിട്ടുണ്ടാ യിരുന്നു. അതിനെ പ്രൊഫസറിന് ലഭിച്ചത് ദുർബലമായ അവസ്ഥയിലായിരുന്നു. അതു കൊണ്ടാണ് അതിനെ ഭാഗ്യഹീനൻ എന്ന് വിശേഷിപ്പിച്ചത്.

प्रश्न 2.
प्रोफेसर के परिजन हाची को ज़बरन घर ले गए – क्यों?
പ്രൊഫസറിന്റെ കുടുംബാംഗങ്ങൾ നിർബ സപൂർവ്വം ഹാച്ചിയെ വീട്ടിലേക്ക് കൊണ്ടു പോന്നു. എന്തുകൊണ്ട്?
उत्तर:
प्रोफेसर के निधन होने पर भी हाची बहुत देर तक, बर्फ़ गिरने तक स्टेशन के बाहर उनका इंतज़ार करता रहा। वह अपनी जगह से हिलने तक तैयार नहीं था। इसलिए परिजन उसे ज़बरन घर ले आया।
പ്രൊഫസറിന്റെ മരണശേഷവും ഹാച്ചി രാത്രി മഞ്ഞുവീഴുന്നതുവരെ സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് അദ്ദേഹത്തെ കാത്തിരുന്നു. ഇരിക്കുന്ന സ്ഥല ത്തു നിന്നും മാറാൻ പോലും ഹാച്ചി തയ്യാറാ യില്ല. തുടർന്ന് അവർ ഹാച്ചിയെ ബലമുപ യോഗിച്ച് വീട്ടിലേക്ക് കൂട്ടിക്കൊണ്ടുപോന്നു.

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 3.
‘सर्दी, गर्मी, बरसात, बर्फ़ हाची को इन सबसे कोई फर्क नहीं पडा।’ इससे क्या तात्पर्य है?
‘ഹാച്ചിക്ക് തണുപ്പിനോ, ചൂടിനോ, മഴയ്കോ, മഞ്ഞിനോ ഒരു വ്യത്യാസവും അനുഭ വപ്പെട്ടില്ല’ – ഇത് കൊണ്ട് എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്?
उत्तर:
प्रोफेसर के निधन होने पर भी स्टेशन के बाहर हाची रोज़ उनका इंतज़ार करता रहा। मौसम के बदलने पर भी वह अपने जगह से हिलने के तैयार नहीं था।
പ്രൊഫസറിന്റെ മരണശേഷവും ഹാച്ചി എല്ലാ ദിവസവും സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് അദ്ദേഹത്തെ പ്ര തീക്ഷിച്ച് കാത്തിരിക്കുമായിരുന്നു. മാറുന്ന കാലാവസ്ഥയിലും ഹാച്ചിക്ക് ഒരു മാറ്റവും ഉണ്ടാക്കാൻ സാധിച്ചില്ല. ഹാച്ചി ഇരുന്ന സ്ഥലത്തുനിന്നും മാറാനും തയ്യാറായില്ല.

प्रश्न 4.
‘मरे हुए हाची की खुली आँखों में को जैसे अब भी इंतज़ार था।’ विचार करें।
ഹാച്ചിയുടെ മരിച്ച് കണ്ണുകളിൽ പ്രതീക്ഷ യുടെ തിളക്കം ഉണ്ടായിരുന്നു. അഭിപ്രായം പ്രകടിപ്പിക്കുക?
उत्तर:
प्रोफेसर की इंतज़ार करते-करते स्टेशन के बाहर हाची की मृत्यु हुई। मरी हुई हाची की आँखों पर उस वक्त भी प्रोफेसर को देखने की प्रतीक्षा थी।
പ്രൊഫസറിനെ പ്രതീക്ഷിച്ച് ഒരു ദിവസം സ്റ്റേഷന് പരിസരത്ത് വച്ച് ഹാച്ചിയും മര ണപ്പെട്ടു. മരിച്ചിരിക്കുന്ന സമയത്തും ഹാച്ചി യുടെ തുറന്ന കണ്ണുകളിൽ പ്രൊഫസറിനെ കാണാൻ കഴിയും എന്ന പ്രതീക്ഷ നിറഞ്ഞു നിന്നിരുന്നു.

प्रश्न 1.
आगे…
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
• घटनाओं के क्रमानुसार चित्रों को नंबर दें और प्रसंगानुकूल वाक्य चुनकर लिखें।
• हाची प्रोफेसर के परिवार का एक सदस्य बन जाता है।
• हाची को प्रोफेसर उठा लेता है।
• हाची की स्मृति में स्टेशन के बाहर उसकी प्रतिमा स्थापित की गई है।
• हाची कई दिनों से स्टेशन के बाहर प्रोफेसर के इंतज़ार में लेटा हुआ है
• बक्से में बंद छोड़ा हुआ पिल्ला, हाची ।
• प्रोफेसर और हाची के बीच का रिश्ता लोग आश्चर्य से देखते हैं।
उत्तर:
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3

प्रश्न 2.
पढ़ें और प्रश्न बनाएँ।
एक साल… दो साल… तीन साल… पूरे नौ साल और नौ महीने तक हाची ठीक उसी जगह बैठ अपने प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा, जिसे एक सुबह उसने ट्रेन में बिठाकर विदा किया था। लेकिन जो फिर कभी लौटकर नहीं आया। सर्दी, गर्मी, बरसात, बर्फ़ हाची को इन सबसे कोई फ़र्क नहीं पड़ा।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
बीच में कभी, किसी बरस प्रोफेसर की पत्नी अपने पति की कब्र पर फूल चढ़ाने आ जाती तब वह हाची के साथ सड़क पर बैठकर रोती रहती। और शायद उस मूक जानवर के प्रेम, समर्पण व प्रतीक्षा पर अचरज करती।
उत्तर:
1. कितने साल तक हाची अपने प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा?
2. हाची ने किसे ट्रेन में बिठाकर विदा किया था?
3. हाची पर किन-किन का फरक नहीं पड़ा ?
4. प्रोफेसर की पत्नी फूल चढ़ाने कहाँ जा आ जाती थी?
5. प्रोफेसर की पत्नी किस बात पर अचरज करती थी?

प्रश्न 3.
नमूने के अनुसार खाली गोले भरें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 5
उत्तर:
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 6

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
नमूने के अनुसार कहानी से शब्द-युग्मों को चुनकर लिखें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 7
उत्तर:
संग-साथ
साथ-साथ
पीछे-पीछे
उछलते-पुलकते
खेलते-टहलते
उचक-उचककर

प्रश्न 5.
रेखांकित शब्द की विशेषता पहचानें।
शानदार पिल्ला।
उत्तर:
आकर्षक, अच्छा, प्रभावशाली आदि है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित प्रत्येक शब्द का प्रयोग किन-किन शब्दों की विशेषता सूचित करने के लिए किया गया है? कहानी से ढूँढ़कर लिखें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 8
उत्तर:
मजबूर : हालत
बहुत : देर
रोज़ : हर
खुली : आँखें
गहरी दोस्ती
मूक : जानवर

प्रश्न 7.
वाक्य पढ़ें। वाक्य के अन्य शब्दों के साथ रेखांकित शब्द का संबंध पहचानें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 9
उत्तर:
मालिक मानने लगा।
बर्फ़ गिरने लगी।
‘लग’ जोड़कर वाक्य लिखें।
उत्तर:
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 10

प्रश्न 7.
पढ़ें और लिखें।
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 11

समय के साथ हाची बूढ़ा हो गया। लेकिन उसने इंतज़ार करना नहीं छोड़ा। 1935 में उसी जगह । बैठे-बैठे उसने दम तोड़ दिया। उस समय बर्फ़ गिर रही थी । मरे हुए हाची की खुली आँखों में जैसे अब भी इंतज़ार था।

– प्रोफेसर यूएनो के इंतज़ार में बैठे-बैठे 1935 में हाची ने दम तोड़ दिया।
– इसपर समाचार तैयार करें।
उत्तर:

हाची ने दम तोड़ दिया

टोक्यो : बूढ़े हाची ने कल दम तोड़ दिया। पूरे नौ साल नौ महीने तक हाची ने अपने मालिक का इंतज़ार करता रहा। सर्दी, गर्मी, बरफ इन सबका हाची पर कोई फरक नहीं पड़ा। प्रोफेसर की पत्नी कभी पति की कब्र पर फूल चढ़ाने आती तो वह हाची के साथ सड़क पर बैठकर रोती रहती थी। हाची का यह लंबा इंतज़ार एक मूक जानवर के अपने मालिक के प्रति प्रेम, समर्पण एवं प्रतीक्षा की नमूना है। इसका यह लंबा इंतज़ार लोगों को भी अचरज कर देती थी। निगम के लोग उसका आदरपूर्ण अंतिम संस्कार करने का सोच रहा है।

हाची की कहानी निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
जापान की राजधानी (Capital) का नाम क्या है?
उत्तर:
टोक्यो

प्रश्न 2.
प्रोफेसर यूएनो वे कहाँ से टहलते थे?
उत्तर:
जापान की राजधानी टोक्यो की सड़क पर

प्रश्न 3.
सड़क पर टहलते समय प्रोफेसर को क्या मिला?
उत्तर:
एक कुत्ते का पिल्ला

प्रश्न 4.
पिल्ले के गले पर क्या बँधा था?
उत्तर:
पट्टा बँधा था।

प्रश्न 5.
कुत्ते की गले के पट्टे पर क्या लिखा हुआ था?
उत्तर:
हाची

प्रश्न 6.
जापानी भाषा में हाची शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर:
आठ

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 7.
नंबर आठ को पूरे जापान में कैसा मानता है?
उत्तर:
सौभाग्यशाली नंबर

प्रश्न 8.
हाची को देखकर प्रोफेसर को ‘भाग्य का मारा’ क्यों लगा?
उत्तर:
हाची को मिलते समय उसकी हालत बिलकुल मजबूर थी, इसलिए प्रोफेसर को ऐसा लगा।

प्रश्न 9.
प्रोफेसर ने किसे ढूँढ़ने का निश्चय किया?
उत्तर:
हाची के मालिक को

प्रश्न 10.
मालिक को न मिलने पर प्रोफेसर ने क्या ‘निर्णय लिया?
उत्तर:
हाची को अपने पास ही रखने का निर्णय लिया।

प्रश्न 11.
हाची कब प्रोफेसर को अपना मालिक मानने का निश्चय किया?
उत्तर:
रोज़ साथ-साथ रहने की वजह से हाची और प्रोफेसर के बीच लगाव पैदा हो गया और हाची ने प्रोफेसर को अपना मालिक मानने लगा।

प्रश्न 12.
किसे हाची पसंद नहीं आया?
उत्तर:
प्रोफेसर की पत्नी को

प्रश्न 13.
प्रोफेसर की पत्नी का दिल पिघल गया – कब ?
उत्तर:
हाची की सुंदरता और प्रोफेसर के प्रति उसके लगाव को देखकर पत्नी का दिल पिघल गया।

प्रश्न 14.
एक दिन हाची प्रोफेसर के पीछे-पीछे चलता कहाँ तक पहुँच गया?
उत्तर:
रेलवे स्टेशन तक

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 15.
बार-बार समझाने पर भी हाची किसलिए तैयार नहीं था?
उत्तर:
घर लौटने को

प्रश्न 16.
एक शाम को काम से लौटकर स्टेशन के फाटक पर पहुँचने पर प्रोफेसर ने किसको देखा?
उत्तर:
हाची को

प्रश्न 17.
एक दिन देर तक फाटक पर इंतज़ार करने पर भी कौन नहीं आया?
उत्तर:
प्रोफेसर

प्रश्न 18.
दरअसल उस दोपहर में क्या हुआ था?
उत्तर:
प्रोफेसर का निधन

प्रश्न 19.
रात में बर्फ़ के गिरने पर भी फाटक पर हाची किसका इंतज़ार करता रहा?
उत्तर:
प्रोफेसर का

प्रश्न 20.
रात को प्रोफेसर का परिजन हाची को ज़बरन कहाँ ले गए ?
उत्तर:
प्रोफेसर के घर

प्रश्न 21.
दूसरे दिन सुबह होते ही हाची कहाँ आकर बैठ गया?
उत्तर:
स्टेशन के फाटक पर

प्रश्न 22.
कुछ दिनों के बाद प्रोफेसर की पत्नी मकान बेचकर कहाँ चली गयी?
उत्तर:
दूसरे शहर

प्रश्न 23.
प्रोफेसर की पत्नी हाची को भी ले गई, लेकिन दूसरे दिन हाची ने क्या किया?
उत्तर:
हाची वहाँ से भागकर स्टेशन के बाहर ठीक उसी जगह पर बैठकर प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा।

प्रश्न 24.
ट्रेन के आने पर हाची क्या करता था?
उत्तर:
उचक-उचक कर प्रोफेसर को खोजा करता।

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 25.
रात के समय हाची क्या करता था?
उत्तर:
यार्ड में सोने चला जाता था।

प्रश्न 26.
कितने सालों तक स्टेशन पर हाची अपने प्रोफेसर का इंतज़ार करता रहा?
उत्तर:
नौ साल और नौ महीने तक

प्रश्न 27.
पति के कब्र पर फूल चढ़ाने आते समय पत्नी किसके साथ बैठकर रोती रहती थी?
उत्तर:
हाची के साथ।

प्रश्न 28.
कब हाची ने अपना दम तोड़ दिया?
उत्तर:
1935 में

प्रश्न 29.
मरे हुए हाची की खुली आँखों में अब भी किसका इंतज़ार था ?
उत्तर:
प्रोफेसर का

Haachi Ki Kahani Summary in Malayalam

हाची की कहानी Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(1923 ………….. का समय) [Textbook page no. 24]

1923 ൽ ജപ്പാന്റെ തലസ്ഥാനമായ ടോക്കിയോവിലെ വഴികളിലൂടെ നടക്കുമ്പോൾ പ്രൊഫസർ യൂനോയ്ക്ക് ഒരു പട്ടിക്കുട്ടിയെ ലഭിക്കുന്നു. ജപ്പാനിലെ വലിയ പട്ടികളായ അക്കിറ്റാ ഇനത്തിൽപ്പെട്ട സുന്ദരിയായ ഒരു പട്ടിക്കുട്ടി. അതിന്റെ കഴുത്തിൽ ധരിച്ചിരുന്ന ബെൽറ്റിൽ ഹാച്ചി എന്ന എഴുതി യിരുന്നു. ജപ്പാനീസ് ഭാഷയിൽ ഹാച്ചി എന്ന വാക്ക് ‘8’ എന്ന നമ്പറിനെയാണ് സൂചിപ്പിക്കുന്നത്. ജപ്പാനിലെ നിവാസികൾ ‘8’ എന്ന നമ്പറിനെ ഭാഗ്യമായി ആണ് വിശേഷിപ്പിക്കുന്നത്. എന്നാൽ പ്രെ ാഫസറിന് ഹാച്ചിയെ ലഭിക്കുന്നതു ക്ഷീണിച്ച്, ദുർബലമായ അവസ്ഥയിലായിരുന്നു. അതുകൊണ്ട് അദ്ദേഹത്തിന് ഹാച്ചി ഭാഗ്യദോഷിയാണ് എന്നു തോന്നിയത്.

(प्रोफेसर ने तय कायिा… उसके स्नेह ने उनका दलि पघिला दयिा ।) [Textbook page no. 24]

പ്രൊഫസർ പട്ടിക്കുട്ടിയെ ഉടമസ്ഥനെ അന്വേഷിക്കാനായി തീരുമാനിച്ചു. ഉടമസ്ഥനെ കണ്ടെത്തുന്നതു വരെ ഹാച്ചിയെ കൂടെ നിർത്താനും തീരുമാനിച്ചു. ഹാച്ചിയോടൊപ്പം പ്രൊഫസർ എല്ലായിടത്തും ഉടമസ്ഥനെ അന്വേഷിച്ച് പുറപ്പെട്ടു, എങ്കിലും ഒരിടത്തും കണ്ടെത്താൻ സാധിച്ചില്ല. രണ്ടുപേരുടെയും സൗഹൃദം ദൃഢമായത്തോടെ പ്രൊഫസറിനോടുള്ള അടുപ്പം കാരണം ഹാച്ചി അദ്ദേഹത്തെ തന്റെ ഉടമസ്ഥനായി അംഗീകരിക്കാൻ തുടങ്ങി. തുടക്കത്തിൽ പ്രൊഫസറിന്റെ ഭാര്യക്ക് ഹാച്ചിയോട് വലിയ താല്പര്യമില്ലായിരുന്നു. എന്നാൽ ഹാച്ചിയുടെ സൗന്ദര്യവും പ്രൊഫസറിനോടുള്ള സ്നേഹവും കണ്ട് പതിയെ ഭാര്യയുടെ മനസ്സിലും ഹാച്ചിയോട് അലിവ് തോന്നാൻ തുടങ്ങി.

(समय बीतता गया …… साथ-साथ घर आता, उछलते-कूदते।) [Textbook page no. 24]

സമയം സമയം കടന്നുപോയി. രണ്ടുപേരുടേയും ഇടയിലുളള സുഹദും ഗാഢമായി വളർന്നു. പ്രൊഫസർ രാവിലെ ട്രെയിനിൽ ഓഫീസിൽ പോയി വൈകുന്നേരം തിരിച്ച് വന്ന് ഹാച്ചിയോടൊപ്പം കളിക്കാൻ സമയം കണ്ടെത്തിയിരുന്നു. ഒരു ദിവസം ഹാച്ചിയും പ്രൊഫസറിനെ റെയിൽവേ സ്റ്റേഷൻ വരെ അനുഗമിച്ചു. ഇതുകണ്ട് പ്രൊഫസറിന് ആശ്ചര്യം തോന്നുകയും ഹാച്ചിയെ വീട്ടിലേക്ക് തിരിച്ചുകൊണ്ടുപോകാൻ ശ്രമിച്ചു എങ്കിലും ഹാച്ചി തിരികെപ്പോകുവാൻ തയ്യാറായില്ല. അവസാനം പ്രൊഫസർ ഹാച്ചിയെ വീട്ടിൽ കൊണ്ട് ചെന്ന് വിട്ടതിന് ശേഷം വൈകി ഓഫീസിൽ എത്തി. ജോലികഴിഞ്ഞ് തിരിച്ച് വരുമ്പോൾ സ്റ്റേഷന്റെ ഗേറ്റിനു പുറത്ത് തന്നെയും പ്രതീക്ഷിച്ച് കാത്തിരിക്കുന്ന ഹാച്ചിയെയാണ് പ്രൊഫസർ കണ്ടത്. ഹാച്ചി പ്രൊഫസനോടൊപ്പം കാൽനടയായി വീട്ടിലേക്കു നീങ്ങി. തുടർ ദിവസങ്ങളിലും ഇതൊരു നിത്യസംഭവമായി. എല്ലാ ദിവസവും ഹാച്ചി രാവി ലെ പ്രൊഫസറിനെ സ്റ്റേഷനിൽ വരെ കൊണ്ടുവിടുകയും വൈകുന്നേരം അദ്ദേഹം എത്തുന്നതിന് മുൻപ് സ്റ്റേഷന്റെ ഗേറ്റിനുമുൻപ് എത്തി പ്രൊഫസറിനെ കാത്തിരിക്കുകയും ചെയുന്നത് പതിവായി മാറി.

(एक शाम, हाची के स्टेशन के बाहर… उसी जगह बैठ जाता और रात लौट आता) (Textbook page no. 25 – 26]

ഒരു ദിവസം വൈകുന്നേരം ഹാച്ചി സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് കാത്തിരിക്കുകയായിരുന്നു. സമയം ഒരു പാട് കഴിഞ്ഞിട്ടും പ്രൊഫസർ തിരിച്ചെത്തിയില്ല. രാത്രിയായതോടെ മഞ്ഞുവീഴ്ച്ച തുടങ്ങി എന്നാൽ ഹാച്ചി അവിടെനിന്നും മാറിയതേ ഇല്ല. വാസ്തവത്തിൽ അന്ന് ഉച്ചയ്ക്ക് പ്രൊഫസറിന്റെ മരണം സംഭവിച്ചുകഴിഞ്ഞിരുന്നു. ഹാച്ചിക്ക് പ്രൊഫസറിന്റെ മരണവിവരം അറിയാൻ കഴിഞ്ഞിരുന്നില്ല. തന്റെ പ്രിയ സുഹൃത്ത് ട്രെയിനിൽ നിന്നും ഇറങ്ങി എല്ലാ ദിവസവും തന്റെ അടുത്ത് എത്താറുണ്ട്. അദ്ദേഹം തിരിച്ച് വരില്ല എന്നല്ലാതെ ഹാച്ചിക്ക് യാതൊന്നും മനസ്സിലായില്ല, ചിലപ്പോൾ വൈകി വന്നേക്കാം എന്ന പ്രതീക്ഷയിൽ ഹാച്ചി അവിടെ തന്നെ കാത്തിരുന്നു.

