मधुर वचन Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 3 Chapter 2 मधुर वचन Madhur Vachan Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi Madhur Vachan Question Answer Notes

मधुर वचन Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 3 Chapter 2 मधुर वचन Notes Question Answer

प्रश्न 1.
वाणी से तन-मन को शांत किया जा सकता है – क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? क्यों ?
उत्तर :
इस सथन से सहमत हूँ। अपने अनुभव से कह सकता/सकती हूँ कि वाणी मन को प्रसन्न भी कर सकती है और दुःख भी पहुँचा सकती है।

प्रश्न 2.
औरों को हम कैसे सुख दिला सकते हैं?
उत्तर :
मधुर वाणी के द्वारा औरों को हम सुख दिला सकते हैं।

प्रश्न 3.
दोहे का आशय लिखें।
उत्तर :
कवि लोगों को उपदेश देते हैं – मन का अहंकार छोड़कर मुँह से ऐसे मीठे वचन बोलो कि तुम्हारा अपना शरीर शीतल हो जाए। साथ ही सुननेवालों को भी सुख मिले।

प्रश्न 4.
इन पंक्तियों से कवि क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर :
इस पंक्तियों से कवि भलाई को स्वीकार कर बुराई को छोड़ने का संदेश देता है ।

प्रश्न 5.
कबीर ने सज्जन की तुलना सूप से की है । क्यों ?
उत्तर :
सूप अपने पास अच्छे अनाज रखकर बेकार अनाज को छोड़ देता है । उसी प्रकार सज्जन को अपने अंदर अच्छाइयों को ग्रहण कर बुराइयों को दूर कर देना चाहिए।

मधुर वचन Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 6.
दोहे का आशय लिखें।
उत्तर :
समाज में सूप के स्वभाव वाले सज्जनों की ज़रूरत है। सूप सार्थक को बचा लेगा और निरर्थक को उड़ा देगा।

प्रश्न 7.
‘दया धर्म का मूल है’ – क्या आप इस कथन से सहमत हैं, क्यों ?
उत्तर :
मैं इस कथन से सहमत हूँ ।
क्योंकि धर्म मनुष्य को जीवन के सही रास्ते पर ले जाता है। अतः दया को धर्म का मूल मानना उचित ही है।

प्रश्न 8.
कभी भी दया न छोडिए कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा ?
उत्तर :
धर्म का मूल दया है, दया की भावना से धर्म उत्पन्न होता है। प्राणी मात्र का अस्तित्व दया के कारण ही होता है। इस कारण कवि ने ऐसा कहा होगा।

प्रश्न 9.
दोहे का आशय लिखें।
उत्तर :
दया की भावना से धर्म उत्पन्न होता है । गर्व तो पाप को जन्म देता है। मनुष्य को अपने शरीर में जब तक प्राण रहते हैं, दया भावना कभी नहीं छोड़नी चाहिए ।

प्रश्न 10.
राज, धर्म, तन तीनि कर होई बेगिहीं नास- इससे क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
राज्य, शरीर और धर्म का शीघ्र ही नाश हो जाता है।

प्रश्न 11.
दोहे का आशय लिखें।
उत्तर :
यह कविवर तुलसीदास द्वारा रामचरितमानस में कही गई एक नीति है।
मंत्री, वैद्य और गुरु यदि भय के कारण अथवा किसी आशा से सत्य न बोलकर मीठी बातें बोलते हैं. तो क्रमशः राज्य, शरीर और धर्म का शीघ्र ही नाश हो जाता है।
सत्य बोलना और निष्पक्ष सलाह देना बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 12.
फट जाये तो ना मिले – इससे आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
ये चीज़ें खराब हो जातीं, करोडों उपाय करने के बाद भी अपने पूर्व रूप में नहीं आतीं।

प्रश्न 13.
इन पंक्तियों से कवि क्या कहना चाहते हैं ?
उत्तर :
कुछ चीजें ऐसी है जो एक बार बिगड़ जाती हैं, फिर पूर्व रूप में नहीं आतीं । मन को भी इससे मुक्ति नहीं ।

प्रश्न 14.
दोहे का आशय लिखें।
उत्तर :
मन, मोती, फूल, दूध और रस जब तक अपने सहज रूप में हैं तब तक अच्छे लगते हैं। ये सब, एक बार खराब हो जाते, करोडों उपाय करने से भी अपने पूर्व रूप में नहीं आते।

प्रश्न 15.
‘झटके से मत तोड़ना’ – इसके समान आशयवाली पंक्ति चुन लें ।
उत्तर :
मत तो चटकाय

मधुर वचन Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 16.
टूटे पै फिर न जुरे’ ऐसा क्यों कहा होगा ?
उत्तर :
प्रेम टूट जाने पर पहले जैसा लगाव नहीं होता ।

प्रश्न 17.
दोहे का आशय लिखें।
उत्तर :
प्रेम धागे के समान है। इसे जान बूझकर नहीं तोड़ना चाहिए। प्रेम रूप धागा एक बार टूट गया तो फिर जुड़ नहीं पाता। जोड़ भी दिया जाए तो उसमें गाँठ पड़ जाती है।
प्रेम – बंधन में कभी भी टूटन न हो ।

गतिविधियाँ

सही मिलान करें।
मधुर वचन Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 1
उत्तर :

बाणी वाणी
आपा अहंभाव
सीतल शीतल
तीनि तीनों
नास नाश
तोरो तोडो
जुरे जुड़े
आस आशा

इन आशयवाली पंक्तियों को दोहों से छाँटकर लिखें।
क) हमें अपने शरीर में प्राण रहते तक दयाभाव को त्यागना नहीं चाहिए ।
उत्तर :
तुलसी दया न छोडिये, जब तक घट में प्राण ।।

ख) सार्थक बातों को अपनाना चाहिए और बेकार की बातों को छोड़ देना चाहिए।
उत्तर :
सार-सार को गहि रहै,
थोथा देइ उडाय ।।

मधुर वचन Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

ग) अगर प्रेम का धागा एक बार टूट जाए, तो फिर इसे जोड़ना मुश्किल होता है। आगर जुड़ भी जाए, तो उसमें गाँठ पड़ जाती है।
उत्तर :
टूटे पे फिर ना जुरे,
जुरे गाँठ परी जाय ।।

दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 3 Chapter 1 दिल्ली में उनींदे Dilli Mein Uninde Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi Dilli Mein Uninde Question Answer Notes

दिल्ली में उनींदे Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 3 Chapter 1 दिल्ली में उनींदे Notes Question Answer

प्रश्न 1.
” रुपए का सिक्का सबको दौड़ा रहा है, किसी के हिस्से में कम, किसी के हिस्से में ज़्यादा ” – इससे आपने क्या समझा ?
उत्तर :
आधुनिक समाज में सब व्यस्थ हैं। प्रत्येक व्यक्ति धन कमाने की दौड़ – धूप में है । इस प्रयास में कुछ लोग ज़्यादा कमा सकते हैं और कुछ लोग कम दौड़-धूप – effort

प्रश्न 2.
क्या उसके बाद सरकार मेरे लिए कुछ करेगी ? जनता सरकार से क्या क्या उम्मीदें रखती हैं ?
उत्तर :
प्रत्येक व्यक्ति सरकार से अपने जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की उम्मीद रखता है । असहाय स्थिति में मदद पाने की भी आशा रखता है।

प्रश्न 3.
अगर मेरी कहानी सुनने से आपका काम होता है तो मैं आ जाऊँगा । – यहाँ रिक्षा चालक का कौन- सा मनोभाव प्रकट होता है ?
उत्तर :
रिक्षा चालक को मालूम होता है कि लेखिका को अपनी कहानी सुनाने से स्वयं कोई फायदा नहीं होता । पर लेखिका को उससे फायदा ज़रूर है। यहाँ रिक्षा चालक का सहयोगात्मक मनोभाव प्रकट होता है।

प्रश्न 4.
नींद को यहाँ असंभव क्यों बताया गया होगा ?
उत्तर :
सोने के लिए शांत वातावरण की ज़रूरत है। यह रिक्शेवाला सड़क पर अपने ऑटो रिक्शा में सोता है। उसे अच्छी नींद पाना असंभव ही है। इसलिए ऐसा बताया गया होगा ।

प्रश्न 5.
तब क्या उसकी थकान के सब साल उसमें जुड़ गए हैं? – लेखिका ने ऐसा क्यों सोचा होगा ?
उत्तर :
राजा राम को अपनी उम्र ठीक से याद नहीं। फिर भी उसके विचार में शायद पचास साल होगा। लेकिन लेखिका के हिसाब में उसे चालीस के ऊपर नहीं होना चाहिए। उस दृष्टिकोण में लेखिका ने ऐसा सोचा होगा।

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प्रश्न 6.
दो वक्त की रोटी मिल जाए गनीमत है। इस कथन पर आपका विचार क्या है ?
उत्तर :
राजा राम पैसे का लालची नहीं । वह सरल जीवन बितानेवाला आदमी है । हर दिन दो वक्त की रोटी के लिए कुछ कमाना । उसके लिए वही सब कुछ है।

प्रश्न 7.
हम एक ही शहर में रहते हुए दो अलग मौसमों में रहते हैं । अन्न और भूख के मौसम में । घर और बेघरी के मौसम में । विचार क्या है ? – इस कथन पर आपका
उत्तर :
लेखिका और राजा राम एक ही शहर में रहते हैं । पर दोनों की जीवन – परिस्थितियाँ अलग हैं। एक तो भर पेट खाकर अच्छे घर में सोती है । और दूसरा भूखा रहकर सडक पर सोता है।

गतिविधियाँ

प्रश्न 1.
किसने किससे कहा ?

  • आपका मतलब आप तब से सड़क पर ही हैं।
  • मैं आपका सोफ़ा गंदा नहीं करना चाहता हूँ ।
  • आम लोगों को आपके जीवन के बारे में पता चलेगा।
  • आप के लिए एक अच्छा दिन क्या होता है ?
  • दो वक्त की रोटी मिल जाए गनीमत है ।
  • आप के पास भी कोई ताकत नहीं है, आप भी मेरे जैसी हैं।

उत्तर :

  • आपका मतलब आप तब से सड़क पर ही हैं। – लेखिका ने राजा राम से
  • मैं आपका सोफ़ा गंदा नहीं करना चाहता हूँ । – राजाराम ने लेखिका से
  • आम लोगों को आपके जीवन के बारे में पता चलेगा। – लेखिका ने राजा राम से ….. ।
  • आप के लिए एक अच्छा दिन क्या होता है ? – लेखिका ने राजा राम से…. ।
  • दो वक्त की रोटी मिल जाए गनीमत है । – राजा राम ने लेखिका से
  • आप के पास भी कोई ताकत नहीं है, आप भी मेरे जैसी हैं। – राजा राम ने लेखिका से।

प्रश्न 2.
हर वाक्य किससे संबंधित है ?
दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 5
उत्तर :

वाक्य व्यक्ति
राजा राम को पुराना ऑटो ले दिया दयालु, अमीर आदमी
रेडियो के लिए प्रोग्राम बना रही है। लेखिका
पहले गाँव के खेतों में मज़दूरी करता था । राजा राम
हावर्ड के दिनों में लेखिका का साथी रहा सैंडी
बचपन से ही बाप अंधा हो गया राजा राम
साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग कर रहा है सैंडी
चांदनी चौक में रिक्शा चलाता है राजा राम

प्रश्न 3.
वाक्यों को सही क्रम से लिखें ।

  • गाँव में सिर पर बोझा ढोता रहा ।
  • बारिश में उसका घर ढह गया ।
  • आठ साल तक साइकिल रिक्शा चलाता रहा ।
  • दिल्ली जाने का निश्चय किया ।
  • अपने गाँव से कानपुर गया ।
  • ऑटो को ही अपना घर बनाया
  • डेढ साल तक मुफ़्त में सेवा करता रहा ।

उत्तर :

  • बारिश में उसका घर ढह गया ।
  • गाँव में सिर पर बोझा ढोता रहा
  • दिल्ली जाने का निश्चय किया ।
  • अपने गाँव से कानपुर गया ।
  • आठ साल तक साइकिल रिक्शा चलाता रहा ।
  • डेढ साल तक मुफ़्त में सेवा करता रहा ।
  • ऑटो को ही अपना घर बनाया ।

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पढें पहचानें:

मैंने इससे पहले किसी बेघर के बारे में नहीं सोचा था ।
एक बेफ्रिक नींद का न मिलना किसी की आत्मा में कहाँ सुराख कर सकता है।
“उपसर्ग” एक शब्दांश है जो किसी शब्द के पहले जुडकर उसके अर्थ को बदलता है।

रेखांकित शब्दों की विशेषताओं पर चर्च करें, नीचे की तालिका भरें ।
दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 6
उत्तर :
वे उपसर्ग वाले

संज्ञा शब्द अर्थ
घर बेघर जिसका कोई घर न हो।
फ़िक्र बेफ्रिक जिसकी कोई फ़िक्र न हो ।
काम बेकाम जिसका कोई काम न हो ।
नाम बेनाम जिसका कोई नाम न हो ।
होश बेहोश जिसका कोई होश न हो ।
शर्म बेशर्म जिसकी कोई शर्म न हो ।
हिसाब बेहिसाब जिसका कोई हिसाब न हो ।

पहचानें, लिखें:

सरकार मेरे लिए कुछ करेगी ।
मैं आ जाऊँगा।
रेखांकित शब्दों के प्रयोग की विशेषताओं पर चर्चा करें। ऐसे वाक्य पाठ से छाँटकर लिखें।
उत्तर :
സാമാന്യ ഭാവികാല ക്രിയാ രൂപങ്ങൾ കൂടുതൽ പരിചയപ്പെടുന്നതിനാണ് ഈ പ്രവർത്തനം. പാഠഭാഗത്തു നിന്ന് വാക്യങ്ങൾ തെരഞ്ഞെടു ക്കാം.
उसे मैं बाद में देखूँगी।
भूख और बीमारी के अलावा एक और चीज़ भी दिखेगी।
मैं उसके लिए बिलकुल सटीक शब्द ढूँढ़ पाऊँगी। आम लोगों को आपके जीवन के बारे में पता चलेगा।
आपको क्या मिलेगा ?
കൂടുതൽ വാക്യങ്ങൾ പാഠഭാഗത്തുനിന്ന് തെര ഞ്ഞെടുത്തെഴുതുമല്ലോ…..!

ज़रा ध्यान दें:

उसकी खाँसी नहीं रुकती है।
उसका ऑटो नहीं रुकता है ।
न उसकी खाँसी रुकती है न उसका ऑटो
नीचे दिए गए सरल वाक्यों को नमूने के अनुसार बदलकर लिखें।

अमन को तमिल नहीं आती है।
अमन को तेलुगु नहीं आती है।
उत्तर :
अमन को न तमिल आती है न तेलुगु ।

दीदी चाय नहीं पीती है। दीदी शर्बत नहीं पीती है।
उत्तर :
दीदी न चाय पीती है न शर्बत ।

नानी को सिनेमा पसंद नहीं । नानी को नाटक पसंद नहीं ।
उत्तर :
नानी को न सिनेमा पसंद है न नाटक ।

क्रियापदों की विशेषता समझें:

मैंने तय किया कि दिल्ली चलें ।
लोगों को आपके जीवन के बारे में पता चलेगा।
ഇത് “സംയുക്ത ക്രിയ’ പരിചയപ്പെടുത്തുന്നതി നുള്ള പ്രവർത്തനമാണ്.
रेखांकित प्रयोगों पर ध्यान दें। ऐसे कुछ विशेष प्रयोग पाठ से चुन लें और अपने वाक्य में प्रयोग करें ।
उत्तर :
ढूँढ़ पानाः – मैं अपने लिए एक अच्छी नौकरी ढूँढ़ पाऊँगा ।
टूट जाना: मेरी घड़ी नीचे गिर गई और उसकी शीशी टूट गई।
मिल सकना : किसी भी समय आप मुझसे मिल सकते हैं।
करना चाहना : मैं आपके साथ काम करना चाहता हूँ।
निकल सकना – कल हम कितने बजे निकल सकेंगे ?

ഇതുപോലുള്ള കൂടുതൽ ക്രിയാരൂപങ്ങൾ തെര ഞ്ഞെടുത്ത് വാക്യരചന നടത്താവുന്നതാണ്.

रोल प्ले चलाएँ:

पठित संस्मरण की किसी घटना के आधार पर रोल – प्ले चलाएँ ।
പരിചയമുള്ള ഏതെങ്കിലും ഒരു സന്ദർഭവുമായി ബന്ധപ്പെട്ട് സംസാരിക്കുകയും അഭിനയിച്ച് പ്രക Role Play. ഇതിനായി സ്ക്രിപ്റ്റ് തയ്യാറാക്കി വയ്ക്കണമെ ന്നില്ല. മനസ്സിലെ ചിന്തകളും, ആശയങ്ങളും, അഭി പ്രായങ്ങളും പ്രകടിപ്പിക്കുവാനുള്ള ഒരു നല്ല അവ സരമാണ് ഈ പ്രവർത്തനത്തിലൂടെ കൈവരുന്നത്.

‘दिल्ली में उनींदे’ എന്ന പാംദാഗത്തിൽ ഇതിനു തകുന്ന ധാരാളം സന്ദർഭങ്ങളുണ്ട്.
जैसे – ബിർലാ മന്ദിറിനടുത്ത് റിക്ഷാക്കാരനെ കാണുന്ന ലേഖിക.
റിക്ഷയിൽ നിന്നിറങ്ങിയ ലേഖികയും റിക്ഷാക്കാരനും.
ലേഖികയുടെ വീട്ടിലെത്തുന്ന റിക്ഷാക്കാ ഒരു മാതൃക പരിശോധിക്കാം.
കുറച്ചു പുസ്തകങ്ങളും, മാസികകളും താങ്ങി പിടിച്ചുകൊണ്ട് റോഡുവക്കത്തുകൂടി നടന്നുവ രുന്ന ലേഖിക. കുറച്ചകലെയായി നിൽക്കുന്ന ഒരു ഓട്ടോറിക്ഷയുടെ അടുത്തെത്തുന്നു. ഡവർ ഓട്ടോയുടെ അടുത്തു നിൽക്കുന്നു.
लेखिका : चलना है? . . .
ड्राइवर : बैठिए।

ലേഖിക പുസ്തകങ്ങൾ ഓട്ടോയുടെ സീറ്റിലേക്ക് വച്ചിട്ട് കയറിയിരിക്കുന്നു. ഡ്രൈവർ തന്റെ സീറ്റി നടിയിൽ നിന്ന് ഒരു പഴകിയ സ്വറ്റർ എടുത്ത് ധരിക്കുന്നു.
ഓട്ടോറിക്ഷ പുറപ്പെടുന്നു. (ഓട്ടോറിക്ഷ ഓടു ന്നതായി തോന്നുംവിധം അഭിനയിക്കണം)
ഡ്രൈവർ ഇടയ്ക്കിടെ ചുമയ്ക്കുന്നു.
लेखिका : यह खाँसी कब से है ?
ड्राइवर् : होगी कोई दस बारह साल से ।
ड्राइवर : पैसा भी तो चाहिए उसके लिए …. ।
(അയാൾ പുറത്തേക്ക് നോക്കുന്നു)
ट्राफिक ब्लोक है मेम, थोडी देर रुकना पडेगा ।
लेखिका : कोई बात नहीं ।
(സാഹചര്യം ഉണ്ടാക്കിയാൽ കൂടുതൽ കുട്ടികളെ
ഈ പ്രവർത്തനത്തിൽ പങ്കെടുപ്പിക്കുവാൻ സാധിക്കും)

दोस्तों से चर्चा करें:

राजा राम जैसे लोगों की समस्याओं के क्या-क्या कारण होंगे ?
उत्तर :
ഹിന്ദിയിൽ അത്യാവശ്യം സംസാരിക്കുവാനുള്ള ക്ഷമത വർദ്ധിപ്പിക്കുന്നതിന് വേണ്ടിയുള്ള ഒരു പ്രവർത്തനമാണിത്. വിഷയവുമായി ബന്ധപ്പെട്ട ചില സൂചനകളുടെ അടിസ്ഥാനത്തിൽ ചർച്ചയി ലേർപ്പെടുന്നത് നന്നായിരിക്കും.

