Practicing with SCERT Kerala Syllabus 8th Standard Hindi Textbook Solutions Unit 1 Chapter 2 जूलिया और लूना Julia Aur Luna Question Answer Notes Summary in Malayalam & Hindi improves language skills.
Julia Aur Luna Class 8 Question Answer Notes Summary
SCERT Class 8 Hindi Unit 1 Chapter 2 Question Answer Kerala Syllabus जूलिया और लूना
Julia Aur Luna Question Answer
विश्लेषणात्मक प्रश्न :
प्रश्न 1.
“मैं नहीं उतरूंगी” लड़की के इस निर्णय पर आपका विचार क्या है?
ഞാൻ ഇറങ്ങില്ല’ – പെൺകുട്ടിയുടെ ഈ തീരുമാനത്തെ കുറിച്ച് നിങ്ങളുടെ അഭിപ്രാ യം എന്താണ്?
उत्तर:
लड़की के इस निर्णय पर मेरा विचार है कि लड़की ने ठीक ही किया है। वह उस पेड़ की रक्षा करना चाहती है। इसमें कोई गलती नहीं।पेड़ का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। पेड़ नहीं तो धरती में हमें शुद्ध वायु, जल औ र मिट्टी नहीं मिलेगी।
പെൺകുട്ടിയുടെ തീരുമാനം ശരിയാണ് എന്നാണ് അഭിപ്രായം. പെൺകുട്ടി ആ വൃക്ഷത്തെ രക്ഷിക്കാൻ ശ്രമിക്കുന്നു. അതി ൽ യാതൊരു തെറ്റും ഇല്ല. വൃക്ഷങ്ങളെ സംരക്ഷിക്കേണ്ടത് നമ്മുടെ കർത്തവ്യമാണ്. വൃക്ഷങ്ങളില്ലെങ്കിൽ ഭൂമിയിൽ ശുദ്ധവായു വും ജലവും മണ്ണും നമുക്ക് ലഭ്യമാകില്ല.
प्रश्न 2.
“लड़की चहचहाई”- यहाँ ‘चहचहाई’ शब्द का प्रयोग क्यों किया होगा ?
പെൺകുട്ടി സന്തോഷവതിയായി മധുരമായ ശബ്ദത്തിൽ സംസാരിക്കാൻ തുടങ്ങി. ഇവി ടെ ‘മധുരമായി സംസാരിക്കുന്ന’ എന്ന പ യോഗം കൊണ്ട് എന്താണ് ഉദ്ദേശിക്കുന്നത്.
उत्तर:
लड़की चिड़ियों की तरह पेड़ पर घोंसला बनाकर रहती हैं। पेड़ तो चिड़ियों का घर है । इसलिए वह चिड़ियों की तरह चहचहाकर बोलती है। उसकी आवाज़ से चिड़ियों का आभास मिलता है।
പെൺകുട്ടി പക്ഷികളെ പോലെ വൃക്ഷത്തിൽ കൂട് വെച്ച് താമസിക്കുന്നു. വൃക്ഷം പക്ഷികളുടെ വീട് ആണ്. ആണ്. പക്ഷികളെ പോലെ മധുരമായ ശബ്ദത്തിലാണ്
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प्रश्न 1.
कहानी के आधार पर सही प्रस्ताव चुनकर लिखें :
• लड़की ने चुनौतियों का सामना किया।
• लड़की ने विपत्ती में पेड को छोड़ दिया।
• लड़की ने जीवन की सुविधाएँ छोड दीं।
• लड़की सेठ के अजीबोगरीब तरकीबों से डर गई।
• लड़की अपनी दोस्ती पर अटल रही।
उत्तर:
• लड़की ने चुनौतियों का सामना किया।
• लड़की ने जीवन की सुविधाएँ छोड़ दी।
• लड़की अपनी दोस्ती पर अटल रही।
प्रश्न 2.