ഹാച്ചിയുടെ കുടുംബാംഗങ്ങളും ബന്ധുക്കളും ഹാച്ചിയെ വീട്ടിലേക്ക് കൊണ്ടുപോയി. പക്ഷേ പിറ്റേദിവസം രാവിലെ വീണ്ടും പ്രൊഫസറിനെ കാത്തിരിക്കുന്ന സ്ഥലത്ത് വന്ന് ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. എപ്പോഴെങ്കിലും പ്രൊഫസർ ട്രെയിൻ ഇറങ്ങി ഗേറ്റു വഴി തന്റെ പുറത്തുവരും എന്ന പ്രതീക്ഷ ഹാച്ചിയുടെ മനസ്സിനുണ്ടായിരുന്നു. ഹാച്ചി എല്ലാദിവസവും സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് ആ സ്ഥലത്ത് വന്നിരുന്ന് രാത്രി വീട്ടിലേക്ക് മടങ്ങുന്ന രീതി തുടർന്നു കൊണ്ടിരുന്നു.

(कुछ समय के बाद प्रोफेसर की पत्नी ने… सरकें, सर्दी, गर्मी, बरसात हाची के इन सबसे कोई फर्क नहीं पडा) [Textbook page no. 26 – 27]

കുറച്ച് നാളുകൾക്ക് ശേഷം പ്രൊഫസറിന്റെ ഭാര്യ വീട് വിറ്റ് മറ്റൊരു പട്ടണത്തിലേക്ക് പോയി. അവർ ഹാച്ചിയെയും കൂടെ കൊണ്ടുപോകാൻ ആഗ്രഹിച്ചിരുന്നെങ്കിലും ഹാച്ചി വീട്ടിൽ നിന്നും ഓടിപ്പോയി പ്രൊഫസറിനെ കാത്തിരിക്കുന്ന സ്ഥലത്ത് പോയി ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. സ്റ്റേഷനിലുള്ള ആളുകൾക്കെല്ലാം ഹാച്ചി വളരെ പരിചിതമായിരുന്നു. അവർ ഹാച്ചിക്ക് ഭക്ഷണം നൽകുമായിരുന്നു. ഹാച്ചി എല്ലാ ദിവസവും സ്റ്റേഷനിലേക്ക് നോക്കി കൊണ്ടിരുന്നു. ട്രെയിൻ വരുമ്പോഴെല്ലാം തന്റെ പ്രിയപ്പെട്ട പ്രൊഫസറിനെ അന്വേഷിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു. രാത്രിയാകുമ്പോൾ തതല കുനിച്ചുകൊണ്ട് ഉറ ങ്ങാനായി സ്റ്റേഷനിനടുത്തുള്ള യാർഡിലേക്ക് പോകുമായിരുന്നു.

ഒരു ദിവസം ട്രെയിനിൽ കയറി യാത്ര പറഞ്ഞ് പോയതിനു ശേഷം തിരിച്ചുവരാത്ത തന്റെ സുഹൃത്തിനെ രണ്ടും മൂന്നും വർഷമല്ല മറിച്ച് 9 വർഷവും 9 മാസവും സ്റ്റേഷന് മുൻപിൽ അതേ സ്ഥലത്ത് ഹാച്ചി കാത്തിരുന്നു. മഞ്ഞിന്റെയോ, തണുപ്പിന്റെയോ, മഴയുടെയോ, കാറ്റിന്റെയോ യാ തൊരു സ്വാധീനവും ഹാച്ചിയിൽ കാണാൻ കഴിഞ്ഞിരുന്നില്ല.

(बीच में कभी, किसी बरस प्रोफेसर की पत्नी…. हाची की खुली आँखों को वो जैसे अब भी इंतज़ारशा।) [Textbook page no. 27]

ഇതിനിടെ പ്രൊഫസറിന്റെ ഭാര്യ ഭർത്താവിന്റെ ശവകുടീരത്തിൽ പൂക്കൾ സമർപ്പിക്കാനായി എത്തിയപ്പോൾ അവർ ഹാച്ചിയോടൊപ്പം റോഡിലിരുന്ന് കരഞ്ഞുകൊണ്ടിരുന്നു. സംസാരശേഷിയി ല്ലാത്ത ഹാച്ചിയുടെ സ്നേഹവും, സമർപ്പണവും, കാത്തിരിപ്പും അവരെ വല്ലാതെ ആശ്ചര്യപ്പെടുത്തി . പതിയെ ഹാച്ചിയും വൃദ്ധനായി മാറി. പക്ഷേ പ്രൊഫസറിനായുള്ള കാത്തിരിപ്പ് ഹാച്ചി തുടർന്നു കൊണ്ടിരുന്നു. 1935 ൽ സ്റ്റേഷന് പുറത്ത് കാത്തിരുന്ന അതേ സ്ഥലത്ത് വച്ച് ഹാച്ചിയും മരണപ്പെട്ടു. ആ സമയം നല്ലതുപോലെ ഐസ് വീഴുന്നുണ്ടായിരുന്നു. മരണപ്പെട്ട ഹാച്ചിയുടെ തുറന്നിരുന്ന കണ്ണുകളിൽ അപ്പോഴും പ്രൊഫസറിനെ കാണാൻ കഴിയുമെന്ന പ്രതീക്ഷ നിറഞ്ഞു നിന്നിരുന്നു.

हाची की कहानी लेखक परिचय

कहानी (गीत चतुर्वेदी)

गीत चतुर्वेदी
हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 12

गीत चतुर्वेदी का जन्म 27 नवंबर 1977 को मुंबई में हुआ। आप हिंदी के कवि, कथाकार और अनुवादक हैं। ‘आलाप में गिरह’, ‘न्यूनतम मैं’, ‘खुशियों के गुप्तचर’ आदि आपके कविता संकलन हैं। कविता के लिए भारत भूषण सम्मान प्राप्त हुआ। कथा-रचना के लिए कृष्ण प्रताप सम्मान, कृष्ण बलदेव फेलोशिप, सैयद हैदर रज़ा फेलोशिप आदि प्राप्त हुए।

ഗീത് ചതുർവ്വേദി 1977 നവംബർ 27-ന് മുംബൈയിൽ ജനിച്ചു. ശ്രേഷ്ഠനായ കവിയും, കഥാകൃത്തും വിവർത്തകനും ആണ്. ഗീത് ചതുർവ്വേദി. ‘आलाप में गिरह’, ‘न्यूनतम मैं’, ‘खुशियों के गुप्तचर’ എന്നിവ ഇദ്ദേഹത്തിന്റെ കവിതകളാണ്. കവിതകൾക്ക് ഭാരത് ഭൂഷൺ അഗ്രവാൾ പുരസ്ക്കാരവും കഥാരചനകൾക്കായി കൃഷ്ണപ്രതാപ് പുരസ്കാരം, കൃഷ്ണ ബൽദേവ് ഫെലോ ഷിപ്പ്, സെയ്യദ് ഹൈദർ റസാ ഫെലോഷിപ്പും ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്.

हाची की कहानी Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

हाची की कहानी शब्दार्थ

मदद लें :
राजधान = തലസ്ഥാനം (Capital city)
सड़क = റോഡ് (Road)
टहलना = പതുക്കെ നടക്കുക
कुत्ते का पिल्ला = പട്ടിക്കുട്ടി
अकिता = വലിയ രൂപമുള്ള ജപ്പാനിലെ പട്ടികളുടെ ഇനം
नस्ल = വംശം
शानदार = മനോഹരം
गला = കഴുത്ത്
पट्टा बाँधना = ബെൽറ്റ് ഇട്ടുകൊടുക്കുക
सौभाग्यशाली = ഭാഗ്യമുള്ള
मजबूर = നിർബന്ധിച്ചു
भाग्य का मारा = ഭാഗ്യഹീനമായ
तय करना = നിശ്ചയിക്കുക
मालिक = ഉടമസ്ഥൻ
खोजना = അന്വേഷിക്കുക
रोज़ = Daily, ദിവസേന
संग-साथ = ഒരുമിച്ച്
लगाव = ഇഷ്ടം, അടുപ്പം
पसंद होना = ഇഷ്ടപ്പെടുക
दिल पिघल गया = മനസ്സ് അലിയുക
दोस्ती = സൗഹൃദം
ट्रेन पकड़ना = ട്രെയിനിൽ കയറുക
शाम को = വൈകുന്നേരം
अजीब = വിചിത്രമായ
राज़ी होना = तैयार होना, തയ്യാറാവുക (സമ്മതിക്കുക)
दफ़तर = ഓഫീസ്
फाटक = Gate
खुद = സ്വയം
इंतज़ार = കാത്തിരിപ്പ്
पैदल घर लौटना = കാൽനടയായി വീട്ടിലെത്തുന്നു
सिलसिला = തുടർച്ച
सिलसिला बन गया = പതിവായി മാറി
साथ-साथ = ഒരുമിച്ച്
उछलते-कूदते = സന്തോഷംകൊണ്ട്
देर हो गई = സമയം വൈകി
बर्फ़ गिरने लगी = ഐസ് വീഴുക
दरअसल = വാസ്തവത്തിൽ
निधन होना = മരണപ്പെടുക
परिजन = കുടുംബത്തിലെ ആളുകൾ
जबरन = നിർബന്ധപൂർവം
मकान = കെട്ടിടം
पहचानते थे = തിരിച്ചറിയുന്നുണ്ടായിരുന്നു
उचक उचक्कर = ചാടിക്കൊണ്ട്
सिर झुकाकर = തലകുനിക്കുക
विदा किया = യാത്ര പറഞ്ഞ
फर्क = difference, വ്യത്യാസം
कब्र = ശവകുടീരം
फूल चढ़ाना = പുഷ്പങ്ങൾ അർപ്പിക്കുക
बरस = വർഷം
अचरज = അത്ഭുതം
दम तोड़ना = അന്ത്യശ്വാസം വലിക്കുക (മരണപ്പെടുക)

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 1 Chapter 2 जूलिया और लूना Julia Aur Luna Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Julia Aur Luna Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 1 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus जूलिया और लूना

Julia Aur Luna Question Answer

विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
“मैं नहीं उतरूंगी” लड़की के इस निर्णय पर आपका विचार क्या है?
ഞാൻ ഇറങ്ങില്ല’ – പെൺകുട്ടിയുടെ ഈ തീരുമാനത്തെ കുറിച്ച് നിങ്ങളുടെ അഭിപ്രാ യം എന്താണ്?
उत्तर:
लड़की के इस निर्णय पर मेरा विचार है कि लड़की ने ठीक ही किया है। वह उस पेड़ की रक्षा करना चाहती है। इसमें कोई गलती नहीं।पेड़ का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। पेड़ नहीं तो धरती में हमें शुद्ध वायु, जल औ र मिट्टी नहीं मिलेगी।
പെൺകുട്ടിയുടെ തീരുമാനം ശരിയാണ് എന്നാണ് അഭിപ്രായം. പെൺകുട്ടി ആ വൃക്ഷത്തെ രക്ഷിക്കാൻ ശ്രമിക്കുന്നു. അതി ൽ യാതൊരു തെറ്റും ഇല്ല. വൃക്ഷങ്ങളെ സംരക്ഷിക്കേണ്ടത് നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്. വൃക്ഷങ്ങളില്ലെങ്കിൽ ഭൂമിയിൽ ശുദ്ധവായു വും ജലവും മണ്ണും നമുക്ക് ലഭ്യമാകില്ല.

प्रश्न 2.
“लड़की चहचहाई”- यहाँ ‘चहचहाई’ शब्द का प्रयोग क्यों किया होगा ?
പെൺകുട്ടി സന്തോഷവതിയായി മധുരമായ ശബ്ദത്തിൽ സംസാരിക്കാൻ തുടങ്ങി. ഇവി ടെ ‘മധുരമായി സംസാരിക്കുന്ന’ എന്ന പ യോഗം കൊണ്ട് എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്.
उत्तर:
लड़की चिड़ियों की तरह पेड़ पर घोंसला बनाकर रहती हैं। पेड़ तो चिड़ियों का घर है । इसलिए वह चिड़ियों की तरह चहचहाकर बोलती है। उसकी आवाज़ से चिड़ियों का आभास मिलता है।
പെൺകുട്ടി പക്ഷികളെ പോലെ വൃക്ഷത്തിൽ കൂട് വെച്ച് താമസിക്കുന്നു. വൃക്ഷം പക്ഷികളുടെ വീട് ആണ്. ആണ്. പക്ഷികളെ പോലെ മധുരമായ ശബ്ദത്തിലാണ്

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 1.
कहानी के आधार पर सही प्रस्ताव चुनकर लिखें :
• लड़की ने चुनौतियों का सामना किया।
• लड़की ने विपत्ती में पेड को छोड़ दिया।
• लड़की ने जीवन की सुविधाएँ छोड दीं।
• लड़की सेठ के अजीबोगरीब तरकीबों से डर गई।
• लड़की अपनी दोस्ती पर अटल रही।
उत्तर:
• लड़की ने चुनौतियों का सामना किया।
• लड़की ने जीवन की सुविधाएँ छोड़ दी।
• लड़की अपनी दोस्ती पर अटल रही।

प्रश्न 2.
नमूने के अनुसार वाक्यों का पुनर्लेखन करें।
“मैं नहीं उतरूंगी।”लड़की चिल्लाई।
लड़की चिल्लाई कि मैं नहीं उतरूंगी।
• आदमियों ने सोचा,”आखिर कभी तो उतरेगी। तब काटेंगे पेड़ को”।
• “कहानी पढ़कर सुनाऊँ?”कभी लड़की पेड़ से पूछती।
• “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।” लड़की ने कहा।
• लड़की ने बताया, “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।”
उत्तर:
• आदमियों ने सोचा कि आखिर कभी तो उतरेगी। तब काटोंगे पेड़ को”।
• कभी लड़की पेड़ से पूछती कि “कहानी पढ़कर सुनाऊँ?”
• लड़की ने कहा कि “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।”
• लड़की ने बताया कि “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।”

प्रश्न 3.
तैयार करें:
जूलिया और लूना की अनोखी दोस्ती का हिस्सा दुनिया भर में मशहूर हो गया। कहीं- कहीं लूना के संरक्षण पर पोस्टर निकालने लगे। आप भी लूना के संरक्षण पर पोस्टर तैयार करें।
उत्तर:
जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1

प्रश्न 4.
लिखें….
738 दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे। “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।” लड़की ने सेठ से वादा ले लिया।
– इस प्रसंग पर जूलिया और सेठ के बीच की बातचीत तैयार करें।
उत्तर:
सेठ: अरे जूलिया नीचे उतरो।
जूलिया: मैं नहीं उतरूंगी।
सेठ: क्यों ?
जूलिया: क्योंकि लूना मेरा दोस्त है। उसे बचाना है।
सेठ: हमें तो लकड़ी चाहिए।
जूलिया: नहीं मिलेगी। वापस जाना पडेगा।
सेठ: तुम कितने दिनों से होकर यहाँ रहती है। महीने बीत गए हैं।
जूलिया: तुम्हें पाता है, जब तक आप इसे छोड़कर नहीं चलेंगे, मैं नीचे नहीं उतरूंगी।
सेठ: हमारे कंपनी के लकड़हारे इंतज़ार कर रहे हैं। कृपया उन्हें अपने काम करने दीजिए।
जूलिया: नहीं, तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।
सेठ: (निराश होकर) ठीक है, हम वापस चलते हैं।
जूलिया: जाने से पहले वादा करो कि यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।
सेठ: वादा करता हूँ बहन कि यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटेगा।
जूलिया: शुक्रिया।

प्रश्न 5.
कहानी की घटनाओं को क्रम से लिखें।
• एक रोज़ कुछ हट्टे-कट्टे आदमी एक बड़े-से पेड़ को काटने पहुँचे।
• लड़की और पेड़ के इर्द-गिर्द हज़ारों लोग इकट्ठा होने लगे।
• कई दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे।
• हट्टे-कट्टे आदमियों के सेठ ने अजीबोगरीब तरकीबें लगाई।
• लड़की ने चिड़ियों की तरह पेड़ पर अपना घोंसला बना लिया।
• लड़की झट पेड़ पर चढ़ गई।
उत्तर:
एक रोज़ कुठ हट्टे-कट्टे आदमी एक बड़े से पेड़ को काटने पहुँचे।
1. लड़की झट पेड़ पर चढ़ गई।
2. लड़की ने चिड़ियों की तरह पेड़ पर अपना घोंसला बना लिया।
3. हट्टे-कट्टे आदमियों के सेठ ने आजीबोगरीब तरकीबें लगाई।
4. लड़की और पेड़ के इर्द-गिर्द हज़ारों लोग इक्ट्ठा होने लगे।
5. कई दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे।

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
अनुबद्ध कार्यः
देश का विकास और प्रकृति संरक्षण विषय पर चर्चा चलाएँ और लघु लेख तैयार करें:
जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
हमारे आस-पास जो चीजें दिखती है, जो इन्सानों द्वारा नहीं बनाई गई है, वे प्रकृति का हिस्सा है। इसमें हवा, पानी, पेड़, जानवर, पहाड सभी शामिल है। देश के विकास में प्रकृति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रकृति को सुरक्षित रखने पर ही हमें स्वच्छ पानी, हवा, मिट्टी आदि की प्राप्ति संभव है।स्वच्छ एवं स्वस्थ मानव ही देश के विकास के लक्षण है। प्रदूषण से बचाकर प्रकृति को सुरक्षित बनाए रखना हर एक नागरिक का कर्तव्य है। प्लास्टिक एवं प्रकृति केलिए हानिकारक खाद पदार्थों के उपयोग से हमें दूर रहना चाहिए। नदी और नाले को हमेशा साफ रखना है ताकि मानव स्वच्छ पानी का उपयोग कर सके। वृक्षों की कटाई को रोकना चाहिए। देश के विकास और प्रकृति संरक्षण दोनों महत्वपूर्ण है। प्रकृति का नुकसान किए बिना हमें देश को विकसित करना है।

നമ്മുടെ ചുറ്റുപാടും കാണുന്ന വസ്തുക്കൾ മനുഷ്യനിർമ്മിതമല്ല, മറിച്ച് പ്രകൃതി യുടെ കൂടെ ഭാഗമാണ്. വായുവും വെള്ള വും പർവ്വതങ്ങളും, വൃക്ഷങ്ങളും വിവിധ പക്ഷിമൃഗാദികളും പ്രകൃതിയുടെ ഭാഗമാണ്. രാജ്യത്തിന്റെ വികസനത്തിൽ മഹത്തായ പങ്ക് ആണ് പ്രകൃതി വഹിക്കുന്നത്. പ കൃതിയെ സുരക്ഷിതമായി സംരക്ഷിച്ചാൽ മാത്രമേ ശുദ്ധവായുവും, ജലവും നമുക്ക് ലഭ്യമാകുകയുള്ളൂ. ആരോഗ്യവാന്മാരായ ജനങ്ങൾ രാജ്യത്തിന്റെ വികസനത്തിന്റെ ലക്ഷണമാണ്. മലിനീകരണത്തിൽ നിന്നും പ്രകൃതിയെ സംരക്ഷിക്കുക എന്നത് പൗരന്റെ കർത്തവ്യമായി മാറണം. പ്ലാസ്റ്റിക്കിന്റെയും പ്രകൃതിയെ ദോഷകരമായി ബാധിക്കുന്ന രാസപദാർത്ഥങ്ങളുടെയും ഉപയോഗം പര മാവധി തടയണം. നദികളെയും തോടുകളെ യും മാലിന്യമുക്തമായി സംരക്ഷിച്ചാൽ മാത്രമേ നമുക്ക് ശുദ്ധജലം ലഭ്യമാകു കയുള്ളൂ. വനനശീകരണം തടയുകയും വേണം. രാജ്യത്തിന്റെ വികസനവും പ്രകൃതി സംരക്ഷണവും പരസ്പര പൂരകങ്ങളാണ്. പ്രകൃതിക്ക് നാശം നേരിടാതെയുള്ള വിക സന സങ്കൽപമാണ് നാം മുന്നോട്ട് വയ്ക്കേണ്ടത്.

