Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है

प्रश्न 1.
ब्लैक फिल्म देखें। (फिल्म देखते वक्त इन मुद्दों पर बारीकी से ध्यान दें)

  • पात्रों का अभिनय
  • संवादों की प्रासंगिकता
  • दृश्यों की विविधता
  • कथा का प्रवाह

प्रश्न 2.
फिल्म के आधार पर लिखें।

  • सबसे आकर्षक दृश्य
  • सबसे श्रेष्ठ अभिनेता
  • सबसे हृदयस्पर्शी संवाद
  • सबसे दर्दनाक दृश्य

प्रश्न 3.
फिल्म के निम्नांकित अंगों के लिए गुणवत्ता के अनुसार दें (अधिकांश)

  • कथा
  • पटकथा
  • अभिनय
  • छायांकन
  • साज-सज्जा
  • ध्वन्यांकन
  • संपादन
  • निदेशन

फिल्म से समीक्षा की ओर…

ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
समीक्षा में किन-किन बिंदुओं की चर्चा की गई है?
उत्तर:
पटकथा, संवाद-योजना, छायांकन, संपादन-कार्य, छायांकन, ध्वन्यांकन, अभिनय, गीत, प्रार्श्व संगीत आदि की चर्चा की गयी है।

प्रश्न 2.
किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा लिखें।
उत्तर:
माणिक्यकल्ल् – फिल्मी समीक्षा
निर्माता : गिरीश लाल
निर्देशक : एम्. मोहनन्
गीत : अनिल पनचूरान्, रमेश काविल्
संगीत : एम्. जयचन्द्रन्

कलाकार : पृथ्वीराज, संवृता सुनिल, नेडुमुड़ी वेणु आदि गौरी मीनाक्षी सिनेमा के बैनर में बनाया हुआ ‘माणिक्यकल्ल्’ फिल्म एक अच्छा फिल्म है। इसका निर्माता है श्री गिरिश लाल। फिल्म का निर्देशन किया है श्री एम्. मोहनन् ने। ‘माणिक्यकल्ल्’ एक विचारात्मक फिल्म है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है: वणान्मला सरकारी हाईस्कूल को एक गौरवशाली अतीत था। वर्तमान शिक्षामंत्री इस स्कूल के पूर्व विध्यार्थी थे। लेकिन, आज इस स्कूल की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो गयी है। आज स्कूल में पढ़ते हैं केवल 50 छात्र। स्कूल में 8 अध्यापक पढ़ाने केलिए सरकार से नियुक्त हैं। वे अपने सरकारी वेतन समय पर लेने केलिए अत्यंत उत्सुक रहते हैं। लेकिन, पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते। वे अपने अपने निजी काम-धंधों में लगकर पैसे कमाने में इच्छुक रहते हैं।

इस अवसर पर विनयचंद्रन् (पृथ्वीराज) नामक एक नया अध्यापक सरकार नियुक्ति से स्कूल में नौकरी करने के लिए आता है। नया अध्यापक छात्रों की उन्नति की ओर बड़ा ध्यान देने लगता है। पहलेपहले सह अध्यापकों से उसे कोई सहयोग नहीं मिलता। लेकिन, विनयचंद्रन् अपने सह-अध्यापकों को इमानदार और जिम्मेदार रहने को प्रभावित करते हैं। धीरे-धीरे स्कूल में बड़ा परिवर्तन आने लगता है।

विनयचंद्रन् को चांदनी नामक अध्यापिका बड़ा साथ देती है। वह स्कूल की शारीरिक-शिक्षा अध्यापिका थी समय की गति में विनयचंद्रन और चांदनी के बीच प्यार होने लगता है। हेडमास्टर करुणाकर कुरुप्प (नेडुमुड़ी वेणु) विनयचंद्रन् को अपने अधिकार और प्यार से बड़ा प्रोत्साहन देते हैं। अंत में स्कूल में बड़ा बदलाव आता है। स्कूल में शत-प्रतिशत विजय होती है।

पृथ्वीराज और संवृता अपनी अभिनय-कला से अनेक रोचक मुहूर्त देते हैं। इन्द्रन्स्, जगदीश, कोट्टयम् नसीर, सलीम कुमार आदि अभिनेताओं ने अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ दर्शकों को हँसाने में भी सफल हुए हैं।

अनिल पनचूरान और रमेश काविल द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ता जाता है। एम्. जयचंद्रन् का संगीत भी अच्छा है। श्रेया गोशाल की आवाज़ में ‘चेम्परत्ती’…. बहुत सुरीली हो गयी है।

फिल्म की फोटोग्राफी पी. सुकुमार ने बहुत ही प्रभावशाली ढ़ग से की है। रंजन एब्राहम् का संपादन (Editing) कुछ और अच्छा होना था। इससे फिल्म को अनावश्य लंबाई से बचा सकता था।

‘माणिक्यकल्ल’ में अच्छा संदेश शामिल हुआ है। आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ की याद हमें इस फिल्म से होती है।

प्रश्न 3.
फिल्म समीक्षा की परख, मेरी ओर से

  • फिल्म का संक्षिप्त परिचय दिया है।
  • अभिनय की खूबियाँ/कमियाँ बताई हैं।
  • निदेशक की क्षमता को अंकित किया है।
  • फिल्म के अन्य बिंदुओं की (पटकथा, संवाद-योजना, छायांकन, ध्वन्यांकन, संपादन, गीत आदि) चर्चा की है।
  • अपने विचारों का समर्थन किया है।

प्रश्न 4.
मान लें, ब्लैक फिल्म थियटर में 100 दिन पूरी करते वक्त पोस्टर में यह अनुशीर्षक (Caption) निकलता है।

संजय लीला भंसाली के निदेशन में अमिताभ बच्चन और राणी मुखर्जी के अभिनय-जीवन की अनमोल प्रस्तुति
‘ब्लैक’
101 वें दिन की ओर…

पोस्टर में छपने के लिए इसी प्रकार के विभिन्न अनुशीर्षक लिखें।
उत्तर:
i) सौ दिन के बाद भी ब्लैक भीड़ भरी।
ii) 101 वें दिन ……… 350 शो……. गजब! गजब!!
iii) सारा शहर ‘ब्लैक’ के पीछे

प्रश्न 5.
किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा लिखें।
उत्तर:
i) तारे ज़मीं पर – फिल्मी समीक्षा
बच्चे ओस की बूंदों की तरह एकदम शुद्ध और पवित्र होते हैं। वे कल के नागरिक हैं, लेकिन दुःख की बात है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर तमाम बंदिशों में रहना पड़ता है। आठ वर्षीय ईशान अवस्थी (दर्शील सफ़ारी) का मन पढ़ाई के बजाय कुत्तों, मछलियों और पेटिंग में लगता है। उसके मातापिता चाहते हैं कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता। ईशान घर पर माता-पिता की डाँट खाता है और स्कूल में शिक्षकों की। कोई भी यह जानने की कोशिश नहीं करता कि ईशान पढ़ाई पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। इसके बजाय वे ईशान को बोर्डिंग स्कूल भेज देते हैं।

खिलखिलाता ईशान वहाँ जाकर मुरझा जाता है। वह हमेशा सहमा और उदास रहने लगता है। उस पर निगाह जाती है आर्ट टीचर रामशंकर निकुंभ (आमिर खान)की। निकुंभ उसकी उदासी का पता लगाते हैं और उन्हें पता चलता है कि ईशान बहुत प्रतिभाशाली, लेकिन डिसलेक्सिया की बीमारी से पीड़ित है। उसे अक्षरों को पढ़ने में तकलीफ़ होती है। अपने प्यार और दुलार से निकुंभ ईशान के अंदर छिपी प्रतिभा को सबके सामने लाते हैं।

कहानी सरल है, जिसे आमिर खान ने बेहद प्रतिभाशाली तरीके से परदे पर उतारा है। पटकथा की बुनावट एकदम चुस्त है। छोटे-छोटे भावनात्मक दृश्य रखे गए हैं, जो सीधे दिल को छू जाते हैं। ईशान का स्कूल से भागकर सड़कों पर घूमना, ताज़ा हवा में साँस लेना, बिल्डिंग के कलर होते देखना, फुटपाथ पर रहनेवाले बच्चों को आज़ादी से खेलते देखकर उदास होना, बरफ़ का लड्डू खाना जैसे दृश्यों को देख कई लोगों को बचपन की याद ताज़ा हो जाएगी।

सभी बच्चों का दिमाग और सीखने की क्षमता एक-सी-नहीं होती। फ़िल्म देखते समय हर दर्शक इस बात को महसूस करता है। ईशान की भूमिका में दर्शील सफ़ारी इस फ़िल्प की जान है। अमीर खान मध्यांतर में आते हैं और छा जाते हैं। टिस्का चोपड़ा (ईशान की मम्मी) ने एक में की बेचैनी को उम्दा तरीके से पेश किया है। विपिन शर्मा (ईशान के पापा), सचेत इंजीनियर और सारे अध्यापकों का अभिमय भी अच्छा है। प्रसून जोशी द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ जाता है। शंकर-अहसान-लॉय का संगीत भी अच्छा है। फ़िलम की फोटोग्राफी बहुत ही प्रभावशाली हैं।

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ii) पूस की रात – फिल्मी समीक्षा
किसान का जीवन कितना करुणापूर्ण है! खेती से उसको कोई सुख नहीं मिला। पूरा जीवन गरीबी में गुज़रता है। इन बातों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करनेवाली एक सुंदर फिल्म है ‘पूस की रात’। प्रेमचंद की एक छोटी कहानी गुलजार के निदेशन में फिल्म के रूप में पर्दे पर आयी है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है।

एक गरीब किसान हल्कू अपनी पत्नी के साथ रहता है। खेत में फसल पकने लगी है। रात के समय खेत में नीलगायों के आने की संभावना है। इसलिए हल्कू रात में खेत का पहरावा करता है। हड्डियाँ भी तोडनेवाली ठंड में वह अपने कुत्ते का साथ गीत गाकर या बातें करके ठंड से बचने की कोशिश करता है। गर्मी के लिए वह चिलम फूंकता भी है।

खेती के लिए महाजनों से लिए पैसे वापस देने में भी वह असमर्थ है। हल्कू की पत्नी के मत में खेती की अपेक्षा मज़दूरी करना ही अच्छा है। एक ठंडी रात में हल्कू ठंड सह न सका। वह कुछ सूखे पत्ते लाकर आग जलाकर उसके साथ नाच गाकर सर्दी से बचकर लेटा। आग की गर्मी के कारण उसको गहरी नींद मिली। पर उस रात में आग फैलकर सारी फसल जल गयी। सबेरे पत्नी आकर हल्कू को उठाते वक्त ही उसने देखा कि सारा खेत जल चुका है। रोती हुई पत्नी से हल्कू ने कहा कि ‘अच्छा हुआ…. आज से रात में ठंड सहने की ज़रूरत नहीं है।’

हल्कू की ये बातें उसकी निराशा से उत्पन्न हैं। खेत में कठिन काम करने पर भी या सभी कठिनाइयाँ सहने पर भी किसान को कोई फायदा नहीं मिलता है। इन बातों को स्पष्ट रूप में गुलज़ार ने अपनी फिल्म ‘पूस की रात’ में व्यक्त किया है। छोटे-छोटे भावनात्मक दृश्य रखे गए हैं जो सीधे दिल को छू जाते हैं। कुत्ते का साथ हल्कू का वार्तालाप, चंद्रमा की सुविधा का वर्णन, नीलगायों को भगाने की आवाज़ आदि के प्रसंगानुकूल दृश्य दर्शकों को मज़ा देनेवाले ही हैं।

किसान के दैन्य दिखाने के लिए फटे हुए कंबल को दिखाते वक्त उसकी गरीबी हमारे मन पर चोट लगाती है। प्रेमचंद किसानी जीवन की दर्दनाक कहानी लिखनेवाला कहानीकार है। उनकी एक कहानी को गुलजार ने ज्यादा चमकदार बनाकर फिल्म के रूप में प्रस्तुत किया है। रघुवीर करण और मानसी उपध्याय ने अपने अपने पात्रों को उज्वल बनाए। दोनों का अभिनय देखकर हम विस्मित हो जाते हैं। फिल्म की शुरुआत में रूपकुमार का एक अच्छा गीत है। दिन और रात के समय के दृश्यों की फोटोग्राफी भी अव्वल दर्जे की है। संपादन अच्छा हुआ है। पटकथा भी बहुत अच्छा हुई है। साज-सज्जा अनुकूल ही है। ध्वन्यांकन उत्तम कोटि की है।

Plus One Hindi ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित सहायक बिंदु के आधार पर किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा लिखिए। सहायक बिंदुः

  • फिल्म का कथासार
  • पात्रों का अभिनय
  • निदेशक की भूमिका
  • पटकथा, संवाद, छायांकन, गीत आदि
  • फिल्म की समग्रता पर अपना दृष्टिकोण

उत्तर:
माणिक्यकल्ल् – फिल्मी समीक्षा
निर्माता : गिरीश लाल
निर्देशक : एम्. मोहनन्
गीत : अनिल पनचूरान्, रमेश काविल्
संगीत : एम्. जयचन्द्रन्

कलाकार : पृथ्वीराज, संवृता सुनिल, नेडुमुड़ी वेणु आदि गौरी मीनाक्षी सिनेमा के बैनर में बनाया हुआ ‘माणिक्यकल्ल्’ फिल्म एक अच्छा फिल्म है। इसका निर्माता है श्री गिरिश लाल। फिल्म का निर्देशन किया है श्री एम्. मोहनन् ने। ‘माणिक्यकल्ल्’ एक विचारात्मक फिल्म है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है: वणान्मला सरकारी हाईस्कूल को एक गौरवशाली अतीत था। वर्तमान शिक्षामंत्री इस स्कूल के पूर्व विध्यार्थी थे। लेकिन, आज इस स्कूल की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो गयी है। आज स्कूल में पढ़ते हैं केवल 50 छात्र। स्कूल में 8 अध्यापक पढ़ाने केलिए सरकार से नियुक्त हैं। वे अपने सरकारी वेतन समय पर लेने केलिए अत्यंत उत्सुक रहते हैं। लेकिन, पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते। वे अपने अपने निजी काम-धंधों में लगकर पैसे कमाने में इच्छुक रहते हैं।

इस अवसर पर विनयचंद्रन् (पृथ्वीराज) नामक एक नया अध्यापक सरकार नियुक्ति से स्कूल में नौकरी करने के लिए आता है। नया अध्यापक छात्रों की उन्नति की ओर बड़ा ध्यान देने लगता है। पहलेपहले सह अध्यापकों से उसे कोई सहयोग नहीं मिलता। लेकिन, विनयचंद्रन् अपने सह-अध्यापकों को इमानदार और जिम्मेदार रहने को प्रभावित करते हैं। धीरे-धीरे स्कूल में बड़ा परिवर्तन आने लगता है।

विनयचंद्रन् को चांदनी नामक अध्यापिका बड़ा साथ देती है। वह स्कूल की शारीरिक-शिक्षा अध्यापिका थी समय की गति में विनयचंद्रन और चांदनी के बीच प्यार होने लगता है। हेडमास्टर करुणाकर कुरुप्प (नेडुमुड़ी वेणु) विनयचंद्रन् को अपने अधिकार और प्यार से बड़ा प्रोत्साहन देते हैं। अंत में स्कूल में बड़ा बदलाव आता है। स्कूल में शत-प्रतिशत विजय होती है।

पृथ्वीराज और संवृता अपनी अभिनय-कला से अनेक रोचक मुहूर्त देते हैं। इन्द्रन्स्, जगदीश, कोट्टयम् नसीर, सलीम कुमार आदि अभिनेताओं ने अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ दर्शकों को हँसाने में भी सफल हुए हैं।

अनिल पनचूरान और रमेश काविल द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ता जाता है। एम्. जयचंद्रन् का संगीत भी अच्छा है। श्रेया गोशाल की आवाज़ में ‘चेम्परत्ती’…. बहुत सुरीली हो गयी है।