नमूने के अनुसार वाक्यों का पुनर्लेखन करें।
“मैं नहीं उतरूंगी।”लड़की चिल्लाई।
लड़की चिल्लाई कि मैं नहीं उतरूंगी।
• आदमियों ने सोचा,”आखिर कभी तो उतरेगी। तब काटेंगे पेड़ को”।
• “कहानी पढ़कर सुनाऊँ?”कभी लड़की पेड़ से पूछती।
• “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।” लड़की ने कहा।
• लड़की ने बताया, “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।”
उत्तर:
• आदमियों ने सोचा कि आखिर कभी तो उतरेगी। तब काटोंगे पेड़ को”।
• कभी लड़की पेड़ से पूछती कि “कहानी पढ़कर सुनाऊँ?”
• लड़की ने कहा कि “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।”
• लड़की ने बताया कि “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।”
प्रश्न 3.
तैयार करें:
जूलिया और लूना की अनोखी दोस्ती का हिस्सा दुनिया भर में मशहूर हो गया। कहीं- कहीं लूना के संरक्षण पर पोस्टर निकालने लगे। आप भी लूना के संरक्षण पर पोस्टर तैयार करें।
उत्तर:

प्रश्न 4.
लिखें….
738 दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे। “वादा करो यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।” लड़की ने सेठ से वादा ले लिया।
– इस प्रसंग पर जूलिया और सेठ के बीच की बातचीत तैयार करें।
उत्तर:
सेठ: अरे जूलिया नीचे उतरो।
जूलिया: मैं नहीं उतरूंगी।
सेठ: क्यों ?
जूलिया: क्योंकि लूना मेरा दोस्त है। उसे बचाना है।
सेठ: हमें तो लकड़ी चाहिए।
जूलिया: नहीं मिलेगी। वापस जाना पडेगा।
सेठ: तुम कितने दिनों से होकर यहाँ रहती है। महीने बीत गए हैं।
जूलिया: तुम्हें पाता है, जब तक आप इसे छोड़कर नहीं चलेंगे, मैं नीचे नहीं उतरूंगी।
सेठ: हमारे कंपनी के लकड़हारे इंतज़ार कर रहे हैं। कृपया उन्हें अपने काम करने दीजिए।
जूलिया: नहीं, तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।
सेठ: (निराश होकर) ठीक है, हम वापस चलते हैं।
जूलिया: जाने से पहले वादा करो कि यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटोगे।
सेठ: वादा करता हूँ बहन कि यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटेगा।
जूलिया: शुक्रिया।
प्रश्न 5.
कहानी की घटनाओं को क्रम से लिखें।
• एक रोज़ कुछ हट्टे-कट्टे आदमी एक बड़े-से पेड़ को काटने पहुँचे।
• लड़की और पेड़ के इर्द-गिर्द हज़ारों लोग इकट्ठा होने लगे।
• कई दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे।
• हट्टे-कट्टे आदमियों के सेठ ने अजीबोगरीब तरकीबें लगाई।
• लड़की ने चिड़ियों की तरह पेड़ पर अपना घोंसला बना लिया।
• लड़की झट पेड़ पर चढ़ गई।
उत्तर:
एक रोज़ कुठ हट्टे-कट्टे आदमी एक बड़े से पेड़ को काटने पहुँचे।
1. लड़की झट पेड़ पर चढ़ गई।
2. लड़की ने चिड़ियों की तरह पेड़ पर अपना घोंसला बना लिया।
3. हट्टे-कट्टे आदमियों के सेठ ने आजीबोगरीब तरकीबें लगाई।
4. लड़की और पेड़ के इर्द-गिर्द हज़ारों लोग इक्ट्ठा होने लगे।
5. कई दिनों तक पेड़ काटने का इंतज़ार करने के बाद एक दिन वे आदमी चुपचाप वहाँ से जाने लगे।
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प्रश्न 6.