प्रश्न 7.
जून और जुलाई महीने के विशेष दिवसों को पहचानें
नमूने के अनुसार कम से कस पाँच दिवसों की सूची बनाएँ।
उत्तर:
पाँच जून (June – 5) – विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment day)
उन्नीस जून (June – 19 ) – वाचन दिवस ( Reading day)
इक्कीस जून (June – 21) – अंतराष्ट्रीय चोगा दिवस (International yoga day)
ग्यारह जुलाई (July – 11) – विश्व जनसंख्या दिवस (World population day)
सात जुलाई (July – 7) – विश्व चॉकलेट दिवस (World Choclate day )

जूलिया और लूना निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:

प्रश्न 1.
एक दिन बड़े से पेड़ को काटने के लिए कौन आये?
उत्तर:
कुछ हट्टे-कट्टे आदमी।

प्रश्न 2.
यह दृश्य कौन देख रहा था?
उत्तर:
एक लड़की।

प्रश्न 3.
पेड़ काटने के लिए आए लोगों को देखकर लड़की ने क्या किया?
उत्तर:
लड़की झट से पेड़ पर चढ़ गई।

प्रश्न 4.
आदमियों के डराने धमकाने पर लड़की ने क्या कहा?
उत्तर:
लड़की ने कहा मैं नहीं उतरूँगी।

प्रश्न 5.
लड़की के कहने पर आदमियों ने क्या सोचा?
उत्तर:
सोचने लगे कि एक न एक दिन लड़की पेड़ से उतरेंगे, तब पेड़ को काटेंगे।

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 6.
हफ्ते महीने बीतने पर भी लड़की किसके लिए तैयार नहीं हुई?
उत्तर:
पेड़ से उतरने के लिए।

प्रश्न 7.
पेड़ पर रहनेवाली लडकी केलिए लोगों ने क्या ले आया?
उत्तर:
खाना,
ले आए।
पानी, स्टोव, किताबें, कंबल, कपड़े, आदि ले आए।

प्रश्न 8.
लड़की ने पेड़ पर क्या बनाई ?
उत्तर:
चिडियों की तरह एक घोंसला।

प्रश्न 9.
बारिश, आँधी और तूफान के आने पर भी लड़की ने पेड़ को कैसे बचाए रखा?
उत्तर:
लड़की पेड़ से उतरी नहीं और पेड़ को काटने से बचाया।

प्रश्न 10.
लड़की को नीचे उतारने के लिए सेठ ने क्या क्या तरकीबें लगाई?
उत्तर:
लौड़ स्पीकर से शोर मचाया, हेलिकॉप्टर उड़ा उड़ाकर लडकी को रात भर जगाए रखा।

प्रश्न 11.
सेठ और उनके लोगों से लडकी बुलंद आवाज़ में क्या कहती थी?
उत्तर:
लड़की कहती थी “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।

प्रश्न 12.
किसकी दोस्ती की कहानी दुनिया भर फैल गई?
उत्तर:
पेड़ और लड़की की दोस्ती।

प्रश्न 13.
सेठ और हट्टे कट्टे आदमी किससे डरने लगे?
उत्तर:
लड़की और पेड़ की दोस्ती से और उनके हज़ारों दोस्तों से।

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 14.
कितने दिन तक सेठ और आदमी पेड़ काटने के इंतज़ार में रहे?
उत्तर:
738 दिनों तक।

प्रश्न 15.
लड़की ने सेठ से क्या वादा ले लिया?
उत्तर:
लड़की ने सेठ से वादा ले लिया ‘यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटेंगे।’

प्रश्न 16.
उस लड़की का नाम क्या है?
उत्तर:
जूलिया।

प्रश्न 17.
उस पेड़ का नाम क्या है?
उत्तर:
लूना

Julia Aur Luna Summary in Malayalam

जूलिया और लूना Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(एक रोज़ कुछ ………………. पेड़ ने लड़की को बचाए रखा और लड़की ने पेड़ को ।) [Textbook page no. 14 & 15)

ഒരു ദിവസം കുറച്ച് ശക്തരായ മനുഷ്യർ ചേർന്ന് വലിയൊരു വൃക്ഷം മുറിക്കാനായി എത്തി. ഒരു പെൺകുട്ടി വൃക്ഷം മുറിക്കാനായി എത്തിയവരെ കണ്ടയുടൻ പെട്ടെന്ന് വൃക്ഷത്തിലേക്ക് ചാടിക്കയറി. അവർ പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കാൻ ശ്രമിച്ചിട്ടും, ഭീഷണിപ്പെടുത്തിയിട്ടും ഭയപ്പെടുത്തിയിട്ടും പെൺകുട്ടി താഴെ ഇറങ്ങാൻ തയ്യാറായില്ല. അവൾ ബഹളം വച്ചുകൊണ്ട് മരത്തിന്റെ ഒരു ശാഖയിൽ ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. അവസാനം പെൺകുട്ടി എപ്പോഴെങ്കിലും ഇറങ്ങുമ്പോൾ വൃക്ഷം മുറിക്കാം എന്ന് അവർ തീരുമാനിച്ചു. ദിവസങ്ങളും, ആഴ്ചകളും, മാസങ്ങളും കഴിഞ്ഞെങ്കിലും പെൺകുട്ടി മരത്തിൽ നിന്നും താഴെ ഇറങ്ങാൻ തയ്യാറായില്ല. പെൺകുട്ടി മരത്തിൽ നിന്നും ഇറങ്ങില്ലെന്ന് മന സ്സിലായതോടെ കണ്ടു നിന്ന ആളുകൾ അവൾക്ക് ഭക്ഷണവും വെള്ളവും, സ്റ്റൗവ്, പുസ്തകങ്ങൾ, പുതപ്പ്, വസ്ത്രങ്ങൾ എന്നിവയും എത്തിച്ചു കൊടുത്തു. സന്തോഷത്തോടെ മധുരമായ വാക്കുകളിൽ അവൾ അവരോടുള്ള നന്ദി പ്രകടിപ്പിച്ചു. പക്ഷികളെപ്പോലെ അവൾ വൃക്ഷത്തിൽ കൂട് ഉണ്ടാക്കി. മഴയെയും തണുപ്പിനെയും കൊടുങ്കാറ്റിനെയും നേരിടേണ്ടി വന്നിട്ടും വൃക്ഷം പെൺകുട്ടിയെയും അവൾ വൃക്ഷത്തെയും സംരക്ഷിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു.

(कहानी पढ़कर सुनाउँ?”…………………………. लड़की बुलंद आवाज़ में उन्हें कहती) [Textbook page no. 15]

“കഥ പറഞ്ഞു കേൾപ്പിക്കട്ടെ?” എന്ന് ചോദിക്കുമ്പോൾ വൃക്ഷം തന്റെ ഇലകളിലൂടെ കാറ്റിന്റെ സംഗീതം പൊഴിക്കുമായിരുന്നു. സേഠിന്റെ ശക്തരായ മനുഷ്യർ വൃക്ഷത്തിന് താഴെ ലൗഡ് സ്പീക്കർ വച്ച് ശബ്ദമുണ്ടാക്കിയും വൃക്ഷത്തിന് മുകളിലൂടെ ഹെലിക്കോപ്റ്റർ പറപ്പിച്ച് ശബ്ദമുണ്ടാക്കിയും വിചി ത്രമായ ഉപായങ്ങൾ പ്രയോഗിച്ചും പെൺകുട്ടിയെ താഴെ ഇറക്കാൻ ശ്രമിച്ചു. ‘നിങ്ങൾക്ക് ഞങ്ങളുടെ സൗഹൃദത്തെ തകർക്കാൻ കഴിയില്ല’ – പെൺകുട്ടി ഉച്ചത്തിൽ അവരോടായി വിളിച്ചു പറഞ്ഞു.

(उनकी अनोखी दोस्ती का किस्सा दुनिया भर में …………………………… उस लड़की का नाम जूलिया है, उस पेड़ का नाम है लूना’ [Textbook page no. 16)

വൃക്ഷത്തിന്റെയും പെൺകുട്ടിയുടെയും സൗഹൃദത്തിന്റെ കഥ ലോകമെമ്പാടും പ്രശസ്തി നേ ടി. വൃക്ഷത്തിന് ചുറ്റും നിരവധി ജനങ്ങൾ തടിച്ചു കൂടാൻ തുടങ്ങി. സേഠിന്റെ ശക്തരായ അനുയാ യികൾ വൃക്ഷത്തിന്റെയും പെൺകുട്ടിയുടെയും സൗഹൃദവും അവളുടെ നിരവധി സുഹൃത്തുക്ക ളെയും കണ്ട് ഭയക്കാൻ തുടങ്ങി. 738 ദിവസത്തോളം കാത്തിരുന്ന് അവസാനം ഒരു നാൾ വൃക്ഷം മുറിച്ചു മാറ്റാനായി എത്തിയ സേഠിന്റെ അനുയായികളെല്ലാം അവിടെ നിന്നും പിരിഞ്ഞുപോകാൻ തുടങ്ങി. ‘ഇവിടുത്തെ ഒരു വൃക്ഷവും വെട്ടി മുറിക്കില്ല’ എന്ന പ്രതിജ്ഞ എടുപ്പിച്ചതോടെ എല്ലാ വൃക്ഷങ്ങളും മുറിച്ചു മാറ്റപ്പെടുമെന്ന ഭീഷണിയിൽ നിന്നും രക്ഷപ്പെട്ടു. ആ പെൺകുട്ടിയുടെ പേര് ‘ജൂലിയ’ എന്നായിരുന്നു. വൃക്ഷത്തിന്റെ പേര് ‘ലൂണ’ എന്നും. രണ്ടുപേരും ഇപ്പോഴും ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്തുക്കളാണ്.

जूलिया लोरेन हिल (ജൂലിയ ലോറൻ ഹിൽ)

जूलिया लोरेन हिल का जन्म 18 फरवरी 1974 को मिसोरी के माउण्ट वेरनोन (यु.एस) में हुआ। आप जूलिया बटरफ्लाई हिल के नाम से जानी जाती है। आप एक सफल लेखिका, अमेरिकी पर्यावरण कार्यकर्त और प्रेरक वक्ता है। आप जंगलों – पेड़ों की कटाई रोकने के लिए 10 दिसंबर 1997 और 18 दिसंबर 1999 के बीच 738 दिन 200 फुट (61 मीटर) ऊँचे, लगभग 1,000 साल पुराने कैलिफोर्निया रेडवुड पेड़ में रहीं। जूलिया पेड़ के शीर्ष के पास एक तंबू में रही थीं, ताकि पैसिफिक लंबर कंपनी के लकड़हारे इसे काट न सकें । वे अंततः पेड़ को बचाने के लिए लंबर कंपनी साथ एक समझौते पर पहुँची। वह पेड़ प्यार से लूना के नाम से जाना जाता था। जूलिया ने सन् 2000 में अपने पेड़ पर बैठने के अनुभव के बारे में एक किताब प्रकाशित की, नाम है “द लिगेसी ऑफ लूना”।

അമേരിക്കയിലെ മിസോറാമിലെ മൗണ്ട് വെർനോണിലാണ് 1974 ഫെബ്രുവരി 18 ജൂലിയ ലോറൽഹിൽ ജനിച്ചത്. ഇവർ ‘ജൂലിയ ബട്ടർഫ്ളൈസ്ഹിൽ’ എന്ന പേരിലും അറിയപ്പെടുന്നു. അമേരിക്കയിലെ പ്രശസ്തയായ എഴുത്തുകാരിയും പരിസ്ഥിതി പ്രവർ ത്തകയുമാണ് ജൂലിയ ലോറൻ ഹിൽ. വനങ്ങളും വൃക്ഷങ്ങളും വെട്ടി നശിപ്പിക്കുന്നതിനെ തിരെ 1997 ഡിസംബർ 10 മുതൽ 1999 ഡിസംബർ 18 ന് ഇടയിൽ 783 ദിവസം 200 അടി ഉയരമുള്ള ആയിരം വർഷം പഴക്കമുള്ള കാലിഫോർണിയ റെഡ് വുഡ് വ്യക്ഷത്തിനു ള്ളിൽ താമസിച്ച് പ്രക്ഷോഭം നടത്തിയിട്ടുണ്ട്. ജൂലിയ വൃക്ഷത്തിനു മുകളിൽ ഒരു ടെന്റിൽ താമസിച്ചുകൊണ്ടായിരുന്നു പസഫിക് ലംബർ കമ്പനിയുടെ മരം വെട്ടുകാരിൽ നിന്നും വൃക്ഷത്തെ സംരക്ഷിച്ചത്. അവസാനം അവർ കമ്പനിയുമായി ഉടമ്പടിയിൽ എത്തിച്ചേരുകയും ചെയ്തു. ആ വൃക്ഷത്തെ സ്നേഹത്തോടെ ‘ലൂണ’ എന്ന പേരിലാ യിരുന്നു വിളിച്ചിരുന്നത്. 2000ൽ ജൂലിയ വൃക്ഷത്തിനുമുകളിൽ ചിലവഴിച്ച ദിവസ ങ്ങളിലെ തന്റെ അനുഭവങ്ങളെക്കുറിച്ച് ‘ദി ലഗസി ഓഫ് ലൂ’ എന്ന പേരിൽ പുസ്തകം പ്രസിദ്ധീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്.

जूलिया और लूना लेखक परिचय

कहानी (नेहा सिंह)
नेहा सिंह
जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
नेहा सिंह का जन्म 5 मई 1982 को वाराणसी में हुआ था। वे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखती हैं और उनकी उन्नीस किताबें प्रकाशित हो चुकी है। बच्चों के लिए खासकर ‘म्यूज़िकल नाटक’ बनाना उन्हें बेहद पसंद है। वे बच्चों के लिए कहानियाँ, कविताएँ लिखती है। ‘राही’ नाम की थिएटर कंपनी चलाती है और लड़कियों-महिलाओं के लिए एक कैंपेन चलाती है जिसका नाम है “व्हाई लोइटर”। उनकी पहली पुस्तक है ‘द वेनेसडे बाज़ार’ जो सन् 2014 में प्रकाशित हुई।

1982 മെയ് 5ന് വാരാണസിയിലാണ് നേഹാ സിംഗ് ജനിച്ചത്. ഹിന്ദിയിലും ഇംഗ്ലീഷിലുമായി 19ൽ പരം പുസ്തകങ്ങൾ രചിച്ചിട്ടുണ്ട്. കുട്ടികൾക്കായി സംഗീതനാടകങ്ങൾ നിർമ്മിക്കുന്നതിൽ വളരെയധികം താൽപര്യം പ്രകടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. കുട്ടികൾക്കായി നിരവധി കഥകളും കവിതകളും എഴുതിയിട്ടുണ്ട്. ‘രാഹി’ എന്ന നാടക കമ്പനി നടത്തി വരുന്നു. കുട്ടികൾക്കും സ്ത്രീകൾക്കുമായി ‘म्यूज़िकल नाटक’ എന്ന ക്യംപയിൻ സംഘടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. ‘വെനസ് ഡെ ബസാർ’ എന്ന ആദ്യ പുസ്തകം 2014 ൽ പുറത്തി റങ്ങിയിട്ടുണ്ട്.

जूलिया और लूना Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

जूलिया और लूना शब्दार्थ

मदद ले :
एक रोज़ – ഒരു ദിവസം
हट्टे-कट्टे – ശക്തനായ
पेड़ – വൃക്ഷം
काटना – മുറിക്കുക
झट – പെട്ടെന്ന് (quickly)
चढ़ गई – കയറി (climbed)
समझाना – പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കുക
धमकाना – ഭീഷണിപ്പെടുത്തുക
डराना – ഭയപ്പെടുത്തുക
बहोत – बहुत
मैं नहीं उतरूंगी – ഞാൻ ഇറങ്ങില്ല
चिल्लाना – ബഹളം വെയ്ക്കുക
शाखा – Branch
आखिर – അവസാനം
हफ्ता – ആഴ്ച്ച (week)
महीना – മാസം (month)
बीतना – കഴിയുക
पता चलना – മനസ്സിലാക്കുക
गद्दा – മെത്ത, matress
कंबल – കമ്പിളി, Blanket, പുതപ്പ്
शुक्रिया – നന്ദി thanks
चहचहाई – സന്തോഷത്തോടെ
चिडिया – പക്ഷി
घोंसला – (nest) കുട്
बारिश – മഴ(rain)
सर्दी – തണുപ്പ്
आँधी-तूफान – കൊടുംകാറ്റ്
बर्फ पड़ना – ഐസ് വീഴുക
बचाए रखना – രക്ഷിക്കുക
पत्ता – ഇല (leaf)
अजीबोगरीब – വിചിത്രമായ
तरकीब – ഉപായം
तेज़ शोर मचाना – ഉച്ചത്തിൽ ശബ്ദം ഉണ്ടാക്കുക
जगाना – ഉണർത്തുക
बुलंद – ഉയർന്ന
आवाज़ – ശബ്ദം
दोस्ती – സൗഹൃദം (friendship)
अनौखी – വിചിത്രമായ
किस्सा – കഥ
दुनिया भर – ലോകം മുഴുവൻ
मशहूर हो गया – प्रसद्धि हो गया
इर्द-गिर्द – ചുറ്റുപാടും
इकट्ठा होना – ഒത്തുചേരുക
डर लगना – പേടിതോന്നുക
चुपचाप वादा करना – നിശബ്ദമായി വാഗ്ദാനം ചെയ്യുക
पक्के देत – ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്തുക്കൾ

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 1 Chapter 1 पेड़ Ped Hindi Poem Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.

Ped Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary

SCERT Class 8 Hindi Unit 1 Chapter 1 Question Answer Kerala Syllabus पेड़

Ped Hindi Poem Question Answer

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 1
विश्लेषणात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
‘धूप सिली तो बिखर गई कतरन – कतरन छायाएँ’ इससे क्या दृश्य उभर आता है?
‘സൂര്യനെ തുന്നിയപ്പോൾ നിഴലുകൾ കഷ ണങ്ങളായി ചിന്നിച്ചിതറി’ ഇതിലൂടെ എന്ത് ദൃശ്യമാണ് ഉയർന്നുവരുന്നത്?
उत्तर:
‘धूप सिली तो बिखर गई कतरन – कतरन छायाएँ’ से ऐसा दृश्य उभरता है जहाँ पेड की पत्तियों से छनकर धूप ज़मीन पर टुकडों टुकड़ों में छाया बनाती है। ये छायाएँ ऐसा लगता है जैसे किसी दर्जी ने कपडे की कतरनों की तरह फैला दी हो।
‘സൂര്യപ്രകാശം തുന്നിചേർത്തപ്പോൾ നിഴ ലുകളുടെ കഷണങ്ങൾ ചിതറിപ്പോയി. എന്ന വാക്യം മരത്തിന്റെ ഇലകളിലൂടെ അരിച്ചിറങ്ങുന്ന സൂര്യപ്രകാശം നിലത്ത് നിഴ ലുകളുടെ കഷണങ്ങൾ സൃഷ്ടിക്കുന്ന ഒരു രംഗം സൃഷ്ടിക്കുന്നു. ഈ നിഴലുകൾ ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ തുണിക്കഷണങ്ങൾ വിരിച്ചിരി ക്കുന്നതുപോലെ അനുഭവപ്പെടുന്നു.

प्रश्न 2.
‘मिट्टी, रंग, हवा, पानी को जोडा दिया तराश’ इसका तातपर्य क्या है?
‘മണ്ണ്, നിറം, വായു, വെള്ളം എന്നിവ ചേർ കൊത്തിയെടുത്തത് ഇതുകൊണ്ട് എന്താണ്അ ർത്ഥമാക്കുന്നത്?
उत्तर:
मिट्टी रंग हवा पानी को जोडा दिया तराश का तात्पर्य है कि पेड ने इन प्राकृतिक तत्वों को एकसाथ जोडकर सुंदर रूप में ढाल दिया। यह पंक्ति पेड की सृजनात्मक शक्ति को दर्शाती है, जैसे वह प्रकृति का कलाकार हो।
‘മണ്ണ്, നിറം, വായു, വെള്ളം എന്നിവയെ മുറിച്ച് കൂട്ടിച്ചേർത്തു എന്നതിന്റെ അർത്ഥം മരം ഈ പ്രകൃതിദത്ത ഘടകങ്ങളെ ഒരുമിച്ച് ചേർത്ത് മനോഹരമായ ഒരു ആകൃതിയിൽ രൂപപ്പെടുത്തിയിരിക്കുന്നു എന്നാണ്. പ്രകൃതി യുടെ കലാകാരനെപോലെ മരത്തിന്റെ സൃഷ്ടി പരമായ ശക്തിയെ ഈ വരിയിലൂടെ വർണ്ണി ക്കുന്നു.

प्रश्न 3.
‘रंग महक की हुई सिलाई’ इसका मतलब वया है?
നിറവും സുഗന്ധവും തുന്നിച്ചേർത്തു. ഇതി ന്റെ അർത്ഥമെന്താണ്?
उत्तर:
रंग महक की हुई सिलाई का मतलब है कि पेड़ ने फूलों में रंग और खुशबू को ऐसा जोडा है जैसे कोई दर्जी सिलाई करता है। यह पंक्ति बताती है कि पेड़ ने सौंदर्य और सुगंध को मिलाकर फूलों को आकर्षित बनाया है।
നിറവും സുഗന്ധവും തുന്നിച്ചേർത്തു എന്നാൽ ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ തുന്നുന്നതു പോലെ മരം പൂക്കൾക്ക് നിറവും സുഗന്ധ വും ചേർത്തിരിക്കുന്നു എന്നാണ്. സൗന്ദര്യ വും സുഗന്ധവും സംയോജിപ്പിച്ച് മരം പൂക്കളെ ആകർഷകമാക്കിയിട്ടുണ്ടെന്ന് ഈ വരികളിലൂടെ കവി വ്യകിതമാക്കുന്നു.