फिल्म की फोटोग्राफी पी. सुकुमार ने बहुत ही प्रभावशाली ढ़ग से की है। रंजन एब्राहम् का संपादन (Editing) कुछ और अच्छा होना था। इससे फिल्म को अनावश्य लंबाई से बचा सकता था।

‘माणिक्यकल्ल’ में अच्छा संदेश शामिल हुआ है। आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ की याद हमें इस फिल्म से होती है।

ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 4
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 5

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 6

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 7
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 8

ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Glossary

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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 10

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे

प्रश्न 1.
जो दिल खोजौं आपना मुझ-सा बुरा न कोय- कबीर ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर:
मनुष्य में भलाई और बुराई का मिश्रण होता है। परंतु, मनुष्य अपनी बुराई को छिपाकर दूसरों की बुराई बताते फिरता है। अपने आपको सुधारने को हमें ज्यादा ध्यान देना चाहिए। दूसरों की बुराई खोज देखने के लिए हमें इच्छुक न रहना चाहिए। संक्षेप में कबीर का मत है अपने को पहचानना सच्चे ज्ञानी का लक्षण है।

प्रश्न 2.
प्रभुता का महत्व समझाने के लिए कबीर ने किसका सहारा लिया है?
उत्तर:
चींटी का।

प्रश्न 3.
दुख काहे होयइससे क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
सुख और दुख जीवन के सत्य हैं। दुख में सब लोग आश्रय की याद करते हैं। तब दुःख कम हो जाता है। लेकिन सुख आने पर लोग उसी आश्रय को भूल जाते हैं। कबीर के अभिप्राय में यह कृतघ्नता और अज्ञता से होता है।

प्रश्न 4.
सच्चा शूर कैसे बनता है?
उत्तर:
जिसे जाति, वर्ण, कुल आदि के भेदभाव की चिंता नहीं, वही सच्चा शूर है। दूसरे शब्तों में समभाव की भावना रखनेवाला सच्चा शूर बनता है।

दोहे अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 5.
समानार्थी शब्द दोहे से ढूँढ़ लें।
कोई, शूर, संभाला, ढूँढ़ना, धूलि, वर्ण, स्मरण, क्यों, मिला
उत्तर:
कोई = कोय
शुर = सूरमा
संभाला = समाय
ढूँढना = खोजौं
धूली = धूरि
वर्ण = बरन
स्मरण = सुमिरन
क्यों = काहे
मिला = मिलिया

प्रश्न 6.
समान आशयवाला चरण दोहे से चुन लें।
a. दूसरा कोई भूखा न रहे।
b. सुख में कोई स्मरण नहीं करता।
c. मैं बुरे लोगों को ढूँढ़ने निकला।
d. हाथी के सिर पर धूलि है।
e. काम, क्रोध और लालच से भक्ति नहीं होती।
उत्तर:
a. साधु न भूखा जाय।
b. सुख में करे न कोय
c. बुरा जो देखन मैं चला
d. हाथी के सिर धूरि
e. कामी, क्रोधी, लालची, इनते भक्ति न कोय

प्रश्न 7.
व्याख्या करें-
साई इतना दीजिए, जामें कुटुंब समाय।
मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय।।
उत्तर:
यह दोहा निर्गुण भक्त कवि कबीरदास का है। कवि भगवान से केवल यह प्रार्थना करते हैं कि अपने कुटुंब को संभालने के धन मिल जाये। कवि की प्रार्थना है कि संवयं कभी भी भूखा न रहे और संसार में कोई भी भूखा न रहे। मनुष्य में सदा धन और संपत्ति का लालच रहता है। वह संपत्ति के पीछे दोड़ता रहता है। घन के प्रति मनुष्य में जो लालच है, उसे सीमित और नियंत्रित रखने का उपदेश कवि यहाँ देते हैं।

प्रश्न 8.
ये तत्व किन-किन दोहों से संबंधित हैं?
a. अहं दूर होने से महत्व बढ़ता है।
b. सुख और दुख में स्मरण करना है।
c. अपने को पहचाननेवाला सच्चा ज्ञानी है।
d. जीवन की शांति सादगी में है।
e. समभाव शूर का लक्षण है।
उत्तर:
a. प्रभुता से प्रभु दूरि
b. जो सुख में सुमिरन करै, तो दुःख काहे होय
c. जो दिल खोजौं आपना, मुझ-सा बुरा न कोय
d. लघुता से प्रभुता मिले
e. भक्ति करै कोई सूरमा।, जाति, बरन कुल खोय।।

प्रश्न 9.
‘जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय’- अपना विचार प्रकट करें।
उत्तर:
यह दोहा संत कवि कबीरदास का है। निर्गुण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि कबीरदास कहते हैं कि हमें सुख और दुःख दोनों में ईश्वर का स्मरण समभाव से करना चाहिए। मनुष्य साधारणतः केवल दुःख आते समय ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। सुख में ईश्वर से भक्ति रखनेवाला दुर्लभ होता है। कबीर के अभिप्राय में सुख में ईश्वर का स्मरण करनेवाले को दुःख कभी भी नहीं होता। अंधविश्वास को दूर करके सच्छी भक्ति की ओर मन रखने को कबीर इस दोहा द्वारा उपदेश देते हैं।

प्रश्न 10.
‘कबीरदास की रचनाएँ कालजयी एवं प्रासंगिक हैं’- इस विचार से जुड़े दोहों का संकलन करके प्रस्तुत करें। कबीर के दोहों का आलाप करें।
उत्तर:
काल्हि करै सो आज कर, आज करै सो अब
पल में परलय होयगा, बहुरि करैगा कब।।
पाहन पूजै हरि मिलै, तो मैं पूनँ पहार
ताते या चाकि भलि, पीस खाय संसार।।
मुंड़ मुड़ाए हरि मिलै, सब कोई लेय मुड़ाय।
बार-बार के मुँड़ते, भेड़ न बैकुंड जाय।।
तेरा साई तुझ में, ज्यों पुहुपन में बास।
कस्तूरी का मिरग ज्यों, फिरि फिरि ढूँदै घास।।
माखी गुड़ में गड़ि रही, पंख रह्यो लिपटाय।
हाथ मलै और सिर धुने, लालच बुरी बलाय।
माया मुई न मन मुआ, मरि मरि गया सरीर
आसा त्रिष्णा न मुई, यौँ कहि गया कबीर।।
पानी बाढ़े नाव में, घर में बाढ़े दाम।
दोऊ हाथ उलीचिए,यही सयानो माक।।

प्रश्न 11.
कबीरदास किसे ढूंढने चला?
उत्तर:
बुरा देखने को चला।

प्रश्न 12.
अपना दिल खोजने पर कबीर को क्या पता चला?
उत्तर:
कबीर को पता चला कि अपने समान बुरा दूसरा कोई नहीं।

प्रश्न 13.
कौन दुनिया में सबसे बुरा है?
उत्तर:
अपने आपको न सुधारनेवाला।

प्रश्न 14.
चींटी के सिर पर क्या है?
उत्तर:
शक्कर।

प्रश्न 15.
हाथी के सिर पर क्या है?
उत्तर:
धूली।

प्रश्न 16.
लोग कब आश्रय का स्मरण करते हैं?
उत्तर:
दुःख में।

प्रश्न 17.
लोग कब आश्रय का स्मरण नहीं करते हैं?
उत्तर:
सुख में।

प्रश्न 18.
दुख काहे होय – इससे क्या तात्पर्य है?

प्रश्न 19.
‘स्मरण’ शब्द का समानार्थी पद क्या है?
उत्तर:
सुमिरन।

प्रश्न 20.
कौन-कौन भक्त नहीं बनता?
उत्तर:
कामी, क्रोधी और लालची।

प्रश्न 21.
कौन भक्ति कर सकता है?
उत्तर:
जाति, वर्ण, कुल आदि को महत्व न देनेवाला सच्चा शूर अर्थात, समभाव की भावना में जीनेवाला भक्ति कर सकता है।

प्रश्न 22.
‘साई’ शब्द का समानार्थी पद लिखें।
उत्तर:
स्वामी।

प्रश्न 23.
कबीरदास ‘साई’ से क्या चाहते हैं?
उत्तर:
चाहते हैं कि उनको साई से इतना मिले जिससे उनका कुटुंब चला सकें। वे यह भी चाहते हैं कि कोई भी भूखा न रहे। दूसरे शब्दों में वह जीवन में शांती देनेवाली उदार मनोभावना साई से चाहते हैं।

Kerala Plus One दोहे Important Questions and Answers

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िये और प्रश्न 1 एवं 2 का उत्तर लिखिए।

लघुता से प्रभुता मिले, प्रभुता से प्रभु दूरि।
चींटी ले शक्कर चली, हाथी के सिर धूरि।।

प्रश्न 1
‘धूली’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (चींटी, हाथी, धूरि, दूरि)
उत्तर:
धूरि

प्रश्न 2.
इस दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास निर्गुण भक्तिशाखा के ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रसिद्ध कवि है। मानव-प्रेम, सामाजिक बोध आदि को वह प्रमुखता देते थे।

कबीरदास प्रस्तुत दोहे में कहते हैं कि लघुता से ही हमें प्रभुता मिलेंगे और जहाँ प्रभुता है वहाँ से अहं का भाव दूर होता है। अर्थात सादगी से ही जीवन सफल होगा। उदाहरण केलिए कबीरदास कहते हैं कि चींटी छोटे होने पर भी शक्कर लेकर चलते हैं। बड़े हाथी के सिर में अक्सर धूल ही होते हैं। शक्ति, बड़प्पन, कायबल आदि से नहीं बल्की व्यवहार के कारण ही एक व्यक्ति में उन्नति और अवनति होते हैं।

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िये और 3 एवं 4 के उत्तर लिखिए।
कामी क्रोधी लालची, इनते भक्ति न होय।
भक्ति करै कोई सुरमा, जाति बरन कुल होय।।

प्रश्न 3.
‘वर्ण’ शब्द का समानार्थी शब्द दोहे से ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:
बरन

प्रश्न 4.
इस दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास प्रस्तुत दोहे से भेद-भावों को छोड़ने केलिए आह्वान करते हैं। भक्तकाल के निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा के सर्वश्रेष्ट कवि है कबीरदास। उन्होंने अपने समय समाज में प्रचलित सभी धर्मी की बुराइओं का खंडण किया। काम, क्रोध, लालच आदि से भक्ति नहीं होते हैं। भक्ति होने केलिए वीरों को जाति, वर्ण, कुल आदि विचार छोड़ना चाहिए। जाति, वर्ण, कुल आदि में सोचनेवाले लोगों में काम, क्रोध, लालच आदि पैदा होते हैं। इसलिए असली वीरों को यह बातों को छोड़कर खुले मन से व्यवहार करना चाहिए।

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िए और 5 एवं 6 तक के उत्तर लिखिए।
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय।

प्रश्न 5.
‘स्मरण’ शब्द का समानार्थी शब्द दोहे से ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:
सुमिरन

प्रश्न 6.
इस दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
भावार्थ:
कबीरदास ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर! आप हमें इतना धन दीजिए कि जिससे अपने कुटुंब को हम संरक्षण कर सकें। कबीरदास यह प्रार्थना भी करते हैं कि हे भगवान! आपका आशीर्वाद हो कि साधु लोग भी भूखा न रह जायें और मैं भी भूखा न रहूँ। दूसरों की कष्टताओं पर ध्यान रखने के बारे में कवि यहाँ बताते हैं। धनार्जन के पीछे दौड़नेवालों की आलोचना कवि यहाँ पर करते हैं।

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िये और प्रश्न 7 से 8 के उत्तर लिखिए।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजौं आपना, मुझसा बुरा न कोय।।

प्रश्न 7.
‘कोई’ शब्द के लिए दोहे में प्रयुक्त शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (खोजौं, देखन, आपना, कोय)
उत्तर:
कोय

प्रश्न 8.
दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास भक्तिकाल के निर्गुण भक्तिधारा के सर्वश्रेष्ठ कवि है। कबीरदास के एक प्रसिद्ध दोहा है। आपकी रचनायें साखी, सबद और रमैनी के नाम से तीन भागों में विभक्त है।

प्रस्तुत दोहे में कबीरदास सामाजिक जीवन में देखनेवाली सच्चाई को दिखाया है। हम दूसरों के बुराई सोचते रहते हैं। लेकिन हम अपने आप पर खोजते ही नहीं। अगर ऐसे करते हैं तो पता चलेगा कि असली बुराई हम में ही है। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आपको देखों। समाज में अच्छे और सच्चे जीवन बिताने की आवश्यकता कबीर बताते हैं।

सुचना :

निम्नलिखित दोहा पढ़कर 9 और 10 का उत्तर लिखिए।
साई इतना दीजिए, जामें कुटुम्ब समय।
मैं भी भूखा न रहूँ. साधू न भूखा जाय।।

प्रश्न 9.
‘संभालना’ शब्द का आशय दोहे के किस शब्द से मिलता है?
उत्तर:
समाय

प्रश्न 10.
दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास हिन्दी के विख्यात रहस्यवादी कवि है। उन्होंने नीति संबंधी अनेक दोहे लिखा है।

कबीर का परिवार साधु-संतों का है। वे कहते हैं, हे भकवान! मुझे इतना ही दीजिए जिससे मेरा परिवार चल सकें। वे चाहते हैं कि कोई भी भूखा नहीं रह जाए। कबीर की राय में जीवन की शांति सादगी में है।

Plus One Hindi दोहे भावार्थ:

1. बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजौं आपना, मुझ सा बुरा न कोय।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 5

भावार्थ:
कवि कहते हैं कि बुरे लोगों को ढूँढते ढूढते वे चले। लेकिन कोई बुरा आदमी नहीं मिला। अंत में उन्होंने अपने दिल में खोज़ा। अर्थात्, अपने बारे में सोचा। तब समझ लिया कि अपने समान बुरा दूसरा कोई नहीं हैं। कवि का मतलब यह है कि दूसरों की बुराईयों पर ध्यान देने के पहले अपने आप को सुधारना ज़रूरी है।

2. लघुता से प्रभुता मिले, प्रभुता से प्रभु दूरि।
चींटी ले शक्कर चली, हाथी के सिर धूरि।।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 7

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 8

भावार्थ:
कवि कहते हैं कि हम विनम्रता दिखाएँ तो हमें ईश्वरीयत्व मिलेगा। लेकिन हम अहंकार दिखाएँ तो ईश्वर हमसे दूर होगा। उदाहरण के रूप में कवि कहते हैं कि छोटी चींटी उससे बड़ा शक्कर लेकर चलती है। लेकिन बड़ी शरीरवाले हाथी के सिर पर मलिन धूल है। कवि का मतलब हैं कि हम दुसरों से विनय के साथ व्यवहार करें तो ईश्वर सदा हमारे साथ रहेंगे। अहंकार से जियें तो ईश्वर हमें छोड़ देंगे। मूल्यहीन अध्यात्मिकता पर आलोचना करके यहाँ कवि विनम्रता के महत्व के बारे में हमें ज्ञान देते हैं।

3. दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 9

भावार्थ:
कबीरदास कहते की दुख में हम सब ईश्वर का स्मरण करते हैं। लेकिन सुख के अवसर पर कोई भी ईश्वर का स्समरण नहीं करता। कवि पूछते हैं कि जो लोग सुख में ईश्वर का स्मरण करते हैं तो उनको दुख कैसे होगा? अर्थात् हमेशा ईश्वरस्मरण में रहनेवालों को दुख कभी नहीं होता। यहाँ जीवन में ईश्वर स्मरण की ज़रूरत कवि हमें सिखाते हैं। सच्ची आध्यात्मिकता के मूल्य पर कवि यहाँ पर बल देते हैं।

4. कामी क्रोधी लालची, इनते भक्ति न होय।
भक्ति करै कोई सूरमा, जाति बरन कुल खोय।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 10