अनुबद्ध कार्यः
देश का विकास और प्रकृति संरक्षण विषय पर चर्चा चलाएँ और लघु लेख तैयार करें:

उत्तर:
हमारे आस-पास जो चीजें दिखती है, जो इन्सानों द्वारा नहीं बनाई गई है, वे प्रकृति का हिस्सा है। इसमें हवा, पानी, पेड़, जानवर, पहाड सभी शामिल है। देश के विकास में प्रकृति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रकृति को सुरक्षित रखने पर ही हमें स्वच्छ पानी, हवा, मिट्टी आदि की प्राप्ति संभव है।स्वच्छ एवं स्वस्थ मानव ही देश के विकास के लक्षण है। प्रदूषण से बचाकर प्रकृति को सुरक्षित बनाए रखना हर एक नागरिक का कर्तव्य है। प्लास्टिक एवं प्रकृति केलिए हानिकारक खाद पदार्थों के उपयोग से हमें दूर रहना चाहिए। नदी और नाले को हमेशा साफ रखना है ताकि मानव स्वच्छ पानी का उपयोग कर सके। वृक्षों की कटाई को रोकना चाहिए। देश के विकास और प्रकृति संरक्षण दोनों महत्वपूर्ण है। प्रकृति का नुकसान किए बिना हमें देश को विकसित करना है।
നമ്മുടെ ചുറ്റുപാടും കാണുന്ന വസ്തുക്കൾ മനുഷ്യനിർമ്മിതമല്ല, മറിച്ച് പ്രകൃതി യുടെ കൂടെ ഭാഗമാണ്. വായുവും വെള്ള വും പർവ്വതങ്ങളും, വൃക്ഷങ്ങളും വിവിധ പക്ഷിമൃഗാദികളും പ്രകൃതിയുടെ ഭാഗമാണ്. രാജ്യത്തിന്റെ വികസനത്തിൽ മഹത്തായ പങ്ക് ആണ് പ്രകൃതി വഹിക്കുന്നത്. പ കൃതിയെ സുരക്ഷിതമായി സംരക്ഷിച്ചാൽ മാത്രമേ ശുദ്ധവായുവും, ജലവും നമുക്ക് ലഭ്യമാകുകയുള്ളൂ. ആരോഗ്യവാന്മാരായ ജനങ്ങൾ രാജ്യത്തിന്റെ വികസനത്തിന്റെ ലക്ഷണമാണ്. മലിനീകരണത്തിൽ നിന്നും പ്രകൃതിയെ സംരക്ഷിക്കുക എന്നത് പൗരന്റെ കർത്തവ്യമായി മാറണം. പ്ലാസ്റ്റിക്കിന്റെയും പ്രകൃതിയെ ദോഷകരമായി ബാധിക്കുന്ന രാസപദാർത്ഥങ്ങളുടെയും ഉപയോഗം പര മാവധി തടയണം. നദികളെയും തോടുകളെ യും മാലിന്യമുക്തമായി സംരക്ഷിച്ചാൽ മാത്രമേ നമുക്ക് ശുദ്ധജലം ലഭ്യമാകു കയുള്ളൂ. വനനശീകരണം തടയുകയും വേണം. രാജ്യത്തിന്റെ വികസനവും പ്രകൃതി സംരക്ഷണവും പരസ്പര പൂരകങ്ങളാണ്. പ്രകൃതിക്ക് നാശം നേരിടാതെയുള്ള വിക സന സങ്കൽപമാണ് നാം മുന്നോട്ട് വയ്ക്കേണ്ടത്.
प्रश्न 7.
जून और जुलाई महीने के विशेष दिवसों को पहचानें
नमूने के अनुसार कम से कस पाँच दिवसों की सूची बनाएँ।
उत्तर:
पाँच जून (June – 5) – विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment day)
उन्नीस जून (June – 19 ) – वाचन दिवस ( Reading day)
इक्कीस जून (June – 21) – अंतराष्ट्रीय चोगा दिवस (International yoga day)
ग्यारह जुलाई (July – 11) – विश्व जनसंख्या दिवस (World population day)
सात जुलाई (July – 7) – विश्व चॉकलेट दिवस (World Choclate day )
जूलिया और लूना निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या वाक्य में लिखें:
प्रश्न 1.
एक दिन बड़े से पेड़ को काटने के लिए कौन आये?
उत्तर:
कुछ हट्टे-कट्टे आदमी।
प्रश्न 2.
यह दृश्य कौन देख रहा था?
उत्तर:
एक लड़की।
प्रश्न 3.
पेड़ काटने के लिए आए लोगों को देखकर लड़की ने क्या किया?
उत्तर:
लड़की झट से पेड़ पर चढ़ गई।
प्रश्न 4.
आदमियों के डराने धमकाने पर लड़की ने क्या कहा?
उत्तर:
लड़की ने कहा मैं नहीं उतरूँगी।
प्रश्न 5.
लड़की के कहने पर आदमियों ने क्या सोचा?