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 4.
‘वन के पेड में वन के स्वाद सिले हैं।’ का मतलब क्या है?
‘കാട്ടിലെ സുഗന്ധങ്ങൾ കാട്ടിലെ മരങ്ങളിൽ തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നു.’ എന്താണ് ഇതി ന്റെ അർത്ഥം?
उत्तर:
‘वन के पेड़ में वन के स्वाद सिले हैं’ का मतलब है कि जंगल के पेड़ों में जंगल की खास पहचान स्वाद और विशेषता भरी हुई है। यह पंक्ति दिखाती है कि हर पेड अपने पर्यावरण से जुडा होता है और उसमें उसी स्थान का स्वाद खुशबू और प्रकृति बसती है।
വനത്തിലെ മരങ്ങളിൽ വനത്തിന്റെ സ്വാദ് തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നു എന്നതിന്റെ അർ ത്ഥം വനത്തിലെ മരങ്ങൾ കാടിന്റെ തന തായ വ്യക്തിത്വം, രുചി, സവിശേഷതകൾ എന്നിവയാൽ നിറഞ്ഞിരിക്കുന്നു എന്നാണ്. ഓരോ വൃക്ഷവും അതിന്റെ പരിസ്ഥിതിയുമായി ബന്ധപ്പെട്ടിരിക്കുന്നുവെന്നും ആ സ്ഥലത്തിന്റെ രുചി, സുഗന്ധം, സ്വഭാവം എന്നിവ അതി ലടങ്ങിയിരിക്കുന്നുവെന്നും ഈ വരികളിലൂടെ വ്യകിതമാക്കുന്നു.

आप अपनी जिंदगी को कैसे सिलना चाहते है ?
നിങ്ങളുടെ ജീവിതം എങ്ങനെ രൂപപ്പെടുത്താനാണ് നിങ്ങൾ ആഗ്രഹിക്കുന്നത്?
उत्तर:
मैं अपनी जिंदगी को अच्छे विचारों, सच्चाई, मेहनत, और प्यार की सिलाई से सिलना चाहता हूँ।
നല്ല ചിന്തകൾ, സത്യം, കഠിനാധ്വാനം, സ്നേഹം എന്നിവയാൽ എന്റെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടു ക്കാൻ ഞാൻ ആഗ്രഹിക്കുന്നു.

प्रश्न 1.
कविता में पेड किन-किन को सिलता है?
चुनकर नीचे लिखें।
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 2
उत्तर:
धूप
किनारे
हवाएँ
फूल
घोंसले
ज़मीनें

प्रश्न 2.
संबंध पहचानों और जोडे बनाएँ।
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 3
उत्तर:
धूप – छाया
मिट्टी – रंग
पानी – आकाश
फूल – पशमीने

प्रश्न 3.
कविता से ये आशयवाली पंक्तियाँ चुनकर लिखें :
धूप के सिलने से छायाएँ बिखर गई हैं।
उत्तर:
धूप सिली तो बिखर गई
कतरन – कतरन छायाएँ

पेड़ ने रंग और सुगंध की सिलाई की।
उत्तर:
रंग महक की हुई सिलाई
फूल सिले पशमीने

पेड ने मिट्टी, रंग, हवा और पानी को तराश के जोड़ा है।
उत्तर:
मिट्टी रंग हवा पानी को
जोडा दिया तराश

पेड ने प्रत्येक फल में अपना स्वाद भरा है।
उत्तर:
आम में आम के स्वाद सिले हैं

प्रश्न 4.
शब्दों का आपसी संबंध पहचानें। ‘सिलें’ या ‘सिलीं’ से पूरा करें।
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 4
उत्तर:
सिले पत्ते
सिलीं कलियाँ
सिली नदियाँ
सिलीं डालियाँ

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 5.
पेड़ को दर्जी क्यों कहा गया है? चर्चा चलाएँ । कविता का आशय लिखें।
उत्तर:
श्री सुशील शुक्ल बालसाहित्य के क्षेत्र में पच्चीस सालों से काम कर रहे हैं। आप ‘चकमक’ बालपत्रिका के संपादक रहे थे। उनकी एक संदर कविता है ‘पेड़’ । कवि कहते हैं कि पेड केवल पेड नहीं है, वे एक दर्जी (tailor) है। दर्जी कपड़ों को सिलकर नया रूप देता है, वैसे ही पेड भी प्रकृति के अलग अलग तत्वों को जोड़कर, संवारकर और सजाकर हमें बहुत कुछ देते हैं।

पेड़ घोंसले सिलते हैं यानि पक्षियों को रहने के लिए जगह देते हैं। पेड घोंसले सिलते हैं यानी पक्षियों को रहने के लिए जगह देते हैं। पेड हवा, धूप और छाया को स्वाभाविक ढंग से बाँटते है, जैसे दर्जी कपडे को काट-छांट कर सुंदर बनाता है। पेड मिट्टी, पानी, रंग, आकाश, हवा इन सबको जोडकर हमें सुंदर प्राकृतिक वातावरण देते हैं। पेड ज़मीन पर, फूलों से, रंगों से, सुगंध से सुंदरता और जीवन भरते हैं। आम और जामुन जैसे फलों में वे उनका स्वाद सिलकर डालते हैं। यानी पेड़. हमें स्वादिष्ट फल देते हैं और हर पेड़ में उसकी विशेषता होती है।

इस तरह कवि ने पेड़ को एक कला- निपुण दर्जी की तरह देखा है, जो बडी मेहनत और सृजनात्मकता से प्रकृति को सुंदर और उपयोगी बनाता है, पेड़ हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। वे सिर्फ खडे रहनेवाले पेड़ नहीं, बल्कि सृजनकर्ता है, जीवनदाता है। जैसे एक दर्जी अपनी कला से कपडों को सुंदर बनाता है, वैसे ही पेड हमारी धरती को सुंदर, उपयोगी और जीवंत बनाते हैं।

ശ്രീ സുശീൽ ശുക്ല ബാലസാഹിത്യ മേഖല യിൽ ഇരുപത്തി അഞ്ച് വർഷത്തോളമായി പ്രവർത്തിച്ച് വരുന്നു. അദ്ദേഹം ‘ചക് മക്’ എന്ന ബാലമാഗസിന്റെ എഡിറ്റർ ആയിരുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഒരു സുന്ദരമായ കവിത യാണ് ‘पेड़’.

മരം നീ വെറുമൊരു മരമല്ല, നീ ഒരു തയ്യൽക്കാരനാണ് എന്ന് കവി പറയുന്നു. തയ്യൽക്കാരൻ തുണികൾ തയ്ച്ച് പുതിയ രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു. അതുപോലെ പ്രകൃതി യിലെ വിവിധ വസ്തുക്കളെ യോജിപ്പിച്ച്, ആകർഷണീയമാക്കി, അലങ്കരിച്ച് മരം മുക്ക് ഒരുപാട് രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു.

മരം പക്ഷിക്കൂടുകൾ തുന്നുന്നു. അതാ യത് പക്ഷികൾക്ക് താമസിക്കാനായി സ്ഥലം നൽകുന്നു. എപ്രകാരമാണോ തയ്യൽക്കാരൻ വസ്ത്രങ്ങളെ കഷ്ണങ്ങളാക്കി, പിന്നീട് സുന്ദരരൂപം നൽകുന്നത്. അപ്രകാരം മരം, വായു, സൂര്യപ്രകാശം, നിഴൽ എന്നിവയെ വിഭജിച്ച് സുന്ദരമാക്കുന്നു. മണ്ണ്, വെള്ളം, നിറം. ആകാശം, വായു എന്നിവയെ യോജിപ്പിച്ച് മരം നമുക്ക് പ്രകൃതിസുന്ദരമായ അന്തരീക്ഷം സൃഷ്ടിക്കുന്നു. പൂക്കളിലൂടെ, നിറങ്ങളിലൂടെ സുഗന്ധത്തിലൂടെ മരം ഭൂമി യിൽ സൗന്ദര്യവും, ജീവനും നൽകുന്നു. മാങ്ങ യിലും, ഞാവൽ പഴത്തിലും അതിന്റേതായ സ്വാദ് നൽകുന്നു. എല്ലാ മരങ്ങളും അതി ന്റേതായ സ്വഭാവ സവിശേഷതകൾ നിലനിർ ത്തുന്നു.

ഇപ്രകാരം കവി മരത്തെ ഒരു കലാ വൈഭവമുള്ള തയ്യൽക്കാരനായാണ് കാണു ന്നത്. മരം തന്റെ കഠിനാധ്വാനത്തിലൂടെ സൃഷ്ടി പരമായ കഴിവുകളിലൂടെ പ്രകൃതിയെ സുന്ദ രവും ഉപയോഗയോഗ്യവുമാക്കി തീർക്കു ന്നു. മരം നമ്മുടെ ജീവിതത്തിലെ ഒഴിച്ചുകൂടാ നാവാത്ത ഭാഗമാണ്. വെറുതെ നിൽക്കുന്ന ഒന്നല്ല മരം, പകരം സൃഷ്ടാവാണ്, ജീവൻ ദാതാവാണ് (ജീവൻ നൽകുന്നവൻ) എപ കാരമാണോ ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ തന്റെ കലാ വൈഭവംകൊണ്ട് വസ്ത്രങ്ങളെ സുന്ദരമാ ക്കുന്നത്, അപ്രകാരം മരം നമ്മുടെ ഭൂമിയെ സുന്ദരവും, ഉപയോഗയോഗ്യവും, ജീവനുള്ളതുമാക്കി

प्रश्न 5.
कविता आपको कैसे लगी?
अपना मत प्रकट करते हुए कवि के नाम पत्र लिखें।
(കവിത താങ്കൾക്ക് എങ്ങനെ അനുഭവപ്പെട്ടു? തന്റെ അഭിപ്രായം പ്രകടി ടപ്പിച്ചുകൊണ്ട് കവിയുടെ പേരിൽ ഒരു കത്ത് (Letter) തയ്യാറാക്കുക.)
उत्तर:

कोषिक्कोड
7 जून 2025

आदरणीय कवि सुशील शुक्लजी,
सादर नमस्कार !

मैं आठवीं कक्षा का छात्र हुँ। मैंने आपकी लिखी कविता ‘पेड’ पढ़ीं। यह कविता मुझे बहुत अच्छी लगी।

आपने पेड को दर्जी के रूप में दिखाया, यह बहुत ही सुंदर और नई कल्पना है। आपने यह बहुत खूबसूरती से बताया कि पेड कैसे हवा, पानी, धूप, मिट्टी, रंग, और स्वाद को जोडकर हमें जीवन देते हैं । कविता की भाषा सरल है, लेकिन उसके अर्थ बहुत गहरे हैं। जब आपने लिखा- “धूप सिली तो बिखर गई कतरन कतरन छायाएँ ” तो मुझे लगा जैसे मैं सचमुच उस पेड के नीचे खडा हूँ।

आपकी यह कविता न केवल पेड के महत्व को बताती है। बल्कि हमें प्रकृती से प्यार करना और उसकी रक्षा करना भी सिखाती है। मैं आशा करता हूँ कि आप ऐसी और रचनाएँ लिखते रहेंगे, जो हमें सोचने और सीखने की प्रेरणा दें।

आपका शुभचिंतक
(हस्ताक्षर)
साहिल के।

सेवा में
सुशील शुक्ल
होशंगाबाद
मध्यप्रदेश

पेड़ निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें :

प्रश्न 1.
पेड़ नामक कविता के कवि कौन है?
उत्तर:
सुशील शुक्ल।

प्रश्न 2.
कवि ने पेड़ को क्या कहकर बुलाया है?
उत्तर:
दर्जी

प्रश्न 3.
धूप खिली तो कैसे बिखर गई?
उत्तर:
छायाओं के टुकडे ।

प्रश्न 4.
पेड़ ने मिट्टी सिलकर क्या बनाया?
उत्तर:
रंग

प्रश्न 5.
पेड़ ने पानी सिलकर क्या बनाया?
उत्तर:
आकाश

प्रश्न 6.
पेड़ ने किन- किनको तराश के जोड दिया है?
उत्तर:
मिट्टी, रंग, हवा और पानी को।

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

प्रश्न 7.
पेड़ ने फूलों को सिलाकर क्या बनाया?
उत्तर:
पशमीने।

प्रश्न 8.
पेड़ ने आम में क्या सिला दिया है?
उत्तर:
आम का स्वाद।

प्रश्न 9.
जामुन का स्वाद किसमें सिला है?
उत्तर:
जामुन के फल में।

प्रश्न 10.
बाग में किसका स्वाद सिला है?
उत्तर:
बाग का स्वाद।

प्रश्न 11.
वन का स्वाद कहाँ सिला है?
उत्तर:
वन के पेड़ में।

Ped Hindi Poem Summary in Malayalam

पेड़ Summary in Malayalam

पाठ का सारांश :
(पेड़ तुम पेड नहीं. ………………. तुम दर्जी ।I) [Textbook page no. 8]

श्री सुशील शुक्ल बालसाहित्य के क्षेत्र में पच्चीस सालों से काम कर रहे हैं। आप ‘चकमक’ बालपत्रिका के संपादक रहे थे। उनकी एक सुंदर कविता है ‘पेड’ । कवि कहते हैं कि पेड़ केवल पेड़ नहीं है, वे एक दर्जी ( tailor) है। दर्जी कपड़ों को सिलकर नया रूप देता है, वैसे ही पेड भी प्रकृति के अलग अलग तत्वों को जोड़कर, संवारकर और सजाकर हमें बहुत कुछ देते हैं। पेड़ घोंसले सिलते हैं यानि पक्षियों को रहने के लिए जगह देते हैं। पेड की पत्तियों से छनकर धूप ज़मीन पर टुकडे टुकडे होकर छाया बनाती है। ये छायाएँ ऐसा लगता है जैसे किसी दर्जी ने कपडे की कतरनों की तरह फैला दी हो।

ശ്രീ സുശീൽ ശുക്ല ബാലസാഹിത്യ മേഖലയിൽ ഇരുപത്തി അഞ്ച് വർഷത്തോളമായി പ്രവർത്തിച്ച് വരുന്നു. അദ്ദേഹം ‘ചക് മക്’ എന്ന ബാലമാഗസിന്റെ എഡിറ്റർ ആയിരുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഒരു സുന്ദരമായ കവിതയാണ് ‘പേഡ്’. കവി പറയുന്നു. മരം നീ വെറുമൊരു മരമല്ല, നീ ഒരു തയ്യൽക്കാരനാണ്. തയ്യൽക്കാരൻ തുണികൾ തയ്ച്ച് പുതിയ രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു. അതു പോലെ പ്രകൃതിയിലെ വിവിധ വസ്തുക്കളെ യോജിപ്പിച്ച്, ആകർഷണീയമാക്കി, അലങ്കരിച്ച് മരം നമുക്ക് ഒരുപാട് രൂപങ്ങൾ നൽകുന്നു. മരം പക്ഷിക്കൂടുകൾ തുന്നുന്നു അതായത് പക്ഷികൾക്ക് താമസിക്കാനായി സ്ഥലം നൽകുന്നു. മരത്തിന്റെ ഇലകളിലൂടെ സൂര്യപ്രകാശം നിലത്തേക്കിറങ്ങി ഭൂമിയിൽ നിഴലുകളുടെ കഷണങ്ങൾ സൃഷ്ടിക്കുന്നു. ഈ കഷണങ്ങൾ, ഏതോ തയ്യൽക്കാരൻ തുണിക്കഷണങ്ങൾ വിരിച്ചതുപോലെ കാണപ്പെടുന്നു.

(मिट्टी सिलकर …… सिले पशमीने) (Textbook page no.9]

पेड, मिट्टी, पानी, रंग, आकाश, हवा इन सबको जोडकर हमें सुंदर प्राकृतिक वातावरण देते हैं। सुंदर रंगोंवाली फूलों के ज़रिए पेड मिट्टी को सिलता है। आकाश के ज़रिए पेड पानी को सिलता है। इन पंक्तियों में पेड की सृजनात्मक शक्ति मिलती है, जैसे वह प्रकृति का कलाकार हो। पेड़, सिर्फ पेड नहीं दर्जी है। पेड़ ने कितने किनारों को सिला दिया है। मतलब कई किनारों को भूक्षरण से बचा दिया है। कितनी ज़मीनों का सिला दिया है, यानी ज़मीन को बचा दिया है। विभिन्न रंग और सुगंधवाले फूलों को बनाकर भूमि को एक पशमीने की तरह सिला दिया है।

മണ്ണ്, വെള്ളം, നിറം, ആകാശം, വായു എന്നിവയെ ഒരുമിച്ച് ചേർത്ത് വെച്ച് മരം നമുക്ക് സുന്ദരമായ പ്രകൃതിയുടെ അന്തരീക്ഷം പ്രദാനം ചെയ്യുന്നു. സുന്ദരമായ പുഷ്പങ്ങളിലൂടെ മരം മണ്ണിനെ തുന്നിച്ചേർക്കുന്നു. ആകാശം വഴി മരം വെള്ളത്തെ തുന്നിച്ചേർക്കുന്നു. പ്രകൃതിയുടെ കലാ കാരനെപ്പോലെ മരത്തിന്റെ സൃഷ്ടിപരമായ ശക്തിയെ ഈ വരികളിൽ കാണാൻ സാധിക്കുന്നു. മരം വെറുമൊരു മരമല്ല, ഒരു തയ്യൽക്കാരനാണ്. എത്രയെത്ര തീരങ്ങളെയാണ് മരം തുന്നിച്ചേർ ത്തിരിക്കുന്നത്. അതായത് മണ്ണ് സംരക്ഷിച്ചിരിക്കുന്നത്. പലനിറങ്ങളിലും, സുഗന്ധത്തിലുമുള്ള പൂക്കളെ സൃഷ്ടിച്ച് ഭൂമിയെ ഒരു മിനുസമുള്ള കമ്പിളി വസ്ത്രം പോലെ തുന്നിച്ചേർത്ത് വെയ്ക്കുന്നു.

(पेड़ तुम …………………… तुम दर्जी।) [Textbook page no. 9]

कवि कहते हैं कि पेड सिर्फ एक पेड नहीं। वह दर्जी है। आम में आम के स्वाद सिले हैं। जमुन के फल में जामुन के फल का स्वाद सिले है। बाग में बाग का स्वाद सिले है। जंगल के पेडों में जंगल की खास पहचान, स्वाद और विशेषता भरी हुई है। ये पंक्तियाँ दिखाती है कि हर पेड अपने पर्यावरण से जुड़ा होता है। उसमें उसी स्थान का स्वाद, खुशबु और प्रकृति बसती है।

കവി പറയുന്നു മരം വെറുമൊരു മരമല്ല, ഒരു തയ്യൽക്കാരൻ കൂടിയാണ്. മാങ്ങയിൽ മാങ്ങയുടെ സ്വാദാണ് തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നത്. പൂന്തോട്ടങ്ങളിൽ അതിന്റെ സ്വാദാണ് തുന്നിച്ചേർത്തിരിക്കുന്നത്. വനത്തിലെ മരങ്ങൾ കാടിന്റെ തനതായ വ്യക്തിത്വം, രുചി, സവിശേഷതകൾ എന്നിവയാൽ നിറഞ്ഞിരിക്കുന്നു. ഓരോ വൃക്ഷവും അതിന്റെ പരിസ്ഥിതിയുമായി ബന്ധപ്പെട്ടിരിക്കുന്നുവെന്നും, ആ സ്ഥലത്തിന്റെ രുചി, സുഗന്ധം, സ്വഭാവം എന്നിവ ഉണ്ടെന്നും ഈ വരികകളിലൂടെ വ്യക്തമാക്കുന്നു.

पेड़ Hindi Poem कवि परिचय

कविता (सुशील शुक्ल)

सुशील शुक्ल
पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam 5
सुशील शुक्ल का जन्म 25 मार्च 1974 में मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में हुआ। आप बाल साहित्य के क्षेत्र में लगभग ढाई दशकों से काम कर रहे हैं। आप ‘प्लूटो’ और ‘साइकिल’ बाल पत्रिकाओं के संपादक भी हैं। आप ‘चकमक’ बाल पतिकों के संपादक रहे थे। ‘ये सारे उजाला सूरज का’, ‘टिफिन दोस्त, ‘फेरीवाले’ सहित आपकी बारह बाल पुस्तकों का प्रकाशन ‘एकलव्य प्रकाशन’ ने किया। 2024 के हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य पुरस्कार से वे सम्मानित है।

മധ്യപ്രദേശിലെ ഹോശംഗാബാദിൽ 25 മാർച്ച് 1974ലാണ് സുശീൽ ശുക്ല ജനിച്ചത്. അദ്ദേഹം ബാലസാഹിത്യ മേഖലയിൽ ഏകദേശം ഇരുപത്തിയഞ്ച് വർ ഷത്തോളമായി പ്രവർത്തിച്ചു വരുന്നു. അദ്ദേഹം ‘प्लूटो’ ‘साइकिल’ എന്നീ ബാലമാഗസിനുകളുടെ എഡിറ്റർ കൂടിയാണ്. അദ്ദേഹം ‘ചക്’ ബാല മാഗസിന്റെ എഡിറ്റർ ആയിരുന്നു. ‘ये सारे उजाला सूरज का’, ‘टिफिन दोस्त’, ‘फेरीवाले’ അദ്ദേഹത്തിന്റെ പന്ത്രണ്ടോളം ബാലപുസ്തകങ്ങൾ ‘ഏകലവ്യൻ പ്രകാശൻ’ പ്രസിദ്ധീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്. 2024 ലെ ഹരികൃഷ്ണ ദേവസരേ ബാലസാഹിത്യ പുരസ് കാരത്താൽ അദ്ദേഹം ആദരിക്കപ്പെട്ടിട്ടുണ്ട്.