രാജാറാമിനെപ്പോലുള്ള ആളുകളുടെ ഇത്തരം പ്രശ്നങ്ങൾക്ക് എന്തൊക്കെയാകാം കാരണ
ങ്ങൾ എന്നാണ് ചോദ്യം.
ചില സൂചനകൾ ഇവിടെ നൽകാം-
शिक्षा की कमी – सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी का आभाव पारिवारिक सहयोग का अभाव आदि

राजा राम जैसे लोगों की सामाजिक प्रगति के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं?
രാജാറാമിനെപ്പോലുള്ള ആളുകളുടെ സാമൂ ഹിക ഉന്നതിക്ക് വേണ്ടി നമുക്ക് എന്തൊക്കെ ചെയ്യുവാൻ സാധിക്കും?
उत्तर :
ചില സൂചനകളുടെ അടിസ്ഥാനത്തിൽ ചർച്ചയി ലേർപ്പെടാം.
सरकार की ओर से ऐसे लोगों को ढूँढ़ निकालें और आवश्यक मदद करें
इन मुद्दों को ध्यान में रखकर उनकी प्रगति का प्रयास करें।

  • बुनियादी शिक्षा प्रदान करने का प्रबंध।
  • अपनी धरती और अपना घर का प्रबंध ।

प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी कार्य में समर्थ बना देना।
शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना। – आदि

‘बेघरों की समस्या’ विषय पर लघु लेख लिखें।
उत्तर :
हमारे देश में कई लोग बेघर हैं । बेघरों की समस्या वास्तव में सरकार की समस्या है। जिनके पास अपना घर है, वे बेघर लोगों की दुर्दशा को नहीं समझते। घर मनुष्य की बुनियादी ज़रूरतों में एक है। यह कहना समाज के लिए अपमान है कि हमारे कुछ भाइयों को सड़क के किनारे सोना पड़ रहा है। इन लोगों को अपने जीवन में कोई गोपनीयता नहीं होगी। वे अपने जीवन में समय की पाबंदी नहीं रख पाते । उनका जीवन अव्यवस्थित हो जाता है। किसी न किसी तरह इस समस्या का समाधान शीघ्र ही करना चाहीए। हमारी सरकार तथा हर नागरिक को इस दिशा में प्रयत्न करना होगा ।

दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

अनुबद्ध कार्य

संस्मरण का ऑडियो बुक तैयार करें
അധ്യാപികയുടെ നിർദ്ദേശമനുസരിച്ച് ആഡിയോ ബുക്ക് തയ്യാറാക്കുന്ന തു മായി ബന്ധപ്പെട്ട പ്രവർത്തിലേർപ്പെടുമല്ലോ.

मान लें, आप राजा राम का साक्षात्कार लेने जा रहे हैं, तो उससे पूछने के लिए प्रश्नावली तैयार करें ।
उत्तर :
राजा राम जी मैंने श्रीमती गगन गिल का संस्मरण “दिल्ली में उनींदे” पढ़ा। आपके बारे में बहुत कुछ पता चला। लेकिन मैं और भी कुछ बातें जानना चाहता हूँ।
आपके कोई भाई – बहन नहीं हैं ?
आपने कहाँ तक शिक्षा पाई ?
क्या, आपने शादी की है ?
आपने कहा था कि आपका घर बारिशों में ढह गया था । फिर सरकार से कोई सहायता नहीं मिली?
आपने माताजी के बारे में नहीं कहा था ।
आजकल आप ऑटो चलाते हैं । प्रति दिन कितने पैसे कमा सकते हैं?
आपका घर उन्नाव जिले में है। 1979 में आप
दिल्ली आए। फिर उन्नाव वापस नहीं गए?
वहाँ कोई संबंधी नहीं ?
हाँ। आपसे मिलकर बडी खुशी हुई।
राजा राम जी एक बात है –
खाँसी के लिए दवा लेनी है। सरकारी अस्पताल से
अच्छी दवा मिलेगी।
धन्यवाद – नमस्ते ।

SCERT Class 10 Hindi Unit 3 दिलों का मिलन

‘दिलों का मिलन’ എന്ന മൂന്നാമത്തെ യൂണിറ്റിൽ ആകെ 3 പാഠങ്ങളാണുള്ളത് ‘दिल्ली में उनींदें’ എന്ന संस्मरण, പ്രാചീന കബീർദാസിൻ്റെയും സുർദാസിൻ്റെയും റഹിമിൻ്റെയും दोहे – “मधुर वचन”, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ – कील “एक तिनका ” ।
ചിത്രം ഭാഷാ പ്രവർത്തനങ്ങൾക്ക് ഉപയോഗിക്കുമല്ലോ.

हमारा भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या कर रहे हैं। – महात्मा गांधी
നമ്മുടെ ഭാവി, നിങ്ങൾ ഇന്ന് ചെയ്തുകൊണ്ടിരിക്കുന്ന കാര്യങ്ങളെ ആശ്രയിച്ചാണിരിക്കുന്നത്. -മഹാത്മാഗാന്ധി

प्रश्न 1.
पहचानकर लिखें, ये किन – किन के बारे में हैं:
दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 1

  • मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी की स्थापना की, जो दुनिया भर में अंधे, वृद्ध और विकलांग लोगों की सेवा करती है ।
  • 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार और 1980 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। – मदर टेरेसा

‘नर्मदा बचाओ’ आंदोलन की संस्थापक सदस्य ।
साल 2000 में टाइम पत्रिका ने 20वीं सदी के 100 नामकों में शामिल किया मेधा पाटकर गया। – मेधा पाटकर
दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 2

  • अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर आधारित आज़ादी की लडाई का नेतृत्व किया।
  • विदेशी – बहिष्कार और स्वदेशी प्रचार का प्रोत्साहन किया। – महात्मा गांधी

दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 3

  • कुष्ठरोगियों के उपचार, पुनर्वास और सशक्तीकरण के लिए आनंदवन की स्थापना की ।
  • पूरे जीवन में कुष्ठरोगियों, आदिवासियों और मज़दूर किसानों के साथ काम करते रहे। – बाबा आमटे

दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 4

दिल्ली में उनींदे Extra Questions and Answers

1. संस्मरण का निम्नलिखित अंश पढ़ें और प्रश्नों उत्तर लिखें ।
अभी मेरा ध्यान उसके चेहरे की तरफ़ नहीं गया। उसे मैं बाद में देखूँगी। ऑटो के ड्राइविंग आईने में, जिसमें उसकी आँखें और भी धँसी दिखेंगी और चेहरे की हड्डियाँ और भी उभरीं । उसके चेहरे पर भूख और बीमारी के अलावा एक और चीज़ भी दिखेगी। अभी मुझे उसका नाम नहीं मालूम। आने वाले दिनों में मैं उसके लिए बिलकुल सटीक शब्द ढूँढ़ पाऊँगी। लेकिन अभी नहीं । यह बाद में होगा ।

प्रश्न 1.
मुझे में निहित सर्वनाम कौन – सा है ?
उत्तर :
मैं

प्रश्न 2.
अभी मेरा ध्यान उसके चेहरे की तरफ़ नहीं गया । किसके चेहरे की तरफ़ ?
उत्तर :
शिक्षा चालक के चेहरे की तरफ़

दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 3.
मान लें, प्रस्तुत प्रसंग को लेखिका अपनी डायरी में लिखना चाहती है। उसकी डायरी का अंश कल्पना करके लिखें ।
उत्तर :
तारीख,
दिन

आज बिरला मंदिर के पास से ऑटो रिक्शा से यात्रा की। ड्राइवर अजीब सा लगा। उसके शरीर की हरकत में एक अजीब सी थकान थी । दुबला-पतला आदमी, धँसी आँखें, चेहरे की हड्डियाँ उभरी हुई थीं। वह बहुत गरीब लग रहा था। बातचीत में मालूम हुआ कि उसका कोई घर नहीं है । वह रिक्शा ही उसका घर है। उसके संबंध में अधिक जानना चाहा। उससे इच्छा प्रकट की। वह कल आएगा, और बातें करना है .

2. संस्मरण का निम्नलिखित अंश पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखें।

पहले आठ साल तक तो रिक्शा चलाता रहा। चाँदनी चौक में। फिर एक बहुत दयालु, अमीर आदमी से मुलाकात हो गई । डेढ साल मैंने उसकी सेवा की। उसे रोज़ ले जाता था । कभी एक पैसा नहीं लिया । उसने बदले में मुझे यह पुराना ऑटो ले दिया, जिसे अब चलाता हूँ।

प्रश्न 1.
राजा राम की मुलाकात किससे हुई ?
उत्तर :
दयालु और अमीर आदमी से ।

प्रश्न 2.
राजा राम आठ साल तक कहाँ रिक्शा चलाता रहा ?
उत्तर :
चाँदनी चौक में।

प्रश्न 3.
वाक्य पिरमिड की पूर्ती करें।
दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 7
उत्तर :
दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 8

दिल्ली में उनींदे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 4.
मान लें, राजा राम के बारे में बताते हुए लेखिका अपनी सहेली के नाम पत्र लिखती है । – वह पत्र कल्पना करके लिखें ।
उत्तर :
स्थान
तारीख

प्रिय मित्र…..
सप्रेम नमस्कार ।
खुश है न? एक नए मित्र के बारे में बताने के लिए मैं यह पत्र लिख रही हूँ। दो दिन पहले एक रिक्शा चालक से मेरा परिचय हुआ । बिरला मंदिर के पास से घर तक मैंने उसके ऑटो में यात्रा की। एक गरीब आदमी। यू.पी का उन्नाव वाला है। सालों पहले इधर आया। पहले रिक्शा चलाता था। दिल्ली में एक दयालु आदमी ने एक पुराना ऑटो ले दिया । कल मेरे घर आया था। नाम राजा राम है। गाँव में घर था, पर बारिशों में ढह गया ।

अब बह बेघर हे। आश्चर्य की बात है कि वह सालों से ऑटो रिक्शा के अंदर सोता है । पैसे के लिए उसे कोई लालच नहीं। दो वक्त की रोटी के लिए कुछ कमाना । उसे ही वह अपना सौभाग्य समझता है। हम नहीं जानते, ऐसे कितने ही लोग हमारे समाज में जीते हैं। आश है कि सब सकुशल हैं। सबको मेरा प्रणाम।

तुम्हारी सहेली
गगन गिल

व्हाइट कैप Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 2 Chapter 2 व्हाइट कैप कहानी White Cap Kahani Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi White Cap Question Answer Notes

व्हाइट कैप Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 2 Chapter 2 व्हाइट कैप Notes Question Answer

प्रश्न 1.
यहाँ शहर के विकास और मज़दूरों के जीवन के बीच की कौन-सी स्थिति दिखाई देती है ?
उत्तर :
शहर के विकास के साथ कई मज़दूर अपने-अपने गाँवों को छोड़कर शहर में आ गए हैं। पर वहाँ उन्हें रहने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। वे किसी न किसी तरह किसी कोने में डेरा डालकर रात गुज़ारते रहते हैं।

प्रश्न 2.
यहाँ केशव के व्यक्तित्व की क्या – क्या विशेषताएँ उभर आती है ?
उत्तर :
केशव एक जिज्ञासु बालक है। वह नई बातें सीखने और समझने के लिए उत्सुक है। उसकी ज़िद के सामने उसके दादाजी विवश हो जाते हैं।

प्रश्न 3.
गुल्लू को खेलने न भेजने के घरवालों के इरादे पर आपका विचार क्या है?
उत्तर :
कुछ लोग अब भी यही सोचते हैं कि केवल पढ़ाई ही पर्याप्त है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल जैसी मनोरंजक गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए । स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी यह सहायक है ।

प्रश्न 4.
केशव ऐसा सपना क्यों देखता होगा ?
उत्तर :
केशव के मन में क्रिकेट खेलने की तीव्र इच्छा है। वह दिन में प्राय: दूसरे लड़कों को खेलता देखता रहता । उसे खेलने का अवसर बहुत कम ही मिलता था । कई बार उसने अपने माता-पिता से बल्ला और बॉल खरीद देने का आग्रह भी किया था। इसलिए केशव ऐसा सपना देखता होगा।

प्रश्न 5.
‘चलो यार, काम बन गया’ – क्या लड़कों का यह व्यवहार उचित है? क्यों ?
उत्तर :
बॉल नष्ट हो जाने से लड़के दुखी थे । केशव ने निर्माणाधीन इमारत की तीसरी मंजिल पर से बॉल ले। वहाँ तक चढ़ना ही मुश्किल था। बॉल मिलने पर सभी लड़के खुश हो गए। पर वे यह भूल गए कि केशव कैसे नीचे उतरेगा। इसलिए उनका व्यवहार उचित नहीं ।

प्रश्न 6.
यहाँ केशव के प्रति लड़कों की मनोवृत्ति में आया परिवर्तन किसकी ओर संकेत करता है?
उत्तर :
पहले लड़कों के मन में केशव के प्रति उपेक्षा का मनोभाव था। पर उसे आपत्ति में पड़े देखकर वे दुखी हो जाते हैं। समानुभूति (Empathy) से वे उनकी सहायता के लिए तैयार हो जाते हैं।

व्हाइट कैप Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 7.
कैप उतारकर आटो के बाहर लहराना किसका सूचक है ?
उत्तर :
पहले लड़को ने केशब को अपने साथ खेलने न दिया । उसके साथ उपेक्षा का व्यवहार भी किया । इमारत के ऊपर से बॉल लेकर देने पर केशव को चोट लगी। तब लड़कों के मन में समवेदना जाग उठी। उन्होंने अपने क्रिकेट के सामान भी केशव को दे दिया। उनमें वह कैप भी था । केशव के मन में दोस्ती की भावना ही है। कैप से लहराना इसका सूचक है।

गतिविधियाँ

प्रश्न 1.
कहानी का प्रसंग समझें, चर्चा करें।

1. कहानी में चित्रित प्रवासी मज़दूर परिवार की चुनौतियाँ क्या-क्या हैं?
उत्तर :
प्रवासी मज़दूरों को अपने गाँवों से बहुत दूर रहना पड़ता है। ऐसे मज़दूर निर्माणाधीन इमारतों के पास ही किसी कोने में रहकर भोजन बनाते हैं और रात गुज़ारते रहते हैं।

2. केशव शहर के अपने डेरे से क्यों बाहर निकलता है ?
उत्तर :
अपने डेरे में कुछ दिन केशव अकुलाता पड़ा रहा।
फिर आस-पास के चक्कर लगाने के लिए बाहर निकला ।

3. केशव के सपनों के प्रति उसके माता-पिता का रवैया
(രീതി നടപടി, behaviour, manner)
उत्तर :
केशव ने सपने में देखा कि वह नए बल्ले, व्हाइट कैप आदि के साथ क्रिकेट खेलता है । वह स्वप्न देखकर बड़बड़ाते हुए जाग उठा । तब उसे माता-पिता की डाँट खानी पड़ी।

4. कहानी के आरंभ में केशव के प्रति शहरी लोगों का कौन-सा मनोभाव दिखाया गया है ?
उत्तर :
केशव एक मज़दूर परिवार का लड़का है। क्रिकेट खेलनेवाले बच्चों में उसे अपनी हँसी-मज़ाक का विषय बनाया था।

5. केशव के प्रति शहरी लड़कों का मनोभाव कैसे बदलता है?
उत्तर :
क्रिकेट बॉल लेने के लिए केशव एक इमारत की तीसरी मंजिल पर जाता है । पर गिरकर घायल (22001 Cg, wounded) हो जाता है। इस घटना से केशव के प्रति शहरी लड़कों का मनोभाव बदल जाता है ।

6. केशव को माँ-बाप के साथ गाँव वापस क्यों जाना पड़ा ?
उत्तर :
एक इमारत की तीसरी मंजिल से क्रिकेट बॉल लेने के प्रयास में केशव को चोट लगी । इसलिए उसे माँ – बाप के साथ गाँव वापस जाना पड़ा।

7. कहानी की चरम सीमा पर आपका विचार क्या है ?
उत्तर :
कहानी के अंत में केशक के प्रति लड़कों का मनोभाव अच्छा होता है। केशव के मन में भी दोस्ती की ही भावना है। वे फिर मिलने के लिए अलग हो जाते हैं । इस तरह कहानी की चरम सीमा अच्छी है।

व्हाइट कैप Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 2.
सही आशय चुनें, मिलान करें ।
व्हाइट कैप Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 1
उत्तर :

घटना / कथन आशय
लड़कों ने कुछ दिनों अपने खेल में तो शामिल नहीं किया, मगर उसे अपनी हँसी- मज़ाक का विषय ज़रूर बना लिया था। सामूहिक अलगाव
अब जब तुम लौटोगे केशव, तो हमारी टीम से खेलना | सामाजिक समावेश
रात को सपने में केशव अपने को अकसर क्रिकेट खेलता देखा करता। उम्मीद की भावना
चौक तक दौड़कर दो लोग जाओ और कोई भी ऑटो, टैक्सी मिले फौरन लेकर आओ। विपत्ति की स्थिति का सामना करना

प्रश्न 3.
चर्चा करें और लिखें, कहानी का कौन-सा पात्र आपको सबसे ज़्यादा पसंद आया और क्यों ?
उत्तर :
पात्र का नाम – केशव
पात्र की विशेषता – केशव गरीब मज़दूर परिवार का लड़का है। तीसरी कक्षा की परीक्षा के बाद वह अपने गाँव से माता-पिता के पास शहर में जाने का ज़िद करता है। वहाँ आकर वह क्रिकेट खेलने वाले कुछ लड़कों से मिलता है। लड़के उससे उपेक्षा का व्यवहार करता है । पर वह उनकी सहायता करता है। अंत में सबका दोस्त बन जाता है।

पात्र का व्यक्तित्व केशव को अपने माता- पिता से प्यार है । वह सरल स्वभाव का है। क्रिकेट खेलनेवाले लड़के पहले उससे बुरा व्यवहार करता है। पर वह सबसे दोस्ती का व्यवहार करता है। वह सबकी सहायता भी करता है। इसलिए अंत में सब अच्छे दोस्त बन जाते हैं।

पात्र का मनोभाव – केशव सबसे प्यार भरा व्यवहार करता है। उसके मन में किसी से भी विद्वेष की भावना नहीं ।
पात्र की भूमिका – केशव ही कहानी का नायक है । वह सबको प्रभावित करता है ।

प्रश्न 4.
वाक्यों के रेखांकित अंशों पर ध्यान दें:

  • बड़े लड़कों को वहाँ बॉल माँगने जाने पर अपमानित होने का डर रहता था ।
  • केशव को किसी भी टीम में जगह नहीं मिली थी। ऊपर के वाक्यों में को का प्रयोग प्रत्येक संदर्भ में किस अर्थ को सूचित करता है?