भावार्थ:
कामी, क्रोधी, लालची लोगों में भक्ति नहीं होती। लेकिन, जाति, वर्ण और कुल के परे सभी लोगों से समभाव से व्यवहार करनेवाले शूर के मन में सच्ची भक्ति होती है। भक्ति में हृदय की पवित्रता और समभावना जगानेवाली ये पंक्तियाँ द्वारा कवि मूल्यहीन और कपट धार्मिकता पर यहाँ पर आलोचना करते हैं। (धार्मिकता = മതജീവിതം, आलोचना = വിമർശനം)

5. साई इतना दीजिए, जामें कुटुंब समाय।
मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय।।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 11

भावार्थ:
कबीरदास ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर! आप हमें इतना धन दीजिए कि जिससे अपने कुटुंब को हम संरक्षण कर सकें। कबीरदास यह प्रार्थना भी करते हैं कि हे भगवान! आपका आशीर्वाद हो कि साधु लोग भी भूखा न रह जायें और मैं भी भूखा न रहूँ। दूसरों की कष्टताओं पर ध्यान रखने के बारे में कवि यहाँ बताते हैं। धनार्जन के पीछे दौड़नेवालों की आलोचना कवि यहाँ पर करते हैं।

दोहे Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 1

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 2

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 4

दोहे Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 12
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 13

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस

जुलूस अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द नाटक में ढूँढ़ें
दृश्य – 1 जनयात्रा, विरुद्ध, विक्रय, शासक, चिंता, निर्दय
दृश्य – 2 आज्ञा, वाणी, प्रकार, लक्ष्य, पालन, इच्छा, केवल, देश, हानि, विषाद, सहन
दृश्य – 3 घायल, अंत
दृश्य – 4 पास, धीरे, कुशल, ओजपूर्ण
उत्तर:
जनयात्रा = जुलूस
विरुद्ध = के खिलाफ
विक्रय = बिक्री
शासक = दारोगा
चिता = परवाह
निर्दय = दल्लाद
आज्ञा = हुक्म
वाणी = जुबान
प्रकार = किस्म
लक्ष्य = मक्सद
पालन = तामिल
इच्छा = मंशा
केवल = महज़
देश = कौम
हानि = नुक्सान
विषाद = मलाल
सहन = बरदाश्त
घायल = जख्मी
अंत = आखिर
पास = नज़दीक
धीरे = आहिस्ता
कुशल = खैसियत
ओजपूर्ण = जोशीला

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथन किस पात्र का है ?
a. हमारा हुक्म क्या आपको सुनाई नहीं पड़ा?
b. जुलूस निकालने से स्वराज मिल जाता तो कबका मिल गया होता।
c. हमारा बड़ा आदमी तो वही है जो लंगोटी बाँधे नंगे पाँव घूमता है।
d. एक दिन तो मरना ही है, जो कुछ होना है हो।
e. मर तो हम लोग रहे जिनकी रोटियों का ठिकाना नहीं।
f. हमारा मक़सद इससे कहीं ऊँचा है।
उत्तर:
a. दारोगा बीरबल सिंह का।
b. दीनदयाल का।
c. मैकू का।
d. शंभुनाथ का।
e. मैकू का।
f. इब्राहिम अली का।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथन इब्राहिम अली के चरित्र की किन-किन विशेषताओं को उजागर करता है?
a. हम दुकानें लूटने या मोटरें तोड़ने नहीं निकले हैं।
b. आप अपने सवारों, संगीनों और बंदूकों के ज़ोर से हमें रोकना चाहते हैं-रोक लीजिए! मगर आप हमें लौटा नहीं सकते।
c. हमारे भाईबंद ऐसे हुक़्मों की तामील करने से साफ़ इनकार कर देंगे।
d. जिस दिन हम इस लक्ष्य पर पहुँच जाएँगे, उसी दिन स्वराज्य सूर्य का उदय होगा।
उत्तर:
a. अहिंसावाद, ईमानदारी।
b. वीरता, साहसिकता, दृढनिश्यच।
c. पत्र देशप्रेम, दृढनिश्चय।
d. प्रतीक्षा, प्रत्याशा।

प्रश्न 4.
उपर्युक्त विशेषताओं के आधार पर इब्राहिम अली के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
जुलूस’ नाट्यरूपांतर का मुख्य कथापात्र है इब्राहिम अली। यह नाट्यरूपांतर की रचना चित्रा मुद्गल ने की है। इसका मूलरूप प्रेमचंद की ‘जुलूस’ कहानी है। नाटक में इब्राहिम अली स्वतंत्रता सेनानियों का नेता है। इब्राहिम अली के नेतृत्व में स्वराजियों का जुलूस जा रहा है। महात्माजी के अहिंसावाद का अनुयायी है इब्राहिम अली। बड़ी ईमानदारी से इब्राहिम अली अहिंसा का पालन करता है। इसलिए दारोगा बीरबल सिंह से अलीजी कहते है: “हम दूकानों लूटने या मोटरें तोड़ने नहीं निकले हैं।” इब्राहिमजी में बड़ी वीरता और साहसिकता है। उनके दिल में बड़ी प्रतीक्षा और प्रत्याशा है।

वे कहते हैं: “स्वराज्य सूर्य का उदय होगा” वे बड़े दृढ़ निश्चयवाले नेता भी हैं। फिर भी, इब्राहिम अली के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उनका देशप्रेम ही है। भारतमाता के लिए अपनी जान बलिदान करने के लिए वे तैयार हो जाते हैं। देशप्रेम से वे कभी भी पीछे नहीं होते हैं। उनका देशप्रेम दृढनिश्चय से अलंकृत है। इब्राहिमजी कहते है: “रोक लीजिए! मगर आप हमें लौटा नहीं सकते।” इस प्रकार हम देखते हैं कि इब्राहिम अली का चरित्र देशप्रेम, अहिंसावाद, प्रत्याशा, वीरता, आत्मविश्वास, दृढनिश्चय, ईमानदारी आदि से शोभित है।

टिप्पणी की परख, मेरी ओर से

चरित्र पर प्रकाश डालनेवाले संवादों का विश्लेषण किया है।
चरित्र की विशेषता समझी है।
विशेषताओं के आधार पर टिप्पणी लिखी है।
चरित्र की विशेषताओं का समर्थन अपने दृष्टिकोण से किया है।

नाटक का मंचन करें।

मंचन की गतिविधियाँ

नाटक-वाचन

  • यह वैयक्तिक/दलीय हो सकता है। वाचन के द्वारा पूरे नाट्यदल कथा से तादात्म्य स्थापित करता है।

मंचन पूर्व चर्चा

  • नाटक की पृष्ठभूमि, तकनीकी क्षेत्र, पात्र आदि में सही अवधारणा उत्पन्न करने में यह चर्चा काम आती है। इससे कथापात्र के अनुरूप अभिनेता के चयन में ठीक दिशा मिल जाती है।

मंच की अवधारणा

  • प्रकाश, शब्द-विन्यास, मेक-अप, मंच-निर्माण आदि मंच के अनिवार्य अंग हैं, हालांकि कक्षा-प्रस्तुति के समय स्कूल में उपलब्ध सामग्रियों से काम चला सकते हैं।

सृजनपरता

  • नाटक की पटकथा, मंचन के लिए एक रूपरेखा मात्र है। निदेशक तथा अभिनेता कल्पना और क्षमता के अनुरूप मंचन को सृजनात्मक बनाएँ।

प्रश्न 5.
हमें किसीसे लड़ाई करने की ज़रूरत नहीं।
उत्तर:
दीनदयाल का।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यों के अर्थ को सूचित करनेवाले मुहावरे कोष्ठक से चुनकर लिखें। (धाक बैठ जाना, जान हथेली पर लेना, दुम दबाकर भागना)
i. सरकार पर बड़े आदिमियों का बोलबाला है।
ii. गाँधीजी देश के लिए मरने तक को तैयार होते थे।
iii. पुलीस को देखने पर स्वराजी डरकर भागेंगे।
उत्तर:
i. सरकार पर बड़े आदिमियों का धाक बैठ जाता है।
ii. गाँधीजी देश के लिए जान हथेली पर लेने के लिए तैयार होते थे।
iii. पुलीस को देखने पर स्वराजी दुम दबाकर भागेंगे।

प्रश्न 7.
पहले दीनदयाल दूकान बंद कर जुलूस में भाग लेने का निश्चय नहीं करता है, क्यों?
उत्तर:
शहर के कोई बड़ा आदमी जुलूस में नहीं था। दीनदयाल में देशप्रेम की कमी तब थी।

प्रश्न 8.
मैकू क्यों हंस रहा है?
उत्तर:
शंभुनाथ और दीनदयाल की बातें सुनकर मैकू हंस रहा है।

प्रश्न 9.
मैकू की नज़र में बड़ा आदमी कौन है? क्यों?
उत्तर:
मैकू की नज़र में बड़ा आदमी महात्मा गाँधी है। वे देश की स्वतंत्रता के लिए जान हथेली पर लेने के लिए तैयार होते थे।

प्रश्न 10.
स्वराजियों का मकसद क्या है?
उत्तर:
स्वतंत्रता प्राप्ति है।

प्रश्न 11.
भाईबंद किसके हुक्म को साफ इनकार करेंगे? क्यों?
उत्तर:
अंग्रेजों के हुक्म को भाईबंद साफ इनकार करेंगे। यह – इसलिए कि भाईबंद स्वतंत्रता चाहते हैं।

प्रश्न 12.
स्वराजी क्यों दारोगा को अंग्रोज़ों का पिट्ठ कहते हैं?
उत्तर:
अंग्रोजों का आज्ञानुवर्ती है दारोगा। दारोगा के मन में देशप्रेम न होने के कारण स्वराजी ऐसा कहते हैं।’

प्रश्न 13.
‘मैं कैसे अपनी दुकान खुली रख सकता हूँ?’ यहाँ लोगों की मनोवृत्ति में कौन-सा परिवर्तन आया है?
उत्तर:
देशप्रेम की भावनाएँ उदित हो गयी हैं।

प्रश्न 14.
मैकू के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपांतर का एक कथापात्र है मैकू। यह नाट्यरूपांतर की रचना चित्रा मुद्गल ने की है। इसका मूलरूप प्रेमचंद की ‘जुलूस’ कहानी है। नाटक में मैकू सड़क से लगे बाज़ार का एक दुकानदार है। वह चप्पल बेचनेवाला है। वह बड़ा हँसमुख आदमी है। मैकू अंग्रेज़ों और देशप्रेमहीन लोगों का बड़ा आलोचक है। मैकू कहता है : “जो हमारी दशा सुधारने के लिए अपनी जान हथेली पर लिए फिरता है, वह है महात्मा गाँधी। उसके आगे हमें किसी बड़े आदमी की परवाह नहीं।”

उसके दिल में बड़ा देशप्रेम है। भारत की स्वतंत्रता की प्रतीक्षा उसके दिल में दृढ़ रहती है। वह एक बार कहता है: “अब तो भाई, रुका नही जाता… मैं भी जुलूस में शामिल होऊँगा…..”

इस प्रकार हम देखते हैं कि इब्राहिम अली का चरित्र देशप्रेम, अहिंसावाद, प्रत्याशा, वीरता, आत्मविश्वास, दृढनिश्चय, ईमानदारी आदि से शोभित है।

प्रश्न 15.
शंभूनाथ के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपांतर का एक कथापात्र है शंभूनाथ। यह नाट्यरूपांतर की रचना चित्रा मुद्गल ने की है। इसका मूलरूप प्रेमचंद की ‘जुलूस’ कहानी है।

नाटक में शंभुनाथ सड़क से लगे बाजार का एक दूकानदार है। शंभुनाथ घटनाओं को नकारात्मक दृष्टि से देखनेवाला आदमी है। स्वतंत्रता सेनानियों का जुलूस देखकर शंभुनाथ अपनी नकारात्मक दृष्टि से कहता है: “सब के सब काल के मुँह में जा रहे हैं।” वह एक भीरु आदमी भी है। जुलूसवालों को देखकर वह कहता है: पुलिस …… मार-मार कर भगा देगी। शंभुनाथ हँसी-मज़ाक आदमी भी है। मैकु को चिढ़ाकर शंभुनाथ कहता है: “ठिठया काहे रहा? लगता है आज बिक्री अच्छी हो गयी है?” फिर भी, शंभुनाथ के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उसका देशप्रेम ही है। वह एक साहसी देशप्रेमी है। देश के लिए अपना जीवन बलि देने के लिए वह तैयार हो जाता है। इस दिशा में शंभुनाथ का यह कथन समर्थक है: “मैं कैसे अपनी दुकान खुली रख सकता हूँ? एक दिन तो मरना ही है, जो कुछ होना है हो….”

इस प्रकार हम देखते हैं कि शंभुनाथ का चरित्र देशप्रेम, प्रत्याशा, वीरता, दृढनिश्चय आदि से शोभित है।।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस 1

प्रश्न 16.
बीरबल सिंह के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपान्तर में प्रस्तुत पाठभाग में बीरबल सिंह का चरित्र खलनायक (aleyod) का है। बीरबल सिंह दारोगा है। जुलूस में निकले स्वतंत्रता सानानियों को रोकने के लिए वह प्रयत्न करता है। अंग्रेज़ों का आज्ञानुवर्ती बनकर स्वतंत्रता सेनानियों को बड़ी क्रूरता से वह मारता है। वह एक निर्दय दारोगा है। जुलूस का नेता इब्राहिम अली के ऊपर बीरबल सिंह घोड़े को चढ़ाता है। स्वराजियों के अभिप्राय में बीरबल सिंह “जल्लाद दारोगा! अंग्रेज़ों का पिठू है।” बीरबल सिंह का चरित्र इतना नीच होने पर भी, यह वास्तव है कि अंत में वह अपने देशद्रोही कर्मों पर पछताता है और सच्चा देशभक्त बन जाता है।

Plus One Hindi जुलूस Important Questions and Answers

सूचनाः
जूलूस नाट्यरूपान्तर के बीरबलसिह के निम्नलिखित कथन पढ़िये और प्रश्न 1 का उत्तर लिखिए।

बीरबलसिंह

  • तुम लोगों को आगे जाने का हुक्म नहीं है।
  • फिर से सोच ले। बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा।
  • अभी तो वक्त है, इब्राहिम अली साहब….. आप मेरे सामने से हट जाएँ।

प्रश्न 1.
इस कथन के आधार पर बीरबलसिंह के चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:

चरित्र चित्रण – बीरबल सिंह

बीरबल सिंह अंग्रेज़ सरकार के दारोगा है। वह एक भारतीय है फिर भी अंग्रेज़ों केलिए काम करते हैं। एक अधिकारी का भाव उस में है। वह सरकार के वफादार हैं। इसीलिए सरकारी हुक्म के बारे में कहते हैं। वह अपने शक्ति पर भरोसे रखते हैं। उसमें उत्साह की कमी भी नहीं हैं। वह इब्राहिम अली को आदर भी करते हैं। गुण और दोष से मिश्रित है बीरबल सिंह।

सूचनाः
जुलूस नाट्यारुपांतर के दीनदयाल का निम्नलिखित कथन पढ़िये और प्रश्न 2 का उत्तर लिखिए।

दीनदयाल

  • जुलूस निकालने से स्वराज मिल जाता तो कब का मिल गया होता।
  • जुलूस के चौरास्ते पर पहुँचते ही हंटर लेकर बिल पड़ेगा।
  • दुकान बंद कर मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ मैकू!

प्रश्न 2.
इस कथन के आधार पर दीनदयाल के चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
दीनदयाल एक दूकानदार है। वह नाटक के आरंभ में केवल अपना काम करनेवाला दिखता है। लेकिन परिवर्तनशील पात्र हैं। पहले वह स्वराजियों के विरोध करता था। लेकिन अंत में वह भी स्वराजियों के साथ हो जाते हैं। वह एक साधारण व्यक्ति है। उसे अंग्रेज़ों से डर है। फिर भी वह जुलूस में भाग लेना चाहते हैं। एक अच्छा इनसान है वह। देश-प्रेम भी उनके मन में है।

सूचनाः
जुलूस नाट्यरूपांतर के बीरबलसिंह का निम्नलिखित कथन पढ़िये और प्रश्न का उत्तर लिखिए।

बीरबल सिंह

  • हमारा हुक्म क्या आपको सुनाई नहीं पड़ा?
  • फिर से सोच ले! बहुत नुक्सान उठाना पड़ेगा!
  • सिपाहियो! लाठी चार्ज करो!