पेड़ Hindi Poem Class 8 Question Answer Notes Summary in Malayalam

पेड़ शब्दार्थ

मदद ले :
पेड़ – വൃക്ഷം, മരം
दर्जी – തയ്യൽക്കാരൻ, tailor
सिलना – തുന്നുക, to stitch
घोंसले – പക്ഷിക്കൂട്
हवाएँ – കാറ്റ്
धूप – സൂര്യകിരണങ്ങളുടെ പ്രകാശം
बिखर जाना – ചിതറുക, scattering
कतरन – കഷണങ്ങൾ,, pieces
छायाएँ – നിഴലുകൾ
मिट्टी – മണ്ണ്
रंग – നിറം,, colour
तराश – രൂപപ്പെടുത്തൽ, Carving
किनारे – തീരങ്ങൾ
ज़मीन – മണ്ണ്, ഭൂമി
महक – സുഗന്ധം
सिलाई – തുന്നൽ
पशमीने – മൃദുവായ കമ്പിളി വസ്ത്രങ്ങൾ
आम – മാങ്ങ
जामुन – ഞാവൽ പഴം
बाग – തോട്ടം

8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

Practicing with Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Question Papers and Second Term Question Paper 2022-23 will help students prepare effectively for their upcoming exams.

Class 8 English Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

Time: 90 minutes
Max. Score : 40

सामान्य निर्देश :

  • पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
  • वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।

सूचना: ‘ बात उस मंगलवार की ‘डायरी का यह अंश पढ़ें और 1 से 3 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

पाँच बजे तक तेज़ बारिश हो गई और अभी भी कुछ मरीज़ देखने बाकी हैं। आज हमने ७० मरीज़ देखे । अब तक अंधेरा बहुत गहरा गया है औ बारिश भी मूसलघार है। हम अपनी जीप तक तो नहीं पहुँच पाएँगे। रात यहीं रुकना पड़ेगा । हम चूल्हे के पास बैठकर गर्म दाल – चावल और साग का भोजन करते हैं।

प्रश्न 1.
रमणी अटकुरी को रात मे जंगल के गाँव रुकना पड़ता है। कारण क्या है ?
(क) तेज़ बारिश हो रही थी।
(ख) अंधेरे से भय था ।
(ग) पैदल चलना नहीं चाहती थी ।
(घ) बहुत भूख लग रही थी।
उत्तर :
तेज़ बारिश हो रही थी

प्रश्न 2.
नमूने के अनुसाल वाक्य की पूर्ति करें ।
हम भोजन करते हैं। मैं भोजन करता हूँ। हम जंगल चलते हैं। मैं
उत्तर :
मैं जंगल जाता हूँ।

प्रश्न 3.
संकेतों के आधार पर डाक्टर रमणी अटकुरी की चरित्रगत विशेषताओं पर टिप्पणी लिखें ।

  • कर्तव्यनिष्ठ
  • ईमानदार
  • आत्मविश्वासी
  • सहानुभूति रखनेवाली

अथवा
समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं। रमणी अटकुरी भी समाज सेविका एवं कर्तव्यनिष्ठ डॉक्टर हैं। उनका अभिनंदन करते हुए एक पत्र लिखें ।
उत्तर :
डॉ. रमणी अटकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सक है। वह रोगियों के पास जाकर चिकित्सा करती है। बिना लाइट – पंखे के बीच जंगल में एक कट्टी झोपडी में रोगियों को देखती है। ज़मीन पर सोती है, घने जंगलों के बीच सफर कर पैदल नदी पार कर, गरीब लोगों का इलाज करती है। इस तरह डॉ. रमणी अटकुरी कर्तव्यनिष्ठ, आत्मविश्वासी, ईमानदार और सहानुभूति रखनेवाली है।

ഡോ. രമണി അട്കുറി സാമൂഹികാരോഗ്യ ഡോക്ടറാണ്. അവർ രോഗികളുടെ അടുത്ത് പോയിട്ടാണ് ചികിത്സിക്കു ന്നത്. ലൈറ്റും ഫാനുമില്ലാത്ത കാട്ടിലെ ഒരു പൊട്ടി പൊളിഞ്ഞ കുടിലിലാണ് രോഗികളെ പരിശോധിക്കു ന്നത്. നിലത്താണ് കിടന്നുറങ്ങുന്നത്. ഇടതൂർന്ന വനത്തിലൂടെ യാത്ര ചെയ്ത്, നടന്ന് നദിയ്ക്കക്കരെ കടന്ന് പാവപ്പെട്ടവരെ ചികിത്സിക്കുന്നു. അങ്ങനെ ഡോ. രമണി അട്കുറി ചുമതലാ ബോധമുള്ള, ആത്മവിശ്വാസി യായ, വിശ്വസ്തതയുള്ള, സഹാനുഭൂതിയുള്ള ഡോക്ടറാണ്.

अथवा

उडीसा,
10/08/2005

प्रिय डॉ. रमणी,
आप को ठीक है न? आप सचमुच दुसरों केलिए जीती है। मैं यह जानकर बहुत खुश हूँ कि आप समाज सेविका एवं कर्तव्य निष्ठ डॉक्टर है। मैं आपको हार्दिक वधाइयाँ देती हूँ। आप कितने साहसी हैं कि घने जंगलों के बीच सफर कर, पैदल नदी पार कर गरीब लोगों का इलाज करती है। आपकी सहानुभूति मैं बिलकुल पहचानती हूँ। इसतरह सेवा करनेवालों को अन्तर्देशीय पुरस्कार मिल जाएगा। आपको यह पुरस्कार मिल जाने की प्रार्थना से मैं यह खत समाप्त करती हूँ।
सेवा में नाम और पता
तुम्हारी प्रिय सहेली,
हस्ताक्षर,
प्रियंका

ഒറിസ്സാ
10/08/2005

പ്രിയ ഡോ. രമണി,
താങ്കൾക്ക് സുഖമല്ലേ? താങ്കൾ വാസ്തവത്തിൽ മറ്റുള്ള വർക്ക് വേണ്ടിയാണ് ജീവിക്കുന്നത്. താങ്കളൊരു സാമൂഹിക സേവികയും ചുമതലാബോധവുമുള്ള ഡോക്ടറാണെന്നറി യുന്നതിൽ എനിക്ക് വളരെ സന്തോഷമുണ്ട്. താങ്കൾക്ക് ഹൃദ്യ മായ അഭിനന്ദനം നല്കുന്നു. താങ്കൾ എത്രയോ ധൈര്യശാലി യാണ്. ഇടതൂർന്ന വനത്തിലൂടെ യാത്ര ചെയ്ത്, നടന്ന് നദിയുടെ അക്കരെ ചെന്ന് പാവപ്പെട്ടവരെ ചികിത്സിക്കുന്നു. താങ്കളുടെ സഹാനുഭൂതി ഞാൻ തീർച്ചയായിട്ടും തിരിച്ചറി യുന്നു. ഇങ്ങനെ സേവനം ചെയ്യുന്നവർക്ക് അന്തർദ്ദേശീയ പുരസ്കാരം ലഭിക്കും. താങ്കൾക്ക് ഇങ്ങനെയൊരു പുരസ് കാരം ലഭിക്കട്ടെയെന്ന് പ്രാർത്ഥിച്ചുകൊണ്ട് ഞാൻ ഈ കത്ത് അവസാനിപ്പിക്കുന്നു.

നിങ്ങളുടെ പ്രിയ കൂട്ടുകാരി
പ്രിയങ്ക

സ്വീകർത്താവ്
പേരും വിലാസവും

8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

सूचना: ‘डॉक्टर के नाम मज़दूर का पत्र’ कविता की ये पंक्तियाँ पढ़ें और प्रश्न 4 और 5 के उत्तर लिखें।

बहुत ज़्यादा काम
और बहुत कम भोजन ने
दुबला कर दिया है हमें
नुस्खे पर लिखते हो
“और वज़न बढ़ाओ”
यह तो वैसा ही है
दलदली घास से कहो
कि यह शुश्क रहे

प्रश्न 4.
मज़दूर क्यों दुबला हो गया है ?
(क) व्यंर्थ बैठने से
(ख) कम भोजन से
(ग) काम नहीं करने से
(घ) दवा खाने से
उत्तर :
कम भोजन से

प्रश्न 5.
कवितांश का आशय लिखें।
उत्तर :
यह कवितांश कवि बतोंल्ट ब्रेख्त की ‘डॉक्टर के नाम मज़दूर का पत्र’ से लिया गया है। इन पंक्तियों में कवि ने मज़दूर लोगों के दुबला रहने के बारे में बताया है।
काम बहुत मगर कम भोजन। इससे मज़दूर दुबला होगया। डॉक्टर वजन बढ़ाने का निर्देश देता है और नुस्खे पर लिखता है। यह सचमुच दलदली घास से खुश्क रहने की बात कहने के समान है। यहाँ डॉक्टर पर व्यंग्य है।
ഈ കവിതാ ഭാഗം കവി ബതോൾഡ് ബ്രേക്സ് ‘डॉक्टर के नाम मज़दूर का पत्र’ ന്റെ കവിതയിൽ നിന്നും എടുത്തി ട്ടുള്ളതാണ്. ഈ വരികളിൽ തൊഴിലാളികൾ ക്ഷീണിച്ചിരിക്കു ന്നതിനെപ്പറ്റിയാണ് പറഞ്ഞിരിക്കുന്നത്.
ജോലി കൂടുതലും ഭക്ഷണ കുറവും. അതുകൊണ്ട് തൊഴിലാളി മെലിഞ്ഞുപോയി. ഡോക്ടർ തൂക്കം കൂട്ടാനുള്ള കുറിപ്പ് എഴുതികൊടുക്കുന്നു. ഇത് വാസ്തവത്തിൽ ചതുപ്പ് നിലത്ത് നിൽക്കുന്ന പുല്ലിനോട് ഉണങ്ങിയിരിക്കുന്നു എന്ന് പറയുന്നതുപോലെയാണെന്നാണ് കവി പറയുന്നത്. ഇത് ഡോക്ടറോടുള്ള പരിഹാസമാണ്.

सूचना: ‘इंद्रधनुष धरती पर उतरा’ चित्रकथा का यह अंश पढ़ें और 6 से 8 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

लड़के ने उसे विदा दी। वर्ष की बूँदें बरसने लगी। पूर्व में सूर्य की किरणें झलकने लगी । सात रंगोंवाला इन्द्रधनुष चमकने लगा । सप्तम फिर से अपना घर पहुँच गया था।

प्रश्न 6.
लड़के ने किसकी विदा दी ?
(क) सूर्य की
(ख) वर्षा की
(ग) इंद्रधनुष की
(घ) किरण की
उत्तर :
इन्द्रधनुष की

प्रश्न 7.
वाक्य पिरमिड की पूर्ति करें ।
(सूर्य की, सुंदर)
8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 1
उत्तर :
8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 2

प्रश्न 8.
सप्तम वापस गया। लड़के ने उस दिन अपनी डायरी लिखी। लड़के की डायरी कल्पना करके लिखें। (4)
उत्तर :

4 जून 1985 शनिवार
  • आज मुझे बड़ी खुशी हुई।
  • आसमान से इन्द्रधनुष मेरे घर आया ।
  • लेकिन सप्तम उदास होगया ।
  • क्योंकि झोंपड़ी के अंधकार में उसका सुंदर रंग दिखाई नहीं दिया।
  • अगली सुबह को वह वापस गया ।
  • वह बडी शुक्रिया के साथ गया ।

सूचनाः ‘मेरे बच्चे को सिखाएँ ‘साक्षात्कार का यह अंश पढ़े और कहानी का यह अंश पढे और 10 से 12 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

उसे किताबों की मनमोहक दुनिया में अवश्य ले जाएँ। साथ साथ उसे प्रकृति की सुंदरता, (नीले आसमान में उड़ते आज़ाद पक्षी) सुनहरी धूप में गुनगुनाती मधुमक्खियाँ और पहाड़ के ढलानों पर खिलाखिलाते जंगली फूलों की हँसी को भी निहारने दें। स्कूल में उसे सिखाएँ कि | नकल करके पास होने से फेल होना बेहतर है।

प्रश्न 9.
‘नीला आसमान’ में विशेषण शबाद कौन-सा है ? (1)
उत्तर :
नीला

प्रश्न 10.
‘नकल करके पास होने से फेल होना बेहतर है । ‘यह किसका कथन है ? इसपर अपना विचार लिखें। (2)
उत्तर :
यह अब्रहाम लिंकन ने कहा । यह सही बात हे कि नकल करके पास होने से फेल होना बेहतर है। नकल करनेवाला छात्र आलसी है। वह अपनी क्षमता नही जान सकता है।

प्रश्न 11.
सही प्रस्ताव चुनकर लिखें। (4)

  • किताबों की दुनिया मनमोहक है।
  • नकल करके पास होने से फेल होना उचित है।
  • नीले आसमान में उड़ते पक्षी स्वतंत्र हैं ।
  • हमें प्रकृति से कुछ सीखना है।
  • पहाड़ों पर जंगली फूल खिलते हैं ।
  • पास होने के लिए प्रयत्न करना व्यर्थ है ।

अथवा
संकेतों के आधार पर ‘सफल जीवन’ विषय पर लघु लेख लिखें।

  • मेहनत से कमाना
  • सादा जीवन बिताना
  • आत्मविश्वास से काम करना
  • सच्चाई और ईमानदारी का पालन करना

उत्तर :
किताबों की दुनिया मनमोहक है।
नकल करके पास होने से फेल होना उचित है।
नीले आसमान में उड़ते पक्षी स्वतंत्र है ।
पहाड़ों पर जंगली फूल खिलते हैं।

अथवा

सफल जीवन
हर कोई अपने जीवन को सफल बना सकें। दूसरों से कर्ज लिये बिना अपनी मेहनत से हमें कमाना चाहिए। ठाट बाट के जीवन की अपेक्षा सादा जीवन बिताना अच्छा होता है। हम अपने जीवन में दूसरो की धोखा न करें। जहाँ भी हो आत्मविश्वास के साथ हमें काम करना चाहिए। सच्चाई और ईमानदारी का पालन करने से हमें किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है । इसीप्रकार सभी मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ाने से हमारा जीवन सफल बनेगा ।

ജീവിത വിജയം
ഓരോരുത്തർക്കും തന്റെ ജീവിതം സഫലമാക്കാൻ കഴിയട്ടെ. മറ്റുള്ളവരിൽ നിന്നും കടം വാങ്ങാതെ തന്റെ പരിശ്രമം കൊണ്ട് സമ്പാദിക്കണം. ആഡംബര ജീവിതത്തെ ക്കാൾ സാധാരണ ജീവിതം നയിക്കുന്നതാണ് നല്ലത്. നമ്മൾ മറ്റുള്ളവരെ ചതിക്കരുത്. എവിടെയാണെങ്കിലും ആത്മ വിശ്വാസത്തോടുകൂടി ജോലി ചെയ്യണം. സത്യവും വിശ്വ സ്തയും കാത്തു സൂക്ഷിക്കുന്നതിലൂടെ ആരെയും ഭയക്കേണ്ട കാര്യമില്ല. ഇങ്ങനെ എല്ലാ മൂല്യങ്ങളെയും സ്വായ മാക്കി മുന്നോട്ട് നീങ്ങുമ്പോൾ നമ്മുടെ ജീവിതം സഫലമാകും.

सूचनाः निम्नलिखित दोहा पढें और प्रश्न 12 और 13 के उत्तर लिखें ।

रहीम वें नर धन्य हैं, पर उपकारी अंग । बाँटनवारे को लगै, ज्यों मेहंदी को रंग ।।

प्रश्न 12.
दोहे में ‘मनुष्य’ के अर्थ में प्रयुक्त शब्द कौन-सा है। (1)
(क) धन्य
(ख) मेहंदि
(ग) नर
(घ) अंग
उत्तर :
नर

8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 13.
रहीम के अनुसार किस प्रकार के मनुष्य धन्य हैं ? (2)
(मेरी कल्पला, खुश)
उत्तर :
रहीम के अनुसार परोपकार करनेवाला मनुष्य धन्य है।

सूचनाः “बात उस मंगलवार की’ डायरी का यह अंश पढ़ें और 14 से 16 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

कई मरीज़ों को इंजेक्शन पर बड़ा विश्वास होता है। इतना कि अगर केवल गोलियों दी जाएँ तो | उन्हें लगता ही नहीं कि उनका इलाज हो रहा है। तो उन्हें समझाना पड़ता है कि ज्यादातर इंजेक्शन महँगे तो होते ही हैं और गैर ज़रूरी भी होते हैं।

प्रश्न 14.
किनको इंजेक्शन पर बड़ा विश्वास है ?
उत्तर :
मरीज़ों को इंजेक्शन पर बड़ा विश्वास है।

प्रश्न 15.
रमणी अटकुरी कहाँ जाकर इलाज करती हैं? (1)
(क) शहर में
(ख) बड़े अस्पताल मैं
(ग) जंगल के गाँव में
(घ) स्कूल में
उत्तर :
जंगल के गाँव में

प्रश्न 16.
बहुत कठिनाइयाँ सहकर डॉक्टर रमणी अटकुरी जंगल के गाँव पहुँचती हैं। वहाँ इलाज केलिए लोग इंतज़ार कर रहे थे। इसी प्रसंग पर एक गाँववाले से डॉक्टर रमणी अटकुरी की बातचीत लिखें। (4)
अथवा
1 जुलाई 2023 को छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने जा रहे हैं। डॉक्टर रमणी अटकुरी इसका उद्घाटन करेंगी। इसका संकेत देते हुए पोस्टर तैयार करें।
उत्तर :
गाँववाला : नमस्ते डॉक्टरजी ।
डॉ. रमणी : नमस्ते
गाँववाला : हम आपकी प्रतीक्षा में हैं ।
डॉ. रमणी : कोई बात नहीं । आज थोड़ी देर होगयी।
गाँववाला : क्यों आप पसीने से भीग गयी ? क
डॉ. रमणी : आज नदी पार करके तीन किलोमीटर चलना पड़ा।
गाँववाला : आप हमारेलिए बहुत कठिनाइयाँ सहती है न?
डॉ. रमणी: नहीं, नहीं, मुझे तो ये सब बड़ी खुशी की बात है।
गाँववाला :हे ईश्वर, हमारे डॉक्टर की कृपा करें ।

ഗ്രാമവാസി : നമസ്തേ ഡോക്ടർജി
ഡോ. രമണി : നമസ്തേ
ഗ്രാമവാസി : ഞങ്ങൾ താങ്കളുടെ പ്രതീക്ഷയിലാണ്.
ഡോ. രമണി : അതൊരു പ്രശ്നമല്ല. ഇന്ന് അല്പം
ഗ്രാമവാസി : ഇന്ന് വിയർത്ത് കുളിച്ചല്ലോ?
ഡോ. രമണി : ഇന്ന് പുഴ കടന്ന് മൂന്ന് കിലോമീറ്റർ നടക്കേണ്ടി വന്നു.
ഗ്രാമവാസി : താങ്കൾ ഞങ്ങൾക്കു വേണ്ടി ധാരാളം കഷ്ടപ്പാടുകൾ സഹിക്കുന്നുണ്ട്. അല്ലേ?
ഡോ. രമണി : ഇല്ല.എനിക്ക് ഇതെല്ലാം വളരെ സന്തോഷ മുള്ള കാര്യമാണ്.
ഗ്രാമവാസി : അല്ലയോ ഈശ്വരാ, ഞങ്ങളുടെ ഡോക്ടറെ അനുഗ്രഹിക്കണമേ.

अथवा
8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 3

सूचनाः “मेरे बच्चे को सिखाएँ’ पत्र का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 17 और 18 के उत्तर लिखें ।

अगर दुश्मन होते हैं तो दोस्त भी होते हैं। मुझे पता है कि इसमें सयम लगेगा। परंतु हो सके तो उसे यह ज़रूर सिखाएँ कि मेहनत से कमाया. एक पैसा भी हराम में मिली नोटों की गड्डी से कहीं अधिक मूल्यवान होता है। उसे हारना सिखाएँ और जीत में खुश होना भी सिखाएँ ।

प्रश्न 17.
मेहनत और कमाई के बारे में अब्रहाम लिंकन का विचार क्या है ?
उत्तर :
अब्रहाम लिंकन की राय में मेहनत से कमाया एक पैसै भी हराम में मिली नोटों की गड्डी से कहीं अधिक मूल्यवान होता है।
അബ്രഹാം ലിങ്കണിന്റെ അഭിപ്രായത്തിൽ അധ്വാനത്തിലൂടെ നേയിയ ഒരു പൈസ പോലും കള്ളത്തരത്തിലൂടെ നേടിയ നോട്ട കെട്ടിനേക്കാൾ വളരെ വില പിടിപ്പുള്ളതാണ്.