उत्तर:
सोचने लगे कि एक न एक दिन लड़की पेड़ से उतरेंगे, तब पेड़ को काटेंगे।
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प्रश्न 6.
हफ्ते महीने बीतने पर भी लड़की किसके लिए तैयार नहीं हुई?
उत्तर:
पेड़ से उतरने के लिए।
प्रश्न 7.
पेड़ पर रहनेवाली लडकी केलिए लोगों ने क्या ले आया?
उत्तर:
खाना,
ले आए।
पानी, स्टोव, किताबें, कंबल, कपड़े, आदि ले आए।
प्रश्न 8.
लड़की ने पेड़ पर क्या बनाई ?
उत्तर:
चिडियों की तरह एक घोंसला।
प्रश्न 9.
बारिश, आँधी और तूफान के आने पर भी लड़की ने पेड़ को कैसे बचाए रखा?
उत्तर:
लड़की पेड़ से उतरी नहीं और पेड़ को काटने से बचाया।
प्रश्न 10.
लड़की को नीचे उतारने के लिए सेठ ने क्या क्या तरकीबें लगाई?
उत्तर:
लौड़ स्पीकर से शोर मचाया, हेलिकॉप्टर उड़ा उड़ाकर लडकी को रात भर जगाए रखा।
प्रश्न 11.
सेठ और उनके लोगों से लडकी बुलंद आवाज़ में क्या कहती थी?
उत्तर:
लड़की कहती थी “तुम हमारी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाओगे।
प्रश्न 12.
किसकी दोस्ती की कहानी दुनिया भर फैल गई?
उत्तर:
पेड़ और लड़की की दोस्ती।
प्रश्न 13.
सेठ और हट्टे कट्टे आदमी किससे डरने लगे?
उत्तर:
लड़की और पेड़ की दोस्ती से और उनके हज़ारों दोस्तों से।
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प्रश्न 14.
कितने दिन तक सेठ और आदमी पेड़ काटने के इंतज़ार में रहे?
उत्तर:
738 दिनों तक।
प्रश्न 15.
लड़की ने सेठ से क्या वादा ले लिया?
उत्तर:
लड़की ने सेठ से वादा ले लिया ‘यहाँ के किसी भी पेड़ को कभी नहीं काटेंगे।’
प्रश्न 16.
उस लड़की का नाम क्या है?
उत्तर:
जूलिया।
प्रश्न 17.
उस पेड़ का नाम क्या है?
उत्तर:
लूना
Julia Aur Luna Summary in Malayalam
जूलिया और लूना Summary in Malayalam
पाठ का सारांश :
(एक रोज़ कुछ ………………. पेड़ ने लड़की को बचाए रखा और लड़की ने पेड़ को ।) [Textbook page no. 14 & 15)
ഒരു ദിവസം കുറച്ച് ശക്തരായ മനുഷ്യർ ചേർന്ന് വലിയൊരു വൃക്ഷം മുറിക്കാനായി എത്തി. ഒരു പെൺകുട്ടി വൃക്ഷം മുറിക്കാനായി എത്തിയവരെ കണ്ടയുടൻ പെട്ടെന്ന് വൃക്ഷത്തിലേക്ക് ചാടിക്കയറി. അവർ പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കാൻ ശ്രമിച്ചിട്ടും, ഭീഷണിപ്പെടുത്തിയിട്ടും ഭയപ്പെടുത്തിയിട്ടും പെൺകുട്ടി താഴെ ഇറങ്ങാൻ തയ്യാറായില്ല. അവൾ ബഹളം വച്ചുകൊണ്ട് മരത്തിന്റെ ഒരു ശാഖയിൽ ഇരിക്കാൻ തുടങ്ങി. അവസാനം പെൺകുട്ടി എപ്പോഴെങ്കിലും ഇറങ്ങുമ്പോൾ വൃക്ഷം മുറിക്കാം എന്ന് അവർ തീരുമാനിച്ചു. ദിവസങ്ങളും, ആഴ്ചകളും, മാസങ്ങളും കഴിഞ്ഞെങ്കിലും പെൺകുട്ടി മരത്തിൽ നിന്നും താഴെ ഇറങ്ങാൻ തയ്യാറായില്ല. പെൺകുട്ടി മരത്തിൽ നിന്നും ഇറങ്ങില്ലെന്ന് മന സ്സിലായതോടെ കണ്ടു നിന്ന ആളുകൾ അവൾക്ക് ഭക്ഷണവും വെള്ളവും, സ്റ്റൗവ്, പുസ്തകങ്ങൾ, പുതപ്പ്, വസ്ത്രങ്ങൾ എന്നിവയും എത്തിച്ചു കൊടുത്തു. സന്തോഷത്തോടെ മധുരമായ വാക്കുകളിൽ അവൾ അവരോടുള്ള നന്ദി പ്രകടിപ്പിച്ചു. പക്ഷികളെപ്പോലെ അവൾ വൃക്ഷത്തിൽ കൂട് ഉണ്ടാക്കി. മഴയെയും തണുപ്പിനെയും കൊടുങ്കാറ്റിനെയും നേരിടേണ്ടി വന്നിട്ടും വൃക്ഷം പെൺകുട്ടിയെയും അവൾ വൃക്ഷത്തെയും സംരക്ഷിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നു.