സാധാരണയായി ‘को’ കർമമത്തോട് ചേർന്ന് വരുന്നു. ചില സന്ദർഭങ്ങളിൽ ‘केलिए’ എന്ന അർത്ഥവും സൂചിപ്പിക്കുന്നു.

प्रश्न 5.
वाक्यों के रेखांकित अंशों पर ध्यान दें:
शहर जाकर जमा चंदे से नई क्रिकेट सामग्री के साथ एक शील्ड भी खरीद ली।
खिलाड़ी की कमी की पूर्ति केशव से की जाती ।
ऊपर के वाक्यों में से का प्रयोग प्रत्येक संदर्भ में किस अर्थ को सूचित करता है?
by, with, through „എന്നീ അർത്ഥ അർത്ഥങ്ങളേയും from, since, than അർത്ഥങ്ങളെയും ‘से’ ली സുചിപ്പിക്കുന്നു.

प्रश्न 6.
कहानी के अंत में केशव के प्रति लड़को के मनोभाव में बदलाव आता है। गाँव पहुँचने के बाद केशव अपने अनुभव डायरी में लिखता है। वह डायरी लिखें |
उत्तर :
तारीख
दिन
आज मैं अपना गाँव वापस आया हूँ । मेरे माता-पिता शहर में कितना कष्ट सह रहे हैं। यह देखने का अवसर मुझे मिल गया। साथ ही क्रिकेट खेलने का कुछ अवसर भी । पर मैं बॉल लेने के लिए किसी इमारत की तीसरी मंजिल पर गया था । वहाँ से गिरकर चोट भी लगी। पर मुझे कुछ अच्छे दोस्त मिले। उन्होंने क्रिकेट के कुछ सामान भी मुझे दे दिए। अब मुझे स्वस्थ होने के लिए घर में कुछ दिन ज़रूर आराम करना है । फिर कभी शहर जाकर सबसे मिलना भी है।

प्रश्न 7.
केशव के गाँव पहुँचने के बाद कप्तान केशव के नाम पत्र लिखता है । वह पत्र लिखें।
उत्तर :
स्थान,
तारीख

प्रिय मित्र केशव,
कैसे हो? आशा करता हूँ कि तुम सकुशल हो । तबीयत (ആരോഗ്യം, health) कैसी है? डॉक्टर ने क्या कहा ? पढ़ाई कैसी है?
यहाँ हम लोग तुम्हारी प्रतीक्षा में हैं। जब हम मैदान में खेलने जाते हैं, तुम्हारी याद आती है। तुम कब यहाँ वापस आ जाओगे? तुम्हारे लिए हमने एक नया बल्ला भी खरीदकर रखा है। हम जल्दी ही फिर मिलेंगे । जवाब की प्रतीक्षा में……
तुम्हारा दोस्त,
(नाम)

व्हाइट कैप Extra Questions and Answers

प्रश्न 1.
कुछ दिनों में केशव लड़कों के खेल की ज़रूरत बन गया। कैसे ?
उत्तर :
किसी लड़के के समय पर न पहुँचने पर केशव उसके घर जाकर बुलाता था। कभी किसी खिलाड़ी की कमी की पूर्ति उससे की जाती। यदि बॉल मैदान के बाहर जाती तो उसे उठाकर लाने का काम भी केशव का था।

व्हाइट कैप Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 2.
लड़कों ने केशव को ‘टार्जन’ क्यों कहा?
उत्तर :
क्योंकि केशव ने निर्माणाधीन इमारत की तीसरी मंजिल पर चढ़कर बॉल ले ली थी ।

प्रश्न 3.
‘ लौटकर उसने घबराई आवाज़ में धीरे-धीरे कहा । ‘ इस वाक्य में विशेषण शब्द कौन-सा है ?
उत्तर :
घबराई

प्रश्न 4.
“केशव अपने दादाजी से माता-पिता के पास शहर जाने की ज़िद कर बैठा ” – इस वाक्य से ज़िद का मतलब क्या है ?
(क) रास्ता
(ख) आज्ञा
(ग) हठ
(घ) अनुमति
उत्तर :
हठ

प्रश्न 5.
चार सही प्रस्ताव चुनकर लिखें:

  • केशव के माता-पिता शहर में अस्थायी डेरे में रहते थे।
  • केशव अमीर परिवार का लड़का था ।
  • केशव के मन में क्रिकेट खेलने की बड़ी इच्छा थी।
  • क्रिकेट खेलनेवाले लड़कों से केशव बुरा व्यवहार करता था ।
  • किसी इमारत से गिरकर केशव को चोट लगी थी।
  • केशव सबकी सहायता करने में तत्पर था।

उत्तर :
(i) केशव के माता-पिता शहर में अस्थायी डेरे में रहते थे।
(ii) केशव के मन में क्रिकेट खेलने की बड़ी इच्छा थी ।
(iii) किसी इमारत से गिरकर केशव को चोट लगी थी ।
(iv) केशव सबकी सहायता करने में तत्पर था ।

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 2 Chapter 1 मेरी दुनिया के तमाम बच्चे कविता Meri Duniya Ke Tamam Bacche Kavita Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi Meri Duniya Ke Tamam Bacche Question Answer Notes

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 2 Chapter 1 मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Notes Question Answer

प्रश्न 1.
‘वो जमा होंगे एक दिन’ – यहाँ किस उम्मीद की ओर संकेत है ?
उत्तर :
भिन्न कारणों से इस दुनिया के बच्चे अलग-अलग होकर खड़े हैं। वे अपनी नौसर्गिक वृत्तियों से भी अलग हो गए हैं। कवि उम्मीद करते हैं कि एक दिन वे एक साथ मिल जाएँगे । वे एक साथ खेलेंगे, चित्र खींचेंगे और प्रकृति के हर जीव से ताल-मेल रखेंगे।

प्रश्न 2.
बच्चों द्वारा टैंकों में बालू भरने और बंदूकों को मिट्टी में गाड़ देने का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
टैंक, बंदूक आदि युद्ध के लिए हैं। विद्वेष के प्रतीक हैं। मनुष्य को मनुष्य से अलग करने के लिए हैं। लेकिन दुनिया भर के बच्चे तो एक हैं । वे विनाश की सारी चीज़ों को नष्ट कर देंगे ।

प्रश्न 3.
‘दीवारों में छेद कर आरपार देखना’ – यहाँ किसकी ओर संकेत है ?
उत्तर :
दुनिया में मनुष्य कई कारणों से अलग-अलग होकर खड़े हैं। मनुष्यों के बीच कई दीवारें हैं। उन्हें छेद कर आरपार देखने से पता चलेगा कि मनुष्य और मनुष्य में कोई भेद नहीं है । सब एक ही हैं ।

प्रश्न 4.
‘तुम्हारी बनाई हर चीज़ को खिलौना बना देंगे’ – से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
मनुष्य ही मनुष्य के विरुद्ध विनाश की चीज़ों को बना
रहे हैं। ये चीजें प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के भी नाश के कारण बन जाती हैं । कवि कामना करते हैं कि दुनिया भर के बच्चे इन विनाशकारी चीज़ों को एक दिन खिलौना बना देंगे।

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

गतिविधियाँ

प्रश्न 1.
कविता पढ़ें और इन प्रश्नों पर विचार करें:

1. यह कविता किसके संबंध में है ?
उत्तर :
यह कविता मनुष्यों, प्रकृति एवं समस्त जीव-जंतुओं के विरुद्ध उठनेवाली विनाशकारी चीज़ों के विरुद्ध है। ऐसी चीज़ों के विरुद्ध दुनिया के बच्चे आवाज़ उठाएँगे।

2. कविता में ‘वो’ का प्रयोग किस संदर्भ में है ?
उत्तर :
कविता में ‘वो’ का प्रयोग दुनिया के तमाम बच्चों के संदर्भ में किया गया है।

3. कविता के बच्चे किसका प्रतिनिधित्व करते हैं ?
उत्तर :
कविता में बच्चे विश्व शांति के लिए प्रयत्न करने वालों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

4. कविता में ‘तुम’ किन – किनकी ओर इशारा करता है ?
उत्तर :
विनाश की सामग्रियाँ जुटाने वाले सभी की ओर ‘तुम’ इशारा करता है।

प्रश्न 2.
कवि ने कविता में कई छवियों को उकेरा है। ऐसी छवियाँ कविता से ढूँढें ।
उत्तर :

  • वे दौडेंगे बेतहाशा
  • हवा और धूप की मुसलसल निगरानी में
  • वो तुम्हारी टैंकों में बालू भर देंगे एक दिन
  • और तुम्हारी बंदूकों को
  • मिट्टी में गहरा दबा देंगे

प्रश्न 3.
इस मुहावरे का मतलब क्या है?
उत्तर :
धावा बोलना – आक्रमण करना ।

प्रश्न 4.
कविता के इन प्रयोगों से आपने क्या समझा ?

  • पेंसिल की नोक रगड़ना
  • कुत्तों से बतियाना
  • टैंकों में बालू भरना
  • पेड़ों पर घोंसला बनाना

उत्तर :

  • पेंसिल की नोक रगड़ना – चित्र खींचने के लिए अथवा अपने विचार लिखकर प्रस्तुत करने के लिए तैयार होना ।
  • कुत्तों से बतियाना – जीव जंतुओं से प्यार भरा व्यवहार करना ।
  • टैंकों में बालू भरना – विनाशकारी सामग्रियों का नाश करना ।
  • पेड़ों पर घोंसला बनाना – प्राकृतिक चीज़ों को जीव-जंतुओं के अनुकूल बनाना।

ढूँढ़ें, लिखें।

प्रश्न 1.
कौन-सी पंक्ति सार्वलौकिक भावना की ओर इशारा करती है।
उत्तर :
“वे प्यार करेंगे एक दिन उन सबसे
जिनसे तुमने उन्हें नफ़रत करना सिखाया है । ”

प्रश्न 2.
कविता के क्रिया पदों की सूची बनाएँ, जैसे- जमा होंगे, जाएगी, बतियाएँगे……..
उत्तर :
खेलेंगे, रगडेंगे, भर देंगे, खोदेंगे

प्रश्न 3.
यहाँ किस काल की सूचना है ?
उत्तर :
भविष्यत् काल।

अनुभव बताएँ ।

कविता की कौन-सी पंक्तियाँ आपको ज़्यादा अच्छी लगीं और क्यों ?
उत्तर :
“एक दिन तुम्हारे महफूज़ घरों से बच्चे बाहर निकल आएँगे और पेड़ों पे घोंसले बनाएँगे । ” – इसमें प्रकृति के साथ जीने का संदेश है।

कविता किस प्रकार की दुनिया की कल्पना करती है ?
उत्तर :
कविता एक शांत दुनिया की कल्पना करती है । वहाँ समस्त जीव-जंतु तथा पेड़-पौधे सुखी रहें ।

कविता के संदेश से आप कहाँ तक सहमत हैं ?
उत्तर :
कविता के संदेश से मैं पूर्ण रूप से सहमत (യോജിക്കുന്ന, agree with) हूँ। क्योंकि दुनिया में शांति लाने में बच्चों का बड़ा हाथ है।

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

SCERT Class 10 Hindi Unit 2 सफ़रों की जुगलबंदी

आस्वादन टिप्पणी लिखें :

” मेरी दुनिया के तमाम बच्चे” कविता की विश्लेषणात्मक टिप्पणी लिखें।
उत्तर :
श्री अदनान कफ़ील ‘दरवेश’ की कविता है – ‘मेरी दुनिया के तमाम बच्चे’ । इसमें कवि स्थापित करना चाहते हैं कि विश्व शांति स्थापित करने में बच्चों की बड़ी भूमिका है।
कवि कामना करते हैं कि दुनिया के सारे बच्चे मिलकर खेलेंगे। वे प्रकृति तथा जीव-जंतुओं से प्यार करेंगे। टैंक, बंदूक आदि विनाश के साधनों का भी के नाश करेंगे।
दुनिया में कुछ लोग ऐसे हैं जो दूसरों से नफ़रत करते हैं। लेकिन बच्चे सभी से प्यार करेंगे। वे समझेंगे कि जीवन की परिस्थितियाँ दुनिया भर में एक ही हैं। एक दिन बच्चे अपने घरों से बाहर निकलकर प्रकृति के साथ बड़ा होना चाहेंगे और खुशी से जिएँगे। वे प्रकृति को और सुंदर बनाएँगे। वे प्रकृति तथा समस्त जीव-जंतुओं के साथ मिलकर विनाश की सारी चीज़ों को खिलौना बना देंगे।
बच्चों में असीम शक्ति है । वे मिलकर विद्वेष को दूर करेंगे और सभी से प्यार भरा व्यवहार करेंगे।

‘उम्मीद की दुनिया’ – പ്രതീക്ഷയുടെ ലോകം’ എന്ന് പേര് നൽകിയിരിക്കുന്ന രണ്ടാം യൂണിറ്റിൽ കുട്ടികളെക്കുറിച്ചുള്ള പ്രതീക്ഷയും അവരുടെ മനസ്സിന്റെ നൈർമല്ല്യവും ചിത്രീകരിച്ചിരിക്കുന്നു. നമുക്ക് തീർച്ചയായും നമ്മുടെ കുട്ടികളിൽ പ്രതീക്ഷ അർപ്പിക്കാം. അവർ ഈ ലോകത്ത് സമാധാനം ഉറപ്പി ക്കുകയും മാനവികതെ ഊട്ടി ഉറപ്പിക്കുകയും ചെയ്യും.

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Extra Questions and Answers

प्रश्न 1.
नमूने के अनुसार वाक्य बदलकर लिखें ।
बच्चा खेलता है।
बच्चा खेलेगा।
बच्ची खेलती है।
उत्तर :
बच्ची खेलेगी।

प्रश्न 2.
‘टैंको में बालू भर देंगे’ – इसका मतलब क्या है ?
(क) टैंकों का नाश करेंगे।
(ख) टैंकों का उपयोग करेंगे।
(ग) टैंकों को बेच देंगे।
(घ) टैंकों को खरीदेंगे।
उत्तर :
टैंकों का नाश करेंगे।

प्रश्न 3.
‘तुम्हारे महफूज़ घरों से बच्चे बाहर निकल आएँगे’ इसमें विशेषण शब्द कौन-सा है ?
(क) दिन
(ख) घर
(ग) महफूज़
(घ) बच्चा
उत्तर :
महफूज़

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 4.
” और तुम्हारी बनाई हर चीज़ को खिलौना बना देंगे” – यहाँ बच्चे किस चीज़ को खिलौना बना देंगे ?
(क) खेलने की चीज़ को
(ख) बेचने की चीज को
(ग) विनाश की चीज़ को
(घ) खाने की चीज़ को
उत्तर :
विनाश की चीज़ को

प्रश्न 5.
“मेरी दुनिया के तमाम बच्चे’ – यहाँ ‘तमाम’ का मतलब क्या है ?
(क) छोटे
(ख) बड़े
(ग) सारे
(घ) गरीब
उत्तर :
सारे

रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 1 Chapter 3 रैन बसेरे में Rain Basere Mem Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi Rain Basere Mem Question Answer Notes

रैन बसेरे में Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 1 Chapter 3 रैन बसेरे में Notes Question Answer

प्रश्न 1.
” दिन का आकाश है हाउस ऑफ लॉर्ड, रात का
आकाश है हाउस ऑफ कॉमन्स । “- इससे आपने क्या समझा ?
उत्तर :
दिन के आकाश में सूरज के अलावा हम कुछ नहीं देख सकते। पर रात का आकाश असंख्य तारों और चाँद का घर है।

प्रश्न 2.
‘इस पानी से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है । ” क्यों ?
उत्तर :
खेती के लिए पानी की ज़रूरत है । पर भारी वर्षा से कभी बाढ़ आ जाती है और वह खेती का नाश करती है। इससे किसानों को भारी नुकसान होता है।

प्रश्न 3.
” ऐसा लगता था मानो यह रात कभी खत्म ही नहीं होगी । ” – लेखक को क्यों ऐसा लगता था ?
उत्तर :
रैन बसेरे में एक विक्षिप्त आदमी ने लेखक और उनके सहायक को बहुत परेशान किया । लाचार होकर रात में वे उसकी धौंस सहते रहे। उनकी सहायता करने के लिए कोई नहीं था। इस प्रसंग में लेखक ने ऐसा सोचा ।
(विक्षिप्त – ബുദ്ധിദമം സംഭവിച്ച ആൾ)

रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 4.
” किताबें उसने खोलकर देखी, फिर ज्यों की त्यों वापस रख दीं। ” – यहाँ अपरिचित व्यक्ति का कौन-सा मनोभाव प्रकट होता है ?
उत्तर :
पुस्तकों का बड़ा महत्व है। शिक्षित व्यक्तियों का आदर करना है। यह मनोभाव प्रकट होता है।

प्रश्न 5.
” गुत्थी सुलझने लगी” – से आपने क्या समझा ?
उत्तर :
लेखक ने सोचा – ” उस अपरिचित ने किताबों को क्यों नहीं फेंका ? मुझे शिक्षक जानकर उसका व्यवहार एकाएक क्यों बदल गया ?” इन प्रश्नों के समाधान के रूप में उनके मन में कई बातें उठने लगीं। धीरे-धीरे गुत्थी सुलझने लगी । अर्थात् शंका का समाधान मिल गया।

प्रश्न 6.
लेखक भय और आतंक की उस रात को मिला सम्मान अपूर्व मानते हैं। क्यों?
उत्तर :
एक शिक्षक होने के नाते लेखक कई बार सम्मानित किया गया है। परंतु एक विक्षिप्त आदमी के द्वारा किया गया सम्मान अपूर्व ही है ।

गतिविधियाँ

सही प्रस्ताव चुनकर लिखें ।

  • अमृतलाल वेगड़ ने नर्मदा के किनारे पदयात्रा की ।
  • बारिश होने से यात्रियों को पथोड़ा गाँव में ही रुकना पड़ा।
  • लेखक और सहायक मंदिर की छत पर सो गए।
  • छोटू ने गाँववालों के लिए खाना पकाया।
  • नींद खुलते ही लेखक ने एक स्त्री को अपने पास बैठे देखा।
  • पागल आदमी ने चाबुक से यात्रियों को मारा।
  • पागल आदमी ने पिट्ठू से किताबें निकालकर फेंक दीं।
  • पागल आदमी लेखक के पैर दबाता रहा ।
  • लेखक के हाथ में बीस पैसे का सिक्का रखकर पागल आदमी चला गया।
  • पागल आदमी छोटू को भी साथ ले गया ।

उत्तर :

  • अमृतलाल वेगड ने नर्मदा के किनारे पदयात्रा की।
  • बारिश होने से यात्रियों को पथोड़ा गाँव में ही रुकना पड़ा।
  • पागल आदमी लेखक के पैर दबाता रहा।
  • लेखक के हाथ में बीस पैसे का सिक्का रखकर पागल आदमी चला गया।

पात्रों की विशेषताएँ पहचानें:

इस यात्रावृत्त के प्रसंग में कौन-कौन आपके सामने आते हैं? उनकी विशेषताएँ क्या-क्या हैं? तालिका में लिखें।
रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 1
उत्तर :

पात्र भूमिका विशेषताएँ
अमृतलाल वेगड़ लेखक
  • अपनी यात्राओं का अनुभव लिखने में निपुण ।
  • प्रकृति के प्रति आस्था ।
  • शिक्षक होने के नाते गर्व ।
छोटू लेखक का सहायक
  • स्वामिभक्त
  • मुसीबतों का सामना करना
अपरिचित आदमी विक्षिप्तता से परेशान
  • पागलपन के कारण – अनुचित हरकतें करना ।
  • पुस्तकों एवं शिक्षकों का आदर करना
  • की गई गलतियों को सोचकर फिर पछताना
पडोस का युवक किसान कठिन मेहनत करना ।

अर्थ ढूँढें ।

यात्रावृत्त में इन मुहावरों का प्रयोग कहाँ हुआ है ? वहाँ प्रत्येक मुहावरे का क्या अर्थ मिलता है ?