8th Standard Hindi Second Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 18.
सही मिलान करें । (2)

मेहनत शत्रु
दोस्त विजय
जीत मित्र
दुश्मन परिश्रम

उत्तर :

मेहनत परिश्रम
दोस्त मित्र
जीत विजय
दुश्मन शत्रु

8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

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Class 8 English First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

Time: 90 minutes
Max. Score : 40

सामान्य निर्देश :

  • पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
  • वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।

सूचना: ‘शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा’ लोककथा का यह अंश पढ़ें और १ से ४ तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

बूढ़ी महिला ने शाहंशाह को सलाम किया और कहा, ” हुज़ूर, बुद्धिमान व्यक्ति जानते हैं कि सब कुछ सीख जाना संभव नहीं है। लेकिन सबको यह सीखना चाहिए कि अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।”

प्रश्न 1.
‘इंसान’ का समानार्थी शब्द चुनकर लिखें । (1)
(क) विद्वान
(ख) मूर्ख
(ग) मनुष्य
(घ) गरीब
उत्तर :
(ग) मनुष्य

प्रश्न 2.
‘बूढ़ी महिला’ में विशेषण शब्द कौन-सा है ? (1)
उत्तर :
बूढी

प्रश्न 3.
बूढ़ी महिला ने शाहंशाह अकबर से क्या कहा ? (2)
उत्तर :
बूढ़ी महिला ने शाहंशाह अकबर से कहा कि सब कुछ सीख जाना संभव नहीं है। लेकिन सबको यह सीखना चाहिए कि अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।

प्रश्न 4.
इस प्रसंग के आधार पर शाहंशाह अकबर की उस दिन की डायरी लिखें । (4)
सहायक बिंदुः

  • बूढ़ी महिला से मिलना ।
  • बूढ़ी महिला श्रेष्ठ गुरु के रूप में।
  • महिला की बातें |
  • महिला की सादगी से प्रभावित होना ।

अथवा

वेश के अनुरूप पात्रों को चुनकर लिखें।
8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 1
उत्तर :

5 अप्रैल 1945 गुरुवार
  • आज बड़ी खुशी की बात हुई ।
  • मैं ने एक बूढी महिला को देखा।
  • उसने कहा कि सब कुछ सीखना असंभव है ।
  • लेकिन यह सीखना चाहिए कि अच्छा इनसान कैसे बन सकता है।
  • मैं ने उसे श्रेष्ठ गुरु के रूप में मान लिया।
  • मैं उसकी सादगी और बातों से बड़ा प्रभावित हुआ।

 

5 ഏപ്രിൽ 1945 വ്യാഴം
  • ഇന്ന് വളരെ സന്തോഷകരമായ കാര്യം ഉണ്ടായി.
  • ഞാൻ ഒരു വൃദ്ധയെ കണ്ടു.
  • എല്ലാം പഠിക്കുക അസാധ്യമാണെന്നാണ് അവർ
  • എന്നാൽ ഒരു നല്ല മനുഷ്യനാകേണ്ടത് എങ്ങനെയെന്ന്
  • ഞാൻ അവരെ എന്റെ ശ്രേഷ്ഠ ഗുരുവായി അംഗീകരിച്ചു.
  • എന്നെ അവരുടെ ലാളിത്യവും സംസാരവും നന്നായി സ്വാധീനിച്ചു.

अथवा

  • मुकुट – अकबर
  • पग़ड़ी – बीरबल
  • चुड़ीदार – बूढ़ी महिला
  • राजसी कुर्ता – अकबर

8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

सूचनाः ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 5 से 8 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखे ।

राजकुमार 2 : गुरुजी हम लोग संकट में पड़ गए हैं।
गुरु : मैं जानता हूँ।
राजकुमार : गुरुजी हमारी जान बचाइए।

प्रश्न 5.
‘हमारी’ में निहित सर्वनाम कौन-सा है ? (1)
(क) मैं
(ख) हम
(ग) यह
(घ) तुम
उत्तर :
(ख) हम

प्रश्न 6.
‘गुरुजी हम लोग मे पड़ गए है।’ – कौन – कौन संकट में हैं? (1)
उत्तर :
राजकुमार 1, 2, 3

प्रश्न 7.
कोष्ठक के शब्दों से पिरमिड की पूर्ति करें। (2)
(दहाड़कर, अचानक )
8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 2
उत्तर :
8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 3

प्रश्न 8.
आपके स्कूल में ज्ञानमार्ग एकांकी का मंचन होनेवाला है। इसकी सूचना देते हुए एक पोस्टर तैयार करें। (4)
अथवा
बिंदुओं की सहायता से ज्ञान का महत्व विषय पर लघु लेख तैयार करें।

  • ज्ञान बाहरी दिखावा नहीं ।
  • हरेक में कुछ न कुछ ज्ञान है।
  • ज्ञान सबकी भलाई के लिए है ।
  • ज्ञानार्जन निरंतर प्रक्रिया है ।
  • अहंकार से ज्ञान असफल होता है।

उत्तर :
8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 4
अथवा

ज्ञान का महत्व
ज्ञान का मतलब किसी चीज़ के बारे में सही और अच्छी जानकारी होना है। ज्ञानी बनने केलिए बड़ी डिग्री की आवश्यकता नहीं है। किसी व्यक्ति का उचित ज्ञान ही उसे कामयाबी की राह तक ले जाता है। ज्ञान कीमती रत्नों से भी महंगी चीज़ वह जिसे कोई चुरा नहीं सकता है। ज्ञान के आधार पर अपना कोई भी काम आसानी से कर सकते है । ज्ञान को इंसान का तीसरी आँख कहा जाता है । ज्ञान सच तक पहुँचने की राह है। इसके कारण समाज को सुधारने में मदद मिलती है। यह सबकी भलाई केलिए है। अहंकार से ज्ञान असफल होता है। ज्ञानाजंन निरंतर प्रक्रिया है ।

ജ്ഞാനത്തിന്റെ മഹത്വം
ഏതൊരു വസ്തുവിനെപ്പറ്റിയുള്ള ശരിയും നല്ലതുമായ അറിവാണ് ജ്ഞാനം. ജ്ഞാനി ആകാൻ വലിയ ഡിഗ്രി വേണമെന്നില്ല. ഒരു വ്യക്തിയുടെ ഉചിതമായ ജ്ഞാനമാണ് അവനെ വിജയത്തിലേക്ക് എത്തിക്കുന്നത്. ആർക്കും മോഷ്ടിക്കാൻ പറ്റാത്തവിധം വിലപിടിപ്പുള്ള രത്നത്തേക്കാൾ വില കൂടിയതാണ് ജ്ഞാനം. ജ്ഞാനമുള്ളവന് തന്റെ ഏത് ജോലിയും എളുപ്പം ചെയ്യാൻ കഴിയുന്നു. ജ്ഞാനത്തെ മനുഷ്യന്റെ മൂന്നാമത്തെ കണ്ണ് എന്നാണ് പറയുന്നത്. ജ്ഞാനം സത്യത്തിലേക്കുള്ള വഴിയാണ്. ഇത് സമൂഹത്തെ പരിഷ്കരിക്കാൻ സഹായിക്കുന്നു. ഇത് എല്ലാവരുടെയും നമുക്ക് വേണ്ടിയുള്ളതാണ്. അഹങ്കാരം ജ്ഞാനത്തെ പരാജയപ്പെടുത്തുന്നു. ജ്ഞാനം ആർജിക്കുക എന്നത് ഒരു നിരന്തര പ്രക്രിയയാണ്.

सूचनाः ‘सुख-दुख’ कविता का यह अंश पढ़ें और 9 से 12 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

सुख-दुख के मधुर मिलन से
यह जीवन हो परिपूरनः

फिर घन में ओझल हो शशि
फिर शशि से ओझल हो घन ।

प्रश्न 9.
सुख – दुख किसकी कविता है ? (1)
(क) असगर वजाहत को
(ख) सुमित्रानंदन पंत की
(ग) मधुसूदनन की
(घ) अरुण गांधी की
उत्तर :
(ख) सुमित्रानंदन पंत की

प्रश्न 10.
जीवन कब परिपूर्ण हो जाता है ? (1)
उत्तर :
जीवन सुख – दुख के मधुर मिलन से परिपूर्ण हो जाता है।

प्रश्न 11.
कविता में घन और शशि किन-किन के प्रतीक हैं? (2)
उत्तर :
घन दुख और शशि सुख के प्रतीक हैं।

8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 12.
कवि और कविता का परिचय देते हुए कवितांश का आशय लिखें। (4)
अथवा
सही मिलान करें ।

जीवन बादल
ओझल ज़िंदगी
घन अप्रत्यक्ष

उत्तर :
ये पंक्तियाँ कवि सुमित्रानंदन पंत की सुख दुख कविता से ली गई है । कवि की राय में हर व्यक्ति का जीवन सुख और दुख के मधुर मिलन से परिपूर्ण हो जाता है। जिसप्रकार बादल में चाँद गायब होता है और चाँद के कारण बादल गायब होता है उसीप्रकार हमारे जीवन में सुख और दुख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष होता रहता है।
अथवा

जीवन ज़िन्दगी
ओझल अप्रत्यक्ष
घन बादल

सूचनाः ‘ज्ञानमार्ग’ पाठ का यह अंश पढ़ें और 13 से 16 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

गुरु मुझे मालूम था कि तुम लोगों के अंदर अभी अहंकार बहुत है और तुम अपने ज्ञान का नुकसान भी कर सकते हो। इसलिए मैं तुम लोकों के पीछे-पीछे आ रहा था ।

प्रश्न 13.
राजकुमारों के पीछे कौन आ रहा था ? (1)
उत्तर :
गुरु

प्रश्न 14.
सही विकल्प चुनकर लिखें । (1)
(क) मैं अ को उ मुझे
(ख) मैं अ के उ मुझे
(ग) मैं अ से उ मुझे
(घ) मैं अ में उ मुझे
उत्तर :
मैं + को = मुझे

प्रश्न 15.
गुरुजी राजकुमारों के पीछे-पीछे आ रहे थे। क्यों ? (2)
उत्तर :
गुरुजी को मालूम था कि रानकुमारों के अंदर बहुत अहंकार है और वे अपने ज्ञान का नुकसान भी कर सकते हैं। इसलिए गुरुजी उनके पीछे पीछे आ रहे थे।

8th Standard Hindi First Term Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 16.
उचित वाक्यांश चुनकर वाक्य की पूर्ति करें। (4)
(हो जाता है, पढ़ता हूँ, जाते हैं, करते हो)
(क) मैं मंत्र
(ख) शेर जीवित
(ग) तुम मेरा अपमान
(घ) राजकुमार डर
उत्तर :
(क) मैं मंत्र पढ़ता हूँ।
(ख) शेर जीवित हो जाता है।
(ग) तुम मेरा अपमान करते हो ।
(घ) राजकुमार डर जाते हैं।

सूचना: ‘शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा’ लोककथा का यह अंश पढ़ें और १७ से २० तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

“इस दरबार में मौजूद हर शख्स आपको कुछ न कुछ सिखा सकता है। हरेक ऐसा कुछ जानता है जो दूसरों को नहीं पता है । प्रत्येक के पास कुछ हुनर है, कुछ ज्ञान है, दिल या दिमाग की कोई खासियत है। तो सभी शिक्षक भी हैं और विद्यार्थी भी । ”

प्रश्न 17.
व्यक्ति के लिए प्रयुक्कत शबाद कौन-सा है ? (1)
(क) दरबार
(ख) मौजूद
(ग) शख्स
(घ) हरेक
उत्तर :
शख्स

प्रश्न 18.
“तो सभी शिक्षक भी हैं और विद्यार्थी भी ।” – यह किसने कहा? (1)
उत्तर :
बीरबल

प्रश्न 19.
लोककथा के आधार पर दो सही प्रस्ताव चुनकर लिखें। (2)

  • अकबर हर चीज़ सीखना चाहते थे।
  • बीरबल ने शाहंशाह के आदेशों का पालन नहीं किया था ।
  • दरबार तरह-तरह के लोगों से भरा हुआ था ।
  • विद्वान होने के कारण बीरबल कुछ सीखना नहीं चाहते।

उत्तर :
अकबर हर चीज़ सीखना चाहते थे । दरबार तरह तरह के लोगों से भरा हुआ था।

प्रश्न 20.
कोष्ठक से उचित पेशेवर के नाम चुनकर तालिका भरें । (4)
(चित्रकार, कुम्हार, दुकानदार, किसान)
जो दुकान चलाता है __________
जो खेती करता है __________
जो चित्र बनाता है __________
जो मिट्टी का बर्तन बनाता है __________
उत्तर :

  • दूकानदार
  • किसान
  • चित्रकार
  • कुम्हार

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

Practicing with Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Question Papers and Annual Exam Question Paper 2022-23 will help students prepare effectively for their upcoming exams.

Class 8 English Annual Exam Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

Time: 90 minutes
Max. Score : 40

सामान्य निर्देश :

  • पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
  • वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।

सूचनाः ‘व्यंग्य लेख ‘जल बैक’ का यह अंश पढ़ें और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

यदि सच में पानी की ज़रूरत है, तो लोन ले लें । बस आप का मकान रेहन रहेगा। तुरंत पचास हज़ार लीटर का आपका ऋण मंजूर | आपको हर महीने पाँच हज़ार मूल और एक हज़ार सूद भरना है।

प्रश्न 1.
जल बैंक से लोन लेने के लिए क्या रेहन रहेगा? (1)
(क) ज़मीन
(ख) मकान
(ग) गहने
(घ) गाड़ी
उत्तर :
(ख) मकान

प्रश्न 2.
व्यंग्य लेख ‘जल बैक’ किस आशय पर आधारित है?
(क) धरती जल के बिना संपन्न रहेगी।
(ख) जल का मूल्य बहुत कम है।
(ग) जल का संरक्षण करना ज़रूरी है।
(घ) हम पानी के बिना जी सकते हैं।
उत्तर :
(ग) जल का संरक्षण करना ज़रूरी है।
ജലം സംരക്ഷിക്കേണ്ടത് അത്യാവശ്യമാണ്.

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 3.
जल बैंक का ऋण मंजूर होने के बाद हमें क्या करना पड़ेगा? (2)
उत्तर :
जल बैंक का ऋण मंजूर होने के बाद हमें हर महीने पाँच हज़ार मूल और एक हज़ार सूद भरना है ।
ജലബാങ്കിൽ വായ്പ അനുവദിച്ചതിനു ശേഷം നമുക്ക് ഓരോ മാസവും 5000 മുതലും ആയിരം പലിശയും നിക്ഷേപിക്കണം.

प्रश्न 4.
जिला पंचायत के नेतृत्व में २०२३ मार्च को ‘जल ही. जान है’ विषय पर एक संगोष्ठी होनेवाली है। मानवीय जल-शक्ति मंतेरी उद्घाटन करेंगे। इसके लिए एक पोस्टर तैयार करें।
अथवा
“जल संरक्षण की आवश्यकता’ – विषय पर एक टिप्पणी लिखें |
• जल जीवन का आधार जल का समुचित उपयोग
• जल स्रोतों का संरक्षण
उत्तर :
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 1

जल संरक्षण की आवश्यकता
‘जल नहीं है तो जीवन नहीं ।’ जल के बिना हमारा अस्तित्व नहीं है। पीने, खाना पकाने, नहाने, धोने, सींचने आदि केलिए पानी की ज़रूरत है। पानी से अधिक मात्रा में बिजली का उत्पादन होता है । पानी के कारण ही हमारी धरती हरी भरी रहती है। नहीं तो सब सूख जाते थे। पशु-पक्षी आदियों को पीने और नहाने केलिए पानी की ज़रूरत है। मछलियाँ हमारी बड़ी संपत्ति है जो जल के बिना एक क्षण तक ज़िन्दा नहीं रहेंगी। पानी मछलियों का घर है। water water every where but not a drop to drink”. आज यह हाल होगया है। आगामी पोदी केलिए एक बूँद पानी भी हमारी धरती में नहीं होगा। इसलिए पानी के साथ साथ नदी, नाला, तालाब जैसे जलश्रोतों का संरक्षण करना चाहिए। यह हरेक का कर्तव्य है ।

ജല സംരക്ഷണത്തിന്റെ ആവശ്യകത
വെള്ളമില്ലെങ്കിൽ ജീവിതമില്ല. ജലമില്ലാതെ നമുക്ക് നിലനില്പില്ല. കുടിക്കാനും, ഭക്ഷണം പാകം ചെയ്യാനും കുളിക്കാനും, കഴുകാനും, നനയ്ക്കാനും മറ്റും വെള്ളം ആവശ്യമാണ്. ജലത്തിൽ നിന്നും അധിക അളവിൽ വൈദ്യുതി ഉൽപാദനം നടക്കുന്നുണ്ട്. ജലം ഉള്ളതു കൊണ്ടാണ് നമ്മുടെ ഭൂമി പച്ച നിറഞ്ഞതായിരി ക്കുന്നത്. ഇല്ലെങ്കിൽ എല്ലാം ഉണങ്ങിപ്പോകുമായിരുന്നു. പക്ഷി മൃഗാദികൾക്ക് കുടിക്കാനും, വൃത്തിയാകാനും ജലം ആവശ്യമാണ്. മത്സ്യങ്ങൾ നമ്മുടെ വലിയ സമ്പത്താണ്. അവ വെള്ളമില്ലാതെ ഒരു നിമിഷം പോലും ജീവിച്ചിരിക്കില്ല. ജലം മത്സ്യങ്ങളുടെ വീടാണ്. “വെള്ളം വെള്ളം സർവ്വത്ര, പക്ഷേ കുടിക്കാൻ ഒരു തുള്ളിയില്ല. ഇതാണ് ഇന്നത്തെ സ്ഥിതി. വരും തലമുറയ്ക്ക് ഒരു തുള്ളി വെള്ളം പോലും ഭൂമിയിൽ ഉണ്ടാകില്ല. അതുകൊണ്ട് ജലത്തോടൊപ്പം നദി, തോട്, കുളം തുടങ്ങിയ ജല സ്രോതസ്സുകളെ സംരക്ഷി ക്കണം. ഇത് ഓരോരുത്തരുടെയും കർത്തവ്യമാണ്.

सूचना: ‘शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा’ लोककथा का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 5 से 7 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

“हुजूर, बुद्धिमान व्यक्ति जानते हैं कि सब कुछ सीख जाना संभव नहीं है। लेकिन सबको यह सीखना चाहिए कि अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।”

प्रश्न 5.
‘ईसान’ शब्द का समानार्थ शब्द चुनकर लिखें। (1)
(क) बुद्धिमान
(ख) गुरु
(ग) मानव
(घ) शाहंशाह
उत्तर :
(ग) मानव

प्रश्न 6.
‘हम’ के स्थान पर ‘में’ का प्रयोग करके वाक्य की पूर्ति करें। (2)
हम खुशी से रह सकते हैं।
मैं खुशी से …………..
उत्तर :
मैं खुशी से रह सकता हूँ।

प्रश्न 7.
कोष्ठक के शब्दों से पिरमिड की पूर्ति करें। (4)
(खुशी से अच्छे)
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 2
उत्तर :
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus 3

सूचना: ‘इस बारिश में’ कविता की ये पंक्तियाँ पढ़ें और प्रश्न 8 और 9 के उत्तर लिखें।

अगली फसल होते ही सब चुकता कर दूँगा
अब तो मेरी झूठी
ये गुज़ारिश भी चली गई
उसीके पास अब मेरी बारिश भी चली गई ।

प्रश्न 8.
वर्ष के लिए कविता में प्रयुक्त शब्द कौन-सा है ? (1)
(क) गुज़ारिश
(ख) बारिश
(ग) फसल
(घ) झूठी
उत्तर :
(ख) बारिश

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 9.
कवि और कविता का परिचय देते हुए इन पंक्तियों का आशय लिखें। (4)
उत्तर :
हिन्दी के कवि नरेश सक्सेना की ‘इस बारिश में’ कविता में किसान की ज़मीन छीन जाने की कथा है। यह किसान के बारिश के मौसम का शोकगीत है। किसान इस प्रतीक्षा में कर्ज लेता है कि अगली फसल होने पर कर्ज चुका दें। लेकिन अब वह झूठी प्रतीक्षा नहीं रह गई क्योंकि उसकी अपनी ज़मीन नहीं है तो फर्ज कैसे चुकाएँ ?

ഹിന്ദി സാഹിത്യത്തിലെ കവിയായ നരേശ് സക്സേനയുടെ ‘इस बारिश में’ കവിതയിൽ കർഷകന്റെ നിലം നഷ്ടപ്പെട്ട കഥയാണുള്ളത്. ഇത് കർഷകന്റെ മഴക്കാലത്ത ശോകതീതം ആണ്.
കർഷകൻ അടുത്ത വിളവെടുപ്പിന് വീട്ടാമെന്ന പ്രതീക്ഷ യിൽ കടം എടുക്കുന്നു. എന്നാൽ ആ വ്യർത്ഥമായ പ്രതീക്ഷ ഇനിയില്ല. കാരണം തന്റെ നിലം ഇല്ലെങ്കിൽ പിന്നെ എങ്ങനെ കടം തീർക്കും!