(कहानी पढ़कर सुनाउँ?”…………………………. लड़की बुलंद आवाज़ में उन्हें कहती) [Textbook page no. 15]
“കഥ പറഞ്ഞു കേൾപ്പിക്കട്ടെ?” എന്ന് ചോദിക്കുമ്പോൾ വൃക്ഷം തന്റെ ഇലകളിലൂടെ കാറ്റിന്റെ സംഗീതം പൊഴിക്കുമായിരുന്നു. സേഠിന്റെ ശക്തരായ മനുഷ്യർ വൃക്ഷത്തിന് താഴെ ലൗഡ് സ്പീക്കർ വച്ച് ശബ്ദമുണ്ടാക്കിയും വൃക്ഷത്തിന് മുകളിലൂടെ ഹെലിക്കോപ്റ്റർ പറപ്പിച്ച് ശബ്ദമുണ്ടാക്കിയും വിചി ത്രമായ ഉപായങ്ങൾ പ്രയോഗിച്ചും പെൺകുട്ടിയെ താഴെ ഇറക്കാൻ ശ്രമിച്ചു. ‘നിങ്ങൾക്ക് ഞങ്ങളുടെ സൗഹൃദത്തെ തകർക്കാൻ കഴിയില്ല’ – പെൺകുട്ടി ഉച്ചത്തിൽ അവരോടായി വിളിച്ചു പറഞ്ഞു.
(उनकी अनोखी दोस्ती का किस्सा दुनिया भर में …………………………… उस लड़की का नाम जूलिया है, उस पेड़ का नाम है लूना’ [Textbook page no. 16)
വൃക്ഷത്തിന്റെയും പെൺകുട്ടിയുടെയും സൗഹൃദത്തിന്റെ കഥ ലോകമെമ്പാടും പ്രശസ്തി നേ ടി. വൃക്ഷത്തിന് ചുറ്റും നിരവധി ജനങ്ങൾ തടിച്ചു കൂടാൻ തുടങ്ങി. സേഠിന്റെ ശക്തരായ അനുയാ യികൾ വൃക്ഷത്തിന്റെയും പെൺകുട്ടിയുടെയും സൗഹൃദവും അവളുടെ നിരവധി സുഹൃത്തുക്ക ളെയും കണ്ട് ഭയക്കാൻ തുടങ്ങി. 738 ദിവസത്തോളം കാത്തിരുന്ന് അവസാനം ഒരു നാൾ വൃക്ഷം മുറിച്ചു മാറ്റാനായി എത്തിയ സേഠിന്റെ അനുയായികളെല്ലാം അവിടെ നിന്നും പിരിഞ്ഞുപോകാൻ തുടങ്ങി. ‘ഇവിടുത്തെ ഒരു വൃക്ഷവും വെട്ടി മുറിക്കില്ല’ എന്ന പ്രതിജ്ഞ എടുപ്പിച്ചതോടെ എല്ലാ വൃക്ഷങ്ങളും മുറിച്ചു മാറ്റപ്പെടുമെന്ന ഭീഷണിയിൽ നിന്നും രക്ഷപ്പെട്ടു. ആ പെൺകുട്ടിയുടെ പേര് ‘ജൂലിയ’ എന്നായിരുന്നു. വൃക്ഷത്തിന്റെ പേര് ‘ലൂണ’ എന്നും. രണ്ടുപേരും ഇപ്പോഴും ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്തുക്കളാണ്.