ऊलजलूल बकना
बेसिर-पैर का सवाल करना
धौंस सहना
गुत्थी सुलझना

उत्तर :

  • लेकिन वह पागल जो था, ऊलजलूल बकने लगा। – बेकार की बातें कहना
  • उसके सवाल बेसिर-पैर के थेऊ – अतार्किक प्रश्न पूछना
  • लाचार हम उसकी धौंस सहते रहे । – धमकी सहना
  • धीरे – धीरे गुत्थी सुलझने लगी। – समस्या का समाधान होना

विशेषण शब्दों को पहचानें:

यात्रावृत्त में विशेषण शब्द युक्त वाक्यों का बहुत प्रयोग हुआ है। ऐसे वाक्य चुनकर लिखें और विशेषण शब्दों को रेखांकित करें।
जैसे:
मुझे जो सम्मान मिला, वह अपूर्व था।
तभी एक विचित्र घटना घटी।
उत्तर :

  • तारे ऐसे लग रहे थे मानो किसी ने आकाश में सफेद तिल बिखेर दिए हों ।
  • सिमटकर घने काले मेघों में परिवर्तित हो रहे थे?
  • फर्श पर बिछाने के लिए एक बहुत बड़ी दरी दी।
  • पैरों के पास की खाली दरी पर एक आदमी गुड़ीपड़ा था।
  • मैं सादे भेष में रहकर चोरों का पता लगाता हूँ। उसके मजबूत हाथों का स्पर्श अनुभव करते ही मैं काँप-सा गया।
  • शिक्षक दिवस के अवसर पर पूरे देश में अनगिनत शिक्षकों का सम्मान किया जाता है।

रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

बातचीत लिखें।
अपरिचित व्यक्ति के जाते ही छोटू ने दरवाज़ा बंद करके उसपर ताला लगा दिया। इस प्रसंग पर
छोटू और लेखक के बीच की बातचीत लिखें ।
उत्तर :
छोटू : अहो भाग्य ? बच गया। अब सो जाएँ।
लेखक : वह कौन होगा?
छोटू : मालूम नहीं। मैं तो डर गया।
लेखक : मैं भी। इसलिए उसके सवालों का उत्तर नहीं दिया।
छोटू : सवाल हैं क्या.? बेसिर……. पैर के ।
लेखक : यदि चाकू उसके हाथ लग गया तो?
छोटू : डेटॉल की शीशी की क्या हालत है …..! देखिए ।
लेखक : पर किताबों को देखकर एकाएक उसका व्यवहार बदल गया। उन्हें खोलकर देखा और ज्यों का त्यों रख दिया।
छोटू : ठीक है…..ठीक है और उसी प्रकार आप को शिक्षक जानकर ही वह शांत हो गया ।
लेखक : इसलिए ही हमें सोने की अनुमति दी। मेरे पैर दबाने क्यों आया वह ?
छोटू : वही कारण, आप शिक्षक हैं न?
लेखक : देखो, मुझे कुछ पैसे भी दिए हैं।
छोटू : पैसे दिए…..!
लेखक : हाँ। देखो बीस पैसे का सिक्का
छोटू : अब आप सो जाइए। सबेरे जाना है न ?
लेखक : ठीक है। सो जाएँ ।

मनपसंद प्रसंग यात्रावृत्त से चुनें। उस प्रसंग पर पटकथा का एक दृश्य लिखें और अभिनय करें ।

हमारा रास्ता चबूतरे से होकर जाता था । हम वहाँ से निकले तो वह वहाँ खड़ा मिला। हमने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया। तभी नीचे उतरकर, घुटनों के बल झुककर उसने मेरे पाँव छुए । “गुरुदेव ! वहुत शर्मिंदा हूँ। क्या करता, दौरा जो पड़ा था ।” उसके चेहरे पर पछतावा था, आँखों में आँसू ।
उत्तर :
स्थानः टेढी – मेढी पगडंडी । रास्ते के किनारे एक मंदिर। मंदिर अभी-अभी बनाया है।
समय: सुबह
पात्र – लेखक अमृतलाल वेगड़ – लगभग 60 साल
छोटू – लेखक का सहायक – लगभग 50 साल पागल आदमी – लगभग 65 साल
वेष – पायजामा और कुर्ता
लेखक और छोटू मंदिर से बाहर आते हैं। वे कुछ दूर के चबुतरे से होकर चलते हैं। छोटू के हाथ में एक बड़ा सूटकेस है। चबूतरे के पास पहुँचते ही पागल आदमी चबूतरे से नीचे उतरकर लेखक के पास आता है। वह घुटनों के बल झुककर लेखक के पाँव छूता है।
आदमी: गुरुदेव ! बहुत शर्मिंदा हूँ। क्या करता, दौरा जो पड़ा था।
(वह रोता है |)
लेखका : भाई उठो। …………. भाई, तुम नहीं जानते कि तुमने गुरुओं का कितना मान बढ़ाया है – किसी एक गुरु का नहीं, तमाम गुरुओं का।
(आदमी हाथ जोड़कर खड़ा होता है, लेखक और छोटू आगे बढ़ते हैं।)

अनुबद्ध कार्य
अपनी किसी यात्रा का विवरण लिखें । कक्षा में सबके विवरणों को जोड़कर ‘यात्रावृत्त संकलन’ प्रकाशित करें ।
താങ്കളുടെ ഒരു യാത്രാവിവരണം എഴുതി അധ്യാ പികയെ ഏൽപ്പിക്കാവുന്നതാണ്. പരസ്പരം മൂല്യ നിർണ്ണയം നടത്തി അവ ഒരു പതിപ്പാക്കാം.
उत्तर :
ഒരു മാതൃക
मेरी पहली रेल – यात्रा
मैं कई बार अपने मित्रों से रेल यात्रा के विषय में सुनता था। परंतु मुझे रेल यात्रा करने का सौभाग्य नहीं मिल सका। मैंने पिताजी से अपनी इच्छा प्रकट की । पिताजी ने कहा – “इस बार गर्मी की छुट्टी में हम दिल्ली जाएँगे।” उन्होंने अपनी बात मान ली। अप्रेल 15 को हम केरला एक्सप्रेस से दिल्ली गए। पिताजी ने पाँच टिकटें पहले ही आरक्षित कर ली थीं। पिताजी. माताजी, दादीजी, छोटी बहन और मैं। हमारी गाड़ी ठीक समय पर चल दी। हमें मार्ग के दृश्य बहुत ही सुंदर लग रहे थे। गाड़ी के अंदर चाय-कॉफी बेचनेवाले, फलवाले आदि आते रहते थे। तीसरे दिन हम दिल्ली पहुँच गए। दिल्ली पहुँचकर पिताजी ने कहा – “दिल्ली भारत का दिल है । ठीक है दिल्ली का बड़ा ऐतिहासिक महत्व है । संसदभवन, राष्ट्रपतिभवन आदि यहाँ है न? माँ ने कहा – आज हम आराम करेंगे। कल घूमने जाएँ। माँ की इस राय से सभी सहमत थे। हम टेक्सी द्वारा टूरिस्ट होम की ओर चले। यह मेरी पहली रेल यात्रा थी।

रैन बसेरे में Extra Questions and Answers

1. निम्नलिखित गद्यांश पढें और प्रश्नों के उत्तर लिखें ।

शिक्षक दिवस के अवसर पर पूरे देश में अनगिनत शिक्षकों का सम्मान किया जाता है। मेरे शहर में मेरा भी कई बार सम्मान हो चुका है। लेकिन उस रात को, भय और आतंक के साये में ही सही, मुझे जो सम्मान मिला, वह अपूर्व था ।

प्रश्न 1.
‘मुझे’ में निहित सर्वनाम कौन-सा है ?
उत्तर :
मैं

प्रश्न 2.
वाक्य पिरामिड की पूर्ति करें ।
रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 2
उत्तर :
रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 3

यात्रा के बीच लेखक अपने सहायक के साथ एक रात मंदिर में ठहरा। उस रात के अपने अनुभवों के बारे में बताते हुए लेखक मित्र के नाम पत्र लिखता है। वह पत्र कल्पना करके लिखें ।
उत्तर :

स्थान,
तारीख

प्रिय मित्र,
कैसे हो…..? मेरी यात्रा जारी है। मौसम ठीक नहीं । वर्षा है। कल मैं छोटू के साथ एक मंदिर में ठहरा। जिस कमरे में हम ठहरे, एक आदमी घुस आया। पागल था। बहुत तंग किया हमें । हमने कभी इतना असहाय अनुभव नहीं किया था। लाचार हम उसकी धौंस सहते रहे। फिर वह समझ गया कि मैं शिक्षक हूँ । यह जानकर वह शांत हो गया। मेरे पैर दबाने लगा। विक्षिप्तता के कारण ही वह ऐसा व्यावहार करता है। क्या करें……….? बेचारा । सुबह हम वहाँ से निकले। ठीक है। मिलेंगे हम। घर में सब सकुशल हैं न……?

आपका मित्र,
अमृतलाल वेगड

सेवा में
घर का पता

रैन बसेरे में Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

2. निम्नलिखित कथांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।

तभी एक विचित्र घटना घटी। अचानक उसने मेरे पैर दबाने शुरु कर दिए। उसके मज़बूत हाथों का स्पर्श अनुभव करते ही मैं काँप – सा गया। एक-एक करके दोनों पैर खूब अच्छी तरह से दबाए। उसमें बड़ी ताकत थी। फिर हाथ दबाए। हाथों की एक-एक उँगली दबाई। हर घडी चिंता बनी रही कि कहीं कोई उँगली चटका न दे। इसके बाद उसने मेरी मुट्ठी खोली, उसमें कुछ रखा, मुट्ठी बंद की और चला गया।

प्रश्न 1.
अपरिचित ने किसके पैर दबाए ?
उत्तर :
लेखक के ।

प्रश्न 2.
आदमी ने लेखक के हाथ में क्या रखा ?
उत्तर :
बीस पैसे का सिक्का

प्रश्न 3.
मान लें, प्रस्तुत घटना को लेखक अपनी डायरी में लिखता है।
– डायरी का वह अंश कल्पना करके लिखें ।
उत्तर :
तारीख
दिन
यात्रा के बीच आज रात एक मंदिर में ठहरा। थकावट के कारण जल्दी ही सो गया। रात में कभी उठा तो देखा मेरी दरी पर एक आदमी पड़ा है। वह बडबडा रहा था। शायद पागल था। थोडी देर बाद वह बाहर गया। लेकिन जल्दी ही वापस आया। हमसे बेसिर-पैर के प्रश्न पूछे। बहुत परेशान किया हमें । छोटू और मैं लाचार उसकी धौंस सहते रहे। उसने मुझसे पूछा – “तुम क्या करते हो? जब उसे पता चला कि मैं एक शिक्षक हूँ, उसका व्यवहार बिलकुल बदल गया । हमें सोने दिया। एक विचित्र घटना घटी। वह मेरे पैर दवाने लगा। फिर हाथ दबाए, हाथों की एक एक उँगली दबाई। फिर मेरी मुट्ठी में बीस पैसे का एक सिक्का रख दिया और बाहर चला गया। मैं जानता हूँ…… एक शिक्षक के प्रति यह उसका आदर था ।

ज़िंदगी का सफ़र Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 1 Chapter 2 ज़िंदगी का सफ़र Zindagi Ka Safar Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi Zindagi Ka Safar Question Answer Notes

ज़िंदगी का सफ़र Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 1 Chapter 2 ज़िंदगी का सफ़र Notes Question Answer

प्रश्न 1.
साहब के आँगन सदा फुहार – यहाँ किस हालत की ओर इशारा किया गया है?
उत्तर :
साहब के घर की समृद्धि की ओर ।

प्रश्न 2.
लाठियाँ बुढ़ापे की
दीखती नहीं – इन पंक्तियों से क्या आशय मिलता है ?
उत्तर :
पिता ने सोचा था कि बुढ़ापे में बच्चे अपना सहारा बनेंगे। लेकिन अब वे उनके साथ नहीं ।

प्रश्न 3.
बर्फीली नगरी में
नेह की आँच – से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
दुखी दिल इस दुनिया में वास्तविक स्नेह की खोज में है। प्रेम न मिलने से उसे पाने की कोशिश जारी रहती है।

ज़िंदगी का सफ़र Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

गतिविधियाँ

‘जिंदगी की चुनौतियाँ’ विषय पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर :
मानव-जीव चुनौतियों से भरा होता है । संसार में ऐसा कोई नहीं है जिसकी जिंदगी में चुनौतियाँ न आती हों। जब कोई भी चुनौती सामने होती है, उसका सामना करना हमारा कर्तव्य है। व्यक्तिगत विकास और मन की शांति के लिए चुनौतियों का सामना करना सीखना है। जीवन में हर चुनौती के साथ एक नया अवसर भी आता है। धैर्य, आत्म-विश्वास, आत्मविश्लेषण, सही निर्णय से हर कठिनाई को पार कर सकते हैं। स्वार्थता से भरी इस दुनिया में समस्याओं की कोई कमी नहीं । अतः जिंदगी में सफलता हासिल करने के लिए चुनौतियों का सामना करना ही पड़ेगा।

മനുഷ്യജീവിതം വെല്ലുവിളികൾ നിറഞ്ഞതാണ്. ജീവിതത്തിൽ വെല്ലുവിളികൾ നേരിടാത്തവരായി ഈ ലോകത്ത് ആരുമില്ല. ഏതു വെല്ലുവിളിയേയും നേരിടേണ്ടത് നമ്മുടെ കടമയാണ്. വ്യക്തിഗത വികാസത്തിനും മനസ്സിന്റെ ശാന്തിക്കും വേണ്ടി വെല്ലുവിളികളെ നേരിടുവാൻ പഠിച്ചിരിക്കണം. ഓരോ വെല്ലുവിളിയോടൊപ്പവും, ഒരു പുതിയ അവസരം കൂടി നമ്മുടെ ജീവിതത്തിലേക്ക് കട ന്നുവരുന്നു. ധൈര്യം, ആത്മവിശ്വാസം, ആത്മപ രിശോധന, ശരിയായ തീരുമാനം – ഇവയിലൂടെ നമുക്ക് മുഴുവൻ പ്രയാസങ്ങളെയും തരണം ചെയ്യു വാൻ സാധിക്കും. സ്വാർത്ഥത നിറഞ്ഞ ഈ ലോകത്ത് പ്രശ്നങ്ങൾക്ക് യാതൊരു കുറവുമില്ല. ആയതിനാൽ ജീവിതത്തിൽ സഫലത
കൈവരി ക്കുന്നതിന് വെല്ലുവിളികളെ നേരിടേണ്ടി വരുക തന്നെ ചെയ്യും.

इस खूबसूरत और विशाल दुनिया में सबसे पहले आप कहाँ जाना चाहेंगे? क्यों ?
उत्तर :
इस खूबसूरत और विशाल दुनिया में सबसे पहले मैं ‘जापान’ जाना चाहूँगा। क्योंकि वहाँ की जनता मेहनती हैं, बुजुर्गों का आदर करनेवाले हैं, विनम्र हैं। टेक्नॉलेजी के विकास में भी वे बहुत आगे हैं। इन सबको प्रत्यक्ष देखना चाहता हूँ।

ज़िंदगी का सफ़र Extra Questions and Answers

निम्नलिखित हाइकु पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखें।

सूखा या बाढ
साहब के आँगन
सदा फुहार

प्रश्न 1.
‘प्रलय’ का समानार्थी शब्द कौन-सा है ?
(सूखा, बाढ़, आँगन,
उत्तर :
बाढ़
फुहार)

ज़िंदगी का सफ़र Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 2.
पंक्तियों का आशय लिखें।
उत्तर :
यह डॉ. सुरंगमा यादव के द्वारा लिखा गया हाइकु है।
सूखा हो या बाढ़ ये दोनों हालतें मानव-जीवन को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। लेकिन इन दोनों हालतों में मालिक के यहाँ खुशहाली की कोई कभी नहीं ।
कुछ लोग ऐसे हैं जो विपरीत परिस्थितियों का सामना करने में समर्थ हैं।

മറ്റു കരണ്ടു हाइकु – വിൽ നിന്നും ഇത്തരം ചോദ്യ ങ്ങൾ ചോദിക്കാവുന്നതാണ്.

खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

Practicing with SCERT Kerala Syllabus 10th Standard Hindi Notes Pdf Download Unit 1 Chapter 1 खिड़की Khidki Questions and Answers Notes improves language skills.