सूचनाः ‘सफेद गुड़’ कहानी का यह अंश पढ़ें और 10 से 13 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

“अच्छा पैसे मत देना । मेरी ओर से थोड़ा सा गुड़ ले लो।” दूकानदार ने प्यार से कहा और एक | टुकड़ा तोड़कर उसे देने लगा। उसने मूँह फिरा | लिया और चल दिया ।

प्रश्न 10.
‘उसने’ में निहित सर्वनाम क्या है ? (1)
(क) वह
(ख) हम
(ग) यह
(घ) वे
उत्तर :
(क) वह

प्रश्न 11.
‘उसने’ मुँह फिरा लिया और चल दिया। क्यों? (1)
(क) वह दूकानदार से डरता है।
(ख) उसे दूसरों की दया नहीं चाहिए
(ग) उसे सफेद गुड़ पसंद नहीं है
(घ) दूकानदार ने उससे पैसा माँगा।
उत्तर :
उसे दूसरों की दया नहीं चाहिए ।

प्रश्न 12.
धर पहुँचकर लड़के ने माँ को दूकान की घटनाएँ बताई। माँ और लड़के के बीच की संभावित बातचीत लिखें। (4)
उत्तर :
लड़का : माँ, मुझे प्रार्थना करने से अठन्नी मिली।
माँ : तुम ने उससे क्या किया ? ने
लड़का : मैं ने सफेद जुड़ खरीदने के लिए दूकानदार को दिया।
माँ : गुड़ कहाँ है? पती
लड़का : गुड़ नहीं मिला । दूकानदार ने कहा कि यह चिकना पत्थर है ।
माँ : बापरे ।
लड़का : मेरा दुख देखकर दूकानदार ने प्यार से गुड़ का टुकड़ा मुझे देने लगा।
माँ : तुम ने गुड़ खा लिया क्या?
लड़का : नहीं, मुझे दूसरों की दया नहीं चाहिए । इसलिए मैं मुँह फिरकर चला ।
माँ : शबाश, तुम ने अच्छा किया।

ബാലൻ : അമ്മേ, എനിക്ക് പ്രാർത്ഥിച്ചിട്ട് എട്ടണ കിട്ടി.
അമ്മ : നീ അതുകൊണ്ട് എന്താണ് ചെയ്തത്?
ബാലൻ : ഞാൻ കടക്കാരന് കൊടുത്തു.
അമ്മ : ശർക്കര എവിടെ?
ബാലൻ : ശർക്കര കിട്ടിയില്ല. ഇത് മിനുസമുള്ള കല്ലാണെന്നാണ് കടക്കാരൻ പറഞ്ഞത്.
അമ്മ : അയ്യോ!
ബാലൻ : എന്റെ സങ്കടം കണ്ടിട്ട് കടക്കാരൻ സ്നേഹത്തോടെ ഒരു കഷണം ശർക്കര എനിക്ക് തരാൻ തുടങ്ങി.
അമ്മ : ശർക്കര നീ കഴിച്ചോ?
ബാലൻ : ഇല്ല. എനിക്ക് ആരുടെയും ഔദാര്യം വേണ്ട. അതുകൊണ്ട് ഞാൻ മുഖം തിരിച്ച് ഇങ്ങോട്ട്
അമ്മ : വളരെ നല്ല കാര്യം. നീ ചെയ്തത് നന്നായി.

प्रश्न 13.
सही मिलान करें। (4)

दूकानदार को लड़के पर गुड़ नहीं लिया ।
लड़के ने दूकानदार से लड़के को देने लगा ।
दूकानदार गुड़ का टुकड़ा घर चला गया।
लड़का मुँह फेरकर दया आई।

उत्तर :

दूकानदार को लड़के पर दया आई।
लड़के ने दुकानदार से गुड़ नहीं लिया।
दूकानदार गुड़ का टुकड़ा लड़के को देने लगा ।
लड़का मुँह फेरकर घर चला गया।

सूचनाः ‘डॉक्टर के नाम मज़दूर का पत्र ‘ कविता की पंक्तियाँ पढ़ें और प्रश्न 14 और 15 के उत्तर लिखें।

हमें मालूम है
अपनी बीमारी का कारण
वह एक छोटा-सा शब्द है
जिसे सब जानते हैं
पर कहता कोई नहीं
वह है “गरीबी” ।

प्रश्न 14.
‘छोटा शब्द’ में विशेषण कौन-सा है ? (1)
उत्तर :
छोटा

प्रश्न 15.
यह आशयवाली पंक्तियाँ चुनकर लिखें। (2)

मजदूर अपनी बीमारी का कारण जानते है ।
उत्तर :
हमें मालूम है
अपनी बीमारी का कारण

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

सूचना: ‘खूबसूरत अनुभूति है एवरेस्ट’ साक्षात्कार का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 14 और 15 के उत्तर लिखें।

जब में टोप पर पहुँची तो भावात्मक रूप से मैं हो गई थी। न किसी प्रकार की खुशी थी और न ही कोई गम । वाँकी – टोंकी फोन के ज़रिए मुझे | सूचना दी गई कि में एवरेस्च पर पहुँच गई है।

प्रश्न 16.
संतोष यादव कौन है ? (1)
(क) पर्वतारोही
(ग) अध्यापिका
(ख) अभिनेत्रि
(घ) डॉक्टर
उत्तर :
(क) पर्वतारोही

प्रश्न 17.
वाँकी-टोकी फोन के ज़रिए संतोष यादव को किसकी सूचना दी गई ? (1)
(क) जल्दी घर जाना है ।
(ख) पराजित हो गई है।
(ग) एवरेस्ट पर पहुँची है।
(घ) खाने के लिए तैयार होना है।
उत्तर :
(ग) एवरेस्ट पर पहुँची है।

प्रश्न 18.
एवरेस्ट पर चढ़ने की अनुभूति को लेकर संतोष यादव की संभावित डायरी लिखें। (4)
अथवा
संतोष यादव माउंट एवरेस्ट पर चढ़नेवाली भारतीय महिला है। उसका अभिनंदन करते हुए एक पत्र तैयार करें।
उत्तर :

02 मई 2002 मंगलवार
  • मुझे आज बड़ा गर्व है ।
  • मैं आज दुबारा एवरेस्ट पहुँची ।
  • ईश्वर की बड़ी कृपा है।
  • ईश्वर को मैं धन्यवाद देती हूँ।
  • बचपन से मैं निड़र थी।
  • मेरी जिज्ञासा ने मुझे एवरेस्ट तक पहुंचाया है।
  • मेरी इच्छा सफल हुई।
02 മെയ് 2002 ചൊവ്വ
  • എനിക്ക് ഇന്ന് വലിയ അഭിമാനമുണ്ട്.
  • ഞാൻ രണ്ടാം പ്രാവശ്യവും എവറസ്റ്റിലെത്തി.
  • ഈശ്വരന്റെ വലിയ കൃപയാണ്.
  • ഈശ്വരനോട് ഞാൻ നന്ദി പറയുന്നു.
  • കുട്ടിക്കാലം മുതലേ എനിക്ക് ഭയമില്ലായിരുന്നു.
  • എന്റെ ജിജ്ഞാസയാണ് എന്നെ എവറസ്റ്റ് വരെ എത്തിച്ചത്.
  • എന്റെ ആഗ്രഹം സഫലമായി.

अथवा

कोट्टयम,
15-06-1994
प्रिय संतोष,
कैसी है? ठीक है न? माँ-बाप को मेरा प्यार । कब वापस आयी? ठीक से आराम किया न ? मैं तुमको बधाई देने के लिए यह पत्र लिखती हूँ। तुम ने कितना बड़ा कार्य किया है। तुम्हें ईश्वर की बड़ी कृपा है। मैं अपनी और घरवालों की ओर से हार्दिक बधाईयाँ दे रही हूँ। तुम्हारी कीर्ति सब कहीं फैल गयी है। तुम्हारी खुशी केवल तुम्हारी ही नहीं बाकी पूरे भरतियों की भी है। तुम्हारा जिवन धन्य होगया। मैं खत बंद करती हूँ। समय है तो जवाब देना ।
तुम्हारी प्रिय सहेली
हस्ताक्षर

सेवा में
नाम और पता ।

കോട്ടയം
15-06-1994

പ്രിയ സന്തോഷ്,
എങ്ങനെയുണ്ട്, സുഖമല്ലേ? അച്ഛനും അമ്മയ്ക്കും എന്റെ സ്നേഹാന്വേഷണം. എപ്പോൾ തിരിച്ച് വന്നു? നന്നായി വിശ്രമിച്ചില്ലേ? ഞാൻ നിനക്ക് അഭിനന്ദനം നല്കാനാണ് ഈ കത്തെഴുതുന്നത്. നീ എത്രയോ വലിയ കാര്യമാണ് ചെയ്തത്. നിനക്ക് ഈശ്വരന്റെ വലിയ കൃപയുണ്ട്. ഞാൻ എന്റെയും വീട്ടുകാരുടെയും പേരിൽ നിനക്ക് ഹാർദ്ദവമായ അഭിനന്ദനം നൽകുന്നു. നിന്റെ പ്രശസ്തി എല്ലായിടത്തും പരന്നു കഴിഞ്ഞു. നിന്റെ സന്തോഷം നിന്റേത് മാത്രമല്ല, പിന്നെയോ എല്ലാ ഭാരതീയരുടേയും കൂടിയാണ്. നിന്റെ ജീവിതം ധന്യമായി. എന്ന് അവസാനിപ്പിക്കുന്നു. സമയം ഉണ്ടെങ്കിൽ മറുപടി അയയ്ക്കുക.
സ്വീകർത്താവ്,
പേരും മേൽവിലാസവും

നിന്റെ കൂട്ടുകാരി
ഉഷ

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2022-23 Kerala Syllabus

प्रश्न 19.
चार सही प्रस्ताव चुनकर लिखें। (4)
(क) संतोष यादव बचपन से ही निड़र थी।
(ख) संतोष यादव में जिज्ञासा नहीं थी ।
(ग) एक पर्वतारोही को संतुलित दिमागवाला होना है।
(घ) संतोष यादब में हिमालय पर चढ़ने की इच्छा थी।
(ङ) एवरेस्ट पर चढ़ना पर्वतारोही के लिए खूबसूरत अनुभूति है।
(च) संतोष यादव एवरेस्ट की चोटी पर नहीं पहुँची थी।
उत्तर :

  • संतोष यादव बचपन से ही निड़र थी।
  • एक पर्वतारोही को संतुलित दिमाग होना है।
  • संतोष यादव में हिमालय पर चढ़ने की इच्छा थी ।
  • एवरेसेट पर चढ़ना पर्वतारोही केलिए खूबसूरत अनुभूति है।

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

Practicing with Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Question Papers and Annual Exam Question Paper 2021-22 will help students prepare effectively for their upcoming exams.

Class 8 English Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

Time: 90 minutes
Max. Score : 40

सामान्य निर्देश :

  • पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
  • वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।

सूचना: ‘शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा’ लोककथा का यह अंश पढ़े और 1 से 3 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

“इन सबका क्या मतलब है?” शाशंशाह गरजे । “मैंने तुमसे ऐसे लोगों को लाने के लिए कहा था जो मुझे कुछ सिखा सकें और तुमने मेरा महल, राज्य की आधी जनता से भर दिया ? अब जवाब दो ।” “माफ़ी चाहता हूँ। जहाँपनाह, मैंने तो बस, आपको आदेशों का पालन किया है ।” बीरबल ने जवाब दिया ।

प्रश्न 1.
‘मेरा’ में निहित सर्वनाम कौन-सा है ? (1)
(क) वह
(ख) यह
(ग) मैं
(घ) तुम

अथवा

” तुमने मेरा महल, राज्य की आघी जनता से भर दिया ?”- यह किसने कहा ?
उत्तर :
मैं । अथवा शाहंशाह अकबर ने ।

प्रश्न 2.
शाहंशाह के क्रुद्ध होने का कारण क्या था? (2)
अथवा
अकबर हर चीज़ को सीखना चाहते थे। इससे उनका कौन-सा मनोभाव प्रकट होता है ?
उत्तर :
बीरबल ने शाहंशाह के महल को राज्य की आधी जनता से भर दिया। इसलिए शाहंशाह क्रुद्ध होगया ।
अथवा
सभी बातों पर ध्यान देने का मनोभाव प्रकट होता है । प्रकट होता है।

प्रश्न 3.
अकबर और बीरबल के बीच की बातचीत को आगे बढ़ाएँ । (4)
अकबर : इन सबका क्या मतलब है?
बीरबल : मैंने तो बस, आपके आदेशों का पालन किया है ?
अथवा

  • प्रस्तुत लोककथा के आधार पर चार सही प्रस्ताव चुनकर लिखें।
  • सभी लोग शिक्षक हैं और विद्यार्थी भी ।
  • बीरबल को शाहंशाह की पढ़ाई का इंतज़ाम करना था।
  • अकबर की पढ़ाई का इंतज़ाम करने में बीरबल असमर्थ हुए।
  • हर व्यक्ति में कुछ-न-कुछ क्षमता है।
  • हमें सीखना चाहिए कि एक अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।
  • किसान, मज़दूर आदि से हम कुछ नहीं सीख सकते।

उत्तर :
अकबर : इन सबका क्या मतलब है ?
बीरबल : मैं ने तो बस, आपके आदेशों का पालन किया है।
अकबर : ये लोग मुझे कुछ सिखा सकें, क्या ? बीरबल : हर व्यक्ति में कुछ न कुछ क्षमता है। सभी लोग शिक्षक है और विद्यार्थी थी ।
अकबर : तब तो तुम विद्यार्थी हो, बीरबल ? बीरबल : मैं तो हमेशा सीखता हूँ।

अथवा

  • सभी लोग शिक्षक है और विद्यार्थी थी ।
  • बीरबल को शाहंशाह की पढ़ाई का इन्तज़ाम करना था।
  • हर व्यक्ति में कुछ न कुछ क्षमता है।
  • हमें सीखना चाहिए कि एक अच्छा इंसान कैसे बन जा सकता है।

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

सूचनाः ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 4 और 5 के उत्तर लिखें।

शिष्यों, ध्यान रहे। वह ज्ञान जिससे अपना या दूसरों का नुकसान हो ज्ञान नहीं बल्कि अज्ञान है। ज्ञान तो सबकी भलाई के लिए ही होता है ।

प्रश्न 4.
गुरुजी के अनुसार ज्ञान का महत्व क्या है ? (2)
अथवा
अहंकार के कारण हर राजकुमार अपने को बड़ा ज्ञानी मानता है। वास्तव में बड़ा ज्ञानी कौन है ?
उत्तर :
अपनी और दूसरों की भलाई के लिए ज्ञान के उपयोग करने में ज्ञान का महत्व रहता है।
अथवा
जो अपने ज्ञान से दूसरों की भलाई करता है वह वास्तव में बड़ा ज्ञानी है।

प्रश्न 5.
सितंबर 14 हिंदी दिवस को आपके स्कूल में ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का मंचन होनेवाला है। इसके लिए एक पोस्टर तैयार करें | (4)
उत्तर :

सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल,
कण्णूर, दूरभाषी संख्या…….
14 सितंबर, हिन्दी दिवस को ‘ज्ञानमार्ग’ एकांकी का मंचन होनेवाला है ।

उद्घाटक : मानवीय एम. एल. ए
स्थान : स्कूल हाँल
समय : सुबह 10 बजे
सबका स्वागत ।

सूचना: ‘सुख – दुख’ कविता की पंक्तियाँ पढ़ें और 6 से 8 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

सुख – दुख के मधुर मिलन से
यह जीवन हो परिपूरन;
फिर घन में ओझल हो शशि
फिर शशि से ओझल हो घन ।

प्रश्न 6.
‘ओझल हो’ का अर्थ क्या है ? (1)
(क) संतुष्ट हो
(ख) अप्रत्यक्ष हो
(ग) असंतुष्ट हो
(घ) परिपूर्ण हो
उत्तर :
(ख) अप्रत्यक्ष हो

प्रश्न 7.
‘मधुर मिलन’ में विशेषण शब्द कौन-सा है ? (1)
उत्तर :
मधुर

प्रश्न 8.
कवि के अनुसार हमारा जीवन कैसे परिपूर्ण हो जाता है ? (2)
उत्तर :
हमारा जीवन सुख – दुख के मधुर मिलन से परिपूर्ण हो जाता है।

सूचना: ‘पिता का प्रायश्चित’ संस्मरण का सारांश पढ़ें और प्रश्न 9 और 10 के उत्तर लिखें ।

अरुण गाँधी अपने पिता के साथ कार से शहर गए। उन्हें एक मीटिंग की जगह छोड़कर – अरुण गाँधी सिनेमा देखने गए। पिताजी ने उनसे पाँच बजे वापस आने को कहा था। लेकिन अरुण गाँधी देर से वापस पहुँचे और उनसे झूठ बोले । अपने पुत्र की गलती समझकर पिताजी प्रायश्चित के रूप में वापस पैदल चलने लगे।

प्रश्न 9.
उस दिन अरुण गाँधी ने निर्णय लिया था – ” मैं कभी झूठ नहीं बोलूँगा।” क्यों? (2)
अथवा
अरुण गाँधी के पिताजी प्रायश्चित के रूप में वापस चलने लगे। उनका यह निर्णय है या गलत? क्यों ?
उत्तर :
अपने पुत्र की गलती समझकर पिताजी प्रायश्चित के रूप में वापस पैदल चलने लगे। इसलिए अरुण गांधी ने कभी झूठ नहीं बोलने का निर्णय लिया ।
अथवा
पिताजी का यह निर्णय सही है । क्योंकि अरुण गाँधी ने अपनी गलती को सुधार लिया और जीवन में कभी झूठ नहीं बोलने का निर्णय लिया।

प्रश्न 10.
अरुण गाँधी ने अपने उस दिन के अनुभव बताते हुए मित्र को पत्र लिखा। वह पत्र कल्पना करके लिखें। (4)
उत्तर :

5 अगस्त 1949 गुरुवार
  • आज मेरे मन में दुख और संतोष हुए ।
  • दुख इसलिए कि पिताजी के झूठ बोलने के कारण वे प्रायश्चित के रूप में वापस चलने लगे ।
  • संतोष इसलिए कि मैं ने जीवन में कभी झूठ नहीं बोलने का निर्णय लिया ।
  • मैं पिता को साथ शहर गया ।
  • पिताजी को मीटिंग की जगह छोड़कर मैं सिनेमा देखने गए।
  • मुझसे पाँच बजे आने को कहा, लेकिन मैं देर से आया। मैं पिताजी से झूठ बोला ।

सूचनाः ‘बात उस मंगलवार’ की डायरी का वह अंश पढ़ें और प्रश्न 11 और 12 के उत्तर लिखें ।

यहीं जंगल के बीच ये सभी मेरे क्लीनिक हैं। मुझे इसी तरह का डॉक्टर बने रहना है। यही काम मुझे अच्छा लगता है

प्रश्न 11.
डॉ. रमणी अटकुरी कहाँ क्लीनिक चलाना चाहती है ? (1)
उत्तर :
डॉ. रमणी अटकुरी जंगल के बीच क्लीनिक चलाना चाहती है।

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

प्रश्न 12.
डॉ. रमणी अटकुरी की दो चरित्रगत विशेषताएँ चुनकर लिखें। (2)

  • गरीब गाँववालों की चिकित्सा करनेवाली ।
  • बड़े-बड़े अस्पतालों में जाकर काम करनेवाली ।
  • अपनी सुख-सुविधाएँ देखकर काम करनेवाली ।
  • कर्तव्यनिष्ठ और निस्वार्थ भाव से काम करनेवाली ।

उत्तर :
गरीब गाँववालों की चिकित्सा करनेवाली । कर्तव्यनिष्ठ और निस्वार्थ भाव से काम करनेवाली ।

सूचना: दोहा पढ़ें और प्रश्न 13 और 14 के उत्तर लिखें ।

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर ।
पंथी को छाया नाहिं, फल लागे अतिदूर ।।

प्रश्न 13.
जो व्यक्ति परोपकारी नहीं, उसकी तुलना किस पेड़ से की गई है?
अथवा
प्रस्तुत दोहे के रचनाकार कौन है ?
उत्तर :
खजूर के पड़ से।

प्रश्न 14.
इस दोहे के संबंध में सही प्रस्ताव कौन-सा है ?

  • मात्र बड़े होने से कोई प्रयोजन नहीं ।
  • ज्ञान बाहरी दिखावा है।

उत्तर :

सूचना: ‘इस बारीश में’ कविता की ये पंक्तियाँ पढ़ें और 15 और के उत्तर लिखें।

अगली फसल होते ही सब चुकता कर दूँगा अब तो मेरी झूठी ये गुज़ारिश भी चली गई उसीके पास अब मेरी बारिश भी चली गई ।

प्रश्न 15.
इन पंक्तियों में किसका चित्रण है ? (1)
(क) किसान को गरीबी का
(ख) किसान की संपन्नता का
(ग) ज्ञान के अहंकार का
(घ) डॉक्टर की सेवा का
उत्तर :
किसान की गरीबी का चित्रण है।

प्रश्न 16.
कवितांश का आशय लिखें। (4)
अथवा
‘जल बैंक’ व्यंग्य लेख में हमने जल के महत्व का परिचय पाया था। जल संरक्षण की आवश्यकता पर चार नारे बनाएँ; जैसे- ‘जल ही जीवन है ।
उत्तर :
हिन्दी के कवि नरेश सक्सेना की ‘इस बारिश में’ कविता में किसान की ज़मीन छीन जाने की कथा है। यह किसान के बारिश के मौसम का शोकगीत है। किसान इस प्रतीक्षा में कर्ज लेता है कि अगली फसल होने पर कर्ज चुका दें। लेकिन अब वह झूठी प्रतीक्षा नहीं रह गई क्योंकि उसकी अपनी ज़मीन नहीं है तो फर्ज कैसे चुकाएँ ?