प्रश्न 3.
इस कथन के आधार पर बीरबलसिंह से चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपान्तर में प्रस्तुत पाठभाग में बीरबल सिंह का चरित्र खलनायक (aleyod) का है। बीरबल सिंह दारोगा है। जुलूस में निकले स्वतंत्रता सानानियों को रोकने के लिए वह प्रयत्न करता है। अंग्रेज़ों का आज्ञानुवर्ती बनकर स्वतंत्रता सेनानियों को बड़ी क्रूरता से वह मारता है। वह एक निर्दय दारोगा है। जुलूस का नेता इब्राहिम अली के ऊपर बीरबल सिंह घोड़े को चढ़ाता है। स्वराजियों के अभिप्राय में बीरबल सिंह “जल्लाद दारोगा! अंग्रेज़ों का पिठू है।” बीरबल सिंह का चरित्र इतना नीच होने पर भी, यह वास्तव है कि अंत में वह अपने देशद्रोही कर्मों पर पछताता है और सच्चा देशभक्त बन जाता है।

सूचना :
जुलूस नाट्यारुपान्त्र के इब्राहिम अली का निम्नलिखित कथन पकिए और प्रश्न 4 का उत्तर लिखिए। –

इब्राहिम अली

  • दारोगा साहब। मैं आपको अतमीनान दिलाता हूँ कि किसी किस्म का दंगा-फसाद न होगा।
  • वापस तो हम न जाएँगे। आपको या किसी को हमें रोकने का हक नहीं।
  • आप बेटन चलाएँ दारोगाजी।

प्रश्न 4.
इस कथन के आधार पर इब्राहिम अली के चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
इब्राहिम अली
इब्राहिम अली जुलूस नाटक से एक प्रमुख पात्र है। वह स्वतंत्रता सेनानियों के नेता है। एक नेता के लिए सभी आवश्यक गुण उसमें हैं। वह अपने आप पर भरोसा रखते हैं और अपने पास रहनेवाले लोगों के बारे में भी सोचते हैं। वह अपने वचन निभाने के लिए तैयार है। वह अहिंसावादी है। इसलिए दंगा-फसाद करना नहीं चाहता। वह अपने हक को पूरी तरह समझते है और निडर भी है। दारोगा के बेटन से नहीं डरते हैं। एक सच्चा नेता, मानवतावादी, अहिंसावादी और परोपकारी है इब्राहिम अली।

सूचनाः
‘जुलूस’ के दीनदयाल के ये कथन पढ़िये और प्रश्न 5 का उत्तर लिखिए।

  • जुलूस निकालने से स्वराज मिल जाता तो कब का मिल गया होता।
  • नया दरोगा बीरबल सिंह बड़ा जल्लाद है मैकू।
  • दुकान बंद कर, मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ मैकू।

प्रश्न 5.
कथनों के आधार पर दीनदयाल का चरित्रचित्रण कीजिए।
उत्तर:
दीनदयाल जुलूस का एक पात्र है। वह बाज़ार में एक दूकान चलाता है। स्वराजियों के प्रति पहले उसके मन में घृणा थी। लेकिन जब उसे यह पहचान हुआ कि ये स्वराजी लोग भारत के लिए ही जुलूस चला रहे हैं और अंग्रेज़ों के विरुद्ध आंदोलन चला रहे हैं, तब उसकी चिंताओं में बदलाव भी आ जाता है। अंत में वह भी जुलूस में भाग लेता है। वह सच्चा देशप्रेमी एवं ईमानदार है।

जुलूस Summary in Malayalam

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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस 6

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जुलूस Glossary

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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस 16

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है

कोलाज देखें
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 1
प्रश्न 1.
इस दृश्य ने आपके दिल में कौन-सी प्रतिक्रिया जगाई?
उत्तरः
हमारे देश में बालश्रम करनेवाले कई बच्चे हैं। कठिन काम करके जीते समय भी उनके मन में कई प्रतीक्षाएँ रहती हैं। बालश्रम रूपी बाज. निरीह बचपनों को उठाते वक्त भी वे अपना भविष्य सुंदर आशावरी आँखों से देखने को उत्सुक रहते हैं।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 12

प्रश्न 2.
पादटिप्पणी की परख, मेरी ओर से
उत्तरः
बालश्रमः घातक गीध

प्रश्न 3.
लक्ष्यार्थ पर केंद्रित है।

प्रश्न 4.
समूचे भाव को आत्मसात किया है।

प्रश्न 5.
प्रभावशाली है।

प्रश्न 6.
सार्वजनिक सूचना अधिकारी के नाम पत्र..
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली।

1. आवेदक का नाम हरिता एम
2. डाक का पूरा पता हरितम, शांति नगर, तिरुवनंतपुरम22
3. सूचना का विषय बालश्रम को रोकने के लिए रोज़गार मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाइयों से संबंधित।
4. माँगी गई सूचना का विवरण 1. क्या भारत में बालश्रम पर कानूनी रोक है? तो बालश्रम रोकने और उसके खिलाफ़ समाज को सचेत करने के कौन कौन से प्रावधान हैं?
2. मंत्रालय द्वारा रोज़गार जगहों में सूचना पट लगवाने की कौन कौन सी कार्रवाइयाँ ली गई हैं?
3. बालश्रम के बारे में पता चलने पर किस कार्यालय में सूचना देनी है? कार्यालय का दूरभाषा उपलब्ध करा सकते हैं? बालश्रम के लिए प्रेरित करनेवालों को मिलनेवाला अधिकतम दंड क्या है?
5. सूचना डाक या दस्ती में। डाक द्वारा।

तिरुवनंतपुरम
10-07-2014

(हस्ताक्षर)
हरिता एम
उत्तरः

दस रूपए

प्रेषक,
हरिता. एम
हरितम, शांति नगर
तिरुवनंतपुरम

सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार,
नई दिल्ली

महोदय,
विषय: बालश्रम को रोकने की कार्रवाइयों से संबंधित।
संदर्भ: सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005

1. क्या भारत में बालश्रम पर कानूनी रोक है? समाज को सचेत करने के लिए कौन-कौन से प्राविधान हैं?
2. रोजगार जगहों में सूचना पट लगवाने की कौन-कौन सी कार्रवाइयाँ ली गई हैं?
3. बालश्रम के बारे में पता चलने पर किस कार्यालय में सूचना देनी है? उस कार्यालय का दूरभाष उपलब्ध करा सकते हैं? बालश्रम को प्रेरित करनेवालों को मिलनेवाला अधिकतम दंड क्या है?

भवदीय,
(हस्ताक्षर)
हरिता. एम.

तिरुवनंतपुरम,
10-07-2014

यह हमारा अधिकार है अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 7.
पत्र के आधार पर लिखें।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 2

उत्तरः
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 3

पाठकनामा पढ़ें

सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल
को बड़ी परेशानी होती है।
चिट्टारिपरंब में लगभग तीन
अधिकारियों के सामने कई
हज़ार छात्र अध्ययन कर रहे
बार यह समस्या लाई गई. पर
है। वे शहर की विभिन्न जगहों
काई फायदा नहीं हआ। जल्द
से आते हैं। अधिकांश छात्र
ही-जल्द इसपर कार्रवाई करने
बस का सहारा लेते हैं। बस
की ज़रूरत है।
कम होने की वजह से छात्रों

– राजेश कुमार
सदस्य, अध्यापक-अभिभावक संघ

प्रश्न 8.
पाठकनामा के विषय पर क्या कार्रवाई की गई, उसकी जानकारी पाने के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, जिला परिवहन कार्यालय, कण्णूर के नाम एक सूचना अधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तरः
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
सड़क परिवहन कार्यालय,
कण्णूर।

1. आवेदक का नाम राजेश कुमार
2. डाक का पूरा पता राजेश भवन, चिट्टारिपरंब, कण्णूर 12.
3. सूचना का विषय बस्सों की कमी के बारे में सडक परिवहन कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाइयों से संबंधित
4. माँगी गयी सूचना 1. नगरों से गाँव की ओर का विवरण ज्यादा बसें चलाने केलिए कौन कौन से प्राविधान हैं?
2. विद्यार्थियों की यात्रा संबंधी परेशानियाँ दूर करने केलिए क्या क्या कार्रवाइयाँ ली गयी हैं?
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा

कण्णूर
15.03.2016

आवेदक,
(हस्ताक्षर)
राजेश कुमार (सदस्य अध्यापक अभिभावक संघ)
जी.ऐच्य.एस.एस.
चिट्टारिपरंय, कण्णूर 12.

प्रश्न 9.
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 13
उत्तरः
प्रेषक,
के, राजेशकुमार
सदस्य, अध्यापक अभिभावक संध
सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल
चिट्टारिपरंब, कण्णूर

सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
सड़क परिवहन कार्यालय
कण्णूर 12

महोदय,
विषय: सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल, चिट्टारिपरंब के छात्रों की परिवहन की कार्रवाइयों की सूचना प्राप्त करने से संबंधित
संदर्भ: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

1. स्कूली छात्रों के परिवहन संबंधी कानूनी अधिकार क्या क्या है?
2. छात्रों के परिवहन अधिकार को लगू करने के लिए परिवहन-मंत्रालय द्वारा कौन-कौन सी कार्रवाइयाँ ली गई हैं?
3. चिट्टारिपरंब में छात्रों को समस्या दूर करने के लिए कौन-कौन से कार्य किए गए हैं?

कण्णूर
10.8.2014

भवदीय
(हस्ताक्षर)
के. राजेशकुमार

पाठकनामक पढ़ें

विजयनगर में पानी बहुत कम मात्रा में आता है और वह भी अशुद्ध होता है। इस सन्दर्भ में हम समय-समय पर अधिकारियों का ध्यान इस और अकृष्ट कराते आए हैं, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया तथा अभी तक कोई कार्यवाही भी नहीं हुई।…..

अजय शर्मा
75/496 जयपूर

प्रश्न 10.
पाठनामा के विषय पर क्या कारवाई की गई, जानकारी पाने केलिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, लोक कर्म विभाग, जयपूर के नाम एक सूचना आधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
लोक कर्म विभाग,
जयपूर।

1. आवेदक का नाम अजय शर्मा
2. डाक का पूरा पता विजय नगर, 75/496 जयपूर
3. सूचना का विषय विजयनगर की पानी समस्या के संबंधित में की गयी कार्रवाइयों से संबंधित
4. मांगी गयी सूचना का विवरण 1. विजयनगर में पानी कम मात्रा में और वह भी अशुद्ध आने के संबंध में क्या क्या कार्रवाइयाँ ली गयी है?
2. स्थल अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराने केलिए की गयी बातों पर क्या क्या प्राविधान लिए गये हैं?
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

विजय नगर
15.03.2016

अजय शर्मा,
विजय नगर, 75/496 जयपूर

सब्जियों में विषैले वरत्तुओं का प्रयोग

अशोक नगर: रामपुरा से केरल में आ रही सब्जियों में विषैले रासायनिक वस्तुओं का प्रयोग कर रहे हैं। केरल के अधिकांश लोग इस बात से वाकिफ नही है। खाद्य पर जितने भी रासायनिक वस्तुओं का प्रयोग हो रहा है, वे स्वास्थ्य केलिए हानिकारक है। कैंसर जैसे बीमारियाँ बढ़ाती है।

प्रश्न 11.
श्रीमती सरलादेवी, 8/375, अशोकनगर, कोट्टयम, रासायनिक प्रयोगों को रोकने केलिए सरकार की ओर से की गयी कारवाइयों की सूचना पाने केलिए राज्य खाद्य सुरक्षा कम्मीशनर, (State Food Safety Commissioner) तैय्क्काड़, तिरुवनन्दपुरम के नाम एक सूचना आधिकार पत्र लिखती है। वह सूचना अधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए

सेवा में,
राज्य खाद्य सुरक्षा कम्मीशनर,
तैयक्काड़,
तिरुवनन्तपुरम।

1. आवेदक का नाम श्रीमती सरलादेवी
2. डाक का पूरा पता 8/375, अशोक नगर, कोट्टयम
3. सूचना का विषय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रूप में सब्जियों में विषैले रासायनिक वस्तुओं के प्रयोग से संबंधित।
4. माँगी गयी सूचना का विवरण 1. रामपुरा से केरल में आ रही सब्जियों में विषैले रासायनिक वस्तुओं के प्रयोगों को रोकने के लिए क्या क्या कार्रवाइयाँ ली गयी हैं?
2. खाध्य पदार्थों में विषैले रासायनिक वस्तुओं की उपस्थिति को रोकने केलिए सरकार की ओर से क्या क्या प्राविधान लिए गये हैं?
5. सूचना डाक या दस्ती में  डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

कोट्टयम
15.03.2016

श्रीमती सरलादेवी,
8/375 अशोक नगर, कोट्टयम

यह रपट पढ़ें।

वर्षकालीन बीमारियाँः स्थाई रोकधाम की माँग ज़ोर आलप्पुषा: केरल में वर्षाकालीन बीमारियां फैल रही हैं। बीमारियों की स्थाई रोकधाम की माँग ज़ोर पकड़ रही है। इस दिशा में सरकार हर साल लाखों रुपए व्यय कर रही है। मलेरिया, डेंगु और अन्य जलजन्य रोगों पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएँ बनाई हैं।….

प्रश्न 12.
वर्षकालीन रोगों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयों की सूचना पाने के लिए गिरीश कुमार, अशोक विहार, आलप्पुषा की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, केरल सरकार के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
स्वास्थ्य विभाग,
केरल सरकार, तिरुवनन्तपुरम।

1. आवेदक का नाम गिरीश कुमार
2. डाक का पूरा पता अशोक विहार, आलप्पुषा
3. सूचना का विषय वर्षकालीन रोगों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयों से संबन्धित।
4. माँगी गयी सूचना का विवरण 1. वर्षकालीन रोगों की रोकधाम के लिए अब तक क्या क्या कारवाईयाँ की गई?
2. नगरपालिका द्वारा विविध प्रकार के जलजन्य रोगों के सूचनापट लगवाने का प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डक या दस्ती में  डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

आलप्पुषा
15.03.2016

गिरीश कुमार,
अशोक विहार, आलप्पुषा

निम्न सुर्खियाँ पढ़िए।

स्कूल में गंदगी:
संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
1000 छात्रों के लिए तीन शौचालय
स्वच्छता की सीख स्कूली जीवन से होनी चाहिए: मंत्री

प्रश्न 13.
स्कूल और आसपास को स्वच्छ रखने के लिए सरकार द्वारा किए जानेवाले कारवाईयों की जानकारी पाने के लिए सुमन, सदस्य, अध्यापक अभिभावक संघ, सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल, पालक्काड़ की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, शिक्षा विभाग, केरल सरकार, तिरुवनंतपुरम् के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार कीजिए।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
शिक्षा विभाग, केरल सरकार,
तिरुवनन्तपुरम।

1. आवेदक का नाम सुमन
2, डाक का पूरा पता जी. एच. एस. एस. पालक्काड
3. सूचना का विषय स्कूल और आसपास को स्वच्छ रखने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा किए जानेवाले कारवाईयों से संबंधित
4. मांगी गयी सूचना का विवरण 1. स्वच्छता की सीख स्कूली जीवन से होनी चाहिए: मंत्री के इस आज्ञा को प्रायोगिक बनाने के लिए क्या क्या कारवाईयाँ की गयी?
2 स्कूल में गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे के बारे में प्रधान अध्यापकों को सूचना देने के लिए कोई प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डाक या दस्ती में  डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