Class 10 Hindi Khidki Question Answer Notes

खिड़की Question Answer Notes

SCERT Class 10 Hindi Unit 1 Chapter 1 खिड़की Notes Question Answer

प्रश्न 1.
ए सी के बजाय जनरल कोच से सफर का आनंद लेना – इसका मतलब क्या हो सकता है ?
(ഓരോ വിദ്യാർത്ഥിയും അവരവരുടെ കാഴ്ച പ്പാടിൽ ഉത്തരം എഴുതേണ്ട ചോദ്യമാണിത്)
ഒരു മാതൃക നോക്കാം.
उत्तर :
पति अकसर ए सी कोच में यात्रा करता है। कोच ए सी हो या जनरल, अपनी विशेषता होती है। वह इस बार जनरल कोच की विशेषताएँ समझना और उसका आनंद लेना चाहता है।

प्रश्न 2.
युवति का गला रुँध जाने का कारण क्या हो सकता है?
उत्तर :
युवति प्रत्येक शॉल के लिए अढाई सौ रुपए माँगती है। दोनों में तोल-मोल होता है और पत्नी सिर्फ सौ रुपए देना चाहती है। यह सुनकर उसे दुख हुआ और गला रुँध गया।

प्रश्न 3.
” वो एक बार में ही डेढ सौ में मान गई । गलती की, थोडा तोल-मोल और करना चाहिए था ! “इस कथन से लोगों के किस मनोभाव का परिचय मिलता है ?
उत्तर :
मनुष्य बहुत कम कीमत पर चीजें पाना चाहता है अत: यह भी एक स्वाभाविक विचार है। युवती यदि एकाएक डेढ सौ में नहीं मानती तो ऐसा विचार नहीं होता।

खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

प्रश्न 4.
उनकी आँखों में भी वही नमी थी, जो आज उस युवती की आँखों में थी । कहानी के पात्र (पति) के पिताजी और उस युवती में कौन-सी समानता हो सक्ती है ?
उत्तर :
दोनों रेलगाड़ी में सामान बेचनेवाले । प्रत्येक दिन, मन की यह चिंता होगी कि आज कुछ बिकेगा कुछ फायदा मिलेगा…..? मन की इस तनाव का असर शरीर पर भी प्रकट होगा। यह समानता दोनों में हो सकती है।

गतिविधियाँ

कहानी पढ़ें और रिक्त स्थान की पूर्ति करें ।
खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 1
उत्तर :
खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 2

नमूने के अनुसार वाक्यों को बदलकर लिखें ।
खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 3
उत्तर :

शादी का बुलावा आया शादी का बुलावा आया था।
पत्नी बातों में मशगूल हो गई । पत्नी बातों में मशगूल हो गई थी।
लड़का बेंच पर बैठा । लड़का बेंच पर बैठा था ।
मीनू बाज़ार की ओर चली । मीनू बाज़ार की ओर चली थी ।
युवती शॉल बेचने आई। युवती शॉल बेचने आई थी।
मैंने पत्नी को इशारा किया। मैंने पत्नी को इशारा किया था ।

रेलगाडी के अनुभव ने पति को अपने पिता की याद दिलाई। उसकी डायरी लिखें।
उत्तर :
तारीख.
दिन
शादी में भाग लेना था होशियारपुर में | परिवार के साथ निकला। इस बार का सफर जनरल कोच में था । एक युवती शॉल बेचने आई, रंग बिरंगी शॉलों का भारी गठर था उसके पास। उसने पत्नी से बातें कीं, प्रत्येक शॉल के लिए अढाई सौ रुपए माँगे । दोनों तोल-मोल करने लगीं। अंत में बिक्री 150 रुपए पर तय हुई | पत्नी ने 5 पीस ले लीं। मुझसे 750 रुपए लेकर युवती चली गई। तोल-मोल के बीच पत्नी ने कहा – ” एक पीस के लिए सौ रुपए । ”
” सौ तो बहुत कम है दीदी” – यह कहते हुए उसकी आँखें भर गई थीं। यह देखकर मुझे पिताजी की याद आई। वे भी रेलगाडी में सामान बेचते थे। जब वे थके- हारे घर आते, तो उनकी आँखों में भी वही नमी थी, जो उस युवती की आँखों में थी ।

कहानी की खिड़की अनेक आशयों का सूचक है। समझाएँ ।
उत्तर :
घर हो या वाहन, खिड़कियों का महत्व है। बच्चे ही नहीं बुजुर्ग भी खिड़की के पास बैठकर गाडियों में सफर करना चाहते हैं। बाहर के खूबसूरत नज़ारे देखकर यात्रा करना आनंददायक है । श्रीमती अंजू खरबंदा ने अपनी लघुकथा का नाम ‘खिडकी’ दिया है । कहानी का मुख्य पात्र जब रेलगाडी की खिड़की से दूर देख रहा था तो उसे अतीत की याद आई। यही विचार कहानी का चरमोत्कर्ष (climax) है।

खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus

कहानी के लिए और एक शीर्षक सुझाएँ । उसका औचित्य भी बताएँ ।
उत्तर :
‘खिड़की’ എന്ന കഥയ്ക്ക് മറ്റൊരു പേര് നിർദ്ദേ ശിക്കുവാനും അതിന്റെ ഔചിത്യമെന്താണെന്ന് പറയുവാനുമാണ് നിർദ്ദേശം. കഥ വായിച്ചു മന സ്സിലാക്കിയ സ്ഥിതിക്ക് മറ്റൊരു പേരിനെക്കുറിച്ച് ……
ഇങ്ങനെയൊരു പേര് നിർദ്ദേശിച്ചാലോ…..

तोल-मोल
व्यापार में तोल-मोल का बड़ा स्थान है। युवती प्रत्येक शॉल के लिए अढ़ाई सौ माँगती है। तोल-मोल के बाद डेढ़ सौ में तय होता है। यदि पहले ही युवती डेढ सौ माँगती तो उसे नहीं मिलता। उसी प्रकार पत्नी यदि तोल-मोल न करती तो उसे डेढ सौ में शॉल नहीं मिलता ।
പരീക്ഷയ്ക്ക് വരാൻ സാധ്യതയുള്ള മറ്റു ചില ചോദ്യങ്ങൾ കൂടി പരിശോധിക്കാം.

SCERT Class 10 Hindi Unit 1 सफ़रों की जुगलबंदी

इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई
हम न सोए रात थककर सो गई – राही मासूम रज़ा

खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 7

‘सफ़रों की जुगलबंदी’ – എന്ന ആദ്യയുണിറ്റിൽ ആകെ മൂന്നു പാംഭാഗങ്ങൾ

‘खिड़की’ എന്ന ലഘു കഥ ആദ്യമായി നമ്മൾ പരിചയപ്പെടുന്ന ഹൈക്കു കവിത कील ‘जिंदगी का सफ़र’।
പിന്നെ യാത്രാവൃത്താന്തം ‘रैन बसेरे में’ ।

ഇങ്ങനെ മൂന്നു പാഠഭാഗങ്ങളാൽ സമ്പുഷ്ടമാണ് ആദ്യയൂണിറ്റ്.
നൽകിയിരിക്കുന്ന റെയിൽവെസ്റ്റേഷൻ പ്ലാറ്റ്ഫോമിന്റെ ചിത്രങ്ങൾ നിരീക്ഷിക്കുകയും, വിവിധങ്ങളായ
ഭാഷാപ്രവർത്തനങ്ങളിൽ ഏർപ്പെടുകയും ചെയ്യാം.
നൽകിയിരിക്കുന്ന കവിതാഭാഗവും വായിക്കുക.

इस सफर में नींद ऐसी खो गई
हम न सोए रात थककर सो गई

ഈ യാത്രയിൽ ഉറക്കം നഷ്ടമായി
നമ്മൾ ഉറങ്ങിയില്ലെങ്കിലും, രാത്രി ക്ഷീണിച്ചുറങ്ങിപ്പോയി.
റയിൽവെ സ്റ്റേഷനിൽ നമ്മൾ കേട്ടു പരിചയിച്ച ഒരു sir (Announcement) ശ്രദ്ധിക്കൂ….

यह उद्घोषणा पढ़ें :
खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 6

यात्रियो कृपया ध्यान दें,
गाड़ी नंबर 16348 तिरुवनंतपुरम से मंगलूर तक जानेवाली तिरुवनंतपुरम-मंगलूर एक्सप्रेस प्लाटफार्म नंबर 2 पर आ रही है।

യാത്രക്കാരുടെ ശ്രദ്ധയ്ക്ക്,
ട്രെയിൻ നമ്പർ 16348 തിരുവനന്തപുരത്തുനിന്നും മംഗലാപുരം വരെ പോകുന്ന തിരുവനന്തപുരം മംഗലാപുരം എക്സ്പ്രസ്സ് പ്ലാറ്റ്ഫോം നമ്പർ രണ്ടിലേക്ക് വന്നു കൊണ്ടിരിക്കുന്നു.

डिब्बे के अंदर के कार्यकलापों की कल्पना करें और अभिनय करके दिखाएँ ।

നമ്മൾ ട്രെയിനിൽ യാത്ര ചെയ്താൽ ബോഗിക്കുള്ളിൽ സാധാരണ ശ്രദ്ധയിൽ പെടാറുള്ള കാര്യ ങ്ങൾ അഭിനയിച്ചു പ്രകടിപ്പിക്കുവാനാണ് നിർദ്ദേശം.
അഭിനയിക്കുന്നതിന് മുൻപ് അത്തരം ചില പ്രവർത്തനങ്ങൾ എഴുതുന്നത് നന്നായിരിക്കും.

चायवाला चाय बेच रहा है।

  • यात्री चाय पी रहा है ।
  • बच्चा खेल रहा है।
  • एक आदमी सो रहा है।
  • औरत अखबार पढ़ रही है।
  • टिकट परीक्षक टिकट का जाँच कर रहा है।
  • युवक फोन कर रहा है।
  • लड़की वीडियो देख रही है।

ज़िंदगी का सफ़र Extra Questions and Answers

1. निम्नलिखित कथांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।

सर्दी हल्की हल्की दस्तक देने लगी थी । इसलिए सोचा चलो इस बार ए सी के बजाय जनरल कोच से सफर का आनंद लिया जाए। पहले बीवी-बच्चे जनरल से जाने पर कुछ नाराज़ हुए, पर फिर थोडी ना-नुकुर बाद मान गए।

प्रश्न 1.
यात्रा का समानार्थी शब्द कौन-सा है ?
(सर्दी, सफ़र, नाराज़, दस्तक )
उत्तर :
सफ़र

प्रश्न 2.
बीवी बच्चों ने पहले जनरल कोच से जाने पर मना किया।
इस प्रसंग में पति, पत्नी और बच्चों के बीच की बातचीत कल्पना करके लिखें।
उत्तर :
पति : इस बार हमारा सफ़र जनरल कोच में है ।
पत्नी : जनरल कोच में! आप क्या कह रहे हैं…..? बच्चों के साथ जनरल कोच में कैसे जा सकते हैं?
बेटा : पिताजी, जनरल कोच में बड़ी भीड़ होगी। हम ए सी में जाएँगे ।
बेटी : ठीक है। ए सी में बड़ा मज़ा आएगा।
पति : सर्दी है न बेटा … । एसी की कोई ज़रूरत नहीं ।
पत्नी : सीट नहीं मिलेगा। आठ घंटे का सफ़र है न ?
पति : सीट तो बुक किया है। इस बार हम जनरल कोच की यात्रा का आनंद लेंगे।
पत्नी : तो ठीक है। इस बार जनरल कोच में · जाएँगे ।

2. लघु कथा का यह अंश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
“दीदी ! जम्मू की शॉल ले लो ! बहुत बढ़िया है!” रंग- बिरंगी शॉलों का भारी गठर उठाए एक साँवली- सलोनी कजरारी आँखोंवाली युवती पत्नी को इसरार करने लगी ।
” कितने की है?”
अढाई सौ की ! ”

प्रश्न 1.
शॉल की क्या – क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
उत्तर :
जम्मू की है, बहुत बढ़िया है और रंग-बिरंगी है।

प्रश्न 2.
प्रत्येक शॉल के लिए युवती कितने रुपए माँगती है ?
उत्तर :
अढाई सौ

प्रश्न 3.
वाक्य पिरमिड की पूर्ति करें ।
खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 4
(युवती, एक शॉल के लिए)
उत्तर :
खिड़की Questions and Answers Notes Class 10 Hindi Kerala Syllabus 5

प्रश्न 4.
मान लें, रेलगाडी के अपने अनुभवों के बारे में बताते हुए पत्नी अपनी सहेली के नाम पत्र लिखती है। वह पत्र कल्पना करके लिखें ।
उत्तर :
स्थान,
तारीख

प्रिय सहेली.
कैसी हो? आशा है तुम सानंद हो। मैं सकुशल हूँ। पिछले हफ्ते ट्रेन से होशियारपुर गई थी । पति और बच्चे भी थे। एक शादी में भाग लेना था। इस बार हमारी यात्रा जनरल कोच में थी । पति ने कहा – ” इस बार ए सी के बजाय जनरल कोच से सफर का आनद लिया जाए ।” शॉल बेचनेवाली एक युवती बोगी में आई। रंग-बिरंगी कई शॉलें थीं उसके पास । मैंने पाँच शॉलें खरीदीं। एक के लिए 150 रुपए । जनरल कोच का यह सफर एक आलग अनुभव था। कल शाम को हम लौट आए।

माँ-बाप कैसे हैं? आशा है, पति और बच्चे भी सकुशल हैं। सबको मेरा नमस्कार ।

तुम्हारी सहेली,
हस्ताक्षर
नाम

सेवा में
नाम
पता

A Piece of String Summary in Malayalam English Class 10

Students often refer to Kerala Syllabus 10th Standard English Textbook Solutions and Class 10 English A Piece of String Summary in Malayalam & English Medium before discussing the text in class.

Class 10 English A Piece of String Summary

A Piece of String Summary in English

Along all the roads around Goderville the peasants and their wives were coming to the town because it was market day. Some led a cow or a calf by a cord. Their wives walked behind the animal. They whipped it with a leafy branch to hasten its progress. In the public square of Goderville there was a crowd, a throng of human beings and animals.

Hauchecome had just arrived at Goderville. He was walking towards the public square. Then he saw a little piece of string on the ground. He thought that everything useful ought to be picked up. He took the bit of thin cord from the ground. He began to roll it carefully. Then he noticed Malandain, on the threshold of his door, looking at him. They were on bad terms with each other. Hauchecome was seized with shame to be seen thus by his enemy. He concealed his “find” in his trousers’ pocket. He pretended to be looking on the ground for something else. Then he went toward the market.

He was soon lost in the noisy crowd. Soon the square was deserted. At the tavern, the great hall was full of people eating. An appetizing odour of roast meat rose from the hearth. It made everybody’s mouth water. The dishes were passed and emptied. So were the jugs of cider. The peasants talked about their crops and their purchases and sales. The weather was favourable for the green things but not for the wheat.

Suddenly the drum beat in the courtyard outside the tavern. Everybody rose, except a few, and ran to the door or to the windows, their mouths still full. After the public crier had ceased his drumbeating he called out in a jerky voice: “It is hereby made known to the inhabitants of Goderville, and to all persons present at the market. There was lost this morning between nine and ten o’clock, a black leather pocketbook containing five hundred francs and some business papers. The finder is requested to return the same with all haste to the mayor’s office. There will be twenty francs reward.

Then the man went away. The peasants began to talk of this event. They discussed the chances of finding or not finding the pocketbook. They were finishing their coffee when a chief of the gendarmes appeared. He inquired: “Is Hauchecome here?” Hauchecome, seated at the other end of the table, replied: “Here I am.” And the officer resumed: “Mr. Hauchecome, will you accompany me to the mayor’s office? The mayor would like to talk to you.” The peasant, surprised and disturbed, set out repeating ‘Here I am, here I am.”

The mayor was waiting for them. He was a stout, serious man who spoke in pompous phrases. He said, “Mr. Hauchecome, you were seen this morning to pick up, on the road, the lost pocketbook.

Hauchecome was astounded. He looked at the mayor. He was terrified by this suspicion resting on him. “Me? Me? Me pick up the pocketbook?” “Yes, you yourself.” “Word of honour, I never heard of it.”

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus

“But you were seen.”
“I was seen, me?
Who says he saw me?”
“Mr. Malandain, the harness maker.”
The old man remembered, understood and flushed with anger.

“Ah, he saw me. He saw me pick up this string here, Your Honour. He drew out the little piece of string from his pocket. But the mayor, incredulous, shook his head. “You will not make me believe, Mr. Hauchecome, that Mr. Malandain, who is a man worthy of credence, mistook this cord for a pocketbook.” The good old man choked with indignation and fear. “How anyone can tell such lies to take away an honest man’s reputation!”

There was no use in his protesting. Nobody believed him. He was confronted with Malandain, who repeated and maintained his affirmation. They abused each other for an hour. At his own request Hauchecome was searched. Nothing was found on him. Finally the mayor, very much perplexed, discharged him. As he left the mayor’s office the old man was surrounded by the villagers. He began to tell the story of the string. No one believed him. They laughed at him.

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus 1

He went along, stopping his friends, showing his pockets turned inside out to prove that he had nothing. They said: “Old rascal, get out!”

The next day about one o’clock in the afternoon an employee in a shop returned the pocketbook. He said he found it in the road. He did not know how to read. He had given it to his employer. The news spread through the neighbourhood. Hauchecome was informed of it. He immediately began to recount his story with its happy climax. He was in triumph. He talked of his adventure all day long. He told it on the highway to people who were passing by, in the wine-shop to people who were drinking there and to persons coming out of church the following Sunday. He stopped strangers to tell them about it.

He was calm now, and yet something disturbed him. People had the air of joking while they listened. They did not seem convinced. He seemed to feel that remarks were being made behind his back.

The next Tuesday he went to the market at Goderville just to discuss the case. Malandain, standing at his door, began to laugh on seeing him pass. When he was seated at the table in the tavern he began to explain the affair. A horse man called to him: “Come, come, old fellow, that’s an old trick; I know all about your piece of string!” Hauchecome stammered: “But since the pocketbook was found.” But the other man replied: “Shut up, there is one that finds and one that reports. At any rate you are mixed with it.”

The peasant stood choking. He understood. They accused him of having had the pocketbook returned by a confederate, by an accomplice. He tried to protest. All the people began to laugh. He could not finish his dinner and went away in the midst of jeers. He went home ashamed and indignant, choking with anger and confusion. His innocence was impossible to prove. He was stricken to the heart by the injustice of the suspicion. Then he began to recount the adventures again, prolonging his history every day. Each time he added new reasons, more energetic protestations, more solemn oaths.

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus 2

“Those are lying excuses,” they said behind his back. The people now made him talk about the string to amuse them. His mind, touched to the depth, began to weaken. Toward the end of December he took to his bed. He died in the first days of January, and in the delirium of his death struggles he kept claiming his innocence, reiterating: “A piece of string, a piece of string. Look, here it is, Your Honour, the Mayor.”

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus

A Piece of String Summary in Malayalam

ഗോഡർവില്ലെയ്ക്ക് ചുറ്റുമുള്ള എല്ലാ റോഡുകളിലും കർഷകരും അവരുടെ ഭാര്യമാരും മാർക്കറ്റ് ദിനമാ യതിനാൽ പട്ടണത്തിലേക്ക് വരികയായിരുന്നു. ചിലർ ഒരു പശുവിനെയോ കാളക്കുട്ടിയെയോ ഒരു ചര ടിൽ പിടിച്ചു കൊണ്ടുപോകുന്നു. അവരുടെ ഭാര്യമാർ മൃഗത്തിന്റെ പിന്നിൽ നടക്കുന്നു. അതിന്റെ പുരോ ഗതി വേഗത്തിലാക്കാൻ അവർ ഒരു കമ്പുകൊണ്ട് അതിനെ അടിച്ചു. ഗോഡർ വില്ലയിലെ പൊതുസ്വയ റിൽ ഒരു ജനക്കൂട്ടം ഉണ്ടായിരുന്നു. മനുഷ്യരും മൃഗങ്ങളും നിറഞ്ഞ ഒരു കൂട്ടം.

ഹൗഷെകോം ഗോഡർ വില്ലയിൽ എത്തിയിരുന്നു. അദ്ദേഹം പൊതു സ്ക്വയറിലേക്ക് നടക്കുകയായിരു ന്നു. പിന്നെ നിലത്ത് ഒരു ചെറിയ നൂൽക്കഷണം കണ്ടു. ഉപയോഗപ്രദമായ എല്ലാം എടുക്കണമെന്ന് അദ്ദേഹം കരുതി. നിലത്തു നിന്ന് നേർത്ത ചരടിന്റെ കഷണം എടുത്തു. അദ്ദേഹം അത് ശ്രദ്ധാപൂർവ്വം ചുറ്റാൻ തുടങ്ങി. പിന്നെ അയാൾ അയാളുടെ വാതിലിന്റെ ഉമ്മറത്ത് നിന്ന് മലാൻഡെയ്ൻ തന്നെ നോക്കു ന്നത് കണ്ടു. അവർ പരസ്പരം മോശമായാണ് പെരുമാറിയിരുന്നത്. ശത്രുവിന് തന്നെ ഇങ്ങനെ കാണാൻ EXAM POINT

കഴിഞ്ഞതിൽ ഹൗഷെകോമിന് നാണക്കേട് തോന്നി. അയാൾ തന്റെ “കണ്ടെത്തൽ തന്റെ ട്രൗസറിന്റെ പോക്കറ്റിൽ ഒളിപ്പിച്ചു. മറ്റെന്തോ നിലത്ത് നോക്കുന്നതായി നടിച്ചു. പിന്നെ അയാൾ മാർക്കറ്റിലേക്ക് പോയി.