ഹിന്ദി സാഹിത്യത്തിലെ കവിയായ നരേശ് സക്സേനയുടെ ‘इस बारिश में’ കവിതയിൽ കർഷകന്റെ നിലം നഷ്ടപ്പെട്ട കഥയാണുള്ളത്. ഇത് കർഷകന്റെ മഴക്കാലത്ത ശോകതീതം ആണ്.
കർഷകൻ അടുത്ത വിളവെടുപ്പിന് വീട്ടാമെന്ന പ്രതീക്ഷ യിൽ കടം എടുക്കുന്നു. എന്നാൽ ആ വ്യർത്ഥമായ പ്രതീക്ഷ ഇനിയില്ല. കാരണം തന്റെ നിലം ഇല്ലെങ്കിൽ പിന്നെ എങ്ങനെ കടം തീർക്കും!

अथवा

അല്ലെങ്കിൽ

  • जल अमूल्य है।
    ജലം അമൂല്യമാണ്.
  • जल नहीं तो जीवन नहीं है।
    ജലം ഇല്ലെങ്കിൽ ജീവിതം ഇല്ല
  • पानी बचाओ आगामी पीढी को जीने दो
    വെള്ളം സംരക്ഷിക്കൂ, ഭാവിതലമുറയെ ജീവിക്കാൻ അനുവദിക്കൂ,
  • जल है तो कल है
    വെള്ളം ഉണ്ടെങ്കിൽ നാളെയുണ്ട്ज
  • ल संरक्षण अपना कर्तव्य है ।
    ജല സംരക്ഷണം നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്.

सूचनाः ‘सफेद गुड़’ कहानी का यह सारांश पढ़ें और प्रश्न 17 और 18 के उत्तर लिखें !

एक लड़का अपनी माँ के साथ रहता था । उसे सफेद गुड़ खाने की तीव्र इच्छा थी । लेकिन | उसकी माँ के पास पैसे नहीं थे। वह लड़का नमक खरीदने बाज़ार गया। वहाँ एक दूकानदार | ने उससे कहा था- “पैसे मत देना । मेरी ओर से धोड़ा सा गुड़ ले लो।” लेकिन उस लड़के ने मूँह फिरा लिया और चल दिया। दूसरों की दया वह नहीं चाहता था ।

प्रश्न 17.
लड़के ने मुँह फिरा लिया और चल दिया। क्यों?
(क) उसे दूकानदार पसंद नहीं था।
(ख) उसे गुड़ पसंद नहीं था ।
(ग) वह केवल नमक खरीदना चाहतै था।
(घ) वह दूकानदार को दवा नहीं चाहता था ।
उत्तर :
वह दूकानदार की दया नहीं चाहता।
അവന് കടക്കാരന്റെ ദയ വേണ്ട

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus

प्रश्न 18.
कहानी के अनुसार सही मिलान करें ।

नमक खरीदने के लिए कोई नहीं था ।
इसलिए वह गुड़ खरीद न सका ।
लड़का बाज़ार गया।
घर में उसे माँ के सिवा
माँ ग़रीब थी

उत्तर :

नमक खरीदने केलिए
ഉപ്പ് വാങ്ങാൻ
लड़का बाज़ार गया।
ബാലൻ മാർക്കറ്റിൽ പോയി
घर में उसे माँ के सिवा
വീട്ടിൽ അവന്റെ അമ്മയെ കൂടാതെ
कोई नहीं था ।
ആരുമില്ലായിരുന്നു
माँ गरीब थी
അമ്മ ദരിദ്രയായിരുന്നു
इसलिए वह गुड़ खरीद न सका।
അതുകൊണ്ട് അയാൾക്ക് ശർക്കര വാങ്ങാൻ കഴിഞ്ഞില്ല.

सूचना: ‘खूबसूरत अनुभूति है एवरेस्ट’ साक्षात्कार का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 19 और 20 के उत्तर लिखें ।

मैं बचपन से ही बहुत जिज्ञासु थी और यही जिज्ञासा मेरी प्रेरणा बनी। बर्फ से डके पहाड़ों पर चढ़ने की जिज्ञासा बहुत पहले से ही थी ।

प्रश्न 19.
उचित रूप से पूरा करें।

मैं बहुत जिज्ञासु हूँ। तुम बहुत जिज्ञासु ……. ।
उत्तर :
तुम बहुत जिज्ञासु हो।

प्रश्न 20.
कोष्ठक के शब्दों से पिरामिड की पूर्ति करें । (2)
(पहाटों, पर, बहुत),
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus 1
उत्तर :
8th Standard Hindi Annual Examl Question Paper 2021-22 Kerala Syllabus 2

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus

Practicing with Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Question Papers and Annual Exam Question Paper 2023-24 will help students prepare effectively for their upcoming exams.

Class 8 English Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus

Time: 90 minutes
Max. Score : 40

सामान्य निर्देश :

  • पहला पंद्रह मिनिट कूल ऑफ़ टाइम है। इस समय प्रश्नों का वाचन करें और उत्तर लिखने की तैयारी करें।
  • वैकल्पिक प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लिखें।

सूचना: ‘ज्ञानमार्गी’ एकांकी का यह अंश पढ़ें और 1 से 3 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

गुरुः मुझे मालूम था कि तुम लोगों के अंदर अभी अहंकार बहुत है और तुम अपने ज्ञान का नुकसान भी कर सकते हो। इसलिए मैं लोगों के पीछे-पीछे आ रहा था ।

प्रश्न 1.
तीनों राजकुमार कहाँ से वापस आ रहे थे? (1)
(क) राजमहल में
(ख) दरबार से
(ग) गुरुकुल से
(घ) शहर से
उत्तर :
गुरुकुल में

प्रश्न 2.
‘मुझे’ में निहित सर्वनाम कौन-सा है ? (1)
(क) तुम
(ख) मैं
(ग) हम
(घ) तू
उत्तर :
मैं

प्रश्न 3.
वाक्य पिरामिड की पूर्ति करें । (2)
(राजकुमारों के, तीनो)
गुरुजी आते हैं।
8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus 1
उत्तर :
8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus 2

सूचना: ‘जल बैंक’ व्यंग्य लेख का यह अंश पढ़ें और प्रश्न 4 और 5 के उत्तर लिखें ।

सौदा महँगा नहीं है। वैसे भी आजकल जिनके पास पानी है, वे पानीदार हो रहे हैं । यह तो आम जनता है, जो पानी-पानी हो रही है, बिना पानी के।

प्रश्न 4.
‘पानी-पानी होना’ का मतलब क्या है ?
(क) प्यार होना
(ख) नाराज़ होना
(ग) शांत होना
(घ) लज्जित होना
उत्तर :
लज्जित होना

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus

प्रश्न 5.
संकेतों की मदद से ‘जल संरक्षण’ की आवश्यकता
पर लघु लेख लिखें ।
पानी नहीं तो जीवन नहीं ।
जल स्रोतो का संरक्षण करना है।
पानी को स्वस्थ रखना है।
अथवा
जल संरक्षण का संदेश देते हुए पोस्टर तैयार करें ।
उत्तर :
टिप्पणी – जल संरक्षण की आवश्यकता
जल प्रकृति का वरदानं है । जल के बिना धरती में जीना मुश्किल बन जाता है। समय-समय पर बरसात के ज़रिए तथा नदी, तालाब, नाले, झरने, समुद्र, कुएँ आदि से प्रकृति हमें आवश्यक जल देता रहा। पीने, नहाने, सफाई करने, निर्माण कार्य, खेती, खाना पकाने, कारखाने के लिए, बिजली के उत्पादन आदि के लिए हम जल का इस्तेमाल करते हैं। जल की आवश्यकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन यह समझे बिना हम बड़ी मात्रा में जल का दुरुपयोग करते हैं। तथा जलस्रोतों का नाश कर रहे हैं। जल आज हमारे लिए कीमती चीज़ बनती जा रही है, मोल देकर पानी खरीदना पड़ता है। जल नहीं है तो मनुष्य तथा अन्य जीव-जंतुओं का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। इस भयंकर समस्या से बचने के लिए वर्ष से मिल रहे पानी को संजोके रखना चाहिए । जंगल-पेड़ों की कटाई रोककर अधिकाधिक पेड़ लगाना चाहिए। पहाडियों को गिराना और खेतों को मिटाना बंद करना चाहिए । जल संरक्षण के लिए उचित : व्यवस्था करें तो आनेवाले दिनों में हमारेलिए प्रयास नहीं करना पड़ेगा। हमारेलिए और आगामी पीढ़ी के लिए जल संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है ।

अथवा

पोस्टर (संदेश) – जल संरक्षण
8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus 3

सूचनाः ‘ पिता का प्रायश्चित’ संस्मरण का यह अंश पढ़ें और 6 से 8 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

सड़क सुनसान थी और कोई रोशनी भी नहीं थी । मैं पिताजी को अकेला नहीं थोड़ सकता था । इसलिए साढ़े पाँच घंटे तक मैं उनके पीछे-पीछे धीमी गति से कार चलाता रहा। और मेरे झूठ पर पिताजी को प्रायश्चित करते हुए देखता रहा । उस दिन मैंने जीवन का एक अहम निर्णय लिया मैं कभी भी झूठ नहीं बोलूँगा ।

प्रश्न 6.
अपने पिता को प्रायश्चित करते देखकर अरुण गाँधी ने क्या निर्णय लिया ?
उत्तर :
कभी भी झूठ नहीं बोलूँगा ।

प्रश्न 7.
विशेषण शब्द चुनकर लिखें।
(क) जीवन
(ख) सुनसान
(घ) बोलूँगा
(ग) झूठ
उत्तर :
(ख) सुनसान

प्रश्न 8.
अरुण गाँधी और पिताजी देरी से घर वापस आए ।
इस प्रसंग पर माँ और अरुण गाँधी के बीच की संभावित बातचीत लिखें।
उत्तर :
माँ : बेटा, इतनी देरी क्यों हुई ?
अरुण गाँधी : पिताजी शहर से घर तक पैदल चलने का निश्च किया ।
माँ : क्यों ? तूने क्या किया ?
अरुण गाँधी : मैं पिताजी से झूठ बोला, इसलिए उन्होंने ऐसा किया ।
माँ : पिताजी को बड़ा क्रुध हुआ होगा ।
अरुण गाँधी : हाँ माँ, मेरी गलती पर पिताजी ने अपने आपको सज़ा दी ।
माँ : तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।
अरुण गाँधी ‘: आगे से, मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगा ।
माँ : ठीक है बेटा, तू सो जा ।

सूचना: दोहा पढ़ें और प्रश्न 9 से 10 के उत्तर लिखें।

रही वे नर धन्य है, पर उपकारी अंग ।

बाँटनवारे को लगै, ज्यों मेहंदि को रंगा ।

प्रश्न 9.
‘मनुष्य’ के लिए दोहे में प्रयुक्त शब्द कौन-सा है ? (1)
(क) नर
(ग) रंग
(ख) अंग
(घ) धन्य
उत्तर :
(क) नर

प्रश्न 10.
रहीम के विचार में कौन धन्य है ?
(क) अहंकारी
(ख) स्वार्थी
(ग) बदमाश
(घ) परोपकारी
उत्तर :
(घ) परोपकारी

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus

सूचना:’ इस बारिश’ में कविता की यह पंक्तियाँ पढें और 11 से 13 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

अब जो घिरती हैं काली घटाएँ
उसी के लिए घिरती है
कूकती हैं कोयलें उसीके लिए
उसीके लिए उठती है
धरती के सीने से सौंधी सुगंध

प्रश्न 11.
‘इस बारिश में’ कविता के कवि कौन हैं ? (1)
(क) बर्तेल्ड ब्रेख्त
(ख) सुमित्रानंदन पंत
(ग) नरेश सक्सेना
(घ) कबीर
उत्तर :
(ग) नरेश सक्सेना

प्रश्न 12.
कविता में ‘उसीके लिए प्रयोग किन-किन की ओर संकेत करता है?
उत्तर :
ज़मींदारों की ओर, अमीरो की ओर, किसानों की ओर शोषण करनेवालों की ओर

प्रश्न 13.
कवितांश का आशय लिखें। (2)
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्तियाँ हिन्दी के प्रमुख कवि नरेश सकसेना की सुंदर कविता इस बारिश में से ली गई है। इसमें एक किसान की दयनीय दशा का वर्णन है । ज़मींदारों के पास किसानों का ज़मीन जाने के साथ- साथ बारिश भी चली गई। अब आसमान में बादल किसान के लिए नहीं, ज़मींदार के लिए घिरते हैं । कोयलों का गाना और धरती की सीने से उठती सौधी सुगंध सब ज़मींदार के लिए हैं। किसानों का, ज़मीन से अटूट संबंध है। ज़मीन नष्ट होने पर किसानों का अस्तित्व भी नष्ट हो जाता है । वह उससे जीने की सब सपने छीन लेते हैं ।
इस प्रकार आज के किसानों की कारुणिक दशा का सजीव चित्र कवि ने खींचा है । कविता बहुत ही आकर्षक बनी है। कविता में सरल भाषा का प्रयोग किया है।

सूचनाः’ सफेद गुड़’ कहानी का यह अंश पढ़ें, और 14 से 16 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

पंसारी ने उसे डिब्बे में टटोला पर उसमें अठन्नी नहीं मिली। एक छोटा-सा खपड़ा (चिकना पत्थर) ज़रूर था जिसे पंसारी ने निकाल कर फेंक दिया। उसका चेहरा एक दम से काला पड़ गया। सिर घूम गया। जैसे शरीर का सारा खून निकल गया हो । आँखें छलछला आईं।

प्रश्न 14.
‘अठन्नी’ का मतलब क्या है ? (1)
(क) आठ आने का सिक्का
(ख) आठ मिनट का समय
(ग) आठ वर्ष का आयु
(घ) आठ दिन की छुट्टी
उत्तर :
(क) आठ आने का सिक्का

प्रश्न 15.
लड़का क्यों परेशान हो गया ? (2)
उत्तर :
लड़का गुड खरीदने के लिए अठन्नी दुकानदार की गद्दी में फेंकी। पर खोजने पर अठन्नी नहीं मिला । इसलिए लड़का परेशान हो गया।

प्रश्न 16.
लड़के की गुड़ खाने की इच्छा सफल नहीं हुई । वह उदास हो गया। इस प्रसंग पर लड़के की डायरी लिखें | (4)
अथवा
लड़के ने अपना अनुभव बताते हु मित्र के नाम पत्र लिखा । लड़के का संभावित पत्र लिखें ।
उत्तर :
तारीख: दिनः समयः
आज मेरे जीवन की सबसे दुख भरा दिन था । बहुत दिनों से मुझे गुड खाने की इच्छा थी । आज सोचा कि मेरी यह इच्छा सफल हो जाएगा। लेकिन क्या कहूँ, वह सपना सपना ही रह गया। नमक खरीदने बाज़ार जाते समय एक पैसा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता रहा। ठीक उसी समय ज़मीन से एक अठन्नी पड़ी मिली। खुशी का ठिकाना न था । अफसोस है कि दुकानदार को देते समय वह अठन्नी हाथ से खिसक गया, धनिया के डिब्बे में । ढूँढने पर एक चिकना – सां `पत्थर ही मिला। दुकानदार ने कहा कि मुफ्त में ले लो। लेकिन मन नहीं हुआ। दुखी मन से नमक खरीदकर मैं वापस घर पहुँचा । मैं इतना निराश हूँ कि आगे ईश्वर से कुछ नहीं माँगूँगा ।

अथवा

मित्र के नाम पर लड़के का पत्र |

स्थानः,
तारीखः

प्रिय मित्र,
तुम कैसे हो ? कुशल हैन? मैं यहाँ ठीक हूँ। एक खास बात बताने के लिए मैं यह पत्र भेज रहा हूँ। बहुत दिनों से मुझे गुड खाने की इच्छा थी । आज सोचा कि मेरी यह इच्छा सफल हो जाएगा। लेकिन क्या कहूँ, वह सपना सपना ही रह गया। नमक खरीदने बाज़ार जाते समय एक पैसा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता रहा। ठीक उसी समय ज़मीन से एक अठन्नी पड़ी मिली। खुशी का ठिकाना न था । अफसोस है कि दुकानदार को देते समय वह अठन्नी हाथ से खिसक गया, धनिया के डिब्बे में । ढूँढने पर एक चिकना – सा पत्थर ही मिला। दुकानदार ने कहा कि मुफ्त में ले लो। लेकिन मन नहीं हुआ। दुखी मन से नमक खरीदकर मैं वापस घर पहुँचा ।
वहाँ तुम्हारी खबर क्या-क्या हैं? तुम्हारे परिवारवालों से मेरा प्रणाम कहना । जवाब की प्रतीक्षा में,

तुम्हारा प्रिय मित्र,
(हस्ताक्षर )
नाम

सेवा में
नाम,
पता ।

सूचना:’ खूबसूरत अनुभूति है एवरेस्ट!’ साक्षात्कार का यह अंश पढ़ें और 17 और 19 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

माउंट एवरेस्ट की चोटी पर दो बार पहुँचनेवाली भारत की पहली महिला पर्वतारोही संतोष यादव का बचपन अन्य बच्चों की तुलना में कुछ हटकर रहा । बचपन से ही वह निडर रही ।

प्रश्न 17.
नमूने के अनुसार वाक्य की पूर्ति करें । (1)

बच्चा चलता है। बच्चे चलते हैं।
बच्चा दौड़ता है। बच्चे …………..

उत्तर :
दौडते हैं।

8th Standard Hindi Annual Exam Question Paper 2023-24 Kerala Syllabus

प्रश्न 18.
सही मिलान करें । (4)

संतोष यादव के पिताजी गाँव के स्कूल में पढ़ती थी।
पाँचवीं तक संतोष यादव संतुलित दिमागवाला होना है।
एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने में सेना में काम करते थे।
एक सफल पर्वतारोही को संतोष यादव सफल हो गई ।

अथवा
संतोष यादव दूसरी बार एवरेस्ट क चोटी पर पहुँची । इसपर रपट तैयार करें ।
भारत की पहली महिला पर्वतारोही
1993 में एवरेस्ट पर दूसरी बार
निडर होकर सफलता की ओर
उत्तर :

संतोष यादव के पिताजी सेना में काम करते थे।
पाँचवीं तक संतोष यादव गाँव के स्कूल में पढ़ती थी ।
एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने में संतोष यादव सफल हो गई ।
एक सफल पर्वतारोही को संतुलित दिमागवाला होना है।

अथवा
रपट
संतोष यादव माऊंट एवरेस्ट की चोटी पर दुबारा

स्थानः भारत की महिला पर्वतारोही संतोष यादव 1993 में दूसरी बार एवरेस्ट की चोटी पर पहुँच गई। उन्होंने 8,848 मीटर की ऊँचाई पर चढ़कर एवरेस्ट की चोटी पर दो बार चढ़नेवाली पहली भारतीय महिला का श्रेय प्राप्त किया है । बाँकी टॉकी फोन के ज़रिए एवरेस्ट पहुँचने की सूचना गई। बिना कोई डर के एवरेस्ट की चोटी पर चढ़नेवाली महिला पर्वतारोही होने का गौरव उन्होंने प्राप्त कर लिया। बर्फ से ढकी चोटियों को समझने की इच्छा ने उसे माऊंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचाया। सबकी तरफ से उन्हें बधाइयाँ मिलीं। इस तरह की महिला हमारी शान है। भारत सरकार ने इस निडर महिला के लिए पाँच लाख रुपए के इनाम की घोषणा की है।

प्रश्न 19.
चार सही प्रस्ताव चुनकर लिखें। (4)
बचपन से ही संतोष यादव बड़ी जिज्ञासू थी। आठवीं कक्षा तक संतोष यादव हॉस्टल में रही ।
संतोष यादव ने कॉलेज में पढ़ते समय पहली बार हिमालय देखा ।
चौदह वर्ष की आयु में संतोष यादव की शादी हुई ।
संतोष यादव भूमि को स्वर्ग कहलाना चाहती है।
संतोष यादव अपने पाँच भाइयों के बीच की लाड़ली थी ।
उत्तर :
बचपन से ही संतोष यादव बड़ी जिज्ञासू थी ।
संतोष यादव ने कॉलेज में पढ़ते समय पहली बार हिमालय देखा ।
संतोष यादव भूमि को स्वर्ग कहलाना चाहती है ।
संतोष यादव अपने पाँच भाइयों के बीच की लाड़ली थी ।