पालक्काड
15.03.2016

सुमन,
जी. एच. एस. एस. पालक्काड

निम्न सुर्खियाँ पढ़िए।

दहेज कम होने पर दुल्हें ने शादी से इनकार कर दिया।
दहेज माँगा: युवक की गिरफ्तारी
दहेज के विरोध में महिलाओं का जुलूस

प्रश्न 14.
सार्वजनिक सूचना अधिकारी, समाज कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली के नाम दहेजप्रथा पर कानूनी रोक के संबंध में सूचना पाने के लिए मनीषा परवीण, रागविहार, तिरुवनंतपुरम सूचना का अधिकार पत्र तैयार करती है। वह पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए

सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
समाज कल्याण मंत्रालय,
नई दिल्ली।

1. आवेदक का नाम मनीषा परवीण
2 डाक का पूरा पता रागविहार, तिरुवनंतपुरम
3. सूचना का विषय दहेजप्रथा पर कानूनी रोक के संबंध में समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा की गयी कारवाईयों से संबंधित
4. मांगी गयी सूचना 1. दवेदप्रथा की रोकधाम का विवरण के लिए अब तक क्या क्या कारवाईयाँ की गयी हैं?
2. समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा दहेजप्रथा की रोकधाम के संबंध में आमजनता को जानकारी देने के लिए कोई प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा  डाक द्वारा

आवेदक.
(हस्ताक्षर)

तिरुवनंतपुरम
15.03.2016

मनीषा परवीण,
रागविहार, तिरुवनंतपुरम

निम्न सुर्खियाँ पकिए।

देश में नारी-उत्पीडन पर रोक की जरूरत
नारी-उत्पीडन रोकने के लिए सरकार कटिबद्ध
नारी-उत्पीडन: कानूनी दंड अपर्याप्त

प्रश्न 15.
कुमारी अंजली, 13 सी / कण्णूर, नारी-उत्पीडन रोकने की दिशा में सरकार की ओर से की गई कार्रवाइयों की सूचना पाने के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, गृह विभाग, केरल सरकार के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार करती है। वह पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
गृह विभाग,
केरल सरकार

1. आवेदक का नाम कुमारी अंजली
2. डाक का पूरा पता 13 सी / कण्णूर।
3. सूचना का विषय नारी उत्पीडन रोकने के लिए सरकार द्वारा की गयी कारवाईयों से संबंधित
4. माँगी गयी सूचना का विवरण 1. नारी उत्पीडन की रोकधाम के लिए अब तक क्या क्या कारवाईयाँ की गयी हैं?
2. गृह विभाग, केरल सरकार द्वारा नारीउत्पीडन की रोकधाम के संबंध में आमजनता को जानकारी देने के लिए कोई प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डक या दस्ती में  डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

कण्णूर
15.03.2016

कुमारी अंजली,
13 सी / कण्णूर

Plus One Hindi यह हमारा अधिकार है Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्न सुखियाँ पढ़िए।
सुरक्षा की कमी: रेल-गाड़ी में स्त्री पर आक्रमण
रेल-यात्रा में स्त्रियों की सुरक्षा पर अधिक जोर देना है: सुप्रीम कोर्ट
स्त्रियों की सुरक्षा के लिए रेलगाड़ी में ज्यादा पुलीस की नियुक्ति की जाएगीः रेल मंत्री

आजकल रेल-गाड़ी में स्त्रियों पर आक्रमण बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए भारतीय रेल मंत्रालय द्वारा की जानेवाली कारवाईयों की जानकारी पाने के लिए राकेश कुमार, मयूर विहार, नई दिल्ली की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, रेल मंत्रालय, नई दिल्ली के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार कीजिए।
उत्तर:
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
रेल मंत्रालय, नई दिल्ली।

1. आवेदक का नाम राकेश कुमार
2. आवेदक का पता मयूर विहार, नई दिल्ली
3. सूचना का विषय रेलगाड़ी में स्त्रियों पर होनेवाले आक्रमण को रोकने केलिए की गई कार्यवाइयों से संबंधित
4. मांगी गई सूचना का विवरण 1. इस साल रेलगाड़ी में स्त्रियों पर कितना आक्रमण अभी तक हुआ है?
2. रेलगाड़ी में स्त्री सुरक्षा केलिए कौन कौन से प्रावधान है?
3. इसी मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किये हैं और कितने लोगों को सजा मिला है?
4. तकनीकी विकास से रेलगाड़ी के सुरक्षा में कोई नया सुविधा इस्तेमाल किया है या नहीं।
5. सूचना डाक या दस्ती में  डाक द्वारा

नई दिल्ली,
20.06.2016

आवेदक,
राकेश कुमार
मयूर विहार,
नई दिल्ली

यह हमारा अधिकार है Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 4
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 7
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 8

यह हमारा अधिकार है Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 9
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 10
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 11

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु

प्रश्न 1.
सूखे तिनको’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
निराशा।

प्रश्न 2.
उषा शब्द किन-किन की ओर इशारा करता?
उत्तर:
प्राची में आनेवाली उषा प्रकाश-किरण के रूप में लालिमा लेकर आती है। कवि की रागात्मक दुनिया में आनेवाली उषा, प्रेमिका के रूप में जीवन में सौंदर्य की लालिमा लेकर आती है। संक्षेप में उषा प्रणयातुर दिलों में उपस्थित प्रतीक्षा,संतोष, तीव्रानुभूति आदि की ओर इशारा करता है।

अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
छायावाद में कवि कोमल पदावलियों का प्रयोग करते थे। निम्नलिखित शब्दों के स्थान पर कविता में प्रयुक्त शब्द छाँटकर लिखें।
वसंत, मौसम, भूमि, आकाश, जंगल, शिशिर, कलि, किसलय, मलयसमीर, आँख, कमल, प्रभात, पूरब, समुद्र, चाँद, रात
उत्तर:
वसंत = मधुऋतु
मौसम = दो दिन
भूमि = वसुधा
आकाश = नभ
जंगल = झाड़खंड
शिशिर = पतझड़
कलि = कुसुम
किसलय = पल्लव
मलयसमीर = मलयानिल
आँख = नयन
कमल = नलिन
प्रभात = उषा
पूरब = लघुप्राची
समुद्र = जलधि
चाँद = शशि
रात = निशि

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पंक्तियों का आशय व्यक्त करें।
इस एकांत सृजन में कोई
कुछ बाधा मत डालो
जो कुछ अपने सुंदर से हैं
दे देने दो इनको।
उत्तर:
प्रेम के ऐकांत सृजन कार्य में कोई बाधा उपस्थित नहीं करनी है। अपने में जो कुछ सुन्दर हैं, उसे प्रेम-युग्मों को देना है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित छायावादी प्रवृत्तियों को सूचित करनेवाली पंक्तियाँ लिखें।
प्रकृति चित्रण
मानवीकरण
सौंदर्यवर्णन
प्रेमानुभूति
उत्तर:
प्रकृति चित्रण – ‘जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी मेरी लघुप्राची में
मानवीकरण – ‘आ गई है भूली-सी यह मधुऋतु दो दिन को
सौंदर्यवर्णन – ‘हँसी भरे उस अरुण अधर का राग रंगेगा दिन को
प्रेमानुभूति – ‘चुंबन लेकर और जगाकर मानस नयल नलिन को

प्रश्न 4.
कविता की आस्वादन-टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
सुप्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कविता है ‘मधुऋतु। यह एक सुंदर कविता है। ‘मधुऋतु’ छायावादी कविता है। कविता में वसंतऋतु का सुंदर वर्णन हुआ है। वसंतऋतु आ गया है। वह भूली-सी है। कवि उसे एक व्यथा – साथिन के समान देखते हैं। कवि अपने मन में उसके लिए छोटी कुटिया बना देते हैं। कवि कहते हैं कि प्रेमी रहता है भूमि और आकाश के बीच में। प्रेमविहीन लोग यहीं पर नहीं रहते। कवि का प्रेम वसंतऋतु रूपी प्रेमिका से हुआ है। इससे कवि के हृदय प्रेममय हो गया है। इस प्रेममय वातावरण में आशा के नये अंकुर झूलते हैं। इस प्रेममय वातावरण में मलयानिल बहकर आता है। उसकी लहरें सिहर मर देती है। मलयानिल कवि के मानस नयन नलिन को चुंबन करके जगाता है।

वसंतऋतु में प्रभात लालिमा से भरा-हुआ रहता है। संसार में हमेशा रोशनी भी रहती है। वसंतऋतु में चाँदनी फैल जाती है और प्रकृति डिम की बूंदों की वर्षा करती है। वसंतऋतु में प्रेम का एकांत सृजन कार्य होता है। कवि निवेदन करते हैं कि इस में किसी को बाधा उपस्थित नहीं करनी है। कवि का उपदेश है अपने में जो कुछ सुन्दर है उसे प्रेम-युग्मों को दे देना है। ‘मधुऋतु’ में प्रकृति चित्रण, मानवीकरण, सौंदर्यवर्णन, प्रेमानुभूति आदि छायावादी प्रवृत्तियों का सुन्दर समावेश हुआ है। पदावली अत्यंत कोमल है। पंक्तियों का आशय आसानी से समझ सकते हैं। शीर्षक सार्थक और संगत है।

प्रश्न 5.
आस्वादन-टिप्पणी की परख, मेरी ओर से कवि का परिचय है।
उत्तरः
ये पंक्तियाँ ‘मधुऋतु’ कविता से प्रस्तुत हैं। ‘मधुऋतु’ एक सुंदर छायावादी कविता है। ‘मधुऋतु’ की रचना की है कवि जयशंकर प्रसाद ने। हिंदी के सुप्रसिद्ध छायावादी कवि हैं जयशंकर प्रसाद। वसंतऋतु आ गया है। वह एक साथिन के समान है। उसका मन व्यथा से भरपूर है। मैं उसके लिए एक सुंदर कुटिया बना दूंगा। प्रणयहीन दिलवाले लोगों को यहाँ पर प्रवेश निषेध है। वसंतऋतु के आगमन के कारण मेरे मन में नयी नयी आशाएँ एवं प्रतीक्षाएँ भर रही हैं। अब मेरा जीवन किसलयों से निर्मित लघुभव-सा हो गया है। मेरा यह सुंदर जीवन किसी को कोई कष्ट न देनेवाला है। छायावादी कविता से युक्त प्रेम, प्रकृति वर्णन, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रमयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि गुणों से संपन्न है प्रस्तुत कवितांश। हमें दूसरों की जिंदगी में कोई बाधा न डालनी है-यह संदेश कवितांश द्वारा कवि हमें देते हैं। साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्यार रखने का संदेश भी हमें मिलता है।

प्रश्न 6.
कविता की काव्यधारा और रचनाकाल की सूचना है।
उत्तर:
* प्रकृति वर्णन
अंतरिक्ष छिड़केगा कन-कन
निशि में मधुर तुहिन को

* प्रेम
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूँ,
नई व्यथा साथिन को!

* सौंदर्य
जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी
मेरी लघुप्राची में

* मानवीकरण
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को

* लाक्षणिकता
आशा से अंकुर झूलेंगे
पल्लव पुलकित होंगे,

* चित्रमयता
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूं.
नई व्यथा साथिन को!

* काल्पनिकता
वसुधा नीचे उपर नभ हो,
नीड़ अलग सबसे हो

* कोमलकांत पदावली
इस एकांत सृजन में कोई
कुछ बाधा मत डालो

* मधुरता
अंधकार का जलधि लाँधकर
आवेंगी शशि-किरनें

* सरसता
जो कुछ अपने सुंदर से हैं
दे देने दो इनको।

प्रश्न 7.
कविता का सार है।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश श्री जयशंकर प्रसाद के मधुऋतु कविता से है। प्रसाद छायावादी कविता के क्षेत्र के प्रमुख है। झरना, लहर, कामायनी आदि आपके प्रसिद्ध रचनायें है। प्रेम, प्रकृति,सौंदर्य, मानवीकरण आदि छायावादी कविताओं की सभी विशेषतायें आपके कविता में देख सकते हैं। वसंद (मधुऋतु) आने पर प्रकृति में कई प्रकार के परिवर्तन आते हैं। इन परिवर्तनों को कवितांश में प्रकट किया है। आशा के नए-नए अंकुर झूलेंगे और पल्लव रोमांचित हो जाएँगे। मेरे किसलय का लघु मनोहर संसार किसको बुरा लगेगा यानि किसीको बुरा नहीं लगेगा। रोमांचित मलयानिल की लहरें काँपते हुए आएँगी और मन में नयनरूपी कमल को चूमकर जगाएँगी। यहाँ कवि सरल शब्दों में वसंद के आगमन के साथ आनेवाली परिवर्तनों को दिखाया है। परिवर्तनल के लिए हमारा मन परिवर्तन बहुत आवश्यक है। हमें अच्छे बातों को स्वीकार करना ज़रूरी है। यह प्रासंगिक कविता है।

प्रश्न 8.
अपने दृष्टिकोण में कविता का विश्लेषण किया है।
(काव्यधारा और रचनाकाल के अनुरूप भाषा, प्रतीक आदि।)
उत्तर:
प्रकृति वर्णन, प्रेम, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रसयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि हैं।

प्रश्न 9.
इन बिंदुओं पर ध्यान देते हुए कविता का आलाप करें।
भावानुकूल प्रस्तुति
उचित ताल-लय
सटीक शब्द-विन्यास

प्रश्न 10.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
मधुऋतु
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को,
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूँ,
नई व्यथा साथिन को!
वसुधा नीचे उपर नभ हो,
नीड़ अलग सबसे हो,
झाड़खंड के चिर पतझड़ में।
भागो सूखे तिनको!
आशा से अंकुर झूलेंगे
पल्लव पुलकित होंगे,
मेरे किसलय का लघुभव यह,
आह, खलेगा किनको?

i) इन पंक्तियों के कवि कौन हैं?
उत्तर:
जयशंकर प्रसाद।

ii) ‘जंगल’ का समानार्थी शब्द कवितांश से ढूँढकर लिखें।
उत्तर:
झाड़खंड।

iii) ‘भागो सूखे-तिनको’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
वसंत ऋतु में पतझड़ के सूखे तिनकों-पत्तों का कोई स्थान नहीं होता, ठीक उसी प्रकार प्रणयातुर दिल में दुख और निराशा का भी कोई स्थान नहीं। प्रणयहीन दिलों को प्रणय के दुनिया में कोई जगह नहीं है।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
सिहर भरी कैंपती आवेंगी
मलयानिल की लहरें,
चुंबन लेकर और जगाकर
मानस नयन नलिन को।
जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी
मेरी लघुप्राची में,
हँसी भरे उस अरुण अधर का
राग रँगेगा दिन को।
अंधकार का जलधि लाँघकर
आवेंगी शशि-किरने
अंतरिक्ष छिड़केगा कन-कन
निशि में मधुर तुहिन को
इस एकांत सृजन में कोई
कुछ बाधा मत डालो
जो कुछ अपने सुंदर से हैं
दे देने दो इनको।

i) मलयानिल की लहरें कैसे आती हैं?
उत्तर:
सिहर भरके कॉपती।

ii) प्रेमिका के कमल-नयनों को कौन चूमता है?
उत्तर:
मलयानिल।

iii) रात में हिमकणों को कौन छिड़कता है?
उत्तर:
अंतरिक्ष।

iv) कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
पंक्तियाँ ‘मधुऋतु’ कविता से प्रस्तुत हैं। ‘मधुऋतु’ एक सुंदर छायावादी कविता है। ‘मधुऋतु’ की रचना की है कवि जयशंकर प्रसाद ने। हिंदी के सुप्रसिद्ध छायावादी कवि हैं जयशंकर प्रसाद। प्रकृति सदा सक्रिय रहती है। वह अपने आपको सदा अलंकृत रहती है। हमें प्रकृति में कोई बाधा न डालनी चाहिए। हमें प्रकृति के सौंदर्य को बढ़ाने में सदा तत्पर रहना चाहिए। हमसे प्रकृति का विनाश नहीं, बल्कि प्रकृति का संरक्षण होना चाहिए। छायावादी कविता से युक्त प्रेम, प्रकृति वर्णन, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रमयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि गुणों से संपन्न है प्रस्तुत कवितांश। हमें दूसरों की जिंदगी में कोई बाधा न डालनी है यह संदेश कवितांश द्वारा कवि हमें देते हैं। साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्यार रखने का संदेश भी हमें मिलता है। प्रकृति संरक्षण, पारस्परिक प्रेम समभाव, सक्रियात्मकता आदि का भी संदेश हमें इस कवितांश से मिलता है।