ബഹളമയമായ ആൾക്കൂട്ടത്തിൽ അയാൾ പെട്ടെന്ന് തന്നെ ഒത്തുചേർന്നു. താമസിയാതെ ചത്വരം വിജന മായി. മദ്യശാലയിലെ വലിയ ഹാൾ ഭക്ഷണം കഴിക്കുന്നവരെക്കൊണ്ട് നിറഞ്ഞു. അടുപ്പിൽ നിന്ന് വറുത്ത മാംസത്തിന്റെ ഒരു രുചികരമായ ഗന്ധം ഉയർന്നു. അത് എല്ലാവരുടെയും വായിൽ വെള്ളമൂറ്റി. ഭക്ഷണം നിറച്ച പാത്രങ്ങൾ വേഗം വേഗം കാലിയാക്കി. സൈഡർ കുടങ്ങളും അങ്ങനെ തന്നെയായിരുന്നു. കർഷ കർ അവരുടെ വിളകളെക്കുറിച്ചും വാങ്ങലുകളെക്കുറിച്ചും വിൽപ്പനകളെക്കുറിച്ചും സംസാരിച്ചു. കാലാ വസ്ഥ പച്ചക്കറികൾക്ക് അനുകൂലമായിരുന്നു. പക്ഷേ ഗോതമ്പിന് അനുകൂലമായിരുന്നില്ല.

” പെട്ടെന്ന് മദ്യശാലയ്ക്ക് പുറത്തുള്ള മുറ്റത്ത് ഡം മുഴങ്ങി. ചുരുക്കം ചിലരൊഴികെ എല്ലാവരും എഴുന്നേറ്റു വാതിലിലേക്കോ ജനാലകളിലേക്കോ ഓടി. അവരുടെ വായ ഭക്ഷണം കൊണ്ട് ഇപ്പോഴും നിറഞ്ഞിരുന്നു. വിളംബരം ചെയ്യുന്നയാൾ ഡ്രം അടിക്കുന്നത് നിർത്തിയതിനുശേഷം, ഒരു വിറയലോടെ വിളിച്ചു പറഞ്ഞു. “ഈ അറിയിപ്പ് ഗോഡർ വില്ലെ നിവാസികൾക്കും മാർക്കറ്റിൽ ഉള്ള മറ്റെല്ലാവർക്കും വേണ്ടിയാണ്. ഇന്ന് രാവിലെ ഒമ്പതിനും പത്ത് മണിക്കും ഇടയിൽ അഞ്ഞൂറ് ഫ്രാങ്കുകളും ചില ബിസിനസ്സ് പേപ്പറുകളും അട ങ്ങിയ ഒരു കറുത്ത തുകൽ പോക്കറ്റ് ബുക്ക് നഷ്ടപ്പെട്ടു. അത് കണ്ടെത്തുന്നയാൾ അത് തിടുക്കത്തിൽ മേയറുടെ ഓഫീസിലേക്ക് തിരികെ നൽകാൻ അഭ്യർത്ഥിക്കുന്നു. ഇരുപത് ഫ്രാങ്ക് പ്രതിഫലം ലഭിക്കും.

വിളംബരം കഴിഞ്ഞ് ആ മനുഷ്യൻ പോയി. കർഷകർ ഈ സംഭവത്തെക്കുറിച്ച് സംസാരിക്കാൻ തുടങ്ങി. പോക്കറ്റ് ബുക്ക് കണ്ടെത്താനോ കണ്ടെത്താതിരിക്കാനോ ഉള്ള സാധ്യതകളെക്കുറിച്ച് അവർ ചർച്ച ചെയ്തു. അവർ കാപ്പി കുടിക്കാൻ തുടങ്ങിയപ്പോൾ ഒരു പൊലീസ് മേധാവി പ്രത്യക്ഷപ്പെട്ടു. അദ്ദേഹം അന്വേഷിച്ചു. “ഹൗഷെകോം ഇവിടെയുണ്ടോ?” മേശയുടെ മറുവശത്ത് ഇരുന്ന ഹൗഷെകോം മറുപടി പറഞ്ഞു. “ഞാൻ

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus 3

ഇതാ, ഓഫീസർ പുനരാരംഭിച്ചു. “മിസ്റ്റർ ഹൗഷെകോം, നിങ്ങളെ ഞാൻ മേയറുടെ ഓഫീസിലേക്ക് കൊണ്ടുപോകുകയാണ്. മേയർ നിങ്ങളോട് സംസാരിക്കാൻ ആഗ്രഹിക്കുന്നു.” ആശ്ചര്യപ്പെടുകയും അസ്വ സ്ഥനാകുകയും ചെയ്ത കർഷകൻ. “ഞാൻ ഇതാ വരുന്നു, ഞാൻ ഇതാ വരുന്നു’. എന്ന് ആവർത്തിച്ച് പറ ഞ്ഞുകൊണ്ട് പുറത്തേക്ക് പോയി.

” മേയർ കാത്തിരിക്കുകയായിരുന്നു. അദ്ദേഹം ഒരു തടിച്ച ഗൗരവമുള്ള മനുഷ്യനായിരുന്നു. ആഡംബര പൂർണ്ണമായ വാക്കുകളിൽ ആണ് അദ്ദേഹം സംസാരിച്ചത്. അദ്ദേഹം പറഞ്ഞു. “മിസ്റ്റർ ഹൗഷെകോം, ഇന്ന് രാവിലെ വഴിയിൽ നഷ്ടപ്പെട്ട പോക്കറ്റ് ബുക്ക് നിങ്ങൾ എടുക്കുന്നതു ഒരാൾ കണ്ടു.

ഹൗഷെകോം അത്ഭുതപ്പെട്ടു, അദ്ദേഹം മേയറെ നോക്കി. തന്റെ മേലുള്ള ഈ സംശയത്തിൽ അദ്ദേഹം ഭയ ന്നു. “ഞാനോ? ഞാൻ പോക്കറ്റ് ബുക്ക് എടുത്തെന്നോ?, “അതെ, നീ തന്നെ.

സാറേ, ഞാൻ അതിനെക്കുറിച്ച് കേട്ടിട്ടുപോലുമില്ല.

“പക്ഷേ നിങ്ങൾ അത് എടുക്കുന്നത് ഒരാൾ കണ്ടു.
“എന്നെ കണ്ടു, എന്റെ
അവൻ എന്നെ കണ്ടെന്ന് ആരാണ് പറഞ്ഞത്?
“മിസ്റ്റർ മലാൻഡെയ്ൻ, ഹാർനെസ് നിർമ്മാതാവ്
വൃദ്ധൻ ഓർത്തു, അയാൾ കാര്യങ്ങൾ മനസ്സിലാക്കി, കോപം കൊണ്ട് മുഖം ചുവന്നു.

“ആഹാ, അവൻ എന്നെ കണ്ടു. ഞാൻ ഈ ചരട് അവിടെ നിന്ന് എടുക്കുന്നത് അവൻ കണ്ടു. യുവർ ഓണർ’ അയാൾ പോക്കറ്റിൽ നിന്ന് ആ ചെറിയ ചരട് പുറത്തെടുത്തു.

പക്ഷേ മേയർ അവിശ്വസനീയതയോടെ തലയാട്ടി. “മിസ്റ്റർ ഹൗഷെകോം, വിശ്വസിപ്പിക്കാൻ യോഗ്യനായ ഒരു മനുഷ്യനായ മിസ്റ്റർ മലാൻഡെയ്ൻ ഈ ചരട് ഒരു പോക്കറ്റ് ബുക്കായി തെറ്റിദ്ധരിച്ചുവെന്ന് നിങ്ങൾക്ക് എന്നെ വിശ്വസിപ്പിക്കാൻ പറ്റില്ല.” ആ നല്ല വൃദ്ധന് കോപവും ഭയവും കൊണ്ട് ശ്വാസം മുട്ടി. “സത്യസന്ധ നായ ഒരു മനുഷ്യന്റെ സൽപ്പേര് കവർന്നെടുക്കാൻ ആർക്കെങ്കിലും എങ്ങനെയാണ് ഇത്തരം നുണകൾ പറയാൻ കഴിയുക!”

അദ്ദേഹത്തിന്റെ പ്രതിഷേധത്തിന് ഒരു പ്രയോജനവുമില്ലായിരുന്നു. ആരും അദ്ദേഹത്തെ വിശ്വസിച്ചില്ല. അദ്ദേഹത്തിന് മലാൻഡെ നേരിടേണ്ടി വന്നു. അയാൾ തന്റെ പ്രസ്താവന ആവർത്തിച്ചു. അവർ ഒരു മണിക്കൂറോളം പരസ്പരം അധിക്ഷേപിച്ചു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ അഭ്യർത്ഥനപ്രകാരം ഹൗഷെകോമിനെ മേയർ പരിശോധിച്ചു. അദ്ദേഹത്തിൽ നിന്ന് ഒന്നും കണ്ടെത്തിയില്ല. ഒടുവിൽ മേയർ വളരെയധികം ആശയക്കുഴ പ്പത്തിലായി. ഒടുവിൽ ഗത്യന്തരമില്ലാതെ അദ്ദേഹത്തെ ഡിസ്ചാർജ്ജ് ചെയ്തു. മേയറുടെ ഓഫീസിൽ നിന്ന് പുറത്തുപോകുമ്പോൾ വൃദ്ധനെ ഗ്രാമവാസികൾ വളഞ്ഞു. അദ്ദേഹം ചരടിന്റെ കഥ പറയാൻ തുട ങ്ങി. ആരും അദ്ദേഹത്തെ വിശ്വസിച്ചില്ല. അവർ അയാളെ നോക്കി കളിയാക്കി ചിരിച്ചു.

തന്റെ പക്കൽ ഒന്നുമില്ലെന്ന് തെളിയിക്കാൻ അയാൾ പോക്കറ്റുകൾ പുറത്തേക്ക് വലിച്ചിട്ട് സുഹൃത്തു ക്കളെ തടഞ്ഞുനിർത്തി, കാണിച്ചു. അയാൾ പോയപ്പോൾ അവർ പറഞ്ഞു. പഴയ തെമ്മാടി, പുറത്തുക ടക്കൂ!

പിറ്റേന്ന് ഉച്ചയ്ക്ക് ഒരു മണിയോടെ ഒരു കടയിലെ ഒരു ജീവനക്കാരൻ പോക്കറ്റ് ബുക്ക് തിരികെ നൽകി. റോഡിൽ നിന്ന് അത് കണ്ടെത്തിയതായി അവൻ പറഞ്ഞു. അവന് വായിക്കാൻ അറിയില്ലായിരുന്നു. അവൻ അത് തന്റെ തൊഴിലുടമയ്ക്ക് നൽകി. വാർത്ത അയൽപക്കത്ത് എല്ലായിടത്തും പരന്നു. ഹൗഷെകോം വിവരം അറിഞ്ഞു. ഉടൻ തന്നെ അദ്ദേഹം തന്റെ കഥ അതിന്റെ സന്തോഷകരമായ പാരമ്യത്തിൽ വിവരി ക്കാൻ തുടങ്ങി. അദ്ദേഹം വിജയത്തിലായിരുന്നു. ദിവസം മുഴുവൻ അദ്ദേഹം തന്റെ സാഹസികതയെക്കു റിച്ച് സംസാരിച്ചു. വഴിയിൽ വെച്ച് അതുവഴി പോയവരോടും, വൈൻ ഷോപ്പിൽ മദ്യപിച്ചുകൊണ്ടിരുന്നവ രോടും, അടുത്ത ഞായറാഴ്ച പള്ളിയിൽ നിന്ന് ഇറങ്ങി വന്നവരോടും അയാൾ തന്റെ കഥ പറഞ്ഞു. അപ രിചിതരെ ഇക്കാര്യം പറയാൻ അയാൾ പിടിച്ചു നിർത്തി.

ഇപ്പോൾ അയാൾ ശാന്തനായിരുന്നു. എന്നിട്ടും എന്തോ ഒന്ന് അവനെ അസ്വസ്ഥനാക്കി. ആളുകൾ കേട്ടു കൊണ്ടിരിക്കുമ്പോൾ തമാശ പറയുന്ന അന്തരീക്ഷമായിരുന്നു. അവർക്ക് അയാളുടെ സത്യാവസ്ഥ ബോധ്യ പ്പെട്ടതായി തോന്നുന്നില്ല. പിന്നിൽ നിന്ന് ചില പരാമർശങ്ങൾ നടക്കുന്നുണ്ടെന്ന് അയാൾക്ക് തോന്നി.

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus

അടുത്ത ചൊവ്വാഴ്ച കേസ് ചർച്ച ചെയ്യാൻ വേണ്ടി അദ്ദേഹം ഗോഡർ വില്ലയിലെ മാർക്കറ്റിലേക്ക് പോയി. തന്റെ വാതിൽക്കൽ നിന്നിരുന്ന മലാൻഡെയ്ൻ, അവൻ കടന്നുപോകുന്നത് കണ്ട് ചിരിക്കാൻ തുടങ്ങി. മദ്യശാലയിലെ മേശയിലിരുന്ന് അയാൾ കാര്യം വിശദീകരിക്കാൻ തുടങ്ങി. ഒരു കുതിരക്കാരൻ, അവനെ വിളിച്ചു പറഞ്ഞു. എടോ മനുഷ്യാ, അതൊരു പഴയ തന്ത്രമാണ്; നിങ്ങളുടെ ചരടിനെക്കുറിച്ച് എനിക്കറിയാം! ഹൗഷെകോം ഇടറി; “പക്ഷേ പോക്കറ്റ് ബുക്ക് കണ്ടെത്തിയല്ലോ. എന്നാൽ മറ്റേയാൾ മറുപടി പറഞ്ഞു. “മിണ്ടാതിരിക്കൂ, കണ്ടെത്തുന്നവനും റിപ്പോർട്ട് ചെയ്യുന്നവനും ഒക്കെ ഉണ്ട്. എന്തായാലും നിങ്ങൾ അതിൽ പങ്കാളിയാണ്.

A Piece of String Summary Class 10 English Kerala Syllabus 4

കർഷകൻ ശ്വാസം മുട്ടി നിന്നു. അയാൾക്ക് മനസ്സിലായി. പോക്കറ്റ് ബുക്ക് ഒരു കൂട്ടാളിയെക്കൊണ്ട് തിരികെ നൽകിച്ചതാണെന്നും പറഞ്ഞ് അവർ അവനെ കുറ്റപ്പെടുത്തി. അയാൾ പ്രതിഷേധിക്കാൻ ശ്രമിച്ചു. എല്ലാ വരും ചിരിക്കാൻ തുടങ്ങി. തന്റെ അത്താഴം പോലും പൂർത്തിയാക്കാൻ കഴിയാതെ പരിഹാസങ്ങൾക്കിട യിൽ അയാൾ പോയി. അയാൾ ലജ്ജയോടെയും ദേഷ്യത്തോടെയും വീട്ടിലേക്ക് പോയി. കോപവും ആശയക്കുഴപ്പവും കൊണ്ട് അയാൾക്ക് ശ്വാസം മുട്ടി. അവന്റെ നിരപരാധിത്വം തെളിയിക്കാൻ അയാൾക്കു കഴിഞ്ഞില്ല. സംശയത്തിന്റെ മുന അവന്റെ ഹൃദയത്തിൽ കുത്തി മുറിവേൽപ്പിച്ചു. പിന്നെ അയാൾ വീണ്ടും നടന്ന കാര്യങ്ങൾ വിവരിക്കാൻ തുടങ്ങി, ഓരോ ദിവസവും തന്റെ ചരിത്രം നീട്ടിക്കൊണ്ടുപോയി ഓരോ തവണയും അവൻ പുതിയ കാരണങ്ങൾ, കൂടുതൽ ഊർജ്ജസ്വലമായ പ്രതിഷേധങ്ങൾ, കൂടുതൽ ഗൗര വമേറിയ ശപഥങ്ങൾ എന്നിവ വിവരണത്തോടു ചേർത്തു.

“അതൊക്കെ കള്ള ന്യായീകരണങ്ങളാണ്.” അവർ അവന്റെ പിന്നിൽ നിന്ന് പറഞ്ഞു. ആളുകൾ ഇപ്പോൾ അവനെക്കൊണ്ട് കയറിനെ കുറിച്ച് സംസാരിപ്പിച്ചു. അവരെ രസിപ്പിക്കാൻ, അവന്റെ സങ്കടം മനസ്സിനെ ആഴത്തിൽ സ്പർശിച്ചു. അയാൾ ദുർബലനാകൻ തുടങ്ങി. ഡിസംബർ അവസാനത്തോടെ അയാൾ അസുഖം പിടിച്ച് കിടക്കയിലേക്ക് വീണു. ജനുവരിയിലെ ആദ്യ ദിവസങ്ങളിൽ അദ്ദേഹം മരിച്ചു. മരണ പോരാട്ടങ്ങളുടെ അവസാനത്തിൽ അയാൾ പറഞ്ഞു. “ഒരു കഷണം ചരട്, ഒരു കഷണം ചരട്. നോക്കൂ! ഇതാ, യുവർ ഓണർ, മേയർ.

Class 10 English A Piece of String by Guy de Maupassant About the Author

Guy de Maupassant (1850-1893) was a French author. He is famous for his short stories. He has written over 300 short stories, 6 novels 3 travelogues, and a collection of verse. “The Diamond Necklace” is one of his best known stories.

ഗൈ ഡി മൗപാസാന്റ് (1850-1893) ഒരു ഫ്രഞ്ച് എഴുത്തുകാരനായിരുന്നു. ചെറുകഥകൾക്ക് പേരു കേട്ടയാളാണ് അദ്ദേഹം. 300-ലധികം ചെറുകഥകളും 6 നോവലുകളും 3 യാത്രാവിവരണങ്ങളും ഒരു കവിതാസമാഹാരവും അദ്ദേഹം എഴുതിയിട്ടുണ്ട്. “ദി ഡയമണ്ട് നെക്ലേസ് ‘ അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഏറ്റവും അറിയപ്പെടുന്ന കഥകളിൽ ഒന്നാണ്.