जूलिया लोरेन हिल (ജൂലിയ ലോറൻ ഹിൽ)
जूलिया लोरेन हिल का जन्म 18 फरवरी 1974 को मिसोरी के माउण्ट वेरनोन (यु.एस) में हुआ। आप जूलिया बटरफ्लाई हिल के नाम से जानी जाती है। आप एक सफल लेखिका, अमेरिकी पर्यावरण कार्यकर्त और प्रेरक वक्ता है। आप जंगलों – पेड़ों की कटाई रोकने के लिए 10 दिसंबर 1997 और 18 दिसंबर 1999 के बीच 738 दिन 200 फुट (61 मीटर) ऊँचे, लगभग 1,000 साल पुराने कैलिफोर्निया रेडवुड पेड़ में रहीं। जूलिया पेड़ के शीर्ष के पास एक तंबू में रही थीं, ताकि पैसिफिक लंबर कंपनी के लकड़हारे इसे काट न सकें । वे अंततः पेड़ को बचाने के लिए लंबर कंपनी साथ एक समझौते पर पहुँची। वह पेड़ प्यार से लूना के नाम से जाना जाता था। जूलिया ने सन् 2000 में अपने पेड़ पर बैठने के अनुभव के बारे में एक किताब प्रकाशित की, नाम है “द लिगेसी ऑफ लूना”।
അമേരിക്കയിലെ മിസോറാമിലെ മൗണ്ട് വെർനോണിലാണ് 1974 ഫെബ്രുവരി 18 ജൂലിയ ലോറൽഹിൽ ജനിച്ചത്. ഇവർ ‘ജൂലിയ ബട്ടർഫ്ളൈസ്ഹിൽ’ എന്ന പേരിലും അറിയപ്പെടുന്നു. അമേരിക്കയിലെ പ്രശസ്തയായ എഴുത്തുകാരിയും പരിസ്ഥിതി പ്രവർ ത്തകയുമാണ് ജൂലിയ ലോറൻ ഹിൽ. വനങ്ങളും വൃക്ഷങ്ങളും വെട്ടി നശിപ്പിക്കുന്നതിനെ തിരെ 1997 ഡിസംബർ 10 മുതൽ 1999 ഡിസംബർ 18 ന് ഇടയിൽ 783 ദിവസം 200 അടി ഉയരമുള്ള ആയിരം വർഷം പഴക്കമുള്ള കാലിഫോർണിയ റെഡ് വുഡ് വ്യക്ഷത്തിനു ള്ളിൽ താമസിച്ച് പ്രക്ഷോഭം നടത്തിയിട്ടുണ്ട്. ജൂലിയ വൃക്ഷത്തിനു മുകളിൽ ഒരു ടെന്റിൽ താമസിച്ചുകൊണ്ടായിരുന്നു പസഫിക് ലംബർ കമ്പനിയുടെ മരം വെട്ടുകാരിൽ നിന്നും വൃക്ഷത്തെ സംരക്ഷിച്ചത്. അവസാനം അവർ കമ്പനിയുമായി ഉടമ്പടിയിൽ എത്തിച്ചേരുകയും ചെയ്തു. ആ വൃക്ഷത്തെ സ്നേഹത്തോടെ ‘ലൂണ’ എന്ന പേരിലാ യിരുന്നു വിളിച്ചിരുന്നത്. 2000ൽ ജൂലിയ വൃക്ഷത്തിനുമുകളിൽ ചിലവഴിച്ച ദിവസ ങ്ങളിലെ തന്റെ അനുഭവങ്ങളെക്കുറിച്ച് ‘ദി ലഗസി ഓഫ് ലൂ’ എന്ന പേരിൽ പുസ്തകം പ്രസിദ്ധീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്.