प्रश्न 12.
‘अरे आ गई है भूली सी यह’ – कौन आ गई है?
उत्तर:
मधुऋतु’।

प्रश्न 13.
‘मधुऋतु’ रूपी प्रेमिका क्यों भूली-भटकती-सी आई है?
उत्तर:
प्रेमिका के मन में प्रेमी के प्रति तीव्र अनुराग है। कोई भी प्रेमिका अपनी प्रणय भावना खुल्लम-खुल्ला प्रकट करना नहीं चाहती। दिल में प्रणय छिपाकर वह भूली-भटकी सी आ रही है।

प्रश्न 14.
प्रेमी नई व्यथा-साथिन के लिए क्या करना चाहता है?
उत्तर:
छोटी -सी कुटिया रच देना चाहती है।

प्रश्न 15.
प्रेम का नीड़ कहाँ स्थित है?
उत्तर:
नीचे की वसुधा और ऊपर के नभ-दोनों से अलग।

प्रश्न 16.
जंगल के पतझड़ में किसको भाग जाना है?
उत्तर:
सूखे तिनके को (प्रणयहीन दिलवाले लोगों को)।।

प्रश्न 17.
वसंत के आगमन पर कौन-सी ऋतु चली जाती है?
उत्तर:
शिशिर (पतझड़ की ऋतु)

प्रश्न 18.
‘पतझड़’ का समानार्थी शब्द क्या है?
उत्तर:
शिशिर।

प्रश्न 19.
पतझड़ (शिशिर) की क्या क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
झाड़खंड में पतझड़ होता है। तिनके, पत्ते आदि सूखकर नीरस और शुष्क बन जाता है।

प्रश्न 20.
वसंत की विशेषताएँ क्या क्या होती है?
उत्तर:
अंकुर झूलते हैं। पल्लव पुलकित हो जाते हैं। मलयानिल की लहरों से नलिन खिल जाते हैं। जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी। अंधकार का जलधि लाँघकर शशि-किरण आती हैं। निशि में अंतरिक्ष मधुर तुहिन छिड़केगा।

प्रश्न 21.
वसंत किन-किन का प्रतीक हो सकता है?
उत्तर:
प्रेम और आशा से प्रणयातुर दिल को मोहक और मादक बनानेवाली प्रेयसी का प्रतीक होता है।

प्रश्न 22.
अगर वसंत प्रेम और आशा का प्रतीक है तो पतझड़ किन-किन का प्रतीक हो सकता है?
उत्तर:
दुख और निराशा से भरे प्रणयहीन दिलों का प्रतीक होता है।

प्रश्न 23.
वसंत के आगमन से प्रेमी के मन में किसका अंकुर झूलने लगता है?
उत्तर:
आशा के अंकुर।

प्रश्न 24.
लाल कुसुम के समान उषा कहाँ खिलेगी?
उत्तर:
कवि के लघुप्राथी में।

प्रश्न 25.
उषा कहाँ उदित होती है?
उत्तर:
लघुप्राची में।

प्रश्न 26.
उदय के समय आसमान में कौन सा रंग फैल जाता है?
उत्तर:
लाल रंग।

प्रश्न 27.
उषा का आगमन कैसा है?
उत्तर:
जवा कुसुम-सी।

प्रश्न 28.
अंधकार के सागर को पारकर कौन आता है?
उत्तर:
शशि-किरने।

प्रश्न 29.
प्रेमयुग्मों को आपस में क्या दे देना है?
उत्तर:
जो कुछ अपने सुंदर से हैं-उनको दे देना है।

प्रश्न 30.
वसंत ऋतु में प्रकृति को मोहक बनानेवाले अंग कौनकौन से हैं?
उत्तर:
वसंत ऋतु में प्रकृति को खूबसूरती प्रदान करने में अंकुर, किसलय, कलियाँ, फूल, पत्ते, तित्तली, भ्रमर, कोयल, मंदपवन सबकी अपनी-अपनी भूमिका है।

प्रश्न 31.
‘मेरे किसलय का लघुभव’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
किसी एक के बिना प्रकृति की सुंदरता अधूरी रह जाती है। उस सुंदरता में किसलय भी अपना एक छोटा संसार रचता है।

प्रश्न 32.
एकांत में कौन बैठे हैं?
उत्तर:
प्रेमयुग्म।

प्रश्न 33.
‘कुछ बाधा मत डालो’ कवि क्यों ऐसा कहता है?
उत्तर:
वसंतकाल अपनी संपूर्ण भंगिमा के साथ पूरे प्रकृति में छा रहा है। इस एकांत सृजन कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। वसंतकाल में वसंत और प्रकृति अपनी सुंदरतम चीज़ों को बिना माँगे आपस में समर्पित करते हैं। यही समर्पण सृजन सौंदर्य का रहस्य होता है। प्रेमिका अपने संपूर्ण रूप – सौंदर्य से युक्त होकर प्रेमी के जीवन में छा रही है। प्रेमी – प्रेमिका के मिलन और प्रणय-सृजन के अपूर्व एवं रहस्यमयी बेला में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 34.
सृजन का सौंदर्य कैसे पूर्ण होता है?
उत्तर:
प्रेम के चरमोत्कर्ष क्षणों में प्रेमी-प्रेमिका का दुवैतभाव समाप्त हो जाता है और दोनों एकाकार हो जाते हैं। सृजन के वे क्षण सृष्टि के सुंदरतम सौंदर्य की वेला भी है।

Plus One Hindi मधुऋतु Important Questions and Answers

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़िये और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को,
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूं.
नई व्यथा साथिन को!
वसुधा नीचे ऊपर नभ हो.
नीड़ अलग सबसे हो,
झाड़खंड के चिर पतझड़ में
भागो सूखे तिनको!

प्रश्न 1.
यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर:
मधुऋतु

प्रश्न 2.
कविता के ‘नम’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (आकाश, नीड़, भूमि, पतझड़)
उत्तर:
आकाश

प्रश्न 3.
वसंत के आगमन पर सूखे तिनकों को क्या करना है?
उत्तर:
कवि कहते हैं कि वसंत के आगमन पर सूखे तिनकों को भागना है क्योंकि वसंत नयी प्रतीक्षा का समय है।

प्रश्न 4.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश श्री जयशंकर प्रसाद के मधुऋतु नामक कविता से है। प्रसाद जी छायावादी कवियों में अग्रणी है। झरना, आँसू, कामायनी आदि आपके प्रसिद्ध रचनायें है। कवि के साधारण जीवन में वसंत ऋतु अचानक आ गई है। वसंत काल केवल कुछ दिन केलिए आता है। इसलिए कवि अपनी छोटी सी कुटिया में प्रेम के नई व्यथा सहेली केलिए रचना चाहता है। कवि का कहना है कि वह अपना नीड़ यानी घर धरती और आकाश के बीच सृजन करना चाहता है। प्रेम साधारण जीवन से परे है। अपने जीवन रूपी जंगल से सूखे तिनकों को भागने केलिए कवि कहते है क्योंकि वसंत केलिए वह अपने आपको सजाना चाहता है।

यहाँ कवि तत्सम शब्दों से प्रेम और उसकी पीड़ा का वर्णन करते हैं। जीवन में कुछ खोने से ही कुछ प्राप्त करेगा। यह एक छात्रानुकूल कविता हैं। नयी पीढ़ी को आह्वान करते है कि त्याग से ही हमारे जीवन में तरक्की होगा।

सूचना :

निम्नलिखित कवितांश पदें और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
आशा से अंकुर झूलेंगे
पल्लव पुलकित होंगे,
मेरे किसलय का लघुभव यह,
आह, खलेगा. किनको?
सिहर भरी कैंपती आवेंगी
मलयानिल की लहरें,
चुंबन लेकर और जगाकर
मानस नयन नलिन को।

प्रश्न 5.
यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर:
मधुऋतु

प्रश्न 6.
कविता के ‘नयन’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (कमल, आँख, हवा, लहर)
उत्तर:
आँख

प्रश्न 7.
मलयानिल की लहरें कैसे आती हैं?
उत्तर:
सिहर भरी कैंपती आवेंगी मलयानिल की लहरें।

मधुऋतु Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 1
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 2
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 4

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 7
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 8

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 9
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 10
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 11
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 12

मधुऋतु Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 13
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 14

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप

प्रश्न 1.
‘उसे शाक-सा लगा’ क्यों?
अनुताप
“बाबूजी आइए…… मैं पहुँचाए देता हूँ।”
एक रिक्शेवाले ने उसके नज़दीक आकर कहा,
“असलम अब नहीं आएगा।” “क्या हुआ उसको?”
रिक्शे में बैठते हुए उसने लापरवाही से पूछा। पिछले
चार-पाँच दिनों से असलम ही उसे दफ्तर पहुंचाता रहा था।

“बाबूजी, असलम नहीं रहा…”
“क्या?”
उसे शाक-सा लगा,
“कल तो भला चंगा था।
“उसके दोनों गुर्दो में खराबी थी, डाक्टर ने रिक्शा
चलाने से मना कर रखा था,”
उसकी आवाज़ में गहरी उदासी थी,
“कल आपको दफ्तर पहुंचाकर लौटा तो पेशाब बंद हो
गया था, अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था ……”
उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 1
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 2

प्रश्न 2.
इनके साथ हमदर्दी जताना बेवकूफ़ी होगीयहाँ यात्री का कौनसा मनोभाव प्रकट हो रहा है?
उत्तर:
श्रमिक वर्ग के प्रति उपेक्षा का मनोभाव और सहजीव के प्रति संवेदना हीनता का मनोभाव।

प्रश्न 3.
वह किसी अपराधी की भाँति सिर झुकाए रिक्शे के साथ-साथ चल रहा था, क्यों?
उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 3

अनुताप अनुवर्ती कार्य

ये प्रसंग किन-किन पात्रों से संबंधित हैं?

प्रश्न 4.
i) उसे शाक-सा लगा। उसकी
ii) आवाज़ में गहरी उदासी थी।
iii) उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
iv) कल की घटना उसकी आँखों के आगे सजीव हो उठी।
v) एकबारगी उसकी इच्छा हुई कि रिक्शे से उतर जाए।
vi) किसी कार के हार्न से चौंककर वह वर्तमान में आ गया।
vii) उसके लिए यह चढ़ाई खास मायने नहीं रखती थी।
viii) वह अपराधी की भाँति सिर झुकाए चल रहा था।
उत्तर:
i) यात्री को शाक-सा लगा।
ii) रिक्शेवाले की आवाज़ में गहरी उदासी थी।
iii) असलम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
iv) कल की घटना यात्री की आँखों के आगे सजीव हो उठी।
v) एकबारगी यात्री की इच्छा हुई कि रिक्शे से उत्तर जाए।
vi) किसी कार के हार्न से चौककर यात्री वर्तमान में आ गया।
vii) रिक्शेवाले के लिए यह चढ़ाई खास मायने नहीं रखती थी।
viii) यात्री अपराधी की भाँति सिर झुकाए चल रहा था।

प्रश्न 5.
यात्री का मन संघर्ष से भरा था। वह अपना संघर्ष डायरी में लिख रहा है। वह डायरी लिखें।
उत्तर:

2014 माच 5. बुधवार

नटराज नगरः
आज मेरे लिए बड़ा मानसिक संघर्ष का दिन है। रिस्शेवाला असलम की मृत्यु की खबर सुनकर मैं व्याकुल हो गया। असलम के प्रति मुझसे हमदर्दी का अभाव हुआ। मेरा दिल पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप से भरा है। नटराज टाकीज़ के पास की चढ़ाई पार करते समय मुझे असलम की रिक्शे से उतरना था। मैं नहीं जानता था कि असलम के गुर्यों में खराबी थी। मज़बूत कदकाठी रिक्शेवाले से हमदर्दी से मैंने ज़रूर व्यवहार किया। फिर भी मेरा आत्मसंघर्ष मैं कैसे निकालूँ?

असलम के प्रति मेरी श्रद्धांजलि…. हे भगवान! मुझे माफी दें….. भगवान मुझे अच्छी नींद दें।

प्रश्न 6.
असलम की मृत्यु की खबर
उत्तर:
पत्नी : लगता है आप बड़ी परेशानी में हैं?
यात्री : हैं… हाँ… आप ने ठीक समझी।
पत्नी : क्या हुआ?
यात्री : एक रिक्शावाला…
पत्नी : रिक्शावाला?
यात्री : मैं बताता हूँ।
पत्नी : हाँ…हाँ… क्या नाम है उसका?
यात्री : असलम।
पत्नी : आप और असलम के बीच….
यात्री : असलम की मृत्यु हो गयी।
पत्नी : अरे बापरे! कैसे?
यात्री : उसके दोनों गुदों में खराबी थी।
पत्नी : हे भगवान! तो?
यात्री : मैंने यह न जानकर उससे….
पत्नी : उससे?
यात्री : रिक्शा चला कर बिना हमदर्दी से व्यवहार किया।
पत्नी : आह!
यात्री : मैं पश्चाताप विवश हूँ।
पत्नी : मैं समझ सकती हूँ।
यात्री : पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप से…..
पत्नी : अनुताप से…
यात्री : मेरे मन ने….,
पत्नी : साफ बताईए….
यात्री : मुझे उदास बना लिया है।
पत्नी : हाँ….हाँ… मैं ने अब समझ ली आप की परेशानी का कारण।
यात्री : मैं क्या करूँ?
पत्नी : चिंता छोडिए। असलम के परिवार के लिए कुछ हम कर देंगे।
यात्री : जरूर! आप एक चाय बनाईए।
पत्नी : जी हाँ….. अब तैयार होगा।

प्रश्न 7.
असलम के प्रति अपना व्यवहार
उत्तर:
यात्री अपराधी ही है। यह इसलिए है कि असलम के प्रति यात्री द्वारा दिखाई गयी उपेक्षा के कारण असलम की मृत्यु हो गयी थी।

प्रश्न 8.
हमदर्दी का अभाव
उत्तर:
अनुताप
सालों के बाद मैं उस दिन की याद में आत्मकथा लिखता हूँ। असलम नामक एक रिक्शावाला मुझे दफ्तर ले जाता था। एक दिन दफ्तर जाते समय असलम का साथी रिक्शावाले से मैंने समझा कि असलम मर गया है। असलम के दोनों गुर्दो में खराबी थी। डॉक्टर ने रिक्शा चलाने से उसे मना कर रखा था। मुझे यह नहीं मालूम था। यह न जानकर मैंने असलम से रिक्शा चलाया। रिक्शे में बैठ कर चढ़ाई पर मैंने उसे बड़ी परेशानी दी।

रिक्शा चलाते हुए असलम धीरे-धीरे कराह रहा था। बीच-बीच में एक हाथ से पेट पकड़ लेता था। दाहिना हाथ गद्दी पर जमाकर असलम बड़ी कठिनाई और परेशानी से चकाई पर रिक्शा खींच रहा था। वह बुरी तरह हाँफ रहा था। उसके गंजे सिर पर पसीने की नन्हीं नन्हीं बूंदें दिखाई देने लगी थीं। लेकिन असलम के प्रति मेरे व्यवहार में हमदर्दी का बड़ा अभाव हुआ था। आज सालों के बाद भी मेरे मन से असलम की दयनीय अवस्था का चित्र न मिट जाता। मेरा मन पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप से आज भी भर रहा है। असलम! आप को मेडी श्रद्धांजली क्षमायाचना के रूप में मैं समर्पित करता हूँ।