Class 10 English A Piece of String Vocabulary

  • string – thread, cord,നൂൽ, ചരട്
  • whipped – beat, ചാട്ടകൊണ്ടടിക്കുക
  • threshold – entrance, വാതിൽപ്പടി
  • concealed – hid, ഒളിപ്പിച്ചു വച്ചു
  • tavern – an inn; pub, സത്രം, ചെറിയ ഹോട്ടൽ
  • appetising – stimulating the desire for food, ഭക്ഷണത്തിന് ആഗ്രഹമുണ്ടാക്കുക
  • hearth – the floor of a fireplace, അടുപ്പ്
  • jerky – not steady, സ്ഥിരതയില്ലാത്ത
  • francs – French money, ഫ്രഞ്ച് പണം
  • gendarmes – a police officer, പൊലീസ് ഓഫീസർ
  • pompous – showy, പൊങ്ങച്ചം കാണിക്കുന്ന
  • astounded – surprised, അതിശയിച്ചു
  • flushed – red and hot, ചുവന്നുതുടുത്തിരിക്കുന്ന
  • rummaging – search unsystematically and untidily through something,വാരിവലിച്ചുനോക്കുക
  • incredulous – unbelieving, വിശ്വസിക്കാൻ പറ്റാത്ത
  • credence – faith, വിശ്വാസം
  • indignation – anger, ദേഷ്യം
  • reputation – fame, good name , സൽപ്പേര്
  • recount – tell again, വീണ്ടും പറയുക
  • stammered – spoke with difficulty, വിക്കിവിക്കി പറയുക
  • accomplice – partner in a crime, കുറ്റവാളിയെ സഹായിക്കുന്നയാൾ
  • indignant – angry, ദേഷ്യപ്പെടുക
  • solemn – serious, ഗൗരവമായ
  • delirium – a disturbed state of mind, അസ്ഥസ്ഥമായ മനസ്സ്
  • reiterating – repeating , ഉറപ്പിച്ചുപറയുക

War Summary in Malayalam English Class 10

Students often refer to Kerala Syllabus 10th Standard English Textbook Solutions and Class 10 English War Summary in Malayalam & English Medium before discussing the text in class.

Class 10 English War Summary

War Summary in English

The passengers had left Rome by the night express. They had to stop until dawn at the small station of Fabriano. From there they are to continue their journey by the small old-fashioned local train to Sulmona.

At dawn the local train came. Five people had already spent the night in a stuffy and smoky second- class carriage. A stout woman in deep mourning was hoisted in. Behind her came her husband puffing and moaning. He was a tiny man, thin and weakly, His face was death-white. His eyes were small and bright and looked shy and uneasy.

Having at last taken a seat, he politely thanked the passengers who had helped his wife and who had made room for her. Then he turned round to his wife and asked her if she was alright. She, instead of answering, pulled up her collar of her coat to hide her face. “Nasty world,” muttered the husband with a sad smile.

He felt it his duty to explain to his travelling companions that the poor woman was to be pitied. The war was taking away her only son, a boy of twenty. Both of them had devoted their entire life to him. They even left their home at Sulmona to follow him to Rome, where he had to go as a student. They allowed him to volunteer for war with an assurance that for at least six months he would not be sent to the front. But now, all of a sudden, they received a telegram saying that he was due to leave in three days’ time. They were asked to go and see him off.

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus 1

The woman was twisting and wriggling, at times growling like a wild animal. She felt certain that all those explanations would not have aroused even a shadow of sympathy from those people. Most likely they too were in the same plight as herself. One of them, who had been listening with particular attention, said: “You should thank God that your son is only leaving now for the front. Mine has been sent there the first day of the war. He has already come back twice wounded and been sent back again to the front.”

“What about me? I have two sons and three nephews at the front,” said another passenger.

“Maybe, but in our case it is our only son,” said the husband.

“What difference can it make? You may spoil your only son by excessive attentions. But you cannot love him more than you would all your other children if you had many. Parental love is not like bread that can be broken to pieces and split amongst the children in equal shares. A father gives all his love to each one of his children without discrimination, whether it be one or ten, and if I am suffering now for my two sons, I am not suffering half for each of them but double.”

“True… true…” said the embarrassed husband, “but suppose (of course we all hope it will never be your case) a father has two sons at the front and he loses one of them, there is still one left to console him.”

“Yes,” answered the other, getting angry. “A son left to console him but also a son left for whom he must survive. In the case of the father of an only son if the son dies the father can die too and put an end to his distress. Which of the two positions is worse? Don’t you see how my case would be worse than yours?”

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus

“Nonsense,” interrupted another traveller, a fat, red-faced man with bloodshot eyes of the palest gray. He was panting. From his bulging eyes seemed to spurt inner violence of an uncontrolled vitality which his weakened body could hardly contain. “Nonsense,” he repeated, trying to cover his mouth with his hand so as to hide the two missing front teeth. “Nonsense. Do we give life to our own children for our own benefit?”

The other travellers stared at him in distress. The one who had his son at the front since the first day of the war said: “You are right. Our children do not belong to us. They belong to the country.”

“Bosh,” retorted the fat traveller. “Do we think of the country when we give life to our children? Our sons are born because…well, because they must be born and when they come to life they take our own life with them. This is the truth. We belong to them but they never belong to us. When they reach twenty they are exactly what we were at their age. We too had a father and mother, but there were so many other things as well…girls, cigarettes, illusions, new ties…and the Country, of course. We would have answered the country’s call even if father and mother had said no. Now, at our age, the love of our Country is still great, of course, but stronger than it is the love of our children. Is there any one of us here who wouldn’t gladly take his son’s place at the front if he could?”

There was a silence all round, everybody nodding as to approve.
The fat man continued: “Isn’t it natural that at their age they should consider the love for their Country even greater than the love for us? If Country is a natural necessity like bread of which each of us must eat in order not to die of hunger, somebody must go to defend it. And our sons go, when they are twenty, and they don’t want tears, because if they die, they die happy.

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus 2

Everyone should stop crying; everyone should laugh, as I do…or at least thank God—as I do— because my son, before dying, sent me a message. He was dying satisfied at having ended his life in the best way he could have wished. That is why, as you see, I do not even wear mourning.”

He shook his light fawn coat as if to show it. His livid lip over his missing teeth was trembling. His eyes were watery and motionless. Soon he ended with a shrill laugh which might well have been a sob.

“Quite so…quite so…” agreed the others.
“cooles…………
The woman had be)………..

sitting and listening. For the last three months she had been trying to find in the words of her husband and her friends something to console her in her deep sorrow. She wanted something that might show her how a mother should send her son to a probable danger of life. Her grief had been greater in seeing that nobody could share her feelings.

But now the words of the traveller amazed and almost stunned her. She suddenly realized that it wasn’t the others who were wrong but herself. It was she who could not rise up to the same height of those fathers and mothers willing to resign themselves, without crying, not only to the departure of their sons but even to their death.

She lifted her head. She bent over from her corner trying to listen with great attention to the details which the fat man was giving to his companions about the way his son had fallen as a hero, for his King and his Country, happy and without regrets. It seemed to her that she had stumbled into a world so far unknown to her. She was so pleased to hear everyone joining in congratulating that brave father who could so stoically speak of his child’s death.

Then suddenly, just as if she had heard nothing of what had been said and almost as if waking up from a dream, she turned to the old man, asking him: “Then… is your son really dead?”

Everyone stared at her. The old man, too, turned to look at her, fixing his great, bulging, horribly watery light gray eyes, deep in her face. For some time he tried to answer, but words failed him. He looked and looked at her, almost as if only then-at that silly, incongruous question he had suddenly realized at last that his son was really dead – gone for ever – for ever. His face contracted, became horribly distorted, then he snatched in haste a handkerchief from his pocket and, to the amazement of everyone, broke into harrowing, heart-breaking, uncontrollable sobs.

War Summary in Malayalam

യാത്രക്കാർ രാത്രി എക്സ്പ്രസിൽ റോമിൽ നിന്ന് പുറപ്പെട്ടു. ഫാബിയാനോയിലെ ചെറിയ സ്റ്റേഷനിൽ പുലരുവോളം അവർക്ക് ചിലവഴിക്കേണ്ടി വന്നു. അവിടെ നിന്ന് സുൽമോണയിലേക്കുള്ള പഴയകാല ലോക്കൽ ട്രെയിനിൽ അവർക്ക് യാത്ര തുടരണം.

പുലർച്ചെ ലോക്കൽ ട്രെയിൻ വന്നു. അഞ്ച് പേർ ഇതിനകം സ്റ്റഫ് ചെയ്തതും പുകയുന്നതുമായ ഒരു രണ്ടാം ക്ലാസ് വണ്ടിയിൽ രാത്രി ചെലവഴിച്ചു. അഗാധമായ വിലാപത്തിൽ ആയിരുന്ന ഒരു തടിച്ച സ്ത്രീയെ അവർ വണ്ടിയിലേക്കു കയറാൻ സഹായിച്ചു. അവളുടെ പിന്നിൽ അവളുടെ ഭർത്താവ് ശ്വാസംമുട്ടു കയും ഞരങ്ങുകയും ചെയ്തു. അവൻ ഒരു ചെറിയ മനുഷ്യനായിരുന്നു. മെലിഞ്ഞതും ദുർബലവുമായി രുന്ന അവന്റെ മുഖം മരണത്തെപ്പോലെ വെളുത്തതായിരുന്നു. അവന്റെ കണ്ണുകൾ ചെറുതും തിളക്കമുള്ള തുമായിരുന്നു. അവയിൽ ലജ്ജയും അസ്വസ്ഥതയും നിറഞ്ഞതായി തോന്നി.

ഒടുവിൽ അയാൾ ഒരു സീറ്റിൽ ഇരുന്നു. ഭാര്യയെ സഹായിച്ചവരും അവൾക്ക് സ്ഥലം ഒരുക്കി തന്നവരു മായ യാത്രക്കാരോട് അദ്ദേഹം മാന്യമായി നന്ദി പറഞ്ഞു. പിന്നെ അയാൾ ഭാര്യയുടെ നേരെ തിരിഞ്ഞു സുഖമാണോ എന്ന് ചോദിച്ചു. അവൾ ഉത്തരം പറയുന്നതിനുപകരം, മുഖം മറയ്ക്കാൻ കോട്ടിന്റെ കോളർ ഉയർത്തി. “വൃത്തികെട്ട ലോകം, ഭർത്താവ് സങ്കടകരമായ പുഞ്ചിരിയോടെ മന്ത്രിച്ചു.

ആ പാവപ്പെട്ട സ്ത്രീയോട് കരുണ കാണിക്കണമെന്ന് തന്റെ സഹയാത്രികർക്ക് വിശദീകരിക്കേണ്ടത് തന്റെ കടമയാണെന്ന് അയാൾക്ക് തോന്നി. യുദ്ധം അവളുടെ ഏക മകനെ, ഇരുപത് വയസ്സുള്ള കുട്ടിയെ, കൊണ്ടു പോകുകയായിരുന്നു. ഇരുവരും അവരുടെ മുഴുവൻ ജീവിതവും അവനുവേണ്ടി സമർപ്പിച്ചിരുന്നു, സുൽമോ ണയിലെ വീട് പോലും ഉപേക്ഷിച്ച് റോമിലേക്ക് അവനെ അവർ അനുഗമിച്ചു. അവിടെ അവൻ ഒരു വിദ്യാർത്ഥിയായി പോകുകയായിരുന്നു. കുറഞ്ഞത് ആറ് മാസമെങ്കിലും യുദ്ധമുന്നണിയിലേക്ക് അയക്കില്ലെന്ന ഉറപ്പോടെ അവർ അവനെ യുദ്ധത്തിന് സന്നദ്ധസേവനം ചെയ്യാൻ അനുവദിച്ചു. എന്നാൽ ഇപ്പോൾ, പെട്ടെന്ന്, മൂന്ന് ദിവസത്തിനുള്ളിൽ അവൻ യുദ്ധമുഖത്തേക്ക് പോകണമെന്ന് പറയുന്ന ഒരു ടെലിഗ്രാം അവർക്ക് ലഭിച്ചു. പോയി അവനെ യാത്രയാക്കാൻ അവരോട് ആവശ്യപ്പെട്ടു.

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus 3

ആ സ്ത്രീ വളഞ്ഞും പുളഞ്ഞും ചിലപ്പോൾ ഒരു കാട്ടുമൃഗത്തെപ്പോലെ മുരളുകയായിരുന്നു. ആ വിശദീ കരണങ്ങളെല്ലാം ആ ആളുകളിൽ സഹതാപത്തിന്റെ ഒരു നിഴൽ പോലും ഉണർത്തില്ലെന്ന് അവൾക്ക് ഉറ പ്പുണ്ടായിരുന്നു. മിക്കവാറും അവരും തന്റെ അതേ അവസ്ഥയിലായിരുന്നു. പ്രത്യേക ശ്രദ്ധയോടെ കേട്ടു കൊണ്ടിരുന്ന അവരിൽ ഒരാൾ പറഞ്ഞു. “നിങ്ങളുടെ മകൻ ഇപ്പോൾ യുദ്ധമുന്നണിയിലേക്ക് പോകുന്ന തേയുള്ളൂ എന്നതിന് നിങ്ങൾ ദൈവത്തിന് നന്ദി പറയണം. എന്റെ മകനെ യുദ്ധത്തിന്റെ ആദ്യ ദിവസം തന്നെ അവിടേക്ക് അയച്ചിട്ടുണ്ട്. അവൻ ഇതിനകം തന്നെ രണ്ടുതവണ പരിക്കേറ്റ് വരികയും വീണ്ടും യുദ്ധമുന്നണിയിലേക്ക് തിരിച്ചയക്കുകയും ചെയ്തിട്ടുണ്ട്.

“എന്റെ കാര്യമോ? എനിക്ക് രണ്ട് ആൺമക്കളും മൂന്ന് മരുമക്കളും യുദ്ധത്തിന്റെ മുൻനിരയിലുണ്ട്.” മറ്റൊരു യാത്രക്കാർ പറഞ്ഞു.

“അതുശരിയായിരിക്കാം. പക്ഷേ ഞങ്ങളുടെ കാര്യത്തിൽ അത് ഞങ്ങളുടെ ഏക മകനാണ്.” ഭർത്താവ് പറഞ്ഞു.

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus

എന്താണ് വ്യത്യാസം? അമിതമായ ശ്രദ്ധ നൽകി നിങ്ങളുടെ ഏക മകനെ നിങ്ങൾക്ക് നശിപ്പിക്കാൻ കഴി യും. എന്നാൽ നിങ്ങൾക്ക് മറ്റ് കുട്ടികളും ഉണ്ടെങ്കിൽ അവരെക്കാൾ കൂടുതൽ നിങ്ങൾക്ക് അവനെ സ്നേഹി ക്കാൻ കഴിയില്ല. മാതാപിതാക്കളുടെ സ്നേഹം അപ്പം പോലെയല്ല. അത് കഷണങ്ങളാക്കി കുട്ടികൾക്കിട യിൽ തുല്യമായി വിഭജിക്കാം. ഒരു പിതാവ് തന്റെ എല്ലാ സ്നേഹവും ഓരോ കുട്ടിക്കും വിവേചനമില്ലാതെ നൽകുന്നു. അത് ഒന്നോ പത്തോ ആകട്ടെ, എന്റെ രണ്ട് ആൺമക്കൾക്ക് വേണ്ടി ഞാൻ ഇപ്പോൾ കഷ്ടപ്പെ ടുകയാണെങ്കിൽ, ഞാൻ അവരിൽ ഓരോരുത്തർക്കും വേണ്ടി പകുതിയല്ല കഷ്ടപ്പെടുന്നത്, ഇരട്ടിയാണ്.

“ശരിയാണ്………..ശരിയാണ്…… ലജ്ജയോടെ ഭർത്താവ് പറഞ്ഞു. പക്ഷേ (തീർച്ചയായും നിങ്ങളുടെ കാര്യത്തിൽ ഒരിക്കലും അങ്ങനെയാകില്ലെന്ന് നമ്മൾ എല്ലാവരും പ്രതീക്ഷിക്കുന്നു) ഒരു പിതാവിന് രണ്ട് ആൺമക്കളുണ്ടെങ്കിൽ അവരിൽ ഒരാളെ അയാൾക്ക് നഷ്ടപ്പെടുകയാണെങ്കിൽ അവനെ ആശ്വസിപ്പി ക്കാൻ ഇനിയും ഒരാൾ ബാക്കിയുണ്ടല്ലോ.

“അതെ, മറ്റേയാൾ ദേഷ്യത്തോടെ മറുപടി പറഞ്ഞു. “അവനെ ആശ്വസിപ്പിക്കാൻ ഒരു മകൻ ബാക്കിയാ യി. പക്ഷേ അവനുവേണ്ടി ജീവിക്കേണ്ട ഞാനും ബാക്കിയായി. ഏകമകനുള്ള പിതാവിന്റെ കാര്യത്തിൽ, മകൻ മരിച്ചാൽ പിതാവിനും മരിക്കാനും അവന്റെ ദുരിതം അവസാനിപ്പിക്കാനും കഴിയും. രണ്ടിൽ ഏതാണ് മോശമായ അവസ്ഥ. എന്റെ കേസ് നിങ്ങളുടേതിനേക്കാൾ മോശമാണെന്ന് നിങ്ങൾക്ക് മനസ്സിലാകുന്നില്ലേ?

“വിഡ്ഢിത്തം, മറ്റൊരു യാത്രക്കാരൻ ഇടപ്പെട്ടു. ഇളം ചാര നിറത്തിലുള്ള രക്തരൂക്ഷിതമായ കണ്ണുകളുള്ള തടിച്ച്, ചുവന്ന മുഖമുള്ള ഒരു മനുഷ്യൻ. അയാൾക്ക് ശ്വാസം മുട്ടി. അയാളുടെ വീർത്ത കണ്ണുകളിൽ നിന്ന്, ദുർബലമായ ശരീരത്തിന് ഉൾക്കൊള്ളാൻ കഴിയാത്ത ഒരു അനിയന്ത്രിതമായ ഊർജ്ജ

സ്വലതയുടെ ആന്തരിക ഊർജ്ജം പ്രസരിപ്പിക്കുന്നതായി തോന്നി. “വിഡ്ഢിത്തം, നഷ്ടപ്പെട്ട രണ്ട് മുൻ പല്ലുകൾ മറയ്ക്കാൻ കൈകൊണ്ട് വായ പൊത്താൻ ശ്രമിച്ചുകൊണ്ട് അയാൾ ആവർത്തിച്ചു. “വിഡ്ഢി ത്തം, നമ്മുടെ സ്വന്തം നേട്ടത്തിനായാണോ നമ്മൾ നമ്മുടെ സ്വന്തം കുട്ടികൾക്ക് ജീവൻ നൽകുന്നത്?

മറ്റ് യാത്രക്കാർ ദുഃഖിതരായി അവനെ തുറിച്ചുനോക്കി. യുദ്ധത്തിന്റെ ആദ്യ ദിവസം മുതൽ തന്റെ മകനെ യുദ്ധമുഖത്ത് നിർത്തിയ ആൾ പറഞ്ഞു. “നീ പറഞ്ഞത് ശരിയാണ്, നമ്മുടെ കുട്ടികൾ നമ്മുടേതല്ല. അവർ രാജ്യത്തിന്റേതാണ്.