जूलिया और लूना लेखक परिचय
कहानी (नेहा सिंह)
नेहा सिंह

नेहा सिंह का जन्म 5 मई 1982 को वाराणसी में हुआ था। वे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखती हैं और उनकी उन्नीस किताबें प्रकाशित हो चुकी है। बच्चों के लिए खासकर ‘म्यूज़िकल नाटक’ बनाना उन्हें बेहद पसंद है। वे बच्चों के लिए कहानियाँ, कविताएँ लिखती है। ‘राही’ नाम की थिएटर कंपनी चलाती है और लड़कियों-महिलाओं के लिए एक कैंपेन चलाती है जिसका नाम है “व्हाई लोइटर”। उनकी पहली पुस्तक है ‘द वेनेसडे बाज़ार’ जो सन् 2014 में प्रकाशित हुई।
1982 മെയ് 5ന് വാരാണസിയിലാണ് നേഹാ സിംഗ് ജനിച്ചത്. ഹിന്ദിയിലും ഇംഗ്ലീഷിലുമായി 19ൽ പരം പുസ്തകങ്ങൾ രചിച്ചിട്ടുണ്ട്. കുട്ടികൾക്കായി സംഗീതനാടകങ്ങൾ നിർമ്മിക്കുന്നതിൽ വളരെയധികം താൽപര്യം പ്രകടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. കുട്ടികൾക്കായി നിരവധി കഥകളും കവിതകളും എഴുതിയിട്ടുണ്ട്. ‘രാഹി’ എന്ന നാടക കമ്പനി നടത്തി വരുന്നു. കുട്ടികൾക്കും സ്ത്രീകൾക്കുമായി ‘म्यूज़िकल नाटक’ എന്ന ക്യംപയിൻ സംഘടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. ‘വെനസ് ഡെ ബസാർ’ എന്ന ആദ്യ പുസ്തകം 2014 ൽ പുറത്തി റങ്ങിയിട്ടുണ്ട്.
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जूलिया और लूना शब्दार्थ
मदद ले :
एक रोज़ – ഒരു ദിവസം
हट्टे-कट्टे – ശക്തനായ
पेड़ – വൃക്ഷം
काटना – മുറിക്കുക
झट – പെട്ടെന്ന് (quickly)
चढ़ गई – കയറി (climbed)
समझाना – പറഞ്ഞു മനസ്സിലാക്കുക
धमकाना – ഭീഷണിപ്പെടുത്തുക
डराना – ഭയപ്പെടുത്തുക
बहोत – बहुत
मैं नहीं उतरूंगी – ഞാൻ ഇറങ്ങില്ല
चिल्लाना – ബഹളം വെയ്ക്കുക
शाखा – Branch
आखिर – അവസാനം
हफ्ता – ആഴ്ച്ച (week)
महीना – മാസം (month)
बीतना – കഴിയുക
पता चलना – മനസ്സിലാക്കുക
गद्दा – മെത്ത, matress
कंबल – കമ്പിളി, Blanket, പുതപ്പ്
शुक्रिया – നന്ദി thanks
चहचहाई – സന്തോഷത്തോടെ
चिडिया – പക്ഷി
घोंसला – (nest) കുട്
बारिश – മഴ(rain)
सर्दी – തണുപ്പ്
आँधी-तूफान – കൊടുംകാറ്റ്
बर्फ पड़ना – ഐസ് വീഴുക
बचाए रखना – രക്ഷിക്കുക
पत्ता – ഇല (leaf)
अजीबोगरीब – വിചിത്രമായ
तरकीब – ഉപായം
तेज़ शोर मचाना – ഉച്ചത്തിൽ ശബ്ദം ഉണ്ടാക്കുക
जगाना – ഉണർത്തുക
बुलंद – ഉയർന്ന
आवाज़ – ശബ്ദം
दोस्ती – സൗഹൃദം (friendship)
अनौखी – വിചിത്രമായ
किस्सा – കഥ
दुनिया भर – ലോകം മുഴുവൻ
मशहूर हो गया – प्रसद्धि हो गया
इर्द-गिर्द – ചുറ്റുപാടും
इकट्ठा होना – ഒത്തുചേരുക
डर लगना – പേടിതോന്നുക
चुपचाप वादा करना – നിശബ്ദമായി വാഗ്ദാനം ചെയ്യുക
पक्के देत – ആത്മാർത്ഥ സുഹൃത്തുക്കൾ



