प्रश्न 9.
पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप
उत्तर:
मित्र : अरे! आप क्यों इतना उदास हैं?
यात्री : मैं…. उदास….
मित्र : हैं… हाँ… बड़ी उदासी मैं हैं आप
यात्री : आप ने ठीक समझा।
मित्र : अरे! बापरे! क्या हुआ?
यात्री : एक रिक्शावाला…
मित्र : हाँ…हाँ… क्या नाम है उसका?
यात्री : असलम।
मित्र : आप और असलम के बीच….
यात्री : असलम की मृत्यु हो गयी।
मित्र : अरे बापरे! कैसे?
यात्री : उसके दोनों गुदों में खराबी थी।
मित्र : हे भगवान! तो?
यात्री : मैंने यह न जानकर उससे….
मित्र : उससे?
यात्री : रिक्शा चला कर बिना हमदर्दी से व्यवहार किया।
मित्र : आह!
यात्री : मैं पश्चाताप विवश’हूँ।
मित्र : मैं समझ सकता हूँ।
यात्री : पश्चाताप से उत्पन्न अनुताप से…..
मित्र : अनुताप से…
यात्री : मेरे मन ने….
मित्र : साफ बताईए….
यात्री : मुझे उदास बना लिया है।
मित्र : हॉ….हाँ… मैं ने अब समझ लिया आप की उदासी का कारण।
यात्री : मैं क्या करूं?
मित्र : चिंता छोडिए। असलम के परिवार के लिए कुछ कर दीजिए।
यात्री : जरूर।

डायरी की परख, मेरी ओर से

प्रश्न 10.
घटना की सूचना है।
उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 4

प्रश्न 11.
संवेदना की अनुभूति है।

प्रश्न 12.
आत्मसंघर्ष की अभिव्यक्ति है।

प्रश्न 13.
आत्मपरक शैली है।
उत्तर:
कहानी
ii) अलारक्खी क्यों हताश थी?
iii) उपर्युक्त अंश का संक्षेपण करें।
iv) अलारक्खी के उस दिन की डायरी कल्पना करके लिखिए।
v) उपर्युक्त अंश केलिए उचित शीर्षक दें।

नीचे दिए मुद्दों के आधार पर अनुताप शीर्षक की सार्थकता पर अपना विचार प्रकट करें-

प्रश्न 14.
पाठ के केंद्र भाव को सूचित करता है।
उत्तर:
अनुताप’ शीर्षक बिलकुल सार्थक है। पाठ का केन्द्रभाव यात्री का अनुताप ही है। इसको यह शीर्षक ठीक सूचित करता है। पाठ पढ़कर चरमसीमा तक पहुँचने के लिए शीर्षक हमें प्रेरित करता है। पाठ का संक्षिप्त हम शीर्षक से समझ सकते हैं। इन कारणों से अनुताप शीर्षक सार्थक और संगत है।

प्रश्न 15.
चरमसीमा तक पढ़ने को प्रेरित करता है।

प्रश्न 16.
संक्षिप्त, पर स्पष्ट है।

प्रश्न 17.
सार्थक एवं संगत है।

प्रश्न 18.
निम्नलिखित पाठभाग का अनुवाद मातृभाषा में कीजिए:
आगे वह कुछ नहीं सुन सका। एक सन्नाटे ने उसे अपने आगोश में ले लिया….। कल की घटना उसकी आँखों के आगे सजीव हो उठी। रिक्शा नटराज टाकीज़ पार कर बड़े डाकखाने की ओर जा रहा था। रिक्शा चलाते हुए असलम धीरे-धीरे कराह रहा था। बीच बीच में एक हाथ से पेट पकड़ लेता था। सामने डाक बंगले तक चढ़ाई ही चढ़ाई थी। एकबारगी उसकी इच्छा हुई थी कि रिक्शे से उतर जाए। अगले ही क्षण उसने खुद को समझाया था – रोज़ का मामला है….. कब तक उतरता रहेगा….. ये लोग नाटक भी खूब कर लेते हैं, इनके साथ हमदर्दी जताना बेवकूफी होगी….. अनाप-शनाप पैसे माँगते हैं, कुछ कहो तो सरे आम रिक्शे से उतर पड़ा था, दाहिना हाथ गद्दी पर जमाकर चढ़ाई पर रिक्शा खींच रहा था। वह बुरी तरह हाँफ रहा था, गंजे सिर पर पसीने की नन्हीं-नन्हीं बूंदे दिखाई देने लगी थीं…..।
उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 6

प्रश्न 19.
‘उसे शाक-सा लगा’ – क्यों?
उत्तर:
असलम की आकस्मिक मृत्यु की खबर सुनकर और जीवन की क्षणिकता के बारे में सोचकर यात्री को शाक-सा लगा।

प्रश्न 20.
‘उसकी आवाज़ में गहरी उदासी थी। क्यों?
उत्तर:
अपने साथी असलम की मृत्यु के कारण और उसको नष्ट हो जाने के कारण रिकशेवाले की आवाज़ में गहरी उदासी थी।

प्रश्न 21.
‘वह किसी अपराधी की भाँति सिर झुकाए रिक्शे के साथ-साथ चल रहा था’, क्यों?
उत्तर:
अपने सहजीव के प्रति दिखाई गई उपेक्षा से उत्पन्न पश्चाताप के कारण।

प्रश्न 22.
ये प्रसंग किन-किन पात्रों से संबंधित हैं?

a. उसे शाक-सा लगा।
उत्तर:
यात्री से।

b. उसकी आवाज़ में गरही उदासी थी।
उत्तर:
मज़बूत कदकाठी रिक्शेवाले से।

c. उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
उत्तर:
असलम से।

d. कल की घटना उसकी आँखों के आगे सजीव हो उठी।
उत्तर:
यात्री से।

e. एकबारगी उसकी इच्छा हुई कि रिक्शे से उतर जाए।
उत्तर:
यात्री से।

f. किसी कार के हार्न से चौंककर वह वर्तमान में आ गया।
उत्तर:
यात्री से।

g. उसके लिए यह चढ़ाई खास मायने नहीं रखती थी।
उत्तर:
मज़बूत कदकाठी रिक्शेवाले से।

प्रश्न 23.
वह अपराधी की भाँति सिर झुकाए चल रहा था।
उत्तरः
यात्री से।

प्रश्न 24.
‘वह किसी अपराधी की भाँति सिर झुकाए रिकशे के साथ चल रहा था।’ अपराधी की भाँति कौन चल रहा था?
उत्तर:
यात्री।

प्रश्न 25.
यात्री सिर झुकाए रिकशे के साथ अपराधी जैसे क्यों चल रहा था?
उत्तर:
असलम के प्रति दिखाई गयी उपेक्षा से उत्पन्न पश्चाताप के कारण।

प्रश्न 26.
यात्री के मनोभाव के साथ ‘अनुताप’ लघुकथा के शीर्षक का कोई संबंध है?
उत्तर:
‘अनुताप’ शीर्षक से बिल्कुल संबंध है। यात्री द्वारा असलम के प्रति दिखाई गयी उपेक्षा के कारण असलम की मृत्यु हो गयी थी। यात्री के मन में इससे उत्पन्न पश्चाताप ‘अनुताप’ शीर्षक से संबंधित है।

प्रश्न 27.
‘वह किसी अपराधी की भाँति सिर झुकाए रिकशे के साथ चल रहा था। यात्री पश्चाताप से विवश होकर अपनी बहन को पत्र लिखता है। प्रस्तुत पत्र तैयार करें।
उत्तर:
स्थान,
तारीख,

प्रिय बहन रमा,
तुम कैसी हो? ठीक हो न? मैं यहाँ पर ठीक हूँ। फिर भी, दो दिनों से मेरा मन बहुत दुःखित है। मेरे परिचय का एक रिक्शवाला था। वह मुझे रोज दफ्तर ले चलता था। उसका नाम असलम है। कल असलम की आकस्मिक मृत्यु हो गयी। उसकी मृत्यु में मेरा भी दायित्व है। उसके दोनों गुों में खराबी थी। लेकिन उसके प्रति मेरी ओर से बड़ी उपेक्षा हो गयी। उसकी मृत्यु केलिए यह भी एक कारण बना। उसके प्रति मुझसे दिखाई गयी उपेक्षा से उत्पन्न पश्चाताप और अनुताप से मेरा मन विवश हो रहा है। असलम के प्रति मेरी श्रद्धांजलि जरूर है। फिर भी, रमा मैं विवश हूँ।

मुझे जवाब देकर सान्तवना देना।

(हस्ताक्षर)
तुम्हारा भाई

सेवा में,
रमा,
गाँधी नगर,
कोच्ची

प्रश्न 28.
सूचनाः यह गद्यांश पढ़कर नीचे दिए प्रश्नों का उत्तर लिखें।
राम और श्याम अनाथ बालक थे। दिन भर काम करके वे जहाँ आश्रय मिलते वहाँ सो जाते थे। वे पढ़े-लिखे नहीं थे। बच्चे स्कूल जाते वक्त वे दोनों बडी इच्छा से देखते थे। एक दिन स्कूल जानेवाले एक बच्चे से उन्होंने अपने पढ़ने का आग्रह बताया। बच्चे ने स्कूल जाकर अपने अध्यापक से सारी बातें बताई। दूसरे दिन अध्यापक, प्रधानाध्यापक से चर्चा करके इन बालकों के पास आया। उनकी दीनता देखकर अध्यापक को बहुत दुख हुआ। उन्होने बालकों के पढ़ने का आग्रह भी समझा। वे उन दोनों को अपने घर ले गए, भोजन और कपडे दिए। स्कूल में भर्ती करवा दिया और रहने का आयोजन भी किया।

i) राम और श्याम के मन में क्या आग्रह था?
उत्तर:
पढ़ने का आग्रह था।

ii) अध्यापक को बहुत दुःख क्यों हुआ?
उत्तर:
राम और श्याम की दीनता देखकर

पढ़ने का आग्रह

अनाथ बालक राम और श्याम अनपढ़ थे। उनके मन में पढ़ने के लिए बड़ी इच्छा थी। उनकी इच्छा समझकरएक स्कूल के अध्यापक उन्हें मुफ्त में पढ़ने का प्रबंध कर दे दिया।

iv) संक्षेपण केलिए उचित शीर्षक दें।
उत्तर:
पढ़ने की इच्छा।

v) बच्चे ने स्कूल जाकर अपने अध्यापक से सारी बातें बताई। बच्चा और अध्यापक के बीच का वार्तालाप तैयार कीजिए।
उत्तर:
बच्चा : अध्यापक जी….
अध्यापक : हाँ…. हाँ… क्या बात है?
बच्चा : आज मैं स्कूल आते समय…..
अध्यापक : हाँ….. आगे बोलो…
बच्चा : दो अनाथ बालकों को देखा …..
अध्यापक : ओहो ……. फिर?
बच्चा : वे हमारे स्कूल में……
अध्यापक : स्कूल में?
बच्चा : पढ़ना चाहते हैं।
अध्यापक : अरे बापरे!
बच्चा : आप कृपया इनकी सहायता कीजिए।
अध्यापक : मैं प्रधान अध्यापक से बात करूँगा।
बच्चा : धन्यवाद गुरुजी।
अध्यापक : तुम क्लास जाओ।
बच्चा : जी गुरुजी।

अनुताप Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 8
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 9
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 10
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 11

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 12

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 13
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 14

अनुताप शब्दार्थ

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 15
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 16
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 अनुताप 17

Plus Two History Notes Chapter 10 Colonialism and the Countryside Exploring Official Archives

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Kerala Plus Two History Notes Chapter 10 Colonialism and the Countryside Exploring Official Archives

1. British colonialism was first established in Bengal. After the Battle of Buxarin in 1764, the British became the real power in Bengal. Therefore the first efforts to organize village communities were first begun here.

The English East India Company enforced many new land-owning and land tax systems. The Permanent Settlement (Zamindari system), Ryotwari System,- Mahalwari system, etc. were Some of them. The most important of these – the Permanent Settlement – was applied first in Bengal and Bihar. In the early years of the Company rule, it brought many changes in Bengal.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

2. In 1813, a report about the administration and activities of the East India Company was submitted to the British Parliament. This is known as the 5th Report. Before this, 4 such reports had already been submitted. Since it was the 5th of its kind, it was called the 5th Report.

3. British rule in India was started in Bengal. From there, it spread to the other parts of India. But the British had no interest in trying Permanent Settlement of the land tax in other parts of the country. Therefore outside Bengal Systems like Ryotwari and Mahalwari were enforced.

Time Line

  • 1765: English East India Company gains the right ‘ to collect taxes (diwani) in Bengal.
  • 1773: British Parliament passes Regulatory Act to y control the working of East India Company.
  • 1793: Permanent Settlement was introduced in Bengal.
  • 1000s: Santhals come to the Rajmahal Hills and live in the place.
  • 1818: In Bombay Deccan first land revenue system is introduced.
  • 1820s: Price of agricultural products comes down.
  • 1840-50: Agriculture develops in Bombay Deccan on a small scale.
  • 1855-56: Santhal Revolt
  • 1861: Rise in the cotton trade
  • 1875: Peasant revolts in Deccan villages

Plus Two History Notes Chapter 9 Vijayanagara: An Imperial Capital

Students can Download Chapter 9 Vijayanagara: An Imperial Capital Notes, Plus Two History Notes helps you to revise the complete Kerala State Syllabus and score more marks in your examinations.

Kerala Plus Two History Notes Chapter 9 Vijayanagara: An Imperial Capital

1. Vijayanagar means the city of triumph. This is the name of a city as well as of an Empire. The Vijaynagar Empire was founded in the 14th century. It extended from Krishna River in the North to the southern end of the subcontinent. In CE 1565, the city was looted.

In the 17th and 18th centuries the Empire collapsed completely. Still the memories of this Empire were rooted in the minds of the people who lived in the Krishna-Thungabhadra Basin. They called it Hampi.

2. The first dynasty that ruled Vijayanagar was Sangama Dynasty. They ruled until 1485. Then they were ousted from power and the Saluva Dynasty came to rule. They ruled until 1503. They were followed by Thuluva Dynasty. Krishna Devarayar was a member of this dynasty.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

3. In the Vijaynagar empire there was the system of “Amara Nayaka”. This system had much in common with the “Ikta System” of the Delhi Sultans.

4. By the 17th century the Amaranayakas became very powerful. They started challenging even the authority of the king. Some of them established their own kingdoms. This added to the fall of the Vijaynagar empire.

5. In the royal centre there are many temples. But most of the temples are seen in the ‘Holy centre’. The royal centre is also rich in temples.

6. The kings of Vijayanagar created new traditions. They started exhibiting statues of kings in temples. The visit of the king to a temple was treated as an official or formal occasion. At this time all the leading Nayakas also accompanied the king.

7. We have a lot of information about the Vijaynagar empire. They include photos, city plans, plans of buildings, and sculptures. The information that was got by Mackenzie, who made the first survey of Vijayanagar, collected it from the descriptions of travellers and from the stone inscriptions and it throws much light in the Vijaynagar empire.

This Site is protected by the Archaeological Survey of India and the Karnataka Department of Archaeology from the 20th century.

Time Line – 1
Important Political Developments

  • 1200-1300: Delhi Sultanate is established (1206).
  • 1300-1400: Founding of the Vijayanagara Empire (1336).
  • 1400-1500: Founding of the Sultanate in Gujarat and Malwa. Founding of the Sultanates in Ahmednagar, Bijapur&Birar. Portuguese attack Goa (1518).
  • 1500-1600: Destruction of Bahmini. The Coming of the Sultanate in Golkonda (1518) Babur founds the Mughal Empire (1518).

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

Time Line – 2
Discovery of Viiavanaaara and its Protection

  • 1800: Colin Mackenzie visits Vijayanagara
  • 1856: Detailed photographs of the archaeological remains of Hampi are taken by Alexander Greenlow.
  • 1876: J.F. Fleet records the inscriptions on the temple walls of the sites.
  • 1902: Efforts are begun to protect Vijayanagara.
  • 1986: UNESCO declares Hampi as a World Heritage Site.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

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Kerala Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

Common Diseases In Humans
The major disease causing organisms( pathogens) are bacteria, viruses, fungi, protozoans, helminths, etc.