“ദേഷ്, തടിച്ച യാത്രക്കാരൻ മറുപടി പറഞ്ഞു. “നമ്മുടെ കുട്ടികൾക്ക് ജീവൻ നൽകുമ്പോൾ നമ്മൾ രാജ്യ ത്തെക്കുറിച്ച് ചിന്തിക്കുന്നുണ്ടോ? നമ്മുടെ മക്കൾ ജനിക്കുന്നത്…. കാരണം, അവർ ജനിക്കേണ്ടതുകൊ ണ്ടാണ്. അവർ ജീവിതത്തിലേക്ക് വരുമ്പോൾ അവർ നമ്മുടെ സ്വന്തം ജീവിതവും എടുക്കുന്നു. ഇതാണ് സത്യം. നമ്മൾ അവരുടേതാണ്, പക്ഷേ അവർ ഒരിക്കലും നമ്മുടേതല്ല. അവർക്ക് ഇരുപത് വയസ്സ് തികയു മ്പോൾ അവർ അവരുടെ പ്രായത്തിൽ നമ്മൾ എങ്ങനെയായിരുന്നോ അതുപോലെ തന്നെയാണ്. ഞങ്ങൾക്കും ഒരു അച്ഛനും അമ്മയും ഉണ്ടായിരുന്നു. പക്ഷേ മറ്റ് നിരവധി കാര്യങ്ങളും ഉണ്ടായിരുന്നു… പെൺകുട്ടികൾ, സിഗരറ്റുകൾ. മിഥ്യാധാരണകൾ, പുതിയ ബന്ധങ്ങൾ… തീർച്ചയായും രാജ്യം, അച്ഛനും അമ്മയും വേണ്ട എന്ന് പറഞ്ഞാലും നമ്മൾ രാജ്യത്തിന്റെ ആഹ്വാനത്തിന് ഉത്തരം നൽകുമായിരുന്നു. ഇപ്പോൾ, നമ്മുടെ പ്രായത്തിൽ, നമ്മുടെ രാജ്യസ്നേഹം ഇപ്പോഴും വലുതാണ്. തീർച്ചയായും, പക്ഷേ നമ്മുടെ കുട്ടികളുടെ സ്നേഹത്തേക്കാൾ ശക്തമാണ്. കഴിയുമെങ്കിൽ യുദ്ധ മുഖത്ത് തന്റെ മകന്റെ സ്ഥാനം സന്തോഷത്തോടെ ഏറ്റെടുക്കാത്ത നമ്മളിൽ ആരെങ്കിലും ഇവിടെയുണ്ടോ?”

എല്ലായിടത്തും നിശബ്ദത പരന്നു, എല്ലാവരും അത് അംഗീകരിച്ച് തലകുലുക്കി.
തടിച്ച മനുഷ്യൻ തുടർന്നു. “അവരുടെ പ്രായത്തിൽ നമ്മുടെ രാജ്യത്തോടുള്ള സ്നേഹം നമ്മളോടുള്ള സ്നേഹത്തേക്കാൾ വലുതായി അവർ കരുതുന്നത് സ്വാഭാവികമല്ലേ? പട്ടിണി കിടന്ന് മരിക്കാതിരിക്കാൻ നമ്മൾ ഓരോരുത്തരും കഴിക്കേണ്ട അപ്പം പോലെയുള്ള ഒരു സ്വാഭാവിക ആവശ്യമാണ് രാജ്യം എങ്കിൽ, അതിനെ പ്രതിരോധിക്കാൻ ആരെങ്കിലും പോകണം. നമ്മുടെ മക്കൾ ഇരുപത് വയസ്സുള്ളപ്പോൾ പോകുന്നു.

അവർക്ക് ആരുടേയും കണ്ണുനീർ വേണ്ട, കാരണം അവർ മരിച്ചാൽ അവർ സന്തോഷത്തോടെയാണ് മരി ക്കുന്നത്.

എല്ലാവരും കരച്ചിൽ നിർത്തണം; എല്ലാവരും ചിരിക്കണം, ഞാൻ ചെയ്യുന്നതുപോലെ… അല്ലെങ്കിൽ കുറ ഞ്ഞത് ദൈവത്തിന് നന്ദി പറയണം. ഞാൻ ചെയ്യുന്നതുപോലെ കാരണം എന്റെ മകൻ മരിക്കുന്നതിന് മുമ്പ് എനിക്ക് ഒരു സന്ദേശം അയച്ചു. അവൻ ആഗ്രഹിച്ചതുപോലെ ഏറ്റവും നല്ല രീതിയിൽ ജീവിതം അവസാനിപ്പിച്ചതിന്റെ സംതൃപ്തിയോടെ മരിക്കുകയായിരുന്നു. അതുകൊണ്ടാണ്, നിങ്ങൾ കാണുന്നതു പോലെ, ഞാൻ കറുത്തവിലാപവസ്ത്രം പോലും ധരിക്കാത്തത്.

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus 4

അത് കാണിക്കാനെന്നോണം അയാൾ തന്റെ മാനിന്റെ രോമം കൊണ്ടുള്ള കോട്ട് കുടഞ്ഞു. നഷ്ടപ്പെട്ട പല്ലുകൾക്ക് മീതെയുള്ള അയാളുടെ ചുണ്ടുകൾ വിറയ്ക്കുന്നുണ്ടായിരുന്നു. അയാളുടെ കണ്ണുകൾ നന ഞ്ഞതും ചലനരഹിതവുമായിരുന്നു. താമസിയാതെ അയാൾ ഒരു ചെറിയ കരച്ചിൽ പോലെയുള്ള ചിരി യോടെ അവസാനിപ്പിച്ചു.

ക്കാൻ ആ സ്ത്രീ ഇരുന്നു ഇതെല്ലാം കേട്ടുകൊണ്ടിരുന്നു. കഴിഞ്ഞ മൂന്ന് മാസമായി അവൾ തന്റെ ഭർത്താവി ന്റെയും സുഹൃത്തുക്കളുടെയും വാക്കുകളിൽ നിന്ന് തന്റെ അഗാധമായ ദുഃഖത്തിൽ അവളെ ആശ്വസിപ്പി എന്തെങ്കിലും കണ്ടെത്താൻ ശ്രമിക്കുകയായിരുന്നു. ഒരു അമ്മ തന്റെ മകനെ ജീവൻ അപ കടത്തിലാക്കുന്ന എന്തിലേക്കെങ്കിലും വിടുമോ എന്നറിയാൻ അവൾ ആഗ്രഹിച്ചു. ആർക്കും തന്റെ വികാ രങ്ങൾ പങ്കിടാൻ കഴിയില്ലെന്ന് കണ്ടപ്പോൾ അവളുടെ ദുഃഖം അതിലും വലുതായിരുന്നു.

എന്നാൽ ഇപ്പോൾ യാത്രക്കാരന്റെ വാക്കുകൾ അവളെ അത്ഭുതപ്പെടുത്തി. ഏതാണ്ട് സ്തംഭിപ്പിച്ചു. തെറ്റ് ചെയ്തത് മറ്റുള്ളവരല്ല, താനാണെന്ന് അവൾ പെട്ടെന്ന് മനസ്സിലാക്കി. മക്കളുടെ വേർപാട് വരെ മാത്രമല്ല, മരണത്തിലേക്ക് പോലും കരയാതെ സ്വയം സമർപ്പിക്കാൻ തയ്യാറായ ആ അച്ഛന്മാരുടെയും അമ്മമാരു ടെയും അതേ ഉയരത്തിലേക്ക് ഉയരാൻ അവൾക്ക് കഴിഞ്ഞില്ല.

അവൾ തലയുയർത്തി. തന്റെ മകൻ, ഒരു വീരനായകനായി, തന്റെ രാജാവിനും രാജ്യത്തിനും വേണ്ടി, എങ്ങനെ വീണു എന്നതിനെക്കുറിച്ച്, സന്തോഷത്തോടെയും ഖേദമില്ലാതെയും ആ തടിച്ച മനുഷ്യൻ തന്റെ കൂട്ടാളികൾക്ക് നൽകുന്ന വിശദാംശങ്ങൾ ശ്രദ്ധയോടെ കേൾക്കാൻ അവൾ തന്റെ മൂലയിൽ നിന്ന് ഒന്നു കൂടി കുനിഞ്ഞുനോക്കി. അവൾക്ക് ഇതുവരെ അറിയാത്ത ഒരു ലോകത്തിലേക്ക് അവൾ ഇടറിവീണതായി തോന്നി. തന്റെ കുട്ടിയുടെ മരണത്തെക്കുറിച്ച് വളരെ ധീരമായി സംസാരിക്കാൻ കഴിയുന്ന ആ ധീരനായ പിതാവിനെ അഭിനന്ദിക്കുന്നതിൽ എല്ലാവരും പങ്കുചേരുന്നത് കണ്ടപ്പോൾ അവൾക്ക് വളരെ സന്തോഷ മായി.

പിന്നെ പെട്ടെന്ന്, പറഞ്ഞതൊന്നും കേട്ടിട്ടില്ലാത്തതുപോലെയും, ഒരു സ്വപ്നത്തിൽ നിന്ന് ഉണർന്നതുപോ ലെയും, അവൾ വൃദ്ധന്റെ നേരെ തിരിഞ്ഞു ചോദിച്ചു. “അപ്പോൾ… നിങ്ങളുടെ മകൻ ശരിക്കും മരിച്ചോ?’

എല്ലാവരും അവളെ തുറിച്ചുനോക്കി, വൃദ്ധനും അവളെ നോക്കാൻ തിരിഞ്ഞു. അവന്റെ വലുതും, വീർത്ത തും, ഭയങ്കരമായി വെള്ളമുള്ളതുമായി ഇളം ചാരനിറത്തിലുള്ള കണ്ണുകൾ അവളുടെ മുഖത്ത് ആഴത്തിൽ ഉറപ്പിച്ചു. കുറച്ചുനേരം അവൻ ഉത്തരം പറയാൻ ശ്രമിച്ചു. പക്ഷേ വാക്കുകൾ അയാൾക്ക് ലഭിച്ചില്ല. അയാൾ അവളെ നോക്കി, ഏതാണ്ട് അപ്പോൾ എന്നപോലെ ആ മണ്ടത്തരവും പൊരുത്തക്കേടുമായ ചോദ്യം കേട്ടപ്പോൾ – ഒടുവിൽ പെട്ടെന്ന് അയാൾക്ക് മനസ്സിലായി. തന്റെ മകൻ ശരിക്കും മരിച്ചുവെന്ന് – എന്നെ ന്നേക്കുമായി – എന്നെന്നേക്കുമായി. അവന്റെ മുഖം ചുരുങ്ങി, ഭയങ്കരമായി വികൃതമായി, പിന്നെ അവൻ തിടുക്കത്തിൽ പോക്കറ്റിൽ നിന്ന് ഒരു തൂവാല വലിച്ചെടുത്തു. എല്ലാവരെയും അത്ഭുതപ്പെടുത്തിക്കൊണ്ട്, വേദനാജനകവും, ഹൃദയഭേദകവും, നിയന്ത്രിക്കാനാവാത്തതുമായ കരച്ചിൽ തുടങ്ങി.

War Summary Class 10 English Kerala Syllabus

Class 10 English War by Luigi Pirandello About the Author

Luigi Pirandello (1867-1936) was an Italian dramatist, novelist, poet and short story writer. He became a well known innovator of modern drama with his famous play “Six Characters in Search of an Author”. He got the Nobel Prize in 1934. He wrote novels and hundreds of short stories. He also wrote a large number of plays which were published between 1918 and 1935 under the collective title “Maschere nude” (Naked Masks).

ലൂയിജി പിരാൻഡെല്ലോ (1867-1936) ഒരു ഇറ്റാലിയൻ നാടകകൃത്തും നോവലിസ്റ്റും കവിയും ചെറു കഥാകൃത്തും ആയിരുന്നു. “ആറ് കഥാപാത്രങ്ങൾ ഒരു എഴുത്തുകാരനെ തിരയുന്നു” എന്ന പ്രശസ്ത നാടകത്തിലൂടെ അദ്ദേഹം ആധുനിക നാടകത്തിന്റെ അറിയപ്പെടുന്ന നവീകരണക്കാരനായി. 1934 ൽ അദ്ദേഹത്തിന് നോബൽ സമ്മാനം ലഭിച്ചു. നോവലുകളും നൂറുകണക്കിന് ചെറുകഥകളും അദ്ദേഹം എഴുതി. 1918 നും 1935 നും ഇടയിൽ “മാഷെർ ന്യൂഡ് ‘നഗ്ന മുഖം മൂടികൾ) എന്ന കൂട്ടായ തലക്കെ ട്ടിൽ പ്രസിദ്ധീകരിച്ച നിരവധി നാടകങ്ങളും അദ്ദേഹം എഴുതി.

Class 10 English War Vocabulary

  • mourning – the expression of sorrow for someone’s death, വിലാപം
  • hoisted – lifted, raised, പൊക്കി എടുത്ത് അകത്തു കടത്തി
  • puffing – panting , പെട്ടെന്ന് പെട്ടെന്ന് ശ്വാസം വലിക്കുക
  • moaning – crying , കരയുക
  • muttered – say something in a low or barely audible voice, പിറുപിറുക്കുക
  • wriggling – twist and turn with quick movements, വളയുകയും പുളയുകയും ചെയ്യുക
  • growling – make angry noise , ദേഷ്യത്തോടെ ശബ്ദം പുറപ്പെടുവിക്കുക
  • plight – condition , അവസ്ഥ
  • ventured – showed courage, ധൈര്യം കാണിക്കുക
  • getting cross – getting angry ദേഷ്യം വരുക
  • vitality – energy, ഊർജം
  • distress – discomfort, pain, വേദന, പ്രയാസം
  • retorted – answered rudely, sharply or in a witty manner, തക്കമറുപടികൊടുക്കുക
  • nodding – moving the head up and down to show agreement , തലകുലുക്കി സമ്മതിക്കുക
  • fawn – a young dear, ചെറിയ മാൻകുട്ടി
  • stoically – courageously, ധൈര്യപൂർവ്വം
  • incongruous – not in harmony, irrelevant, അനുയോജ്യമല്ലാത്ത
  • contracted – became smaller, ചെറുതാക്കുക, ചുരുങ്ങുക
  • distorted – went out of shape, ഷെയ്ക്ക് മാറ്റുക
  • harrowing – acutely distressing, വളരെ വേദനാജനകമായ

Another Day in Paradise Summary in Malayalam English Class 10

Students often refer to Kerala Syllabus 10th Standard English Textbook Solutions and Class 10 English Another Day in Paradise Summary in Malayalam & English Medium before discussing the text in class.

Class 10 English Another Day in Paradise Summary

Another Day in Paradise Summary in English & Malayalam

1. She calls out to the man on the street. Sir, can you help me? It’s cold and I’ve nowhere to sleep Is there somewhere you can tell me?
അവൾ തെരുവിൽ കണ്ട മനുഷ്യനോട് വിളിച്ചു പറയുന്നു. സർ, നിങ്ങൾക്ക് എന്നെ സഹായിക്കാമോ? ഭയങ്കര തണുപ്പാണ്, എനിക്ക് ഉറങ്ങാൻ ഒരിടവുമില്ല. നിങ്ങൾക്ക് എന്നോട് പറയാൻ കഴിയുന്ന എവിടെയെങ്കിലും ഉണ്ടോ?

2. He walks on. He doesn’t look back. He pretends he can’t hear her. He starts to whistle as he crosses the street. He seems embarrassed to be there.
അവൻ നടക്കുന്നു. അവൻ തിരിഞ്ഞു നോക്കുന്നില്ല. അവളെ കേൾക്കാൻ കഴിയുന്നില്ലെന്ന് അവൻ നടിക്കുന്നു. അവൻ തെരുവ് മുറിച്ചുകടക്കുമ്പോൾ ചൂള മടിക്കാൻ തുടങ്ങുന്നു. അവിടെ ആയിരിക്കു ന്നതിൽ അവൻ ലജ്ജിക്കുന്നു.

Another Day in Paradise Summary Class 10 English Kerala Syllabus 1

3. Oh, think twice because it’s another day for you and me in paradise. Just think about it. (This is repeated many times.)
ഓ, മനുഷ്യാ രണ്ടുതവണ നിങ്ങൾ ചിന്തിക്കുക. കാരണം ഈ പറുദീസയിൽ നിങ്ങൾക്കും എനിക്കും ഇന്ന് മറ്റൊരു ദിവസമാണ്. അതിനെക്കുറിച്ച് ചിന്തിക്കുക. (ഇത് പലതവണ ആവർത്തിക്കുന്നു)

4. She calls out to the man on the street. He can see she has been crying. She’s got blisters on the soles of her feet. She can’t walk, but she’s trying.
അവൾ തെരുവിലെ മനുഷ്യനോട് വിളിച്ചു പറയുന്നു. അവൾ കരയുന്നത് അയാൾക്ക് കാണാൻ കഴി യും. അവളുടെ കാലുകളിൽ കുമിളകൾ ഉണ്ട്. അവൾക്ക് നടക്കാൻ കഴിയില്ല. പക്ഷേ അവൾ ശ്രമി ക്കുകയാണ്.

Another Day in Paradise Summary Class 10 English Kerala Syllabus

5. Oh, Lord, is there nothing more anybody can do? Oh, Lord, There must be something You can say. You can tell from the lines on her face. You can see that she’s been there, probably been moved on from every place because she didn’t fit in there.
ഓ, ദൈവമേ, ഇനി ആർക്കും ഒന്നും ചെയ്യാൻ കഴിയില്ലേ? ഓ, ദൈവമേ, നിങ്ങൾക്ക് പറയാൻ കഴി യുന്ന എന്തെങ്കിലും സ്ഥലം ഉണ്ടായിരിക്കണം. അവളുടെ മുഖത്തെ ചുളികളിൽ നിന്ന് നിങ്ങൾക്ക് മന സ്സിലാക്കാം, അവളുടെ ദുഃഖം എത്രയാണെന് അവൾ അവിടെ ഉണ്ടായിരുന്നെന്ന് നിങ്ങൾക്ക് കാണാൻ കഴിയും. അവൾ എവിടെയും ചേരാത്തതിനാൽ എല്ലാ സ്ഥലങ്ങളിൽ നിന്നും അവളെ ആൾക്കാർ ആട്ടിപ്പായിക്കുന്നു.

Class 10 English Another Day in Paradise by Philip Collins About the Author

Philip Collins (b. 1951) is British musician, singer, song-writer, record producer and actor. He was the drummer and lead singer of the rock band Genesis. His most successful singles include: In the Air Tonight”, “One More Night”, “Another Day in Paradise” and “I wish It Would Rain Down” Collins has been celebrated for his contributions to the pop music canon – both as a solo artist and a member of Genesis. He has received many Awards.

ഫിലിപ്പ് കോളിൻസ് (ജനനം 1951) ബ്രിട്ടീഷ് സംഗീതജ്ഞർ, ഗായകൻ, ഗാനരചയിതാവ്, റെക്കോർഡ് നിർമ്മാതാവ്, നടൻ എന്നീ നിലയിലൊക്കെ പ്രസിദ്ധനാണ്. അദ്ദേഹം റോക്ക് ബാൻഡ് ജെനസി സിന്റെ ഡമ്മറും പ്രധാന ഗായകനുമായിരുന്നു. അദ്ദേഹത്തിന്റെ ഏറ്റവും വിജയകരമായ സിംഗിൾസു കളിൽ ഇവ ഉൾപ്പെടുന്നു. “ഇൻ ദി എയർ ടുനൈറ്റ് ”, “വൺ മോർ നൈറ്റ്”, അനദർ ഡേ ഇൻ പാർ ഡൈസ്”, “ഐ വിഷ് ഇറ്റ് വുഡ് റെയിൻ ഡൗൺ ഒരു സോളോ ആർട്ടിസ്റ്റായും ജെനസിസിലെ അംഗമായും പോപ്പ് സംഗീതത്തിന് നൽകിയ സംഭാവനകൾക്ക് കോളിൻസ് പ്രശസ്തനാണ്. അദ്ദേ ഹത്തിന് നിരവധി അവാർഡുകൾ ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്.

Class 10 English Another Day in Paradise Vocabulary

  • embarrassed – uncomfortable, awkward, വിഷമം തോന്നുക, ലജ്ജ തോന്നുക
  • blisters – bubbles on the skin filled with serum and caused by friction, burning, or other damage, കുമിളകൾ, വ്രണങ്ങൾ