Typhoid (caused by the bacterium Salmonella typhi)
These pathogens enter the small intestine through the contaminated food and water and migrate to other organs through blood. High fever (39° to 40°C), weakness, stomach pain, constipation, headache and loss of appetite are the common symptoms of this disease.
Typhoid fever is confirmed by Widal test.

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Pneumonia (caused by the bacterium Streptococcus pneumoniae and Haemophilus influenza)
After the infection the alveoli filled with fluid and leads to problems in respiration. Symptoms are Fever, chills, cough, headache, the lips and finger nails turn gray to bluish colour, etc.

Dysentery, plague, diphtheria, etc., are some of the other bacterial diseases in man.

Common cold (caused by the Rhino viruses)
They infect the nose and respiratory passage but not the lungs. Symptoms are nasal congestion and discharge, sore throat, hoarseness, cough, headache, tiredness, etc., which usually last for 3 – 7 days.

Malaria (caused by the protozoa called Plasmodium vivax, P. malaria and P. falciparum-causes fatal malaria)
Stages in the life cycle of plasmodium:
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The malarial parasite requires two hosts – human and mosquitoes (vector)-to complete its life cycle. Plasmodium enters the human body as sporozoites (infectious form) through female Anopheles mosquito.

The parasites multiply within the liver cells and attack the red blood cells (RB0s) resulting in their rupture. The ruptured RBCs release of a toxic substance, haemozoin, which is responsible for the chill and high fever for three to four days.

When a female Anopheles mosquito bites an infected person, these parasites enterthe mosquito’s body and undergo further development.

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The parasites multiply within them to form sporozoites that are stored in their salivary glands. When these mosquitoes bite a human, the sporozoites enters into the body and causes the symptoms of the disease.

Amoebiasis (amoebic dysentery)
It is caused by protozoan parasite Entamoeba histolytica in the large intestine of human. Symptoms are constipation, abdominal pain and cramps, stools with excess mucous and blood clots.

Houseflies transmit the parasite from faeces of infected person to food and food products, thereby contaminating them.

Drinking water and food contaminated by the faecal matter are the main source of infection.

Ascariasis
It is caused by the round worm Ascaris, (intestinal parasite). Symptoms of these disease include internal bleeding, muscular pain, fever, anemia and blockage of the intestinal passage.

The eggs of the parasite are excreted along with the faeces of infected persons which contaminate soil, water, plants, etc.

A healthy person get infection through contaminated water, vegetables, fruits, etc.

Elephantiasis (filariasis)
The filarial worm Wuchereria (W. bancrofit and W. malayi), causes the swelling of the lymphatic vessels of the lower limbs.
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The pathogens are transmitted to a healthy person through the bite by the female mosquito vectors.

The fungi Microsporum, Trichophyton and Epidermophyton are responsible for ringworms which is one of the most common infectious diseases in man.

Symptoms are dry, scaly lesions on skin, nails and scalp, etc. These lesions are accompanied by intense itching.

Ringworms are acquired from soil or by using towels, clothes or even the comb of infected individuals.
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Introduction of fishes like Gambusia in ponds that feeds mosquito larvae, spraying of insecticides in ditches, drainage areas and swamps, etc. are the method adopted to control mosquitoes.

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In addition, doors and windows should be provided with wire mesh to prevent the entry of mosquitoes.

The above practice is useful in the case of diseases like dengue and chikungunya. The immunisation programmes are useful to eradicate a deadly disease like smallpox.

A large number of other infectious diseases like polio, diphtheria, pneumonia and tetanus have been controlled by the use of vaccines.

Immunity
It is the ability of the host to fight the disease-causing organisms .
Immunity is of two types:

  1. Innate immunity and
  2. Acquired immunity.

1. Innate Immunity:
It is the non-specific type of defence, that is present at the time of birth. Innate immunity consist of fourtypes of barriers.
(i) Physical barriers:
Skin isthe main barrierwhich prevents entry ofthe micro-organisms. Mucus coating of the epithelium lining the respiratory, gastrointestinal and urogenital tracts also help in trapping microbes entering our body.

(ii) Physiological barriers:
Acid in the stomach, saliva in the mouth, tears from eyes prevent the microbial growth.

(iii) Cellular barriers:
The leukocytes (WBC) like polymorpho-nuclear leukocytes (PMNL-neutrophils) and monocytes in the blood as well as macrophages in tissues can phagocytose and destroy microbes.

(iv) Cytokine barriers:
Virus-infected cells secrete proteins called interferons which protect non-infected cells from further viral infection.

2. Acquired Immunity:
It is the pathogen specific and based on memory. The Antigen binding site body meets a pathogen for the first time produces a response called primary response.

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If the same pathogen attacks second time, it possess the memory of the first encounter.

The primary and secondary immune responses are carried out by B-lymphocytes and T-lymphocytes. in the blood.

The B-lymphocytes produce an army of proteins they are called antibodies. But the T-cells do not secrete Heavy chain antibodies.

Each antibody molecule has four peptide chains, two small called light chains, and two longer called heavy chains. Antibody is represented as H2L2.
Different types of antibodies are:
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IgA, IgM, IgE, and IgG. The response of these antibodies are called as humoral immune response.

Another type of immune response is called cell-mediated immunity (CMI) Eg-T-lymphocytes
After the transplantation of heart, eye, liver and kidney, the place of grafts shows rejection if not confirming matching of tissues and blood group. Here the cell-mediated immune response is responsible for the graft rejection.

3. Active and Passive Immunity:
When the antigens are coming in the form of living ordead microbes or other proteins, the body of organism produce antibodies .This type of immunity is called active immunity.

When ready-made antibodies are directly injected to protect the body against foreign agents, it is called passive immunity.

Examples of passive immunity:

1. Initial days of lactation, the yellowish fluid colostrum secreted by the mother contain antibodies. (IgA).
2. Foetus get the antibodies from mother through the placenta during pregnancy.

4. Vaccination and Immunisation:
In vaccination, antigenic proteins of pathogen or inactivated/weakened pathogen (vaccine) are introduced into the body.

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The vaccines produce memory – B and T-cells that recognize the pathogen quickly on subsequent exposure In the case of snakebites, the injection which is given to the patients, contain preformed antibodies against the snake venom. This type of immunisation is called passive immunisation.

Recombinant DNA technology is helpful in the large scale production vaccines for immunisation, e.g., hepatitis B vaccine produced from yeast.

5. Allergies:
The response of the immune system to certain antigens present in the environment is called allergy. It is due to the release of chemicals like histamine and serotonin from the mast cells The antibodies produced to these are of IgE type.

Symptoms of allergic reactions are sneezing, watery eyes, running nose and difficulty in breathing. The use of drugs like anti-histamine, adrenalin and steroids quickly reduce the symptoms of allergy.

6. Auto Immunity:
It is the memory-based immune response that have the ability to differentiate foreign organisms from self cells.

In some cases the body attacks self-cells. This results in damage to the body and is called auto-immune disease. Eg-Rheumatoid arthritis.

7. Immune System in the Body:
The human immune system consists of lymphoid organs, tissues, cells and antibodies. It plays an important role in allergic reactions, auto-immune diseases and organ transplantation.

Lymphoid organs:
These are the organs where origin /maturation and proliferation of lymphocytes occur. The primary lymphoid organs are bone marrow and thymus where immature lymphocytes differentiate.

After maturation the lymphocytes migrate to secondary lymphoid organs like spleen, lymph nodes, tonsils, Peyer’s patches of small intestine and appendix The secondary lymphoid organs are the sites for interaction of lymphocytes with the antigen, which then proliferate to become effector cells.
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The thymus organ is large at the time of birth but reducing in size with age Both bone-marrow and thymus provide micro-environments forthe developmen and maturation of T-lymphocytes.

The spleen is the reservoir of erythrocytes and contains lymphocytes ant phagocytes. It helps to filter the blood-borne microorganisms.

The lymph nodes are small solid structures helps to trap the micro-organism: or other antigens.

Antigens trapped in the lymph nodes are responsible forthe activation o lymphocytes and cause the immune response.

Lymphoid tissue found in lining of the respiratory, digestive and urogenita. tracts are called mucosal associated lymphoid tissue (MALT).

It constitutes about 50 per cent of the lymphoid tissue in human body.

AIDS (Acquired Immuno Deficiency Syndrome)
AIDS was first reported in 1981 and caused by the Human Immuno deficiency Virus (HIV), It is the category of retrovirus, which possess RNA genome.
Transmission of HIV-infection occurs by

(a) sexual contact with infected person,
(b) by transfusion of contaminated blood and blood products,
(c) by sharing infected needles as in the case of intravenous drug abusers
(d) from infected mother to her child through placenta.

Infected cell can survive while viruses are being replicated and released. When the virus enters into macrophages, the RNA genome of the virus replicates to form viral DNA with the help of the enzyme reverse transcriptase. This viral DNA Retrovirus gets incorporated into host cell’s DNA and produce virus particles.

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HIV enters into helper T-lymphocytes, replicates and produce progeny viruses. The progeny viruses released in the blood attack other helper T- lymphocytes. The patient becomes immuno- deficient.
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Due to the decrease in the number of helper T lymphocytes, the person starts suffering from infections by bacteria especially Mycobacterium, viruses, fungi and even parasites like Toxoplasma.

A widely used diagnostic test for AIDS is enzyme linked immuno-sorbent assay (ELISA).

Prevention of AIDS:
In our country the National AIDS Control Organisation (NACO) and other non-governmental organisation (NGOs) educates people about AIDS.

WHO has started a number of programmes to prevent the spreading of HIV infection.

Blood donation is done free from HIV, use disposable needles and syringes in public and private hospitals and clinics, free distribution of condoms, controlling drug abuse, advocating safe sex and promoting regular check-ups for HIV in susceptible populations.

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Cancer
In our body, cell growth and differentiation is highly controlled and regulated. In cancer cells, there is breakdown of these regulatory mechanisms.

Normal cells show a property called contact inhibition -inhibits the uncontrolled growth of cells.
But the cancer cells lost this property and give rise to masses of cells called tumors.

Tumors are of two types: benign and malignant Benign tumors seen in specific location and do not spread to other parts of the body.

Malignant tumors are a mass of proliferating cells called neoplastic or tumor cells. These cells actively divide, grow and starve the normal cells by competing for vital nutrients. Cells from such tumors reach distant sites through blood. This is called metastasis.

Causes of cancer:
It is due to physical, chemical or biological agents are called carcinogens. Ionising radiations like X-rays and gamma rays and non-ionizing radiations like UV cause DNA damage leading to neoplastic transformation.

Oncogenic viruses have genes called viral oncogenes. These viruses cause the conversion proto oncogenes into oncogenic transformation of the cells.

Cancer detection and diagnosis:
Cancer detection is based on biopsy and histo pathological studies of the tissue, blood and bone marrow.

Techniques like radiography (use of X-rays), CT (computed tomography) and MRI (magnetic resonance imaging) are very useful to detect cancers of the internal organs.

Early detection of genes is very helpful in the prevention of cancers. Such individuals are advised to avoid exposure to particular carcinogens to which they are susceptible (e.g., tobacco smoke in case of lung cancer).

Treatment of cancer:
In radiotherapy tumor cells are irradiated without damaging the normal tissues. Chemotherapeutic drugs are used to kill cancerous cells. Some of these are specific for particular tumors. Most cancers are treated by combination of surgery, radiotherapy and chemotherapy.

Tumor cells causes the destruction of immune system. Therefore, the patients are given substances called interferon which activate their immune system and help in destroying the tumor.

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Drugs And Alcohol Abuse
The drugs, which are commonly abused are opioids, cannabinoids and coca alkaloids.

Opioids are the drugs, its receptors present in our central nervous system and gastrointestinal tract. Heroin (smack) the depressant, is chemically diacetylmorphine which is a white, odourless, bitter crystalline compound.
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It is prepared by the acetylation of morphine which is extracted from the latex of poppy plant Papaver somniferum.

Cannabinoids are a group of chemicals, its receptors present in the brain. It is obtained from Cannabis sativa.

The flower tops, leaves and the resin are used to produce marijuana, hashish, charas and ganja.

cocaine (coke or crack) is obtained from coca plant Erythroxylum coca, native to South America. It affects the transport of the neuro-transmitter dopamine.

It has a stimulating action on central nervous system, producing a sense of euphoria and increased energy. Excessive dosage of cocaine causes hallucinations.

Some plants plants with hallucinogenic properties are Atropa belladona and Datura cannabinoids are abused by some sportspersons.
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Drugs -barbiturates, amphetamines, benzodiazepines, and lysergic acid diethyl amides (LSD) treat mental illnesses like depression and insomnia
Morphine sedative and painkiller is very useful in patients who have undergone surgery.
It raise blood pressure and increase heart rate.
Tobacco stimulates adrenal gland to release adrenaline and nor-adrenaline into blood circulation.
It raise blood pressure and increase heart rate.

Flowering branch of Datura:
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Tobacco chewing increases the risk of cancer of the oral cavity. Smoking also causes cancers of lung, urinary bladder and throat, bronchitis, emphysema, coronary heart disease, gastric ulcer, etc. Smoking increases carbon monoxide (CO) content in blood and causes oxygen deficiency in the body.

1. Adolescence and Drug/Alcohol Abuse:
Adolescence is the period between 12-18 years of age. It is a bridge linking childhood and adulthood. Adolescence is accompanied by several biological and behavioural changes.

The first use of drugs or alcohol increase the curiosity or experimentation, but later the child starts using these to escape facing problems. If stress from pressures to excel in academics or examinations, has played a significant role in youngsters to try alcohol and drugs.

2. Addiction and Dependence:
If the repeated use of drugs, the tolerance level of the receptors present in our body increases. So the receptors respond only to higher doses of drugs or alcohol leading to greater intake and addiction. Thus, it leads to their regular use (abuse).

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In the absence of any guidance or counselling, the person gets addicted and becomes dependent on their use. If it is abruptly discontinued , the person shows withdrawal syndrome. This is characterised by anxiety, shakiness, nausea and sweating, etc.

3. Effects of Drug/Alcohol Abuse:
In youth its symptoms are drop in academic performance, unexplained absence from school/college, lack of interest in personal hygiene, withdrawal, isolation, depression, fatigue, aggressive behaviour, deteriorating relationships with family and friends, loss of interest in hobbies, change in sleeping and eating habits, fluctuations in weight, appetite, etc.

It also cause of mental and financial distress to the family and friends. The direct injection into the vein results the infections like AIDS and hepatitis B.

AIDS transmitted to one’s life partner through sexual contact while Hepatitis B is transmitted through infected blood.

The chronic use of drugs and alcohol damages nervous system and liver (cirrhosis). The use of drugs and alcohol during pregnancy is also known to adversely affect the foetus.

The side-effects steroids in females include masculinisation, increased aggressiveness, mood swings, depression, abnormal menstrual cycles, excessive hair growth on the face and body, enlargement of clitoris, deepening of voice
In males it includes acne, increased aggressiveness, mood swings, depression, reduction of size of the testicles, decreased sperm production, potential for kidney and liver dysfunction, breast enlargement, premature baldness, enlargement of the prostate gland

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4. Prevention and Control:

  1. Avoid undue peerpressure-A child should not be pushed to perform beyond his/herthreshold limits in studies, sports or other activities.
  2. Education and counselling – Educating and counselling helps to face problems and stresses, and to accept disappointments and failures as a part of life.
  3. Seeking help from parents and peers – It is necessary to seek help from parents and peers, close and
    trusted friends.
  4. Looking for danger signs – Friends must inform the teachers and parents of someone using drugs or alcohol, So that it helps to take remedial steps or treatment.
  5. Seeking professional and medical help – It is necessary to seek help from highly qualified psychologists, psychiatrists, and rehabilitation programmes So that it helps to solve the problem completely and lead a perfectly normal and healthy life.

Kerala Syllabus 8th Standard Basic Science Solutions Chapter 18 Reflection of Light in Spherical Mirrors in Malayalam

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